नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.

नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.
नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.

बिहार के भोजपुर जिले में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लड़कियों को बुलाने और फिर कथित तौर पर बंधक बनाकर उनसे आर्केस्ट्रा में जबरन नृत्य कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने धोबहा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 12 लड़कियों को मुक्त कराया है। इनमें नौ नाबालिग और तीन बालिग बताई गई हैं। कार्रवाई के दौरान एक महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस मामले में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ के तहत की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धोबहा इलाके के एक बगीचे में टिन और करकट से बने मकान में कई लड़कियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध रोका गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और वहां मौजूद सभी 12 लड़कियों को मुक्त कराया।

नौकरी का भरोसा देकर बुलाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का भरोसा देकर वहां लाया गया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध आर्केस्ट्रा में नर्तकी का काम कराया जाने लगा।

लड़कियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कई दिनों से वहां रोककर रखा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें किसने नौकरी का भरोसा दिया, उन्हें वहां तक कैसे पहुंचाया गया और उनके रहने तथा काम करने की व्यवस्था कौन संभाल रहा था।

मुक्त कराई गई लड़कियां बिहार के सीतामढ़ी, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली बताई गई हैं। अलग-अलग राज्यों से लड़कियों के आने के कारण पुलिस उनके संपर्कों और इस कथित नेटवर्क के दूसरे संभावित ठिकानों की भी जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश की महिला समेत दो आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने छापेमारी के दौरान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की निवासी जुली कुमारी और भोजपुर जिले के बबुरा गांव के निवासी मुकेश कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान लड़कियों ने कथित तौर पर इस मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। इनमें केशो पासवान, किशोर राम और सोनू यादव के नाम शामिल हैं। पुलिस इन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी तलाश में कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, जिन लोगों के नाम जांच के दौरान सामने आए हैं, उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

नौ नाबालिग लड़कियों के मिलने से मामला गंभीर

मुक्त कराई गई 12 लड़कियों में नौ के नाबालिग होने की बात सामने आई है। इस कारण मामले में बच्चों की सुरक्षा और उनके शोषण से जुड़े कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

पुलिस ने मामले में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम से संबंधित कानूनों और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की प्रकृति को देखते हुए महिला थाना और मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) के अधिकारियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लड़कियों को रोजगार का झांसा देने में किन लोगों की भूमिका थी और क्या उन्हें दूसरे स्थानों पर भी इसी तरह काम करने के लिए मजबूर किया गया था।

‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ के तहत कार्रवाई

भोजपुर पुलिस आर्केस्ट्रा से जुड़े कुछ ठिकानों पर इस अभियान के तहत पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। ताजा मामले में पुलिस का मुख्य उद्देश्य लड़कियों को बुलाने, उन्हें कथित तौर पर रोककर रखने और उनसे जबरन काम कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

मुक्त कराई गई लड़कियों की सुरक्षा, उनके परिजनों से संपर्क और आगे की आवश्यक प्रक्रिया भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महत्वपूर्ण सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच से जुड़े विवरणों पर आधारित है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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