दुनिया में सबसे ज्यादा’ कर्ज वाला देश कौन, कहां-कहां से लिया उधार?

दुनिया में सबसे ज्यादा’ कर्ज वाला देश कौन, कहां-कहां से लिया उधार?
दुनिया में सबसे ज्यादा’ कर्ज वाला देश कौन, कहां-कहां से लिया उधार?

जब सरकारी कर्ज की बात आती है तो अमेरिका पर सबसे ज्यादा कर्ज है. उसका कल सरकारी कर्ज लगभग 35 ट्रिलियन डॉलर यानी ₹3,350 लाख करोड़ से ज्यादा है. हालांकि, जब कर्ज की तुलना देश की अर्थव्यवस्था के आकार से की जाती है, तो स्थिति बदल जाती है.

जीडीपी के मुकाबले कर्ज के आधार पर जापान सबसे ऊपर है. यहां पब्लिक कर्ज उसकी जीडीपी का 240% से ज्यादा है. इन देशों के कर्ज लेने के स्रोत भी अलग-अलग हैं. जहां अमेरिका घरेलू और विदेशी निवेशकों दोनों पर निर्भर है वहीं जापान और चीन मुख्य रूप से घरेलू स्रोतों पर निर्भर हैं.

अमेरिका पर कुल 35 ट्रिलियन डॉलर से अधिक सरकारी कर्ज है।

जापान का कर्ज जीडीपी से 240% ज्यादा है, मुख्यत: घरेलू।

चीन दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार, उसका भी अधिकांश कर्ज घरेलू है।

कर्ज की स्थिति समझने को स्रोत और जीडीपी अनुपात महत्वपूर्ण हैं।

अमेरिका ने कहां से कर्ज लिया है?

अमेरिकी सरकार का कर्ज किसी एक देश या फिर संस्था का नहीं है. यह कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों में फैला हुआ है. विदेशी सरकारें और केंद्रीय बैंक अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज के बड़े धारक हैं. देश अपने वित्तीय रिजर्व और निवेश के हिस्से के तौर पर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड खरीदते हैं. जापान और चीन अमेरिका के सबसे बड़े विदेशी लेनदारों में शामिल हैं. इसी के साथ दूसरे बड़े धारकों में यूके, लक्जमबर्ग और केमैन आइलैंड्स शामिल हैं.

अमेरिकी कर्ज का एक बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर भी है. अमेरिकी नागरिक, कमर्शियल बैंक, बीमा कंपनी और म्युचुअल फंड अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में निवेश करते हैं. इससे वे असल में सरकार को पैसा उधार देते हैं.

अमेरिकी फेडरल रिजर्व भी एक बड़ा भागीदार है. केंद्रीय बैंक बाजार से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड खरीद सकता है जिससे सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग मिलती है. इसके अलावा सरकारी ट्रस्ट फंड के पास भी अमेरिकी सरकारी कर्ज का काफी हिस्सा है.

जापान ने कहां से कर्ज लिया?

जापान की कर्ज की स्थिति अलग है क्योंकि उसका ज्यादातर सरकारी कर्ज घरेलू स्तर पर ही है. देश की जीडीपी से दोगुने से ज्यादा पब्लिक कर्ज होने के बावजूद जापान को भारी विदेशी कर्ज से जुड़े बाहरी कर्ज के दबाव का सामना नहीं करना पड़ा है.

जापान के सरकारी कर्ज का लगभग 90% हिस्सा घरेलू संस्थाओं के पास है. इनमें जापानी नागरिक, घरेलू बैंक, बीमा कंपनी और बैंक ऑफ जापान शामिल हैं. जापान ने विदेशी सरकारों और आईएमएफ या फिर विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से काफी कम कर्ज लिया है. यानी कि उसका कर्ज मुख्य रूप से उसके अपने वित्तीय सिस्टम के अंदर ही फंड किया जाता है.

चीन ने कहां से कर्ज लिया?

सरकारी कर्ज के कुल आंकड़ों के हिसाब से चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार देश है. इस पर कुल सरकारी कर्ज लगभग 15 ट्रिलियन डॉलर है. जापान की तरह चीन का कर्ज भी मुख्य रूप से घरेलू स्रोतों से लिया गया है. चीनी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों के लिए भारी मात्रा में कर्ज लिया है. इसके मुख्य स्रोतों में सरकारी बैंक, स्थानीय वित्तीय संस्थान और घरेलू संस्थागत निवेशक शामिल हैं. यह कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे अलग-अलग तरीकों से कर्ज देते हैं.

सरकारी कर्ज के मामले में शीर्ष पांच देश

अमेरिका: $35 ट्रिलियन से ज्यादा

चीन: लगभग $15 ट्रिलियन

जापान: $9 ट्रिलियन से ज्यादा

यूके: लगभग $3.8 ट्रिलियन

फ्रांस: लगभग $3.5 ट्रिलियन

यूके ने बैंक ऑफ इंग्लैंड, घरेलू पेंशन फंड और विदेशी संस्थागत निवेशकों जैसे स्रोतों से फंड जुटाया है. वहीं फ्रांस ने मुख्य रूप से यूरोपीय सेंट्रल बैंक, घरेलू कमर्शियल बैंकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों जैसे स्रोतों से कर्ज लिया है.

क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ सरकारी कर्ज की कुल राशि से पूरी स्थिति का पता नहीं चलता. कुल राशि के हिसाब से यूएसए पर दुनिया का सबसे ज्यादा सरकारी कर्ज है और जापान का कर्ज उसकी अर्थव्यवस्था के आकार की तुलना में काफी ज्यादा है.

एक और बड़ा फर्क यह है कि कर्ज किसके पास है. जापान और चीन जैसे देश काफी हद तक घरेलू स्रोतों पर निर्भर हैं. इसी के साथ यूएस के पास घरेलू और विदेशी दोनों तरह के लेनदार हैं. इस वजह से किसी देश के कर्ज को समझने के लिए न सिर्फ यह देखना जरूरी है कि उस पर कितना कर्ज है बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि कर्ज किससे लिया गया है और उसे कैसे चुकाए या फिर मैनेज किया जा रहा है.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *