
सनातन धर्म में पितरों यानी अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धा और सम्मान देने की परंपरा रही है। कई परिवार अपने घर में पूर्वजों की तस्वीर लगाते हैं और उनकी स्मृति को संजोकर रखते हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, इन तस्वीरों को लगाते समय दिशा और स्थान का ध्यान रखना चाहिए।
आइए जानते हैं पितरों की तस्वीर लगाने से जुड़े प्रमुख वास्तु नियम।
1. किस दिशा में लगानी चाहिए पितरों की तस्वीर?
वास्तु की कुछ मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है, ताकि तस्वीर में पूर्वजों का मुख दक्षिण दिशा की ओर रहे। वहीं, कुछ वास्तु परंपराओं में दक्षिण दिशा को भी पितरों से संबंधित माना गया है। इसलिए इस विषय पर अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं।
2. पूजा घर में तस्वीर लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर को देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ पूजा स्थल में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। पूर्वजों के सम्मान के लिए घर में अलग और साफ-सुथरा स्थान चुना जा सकता है।
3. बेडरूम और रसोई में न लगाएं तस्वीर
कुछ वास्तु मान्यताओं में पितरों की तस्वीर बेडरूम, रसोई और बाथरूम के पास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय घर में ऐसी जगह चुनें, जहां तस्वीर सुरक्षित रहे और उसका सम्मानपूर्वक रखरखाव किया जा सके।
4. जीवित सदस्यों के साथ न लगाएं तस्वीर
वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, दिवंगत पूर्वजों की तस्वीर को जीवित परिवार के सदस्यों की तस्वीरों के साथ लगाने से बचना चाहिए। कई लोग पूर्वजों के लिए अलग स्थान रखना उचित मानते हैं।
5. एक ही स्थान पर रखें तस्वीरें
घर में पूर्वजों की बहुत अधिक तस्वीरें अलग-अलग जगहों पर लगाने के बजाय उन्हें एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखना बेहतर माना जाता है। तस्वीरों की संख्या को लेकर वास्तु संबंधी मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं।
6. तस्वीर की साफ-सफाई का रखें ध्यान
पूर्वजों की तस्वीर को साफ-सुथरा रखें। अगर तस्वीर का फ्रेम टूट गया है या खराब हो गया है, तो उसकी मरम्मत करवाएं। तस्वीर पर धूल जमा न होने दें और उसके आसपास का स्थान भी व्यवस्थित रखें।
ध्यान दें: पितरों की तस्वीरों की दिशा और उनसे जुड़े नियम वास्तु एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परंपराओं में इनके बारे में अलग सुझाव मिल सकते हैं। इन नियमों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम या किसी अनहोनी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।

Leave a Reply