
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और पत्नी के कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रेम संबंध में पति के विरोध के चलते दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, वारदात के करीब 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर लिया गया।
मामला खोड़ा थाना क्षेत्र की वंदना विहार कॉलोनी का है। मृतक की पहचान अंशुल के रूप में हुई है, जो एक एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई कारीगर के तौर पर काम करता था। जानकारी के मुताबिक, रविवार को घर में घुसकर उसे गोली मार दी गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की।
दो साल से प्रेम संबंध होने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आया कि अंशुल की पत्नी निशा का अपने मौसेरे ननदोई पप्पू उर्फ गंगा भगत के साथ कथित तौर पर करीब दो साल से प्रेम संबंध था। पुलिस का कहना है कि जब अंशुल को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो उसने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होने लगा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी विवाद के चलते निशा और पप्पू ने अंशुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हालांकि, मामले में सामने आए इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
छुट्टी के दिन वारदात को अंजाम देने की योजना
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, पुलिस की जांच में सामने आया कि निशा के कहने पर पप्पू कथित तौर पर हत्या के लिए तैयार हुआ। आरोप है कि दोनों ने ऐसा दिन चुना, जब अंशुल घर पर अकेला रह सकता था।
पुलिस का दावा है कि पप्पू अपने गांव से 315 बोर का तमंचा लेकर आया था। योजना के मुताबिक, रविवार को निशा काम के लिए कंपनी चली गई, जबकि अंशुल घर में मौजूद था। इसी दौरान पप्पू के घर में घुसकर अंशुल को गोली मारने का आरोप है। गोली लगने से अंशुल की मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले सुरागों और जांच के आधार पर निशा तथा पप्पू उर्फ गंगा भगत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले का खुलासा लगभग 12 घंटे में कर लिया गया। अब जांच के दौरान वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच जारी है। आरोपियों के दोषी होने का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के बताए तथ्यों पर आधारित है। मामले से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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