सेहतमंद रहने के 17 आसान तरीके, जिनका समर्थन करता है वैज्ञानिक शोध.

सेहतमंद रहने के 17 आसान तरीके, जिनका समर्थन करता है वैज्ञानिक शोध.
सेहतमंद रहने के 17 आसान तरीके, जिनका समर्थन करता है वैज्ञानिक शोध.

आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी तमाम तरह की सलाह देखने को मिलती है। कई बार अलग-अलग विशेषज्ञों की राय भी एक-दूसरे से अलग होती है, जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर स्वस्थ रहने के लिए किन आदतों को अपनाना चाहिए।

हालांकि, कुछ ऐसी आदतें हैं जिनके फायदे को वैज्ञानिक शोध का अच्छा समर्थन मिला है। अच्छी नींद से लेकर संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम तक, रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे बदलाव लंबे समय में सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

1. भरपूर और अच्छी नींद लें

स्वस्थ शरीर और दिमाग के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। लगातार कम या खराब नींद लेने से शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता, भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन और मानसिक तथा शारीरिक प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।

हर व्यक्ति के लिए नींद की जरूरत अलग हो सकती है, लेकिन अपनी दिनचर्या के अनुसार पर्याप्त और नियमित नींद लेना जरूरी है।

2. सोने से पहले तेज रोशनी और स्क्रीन से दूरी रखें

रात में मोबाइल, कंप्यूटर और दूसरे डिजिटल उपकरणों की तेज रोशनी नींद के प्राकृतिक चक्र को प्रभावित कर सकती है। खासतौर पर स्क्रीन से मिलने वाली नीली रोशनी शरीर में मेलाटोनिन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।

इसलिए सोने से पहले कुछ समय स्क्रीन से दूरी बनाना और कमरे में बहुत तेज रोशनी न रखना नींद की गुणवत्ता के लिए मददगार हो सकता है।

3. डाइट में नट्स और बीज शामिल करें

बादाम, अखरोट और दूसरे नट्स के साथ-साथ अलग-अलग बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, स्वस्थ वसा, विटामिन और कई जरूरी मिनरल पाए जाते हैं।

शोध में नट्स के नियमित सेवन को हृदय स्वास्थ्य और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़े बेहतर स्वास्थ्य परिणामों से जोड़ा गया है।

4. फैटी फिश खाएं

सैल्मन जैसी फैटी फिश उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होती है।

संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में मछली का सेवन हृदय स्वास्थ्य समेत कई पहलुओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।

5. फल और सब्जियां ज्यादा खाएं

फल और सब्जियां फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं।

डाइट में पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियां शामिल करने को बेहतर हृदय स्वास्थ्य और कई पुरानी बीमारियों के कम जोखिम से जोड़ा गया है।

6. शरीर को पर्याप्त पानी दें

शरीर के सामान्य कामकाज के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

इसलिए केवल किसी तय संख्या के पीछे जाने के बजाय शरीर की प्यास और अपनी परिस्थितियों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहतर है।

7. पर्याप्त प्रोटीन लें

प्रोटीन शरीर में कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी पोषक तत्व है।

डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है और यह वजन को संतुलित रखने में भी मदद कर सकता है। अंडे, मछली, दालें, बीन्स, डेयरी और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्रोत हो सकते हैं।

8. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में मुख्य रूप से मोनोअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।

इसे संतुलित आहार में शामिल करना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, किसी भी तेल की तरह इसकी मात्रा भी संतुलित रखना जरूरी है।

9. मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें

सोडा, मीठी चाय, मीठे ड्रिंक और दूसरे शुगर-स्वीटेंड बेवरेज शरीर में अतिरिक्त चीनी की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

इनका ज्यादा सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है।

इनकी जगह बिना चीनी वाली चाय, सादा या स्पार्कलिंग पानी और बिना अतिरिक्त चीनी वाली कॉफी जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।

10. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कम खाएं

पैकेज्ड स्नैक्स, कई तरह के फास्ट फूड, पैकेज्ड कुकीज, चिप्स और कुछ तैयार भोजन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आ सकते हैं।

इनमें अक्सर ज्यादा नमक, अतिरिक्त चीनी, रिफाइंड तेल और अन्य एडिटिव्स होते हैं, जबकि फाइबर और कुछ जरूरी पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम हो सकते हैं।

ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन वजन बढ़ने और कई पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़े जोखिम से जुड़ा पाया गया है।

11. अतिरिक्त चीनी पर नियंत्रण रखें

आज कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में अतिरिक्त चीनी मौजूद होती है। ज्यादा मात्रा में अतिरिक्त चीनी का सेवन वजन बढ़ने और टाइप-2 डायबिटीज तथा हृदय रोग जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा है।

खरीदारी करते समय फूड लेबल पढ़ना और ऐसे उत्पादों का चयन करना उपयोगी हो सकता है जिनमें अतिरिक्त चीनी कम हो।

12. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करें

सभी कार्बोहाइड्रेट एक जैसे नहीं होते। रिफाइंड कार्ब्स से प्रोसेसिंग के दौरान फाइबर और कुछ पोषक तत्व कम हो सकते हैं।

मैदा और अत्यधिक प्रोसेस्ड अनाज से बने खाद्य पदार्थों की जगह साबुत अनाज, फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

13. हर सप्ताह नियमित शारीरिक गतिविधि करें

व्यायाम शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। तेज चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या अन्य एरोबिक गतिविधियां नियमित रूप से करने से फिटनेस और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

अमेरिकी Physical Activity Guidelines के अनुसार वयस्कों के लिए हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि एक सामान्य लक्ष्य माना जाता है।

14. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को दिनचर्या में शामिल करें

मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए रेजिस्टेंस या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग उपयोगी है। इसके लिए जिम में भारी वजन उठाना जरूरी नहीं है।

बॉडीवेट एक्सरसाइज, रेजिस्टेंस बैंड और अन्य प्रतिरोध वाले व्यायाम भी किए जा सकते हैं। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों की ताकत और शरीर की संरचना को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है।

15. विटामिन D का ध्यान रखें

विटामिन D हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। शरीर में इसकी कमी होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर जांच और जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट लेने पर विचार किया जा सकता है।

बिना जरूरत या बिना चिकित्सकीय सलाह के विटामिन D की ज्यादा मात्रा लेना उचित नहीं है।

16. परिवार और दोस्तों से जुड़े रहें

स्वस्थ रहने का मतलब केवल सही खाना और व्यायाम करना नहीं है। परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों के साथ अच्छे सामाजिक संबंध मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

सामाजिक जुड़ाव तनाव को संभालने और मानसिक कल्याण को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

17. तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करें

तनाव रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे संभालने के लिए स्वस्थ तरीके अपनाना जरूरी है।

मेडिटेशन और माइंडफुलनेस जैसी गतिविधियां कुछ लोगों में तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकती हैं। रोजाना कुछ मिनट शांत बैठकर सांस पर ध्यान देना एक आसान शुरुआत हो सकती है।

निष्कर्ष

स्वस्थ रहने के लिए किसी एक सुपरफूड या एक खास नुस्खे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। अच्छी नींद, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और तनाव को नियंत्रित करने जैसी छोटी-छोटी आदतें मिलकर बेहतर लाइफस्टाइल बनाने में मदद कर सकती हैं।

हालांकि, हर व्यक्ति की पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। किसी बीमारी, पोषक तत्वों की कमी या सप्लीमेंट से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

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