
पटना: बिहार की राजधानी पटना के नौबतपुर में ऑटो चालक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 32 वर्षीय मिठू कुमार की हत्या की साजिश उसके ही सगे भाई ने पारिवारिक विवाद के चलते रची थी। आरोप है कि उसने दो लोगों को 1.20 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। पुलिस ने आरोपी भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की गई।
नेवां पुल के नीचे मिला था ऑटो चालक का शव
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नौबतपुर के नेवां पुल के नीचे मिठू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से मृतक का ऑटो भी बरामद किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान जांच की दिशा मृतक के पारिवारिक विवाद की ओर मुड़ी।
पारिवारिक विवाद को बताया गया हत्या का कारण
सिटी एसपी मध्य चंद्र प्रकाश के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मृतक के भाई सोहन कुमार उर्फ अर्जुन ने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि उसका भाई उसकी पत्नी के साथ अनुचित व्यवहार करता था। आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में मृतक की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी। इसी पारिवारिक विवाद के चलते उसने मिठू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
ये बातें पुलिस की ओर से बताई गई हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
₹1.20 लाख की सुपारी देकर बनाई हत्या की योजना
पुलिस के मुताबिक, आरोपी भाई ने कथित तौर पर दो परिचितों को हत्या के लिए 1.20 लाख रुपये देने का वादा किया था। योजना के तहत शुक्रवार शाम दोनों ने मिठू का ऑटो किराये पर लिया और उसे नेवां पुल के पास सुनसान जगह पर ले गए।
आरोप है कि वहां ऑटो रुकवाने के बाद बदमाशों ने मिठू के सिर और सीने में गोली मार दी। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, इसके बाद उन्होंने अपने एक परिचित को बाइक लेकर बुलाया और उसके साथ वहां से निकल गए।
पुलिस ने हथियार, कारतूस और नकदी की बरामद
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक पिस्टल, सात कारतूस, दो मैगजीन, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक और 92 हजार रुपये बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस अब बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
72 घंटे में मामले का खुलासा करने का दावा
पुलिस के अनुसार, घटना के करीब 72 घंटे के भीतर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली। जांच में पारिवारिक विवाद और कथित सुपारी की भूमिका सामने आई है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने पारिवारिक विवाद के हिंसक रूप लेने और अपराध की साजिश रचने के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बयान के आधार पर तैयार की गई है। इसमें वर्णित आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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