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  • आपका साबुन, शैंपू​​​​​​​ और टूथपेस्ट: वेज है या नॉनवेज? अब आसानी से चलेगा पता, सरकार ने बदले पैकेजिंग के नियम

    आपका साबुन, शैंपू​​​​​​​ और टूथपेस्ट: वेज है या नॉनवेज? अब आसानी से चलेगा पता, सरकार ने बदले पैकेजिंग के नियम

    आपका साबुन, शैंपू​​​​​​​ और टूथपेस्ट: वेज है या नॉनवेज? अब आसानी से चलेगा पता, सरकार ने बदले पैकेजिंग के नियम

    साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और दूसरे कॉस्मेटिक्स व टॉयलेटरी प्रोडक्ट्स खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब यह पहचानना आसान होगा कि किसी उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री शाकाहारी है या मांसाहारी. केंद्र सरकार ने पैकेज्ड उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए इन उत्पादों की पैकेजिंग पर वेजिटेरियन या नॉन-वेजिटेरियन होने की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 में संशोधन किया है. यह संशोधन सोमवार (सितंबर, 21, 2026) से प्रभावी हो गया है. नए नियमों के तहत शाकाहारी मूल वाले उत्पादों की पैकेजिंग पर ग्रीन डॉट लगाना अनिवार्य होगा. वहीं, मांसाहारी मूल वाले उत्पादों के लिए रेड या ब्राउन डॉट लगाना जरूरी होगा.

    पैकेजिंग पर कहां होगा निशान?

    नए नियमों के मुताबिक यह निशान पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में लगाया जाएगा. इसका उद्देश्य यह है कि ग्राहक को खरीदारी के दौरान उत्पाद की पूरी जानकारी आसानी से मिल सके साथ ही उसे सामग्री की पूरी सूची पढ़कर यह पता लगाने की जरूरत न पड़े कि उत्पाद शाकाहारी है या मांसाहारी. यह व्यवस्था खास तौर पर उन रोजमर्रा के उत्पादों पर लागू होगी, जिनमें साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट के अलावा अन्य कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी आइटम शामिल हैं. यानी अब इन उत्पादों को खरीदते समय ग्राहक पैकेजिंग पर लगे ‘कलर डॉट’ के जरिए उनके शाकाहारी या मांसाहारी मूल की पहचान कर सकेंगे.

    क्यों किया गया नियम में बदलाव?

    सरकार की ओर से किए गए इस बदलाव का मकसद पैकेजिंग पर उत्पाद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक स्पष्ट और आसानी से समझ आने वाला बनाना है. रंग आधारित प्रतीक एक तरह से विजुअल संकेत के रूप में काम करेंगे, जिससे ग्राहक बिना ज्यादा जानकारी पढ़े भी उत्पाद की श्रेणी पहचान सकेगा. अब तक उपभोक्ताओं को कई कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जानकारी के लिए पैकेज पर दिए गए इंग्रीडिएंट्स पढ़ने पड़ते थे. नए नियम के बाद निर्धारित प्रतीक के जरिए यह जानकारी सीधे पैकेज के प्रमुख हिस्से पर उपलब्ध होगी.

    कंपनियों को करना होगा नियमों का पालन

    नया नियम लागू होने के बाद संबंधित उत्पादों के निर्माता और विक्रेताओं को निर्धारित लेबलिंग नियमों का पालन करना जरूरी होगा. इसका मतलब है कि बाजार में आने वाली संबंधित पैकेजिंग पर उत्पाद के शाकाहारी या मांसाहारी मूल की पहचान के लिए तय रंग का निशान मौजूद होना चाहिए. यह बदलाव ‘Legal Metrology’ के तहत पैकेजिंग और उपभोक्ता सूचना से जुड़े नियमों के तहत किया गया है.

  • मुजफ्फरपुर में 2​​​​​​​ छात्राओं: पर ब्लेड से हमला, प्रेम-प्रसंग की रंजिश में वारदात, मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार.

    मुजफ्फरपुर में 2​​​​​​​ छात्राओं: पर ब्लेड से हमला, प्रेम-प्रसंग की रंजिश में वारदात, मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार.

    मुजफ्फरपुर में 2​​​​​​​ छात्राओं: पर ब्लेड से हमला, प्रेम-प्रसंग की रंजिश में वारदात, मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार.

    मुजफ्फरपुर जिले के बरूराज थाना क्षेत्र अंतर्गत चौरबन पुलिया के पास साइकिल से जा रही दो छात्राओं पर जानलेवा ब्लेड से हमले के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल उसके एक अन्य साथी की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    घटना 21 सितंबर 2026 की है। उस दिन बरूराज थानांतर्गत चौरबन पुलिया के समीप सामने से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने अचानक साइकिल सवार दो छात्राओं पर ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे उनके दाहिने हाथ पर गहरी चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01) तथा 22 सितंबर को स्वयं SSP मुजफ्फरपुर कांतेश कुमार मिश्रा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया एवं पीड़ित छात्राओं से मिलकर पूरी जानकारी ली।

    पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर बरूराज थाना कांड संख्या-181/26 दर्ज किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पश्चिमी-01) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसमें थानाध्यक्ष बरूराज व अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

    तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के संकलन के आधार पर पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को घटना के मुख्य साजिशकर्ता संजीत कुमार (थाना- बरूराज, जिला- मुजफ्फरपुर) को गिरफ्तार कर लिया।

    इंस्टाग्राम चैट, प्यार और शक की रंजिश में हुआ हमला: पुलिस सूत्रों की मानें तो पीड़िता के गांव के आसपास के एक लड़के और आरोपी आपस में दोस्त थे। आरोपी लड़का और पीड़िता के बीच इंस्टाग्राम पर लगातार चैटिंग और कॉलिंग होती थी। पुलिस को इसके पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिससे साफ है कि दोनों के बीच पूर्व से जान-पहचान और दोस्ती थी।

    पूछताछ में पता चला कि कुछ समय पहले लड़की ने उक्त आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी को शक हुआ कि लड़की उसके ही दोस्त से बात करने लगी है और उसे नजरअंदाज कर रही है। इसी खुन्नस और शक के चलते आरोपी ने अपनी साइकिल से जा रही युवतियों पर ब्लेड से वार कर दिया।

    एसएसपी मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम-प्रसंग और आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वारदात को अंजाम एक युवक ने दिया था, लेकिन इस साजिश में एक अन्य सहयोगी भी शामिल थे। घटना के बाद एक नामजद आरोपी भाग गए हैं। पुलिस की विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत है और जल्द ही उन्हें भी कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।

  • मुजफ्फरपुर में सेक्स​​​​​​​ रैकेट: का बड़ा खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बच्चियां बरामद

    मुजफ्फरपुर में सेक्स​​​​​​​ रैकेट: का बड़ा खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बच्चियां बरामद

    मुजफ्फरपुर जिले के कथैया थाना क्षेत्र से सामने आए नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अवैध देह व्यापार से जुड़े अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो नाबालिग बच्चियों को भी बरामद कर सुरक्षित उनके चंगुल से मुक्त कराया गया है।

    मामले में नाबालिग बच्ची के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था। तकनीकी अनुसंधान और मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान अपहृत नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया।

    जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने कथित तौर पर अवैध देह व्यापार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, बच्चियों को बंधक बनाकर देह व्यापार में धकेले जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक अन्य नाबालिग बच्ची को भी बरामद किया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली थाना क्षेत्र के बिठ्ठू कुमार, कांटी थाना क्षेत्र की शमीता कुमारी, पटना के दीघा थाना क्षेत्र के सुजीत कुमार, रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के गिरिजा यादव, मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र की अनीता कुमारी, पारू थाना क्षेत्र के आशीष कुमार और हथौड़ी थाना क्षेत्र के भूषण झा के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार, मामले में मकान मालिक गिरिजा यादव की भूमिका भी सामने आई है। वहीं, एक अन्य मकान मालिक के फरार होने की बात कही गई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

    पूरे मामले की जानकारी मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश कुमार मिश्र ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। इस दौरान ग्रामीण SP राजेश सिंह प्रभाकर और पश्चिमी DSP-1 सुचित्रा कुमारी भी मौजूद रहीं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

  • नशे की हालत​​​​​​​ में युवक ने अरपा नदी में लगाई छलांग,

    नशे की हालत​​​​​​​ में युवक ने अरपा नदी में लगाई छलांग,

    नशे की हालत​​​​​​​ में युवक ने अरपा नदी में लगाई छलांग,

    बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र स्थित छठघाट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नशे की हालत में एक युवक ने अरपा नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुल से गुजर रहे लोग भी रुककर युवक को देखने लगे। इस दौरान कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    बताया जा रहा है कि युवक के नदी में छलांग लगाने की सूचना मिलते ही लोगों ने डायल 112 और तोरवा पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों के नदी में उतरते ही युवक तैरते हुए पुल के नीचे जाकर छिप गया।

    जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद युवक को तोरवा थाना पुलिस के हवाले किया गया, जहां मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा होने से छठघाट में काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।

  • परीक्षा से 3​​​​​​​ मिनट पहले खुली मिली बुकलेट की सील, EOU ने दर्ज किया केस

    परीक्षा से 3​​​​​​​ मिनट पहले खुली मिली बुकलेट की सील, EOU ने दर्ज किया केस

    परीक्षा से 3​​​​​​​ मिनट पहले खुली मिली बुकलेट की सील, EOU ने दर्ज किया केस

    मामला खगौल के एक परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र बांटे जाने की तैयारी के दौरान दो बुकलेट की सील पहले से खुली होने की जानकारी सामने आई। परीक्षा शुरू होने में उस समय केवल तीन मिनट बाकी थे। केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।

    घटना सामने आने के बाद परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद EOU ने प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि दोनों बुकलेट की सील कब, कहां और किन परिस्थितियों में खुली। EOU की टीम परीक्षा सामग्री को केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर सकती है। प्रश्नपत्र के पैकेट कहां रखे गए थे, उन्हें किस अधिकारी या कर्मचारी की निगरानी में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया और परीक्षा कक्ष में पहुंचने तक किन-किन लोगों के पास उनकी जिम्मेदारी थी, इन सभी बिंदुओं को जांच के दायरे में लिया जा रहा है।

    परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र के अधिकारियों, वीक्षकों और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सकती है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सील खुलने के पीछे मानवीय गलती थी या किसी ने जानबूझकर ऐसा किया। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या प्रश्नपत्र या उसके किसी हिस्से की जानकारी परीक्षा शुरू होने से पहले किसी अभ्यर्थी या बाहरी व्यक्ति तक पहुंची थी। फिलहाल ऐसा कोई निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले नहीं निकाला जा सकता। EOU उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसकी पड़ताल कर रही है।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कड़े नियम होते हैं। निर्धारित समय से पहले प्रश्नपत्र की सील खुली मिलना सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय माना जाता है। यही वजह है कि दो बुकलेट की सील खुली मिलने के मामले में जांच एजेंसी सक्रिय हुई है।

    EOU की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सील किस तरह खुली और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की जानबूझकर संलिप्तता या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

  • प्यार की खौफनाक​​​​​​​ सजा: लव मैरिज से नाराज ससुराल वालों ने दामाद को किया अगवा, फिर दी ऐसी खौफनाक मौत, सुन कर खड़े हो जायेंगे रोंगटे!

    प्यार की खौफनाक​​​​​​​ सजा: लव मैरिज से नाराज ससुराल वालों ने दामाद को किया अगवा, फिर दी ऐसी खौफनाक मौत, सुन कर खड़े हो जायेंगे रोंगटे!

    प्यार की खौफनाक​​​​​​​ सजा: लव मैरिज से नाराज ससुराल वालों ने दामाद को किया अगवा, फिर दी ऐसी खौफनाक मौत, सुन कर खड़े हो जायेंगे रोंगटे!

    उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक लव मैरिज का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने की खौफनाक सजा एक नौजवान को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। प्यार और कोर्ट मैरिज से खफा लड़की के परिवार वालों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दामाद और उसके भाई को अगवा कर लिया। 25 घंटे तक उन्हें चलती कार में बंधक बनाकर लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। इस खौफनाक टॉर्चर से दामाद की दर्दनाक मौत हो गई जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मुख्य आरोपी साले समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

    25 घंटे बंधक बनाकर टॉर्चर, चलती कार में रॉड से पीटा

    यह खौफनाक वारदात जमुनापार थाना क्षेत्र के गौसना गांव के रहने वाले 60 वर्षीय शीला देवी के परिवार के साथ घटी है। उनके बेटे बंटी ने कुंज नगर की रहने वाली संजना से मई में लव मैरिज की थी। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे लड़की के भाई महेंद्र और उसके साथियों ने छटीकरा-राधाकुंड मार्ग पर एक ढाबे से बंटी के भाई शंकर को जबरन गाड़ी में खींच लिया।

    बुरी तरह पीटते हुए आरोपियों ने शंकर से बंटी को फोन करवाया। जैसे ही बंटी मंडी चौराहे पर पहुंचा उसे भी रात करीब 2 बजे अगवा कर लिया। घायल शंकर के मुताबिक आरोपियों ने दोनों भाइयों को 25 घंटे तक कार में बंधक बनाए रखा। कभी टाउनशिप तो कभी बलदेव रोड पर ले जाकर उन्हें डंडों और लोहे की रॉड से बेतहाशा पीटा गया। जब उन्हें लगा कि बंटी मरणासन्न हालत में है तो वे दोनों को मांट-सुरीर रोड पर फेंककर फरार हो गए।

    कोर्ट मैरिज से खफा थे मायके वाले, मुकदमा खारिज होने पर रची खौफनाक साजिश

    बंटी जैत की इंदुपुरम कॉलोनी में किराए पर रहकर फर्नीचर बनाने का काम करता था। इसी दौरान उसकी संजना से मुलाकात हुई और दोनों में प्यार हो गया। मई 2026 में दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज कर ली। यह बात संजना के मायके वालों को बिल्कुल रास नहीं आई।

    शादी के तुरंत बाद से ही लड़की के पिता भीमसेन और भाई महेंद्र ने इस रिश्ते को खारिज करते हुए दोनों को अलग करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। लड़की के परिवार ने कोर्ट में एक मुकदमा भी दायर किया था लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। कानूनी रास्ते से हार मिलने के बाद परिवार वालों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।

    पति के साथ रहने पर अड़ी थी संजना, पुलिस से भी लगाई थी सुरक्षा की गुहार

    परिवार के भारी दबाव और धमकियों के बावजूद संजना ने अपने पति बंटी का साथ छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था। वह हर हाल में बंटी के साथ ही रहना चाहती थी। हत्या से ठीक पहले बीते सोमवार को भी संजना अपने मायके वालों की प्रताड़ना से किसी तरह बचकर निकली थी। उसने फौरन सिविल चौकी पहुंचकर पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया था और अपनी व पति की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसका वीडियो भी पुलिस के पास मौजूद है लेकिन पुलिस की कार्रवाई से पहले ही ससुरालियों ने बंटी को मौत के घाट उतार दिया।

  • अक्टूबर से बदलेंगे​​​​​​​ कई नियम: LPG से UPI और बस यात्रा तक, जेब पर सबसे बड़ा असर कहां?

    अक्टूबर से बदलेंगे​​​​​​​ कई नियम: LPG से UPI और बस यात्रा तक, जेब पर सबसे बड़ा असर कहां?

    October Rules Changes: 1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए BAA जरूरी है

    15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M भुगतान पर 0.4 फीसद MDR लागू होगा

    अक्टूबर में ही बैंक हड़ताल भी प्रस्तावित है

    एमपी से ESIC और दिल्ली से फ्री बस यात्रा भी अच्छी खबरें हैं

    अक्टूबर 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर की सब्सिडी से लेकर दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, कारोबारियों के UPI भुगतान और प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया तक नियम बदलने जा रहे हैं। कुछ बदलाव सीधे जेब पर असर डाल सकते हैं, जबकि कुछ में कागजी कार्रवाई कम होगी।

    जेब पर सबसे बड़ा असर कहां?

    अक्टूबर के बदलावों में सबसे सीधा आर्थिक असर LPG सब्सिडी से जुड़ा है। आधार आधारित e-KYC पूरा नहीं करने वाले पात्र ग्राहक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। UPI के मामले में फिलहाल ग्राहक से सीधे अतिरिक्त शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है। वहीं NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों को टैक्स प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि दिल्ली में बिना स्मार्ट कार्ड के महिलाओं को बस किराया देना पड़ सकता है।

    गैस सिलेंडर पर सब्सिडी के लिए आधार जरूरी

    1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों में करीब 89.9 फीसदी पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन लोगों ने BAA करा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं होगी।

    जिन ग्राहकों ने अभी तक आधार ऑथंटिकेशन नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाले दाम पर सिलेंडर बुक कराने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार के मुताबिक सितंबर में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी थी। यानी ऑथंटिकेशन नहीं कराने पर पात्र उपभोक्ता को इस लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। BAA डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के कार्यालय में या इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP Gas के लिए HP PAY ऐप से किया जा सकता है।

    UPI पर 15 अक्टूबर से नया चार्ज, लेकिन ग्राहक से नहीं

    UPI को लेकर भी अक्टूबर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M यानी ग्राहक से कारोबारी भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। हालांकि आम ग्राहक से यह शुल्क लेने की अनुमति नहीं है।

    P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान इस MDR से बाहर रहेंगे। छोटे कारोबारियों के लिए भी छूट का प्रावधान है। सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी P2M लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।

    इसका सीधा असर फिलहाल ग्राहक की जेब पर नहीं होना चाहिए, लेकिन कारोबारियों का कहना है कि इससे उनकी लागत बढ़ सकती है। इसी मुद्दे पर कुछ राज्यों में व्यापारिक संगठनों ने ‘No UPI Day’ जैसे विरोध का ऐलान किया है।

    NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं

    1 अक्टूबर से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या HUF के लिए TDS प्रक्रिया कुछ आसान होगी। नए आयकर कानून के तहत PAN आधारित प्रक्रिया और Form 141 का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अलग से TAN लेने की जरूरत वाले अनुपालन को सरल बनाया गया है।

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS खत्म हो गया है। टैक्स काटने की जिम्मेदारी बनी रहेगी, केवल उसे जमा करने और रिपोर्ट करने की प्रक्रिया बदलेगी। इसलिए बड़ी प्रॉपर्टी खरीद में खरीदार को टैक्स विशेषज्ञ से सही दर और प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के 24 जिलों में ESIC का दायरा बढ़ेगा

    1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में ESIC का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अधिसूचना के तहत आने वाले पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों पर ESIC योगदान लागू होगा और संबंधित कर्मचारियों को ESIC के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा बढ़ेगा।

    यह बदलाव कर्मचारियों के लिए तत्काल नकद बचत के बजाय सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर से जुड़ा है। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार योगदान होगा।

    दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड

    दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त DTC और क्लस्टर बस यात्रा को लेकर भी बड़ा बदलाव है। 30 सितंबर तक पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन 1 अक्टूबर से Saheli Pink Smart Card से टैप करने पर ही मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यानी जिनके पास स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य टिकट लेकर किराया देना पड़ सकता है। कार्ड का पहला निर्गमन मुफ्त है, जबकि खोने या खराब होने पर रिप्लेसमेंट के लिए 59 रुपये देने होंगे।

    परेशानी बढ़ा सकती है बैंक हड़ताल

    त्योहारों के महीना अक्टूबर उल्लास के बीच परेशानियां भी खड़ी कर सकता है। बैंक यूनियन पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। इनमें पेंशन में सुधार, सभी पेंशनर्स के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें शामिल हैं। यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

  • लव मैरिज के​​​​​​​ बाद सैलरी: को लेकर होता था झगड़ा, पत्नी को गला दबाकर मार डाला, तीन दिन तक

    लव मैरिज के​​​​​​​ बाद सैलरी: को लेकर होता था झगड़ा, पत्नी को गला दबाकर मार डाला, तीन दिन तक

    लव मैरिज के​​​​​​​ बाद सैलरी: को लेकर होता था झगड़ा, पत्नी को गला दबाकर मार डाला, तीन दिन तक

    बेंगलुरु में लंबे समय से खाली पड़े एक प्लॉट में सफाई के दौरान महिला की लाश मिली है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्या को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हत्या का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। हाल ही में सरकार ने एक नियम बनाया था कि खाली प्लॉट को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी जमीन मालिक की होगी और तय समय पर ऐसा नहीं किया गया तो नगर निगम की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। इसी के बाद एक प्लॉट की सफाई के दौरान एक अनजान महिला की लाश मिली। बेंगलुरु के संपिगेहल्ली के पास प्लॉट की सफ़ाई का काम करने वालों ने सबसे पहले सड़ी गली हालत में शव को देखा। जब पुलिस ने मामले की जांच की तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ है।

    पुलिस ने पति को गिरफ्तार किया

    बेंगलुरु के संपिगेहल्ली के पास MS नगर के अग्रहारा लेआउट में प्लॉट के मालिक ने सफाई का काम शुरू करवाया था। लाश मिलने के बाद प्लॉट मालिक ने संपिगेहल्ली पुलिस को सूचित किया जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। पुलिस की जांच में पता चला कि पति ने ही अपनी पत्नी की हत्या की थी। पत्नी की हत्या करने और उसकी लाश ठिकाने लगाने के आरोप में पति को गिरफ्तार कर लिया गया।

    हत्या को लेकर चौंकाने वाला खुलासा

    सामने आई जानकारी के अनुसार, ओडिशा से सागर चंद अपनी पत्नी अनुसूया के साथ काम के सिलसिले में बेंगलुरु आया था। इन दोनों ने अनुसूया के परिवार वालों को बिना बताए 2 साल पहले प्रेम विवाह किया था और अनुसूया के परिवार की नाराजगी से बचने के लिए दोनों किसी को बिना बताए बेंगलुरु आ गए। उसके परिवार को शादी के बारे में उसकी मौत के बाद ही पता चला। पुलिस के मुताबिक वे अलग-अलग होटलों में काम करके गुजारा कर रहे थे। पति सागर चंद एक होटल में किचन सुपरवाइजर के तौर पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी तीन दिन तक पत्नी की लाश के साथ घर पर ही रहा। तीन दिन बाद, उसने लाश को बिस्तर में लपेटा और एक खाली प्लॉट में फैंक दिया। लाश फेंकने के बाद, वह चार-पांच दिनों तक उस इलाके में आता-जाता रहा, यह देखने के लिए कि कहीं कोई उस खाली प्लॉट के पास तो नहीं आ रहा। वह सब देख रहा था। आपको बता दें कि इससे पहले भी बेंगलुरु में पति की हैवानियत दिखी थी जब पति ने पत्नी पर फ्लोर क्लीनर फेंक दिया था और धारदार हथियार से गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए थे।

    क्यों कर दी पत्नी की हत्या?

    जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों को लेकर अक्सर झगड़े होते थे। पिछले दिनों में अनुसूया अक्सर पति के होटल जाने लगी और उसकी सैलरी को लेकर झगड़ा करती थी। पिछले महीने 11 अगस्त को एक झगड़े के बाद वे घर लौटे थे। झगड़ा बढ़ गया और पति ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी पुलिस ने लाश पर मिले एक टैग की जांच करके आरोपी का पता लगाया। हत्या के 20 दिन बाद अनसूया की लाश मिली तब तक कुत्तों ने लाश को नोच-नोचकर इधर-उधर घसीट दिया था।

    पुलिस ने खुद ही उस अज्ञात लाश के अंतिम संस्कार का इंतजाम किया। लाश पर एक मॉल का कपड़ों वाला टैग मिला। मॉल में पूछताछ करने पर अनुसूया की कॉन्टैक्ट डिटेल्स मिलीं। इस बीच, आरोपी पति होटल में हमेशा की तरह काम करता रहा। होटल में पूछताछ से उनके झगड़ों के बारे में पता चला। फिर आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद हत्या का मामला सामने आया।

  • UAE में एल्विन​​​​​​​ प्रकाश की बेरहमी से हत्या, 9 टुकड़ों में कटा मिला शव; पत्नी-बेटा लापता

    UAE में एल्विन​​​​​​​ प्रकाश की बेरहमी से हत्या, 9 टुकड़ों में कटा मिला शव; पत्नी-बेटा लापता

    UAE में एल्विन​​​​​​​ प्रकाश की बेरहमी से हत्या, 9 टुकड़ों में कटा मिला शव; पत्नी-बेटा लापता

    एल्विन प्रकाश कुंदर की जुलाई में UAE के शारजाह में हत्या कर दी गई। प्रकाश शारजाह एयरपोर्ट पर करीब 14 साल से काम कर रहे थे। कई दिनों तक संपर्क नहीं होने के बाद परिवार ने उनकी तलाश शुरू कराई।

    कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंदापुर निवासी एक व्यक्ति की जुलाई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में बेरहमी से हत्या कर दी गई। करीब दो महीने बाद इस मामले से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मृतक की पहचान कुंदापुर निवासी एल्विन प्रकाश कुंदर के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 14 वर्षों से शारजाह एयरपोर्ट पर काम कर रहे थे।

    प्रकाश अपनी पत्नी टीना कुंदर और किशोर बेटे के साथ शारजाह में रहते थे। परिवार के मुताबिक, प्रकाश दिसंबर 2024 में कुंदापुर से शारजाह लौटे थे। उनकी पत्नी टीना उडुपी के उद्यावर की रहने वाली हैं और स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि उनका बेटा 10वीं कक्षा में पढ़ता है।

    20 जुलाई के आस-पास परिवार ने किया था संपर्क

    प्रकाश के भाई अनिल प्रशांत कुंदर ने बताया कि उन्होंने 20 जुलाई के आस-पास उनसे संपर्क करने की कोशिश की। प्रकाश ने कॉल का जवाब नहीं दिया, लेकिन एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर कहा कि वह ठीक हैं।

    परिवार को यह बात अजीब लगी, क्योंकि प्रकाश आमतौर पर वॉयस मैसेज के ज़रिए बात करते थे। जब अनिल ने लगभग एक हफ्ते बाद दोबारा कॉल करने की कोशिश की, तब भी कोई जवाब नहीं मिला।

    अपने भाई को लेकर चिंतित अनिल ने शारजाह में प्रकाश के क्लासमेट मनोहर से संपर्क किया और उनसे प्रकाश का हाल-चाल लेने को कहा। खबरों के मुताबिक, मनोहर उस फ्लैट पर गए जो प्रकाश को उनकी कंपनी ने दिया था। वॉचमैन ने बताया कि प्रकाश भारत चले गए हैं। कंपनी के HR विभाग ने भी शुरू में परिवार को यही बताया कि वह भारत गए हैं।

    हालांकि, अनिल ने कंपनी को बताया कि प्रकाश भारत नहीं लौटे हैं और उनसे उनके ठिकाने का पता लगाने को कहा। बाद में पासपोर्ट की जांच से पता चला कि प्रकाश अभी भी शारजाह में ही थे। इसके बाद गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

    नौ टुकड़ों में मिला शव, दो बैग में भरा था

    खोजबीन के दौरान, प्रकाश का शव ओमान जाने वाले रास्ते पर खड़ी एक कार के अंदर मिला। उनके भाई के अनुसार, शव को 9 टुकड़ों में काटकर दो बैग में भरा गया था। बाद में शव की पहचान प्रकाश के तौर पर की गई।

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हत्या के कारणों की जांच चल रही है। शारजाह के अधिकारियों ने अभी तक संदिग्धों की पहचान या हत्या के मकसद के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।

    पत्नी और नाबालिग बेटे का भी पता नहीं

    इस मामले में एक बड़ा रहस्य प्रकाश की पत्नी टीना और उनके नाबालिग बेटे का पता न चलना है। खबरों के मुताबिक, प्रकाश की मौत के बाद से वे दोनों लापता हैं। ऐसी खबरें हैं कि वे शायद शारजाह छोड़कर भारत चले गए हों, लेकिन अभी यह पक्का नहीं हो पाया है कि वे कहां हैं और क्या हत्या से उनका कोई संबंध है। कुछ खबरों में पत्नी के शामिल होने का शक जताया गया है, लेकिन यह आरोप अभी साबित नहीं हुआ है और हत्या में उसकी भूमिका के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं है।

    परिवार का कहना है कि उन्हें प्रकाश और उनकी पत्नी के बीच किसी झगड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं है। प्रकाश के भाई अनिल ने उडुपी के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और मामले में मदद के लिए एक आवेदन सौंपा। परिवार अब UAE में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा है, ताकि शव को भारत लाया जा सके।

    परिवार ने शारजाह के अधिकारियों से हत्या, जिन हालात में प्रकाश का शव मिला और उनकी पत्नी व बेटे के ठिकाने के बारे में और जानकारी भी मांगी है। खबरों के मुताबिक, उडुपी पुलिस शारजाह के अधिकारियों से आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रही है, और उम्मीद है कि जांच से हत्या के हालात और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता चल जाएगा।

  • ‘तमिलनाडु का एपस्टीन:​​​​​​​ नाबालिग लड़कियों को बनाता था शिकार, वीरमणि के वीडियो क्लिप्स मिले

    ‘तमिलनाडु का एपस्टीन:​​​​​​​ नाबालिग लड़कियों को बनाता था शिकार, वीरमणि के वीडियो क्लिप्स मिले

    ‘तमिलनाडु का एपस्टीन:​​​​​​​ नाबालिग लड़कियों को बनाता था शिकार, वीरमणि के वीडियो क्लिप्स मिले

    चेन्नई पुलिस ने अपनी जांच को और तेज करते हुए नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार ग्रेनाइट व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से मामले से संबंधित वीडियो क्लिप्स मिले हैं।

    चेन्नई: नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार ग्रेनाइट व्यवसायी और जेम ग्रेनाइट्स के प्रमुख वीरमणि के मामले में चेन्नई पुलिस ने अपनी जांच को और तेज करते हुए उनके लंबे समय से सहयोगी रहे गणेशन को नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण से जुड़े POCSO मामले में गिरफ़्तार किया है। गणेशन इस मामले में गिरफ्तार होने वाले चौथे आरोपी हैं। पुलिस ने बताया कि उन्होंने वीरमणि की जेम ग्रेनाइट्स के साथ 23 साल तक काम किया था और अभी वे बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज में काम कर रहे हैं।

    गणेशन के मोबाइल में मिले वीडियो क्लिप्स

    मामले की जांच कर रही सेंट्रल क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, गणेशन के मोबाइल फ़ोन में कुछ वीडियो क्लिप्स थीं, जिनमें कथित तौर पर वीरमणि को एक नाबालिग लड़की के साथ अश्लील हरकत करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने बताया कि उसने इन वीडियो के बारे में अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी थी। CCB अब इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन् के पास ये क्लिप्स कैसे आए और उसने पुलिस को बताए बिना इन्हें अपने पास क्यों रखा। जांच करने वाले उसके मोबाइल फ़ोन की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई डेटा डिलीट किया गया था।

    नाबालिग लड़की के साथ मिले वीडियो नाबालिग लड़कियों के कथित रेप के मामले में एंटी-वाइस स्क्वाड (AVS) द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद, 29 अगस्त को वीरमणि और उसके दो कथित साथियों को गिरफ़्तार किया गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों को पुझल सेंट्रल जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक USB ड्राइव मिली, जिसमें एक वीडियो क्लिप थी। इस क्लिप में वीरमणी कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करते हुए दिख रहा था। जांचकर्ताओं ने पीड़िता की पहचान की और यह पुष्टि की कि 2019 में जब यह कथित अपराध हुआ था, तब वह नाबालिग थी।