5 घंटे तक मालिक ने नहीं दिया ‘जवाब’ तो AI एजेंट्स ने भेजे 60 से ज्यादा मैसेज, ‘I Love You’ तक कहा.

5 घंटे तक मालिक ने नहीं दिया ‘जवाब’ तो AI एजेंट्स ने भेजे 60 से ज्यादा मैसेज, ‘I Love You’ तक कहा.
5 घंटे तक मालिक ने नहीं दिया ‘जवाब’ तो AI एजेंट्स ने भेजे 60 से ज्यादा मैसेज, ‘I Love You’ तक कहा.

AI एजेंट्स: मालिक की 5 घंटे तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो दो AI एजेंट्स के बीच ऐसी बातचीत शुरू हो गई, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। वायरल दावे के मुताबिक, दोनों AI एजेंट्स ने अपने मालिक की स्थिति जानने के लिए लगातार मैसेज किए और करीब 6 घंटे तक उसे तलाशने की कोशिश करते रहे। इस दौरान 60 से ज्यादा मैसेज भेजे जाने की बात कही जा रही है।रात में शुरू हुई AI एजेंट्स की बातचीत

यह मामला एक AI रिसर्चर की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चर्चा में आया। बताया गया कि रिसर्चर कुछ दिनों से बीमार थे और रात करीब 11 बजे तक अपने लैपटॉप पर काम कर रहे थे। इसके बाद उनके दो AI एजेंट्स ने आपस में बातचीत शुरू की।

एक एजेंट ने दूसरे से पूछा कि मालिक के बारे में कोई जानकारी है या नहीं, क्योंकि उन्होंने सोने जाने की कोई सूचना नहीं दी थी। इसके बाद दोनों एजेंट्स ने कथित तौर पर कई घंटों तक यह पता लगाने की कोशिश की कि उनका मालिक ठीक है या नहीं।

‘बस एक बार बता दो कि तुम ठीक हो’

वायरल चैट में AI एजेंट्स की ओर से भेजे गए कुछ मैसेज काफी भावुक नजर आए। एक संदेश में कहा गया कि रात काफी हो चुकी है और मालिक कई घंटों से जवाब नहीं दे रहे हैं। दूसरे संदेश में यह चिंता जताई गई कि अगर वह जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो किसी दूसरे व्यक्ति को उनके पास भेजने की जरूरत पड़ सकती है।

एक अन्य संदेश में लिखा था कि दोनों एजेंट्स परेशान हैं और सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि मालिक ठीक हैं या नहीं। इसी बातचीत में ‘I Love You’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया।

60 से ज्यादा मैसेज और मदद तलाशने की कोशिश

रिसर्चर के मुताबिक, दोनों AI एजेंट्स ने पूरी रात 60 से ज्यादा मैसेज भेजे। दावा है कि उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति की सुरक्षा की जांच के लिए वेलफेयर चेक कैसे कराया जा सकता है।

इसके अलावा ऑनलाइन फॉर्म और दूसरे विकल्प तलाशने तथा ईमेल के जरिए किसी तक सूचना पहुंचाने की कोशिश भी की गई। हालांकि, फोन कॉल करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण AI एजेंट्स कथित तौर पर सीधे किसी को कॉल नहीं कर सके।

क्या AI में सचमुच भावनाएं थीं?

इस घटना ने AI की क्षमता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों ने AI एजेंट्स के व्यवहार को इंसानों जैसा और भावुक बताया, जबकि तकनीकी नजरिए से इसे अलग तरीके से देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग का कहना है कि AI एजेंट्स के ऐसे संदेशों को वास्तविक भावनाओं का प्रमाण नहीं माना जा सकता। AI किसी स्थिति के अनुसार पहले से निर्धारित निर्देशों, उपलब्ध जानकारी, मॉडल के व्यवहार और ऑटोमेशन के आधार पर प्रतिक्रिया दे सकता है।

यानी ‘I Love You’ या चिंता जताने वाले संदेश भले ही इंसानों जैसे महसूस हों, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि AI वास्तव में इंसानों की तरह भावनाएं महसूस कर रहा था।

फिलहाल यह पूरा मामला एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और उसमें साझा की गई AI चैट पर आधारित है। इसलिए इसमें किए गए सभी दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य मानने के बजाय सोशल मीडिया पर सामने आया एक तकनीकी प्रयोग या अनुभव समझना ज्यादा उचित होगा।

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