
मेरठ, उत्तर प्रदेश: पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ शाखा से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रही एक महिला को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान कविता के रूप में बताई गई है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया।
हरिद्वार से पकड़ी गई आरोपी महिला
मिली जानकारी के अनुसार, CBI को बैंक ऋण धोखाधड़ी के इस मामले में कविता की तलाश थी। वह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से अनुपस्थित थी। लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।
जांच एजेंसी ने तकनीकी सुरागों और लगातार किए गए प्रयासों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। आखिरकार शुक्रवार को टीम ने उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, महिला हरिद्वार में किस स्थान पर रह रही थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़ा है मामला
यह मामला पंजाब एंड सिंध बैंक की मेरठ स्थित शाखा से जुड़े कथित 3.63 करोड़ रुपये के ऋण घोटाले का है। इस प्रकरण में कविता को आरोपी बनाया गया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित धोखाधड़ी किस तरीके से की गई थी, ऋण किसके नाम पर लिया गया था या इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका होने का आरोप है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकती है।
वर्ष 2017 से अदालत में नहीं हुई थी पेश
जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, अदालत में पेश नहीं होने के पीछे क्या कारण थे, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
CBI ने तकनीकी जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर उसका पता लगाया। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संचालित होगी।
गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है। अब अदालत के आदेशों और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
फिलहाल, अदालत ने आरोपी के संबंध में क्या आदेश दिया और मामले में अन्य आरोपियों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कथित ऋण धोखाधड़ी के आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तारी या आरोपी बनाए जाने का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

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