Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.

Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.
Gen Z की ट्रैवल ‘डिक्शनरी’ में जुड़े 8 नए शब्द, बदल रहा है सफर का अंदाज.

जेनरेशन Z अपने खान-पान, समझने, काम करने, नए शब्दों के प्रयोग से लेकर यात्रा करने के तरीके तक को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। कई ऐसे शब्द हैं जिनका प्रचलन Gen Z के कारण हुआ है। यात्रा के मामले में भी Gen Z की सोच काफी अलग है। नई पीढ़ी ने अचानक यात्रा की सोच बदल दी है। मूड, पसंद, व्यक्तित्व और साथ जाने वाले लोगों के हिसाब से यात्रा का तरीका भी बदल रहा है। कई ऐसे शब्द हैं जो सफर के लिए काफी प्रचलित हैं। आइए जानते हैं Gen Z ने सफर को किस तरह बदल दिया है और उनकी इसको लेकर क्या सोच है।

दरअसल, Airbnb और YouGov की साझेदारी में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसका नाम ‘नेवर द सेम: द न्यू रूल्स ऑफ द Gen Z ट्रैवल इन इंडिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार आज के युवा भारतीय यात्रियों के बीच कुछ नए ट्रैवल ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनमें अचानक छुट्टी पर निकलना, तनाव से राहत के लिए यात्रा करना और अपनी पसंद व व्यक्तित्व के मुताबिक जगह चुनना शामिल है।

माइक्रो-कैशन

Gen Z की सफर डिक्शनरी में माइक्रो-कैशन काफी प्रचलित है, यह 24 से 72 घंटे की छोटी यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कोई सालाना बड़ी छुट्टी नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़े समय के लिए ब्रेक लेने का आसान तरीका है। रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z के 66 प्रतिशत लोग यात्रा के कुछ दिन या कुछ सप्ताह पहले ही बुकिंग करते हैं। वहीं, 87 प्रतिशत लोग एक सप्ताह से कम समय की यात्रा पसंद करते हैं।

रूम रॉटिंग

रूम रॉटिंग का मतलब है ऐसी यात्रा, जिसमें घूमने-फिरने या जगह को देखने की बजाय आराम करना और ठहरने की जगह पर समय बिताना ही मुख्य उद्देश्य होता है। इसमें यात्री होटल, होमस्टे या किसी अन्य ठहरने की जगह पर आराम से समय बिताते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेन Z के 3 में से 2 यात्री सफर के दौरान कुछ खास न करने के इरादे से घूमने जाते हैं। वहीं, 10 में से 8 लोग अपनी यात्रा का कम से कम आधा समय उस जगह पर बिताते हैं, जहां वे ठहरे होते हैं।

डी-इन्फ्लुएंस्ड ट्रैवल

सोशल मीडिया पर डी-इन्फ्लुएंस्ड ट्रैवल का काफी ट्रेंड देखने को मिलता है। इसमें लोकप्रिय जगहों के पीछे भागने के बजाए ऐसी जगहों की तलाश करना है, जो कम चर्चित और अलग हों। यहां भीड़भाड़ से अलग कुछ नया और सुकून भरा अनुभव हासिल करना मुख्य उद्देश्य होता है। रिपोर्ट में बताया गया कि, जेन Z के करीब 95 प्रतिशत यात्री चाहते हैं कि उनकी यात्रा व्यक्तिगत और अलग अनुभव वाली हो और पूरी तरह पहले से तय न हो। वहीं, 90% युवा वायरल जगहों की बजाय कम प्रसिद्ध और अनदेखी जगहों पर जाना पसंद करते हैं।

मिरर ट्रिप

मिरर ट्रिप में अपनी पसंद और व्यक्तित्व के हिसाब से यात्रा की जाती है। ऐसी जगह, ठहरने की जगह और अनुभव चुनना, जो आपके व्यक्तित्व और रुचियों को दर्शाते हों। यानी आपको जो चीजें पसंद हैं उसके अनुसार जगह का चुनाव करना। रिपोर्ट के अनुसार, 92% यात्रियों का मानना है कि उनके लिए यह जरूरी है कि यात्रा की जगह उनकी व्यक्तिगत पसंद के मुताबिक हो। वहीं, 87% लोगों का मानना है कि यात्रा उनके व्यक्तित्व और पहचान को दर्शाती हो।

व्हाई-कैशन

इसमें यात्री किसी प्रसिद्ध जगह जाने के बजाए किसी खास एहसास को महसूस करने के लिए यात्रा करते हैं। कोई प्रकृति के बीच शांति चाहता है, तो कोई नए खानपान और संस्कृति को जानना चाहता है। किसी को रोजमर्रा की जिंदगी से कुछ दूर रहना पसंद होता है। रिपोर्ट के अनुसार, 67% जेन Z यात्रियों का कहना है कि उनकी कोई भी दो यात्राएं एक जैसी नहीं हैं। यात्रा के दौरान उनके पसंदीदा अनुभवों में खानपान, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।

लोकल लॉर हंटिंग

लोकल लॉर हंटिंग का मतलब सफर के दौरान किसी शहर या कस्बे के उन हिस्सों को देखना, जहां आम पर्यटक अक्सर नहीं जाते हैं। इसमें स्थानीय बाजार, किराने की दुकानें, मोहल्ले और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जगहें शामिल हो सकती है। रिपोर्ट में बताया गया कि 81% जेन Z यात्री घूमने के दौरान स्थानीय बाजारों, किराने की दुकानों और आम मोहल्लों जैसे स्थानों को देखना पसंद करते हैं।

मेंटी बी ट्रैवल

इसमें जेन Z अपना तनाव दूर करने के लिए यात्रा करते हैं। ऐसी यात्रा का प्लान अक्सर अचानक बनता है। रिपोर्ट के अनुसार, तनाव और काम से होने वाली थकान से राहत पाना जेन Z के बीच यात्रा की योजना बनाने की सबसे बड़ी वजह है।

साइड-क्वेस्टिंग

जेन Z साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाने के बजाए छोटी-छोटी यात्राएं करना पसंद करते हैं। साइड-क्वेस्टिंग का अर्थ छोटी यात्रा करना है। रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से करीब 7 जेन Z यात्री एक लंबी सालाना छुट्टी की बजाए तीन छोटी यात्राएं करना पसंद करते हैं।

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