
पटना के राजीव नगर इलाके में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार के अंदर सेवानिवृत्त इंजीनियर का गोली लगा शव बरामद हुआ। कार एक अपार्टमेंट के पास खड़ी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक पिस्टल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। वह इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और कोल इंडिया में महाप्रबंधक के पद पर भी काम कर चुके थे। मूल रूप से मोतिहारी के रहने वाले आलोक कुमार सेवानिवृत्ति के बाद रांची में रह रहे थे।
बहन से मिलने पटना आए थे
जानकारी के मुताबिक आलोक कुमार कुछ दिन पहले अपनी बहन से मिलने पटना पहुंचे थे। वह राजीव नगर क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में अपने बहनोई के अपार्टमेंट के पास ठहरे हुए थे। बताया गया है कि वह पहले भी कुछ दिन पहले पटना आए थे।
परिवार के अनुसार उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनका बेटा बाहर रहता है। शनिवार सुबह वह टहलने के लिए निकले थे। इसके बाद उनकी कार में गोली लगा शव मिलने की सूचना सामने आई।
कार में शव मिलने से मचा हड़कंप
कार एक इमारत के नीचे खड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार की जांच की। अंदर शव मिलने के साथ ही मौके से पिस्टल बरामद होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।
हत्या या आत्महत्या, दोनों पहलुओं की जांच
कार के अंदर गोली लगा शव मिलने और पास से पिस्टल बरामद होने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किस परिस्थिति में चली।
पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के परिणाम सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देख रही है। मृतक कब पटना पहुंचे, कार को घटनास्थल तक कौन लेकर आया और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
परिवार के सदस्यों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मृतक के पास पिस्टल कैसे पहुंची और गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
फोरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई राज
घटनास्थल से बरामद पिस्टल और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा जाएगा। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी रखी है। जांच पूरी होने और वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेवानिवृत्त इंजीनियर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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