मेरठ: 540 दिन बाद अमित हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी, 51 कॉल और 1000 रुपये के सांप ने खोला राज.

मेरठ: 540 दिन बाद अमित हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी, 51 कॉल और 1000 रुपये के सांप ने खोला राज.
मेरठ: 540 दिन बाद अमित हत्याकांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी, 51 कॉल और 1000 रुपये के सांप ने खोला राज.

मेरठ, उत्तर प्रदेश: अमित कश्यप हत्याकांड में करीब 540 दिनों की सुनवाई के बाद अदालत ने उसकी पत्नी रविता कश्यप और उसके कथित प्रेमी अमरदीप को दोषी करार दिया है। मामले में अभियोजन की ओर से 12 गवाह पेश किए गए। पुलिस जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सांप से जुड़ी गवाही को भी अहम साक्ष्य माना गया।

इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या को कथित तौर पर सांप के डसने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश का कोई निशान नहीं मिला और मौत का कारण दम घुटना सामने आया।

हत्या के बाद 51 बार हुई बातचीत

अभियोजन के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की रात से अगले दिन तक रविता और अमरदीप के बीच 51 बार बातचीत हुई थी। मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों ने अदालत में कॉल डिटेल रिकॉर्ड की पुष्टि की।

अभियोजन का कहना था कि हत्या के बाद अमरदीप अपनी बुआ के घर चला गया था और वहां से रविता से बार-बार संपर्क कर रहा था। बचाव पक्ष ने इस घटनाक्रम पर अलग दलील दी।

रविता ने अदालत में दावा किया कि जिस नंबर पर अमरदीप से बातचीत हुई, वह अमित इस्तेमाल कर रहा था और उसने खुद अमरदीप को कोई कॉल नहीं की थी। अभियोजन ने इस दावे को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर चुनौती दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल

जांच अधिकारी ने अदालत में बताया कि पोस्टमार्टम के अनुसार अमित की मौत 12 अप्रैल की रात ही हो चुकी थी। ऐसे में अगले दिन अमित के मोबाइल से बातचीत होने का दावा संदेह के घेरे में आया।

अमित की मां मुनेश और भाई मोनू को भी अभियोजन की ओर से गवाह बनाया गया। मां ने अमरदीप को 12 अप्रैल की रात घर से निकलते देखने की बात अदालत में कही।

अभियोजन ने अमरदीप की गतिविधियों के समय को लेकर भी अदालत में तर्क दिया। बचाव पक्ष की ओर से अमरदीप के मामा ने दावा किया था कि वह रात करीब 10 बजे तक अपनी बुआ के घर पर मौजूद था। अभियोजन ने उसकी आवाजाही के समय और दूरी को सामने रखते हुए अपनी दलील रखी।

करीब 1000 रुपये में लिया गया था सांप

मामले में सांप की कहानी भी जांच का अहम हिस्सा बनी। अभियोजन के गवाह कृष्ण ने अदालत में बताया कि उसने करीब 1000 रुपये में सांप उपलब्ध कराया था।

बताया गया कि सांप की मांग यह कहकर की गई थी कि उसे माता के जागरण में पूजा के लिए इस्तेमाल किया जाना है और वह जहरीला नहीं होना चाहिए। कृष्ण ने यह सांप सपेरे प्रीतम नाथ से लिया था।

सपेरे प्रीतम नाथ ने अदालत में बताया कि उसने कृष्ण को ‘बूढ़ा घोड़ा पछाड़’ नाम का सांप दिया था। घटना के बाद सुखपाल और पिंटू ने सांप को पकड़कर बोरे में बंद करने की बात कही।

चारपाई पर मिला था सांप, लेकिन डसने के निशान नहीं

अभियोजन के अनुसार, सांप को अमित की चारपाई पर रखा गया था ताकि उसकी मौत को सर्पदंश से हुई घटना बताया जा सके। हालांकि, पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर सांप के काटने का कोई निशान नहीं मिला।

इसके बाद जांच में यह सवाल महत्वपूर्ण बन गया कि अगर मौत सांप के डसने से नहीं हुई तो अमित की जान कैसे गई।

गला दबाने से हुई मौत

डॉक्टर कपिल गर्ग की गवाही के मुताबिक, अमित की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि गला और नाक-मुंह दबाने के कारण दम घुटने से हुई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर चोट और संघर्ष के निशान पाए गए। त्वचा

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