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  • पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

    Kishanganj Murder Case: बिहार के किशनगंज जिले में एक हत्या के मामले का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. जिस पत्नी ने पहले खुद को बेबस दिखाते हुए दावा किया था कि रात में चोर घर में घुस आए और उसके पति की हत्या कर दी, वही इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड निकली. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला 4 जुलाई 2026 का है. 

    बिशनपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले 42 वर्षीय रिजवान आलम अपने घर में मृत मिले थे. उनके पिता नजीर आलम को सुबह सूचना मिली कि बेटे की किसी ने हत्या कर दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि रिजवान का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि उनकी पत्नी डेजी परवीन और छोटी बच्ची उसी कमरे में मौजूद थीं.

    पुलिस को हुआ शक

    शुरुआत में डेजी ने पुलिस को बताया कि रात में चोर घर में घुस आए थे. उन्होंने चोरी की और इसी दौरान उसके पति की हत्या कर दी लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी बातों पर शक होने लगा. उसने जिन जेवरों के चोरी होने की बात कही थी, वे घर की अलमारी में ही सुरक्षित मिले. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि डेजी लगातार एक युवक अनवर हुसैन के संपर्क में थी. जब पुलिस ने अनवर से पूछताछ की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

    नौ साल पहले मुलाकात

    अनवर ने बताया कि करीब नौ साल पहले, जब वह पढ़ाई के लिए बिशनपुर आया था, तभी उसकी डेजी से पहचान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. उस समय रिजवान विदेश के कुवैत में नौकरी करते थे और दो-दो साल बाद कुछ दिनों के लिए ही घर आते थे इसलिए दोनों का मिलना-जुलना आसानी से चलता रहा लेकिन इस बार रिजवान को पत्नी और अनवर के रिश्ते की भनक लग गई थी. उन्होंने विदेश वापस न जाने और यहीं रहकर काम करने का फैसला किया. इससे दोनों को डर था कि उनका रिश्ता सबके सामने आ जाएगा.

    डेजी ने फोन पर दी थी सूचना

    पुलिस के अनुसार, डेजी ने अनवर पर रिजवान को रास्ते से हटाने का दबाव बनाया. दोनों ने मिलकर हत्या की प्लानिंग की. अनवर ने डेजी को एक अलग मोबाइल फोन भी दिया था, जिससे दोनों गुप्त रूप से बात करते थे. घटना वाली रात करीब 12 बजे डेजी ने अनवर को फोन कर बताया कि उसका पति गहरी नींद में सो चुका है. इसके बाद अनवर लोहे की रॉड लेकर घर पहुंचा. वह दीवार फांदकर दूसरी मंजिल तक गया और डेजी के कमरे से बाहर आने का इंतजार करता रहा.

    लोहे की रॉड से मारकर की हत्या

    कुछ देर बाद डेजी बाहर आई और इशारा किया कि रिजवान सो रहे हैं. इसके बाद अनवर कमरे में गया और सो रहे रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से दो जोरदार वार कर दिए. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों ने इसे चोरी की वारदात दिखाने की कोशिश की. डेजी ने अपना और पति का मोबाइल अनवर को दे दिया ताकि वह उन्हें ठिकाने लगा दे और पुलिस को लगे कि चोर मोबाइल भी ले गए. अनवर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड नदी में फेंक आया और मोबाइल फोन गांव की बांसवाड़ी में जमीन के अंदर गाड़ दिए.

    फोन कॉल ने खोली पोल

    हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के सामने दोनों ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए. अनवर के एक फोन कॉल ने पूरी कहानी खोल दी. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नदी से हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और जमीन में दबाए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए. किशनगंज पुलिस ने पत्नी डेजी परवीन और उसके प्रेमी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है

  • कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    कौशांबी में मातम: मां ने 3 साल के मासूम बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, दोनों की मौत; पूरा मामला जानकर रह जाएंगे हैरान..

    त्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को 34 वर्षीय महिला और उसके तीन वर्षीय बेटे की कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र की है …

    कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में रविवार को 34 वर्षीय महिला और उसके तीन वर्षीय बेटे की कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र की है। मृतकों की पहचान सुमरी (34) और उसके तीन वर्षीय बेटे युवराज के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि सुमरी का विवाह पांच वर्ष पहले गुजरात में काम करने वाले धनराज से हुआ था। 

    दंपति के दो बच्चे थे-तीन वर्षीय बेटा युवराज और दो माह की बेटी गुड़िया। सुमरी के पिता जगलाल ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं था और उनका वैवाहिक जीवन सामान्य था। उन्होंने बताया कि सुमरी करीब एक माह पहले अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने के लिए बच्चों के साथ मायके आई थी और विवाह के बाद भी वहीं रह रही थी। पुलिस के अनुसार, रविवार को सुमरी ने अपने पति से फोन पर बात की। 

    इसके बाद, जब घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था, तब उसने अपने बेटे युवराज के साथ कीटनाशक का कथित रूप से सेवन कर लिया। जगलाल जब घर लौटे तो उन्होंने सुमरी और युवराज को फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब छह बजे उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 

  • सौंफ का पानी पीने से पहले जान लें एक्सपर्ट की सलाह, फायदे के साथ ये सावधानियां भी हैं जरूरी..

    सौंफ का पानी पीने से पहले जान लें एक्सपर्ट की सलाह, फायदे के साथ ये सावधानियां भी हैं जरूरी..

    सौंफ का पानी पीने से पहले जान लें एक्सपर्ट की सलाह, फायदे के साथ ये सावधानियां भी हैं जरूरी..

    भारतीय घरों में खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल होने वाली सौंफ सिर्फ मुंह की दुर्गंध ही दूर नहीं करती, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस तक में सौंफ को सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना गया है। खासकर सुबह खाली पेट ‘सौंफ का पानी’ पीना आज के समय में एक लोकप्रिय हेल्थ ट्रेंड बन चुका है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि यह न केवल आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, बल्कि खून को साफ करके स्किन में भी नेचुरल निखार लाता है।

    डॉक्टर के मुताबिक सौंफ के पानी का सेवन करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। ये पानी गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग, पेट में भारीपन और कब्ज जैसी समस्याओं का इलाज करने में काफी असरदार साबित होता है। सौंफ में मौजूद प्राकृतिक तत्व एनेथॉल (Anethole), फैंचोन (Fenchone) और एस्ट्रा गोल (Estragole) आंतों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। इससे पेट की ऐंठन कम होती है और भोजन आसानी से आगे बढ़ता है।

    एक्सपर्ट के मुताबिक सौंफ पाचन एंजाइमों के स्राव को भी बढ़ावा देती है, जिससे भोजन अच्छी तरह पचता है, पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सौंफ के पानी का सेवन करने से सेहत को कौन कौन सा फायदा होता है।

    बॉडी रहती है एनर्जेटिक

    एक्सपर्ट ने बताया जब पाचन सही रहता है तो शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषण मिलता है। इससे ऊर्जा का स्तर बेहतर रहता है और व्यक्ति अधिक सक्रिय महसूस करता है। सौंफ के पानी का सेवन आप रोज सुबह खाली पेट करें आपको फायदा होगा।

    स्किन की रंगत में होता है सुधार

    हंसा जी योगेंद्र के अनुसार स्किन की अधिकांश समस्याओं की शुरुआत शरीर के अंदर से होती है। अगर पाचन सही नहीं रहता तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, जिसका असर चेहरे पर भी दिखाई देता है। इन टॉक्सिन के जमा होने से चेहरे पर मुंहासे, स्किन की चमक कम होना, चेहरे पर सूजन होना, थकी हुई स्किन और समय से पहले झुर्रियां आने लगती हैं। सौंफ में विटामिन E और क्वेरसेटिन (Quercetin) जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे स्किन की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।

    बॉडी को ठंडा रखता है सौंफ का पानी

    हंसा जी योगेंद्र का कहना है कि सौंफ का पानी शरीर की अतिरिक्त गर्मी यानी पित्त को शांत करने में मदद करता है। उनके अनुसार इससे शरीर अंदर से संतुलित रहता है। सौंफ का पानी लीवर को हेल्दी रखने और खून को साफ रखने में मदद करता है। उनका कहना है कि जब शरीर अंदर से साफ रहता है तो इसका असर स्किन पर भी दिखाई देता है।

    सौंफ का पानी बनाने का पहला तरीका

    हंसा जी योगेंद्र के अनुसार सौंफ का पानी बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ लें और उसे हल्का-सा कूट लें। एक गिलास पानी में रातभर भिगो दें और सुबह पानी छानकर खाली पेट पी लें। गर्मी में इस पानी का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाएगा। एसिडिटी की समस्या में राहत देगा।

    सौंफ के पानी के नुकसान और सावधानियां (Side Effects & Precautions)

    1. यूं तो सौंफ का पानी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है लेकिन कुछ हेल्थ कंडीशन में सौंफ के पानी का अत्याधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है जैसे गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका ज्यादा सेवन करने से बचें। सौंफ में एनेथॉल होता है जो एस्ट्रोजन हार्मोन की तरह काम कर सकता हैं, इसलिए प्रेग्नेंसी में और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं इसका सेवन करने से परहेज करें।
    2. जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है वो सौंफ का सेवन करने से परहेज करें। इससे स्किन पर रैशेज, खुजली या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
    3. लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) के मरीजों को सौंफ का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। सौंफ का पानी ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे में जो लोग पहले से ही डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं वो डॉक्टर की सलाह से सौंफ के पानी का सेवन करें।
    4. सौंफ पाचन को दुरुस्त करती है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन पेट में मरोड़ या Loose motions का कारण भी बन सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख हंसा जी योगेंद्र द्वारा साझा की गई जानकारी और उपलब्ध सामान्य स्वास्थ्य तथ्यों पर आधारित है। सौंफ का पानी एक प्राकृतिक घरेलू उपाय है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प नहीं है। यदि आपको लगातार गैस, एसिडिटी, पाचन संबंधी समस्या हैं, तो सौंफ का पानी नियमित रूप से पीने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा या उपचार में बदलाव न करें।

  • मंदिर से चोरी हुईं 500 साल पुरानी मूर्तियां मिलीं, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के दो आरोपी दबोचे गए

    मंदिर से चोरी हुईं 500 साल पुरानी मूर्तियां मिलीं, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के दो आरोपी दबोचे गए

    मंदिर से चोरी हुईं 500 साल पुरानी मूर्तियां मिलीं, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के दो आरोपी दबोचे गए

    मयिलाडुथुरै/कराईकल : तमिलनाडु के मयिलाडुथुरै जिले के एक प्राचीन शिव मंदिर से चोरी की गई करीब 500 वर्ष पुरानी पंचधातु और कांस्य की बहुमूल्य मूर्तियों को श्रीलंका तस्करी किए जाने से पहले पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस मामले में कराईकल पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में श्रीलंका स्थित तस्करों से इनके संपर्क तथा करोड़ों रुपये मूल्य की प्राचीन मूर्तियों और आभूषणों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।

    पुलिस के अनुसार, मयिलाडुथुरै जिले के मनलमेडु के निकट तिरुवाडैयूर गांव स्थित धर्मपुरम अधीनम के अधीन आने वाले प्राचीन श्री नीलकंठेश्वरर शिव मंदिर में 21 जून की आधी रात अज्ञात चोर ताला तोड़कर घुस गए थे। उन्होंने मंदिर के सुरक्षा कक्ष में रखी लगभग 500 वर्ष पुरानी पांच दुर्लभ प्रतिमाएं चुरा लीं। इनमें पंचधातु से निर्मित अमृतकरवल्ली, चंडिकेश्वरर, अप्पर और मंगालनायकी की प्रतिमाएं तथा कांस्य से निर्मित एक पावै दीप (दीप धारण करने वाली प्रतिमा) शामिल है।

    अगली सुबह मंदिर का ताला टूटा मिलने पर मंदिर प्रशासन ने मनलमेडु पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष जांच दल गठित किए और मूर्तियों की तलाश शुरू कर दी।

    जांच के दौरान तमिलनाडु के खुफिया विभाग से केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के कराईकल पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की गई प्राचीन मूर्तियों को कराईकल समुद्र तट के रास्ते मोटरबोट से श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही कराईकल के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस और विशेष टीमों ने समुद्री तट तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी।

    इसी बीच मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने कराईकल के धर्मपुरम इलाके में स्थित एक मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान वहां से चोरी की गई चार पंचधातु की प्राचीन मूर्तियां और एक कांस्य पावै दीप सहित सभी पांचों प्रतिमाएं सुरक्षित बरामद कर ली गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत कई करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

    पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान मकान के मालिक धर्मपुरम निवासी अभिरामसुंदरम को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि इस तस्करी की साजिश का मुख्य सूत्रधार नागपट्टिनम जिले के कीलवेलूर क्षेत्र का निवासी शाहजहान है। इसके बाद विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाहजहान को भी गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस को गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य की प्राचीन मूर्तियों और सोने के आभूषणों की तस्वीरें साझा किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं। इसके अलावा श्रीलंका में मौजूद कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी एजेंटों के साथ व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। इनसे संकेत मिला है कि यह गिरोह लंबे समय से प्राचीन मंदिर प्रतिमाओं की तस्करी के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद सभी प्रतिमाओं की पहचान तिरुवाडैयूर स्थित श्री नीलकंठेश्वरर मंदिर से चोरी हुई मूर्तियों के रूप में हो चुकी है। अब जांच इस पहलू पर भी केंद्रित है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी तमिलनाडु के अन्य मंदिरों से प्राचीन प्रतिमाएं चुराकर उन्हें श्रीलंका के रास्ते यूरोपीय देशों तक पहुंचाया है। साथ ही चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले स्थानीय अपराधियों की तलाश भी जारी है।

    पुलिस ने दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद प्रतिमाओं को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग को सौंपा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से देश की बहुमूल्य सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को विदेश तस्करी से बचा लिया गया। इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी सराहना की है।

  • सृष्टि की उत्पत्ति – ब्रह्मांड की रचना का दिव्य रहस्य..

    सृष्टि की उत्पत्ति – ब्रह्मांड की रचना का दिव्य रहस्य..

    सृष्टि की उत्पत्ति – ब्रह्मांड की रचना का दिव्य रहस्य..

    गरुड़ पुराण – भाग 1

    गरुड़ पुराण के पूर्व खंड में भगवान श्रीहरि विष्णु स्वयं गरुड़ जी को सृष्टि की उत्पत्ति का रहस्य बताते हैं। यह वर्णन केवल संसार की रचना का इतिहास नहीं है, बल्कि यह भी समझाता है कि हम कौन हैं, कहाँ से आए हैं और इस जीवन का उद्देश्य क्या है।

    1. सृष्टि से पहले क्या था?

    भगवान विष्णु कहते हैं कि एक समय ऐसा था जब न पृथ्वी थी, न आकाश, न सूर्य, न चंद्रमा, न दिन था और न रात। न देवता थे, न मनुष्य, न पर्वत, न समुद्र। चारों ओर केवल अनंत जल और परमब्रह्म भगवान नारायण का अस्तित्व था।

    उन्हीं की इच्छा से सृष्टि की रचना का संकल्प हुआ। भगवान की योगमाया सक्रिय हुई और सृष्टि का आरंभ प्रारंभ हुआ।

    शास्त्रीय प्रमाण

    “नारायणः परोऽव्यक्तादण्डमव्यक्तसम्भवम्।
    अण्डस्यान्तस्त्विमे लोकाः सप्तद्वीपा च मेदिनी॥”

    भावार्थ: भगवान नारायण अव्यक्त प्रकृति से भी परे हैं। उन्हीं से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई और उसी ब्रह्मांड में सभी लोक तथा पृथ्वी की रचना हुई।


    2. ब्रह्मांड की रचना कैसे हुई?

    भगवान विष्णु की नाभि से एक दिव्य कमल प्रकट हुआ। उस कमल पर चतुर्मुख ब्रह्माजी का जन्म हुआ। प्रारंभ में ब्रह्माजी अपने जन्म का कारण नहीं समझ सके। उन्होंने कमल की डंडी के मूल तक पहुँचने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

    तब उन्होंने दीर्घकाल तक तपस्या की। भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन देकर सृष्टि की रचना का ज्ञान प्रदान किया। उनके आदेश से ब्रह्माजी ने चौदह लोकों, देवताओं, ऋषियों, मनुष्यों, पशु-पक्षियों, वनस्पतियों और समस्त चराचर जगत की रचना की।


    3. पंचमहाभूतों की उत्पत्ति

    गरुड़ पुराण के अनुसार सम्पूर्ण सृष्टि पाँच मूल तत्वों से बनी है, जिन्हें पंचमहाभूत कहा जाता है।

    आकाश – सबसे पहले आकाश की उत्पत्ति हुई, जिससे ध्वनि प्रकट हुई।

    वायु – आकाश से वायु उत्पन्न हुई, जिससे स्पर्श का अनुभव संभव हुआ।

    अग्नि – वायु से अग्नि प्रकट हुई, जिससे प्रकाश और रूप की उत्पत्ति हुई।

    जल – अग्नि से जल उत्पन्न हुआ, जिससे रस और जीवन का आधार बना।

    पृथ्वी – जल से पृथ्वी प्रकट हुई, जिसमें गंध का गुण समाहित हुआ और समस्त जीवों के रहने योग्य संसार बना।

    हमारा शरीर भी इन्हीं पाँच तत्वों से निर्मित है। मृत्यु के बाद यही शरीर पुनः इन्हीं तत्वों में विलीन हो जाता है। इसलिए शास्त्र कहते हैं कि शरीर नश्वर है, जबकि आत्मा सनातन है।


    4. भगवान विष्णु, ब्रह्मा और शिव की भूमिका

    गरुड़ पुराण में त्रिदेवों की भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से बताई गई हैं।

    भगवान विष्णु – सृष्टि के मूल कारण, पालनकर्ता और समस्त ब्रह्मांड के आधार हैं। उनकी इच्छा से ही सृष्टि का आरंभ होता है।

    ब्रह्माजी – भगवान विष्णु की आज्ञा से सृष्टि की रचना करते हैं। वे सृष्टिकर्ता हैं, लेकिन सर्वोच्च परमात्मा नहीं।

    भगवान शिव – जब सृष्टि का एक चक्र पूर्ण हो जाता है, तब भगवान शिव संहार की लीला करते हैं, जिससे नई सृष्टि के लिए मार्ग प्रशस्त होता है। उनका संहार विनाश नहीं, बल्कि पुनः सृजन की तैयारी है।

    इस प्रकार सृष्टि का निर्माण, पालन और संहार तीनों कार्य ईश्वर की दिव्य व्यवस्था के अंतर्गत चलते हैं।


    5. समय चक्र और कल्पों का वर्णन

    गरुड़ पुराण बताता है कि समय कभी रुकता नहीं। ब्रह्मांड एक निश्चित चक्र में चलता है।

    चार युग होते हैं—

    • सतयुग
    • त्रेतायुग
    • द्वापरयुग
    • कलियुग

    इन चारों युगों का एक चक्र महायुग कहलाता है। ऐसे एक हजार महायुग मिलकर ब्रह्माजी का एक दिन अर्थात एक कल्प बनाते हैं। जब ब्रह्माजी का दिन समाप्त होता है, तब आंशिक प्रलय होती है। पुनः उनके दिन के आरंभ में नई सृष्टि का विस्तार होता है।

    ब्रह्माजी के सौ वर्ष पूर्ण होने पर महाप्रलय होती है और सम्पूर्ण ब्रह्मांड भगवान में लीन हो जाता है। समय के इस अनंत चक्र में सृष्टि बार-बार उत्पन्न होती है और पुनः विलीन हो जाती है।


    इस प्रसंग से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

    • भगवान ही सम्पूर्ण सृष्टि के आदि और अंतिम कारण हैं।
    • हमारा शरीर पंचमहाभूतों से बना है और एक दिन इन्हीं में मिल जाएगा।
    • केवल आत्मा ही शाश्वत है, इसलिए शरीर के बजाय आत्मा के कल्याण पर ध्यान देना चाहिए।
    • धन, पद और अहंकार सब यहीं रह जाते हैं; केवल कर्म ही आत्मा के साथ जाते हैं।
    • इसलिए मनुष्य को धर्म, सत्य, सेवा और भगवान के नाम-स्मरण में जीवन बिताना चाहिए।

    अगले भाग में:
    भगवान विष्णु की महिमा – क्यों उन्हें जगत का पालनकर्ता और परम पुरुष कहा गया है?

    हरे कृष्ण हरे कृष्ण
    कृष्ण कृष्ण हरे हरे
    हरे राम हरे राम
    राम राम हरे हरे

  • चेहरे का खोया निखार लौटाएगा मलाई का ये आसान उपाय, हफ्ते में 2 बार करें इस्तेमाल

    चेहरे का खोया निखार लौटाएगा मलाई का ये आसान उपाय, हफ्ते में 2 बार करें इस्तेमाल

    चेहरे का खोया निखार लौटाएगा मलाई का ये आसान उपाय, हफ्ते में 2 बार करें इस्तेमाल

    अगर आप बिना महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहते हैं, तो दूध की मलाई और आलू के रस से बना ये होममेड फेस पैक आपके काम आ सकता है. आज हम आपको दादी-नानी के इस नुस्खों को बनाने का सही तरीका, फायदे, इस्तेमाल का तरीका बताने वाले हैं.

    Glowing Skin Home Remedy: शायद ही कोई हो जो अपनी स्किन को साफ, मुलायम और ग्लोइंग ना रखना चाहता हो. सभी सुंदर दिखने के साथ ही चाहते हैं कि उनका चेहरा साफ, मुलायम और चमकदार दिखे. इसके लिए लोग खूब महंगी-महंगी फेस क्रीम से लेकर सीरम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स खरीदते हैं. ये सब खरीदने के लिए पैसे खर्च करने में भी कतराते नहीं हैं. लेकिन लोग ये नहीं जानते हैं कि कई बार जिस चीज की तलाश वो बाजार में करते हैं, वो घर की रसोई में ही मौजूद होती है.

    दादी-नानी के बताए कुछ घरेलू नुस्खे आज भी काफी मशहूर हैं, जिनकी मदद से स्किन को साफ-सुथरा रखने के साथ ही ग्लोइंग बनाने में भी मदद मिलती है. ऐसा ही एक आसान उपाय है ताजे दूध की मलाई में एक खास चीज मिलाकर चेहरे पर लगाना. अगर ये आपकी स्किन को सूट करे, तो इससे स्किन को नेचुरल ग्लो और नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है. चलिए जानते हैं स्किन को ग्लोइंग बनाने का ये देसी और सस्ता तरीका क्या है.

    स्किन के लिए क्यों फायदेमंद है मलाई?
    पिछले कई दशकों से दूध की ताजी मलाई को लंबे समय से स्किन केयर में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें लैक्टिक एसिड होता है, जो स्किन की ऊपरी लेयर पर जमा डेड स्किन सेल्स को धीरे-धीरे हटाने में मदद करता है. इसके साथ ही मलाई में मौजूद नेचुरल फैट स्किन को अच्छी तरह मॉइश्चराइज करता है, जिससे चेहरा मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस होता है.

    मलाई में मिलाएं आलू का रस
    अगर आप मलाई के साथ आलू का रस मिलाते हैं, तो ये एक होममेड फेस पैक बन जाता है. इसके लिए 1-2 चम्मच ताजी मलाई में थोड़ा सा ताजा आलू का रस मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें. अगर आपकी स्किन पर आलू का रस सूट नहीं करता, तो उसकी जगह चावल का पानी भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

    आलू का रस क्यों माना जाता है असरदार?
    स्किन पर मलाई के साथ आलू का रस मिलाकर लगाना बहुत फायदेमंद माना जाता है. आलू के रस में विटामिन सी और कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो स्किन को फ्रेश दिखाने में मदद कर सकते हैं. इसे अक्सर दाग-धब्बों, हल्की टैनिंग और पिगमेंटेशन हटाने के लिए घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, ये किस व्यक्ति की स्किन पर कैसा और कितना असर करती है वो अलग-अलग हो सकता है. 

    फेस पैक लगाने का सही तरीका
    इस फेस पैक को हफ्ते में 2 से 3 बार लगाया जा सकता है.

  • दुनिया की मशहूर इमारत की चोटी पर प्रपोज, रूसी कपल का जोखिम भरा स्टंट बना चर्चा का विष

    दुनिया की मशहूर इमारत की चोटी पर प्रपोज, रूसी कपल का जोखिम भरा स्टंट बना चर्चा का विष

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    प्यार का इजहार करने के लिए लोग अक्सर अनोखे तरीके अपनाते हैं, लेकिन एक रूसी कपल ने ऐसा जोखिम उठाया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। न्यूयॉर्क की प्रतिष्ठित एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की ऊंचाई पर पहुंचकर सगाई करने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, इस खतरनाक स्टंट की कीमत उन्हें पुलिस हिरासत के रूप में चुकानी पड़ी।

    कौन हैं यह कपल ?

    इस साहसिक कारनामे को अंजाम देने वाला कपल रूस के प्रसिद्ध रूफटॉप एक्सप्लोरर्स एंजेला निकोलाउ और इवान बीरकुस हैं। दोनों लंबे समय से दुनिया की ऊंची इमारतों, क्रेनों और टावरों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ने के लिए जाने जाते हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने कई देशों की गगनचुंबी इमारतों पर चढ़ाई कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी अनोखी प्रेम कहानी पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई जा चुकी है।

    कैसे पहुंचे इमारत की सबसे ऊंची जगह तक ?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों रात के समय एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के अंदर ही छिप गए और सुबह होने का इंतजार किया। सही मौका मिलने पर वे बिना अनुमति इमारत के सबसे ऊपरी हिस्से, यानी स्पायर (एंटीना) तक पहुंच गए। करीब 1,454 फीट (443 मीटर) की ऊंचाई पर पहुंचकर उन्होंने एक बैनर खोला, जिस पर लिखा था, “जब प्यार की ताकत, ताकत के प्यार पर भारी पड़ती है, तब दुनिया में शांति आती है।” इसी दौरान इवान ने एंजेला को प्रपोज किया और दोनों ने सगाई कर ली।

    स्टंट के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में

    खतरनाक ऊंचाई पर बिना अनुमति पहुंचने और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के कारण नीचे उतरते ही पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, उनका यह साहसिक और जोखिम भरा स्टंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे रोमांचक बताया, जबकि अन्य ने इसे बेहद लापरवाही भरा कदम माना।

    विशेषज्ञों ने कही ये बात

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाने और यादगार पल बनाने की चाह में कुछ लोग अपनी जान तक जोखिम में डालने से पीछे नहीं हटते। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्टंट न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।

  • दीवार में छेद कर बकरियों पर किया हाथ साफ, 30 मवेशी चोरी से सनसनी..

    दीवार में छेद कर बकरियों पर किया हाथ साफ, 30 मवेशी चोरी से सनसनी..

    दीवार में छेद कर बकरियों पर किया हाथ साफ, 30 मवेशी चोरी से सनसनी..

    अब तक मकानों से रुपए-पैसे और जेवरात की चोरी की खबर आपने सुनी होगी, लेकिन कोरबा जिले के कटघोरा में दुस्साहसी चोरों ने मकान की दीवार को भेदकर अंदर रखी बकरियां पार कर दी, वह एक-दो नहीं, बल्कि 25-30 बकरियां. बकरियों के मालिक की रिपोर्ट पर अब कटघोरा पुलिस जांच में जुटी है.

    घटना कटघोरा ब्लॉक के ग्राम सिंधिया की है, जहां चोरों ने रामायण यादव के घर को निशाना बनाया. ​रात को जब परिवार गहरी नींद में सो रहा था, तब चोरों ने मकान के पीछे से सेंध मारकर वारदात को अंजाम दिया. एक-एक कर 25-30 बकरियां पार कर दी. चोरी की गई बकरियों की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है. घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में रोष देखने को मिल रहा है. बहरहाल, ​कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना करने के साथ चोरों की तलाश में जुट गई है.

  • ओडिशा से यूपी जा रही थी करोड़ों की गांजे की खेप, घेराबंदी कर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा..

    ओडिशा से यूपी जा रही थी करोड़ों की गांजे की खेप, घेराबंदी कर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा..

    ओडिशा से यूपी जा रही थी करोड़ों की गांजे की खेप, घेराबंदी कर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा..

    छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही भारी मात्रा में गांजे की खेप पकड़ी है। नगरनार थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में 214.300 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 7 लाख 15 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    पुलिस ने नाकाबंदी कर गांजे की बड़ी खेप पकड़ी

    जानकारी के अनुसार, नगरनार थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक वाहन उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने धनपुंजी फॉरेस्ट नाके पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में छिपाकर रखा गया 214.300 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

    एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

    पुलिस ने मौके से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी विजय पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसका एक साथी अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गांजा से भरी महिंद्रा बोलेरो पिकअप, एक मोबाइल फोन और नगदी भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं फरार आरोपी की तलाश जारी है। वहीं पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

  • 6 महीने पहले हुई थी शादी, अब पत्नी पर पति की हत्या का आरोप; सास बनी चश्मदीद..

    6 महीने पहले हुई थी शादी, अब पत्नी पर पति की हत्या का आरोप; सास बनी चश्मदीद..

    6 महीने पहले हुई थी शादी, अब पत्नी पर पति की हत्या का आरोप; सास बनी चश्मदीद..

    दिल्ली के जगतपुरी थाना क्षेत्र के राशिद मार्केट इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां 20 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने 19 वर्षीय पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार की है और शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चरित्र पर शक को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक की पहचान मुस्तकीम के रूप में हुई है, जो एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव था, जबकि उसकी पत्नी अलिशा गृहिणी है। दोनों की शादी करीब छह महीने पहले ही हुई थी।

    फोन चेक करने के बाद बढ़ा विवाद

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलिशा का आरोप है कि उसका पति अक्सर उसके चरित्र पर संदेह करता था। बताया जा रहा है कि घटना से एक रात पहले मुस्तकीम ने उसका मोबाइल फोन चेक किया था, जिसके बाद दोनों के बीच तीखा विवाद हुआ। गुरुवार को बहस फिर शुरू हुई और मामला हिंसक हो गया।

    दुपट्टे से गला घोंटकर की हत्या

    पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के दौरान अलिशा ने कथित तौर पर मुस्तकीम के सीने पर बैठकर अपने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। वारदात के समय मृतक की मां ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह अपने बेटे को बचा नहीं सकीं। गंभीर हालत में मुस्तकीम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    गुरुद्वारे से हुई गिरफ्तारी, हत्या में इस्तेमाल दुपट्टा बरामद

    घटना के बाद आरोपी महिला मौके से चली गई थी। पुलिस ने उसे पास के एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल किया गया दुपट्टा भी बरामद कर लिया गया है। जगतपुरी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    एक अन्य घटना: 150 रुपये के विवाद में युवक की हत्या

    उधर, पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में महज 150 रुपये के विवाद में 23 वर्षीय युवक पारस की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। घायल पारस को दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।