
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पति की हत्या के मामले में अदालत ने पत्नी और उसके देवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों के बीच संबंध थे और पति के इसका विरोध करने के बाद उन्होंने उसकी हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद शव को निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में छिपा दिया गया था। विशेष न्यायालय ने दोनों दोषियों पर कुल 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जून 2023 में हुई थी हत्या
यह मामला पुरकाजी थाना क्षेत्र के मांडला गांव का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 7 जून 2023 को असलम ने साकर के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान साकर की पत्नी आसिया और उसके सौतेले भाई सुहैल की भूमिका सामने आई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे से साकर का शव बरामद किया।
सोते समय गला घोंटने का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सुहैल के सऊदी अरब से लौटने के बाद आसिया और उसके बीच संबंध बन गए थे। 6 जून 2023 को साकर ने कथित तौर पर दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उसी रात साकर की हत्या कर दी गई।
अभियोजन के अनुसार, जब साकर चारपाई पर सो रहा था, तब सुहैल ने उसकी चुनरी से गला कस दिया, जबकि आसिया ने उसके हाथ पकड़े। हत्या के बाद शव को शौचालय के गड्ढे में डाल दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने की बात सामने आई थी।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट बनीं अहम साक्ष्य
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने पहले के बयानों से मुकर भी गए थे।
अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चुनरी और मिट्टी की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आसिया और सुहैल को हत्या का दोषी ठहराया।
दोनों दोषियों को आजीवन कारावास
विशेष न्यायालय के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार तालियान ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आसिया और सुहैल

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