
जींद, हरियाणा: विदेश में नौकरी कर रहे एक मर्चेंट नेवी कर्मी को सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती इतनी महंगी पड़ेगी, इसका अंदाजा नहीं था। स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से बातचीत शुरू हुई, फिर व्हाट्सएप पर बातें होने लगीं। धीरे-धीरे भरोसा बढ़ा और शादी की उम्मीद भी जगी। इसी भरोसे के बीच अलग-अलग बहानों से रुपये मांगे गए और युवक ने करीब आठ लाख रुपये दे दिए। लेकिन जब वह विदेश से अपने गांव लौटा और मिलने की बात कही, तो सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पड़ताल की तो कथित पहचान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
दुबई में शुरू हुई स्नैपचैट पर बातचीत
शिकायत के अनुसार, जींद जिले के बुढ़ाखेड़ा निवासी युवक मर्चेंट नेवी में एबी के पद पर कार्यरत है। वह 26 फरवरी को नौकरी के सिलसिले में दुबई गया था। मार्च में दुबई में रहते हुए उसकी स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से एक युवती से बातचीत शुरू हुई।
शुरुआत में सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर भी बातचीत होने लगी। शिकायतकर्ता को भरोसा हो गया कि वह किसी युवती से बात कर रहा है। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उससे अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे जाने लगे।
शादी का भरोसा देकर अलग-अलग बहानों से मांगे रुपये
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के दौरान सामने वाले ने शादी का भरोसा दिलाया और कई बार आर्थिक मदद के नाम पर रकम मांगी। युवक ने विश्वास करके कुल आठ लाख रुपये दे दिए।
27 अगस्त को जब वह अपने गांव लौटा, तो उसने ‘कोमल’ से आमने-सामने मिलने की बात कही। आरोप है कि सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इस व्यवहार से युवक को शक हुआ कि जिस व्यक्ति से वह इतने समय से बातचीत कर रहा था, उसकी पहचान कुछ और हो सकती है।
जांच में युवती नहीं, युवक होने का आरोप
इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की। उसकी शिकायत के मुताबिक, जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि ‘कोमल’ नाम से बातचीत करने वाली कथित युवती वास्तव में झज्जर जिले के बेरी थाना क्षेत्र के गोच्छी गांव का रहने वाला युवक है।
आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से संपर्क किया और शादी का भरोसा देकर उससे आठ लाख रुपये ठग लिए। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
शिकायत मिलने के बाद जींद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी को नामजद करते हुए धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।
यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। किसी की पहचान की पुष्टि किए बिना शादी या रिश्ते के भरोसे पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। वीडियो कॉल या चैट पर बातचीत होना भी किसी व्यक्ति की असली पहचान और उसके इरादों की गारंटी नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह खबर शिकायत और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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