झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.

झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.
झारखंड में साड़ी पहनकर: नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी कविता महतो, होमगार्ड बनने के जज्बे ने जीता लोगों का दिल.

झारखंड: होमगार्ड भर्ती के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने साड़ी पहनकर और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ पूरी की। कविता महतो नाम की इस महिला की मेहनत और हौसले की चर्चा अब झारखंड के साथ-साथ बिहार में भी हो रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर दौड़ पूरी करने की उनकी कोशिश ने लोगों का ध्यान खींचा है।

कविता महतो को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह विधवा हैं और ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक परेशानियों के बीच उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने का सपना देखा और होमगार्ड भर्ती के लिए मैदान में उतरीं।

साड़ी संभालते हुए पूरी की 1600 मीटर दौड़

भर्ती के दौरान कविता ने दौड़ के लिए अलग से स्पोर्ट्स ड्रेस या जूते नहीं पहने। वह साड़ी पहनकर ही मैदान में पहुंचीं और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ पूरी की।

दौड़ के दौरान उन्हें साड़ी भी संभालनी पड़ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और निर्धारित दूरी पूरी की। उनकी इसी कोशिश ने लोगों को प्रभावित किया और उनकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई।

पति की मौत के बाद खुद संभाला परिवार

बताया जाता है कि कविता के पति का निधन हो चुका है। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं।

मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद सरकारी नौकरी का सपना देखना और उसके लिए भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेना उनके संघर्ष को दिखाता है। 1600 मीटर की दौड़ पूरी करना उनके लिए सिर्फ भर्ती का एक चरण नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद से जुड़ी कोशिश भी थी।

दीपा मांझी ने भी की तारीफ

कविता महतो की कहानी सामने आने के बाद गया जिले के इमामगंज की विधायक दीपा मांझी ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कविता को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता होती है।

दीपा मांझी ने कविता के संघर्ष को महिलाओं के साहस से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

सम्मान और प्रोत्साहन की मांग

दीपा मांझी ने झारखंड सरकार से कविता जैसी महिलाओं को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की अपील की। उनका कहना है कि कविता ने जिस परिस्थिति में साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ पूरी की, वह उनके मजबूत इरादे को दर्शाता है।

कविता की कहानी यह भी बताती है कि सीमित साधन किसी व्यक्ति के सपने को रोक नहीं सकते। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि होमगार्ड भर्ती की आगे की प्रक्रिया में कविता का चयन होता है या नहीं।

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