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  • 3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    गुजरात के राजकोट ग्रामीण जिले के शापर-वेरावल क्षेत्र से एक ऐसा हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के खतरों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. पुलिस के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खुद को युवती बताकर एक युवक से संपर्क करने के बाद शुरू हुआ रिश्ता तीन साल तक विवादों में उलझा रहा और आखिरकार हत्या की वारदात पर जाकर खत्म हुआ. मामले में उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय युवक पीयूष कुमार खरवार को गिरफ्तार किया गया है.

    पुलिस के मुताबिक, 25 जून को शापर-वेरावल के पास मस्कत फाटक के नजदीक रेलवे की दीवार के पास एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला था. शव पर महिला के कपड़े थे, जिसके कारण शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध जरूर लगा, लेकिन पहले इसे दुर्घटनावश मौत मानकर कार्रवाई शुरू की गई. हालांकि, फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों की पुष्टि होने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला है.

    पुलिस जांच में सामने आया फर्जी पहचान का दावा

    इसके बाद राजकोट ग्रामीण पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर जांच तेज की. इसी दौरान उत्तर प्रदेश निवासी पीयूष कुमार खरवार को हिरासत में लिया गया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हैदराबाद में रहने के दौरान पीयूष की पहचान फेसबुक पर ‘निशा कुमार’ और इंस्टाग्राम पर ‘पूनम’ नाम से संचालित सोशल मीडिया प्रोफाइल से हुई थी. पुलिस के अनुसार, ये दोनों प्रोफाइल चंदन कुमार नामक व्यक्ति चला रहा था, जिसने खुद को महिला बताकर पीयूष से दोस्ती की थी.

    एक घटना के बाद बदला रिश्ते का पूरा सच

    पुलिस का कहना है कि समय के साथ दोनों साथ रहने लगे. जांच में यह भी सामने आया कि धार्मिक मन्नत का हवाला देकर चंदन शारीरिक संबंध बनाने से बचता रहा. इसी दौरान पीयूष ने उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करते हुए उसकी मांग में सिंदूर भी भरा था. पुलिस के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब पीयूष ने एक दिन चंदन को शेविंग करते देखा. इसके बाद उसे पता चला कि जिसे वह अब तक महिला समझ रहा था, वह वास्तव में पुरुष है. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा. जांच में सामने आया कि रोजगार की तलाश में पीयूष जहां-जहां गया, चंदन भी उसके संपर्क में बना रहा. यह सिलसिला हैदराबाद से उत्तर प्रदेश, फिर राजस्थान और अंत में राजकोट के पडवला इलाके तक पहुंचा.

    फैक्ट्री में विवाद के बाद हत्या का आरोप

    पुलिस के अनुसार, 21 जून को पडवला स्थित एक फैक्ट्री में दोनों के बीच फिर से कहासुनी हुई. आरोप है कि इसके बाद पीयूष चंदन को रेलवे ट्रैक के पास सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसने बड़े पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी ने शव को पत्थरों से ढक दिया और किसी को शक न हो, इसलिए वापस फैक्ट्री पहुंचकर सामान्य तरीके से काम करने लगा. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    क्या सच में हनुमान भक्त को विदा करने आया था बंदर? अंतिम यात्रा का ऐसा भावुक दृश्य, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

    सोचिए… एक गांव में किसी हनुमान भक्त का निधन हो जाता है। घर में मातम पसरा है और परिजन नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। तभी अचानक कुछ ऐसा होता है, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति कुछ पल के लिए स्तब्ध रह जाता है।

    झारखंड के देवघर जिले के सारठ प्रखंड के ब्रहासोली गांव में रहने वाले मुन्ना सिंह, जिन्हें लोग भगवान हनुमान का परम भक्त बताते थे, उनके निधन के बाद अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक एक बंदर वहां आ पहुंचा।

    पहले तो लोगों ने सोचा कि वह कुछ देर रुककर चला जाएगा, लेकिन आगे जो हुआ उसने सभी को भावुक कर दिया।

    बताया जाता है कि बंदर धीरे-धीरे अर्थी के पास पहुंचा, मृतक के चेहरे पर पड़ी चादर हटाई और कुछ देर तक उन्हें एकटक देखता रहा। इसके बाद उसने उनके गालों को चूमना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों का दावा है कि बंदर काफी देर तक उनके पास बैठा रहा और बेहद भावुक दिखाई दे रहा था। इस पूरे दृश्य को देखकर कई लोगों की आंखें भर आईं।

    मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे आस्था से जोड़ते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मानो स्वयं हनुमान जी अपने भक्त को अंतिम विदाई देने आए हों, जबकि अन्य इसे बंदर और इंसान के बीच भावनात्मक जुड़ाव का उदाहरण बता रहे हैं।

    कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

    जब अंतिम यात्रा शुरू हुई तो बंदर भी अर्थी के साथ-साथ चलता रहा। गांव के लोगों के अनुसार, वह श्मशान घाट तक शव यात्रा में शामिल रहा और पूरे समय अर्थी के आसपास ही मंडराता रहा।

    श्मशान पहुंचने के बाद भी बंदर वहां से नहीं गया। बताया जाता है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक वह वहीं बैठा रहा। लोगों ने कई बार उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर बाद वहां से गया।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, यह कहना संभव नहीं है कि बंदर का यह व्यवहार किसी धार्मिक या अलौकिक कारण से था। लेकिन इतना जरूर है कि इस भावुक दृश्य ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया है और आस्था व इंसान-जानवर के रिश्ते पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

     कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

    बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

    सास-ससुर भी निकले बेरहम

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

    रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

    पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

    पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

    प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.

  • क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    क्या चम्मच टेस्ट से पता चल सकता है किडनी, फेफड़ों या डायबिटीज का रोग? जानिए इस वायरल दावे की सच्चाई

    सोशल मीडिया पर अक्सर एक दावा वायरल होता है कि मुंह में चम्मच रखकर, उसे प्लास्टिक बैग में बंद करने और कुछ देर बाद उसकी गंध या रंग देखकर किडनी, फेफड़ों, लिवर, डायबिटीज या थायरॉयड जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।

    लेकिन यह दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। किसी भी प्रमुख चिकित्सा संस्था या विशेषज्ञ द्वारा इस “चम्मच टेस्ट” को बीमारी की जांच का विश्वसनीय तरीका नहीं माना गया है।

    क्या चम्मच टेस्ट भरोसेमंद है?

    नहीं। लार की गंध या चम्मच पर बने निशान देखकर—

    • किडनी रोग
    • फेफड़ों की बीमारी
    • डायबिटीज
    • लिवर रोग
    • थायरॉयड की समस्या
    • हाई कोलेस्ट्रॉल

    का सही और निश्चित पता नहीं लगाया जा सकता।

    यदि किसी व्यक्ति के मुंह से असामान्य गंध आती है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे—

    • मुंह की साफ-सफाई ठीक न होना
    • दांत या मसूड़ों की बीमारी
    • धूम्रपान
    • कुछ खाद्य पदार्थ
    • कुछ चिकित्सीय स्थितियां

    लेकिन केवल गंध के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    इन बीमारियों की सही जांच कैसे होती है?

    किडनी की जांच

    • रक्त में क्रिएटिनिन (Creatinine)
    • eGFR टेस्ट
    • यूरिन टेस्ट
    • आवश्यकता पड़ने पर अल्ट्रासाउंड

    डायबिटीज की जांच

    • फास्टिंग ब्लड शुगर
    • HbA1c
    • रैंडम ब्लड शुगर

    लिवर की जांच

    • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
    • अल्ट्रासाउंड (जरूरत पड़ने पर)

    फेफड़ों की जांच

    • डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच
    • एक्स-रे
    • सीटी स्कैन
    • स्पाइरोमेट्री (Spirometry)

    किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

    यदि आपको इनमें से कोई समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर मिलें—

    • लगातार सांस फूलना
    • लगातार खांसी
    • पैरों या चेहरे पर सूजन
    • पेशाब में बदलाव
    • अत्यधिक प्यास लगना
    • बार-बार पेशाब आना
    • लगातार थकान
    • बिना कारण वजन घटना

    निष्कर्ष

    चम्मच टेस्ट से किडनी, फेफड़ों, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों का पता लगाने का दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। यदि आपको किसी बीमारी का संदेह है, तो सही निदान के लिए केवल प्रमाणित मेडिकल जांच और योग्य डॉक्टर की सलाह पर भरोसा करें। समय पर जांच और उपचार ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • बेड छोड़ खटिया या जमीन पर सोना चाहिए? जानिए कमर, रीढ़ और नींद पर क्या पड़ता है असर..

    बेड छोड़ खटिया या जमीन पर सोना चाहिए? जानिए कमर, रीढ़ और नींद पर क्या पड़ता है असर..

    बेड छोड़ खटिया या जमीन पर सोना चाहिए? जानिए कमर, रीढ़ और नींद पर क्या पड़ता है असर..

    भारतीय गांवों में वर्षों से खटिया (चारपाई) पर सोने की परंपरा रही है। आज भी कई लोग मानते हैं कि खटिया पर सोना आरामदायक होता है और इससे शरीर को कई लाभ मिलते हैं। वहीं कुछ लोग जमीन पर सोने को भी स्वास्थ्य के लिए बेहतर बताते हैं। लेकिन क्या ये सभी दावे वैज्ञानिक रूप से सही हैं? आइए जानते हैं।

    खटिया पर सोने के संभावित फायदे

    1. हवा का बेहतर संचार

    रस्सी वाली खटिया के नीचे और ऊपर दोनों तरफ से हवा का प्रवाह होता है, जिससे गर्म मौसम में अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हो सकती है।

    2. सफाई में सुविधा

    खटिया हल्की होने पर उसे आसानी से हटाकर नीचे की सफाई की जा सकती है, जिससे धूल जमा होने की संभावना कम रहती है।

    3. ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती विकल्प

    चारपाई कम लागत में तैयार हो जाती है और वर्षों तक उपयोग की जा सकती है।

    4. आराम का अनुभव

    अच्छी तरह बुनी हुई खटिया कई लोगों को आरामदायक लगती है। हालांकि यह व्यक्ति की पसंद और शरीर की जरूरतों पर निर्भर करता है।

    क्या खटिया कमर दर्द से बचाती है?

    ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि केवल खटिया पर सोने से कमर दर्द या जोड़ों का दर्द हमेशा ठीक हो जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, नींद के लिए सबसे महत्वपूर्ण है—

    • गद्दे या सतह का उचित सपोर्ट
    • सही सोने की मुद्रा
    • व्यक्ति की शारीरिक स्थिति

    यदि खटिया बहुत ज्यादा ढीली हो गई है, तो इससे कुछ लोगों में कमर दर्द बढ़ भी सकता है।

    क्या जमीन पर सोना फायदेमंद है?

    कुछ लोगों को सख्त सतह पर सोने से आराम महसूस हो सकता है, लेकिन यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता।

    जमीन पर सोना—

    • कुछ लोगों में पीठ को बेहतर सपोर्ट दे सकता है।
    • लेकिन बुजुर्गों, गठिया के मरीजों, गर्भवती महिलाओं या हड्डियों की समस्या वाले लोगों के लिए असुविधाजनक हो सकता है।

    किन दावों के वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं?

    इन दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं—

    • खटिया पर सोने से सभी कमर दर्द खत्म हो जाते हैं।
    • इससे पाचन अपने आप बेहतर हो जाता है।
    • केवल जमीन पर सोने से नींद की हर समस्या ठीक हो जाती है।
    • खटिया पर सोने से अधिकांश बीमारियां दूर हो जाती हैं।

    अच्छी नींद के लिए क्या करें?

    • रोज एक ही समय पर सोएं और उठें।
    • साफ और आरामदायक बिस्तर का उपयोग करें।
    • कमरे का तापमान आरामदायक रखें।
    • सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग कम करें।
    • नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाएं।

    निष्कर्ष

    खटिया भारतीय जीवनशैली का एक पारंपरिक और उपयोगी हिस्सा रही है। यह गर्म मौसम में आरामदायक और किफायती विकल्प हो सकती है। वहीं जमीन पर सोना कुछ लोगों के लिए आरामदायक हो सकता है, लेकिन यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। यदि आपको लगातार कमर दर्द, गर्दन दर्द या नींद से जुड़ी समस्या है, तो चिकित्सक या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना सबसे बेहतर रहेगा।

  • शादी के बाद खुली असली पहचान, इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी का रेलवे ट्रैक पर हुआ दर्दनाक अंत..

    शादी के बाद खुली असली पहचान, इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी का रेलवे ट्रैक पर हुआ दर्दनाक अंत..

    शादी के बाद खुली असली पहचान, इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी का रेलवे ट्रैक पर हुआ दर्दनाक अंत..

    इंस्टाग्राम पर लड़की बनकर युवक को जाल में फंसाया, शादी भी की; जब खुली सच्चाई तो रेलवे ट्रैक पर लिख दिया खौफनाक अंत!

    गुजरात के राजकोट में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है जहां इंस्टाग्राम पर लड़की बनकर युवक से दोस्ती की, प्यार के जाल में फंसाया और शादी करके महिला के कपड़ों में उसके साथ रहने लगा. जब युवक को पता चला कि असल में उसकी पत्नी एक समलैंगिक युवक है तो दोनों के बीच आपसी विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया. गुस्साए पति ने पत्नी के भेस में छिपे बैठे युवक को रेलवे ट्रैक पर बुलाया और बेरहमी से हत्या कर दी. एक तरफ पुलिस ने राज्य के एक और बड़े हत्याकांड का खुलासा किया है तो वहीं युवक ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कानून के समक्ष अपनी आपबीती के बड़े खुलासे किए हैं.

    सोशल मीडिया पर हुई थी दोनों की मुलाकात

    पुलिस की पूछताछ में हत्या के आरोपी 20 वर्षीय पीयूष ने खुलासा किया उसकी मुलाकात चंदन से इंस्टाग्राम पर निशा और फेसबुक पर पूनम नाम की आईडी के जरिए हुई थी. जहां दोनों की दोस्ती हुई. चंदन ने लड़की बनकर पीयूष का भरोसा जीता और जल्दी रिश्ता प्यार में बदल गया.  दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं लेकिन धार्मिक मान्यता का हवाला देकर चंदन ने पीयूष के साथ संबंध बनाने से मना कर दिया. पीयूष ने साफ दिल समझकर निशा के भेष में छिपे चंदन से शादी कर ली और दोनों एक साथ रहने लगे.

    शेविंग करने देखा तो उड़े होश

    पुलिस दिए बयान में पीयूष ने बताया कि दोनों ने काफी लंबा वक्त एक साथ गुजारा, लेकिन एक दिन चंदन को शेविंग करते देख लिया था जिसके बाद चंदन के समलैंगिक होने का पर्दाफाश हो गया. पीयूष को पता चला कि चंदन को पुरुषों में ज्यादा रुचि थी जिसके चलते उसने पूरा खेल खेला. बस, इसी वक्त से दोनों के बीच मतभेद रहने लगा. दोनों के बीच आए दिन झगड़ा और विवाद होता. पीयूष ने बताया कि हैदराबाद से यूपी, राजस्थान और गुजरात…जहां-जहां वो नौकरी करने जाता वहां-वहां चंदन पहुंच जाता था.

    रेलवे ट्रैक के पास बेरहमी से कर डाली हत्या

    आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जून को एक बार फिर फैक्ट्री में काम के दौरान चंदन पीयूष से मिलने आया और दोनों के बीच झगड़ा होने लगे. जिसके बाद पीयूष चंदन को बहला-फुसलाकर रेलवे ट्रैक पर ले गया और वहां पत्थर से कुचलकर चंदन की हत्या कर दी. चंदन के शरीर और सिर पर गहरी चोटों के निशान मिले. पीयूष अंजान बनकर घटनास्थल से सीधा फैक्ट्री पहुंचा और मामला ठंडे बस्ते में चला गया.

    लाश मिलने पर हुआ खुलासा

    हत्या ते 4 दिन बाद, 25 जून को जब रेलवे फाटक के पास महिला के कपड़ों में एक सड़ी-गली लाश मिलने की सूचना मिली तो मामला आकस्मिक मौत का लगा. लेकिन पोस्टमार्टम ने सारे राज़ खोल दिए. महिला के भेष में चंदन के शव, सिर और शरीर पर गहरी चोटों के निशान मिले. पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए. स्थानीय पुलिस ने ह्यूमल इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली. उत्तर प्रदेश में छिपे बैठे 20 साल के पीयूष कुमार खरवार के घर पुलिस ने दस्तक दी. 

    पीयूष ने कबूला जुर्म

    पुलिस की पूछताछ के बाद पीयूष ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूला और सोशल मीडिया से शुरू हुई पूरी दांस्ता सुनाई. फिलहाल, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS)की धारा 103 (1) के तहत 20 वर्षीय पीयूष कुमार खरवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और मामले की जांच की जा रही है.

  • जोमैटो डिलीवरी पार्टनर की मजबूरी सुन भावुक हुआ ग्राहक, तुरंत बुक कर दी फ्लाइट टिकट..

    जोमैटो डिलीवरी पार्टनर की मजबूरी सुन भावुक हुआ ग्राहक, तुरंत बुक कर दी फ्लाइट टिकट..

    एक ग्राहक ने मां की गंभीर हालत से परेशान जोमैटो डिलीवरी पार्टनर के लिए 4 हजार रुपये का हवाई टिकट बुक कराया. यह मदद समय पर बेटे को मां तक पहुंचाने में काम आई और सोशल मीडिया पर खूब सराही गई.

    जोमैटो डिलीवरी पार्टनर की मजबूरी सुन भावुक हुआ ग्राहक, तुरंत बुक कर दी फ्लाइट टिकट..

     कभी-कभी इंसानियत का सबसे बड़ा परिचय किसी बड़ी दौलत से नहीं, बल्कि सही समय पर बढ़ाए गए एक छोटे से हाथ से मिलता है. ऐसा ही एक भावुक मामला सामने आया, जहां एक जोमैटो डिलीवरी पार्टनर अपनी मां की गंभीर हालत को लेकर परेशान था. उसी दौरान एक ग्राहक ने उसकी परेशानी समझी और बिना देर किए उसके लिए करीब 4 हजार रुपये का हवाई टिकट बुक कर दिया. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हजारों लोगों का दिल जीत रही है.

    इस घटना को एक्स यूजर अंकित पांडे ने साझा किया. उन्होंने बताया कि डिलीवरी पार्टनर पहले भी कई बार उनके घर आ चुका था, इसलिए वह उसे पहचानते थे. खाना देने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने झिझकते हुए एक गिलास पानी मांगा. अंकित ने उसे अंदर बुलाया. तभी उन्होंने देखा कि उसकी आंखें लाल थीं और वह काफी परेशान दिखाई दे रहा था.

    मां की हालत सुनकर लिया बड़ा फैसला

    बातचीत के दौरान डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि सुबह उसकी मां सीढ़ियों से गिर गई थीं और आईसीयू में भर्ती हैं. उसके पास घर जाने के लिए सिर्फ रात की ट्रेन थी, जिससे पहुंचने में करीब 30 घंटे लगते. उसे डर था कि शायद वह समय पर मां से नहीं मिल पाएगा. यह सुनकर अंकित ने पहले उसे अपने साथ खाना खिलाया और फिर इंटरनेट पर फ्लाइट खोजनी शुरू कर दी.

      4 हजार रुपये का टिकट कराया बुक

      अंकित को करीब 4 हजार रुपये का हवाई टिकट मिला और उन्होंने तुरंत उसे बुक कर दिया. जब डिलीवरी पार्टनर ने कहा कि वह पहले कभी हवाई अड्डे नहीं गया, तो अंकित ने भरोसा दिलाया कि उनका एक दोस्त वहां उसकी मदद करेगा. कुछ घंटों बाद वह सुरक्षित अपने घर पहुंच गया और अपनी मां से मिल सका.

      अगले दिन आई खुशखबरी

      अगली सुबह डिलीवरी पार्टनर का फोन आया. उसने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार उसकी मां अब खतरे से बाहर हैं और कुछ दिनों में अस्पताल से घर लौट सकती हैं. उसने टिकट पर खर्च हुए पूरे 4 हजार रुपये वापस भी भेज दिए. हालांकि अंकित ने वह रकम फिर लौटा दी और कहा कि इसका इस्तेमाल मां के इलाज और अस्पताल के खर्च में किया जाए.

      सोशल मीडिया पर मिली जमकर सराहना

      अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा कि किसी की जिंदगी बदलने के लिए हमेशा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती. कई बार एक गिलास पानी, एक वक्त का खाना और घर पहुंचने का एक टिकट ही किसी के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन जाता है. यह कहानी वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अंकित की जमकर तारीफ की और इसे इंसानियत की मिसाल बताया.

    • पत्नी की हत्या के बाद कंधे पर लाश लेकर घूमता रहा पति, लव मैरिज की कहानी का खौफनाक अंत..

      पत्नी की हत्या के बाद कंधे पर लाश लेकर घूमता रहा पति, लव मैरिज की कहानी का खौफनाक अंत..

      पत्नी की हत्या के बाद कंधे पर लाश लेकर घूमता रहा पति, लव मैरिज की कहानी का खौफनाक अंत..

      राजस्थान के अजमेर जिले से एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है. एक युवक ने घरेलू विवाद के अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. इसके बाद लाश को कंधे पर लादकर घूमता रहा. जब लोगों ने युवक के कंधे पर संदिग्ध बॉडी देखी तो पुलिस को सूचना दी. जानकारी के मुताबिक, महिला ने युवक के साथ एक पति को छोड़कर दूसरी शादी की थी. महिला के पहले पति से एक बच्ची भी है. पुलिस ने पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में आरोपी को जेल भेज दिया गया है.

      24 जून की रात की है घटना

      पुलिस के अनुसार, घटना अजमेर जिले के आदर्श नगर थाना क्षेत्र की 24 जून रात की है. थाना प्रभारी अनिल आदर्श ने घटना के बारे में बताया कि 24 जून की रात में करीब साढ़े तीन बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति एक बॉडी को कंधे पर लेकर परबतपुरा चौराहे पर बैठा है. जब पुलिस ने पता किया तो पति-पत्नी में झगड़े की बात सामने आई.

      आरोपी कानाराम भील और उसकी पत्नी माया भील के साथ किसी बात को लेकर विवाद किया. देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने पहले प्लास्टिक के पाइप से पत्नी पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब माया भील अपनी जान बचाने के लिए भागने लगी तो आरोपी ने उसका पीछा कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.

      शव को कंधे पर रखा घूमता रहा पति

      वारदात के बाद आरोपी पत्नी के शव को कंधे पर रखकर परबतपुरा बायपास क्षेत्र में घूमता रहा. संदिग्ध हालत में शव लेकर घूमते युवक को देखकर राहगीरों ने तुरंत आदर्श नगर थाना पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी अपने बच्चे को साथ लेकर वहां से फरार हो गया. जांच में सामने आया कि काना भील और माया भील का विवाह कुछ माह पहले ही हुआ था. दोनों के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था. मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

      पुलिस ने बताया कि शराब में मियां-बीवी का आपस में झगड़ा करते रहते थे. उस दिन भी दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. पति ने शराब पी रखी थी. पहले उसने प्लास्टिक के पाइप से पत्नी पर हमला किया. जब पत्नी जान बचाने के लिए वहां से भागी तो दौड़कर उसने पकड़ लिया और गला दबाकर हत्या कर दी. मृतका का नाम माया है. यह भीलवाड़ा के एक पालड़ी गांव की रहने वाली थी. जांच में पता चला कि इसकी पहले से भी शादी हो रखी थी. कानाराम के साथ दोबारा लव मैरिज करके रह रही थी. मृतका की पहले पति से एक बच्ची है. हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    • ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

      ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

      आपकी कार की चाबी जब्त कर सकती है‌ ट्रैफिक पुलिस? जानिए क्या है कानून

      ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

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      Can Constable Take Your Car Keys : आपकी गाड़ी की चाबी क्या ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान निकाल सकती है? इस आर्टिकल में जानिए मोटर व्हीकल एक्ट का असली कानून, कांस्टेबल के अधिकार और अपने लीगल राइट्स एकदम आसान भाषा में।

      Can Constable Take Your Car Keys : सड़कों पर गाड़ी चलाते समय हमारा सामना कभी-न-कभी ट्रैफिक पुलिस से हो ही जाता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि चालान काटने के चक्कर में पुलिस वाले आपकी तरफ झपटा मारकर गाड़ी की चाबी निकाल लेते हैं। उसके बाद मामला थोड़ा गंभीर हो जाता है।

      लोगों के दिमाग में यह सवाल जरूर आता है क्या ऐसे ट्रैफिक पुलिस हमारे गाड़ी से चाबी निकाल सकता है। ऐसे में आज हम बेहद आसान शब्दों में जानतें हैं कि ऐसा कोई नियम है या पुलिस मनमानी करती है।

      ट्रैफिक पुलिस को गाड़ी की चाबी निकालने का अधिकार नहीं

      बता दें, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के किसी भी क्लॉज या धारा में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी या कांस्टेबल को गाड़ी की चाबी निकालने या उसे जब्त करने का अधिकार नहीं है। पुलिस का काम नियमों का उल्लंघन होने पर गाड़ी का चालान काटना, दस्तावेज चेक करना या अधिक गंभीर मामला होने पर गाड़ी को जब्त करना है। मगर, सड़क पर जबरन चाबी छीनना गैर-कानूनी है। कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जा सकती है।

      चाबी निकालने पर क्या करें?

      कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी आपके साथ ऐसा करता है तो सबसे पहले शांत रहें। उनसे बहस या हाथापाई नहीं करें। तुरंत अपने फोन से उस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लें। उसके तुरंत बाद उस पुलिस कर्मी का नाम और उसकी नेम प्लेट पर दिख रहा बैच नंबर नोट करें। आप इस वीडियो और सबूत के साथ पास के पुलिस स्टेशन या ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।