
मध्य प्रदेश के उज्जैन के पास बड़नगर में गणपति बप्पा का अनोखा श्रृंगार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मेवाड़ा माली सेरी के गणेश पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा को 21 लाख 21 हजार रुपये के नोटों से सजाया गया है।
नोटों से तैयार की गई मालाओं और आकर्षक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं। गणपति की यह अनोखी सजावट लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
तीन दिन की मेहनत से तैयार हुई नोटों की मालाएं
जानकारी के मुताबिक, इस खास सजावट को तैयार करने में आठ सदस्यों ने लगातार तीन दिनों तक मेहनत की। नोटों को व्यवस्थित तरीके से मालाओं के रूप में तैयार किया गया और फिर इन्हें गणपति बप्पा के श्रृंगार में लगाया गया।
पूरे पंडाल को इस तरह सजाया गया है कि भगवान गणेश की प्रतिमा के आसपास नोटों की मालाएं साफ नजर आती हैं। अनोखे श्रृंगार की वजह से श्रद्धालुओं में इसे देखने को लेकर खास उत्सुकता बनी हुई है।
21 लाख 21 हजार रुपये के नोटों की सजावट
इस गणपति पंडाल की सबसे खास बात यहां इस्तेमाल की गई रकम है। आयोजकों के मुताबिक, करीब 21.21 लाख रुपये के नोटों का इस्तेमाल सजावट के लिए किया गया है।
इतनी बड़ी रकम को खुले तौर पर सजावट में लगाए जाने के कारण सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
छह CCTV कैमरों से निगरानी
नोटों की सुरक्षा के लिए पंडाल में छह CCTV कैमरे लगाए गए हैं। आयोजन स्थल पर आने-जाने वाले लोगों और सजावट वाले हिस्से पर नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
गणपति बप्पा के इस अनोखे श्रृंगार की जानकारी फैलने के बाद आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पंडाल पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने के साथ-साथ नोटों से की गई सजावट को भी देख रहे हैं।
पंडाल में पहुंचने वाले लोगों के लिए यह गणपति उत्सव का एक अलग और आकर्षक अनुभव बना हुआ है।
अनोखे श्रृंगार ने खींचा लोगों का ध्यान
गणपति उत्सव के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा को अलग-अलग तरह से सजाने की परंपरा रही है। लेकिन बड़नगर में 21.21 लाख रुपये के नोटों से किया गया यह श्रृंगार अपनी अलग वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है।
नोटों से बनी मालाओं और गणपति की भव्य सजावट की वजह से यह पंडाल स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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