
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस गांव में पुलिसकर्मियों पर एक घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और घरेलू सामान में तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में उपनिरीक्षक सत्येंद्र चौधरी सहित अन्य पुलिसकर्मियों का नाम भी शामिल बताया गया है।
11 अक्टूबर को घर पहुंचने का आरोप
देवसेरस गांव निवासी आसुबी, पत्नी फकरू, की ओर से दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार, 11 अक्टूबर को उपनिरीक्षक सत्येंद्र चौधरी समेत कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित घटना के दौरान घर के भीतर रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। परिवार ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
बेड, अलमारी और फ्रिज समेत सामान क्षतिग्रस्त करने का दावा
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घर में रखे बेड, अलमारी, फ्रिज, कूलर और गैस चूल्हे सहित अन्य घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया गया। परिवार का कहना है कि इस कथित तोड़फोड़ के कारण उन्हें आर्थिक क्षति हुई है।
हालांकि, घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाने और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और कथित घटना के पीछे की परिस्थितियां भी स्पष्ट होना बाकी हैं।
रिकॉर्डिंग होने का दावा, जांच की मांग
शिकायतकर्ता महिला ने दावा किया है कि उनके पास घटना से संबंधित ऑडियो और रिकॉर्डिंग मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों से इन साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
परिवार ने SSP कार्यालय में शिकायत देकर कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष की मांग है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
मथुरा के देवसेरस गांव से जुड़ा यह मामला पुलिसकर्मियों के कथित व्यवहार और शिकायत की निष्पक्ष जांच को लेकर चर्चा में है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों पर आधारित है। पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया, उपलब्ध रिकॉर्डिंग की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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