
सीतामढ़ी: बिहार में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर एक युवक से 8 लाख 30 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पूर्व सर्वे पदाधिकारी पूजा भारती, उनकी मां गीता देवी और भाई आदित्य कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि युवक को मद्य निषेध विभाग में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) की नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नौकरी का भरोसा देकर मांगे 12 लाख रुपये
प्राथमिकी के अनुसार, बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बबुरबन निवासी संतोष मंडल फिलहाल बोखड़ा प्रखंड के मनरेगा विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। दिसंबर 2023 में उनका संपर्क वैशाली जिले के गाजीपुर गराही की रहने वाली पूजा भारती से हुआ था। उस समय पूजा भारती बाजपट्टी पंचायत में सर्वे पदाधिकारी के रूप में काम कर रही थीं।
संतोष मंडल का आरोप है कि पूजा भारती ने उन्हें मद्य निषेध विभाग में MTS के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद वह उन्हें अपने घर भी ले गईं, जहां उनकी मां गीता देवी और भाई आदित्य कुमार ने भी नौकरी लगवाने की बात कही।
शिकायत के मुताबिक, नौकरी दिलाने के बदले कुल 12 लाख रुपये की मांग की गई। भरोसे में आकर संतोष मंडल ने मैट्रिक और इंटर के प्रमाणपत्रों के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अपने मूल दस्तावेज भी आरोपितों को सौंप दिए।
चेक, PhonePe और QR कोड से भेजे 8.30 लाख रुपये
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 9 दिसंबर 2023 से 16 जून 2024 के बीच उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर कुल 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए। यह रकम बैंक चेक, PhonePe और QR कोड के माध्यम से आरोपितों के खातों में भेजी गई।
युवक को उम्मीद थी कि पैसे देने के बाद उसकी सरकारी नौकरी लग जाएगी, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद नियुक्ति नहीं हुई। आरोप है कि जब नौकरी को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।
किराये का कमरा छोड़कर मोबाइल बंद करने का आरोप
प्राथमिकी में संतोष मंडल ने आरोप लगाया है कि कुछ समय बाद पूजा भारती बाजपट्टी में स्थित अपना किराये का कमरा खाली कर चली गईं और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। इसके बाद पीड़ित ने वैशाली जिले में उनके गांव पहुंचकर जानकारी जुटाने की कोशिश की।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वहां कुछ ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि संबंधित परिवार पर पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने के आरोप लगे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
इसके बाद संतोष मंडल ने बाजपट्टी थाने में पूजा भारती, गीता देवी और आदित्य कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लेनदेन, बैंक खातों और नौकरी दिलाने के कथित वादे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में आरोपितों की ओर से कोई जवाब दिया गया है या नहीं। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई और पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।
सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से रहें सावधान
यह मामला नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक जरूरी चेतावनी है। सरकारी भर्ती की प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के निजी आश्वासन पर भरोसा करके बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है। नौकरी से जुड़ी जानकारी हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और भर्ती पोर्टल से जांचनी चाहिए। किसी को पैसे या मूल दस्तावेज सौंपने से पहले उसकी पहचान और दावों की पुष्टि करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर दर्ज प्राथमिकी और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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