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  • बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    महाराष्ट्र के सांगली जिले में 19 वर्षीय युवक की कथित आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. इस घटना के बाद युवक की मां ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब तक उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस के अनुसार, मामले में एक आरोपी साहिल राजू बागवान को गिरफ्तार किया जा चुका है.

    वहीं, जांच के दौरान जिस लड़की के साथ युवक की चैटिंग सामने आई है, उसकी उम्र 15 वर्ष बताई जा रही है. चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.जांच एजेंसियां युवक के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.

    मृतक की मां की तहरीर पर शिकायत दर्ज

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के दबाव संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है. अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.पुलिस निरीक्षक अरुण सुगांवकर ने बताया कि दर्ज मामले में मृतक की मां भारती शेवाले की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है.

    आरोपियों ने धर्मांतरण का बनाया था दबाव

    यह केस दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है जिनमें से एक आरोपी का नाम साहिल बागवान है. मृतक के साथ आरोपी के चैट मिले है.  जिसमें उन्होंने मृतक को उनके धर्म में आने के लिए कहा, जांच जारी है. कुल दो आरोपी हैं, एक महिला है. दोनों आरोपियों पर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. दोनों के फोन की जांच की जा रही है. इस मामले में पुलिस सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    बेटे की मौत पर छलका मां का दर्द

    भारती शेवाले, मृतक की मां ने बताया कि मेरा बेटा मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़ गया. उसकी उम्र 19 साल थी. उस पर साहिल बागवान और लड़की ने धर्मांतरण करने का दबाव बनाया. मेरा बेटा 23 तारीख को पुणे से घर आया था. बाद में वह अपने बेडरूम में गया. किसी का फोन आया था उसे और फिर उसने आत्महत्या कर ली. मेरा यही कहना कि मेरे बेटे को न्याय मिले. मेरा एक ही बेटा था.

    नासिक का टीसीएस ऑफिस में धर्मांतरण केस

    वहीं अभी हाल में ही महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस (TCS) कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसकी जांच SIT द्वारा की जा रही है. जांच में आरोप लगाया गया है कि कुछ मुस्लिम कर्मचारियों और एचआर (HR) द्वारा हिंदू कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. इस मामले में महिला कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था, नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी जाती थी और बुर्का पहनने का दबाव बनाया जाता था. एसआईटी ने मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपी और एचआर मैनेजर निदा खान सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ नासिक कोर्ट में 1500 पन्नों की चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.

    शामली में आयुष मलिक का धर्मांतरण, फिर घर वापसी

    उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामला सामने आया था जहां आयुष ने एक मुस्लिम युवती से विवाह के लिए इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था और अपना नाम मोहम्मद अली नाम रख लिया था. कुछ ही दिनों के बाद आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म में वापसी की थी और उसके बाद वीडियो जारी करके इस बात का ऐलान भी किया था. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था.

  • इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    आगरा में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग के दौरान संपर्क में आया एक शेफ युवती पर दोस्ती का दबाव बना रहा था और लगातार उसे परेशान कर रहा था। इस मानसिक तनाव के चलते युवती अवसाद में चली गई थी। इलाज के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और मंगलवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    होटल ट्रेनिंग के दौरान हुई थी मुलाकात

    मामला एकता थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 24 वर्षीय युवती ने साल 2020 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा किया था। इसके बाद उसने ताजगंज क्षेत्र स्थित एक पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग की। इसी दौरान उसकी मुलाकात शेफ की ट्रेनिंग कर रहे एक युवक से हुई। युवती के भाई के अनुसार, बाद में बहन की नौकरी गुरुग्राम के एक होटल में लग गई, लेकिन आरोपी युवक ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उस पर दोस्ती के लिए दबाव बनाने लगा।

    मानसिक तनाव में नौकरी छोड़कर लौटी घर

    परिजनों का कहना है कि युवक की हरकतों से परेशान होकर युवती मानसिक तनाव में रहने लगी। उसकी तबीयत बिगड़ने पर इलाज शुरू कराया गया। तनाव बढ़ने के बाद युवती नौकरी छोड़कर आगरा अपने घर लौट आई थी, लेकिन आरोपी ने उसे मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए परेशान करना जारी रखा।

    दवाओं की अधिक मात्रा खाने से बिगड़ी हालत

    भाई के मुताबिक, करीब 12 दिन पहले युवती ने मानसिक तनाव में आकर अपनी दवाओं की अधिक मात्रा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से बाद में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।

    मोबाइल चैट और वीडियो के आधार पर जांच

    परिजनों ने युवती का मोबाइल देखने के बाद आरोप लगाया कि आरोपी शेफ ने इंस्टाग्राम और वाट्सएप पर खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े वीडियो भेजे थे, जिससे युवती और अधिक अवसाद में चली गई। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मोबाइल व चैट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp Username Feature: क्या आपकी प्राइवेसी पर मंडरा रहा है खतरा? समझिए पूरा मामला..

    WhatsApp की सर्विस एक बार फिर से विवादों में घिरती हुई नजर आ रही है.  वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर को भारत समेत दुनिया के कई देशों में जारी होने जा रहा है, उससे पहले ही भारत सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी किया और 3 दिनों के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

    भारत सरकार ने बुधवार को वॉट्सऐप के विवादित यूजरनेम फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है. साथ ही कंपनी को निर्देश दिए हैं कि जब तक इस मामले पर चर्चा और परामर्श की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तब तक मेटा को वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर रोलआउट किया था.

    भारत सरकार ने आशंका जताई है कि वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. सरकार ने इस फीचर से पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ने की आशंका जताई है. Meta को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को भारत में रोलआउट न किया जाए.

    केंद्र सरकार ने मेटा को बताया है कि वॉट्सऐप सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (SSMI) है और इसलिए उस पर आईटी एक्ट और आईटी नियमों के तहत निर्धारित सभी आवश्यक सावधानी लागू होती हैं.

    WhatsApp ने क्या कहा?

    WhatsApp के प्रवक्ता ने बताया है कि यूजरनेम फीचर अभी लाइव नहीं किया गया है. इस साल के अंत तक इसको जारी किया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, फर्जी पहचान रोकने के लिए सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सेलिब्रिटीज और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से रिजर्व रखे हैं. इनके जैसे दिखने वाले कई अन्य नाम भी रिजर्व किए गए हैं.

    भारत में वॉट्सऐप यूजरनेम के संभावित नुकसान क्या हैं?

    फर्जी पहचान का खतरा

    साइबर ठग वॉट्सऐप पर यूजरनेस का गलत इस्तेमाल करके किसी कंपनी, बैंक, सरकारी अधिकारी या किसी फेमस सेलिब्रिटी से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को धोखा दे सकते हैं. हालांकि कंपनी ने कहा है कि सेलिब्रिटी और जाने-माने नाम को रिजर्व रखा है.

    साइबर फ्रॉड में होगा इजाफा

    स्कैमर्स फोन नंबर छिपाकर लोगों से कॉन्टैक्ट करेंगे. इससे इनवेस्टमेंट स्कैम, फिशिंग, नौकरी स्कैम जैसे फ्रॉड में इजाफा होगा.

    असली का पता लगाना होगा मुश्किल

    वॉट्सऐप पर अभी मोबाइल नंबर दिखाई देता है, जिससे उसकी पहचान हो जाती है. अब यूजरनेम होने की वजह पहचानना मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में अनजान लोगों पर भरोसना करना और भी मुश्किल हो जाएगा.

    सरकारी जांच में चुनौती

    वॉट्सऐप की मदद से होने पर ठगी में पहले नंबर आ जाता था, जिसकी वजह मोबाइल नंबर से पहचान करना आसान हो जाता था. अब यूजरनेम आधारित बातचीच से जांच एजेंसियों के लिए ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

    ब्रांड और बिजनेस की नकल

    कस्टमर को बड़े ब्रांड के मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल करके ठगा जा सकता है. इसकी वजह न सिर्फ ब्रांड को बल्कि कस्टमर को भी भारी नुकसान हो सकता है.

  • जेल या लग्जरी लाइफ? यहां कैदियों को मिलती है शहर में घूमने तक की इजाजत..

    जेल या लग्जरी लाइफ? यहां कैदियों को मिलती है शहर में घूमने तक की इजाजत..

    भारत के जेलों की सिक्युरिटी बेहद टाइट होती है. कैदियों पर चौबीस घंटे नजर रखी जाती है. लेकिन फ़िनलैंड में एक ऐसी जेल है, जहां कैदी सजा काटते हैं या मजा लेते हैं, समझ नहीं आता. इस जेल में ना तो कोई गार्ड है और ना ही अपराधियों को जेल में बंद रखा जाता है.

    जेल या लग्जरी लाइफ? यहां कैदियों को मिलती है शहर में घूमने तक की इजाजत..

    दुनिया भर में जेलें सजा देने और अपराधियों को सुधारने का माध्यम मानी जाती हैं. लेकिन फिनलैंड ने जेल व्यवस्था को पूरी तरह नया रूप दे दिया है. यहां एक जेल ऐसी है जिसे देखकर लगता है कि कैदी सजा काटने नहीं बल्कि छुट्टियां मनाने आए हैं. फिनलैंड की कई जेलें ‘ओपन प्रिजन’ मॉडल पर चलती हैं. इन जेलों में ना तो ऊंची दीवारें हैं, ना बारबेड वायर और ना ही सख्त गार्ड. यहां कैदियों को हथकड़ियां नहीं पहनाई जातीं. उन्हें दिन के समय बाहर घूमने, काम करने और यहां तक कि कार चलाने की छूट होती है. सिर्फ रात में उन्हें जेल लौटना होता है.

    कई कैदी लोकल टाउन में नौकरी करते हैं, दुकानों पर काम करते हैं या पढ़ाई जारी रखते हैं. वे परिवार से मिल सकते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं. जेल प्रशासन कैदियों पर पूरा भरोसा करता है. अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे वापस क्लोज्ड जेल में भेज दिया जाता है.

    क्यों अपनाया यह मॉडल?
    फिनलैंड का मानना है कि कैदियों को समाज से अलग करने की बजाय उन्हें समाज में वापस लाना चाहिए. सख्त जेलें अपराधी को और ज्यादा क्रूर बना सकती हैं. इसलिए यहां पुनर्वास (rehabilitation) पर जोर दिया जाता है. इस सिस्टम का नतीजा भी शानदार है. फिनलैंड में जेल से रिहा होने के बाद दोबारा अपराध करने की दर दुनिया में सबसे कम है– महज 20-30% जबकि कई देशों में यह 50-70% तक पहुंच जाती है.

    एक दिन कैदी का
    सुबह कैदी उठते हैं, नाश्ता करते हैं और फिर काम पर निकल जाते हैं. कुछ फैक्ट्री में काम करते हैं, कुछ ऑफिस में. शाम को शॉपिंग, जिम या परिवार के साथ समय बिताने के बाद रात को जेल लौट आते हैं. कुछ कैदियों को सप्ताहांत पर घर जाने की भी अनुमति मिलती है. भारत में जेलें भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा वाली होती हैं. कैदियों को 24 घंटे नजर में रखा जाता है. ओपन जेल भारत में भी हैं लेकिन फिनलैंड जितनी आजादी नहीं मिलती. फिनलैंड का मॉडल दिखाता है कि विश्वास और सुधार से अपराध कम किया जा सकता है.

  • वैभव सूर्यवंशी की तरह इस खिलाड़ी को भी अपनी बारी के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार, जानिए पूरा सफर..

    वैभव सूर्यवंशी की तरह इस खिलाड़ी को भी अपनी बारी के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार, जानिए पूरा सफर..

    वैभव सूर्यवंशी की तरह इस खिलाड़ी को भी अपनी बारी के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार, जानिए पूरा सफर..

    क्रिकेट फैंस 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पहले आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया, लेकिन दोनों टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इसके बाद 1 जुलाई को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भी फैंस को उम्मीद थी कि वैभव को डेब्यू का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लगातार तीन मैच बीत चुके हैं और वैभव अब भी बेंच पर बैठे हैं। इसे लेकर क्रिकेट जगत में कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी अपने करियर की शुरुआत में ऐसे ही लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा था। आइए जानते हैं 1987-88 की वह दिलचस्प कहानी।

    एक साल तक टीम के साथ रहे, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला

    साल 1987-88 में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद सचिन तेंदुलकर को महज 14 साल की उम्र में मुंबई की रणजी टीम में शामिल कर लिया गया था। लेकिन उस समय मुंबई की टीम में कई अनुभवी और बड़े खिलाड़ी मौजूद थे। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं था। टीम में सिलेक्ट होने के बावजूद सचिन को पूरे एक साल तक मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इस दौरान वह टीम के साथ ट्रैवल करते रहे, खिलाड़ियों की मदद करते रहे और मैदान पर अपने अवसर का इंतजार करते रहे। कई बार उन्हें सिर्फ टीम के साथ बैठकर मैच देखना पड़ता था।

    15 साल 232 दिन की उम्र में किया यादगार डेब्यू

    करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सचिन तेंदुलकर को 15 साल और 232 दिन की उम्र में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने का मौका मिला। उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया और अपने पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में नाबाद 100 रन बनाकर इतिहास रच दिया। सचिन ने 129 गेंदों में 14 चौकों की मदद से यह शानदार शतकीय पारी खेली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे चलकर क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

    अब वैभव सूर्यवंशी से भी हैं बड़ी उम्मीदें

    सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 100 शतक लगाए, 34,000 से ज्यादा रन बनाए और क्रिकेट के ‘भगवान’ कहलाए। आज वैसी ही उम्मीदें वैभव सूर्यवंशी से भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, टीम में सिलेक्ट होने के बावजूद उन्हें अभी तक डेब्यू का मौका नहीं मिला है। ऐसे में उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे धैर्य बनाए रखें और अपनी तैयारी जारी रखें। हर महान खिलाड़ी के करियर में इंतजार का दौर आता है। सचिन ने भी इस कठिन समय को पार किया था और बाद में इतिहास रच दिया। वैभव के पास भी जब मौका आएगा, तब वह अपनी प्रतिभा साबित करने का पूरा अवसर होगा।

  • रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

    रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

    रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

     मामला थरंगमबाड़ी के निकट स्थित सथानागुडी गांव का है. मृतकों की पहचान 19 वर्षीय पार्थिबन और 16 वर्षीय एक लड़की के रूप में हुई है. पार्थिबन पड़ोसी पुदुपालयम गांव का निवासी था और राजमिस्त्री के रूप में काम करता था. वहीं लड़की ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पूरी की थी और आगे कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी कर रही थी. ग्रामीणों के अनुसार दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. जब इस रिश्ते की जानकारी लड़की के परिजनों को हुई तो दोनों परिवारों के बीच तनाव और विवाद बढ़ने लगा. बताया जा रहा है कि रिश्ते को लेकर दोनों पक्षों में लगातार मतभेद बने हुए थे.

    तड़के शेड में मिले दोनों के शव

    घटना उस समय सामने आई जब तड़के करीब तीन बजे गांव के बाहरी हिस्से में बने एक फूस के शेड में दोनों के शव अलग-अलग फंदों से लटके हुए पाए गए. सुबह जानकारी फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

    अलग-अलग समुदाय से थे दोनों

    पुलिस के अनुसार युवक और लड़की अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते थे. इसी वजह से घटना के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश और उप पुलिस अधीक्षक सरवनन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.

    परिवार ने उठाए ऑनर किलिंग के सवाल

    पार्थिबन के परिजनों का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि ऑनर किलिंग का हो सकता है. उनका आरोप है कि दोनों के प्रेम संबंधों का लगातार विरोध किया जा रहा था और इसी कारण उनकी हत्या की गई. परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    दूसरे पक्ष ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप

    दूसरी ओर लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद दूसरे पक्ष से जुड़े कुछ लोगों ने उनके घर और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है और संबंधित तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है और मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के कारणों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है, हत्या का है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है.

  • सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    बिहार में सिगरेट पीने के विवाद में मर्डर हो गया। सहरसा जिले के सलखुआ में हुए इस कांड के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। अपराधियों ने मामूली विवाद में हत्या जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को भी खुली चुनौती दी है। जानकारी के मुताबिक, सलखुआ थाना क्षेत्र के उटेशरा गांव में धूम्रपान को लेकर हुए विवाद में 55 वर्षीय शत्रुघ्न यादव की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बाबा चिमनी समीप बासा पर रह रहे उटेशरा गांव निवासी स्वर्गीय जगदीश यादव के पुत्र साथ मंगलवार की देर आधा दर्जन युवकों ने मारपीट की है। मारपीट की घटना में शत्रुध्न यादव बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें परिजनों ने आनन फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया। जहां इलाज के क्रम में हीं उनकी मौत हो गई।

    शत्रुघ्न की मौत के बाद उनके परिजनों ने बताया कि पूर्व में भी सचिन यादव सहित आधा दर्जन बदमाशों ने उनके पुत्र के साथ मारपीट की थी। उस वक्त पंचायत स्तर पर मामले को निपटा दिया गया था। मंगलवार की रात एक बार फिर उटेशरा गांव निवासी घनश्याम यादव के पुत्र सचिन यादव सहित गांव के ही आधा दर्जन युवकों ने धूम्रपान को लेकर कहासुनी करते हुए उनके साथ मारपीट की थी। परिजनों के अनुसार सभी आरोपियों ने बेरहमी से लाठी-डंडे से पीट-पीट कर शत्रुघ्न यादव को बुरी तरह जख्मी कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    इधर इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर सलखुआ थाना पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात मारपीट में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान सहरसा अस्पताल में मौत हुई है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

    एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धूम्रपान को लेकर विवाद होना बताया जा रहा है। पूर्व में भी विवाद हो चुका है। जिसे पंचायत स्तर पर सुलझा दिया गया था। सभी आरोपियों ने रात में एक बार फिर बासा पर जाकर मारपीट की थी। बताया जा रहा है कि पुलिस इस घटना में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

    डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

    डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

      बेंगलुरु की रहने वाली 28 साल की एक महिला साल 2022 में एक शख्स क साथ बंबल डेट पर गई. इस डेट के कुछ दिनों बाद दोनों के बीच कॉन्टैक्ट तो टूट गए, लेकिन महिला को 4 साल बाद सोशल मीडिया पर उनके डेट से जुड़ी कुछ वीडियोज नजर आईं.

      आजकल डेटिंग के चक्कर में लोग ‘टिंडर’, ‘हिंज; और ‘बंबल’ जैसे डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करते हैं. भले ही इससे कई लोगों को अच्छा पार्टनर मिल जाता है, लेकिन कभी-कभी इनके जरिए अंजान लोगों से मिलना खौफनाक भी साबित हो सकता है. ऐसा ही एक मामला बेंगलुरु से सामने आया है.

      साल 2022 में एक महिला किसी शख्स के साथ बंबल डेट पर गई. दोनों ने साथ में अच्छा समय बिताया. हालांकि, डेट के तुरंत बाद शख्स ने उनसे सारे संपर्क तोड़ दिए और उन्हें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक कर दिया. अब लगभग 4 साल बाद महिला को इंटरनेट पर उस व्यक्ति के साथ बिताए अंतरंग पलों (Intimate Moments) के वीडियो मिले हैं.

      खौफ में बदली बंबल डेट

      बेंगलुरु की रहने वाली 28 साल की एक महिला की नवंबर 2022 में डेटिंग ऐप ‘बंबल’ पर एक पुरुष से मुलाकात हुई. दोनों ने ऐप पर बातचीत की और फिर एक-दूसरे के साथ ‘इंस्टाग्राम’ जैसे सोशल मीडिया प्रोफाइल शेयर किए. महिला ने पुरुष के बंबल प्रोफाइल को उसके इंस्टाग्राम से वेरिफाई भी किया, ताकि साबित हो सके की वह फेक तो नहीं है.

      कॉन्टैक्ट तोड़े और अपलोड किए निजी पल

      दोनों ने उस शख्स के अपार्टमेंट में मिलने का फैसला किया. इंटिमेट होने से पहले शख्स ने महिला को ड्रिंक भी दी. महिला का आरोप है कि मुलाकात के बाद उस व्यक्ति ने धीरे-धीरे उससे सभी तरह का कॉन्टैक्ट तोड़ दिया और उसे सोशल मीडिया पर भी ब्लॉक कर दिया. इसके बाद महिला के पास उस शख्स से संपर्क करने का कोई रास्ता नहीं बचा. कई साल बाद महिला को पता चला कि उनके निजी पलों के वीडियो उसकी जानकारी या सहमति के बिना रेडिट और एक अन्य एडल्ट कंटेंट वाली वेबसाइट पर अपलोड किए गए थे.

      जांच में जुटी पुलिस

      महिला ने 19 जून 2026 को इसकी जानकारी पुलिस को दी और आरोप लगाया कि इंटरनेट पर अवैध रूप से उनके अंतरंग वीडियो पब्लिश किए गए थे. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने भी मामला दर्ज कर आरोपी का पता लगाने और वीडियो रिकॉर्ड करने समेत अपलोड करने के तरीके की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल इंटरनेट से सभी वीडियो हटा दिए गए हैं.

    • बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

      बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

      बहन की पसंद की शादी से खफा भाई, जीजा की हत्या के आरोप में 5 के खिलाफ मामला दर्ज..

      प्रतापगढ़ जिले में 32 वर्षीय एक युवक की उसके घर के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक की पत्नी के भाई और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी…

      यूपी केप्रतापगढ़ जिले में 32 वर्षीय एक युवक की उसके घर के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक की पत्नी के भाई और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

      अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सोमवार रात जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा गांव में हुई। सदर क्षेत्र की पुलिस क्षेत्राधिकारी करिश्मा गुप्ता ने बताया कि मृतक की पहचान राजू सिंह (32) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह ने करीब एक साल पहले पटेल बिरादरी की एक युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद से उसका युवती के परिवार से विवाद था। गुप्ता ने कहा, ”युवक की उसके घर के पास सोमवार रात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।”

      अधिकारी ने बताया कि युवक परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजू सिंह की पत्नी के भाई पिंटू वर्मा, पिंटू के दोस्त तेज बहादुर वर्मा और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

    • पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

      पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

      क्या आपने कभी पहाड़ों का पसीना देखा है? सोशल मीडिया पर एक ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने लोगों को ऐसी पहाड़ी दिखाई, जिससे काला द्रव्य निकल रहा था. शख्स ने इसे पहाड़ों का पसीना बताया. असल में पहाड़ों से निकलने वाला ये लिक्विड शिलाजीत है जिसे कमजोरी दूर करने की दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

      पहाड़ों से मिलने वाली इस दुर्लभ चीज़ को लेकर कई दावे, जानिए क्या है इसकी सच्चाई..

      सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा वीडियो वायरल हो रहा है. ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने हिमालय की ऊंची चोटियों पर घूमते हुए एक पहाड़ की दरार से निकलते काले चिपचिपे लिक्विड को दिखाया और उसे ‘पहाड़ों का पसीना’ नाम दे दिया. वीडियो वायरल होते ही लोग हैरान रह गए. पहाड़ों के बीच से निकल रहा ये काला लिक्विड क्या सच में पहाड़ों का पसीना है?

      दरअसल यह कोई आम पानी या रस नहीं, बल्कि आयुर्वेद की सबसे कीमती दवा शिलाजीत है. शिलाजीत हिमालय, अलकनंदा और अन्य ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों से रिसता हुआ प्राकृतिक पदार्थ है. हजारों साल पुरानी जड़ी-बूटियों, खनिजों और कार्बनिक पदार्थों का यह संग्रह माना जाता है. गर्मियों में जब पहाड़ पिघलते हैं तो यह काला, चिपचिपा और चमकदार लिक्विड बाहर निकलता है. लोग इसे ‘पहाड़ों का पसीना’ या ‘पहाड़ों का अंजन’ भी कहते हैं.

      मर्दानगी और ताकत का रामबाण
      आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत में 85 से ज्यादा खनिज, फुल्विक एसिड और ह्यूमिक एसिड होते हैं. यह पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाने, स्टैमिना बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में बेहद असरदार है. नियमित इस्तेमाल से थकान नहीं होती, मसल्स मजबूत होते हैं और वायरल ताकत में इजाफा होता है. कई बॉडी बिल्डर और एथलीट इसे नेचुरल सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल करते हैं. महिलाओं के लिए भी यह फायदेमंद है. यह हड्डियों को मजबूत करता है, एनीमिया दूर करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है. बुढ़ापे में याददाश्त तेज करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम भी करता है. आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि शुद्ध शिलाजीत शरीर के हर कोशिका तक पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है.

      20 हजार रुपये किलो तक की डिमांड
      शुद्ध शिलाजीत की कीमत आसमान छू रही है. बाजार में असली शिलाजीत 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. कुछ हाई क्वालिटी वाले प्रोडक्ट तो 25-30 हजार तक भी जाते हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसे चाटकर खाते हुए वीडियो बना रहे हैं. एक चुटकी रोजाना गर्म पानी या दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है.

      एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हमेशा लैब टेस्टेड और शुद्ध शिलाजीत ही खरीदें. कई ब्रांड अब सर्टिफाइड शिलाजीत कैप्सूल और रेजिन फॉर्म में बेच रहे हैं. आधुनिक रिसर्च भी शिलाजीत के फायदों को साबित कर रही है. फुल्विक एसिड एंटी-एजिंग, एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटॉक्स गुणों के लिए जाना जाता है. यह टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मदद करता है, जिससे मर्दानगी और एनर्जी बढ़ती है. कई स्टडीज में पाया गया कि नियमित सेवन से क्रॉनिक थकान सिंड्रोम में राहत मिलती है.

      कैसे होता है जमा?
      पहाड़ी इलाकों के स्थानीय लोग गर्मियों में ऊंची चट्टानों पर जाते हैं और चट्टानों से रिसते शिलाजीत को इकट्ठा करते हैं. इसे साफ करके रेजिन फॉर्म में तैयार किया जाता है. यह प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा है.