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  • बिजनेस-नौकरी छोड़ चुना फर्जी नोटों का रास्ता, ₹500 का नोट स्कैन कर प्रिंटर से छापने लगे करेंसी..

    बिजनेस-नौकरी छोड़ चुना फर्जी नोटों का रास्ता, ₹500 का नोट स्कैन कर प्रिंटर से छापने लगे करेंसी..

    बिजनेस-नौकरी छोड़ चुना फर्जी नोटों का रास्ता, ₹500 का नोट स्कैन कर प्रिंटर से छापने लगे करेंसी..

    मध्य प्रदेश के आगर मालवा में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह को पकड़ा है. आरोप है कि दो युवक यूट्यूब पर वीडियो देखकर 500 रुपये के नकली नोट छापना सीख गए और कृषि सेवा केंद्र की आड़ में इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 57,500 रुपये के नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, कटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं. अब जांच इस बात की हो रही है कि ये नकली नोट अब तक कहां-कहां खपाए गए.

    मामला मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा का है. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने दुकान पर छापा मारा. इस दौरान मौके से नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी को हिरासत में लिया गया. तलाशी लेने पर एक बैग से 500-500 रुपये के 115 नकली नोट बरामद हुए.

    पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था. इसके बाद वे असली 500 रुपये के नोट को स्कैन करते, रंगीन प्रिंटर से उसकी कॉपी निकालते और फिर कटर से काटकर उसे असली नोट जैसा आकार दे देते थे. पुलिस की जांच में कई नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर मिला.

    यह भी पढ़ें: 50 हजार के नकली नोट देकर खरीदे कुर्बानी के बकरे, व्यापारी को एक दिन बाद पता लगी सच्चाई

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रंगीन प्रिंटर, कटर, स्कैनिंग और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान, 57,500 रुपये के नकली नोट और अन्य उपकरण जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद ही नोट तैयार करते थे. पुलिस का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अब तक कितने नकली नोट बाजार में चला चुके हैं, किन इलाकों में उन्हें खपाया गया और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं.

    दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है. थाना प्रभारी नागेश यादव के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और इस रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जाएगी.

  • मालकिन की गैरमौजूदगी में नौकरानी करती थी आपत्तिजनक गतिविधि, मामला सामने आते ही सनसनी..

    मालकिन की गैरमौजूदगी में नौकरानी करती थी आपत्तिजनक गतिविधि, मामला सामने आते ही सनसनी..

    मालकिन की गैरमौजूदगी में नौकरानी करती थी आपत्तिजनक गतिविधि, मामला सामने आते ही सनसनी..

     आइटी पार्क में रहने वाली एक महिला के एक वर्ष पहले हीरे व सोने के लाखों रुपये के गहने चोरी हो गए. उन्होंने खुद गहनों की तलाश की और पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन गहनों का कहीं पता नहीं लग पाया. नौकरानी पर शक हुआ, लेकिन नौकरानी उनके साथ खुद पुलिस के पास शिकायत करने के लिए पहुंची तो उन्हें उस पर विश्वास हो गया. नौकरानी के व्हाटसएप स्टेट्स व इंस्टाग्राम रील देखी तो उसमें उसने वहीं गहने पहने हुए हैं. शिकायत के आधार पर राजपुर थाना पुलिस ने नौकरानी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है.

    इंस्टाग्राम रील से हुआ खुलासा

    शिकायतकर्ता मालकिन ने बताया कि नौकरानी विमला देवी के व्यवहार को देखते हुए विश्वास हुआ कि कहने किसी और ने चुराए हैं. इसके बाद उन्होंने अपने घर में हर जगह गहनों की तलाश की लेकिन कहीं पता नहीं लग पाया. 29 जून की सुबह उन्होंने विमला देवी के वाट्सएप स्टेट्स और इंस्टाग्राम रील देखी तो उसमें वह गहने पहने दिखाई दे रही है.

    अब उन्हें यकीन हो गया है कि गहने विमला देवी ने ही चोरी किए थे. इस मामले में उन्होंने 29 जून को जाखन पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की. बताया गया है कि वर्तमान में चौकी में महिला कांस्टेबल उपस्थित नहीं है. इस मामले में राजपुर थाना पुलिस ने महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    तकरीबन 10 लाख तक हो सकती है गहनों की कीमत

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई. जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को जोहड़ी रोड से आरोपित महिला विमला देवी को गिरफ्तार कर लिया गया.

    उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया एक हीरे का हार, सोने का लॉकेट, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का पेंडल तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया. बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है.

  • दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..

    दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..

    दूध ही नहीं, सहजन की पत्तियां भी हैं कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत; जानिए सेवन का सही तरीका..

    जब भी शरीर में कैल्शियम की कमी या हड्डियों की मजबूती की बात आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स का आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुदरत ने हमें एक ऐसी हरी पत्ती दी है जिसमें दूध से भी ज्यादा कैल्शियम मौजूद होता है। हम बात कर रहे हैं ‘सहजन’ की, जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा (Moringa) कहा जाता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक में सहजन को एक ‘सुपर फूड’ माना गया है, जो न सिर्फ हड्डियों को फौलाद बनाने में मदद करता है बल्कि इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मोरिंगा को कुपोषण के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार के रूप में मान्यता दी है।

    आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव ने हड्डियों को मजबूत करने के लिए, नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए मोरिंगा के पत्तों का सेवन करने की सलाह दी है। ये पत्ते बॉडी में विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करते हैं। अगर आप दूध नहीं पीते, लैक्टोज इनटॉलरेंस से परेशान हैं या प्लांट-बेस्ड डाइट फॉलो करते हैं, तो कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए मोरिंगा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। मोरिंगा की पत्तियां कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

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    किन लोगों के लिए फायदेमंद है मोरिंगा?

    • बढ़ते बच्चों और किशोरों के लिए ये पत्ते फायदेमंद है।
    • बुजुर्गों के लिए, जिन्हें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है वो इन पत्तों का सेवन करें।
    • शाकाहारी या डेयरी-फ्री डाइट लेने वाले लोगों के लिए ये पत्ते बेहद उपयोगी हैं।
    • मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए के लिए इन पत्तों का सेवन असरदार साबित होता है।

    रोजाना डाइट में ऐसे करें शामिल

    1. आटे में मिलाएं:
      आधा से एक चम्मच मोरिंगा पाउडर गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी या पराठा बना सकते हैं।
    2. दाल और सब्जी में डालें:
      दाल, सांभर, सब्जी, खिचड़ी या चावल में थोड़ा-सा मोरिंगा पाउडर मिलाने से कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व बढ़ जाते हैं।
    3. स्मूदी या ड्रिंक बनाएं:
      आप मोरिंगा का सेवन केला, बादाम का दूध, पालक, सेब या आम की स्मूदी में पाउडर के रूप में मिलाकर पी सकते हैं। इसे गुनगुने पानी, हर्बल टी या नारियल पानी में भी मिलाया जा सकता है।
    4. ताजी पत्तियों की सब्जी बनाएं:
      मोरिंगा की ताजी पत्तियों की हल्की आंच पर सब्जी बनाएं या इन्हें दाल, कढ़ी, रसम, ऑमलेट और सूप में डालें। ज्यादा देर तक पकाने से पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
    5. नाश्ते में करें इस्तेमाल:
      डोसा, चीला, उपमा, पोहा या वेज सैंडविच में मोरिंगा पाउडर मिलाकर दिन की शुरुआत करें।
    6. चटनी या पेस्ट बनाएं:
      मोरिंगा की पत्तियों से नारियल, लहसुन और मसालों के साथ स्वादिष्ट चटनी बनाई जा सकती है, जिसे रोटी, डोसा या इडली के साथ खाया जा सकता है।  

    कितनी मात्रा लेना सही है?

    एक्सपर्ट के मुताबिक मोरिंगा का सेवन वयस्कों के लिए रोजाना आधा से एक चम्मच करना पर्याप्त है। अगर ताजी पत्तियां खा रहे हैं, तो सप्ताह में कुछ बार एक छोटी कटोरी का सेवन पर्याप्त है। शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर की प्रतिक्रिया के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाएं।

    बेहतर अवशोषण के लिए क्या करें?

    मोरिंगा के साथ विटामिन D, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स जैसे नट्स और बीज लेने से कैल्शियम का अवशोषण बेहतर हो सकता है। वहीं अत्यधिक नमक और कैफीन का सेवन कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डाल सकता है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह के बिना मोरिंगा या इसके सप्लीमेंट्स का सेवन न करें।
    • लो ब्लड प्रेशर, थायरॉयड या नियमित दवाएं लेने वाले लोग पहले डॉक्टर से सलाह लें।
    • अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
    • आपको बता दें कि मोरिंगा पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसे संतुलित आहार का विकल्प नहीं बनाएं बल्कि उसका हिस्सा बनाकर ही सेवन करना चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जागरूकता, शैक्षणिक उद्देश्य और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। सहजन की पत्तियों या इसके पाउडर को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करने या इसका सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा किसी प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट, डाइटीशियन या अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं और किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे लोग चिकित्सीय सलाह के बिना इसका सेवन न करें।

  • पैसों के विवाद में भाई बना दुश्मन, क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ वार से मौके पर मौत…

    पैसों के विवाद में भाई बना दुश्मन, क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ वार से मौके पर मौत…

    पैसों के विवाद में भाई बना दुश्मन, क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ वार से मौके पर मौत…

    Barmer News: बाड़मेर के शिव थाना क्षेत्र में पैसों के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की क्रिकेट बैट से पीटकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी जेठाराम को हिरासत में लिया. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिव थाना क्षेत्र के पुषड गांव में रहने वाले जेठाराम और उसके छोटे भाई सुरेश कुमार के बीच गुरुवार रात पैसों के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई. शुरुआत में दोनों के बीच केवल बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया.

    बाड़मेर. बाड़मेर जिले के शिव थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस घर में दो भाई साथ रहते थे, वहीं पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया. आरोप है कि बड़े भाई ने गुस्से में अपने ही छोटे भाई के सिर पर क्रिकेट के बल्ले से लगातार वार कर दिए. गंभीर चोट लगने के कारण छोटे भाई की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और परिवार में मातम छा गया.

    घटना की सूचना मिलते ही शिव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर शिव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया. इसके बाद परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया. पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी बड़े भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है.

    पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ था विवाद
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिव थाना क्षेत्र के पुषड गांव में रहने वाले जेठाराम और उसके छोटे भाई सुरेश कुमार के बीच गुरुवार रात पैसों के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई. शुरुआत में दोनों के बीच केवल बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया. आरोप है कि इसी दौरान बड़े भाई जेठाराम ने गुस्से में आकर क्रिकेट का बल्ला उठाया और छोटे भाई सुरेश कुमार के सिर पर लगातार कई वार कर दिए. सिर पर गंभीर चोट लगने से सुरेश कुमार की हालत बिगड़ गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.

    हत्या का मामला दर्ज, आरोपी हिरासत में
    घटना की सूचना मिलने के बाद शिव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराया. बाद में शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया. पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही आरोपी बड़े भाई जेठाराम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है. जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद किस बात पर शुरू हुआ और घटना तक पहुंचने की पूरी वजह क्या रही. फिलहाल शिव थाना पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग इस बात से हैरान हैं कि मामूली बताए जा रहे लेनदेन के विवाद ने दो भाइयों के रिश्ते को इस दर्दनाक अंजाम तक पहुंचा दिया.

  • अवैध संबंध, दूसरी शादी और पारिवारिक विवाद… मोतिहारी से नवादा तक महिलाओं की हत्या से सनसनी..

    अवैध संबंध, दूसरी शादी और पारिवारिक विवाद… मोतिहारी से नवादा तक महिलाओं की हत्या से सनसनी..

    अवैध संबंध, दूसरी शादी और पारिवारिक विवाद… मोतिहारी से नवादा तक महिलाओं की हत्या से सनसनी..

    बिहार में रिश्तों में कत्ल की खबरें आम हो गई हैं। हाल ही में मोतिहारी से नवादा तक हुईं महिलाओं की हत्या की अलग-अलग वारदातों ने एक बार फिर सनसनी मचा दी है। मोतिहारी के रक्सौल में जहां दूसरी पत्नी से विवाद पर पति ने तांत्रिक की मदद से पहली बीवी को मरवा दिया। वहीं, रोहतास जिले के डालमियानगर की एक महिला की अवैध संबंध में कर दी गई। जबकि, नवादा जिले के वारिसलीगंज में पति ने आपसी विवाद में पत्नी को मौत के घाट उतार दिया और जाकर थाने में सरेंडर कर दिया। दो दिन पहले ही कैमूर में खाना बनाने के विवाद में पति ने पत्नी को मार दिया था। रिश्तों और संबंधों में कत्ल की इन घटनाओं ने समाज पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी शादी के बाद पहली बीवी का कत्ल, तांत्रिक के साथ पति गिरफ्तार

    पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में दूसरी शादी करने वाले पति ने पहली बीवी को मार दिया। महिला की हत्या ट्रेन यात्रा के दौरान की गई थी। पुलिस ने 45 वर्षीय मीना देवी के आरोपी पति तपेश्वर सहनी, पति की दूसरी बीवी लक्ष्मी देवी और तांत्रिक सिकंदर सहनी को गिरफ्तार किया। वारदात 17 जून को हुई थी लेकिन इसका खुलासा 3 जुलाई को हुआ है।

    पुलिस ने कहा कि तपेश्वर सहनी ने नेपाल जाकर लक्ष्मी से दूसरी शादी कर ली थी। जब पहली पत्नी मीना देवी को पता चला तो पति-पत्नी में विवाद होने लगा। तभी उनकी मुलाकात तांत्रिक से हुई थी, उसने समाधान के लिए 50-50 हजार की मांग की। फिर साजिश के तहत तांत्रिक मीना देवी को झांसे में लेकर मोतिहारी से ट्रेन में लेकर गया। मसना डीह हॉल्ट के पास उसे मारकर फेंक दिया गया।

    रोहतास की महिला का औरंगाबाद में मर्डर, अवैध संबंध का निकला एंगल

    रोहतास जिले के डालमियानगर नगर थाना क्षेत्र से 4 दिन पहले किडनैप हुई महिला रानी खातून की हत्या का खुलासा पुलिस ने शुक्रवार को कर दिया। पुलिस ने महिला के प्रेमी विकास कुमार और उसके सहयोगी बिट्टू को गिरफ्तार किया। दोनों डालमिया नगर के मकराईन के रहने वाले हैं। वे रानी खातून को कार में बैठाकर औरंगाबाद की तरफ ले गए थे। वहां गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर बारूण थाना क्षेत्र स्थित नहर में फेंक दिया।

    विकास ने पुलिस को बताया कि रानी से उसका दो सालों से अवैध संबंध था। महिला के पास उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं। उसको लेकर रानी उसे ब्लैकमेल कर रही थी। मृतका के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस को एक दिन पहले ही महिला की लाश मिली थी।

    मायके में पत्नी को चाकू से गोदकर थाने पहुंचा पति

    नवादा जिले के वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र के खानापुर गांव में शुक्रवार को पति ने चाकू से गोदकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। घटना के समय बचाने आए साले को भी चाकू से वार कर उसने घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया है। इस वारदात के बाद आरोपी पति मौली कुमार ने वारिसलीगंज थाने में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। मृतका पूजा कुमारी की उम्र महज 28 साल थी। पति-पत्नी का विवाद चल रहा था, ससुराल में एक दिन पहले पुलिस आई थी। पत्नी को समझा बुझाकर मायके भेजा था। अगले ही दिन पति ने बीवी के मायके में कहर मचा दिया।

    खाना समय नहीं पकाने पर बीवी की हत्या, पति ने खुद को भी गोली मारी

    कैमूर जिले के अधौरा थाना क्षेत्र के बघौता गांव में 1 जुलाई की देर शाम घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की हत्या कर दी, फिर खुद को भी गोली मार दी। इस वारदात ने पति-पत्नी के रिश्ते को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। बताया गया कि पति जयहिंद सिंह समय पर खाना नहीं पकाने को लेकर 36 साल की पत्नी रीता देवी से झगड़ा हो गया था। आवेश में आकर पति ने एकनाली बंदूक से पति का मर्डर कर दिया। फिर खुद को भी गोली मार दी। जयहिंद का वाराणसी में पुलिस हिरासत में इलाज चल रहा है।

  • विटामिन B12 की कमी शरीर को बना सकती है कमजोर, पाचन पर भी पड़ सकता है असर; जानिए लक्षण और बचाव…

    विटामिन B12 की कमी शरीर को बना सकती है कमजोर, पाचन पर भी पड़ सकता है असर; जानिए लक्षण और बचाव…

    विटामिन B12 की कमी शरीर को बना सकती है कमजोर, पाचन पर भी पड़ सकता है असर; जानिए लक्षण और बचाव…

    क्या आप भी बिना किसी भारी काम के दिनभर थकान, कमजोरी या सुस्ती महसूस करते हैं? अक्सर लोग इसे काम का तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कई मामलों में ये लक्षण शरीर में विटामिन B12 की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। विटामिन B12 नसों को स्वस्थ रखने, रेड ब्लड सेल्स बनाने और शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए अहम पोषक तत्व है।

    अपोलो दिल्ली के सर्जन डॉ. अंशुमान कौशल ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि कई मरीजों में बी 12 की कमी के लक्षण जैसे थकान, पैरों में झनझनाहट,याददाश्त से जुड़ी समस्याओं, मूड स्विंग के रूप में दिखते हैं जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोगों में विटामिन बी 12 की कमी से पाचन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं कि बी 12 की कमी कैसे पाचन को प्रभावित करती है, इसके मुख्य लक्षण क्या हैं और इससे सुरक्षित तरीके से कैसे बचा जा सकता है?

    विटामिन बी 12 की कमी क्या है?

    विटामिन B12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इस विटामिन का स्तर नॉर्मल स्तर से काफी कम हो जाता है। ये परेशानी सबसे ज्यादा शाकाहारी लोगों में होती है। Harvard Health और National Institutes of Health (NIH) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से केवल पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यही कारण है कि शाकाहारी और विशेषकर वीगन (Vegan) आबादी में इसकी कमी का खतरा 60% से 80% तक देखा गया है।

    विटामिन B12 बॉडी के लिए जरूरी विटामिन है जिसे हमारी बॉडी खुद नहीं बनाती बल्कि इसे डाइट से हासिल किया जाता है। इस विटामिन का काम डीएनए बनाना, स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) का निर्माण करना, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का सही कामकाज रखना और ऊर्जा का उत्पादन करना होता है। इसकी कमी होने पर बॉडी में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और बॉडी में कुछ लक्षण दिख सकते हैं।

    बात करें इसकी कमी से होने वाली परेशानियों की तो लगातार थकान होना, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त में कमी और कुछ मामलों में एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि लंबे समय तक इस कमी का इलाज न किया जाए, तो नसों को स्थायी नुकसान भी पहुंच सकता है। बॉडी में इस विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए दूध, दही, अंडे, मछली, चिकन और मांस जैसे एनिमल बेस्ड फूड्स का सेवन करें।

    बी 12 की कमी कैसे पाचन को करती है प्रभावित

    विटामिन B12 सीधे तौर पर भोजन को पचाने का काम नहीं करता, लेकिन यह पाचन तंत्र (Digestive System) की कोशिकाओं और नसों को हेल्दी रखने में अहम किरदार निभाता है। बॉडी में इस विटामिन की कमी होने पर पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। रिसर्च बताती है कि पेट में बनने वाला ‘इंट्रिन्सिक फैक्टर’ (Intrinsic Factor) नाम का प्रोटीन विटामिन B12 को अवशोषित करने के लिए जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ या ‘पर्निशियस एनीमिया’ (Pernicious Anemia) के कारण जब यह प्रोटीन कम बनता है, तो शरीर भोजन से B12 सोख नहीं पाता, जिससे गैस, कब्ज और भूख न लगना जैसी पेट की समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

    बॉडी में इस विटामिन की कमी होने से कुछ लोगों को भूख कम लगती है, जी मिचलाना, मतली (Nausea), कब्ज या दस्त, पेट में गैस, पेट फूलना और वजन कम होने जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा, विटामिन B12 की कमी आंतों और पेट से जुड़े कुछ रोगों, जैसे Pernicious anemia, Crohn’s disease का कारण बन सकती है, क्योंकि इन स्थितियों में शरीर भोजन से विटामिन B12 को ठीक से अवशोषित (Absorb) नहीं कर पाता। हालांकि पाचन से जुड़ी समस्याएं सिर्फ बी 12 की कमी के कारण नहीं बल्कि और भी कई कारणों की वजह से हो सकती है।

    विटामिन B12 की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?

    विटामिन B12 की कमी को दूर करने के लिए सबसे अच्छे प्राकृतिक स्रोत पशु-आधारित खाद्य पदार्थ हैं। नॉनवेज खाने वाले लोग अपनी डाइट में मछली, चिकन, अंडे, लाल मांस (Red Meat), दूध, दही और पनीर जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं। वहीं, शुद्ध शाकाहारी लोगों के लिए नेचुरल रूप से विटामिन B12 के विकल्प सीमित होते हैं। ऐसे में वे B12-फोर्टिफाइड (Vitamin B12 Fortified) दूध, प्लांट-बेस्ड मिल्क, ब्रेकफास्ट सीरियल्स और न्यूट्रिशनल यीस्ट जैसे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। यदि शरीर में B12 की कमी अधिक हो, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन B12 सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है।

    क्या फल और सब्जियां विटामिन B12 की कमी पूरी करते हैं?

    सेब, केला, संतरा, आम और ब्लूबेरी जैसे फल विटामिन B12 के स्रोत नहीं हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में भी यह न के बराबर होता है। शाकाहारी लोगों के लिए केवल फोर्टिफाइड फूड्स जैसे कुछ खास अनाज या प्लांट मिल्क या डेयरी प्रोडक्ट्स  जैसे दूध, पनीर ही बी 12 का एकमात्र जरिया हैं। ये विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता हैं, जो शरीर के समग्र स्वास्थ्य और इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए, लेकिन केवल फलों के भरोसे विटामिन B12 की कमी पूरी नहीं किया जा सकता।

  • गुरुग्राम फ्लैट में खौफनाक वारदात, पार्टनर की शादी का सच सामने आने के बाद महिला को जिंदा जलाया गया..

    गुरुग्राम फ्लैट में खौफनाक वारदात, पार्टनर की शादी का सच सामने आने के बाद महिला को जिंदा जलाया गया..

    गुरुग्राम फ्लैट में खौफनाक वारदात, पार्टनर की शादी का सच सामने आने के बाद महिला को जिंदा जलाया गया..

    हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने अपनी पार्टनर के ऊपर मिट्टी का तेल (केरोसिन) डालकर उसे जिंदा जला दिया. पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से केरोसिन की बोतल भी बरामद की है. आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और मामले की आगे जांच जारी है.

    गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील पिछले डेढ़ साल से पीड़िता के साथ रिलेशनशिप में था. इसी दौरान पीड़िता को पता चला कि सुनील पहले से शादीशुदा है. इस बात को लेकर पीड़िता उससे झगड़ा करने उसकी दुकान पर पहुंची जहां दोनों के बीच बहस हो गई. आरोप है कि इसी बहस के दौरान सुनील ने पीड़िता पर मिट्टी का तेल फेंक दिया.

    मामला सुलझाने के लिए पीड़िता ने गुरुग्राम के सोहना रोड पर एक फ्लैट बुक किया और आरोपी के साथ वहां रात बिताई. अगली सुबह आरोपी ने पीड़िता से कहा कि अब उसके कपड़ों से केरोसिन की गंध जा चुकी होगी, इसलिए उसने वही कपड़े पहन लिए.

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    इसी बात को लेकर दोनों में फिर झगड़ा शुरू हो गया और आरोप है कि सुनील ने पीड़िता को आग लगा दी. इसके बाद आरोपी खुद पीड़िता को आर्टेमिस अस्पताल लेकर गया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया. इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई.

    पुलिस को आर्टेमिस अस्पताल से सूचना मिली थी कि जलने की हालत में एक महिला को भर्ती कराया गया है. इलाज के दौरान 27 जुलाई को पीड़िता की मौत हो गई. इसके तीन दिन बाद 30 जुलाई को पीड़िता के एक कजिन ने पुलिस में शिकायत दी.

    शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 जुलाई को जब वह पीड़िता से मिला था तब उसने बताया था कि सुनील उर्फ नोनी नाम के व्यक्ति ने उसे जलाया है और धमकी दी है कि अगर उसने शिकायत की तो वह उसकी मां को भी जान से मार देगा. इस शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया.

  • घर में मेड रखने से पहले हो जाएं सावधान! दिल्ली-NCR का मामला उड़ा देगा होश..

    घर में मेड रखने से पहले हो जाएं सावधान! दिल्ली-NCR का मामला उड़ा देगा होश..

    घर में मेड रखने से पहले हो जाएं सावधान! दिल्ली-NCR का मामला उड़ा देगा होश..

    दिल्ली के द्वारका में घर की सफाई के लिए ऐप से बुलाई गई मेड ने 55 साल के एक शख्‍स पर दुष्‍कर्म का आरोप लगा दिया. इस मेड ने पुलिस में शिकायत का डर दिखाकर इस परिवार से दो लाख रुपए हड़प लिए. पुलिस ने इस मेड को अरेस्‍ट कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.

    दुष्‍कर्म का आरोप लगाकर 5 लाख रुपए की डिमांड करने वाली मेड को दिल्‍ली पुलिस ने अरेस्‍ट किया है. (प्रतीकात्‍मक AI इमेज)

    दिमाग हिला देने वाली यह घटना भले ही दिल्‍ली से जुड़ी है, लेकिन सभी के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है. जी हां, यदि आप भी घर में अकेले रहते हैं और घरेलू काम के लिए मे‍ड की सर्विस लेते हैं तो सावधान हो जाइए. कहीं ऐसा ना हो कि ‘पूजा’ आपके साथ भी कांड न कर जाए.

    दिल्‍ली के द्वारका में रहने वाले 55 वर्षीय एक शख्‍स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. गनीमत रही कि इस शख्‍स के बेटे ने समय रहते समझादारी दिखा दी और पूरे घटना की वीडियो बनाकर पुलिस को दे दी. नहीं तो इस पूरे परिवार की इज्‍जत तो सरेआम नीलाम तो होती ही, ऑनलाइन बुकिंग से आई लाखों रुपए ऐठने में कामयाब हो जाती.

    दरअसल, यह पूरा मामला दिल्‍ली के द्वारका इलाके का है. इस इलाके में रहने वाले एक शख्‍स ने ऑनलाइन एप के जरिए एक मेड को घरेलू काम के लिए बुलाया था. घर में कुछ देर काम करने के बाद इस मेड ने अचानक चिल्‍लाना शुरू कर दिया. कोई कुछ समझता इससे पहले उसने 55 साल के इस शख्‍स पर दुष्‍कर्म का आरोप लगा दिया.

    दुष्‍कर्म का आरोप सुनते ही पूरे परिवार के हाथपैर फूल गए. मेड यही पर नहीं रुकी, उसने पुलिस को बुलाने की धमकी देना शुरू कर दिया. पुलिस की बात कहते हुए उसने किसी को कॉल करना भी शुरू कर दिया. वहीं पुलिस की बात सुनकर पीडि़त शख्‍स मेड के सामने लगभग गिड़गिड़ाने लगा. पीडि़त शख्‍स को पूरी तरह से अपने काबू में आता देख मेड ने अपना अलगा दांव चला.

    मेड ने पुलिस में शिकायत न करने के एवज में पांच लाख रुपए की डिमांड रख दी. इसी बीच, पीडि़त शख्‍स के बेटे ने चुपके से मेड की वीडियो बना ली. इस वीडियो में मेड की दुष्‍कर्म की धमकी देकर ब्‍लैकमेल करते हुए दिख रही थी. साथ ही, रुपए लेते हुए दिख रही थी. वीडियो रिकार्ड करने के बाद पीडि़त शख्‍स के बेटे ने पुलिस को कॉल कर घटना की पूरी जानकारी थी.

    जांच में पता चला कि मेड ने पुलिस को कॉल की ही नहीं था. वह पीडि़त को डराने के लिए पुलिस को कॉल करने का ड्रामा कर रही थी. उसका मंसूबा सिर्फ पीडि़त परिवार को डराने और ब्लैकमेल करने का था. मंगलवार को हुई इस घटना के मामले में पुलिस ने बुधवार को आरोपी मेड को अरेस्‍ट कर लिया है. उसके कब्‍जे से ब्लैकमेलिंग के जरिए हासिल किए गए 2 लाख रुपए भी रिकवर किए है. पुलिस की जांच में सामने आया कि महिला पहले भी इस घर सफाई के लिए आ चुकी थी. फिलहाल इस महिला को कोर्ट ने ज्यूडिशल कस्टडी में भेज दिया गया है.

  • सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    सिर्फ रोटी गिनने से नहीं घटता वजन! जानिए पेट निकलने की असली वजह और आम गलतियां..

    बढ़ता पेट और लटकती तोंद आज कई लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है. इसे कम करने के लिए कोई जिम जॉइन करता है, कोई सुबह-शाम वॉक शुरू कर देता है, तो कई लोग सबसे पहले अपनी थाली छोटी कर देते हैं. जो पहले 5-6 रोटी खाते थे, वे खुद को 2 रोटी तक सीमित कर लेते हैं. लेकिन कई बार महीनों बाद भी पेट वैसा का वैसा ही रहता है. ऐसे में मन में सवाल आना बिल्कुल स्वाभाविक है, “मैं तो सिर्फ 2 रोटी खाता हूं, फिर भी पेट क्यों निकल रहा है?” अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो इसका जवाब सिर्फ रोटी की संख्या में नहीं, बल्कि आपकी पूरी लाइफस्टाइल में छिपा हो सकता है.

    सिर्फ रोटी कम करने से पेट कम नहीं होता

    बहुत से लोग मान लेते हैं कि पेट बढ़ने की सबसे बड़ी वजह रोटी है. इसलिए सबसे पहले रोटी कम कर देते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि वजन और पेट बढ़ना सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितनी रोटी खाते हैं. बल्कि, पूरे दिन में शरीर कितनी कैलोरी ले रहा है और कितनी खर्च कर रहा है, यह ज्यादा अहम है.

    अगर आप दो रोटी ही खाते हैं, लेकिन पूरा दिन कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं और शरीर की एक्टिविटी बहुत कम है, तो कैलोरी खर्च नहीं हो पाएगी. ऐसी स्थिति में पेट की चर्बी कम होने की बजाय बढ़ भी सकती है. रोज कम से कम 30 से 45 मिनट की वॉक या दूसरी फिजिकल एक्टिविटी जरूरी मानी जाती है.

    रोटी कम, लेकिन बाकी चीजें ज्यादा?

    कई लोग रोटी तो दो कर देते हैं, लेकिन दिनभर चाय के साथ बिस्किट, नमकीन, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक या तली हुई चीजें खाते रहते हैं. ऐसे में कुल कैलोरी पहले जितनी या उससे ज्यादा हो जाती है. इसलिए सिर्फ रोटी गिनने से फायदा नहीं होगा, पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है.

    प्लेट में प्रोटीन कम है तो भी दिक्कत

    अगर आपकी प्लेट में सिर्फ रोटी और सब्जी है, लेकिन दाल, दही, पनीर, अंडा या दूसरी प्रोटीन वाली चीजें कम हैं, तो जल्दी भूख लग सकती है. इससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की आदत बन जाती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है.

    यही नहीं, अगर रोज पर्याप्त नींद नहीं मिलती या तनाव लगातार बना रहता है, तो इसका असर शरीर के हार्मोन पर पड़ सकता है. कई रिसर्च बताती हैं कि ऐसी स्थिति में पेट के आसपास चर्बी जमा होने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ खाना कम करना काफी नहीं, अच्छी नींद और तनाव पर कंट्रोल भी उतना ही जरूरी है.

    उम्र बढ़ने के साथ लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी

    जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की कैलोरी खर्च करने की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसलिए पहले जितना खाना खाते थे, वही अब वजन बढ़ाने की वजह बन सकता है. ऐसे में सिर्फ रोटी कम करने की बजाय पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.

    तो अगर आप सच में पेट कम करना चाहते हैं, तो सिर्फ रोटी गिनना छोड़िए. संतुलित डाइट लें, प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं, रोज एक्टिव रहें, अच्छी नींद लें और बार-बार स्नैकिंग से बचें. याद रखिए, पेट सिर्फ दो रोटी से नहीं बढ़ता, बल्कि कई छोटी-छोटी आदतों का नतीजा होता है.

  • बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य पर स्मार्टफोन का क्या असर पड़ता है? नई स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे…

    बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य पर स्मार्टफोन का क्या असर पड़ता है? नई स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे…

    बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य पर स्मार्टफोन का क्या असर पड़ता है? नई स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे…

    आज के समय में स्मार्टफोन हर उम्र के लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. खासकर बुजुर्गों के लिए यह तकनीक अपने परिवार और दुनिया से जुड़े रहने का एक आसान जरिया है, लेकिन हाल ही में एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि अगर स्मार्टफोन का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा या आदत के तौर पर किया जाए तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर उल्टा असर भी डाल सकता है. 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में इसके कारण डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है.

    क्या कहती है नई स्टडी?

    यह स्टडी रटगर्स स्कूल ऑफ सोशल वर्क के प्रोफेसर चिएन-चुंग हुआंग के नेतृत्व में की गई और इसे जेएमआईआर एजिंग नाम की जर्नल में प्रकाशित किया गया है, इसमें चीन के ग्वांगझू शहर के 87 कम्युनिटीज में रहने वाले 2,585 बुजुर्ग लोगों को शामिल किया गया. इन लोगों से उनके स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की आदतों, सोशल लाइफ और रोजमर्रा की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई साथ ही उनकी उम्र, शिक्षा, आय और पारिवारिक स्थिति जैसे आंकड़े भी इकट्ठा किए गए.

    डिप्रेशन से जुड़े सबसे बड़े कारण कौन से पाए गए?

    शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल करके यह समझने की कोशिश की कि कौन-कौन से कारण डिप्रेशन से सबसे ज्यादा जुड़े हुए हैं. इसमें सबसे बड़ा कारण कम सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना पाया गया. इसके बाद स्मार्टफोन की लत या बहुत ज्यादा इस्तेमाल को दूसरा बड़ा कारण माना गया. जिन लोगों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा और आदतन पाया गया, उनमें डिप्रेशन के लक्षण भी ज्यादा देखे गए.

    क्या स्मार्टफोन हमेशा नुकसान पहुंचाता है?

    स्टडी में यह भी पाया गया कि फोन का इस्तेमाल हमेशा नुकसानदायक नहीं होता. अगर बुजुर्ग लोग वीडियो कॉल, मैसेजिंग या फोटो शेयरिंग के जरिए अपने परिवार और दोस्तों से जुड़े रहते हैं तो यह उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. समस्या तब शुरू होती है जब फोन सिर्फ अकेले बैठकर वीडियो देखने, स्क्रॉल करने या गेम खेलने का जरिया बन जाता है, इससे व्यक्ति धीरे-धीरे असल दुनिया के लोगों से दूरी बनाने लगता है.

    फोन का गलत इस्तेमाल कैसे बढ़ाता है अकेलापन?

    एक शोधकर्ता ने बताया कि जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति अपने फोन को असली सामाजिक जीवन की जगह इस्तेमाल करने लगता है तो यह डिप्रेशन का एक बड़ा संकेत हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि फोन ही बीमारी की वजह है, बल्कि यह कि फोन का गलत इस्तेमाल सामाजिक दूरी को बढ़ा सकता है.

    किन बुजुर्गों में ज्यादा देखा गया जोखिम?

    स्टडी में यह भी सामने आया कि कुछ खास समूहों में डिप्रेशन का खतरा ज्यादा देखा गया. जैसे वे बुजुर्ग पुरुष जिनकी शिक्षा कम थी और जो स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते थे. इनके लिए डिजिटल दुनिया को समझना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए वे अक्सर सिर्फ मनोरंजन वाले कंटेंट पर निर्भर हो जाते हैं और धीरे-धीरे अकेलेपन में चले जाते हैं. वहीं दूसरी तरफ, ज्यादा पढ़े-लिखे और अच्छे आर्थिक हालात वाले बुजुर्ग भी अगर फोन की लत में फंस जाते हैं तो उनके लिए भी अकेलापन और डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है.

    क्या स्मार्टफोन और डिप्रेशन का रिश्ता दोतरफा है?

    शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह जरूरी नहीं है कि ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल सीधे डिप्रेशन का कारण हो. यह भी हो सकता है कि जो लोग पहले से अकेलापन या उदासी महसूस कर रहे हों, वे ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने लगें.  यानी यह रिश्ता एक चक्र की तरह हो सकता है, जहां दोनों चीजें एक-दूसरे को बढ़ाती हैं.