Category: Crime

  • रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    रेस्टोरेंट में प्रेमिका से मिलने पहुंचा युवक, परिजन पहुंचे तो मचा बवाल, मारपीट में कई लोग घायल..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात अचानक बड़े विवाद में बदल गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने एक रेस्टोरेंट पहुंचा था। दोनों बातचीत कर ही रहे थे कि युवती के परिजन और उसका भाई वहां पहुंच गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू हो गया।

    बताया गया था कि मामला चांदपुर के एक बाजार स्थित रेस्टोरेंट का था। युवक और युवती एक टेबल पर बैठे थे, तभी युवती के परिजन वहां पहुंच गए। आरोप है कि परिजनों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में रेस्टोरेंट का माहौल पूरी तरह बदल गया और वहां चीख-पुकार मच गई।

    घटना के दौरान रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान युवती के परिजनों और रेस्टोरेंट पक्ष के लोगों के बीच भी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।

    बताया गया था कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडे और लोहे की सरिया तक इस्तेमाल किए गए। मारपीट में युवती पक्ष के तीन और रेस्टोरेंट पक्ष के दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

    घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। कई व्यापारी रेस्टोरेंट संचालक के समर्थन में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी थी। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • 105 साल के बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट ने किया ‘आजाद’, उम्रकैद की बाकी सजा माफ कर बंद किया मर्डर केस..

    105 साल के बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट ने किया ‘आजाद’, उम्रकैद की बाकी सजा माफ कर बंद किया मर्डर केस..

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए हत्या के दोषी 105 साल के एक बुजुर्ग को बड़ी राहत दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बुजुर्ग को जेल की सलाखों से हमेशा के लिए आजाद कर दिया है। अदालत ने उनकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए न सिर्फ उनका केस बंद कर दिया, बल्कि उनकी उम्रकैद की बाकी सजा को भी पूरी तरह माफ कर दिया है।

    मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए साफ किया कि भले ही उनकी उम्रकैद की पूरी अवधि खत्म न हुई हो, लेकिन उन्हें अब दोबारा हिरासत में नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने साल 2024 में दिए गए उनके अंतरिम जमानत के आदेश को पूर्ण और अंतिम रूप दे दिया है।

    अब समझिए पूरा मामला

    बता दें कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 1920 में जन्मे रसिक चंद्र मंडल को साल 1994 में एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उस समय उनकी उम्र 68 वर्ष थी। वह तब से जेल में बंद थे, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 नवंबर 2024 को उन्हें जमानत नहीं दे दी। बुजुर्ग होने के कारण उन्हें कई उम्र संबंधी बीमारियां और स्वास्थ्य समस्याएं थीं।

    इसके बाद 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने रसिक चंद्र मंडल की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उनकी याचिका खारिज हो गई थी।

    99 साल की उम्र में डाली थी रिहाई की याचिका

    गौरतलब है कि उम्र के 99वें साल में पहुंचने पर उन्होंने अपनी अत्यधिक उम्र और स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए समय से पहले रिहाई की याचिका दाखिल की। इसके बाद मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था।

    इसके बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2024 में उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी, जिसे अब अदालत ने फाइनल कर दिया है। इस फैसले के बाद अब 105 साल के रसिक चंद्र मंडल बिना किसी कानूनी बंदिश के एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में अपना बाकी जीवन जी सकेंगे।

  •  बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था।

     बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था।

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    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। राजधानी लखनऊ को गुरुवार को सहमा देने वाले डबल मर्डर और सुसाइड केस के बाद आरोप पर सफाई का दौर जारी है। ICICI बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था। दिव्या की हत्या और मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस के सामने आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ लोगों के प्रज्ञा मिश्रा को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठने के बाद उन्होंने सबका जवाब दिया।

    मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखकर मानस पर गंभीर आरोप लगाए और उसे ‘साइको हत्यारा बताया। पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है तो दिव्या की बहन के आरोपों ने पति-पत्नी के रिश्ते, कथित घरेलू हिंसा और घटना से पहले के हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शादी की पहली रात ही मानस ने रखी शर्त

    प्रज्ञा के मुताबिक, मानस का व्यवहार शादी के शुरुआती दिनों से ही सामान्य नहीं था। दिव्या की बहन प्रज्ञा ने मानस वाजपेई को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। प्रज्ञा के मुताबिक, सुहागरात में मानस ने घर के खर्चों की लिस्ट बनाकर आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। शादी की पहली रात ही मानस ने घर के खर्चों की एक सूची तैयार की थी और दिव्या के सामने आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। दिव्या ने शुरुआत में यह व्यवस्था स्वीकार कर ली, लेकिन बाद में जब उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया तो मानस को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है और पत्नी को चिटिंग करने वाली बताया।

    छोटी-छोटी बातों पर मारपीट का आरोप

    प्रज्ञा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मानस पर घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मानस छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या के साथ मारपीट करता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए लिखा कि अगर Blinkit से मंगाया गया कोई टमाटर खराब निकल आता था, तो मानस इसके लिए भी दिव्या को जिम्मेदार ठहराकर उसके साथ मारपीट करता था।

    बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट

    प्रज्ञा ने मानस और उसकी बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर उनकी बीमार मां के साथ भी मारपीट की थी और इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई थी।

    मानस अक्सर करता था दिव्या का पीछा

    प्रज्ञा ने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि मानस अक्सर दिव्या का पीछा करता था। लगातार तनाव की वजह से कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें उसके हाथ और पैर टूट गए थे। दिव्या को करीब डेढ़ से दो महीने तक इलाज कराना पड़ा। हाल ही में उसने दोबारा चलना शुरू किया था और घटना वाले दिन भी वह दर्द में थी। इसके बावजूद, प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी।

    रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी दिव्या

    प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या ने अब तक मानस के नाम का टैटू नहीं हटवाया था और वह हरतालिका तीज का व्रत रखने की तैयारी भी कर रही थी। इतनी प्रताड़ना के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी। प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या भीतर ही भीतर चाहती थी कि सब कुछ ठीक हो जाए और उसका पति सुधर जाए। इन दावों के जरिए उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर दिव्या अपने पति से पूरी तरह अलग होना चाहती थी, तो वह अब भी रिश्ते को बचाने की कोशिश क्यों कर रही थी। प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या की फैमिली कोर्ट (Family Court) में काउंसलर के साथ भी झड़प हुई थी।

    मानस के मोबाइल पर स्टेटस

    मानस बाजपेई ने गुरुवार को मोबाइल पर स्टेटस लगाया था कि ‘टूडे आइ किल माइ वाइफ, एज शी चीटेड मी, नाव हाइ हेव किल माइ सेल्फ एंड माइ सिस्टर…. हर सिस्टर प्रज्ञा एंड भरत नोज एवरीथिंक ( हमने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, वह मुझे धोखा दे रही थी, अब मैं खुद व अपनी बहन को मारने जा रहा हूं, प्रजा व भरत को पूरी जानकारी है।) दिव्या की बहन प्रज्ञा है और उसके जीजा भरत हैं। इसे पोस्ट ने सनसनी मचा दी। उसने यह भी लिखा था कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव सब कुछ जानते हैं।

  • किराएदार से हुआ मकान मालिक की पत्नी को प्यार, पति और बच्चे को छोड़कर प्रेमी संग हुई फरार; मंदिर में रचाई शादी..

    किराएदार से हुआ मकान मालिक की पत्नी को प्यार, पति और बच्चे को छोड़कर प्रेमी संग हुई फरार; मंदिर में रचाई शादी..

    उत्तर प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने उस समय पूरे इलाके में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। बताया गया था कि एक महिला अपने ही पति के मकान में रहने आए किराएदार युवक के संपर्क में आ गई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया था। इसके बाद महिला अपने पति और छोटे बच्चे को छोड़कर किराएदार युवक के साथ घर से चली गई थी।

    यह पूरा मामला जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित पति के अनुसार, उसने अप्रैल 2025 में एक युवक को अपने मकान में किराए पर कमरा दिया था। वह युवक अपनी पत्नी के साथ वहां रहने आया था। इसी दौरान उसकी पत्नी और मकान मालिक के बीच बातचीत शुरू हुई थी, जो आगे चलकर बढ़ती चली गई थी।

    कुछ समय बाद दोनों के बीच संबंध इतने गहरे हो गए थे कि उन्होंने घर छोड़कर साथ जाने का फैसला कर लिया था। पति का आरोप था कि सितंबर 2024 में उसकी पत्नी अपने छोटे बच्चे को लेकर किराएदार युवक के साथ घर से फरार हो गई थी।

    मंदिर में शादी का वीडियो भेजा गया था

    पत्नी और बच्चे के अचानक गायब होने के बाद पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखवाई थी। इसी बीच उसे जानकारी मिली थी कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ मंदिर में शादी कर ली थी।

    आरोप यह भी था कि शादी के बाद दोनों ने इसका वीडियो भी पति को भेज दिया था। वीडियो देखने के बाद पति के सामने पत्नी और बच्चे को लेकर स्थिति और भी गंभीर हो गई थी।

    बच्चे को लेकर विवाद चलता रहा था

    पीड़ित पति का कहना था कि वह अपने बच्चे को वापस पाना चाहता था। उसका दावा था कि बच्चे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बना हुआ था। इस मामले में पुलिस और न्यायालय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।

    पति के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी की गई थी, लेकिन उसने सुलह करने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने बच्चे से मिलना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

    मारपीट और धमकी के आरोप भी लगे थे

    पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया था कि न्यायालय से लौटने के बाद उसके साथ मारपीट की गई थी और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इन आरोपों को लेकर उसने अधिकारियों से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की थी।

    उसका कहना था कि घटना को कई महीने बीत चुके थे, लेकिन वह अब तक अपने बच्चे से नहीं मिल पाया था। उसने प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई करने और अपने बच्चे से मिलने का अधिकार दिलाने की मांग की थी।

    फिलहाल यह मामला उस समय पुलिस और प्रशासन के स्तर पर जांच और कार्रवाई के दायरे में चल रहा था। पति द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाई थी।

  • प्रेमी संग रंगरेलियां मना रही थी पत्नी, तभी आ गया पति, फिर जो हुआ बन गया चर्चा का विषय..

    प्रेमी संग रंगरेलियां मना रही थी पत्नी, तभी आ गया पति, फिर जो हुआ बन गया चर्चा का विषय..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। पत्नी को उसके परिचित युवक के साथ देखने के बाद पति ने विवाद या मारपीट करने के बजाय दोनों को साथ रहने की मंजूरी दे दी। बाद में उसने परिवार और परिचितों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी।

    बताया गया था कि दंपती की शादी करीब 25 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद चल रहा था। इसी वजह से पत्नी अलग जगह पर रहने लगी थी।

    इसी दौरान महिला की जान-पहचान एक दूसरे व्यक्ति से बढ़ गई। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। आसपास के लोगों को भी उनके संबंधों की जानकारी होने लगी थी।

    घटना वाले दिन पति अचानक उस स्थान पर पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी उस व्यक्ति के साथ मौजूद थी। पत्नी को उसके साथ देखकर पति ने हंगामा करने के बजाय एक अलग ही फैसला लिया। उसने परिवार के कुछ लोगों और परिचितों को वहां बुलाया और दोनों के रिश्ते को स्वीकार करने की बात कही।

    इसके बाद सबकी मौजूदगी में महिला ने उस व्यक्ति को वरमाला पहनाई। बाद में मंदिर में दोनों का विवाह भी कराया गया। इस दौरान आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहे और पूरा घटनाक्रम देखते रहे।

    बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था और दोनों अलग रहने के साथ वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने की कानूनी प्रक्रिया में भी थे। ऐसे में पति के इस फैसले ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।

    शादी के बाद महिला ने अपने पुराने परिचित के साथ रहने की बात कही। वहीं, पति के इस कदम की इलाके में काफी चर्चा हुई। लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ देखने के बाद पति ने विरोध करने के बजाय खुद दोनों के विवाह की पहल कर दी थी।

  • चार बच्चों की मां को लेकर भागा चार बच्चों का बाप, तीसरी बार बना दूल्हा, भड़के गांववालों ने महापंचायत में दी ‘सजा’

    चार बच्चों की मां को लेकर भागा चार बच्चों का बाप, तीसरी बार बना दूल्हा, भड़के गांववालों ने महापंचायत में दी ‘सजा’

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने पूरे गांव में चर्चा छेड़ दी थी। चार बच्चों की मां और चार बच्चों के पिता ने अपने पुराने रिश्तों से अलग होने के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और शादी कर ली। दोनों के इस फैसले के बाद गांव में मामला काफी गरमा गया था।

    बताया गया था कि दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। कुछ समय बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और गांव से बाहर चले गए। बाद में मंदिर में शादी की रस्में निभाते हुए एक-दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार करने का वीडियो भी सामने आया था।

    महिला के चार बच्चे बताए गए थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां थीं। वहीं, युवक के भी अपनी पिछली शादी से चार बच्चे थे। जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बन गया था और गांव में इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं।

    मामला बढ़ने के बाद गांव में महापंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों के फैसले को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई। कुछ ग्रामीणों ने इस रिश्ते को परिवार और सामाजिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं बताया। बच्चों पर इसके प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई।

    पंचायत में यह फैसला लिया गया कि दोनों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, दोनों ने अपने फैसले को लेकर पीछे हटने से इनकार किया था और साथ रहने की बात कही थी।

    इस घटना के बाद गांव में लंबे समय तक यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। एक तरफ दोनों के साथ रहने के फैसले को लेकर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ उनके पहले परिवारों और बच्चों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों के बीच चिंता देखने को मिली।

  • तुम्हें मेला घुमा लाता हूं. में प्रेमी-प्रेमिका की शादी, गांव वालों की सहमति से मंदिर में लिए सात फेरे…

    तुम्हें मेला घुमा लाता हूं. में प्रेमी-प्रेमिका की शादी, गांव वालों की सहमति से मंदिर में लिए सात फेरे…

    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कुछ समय पहले एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई थी, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। पांच साल से एक-दूसरे को चाहने वाले युवक और युवती आखिरकार गांव वालों की सहमति से शादी के बंधन में बंध गए।

    बताया गया था कि दोनों की पहचान कई साल पहले एक पारिवारिक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे उनका रिश्ता गहरा होता चला गया। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके कस्बे पहुंचा था, जहां दोनों ने पहले समय साथ बिताया और फिर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।

    इसी दौरान गांव वालों और युवती के परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ देर बाद युवक के परिजन भी वहां पहुंच गए, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई।

    करीब ढाई घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों की सहमति से यह फैसला लिया गया कि युवक और युवती की शादी करा दी जाए। इसके बाद पास के मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया और गांव के लोगों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।

    घटना के दौरान पुलिस की कोई सक्रिय भूमिका सामने नहीं आई थी। बताया गया था कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई, इसलिए मामला आपसी सहमति से ही सुलझ गया। यह प्रेम कहानी गांव में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।

  • विवाहिता को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेला, माता-पिता और भाई पर FIR

    विवाहिता को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेला, माता-पिता और भाई पर FIR

    रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने ही माता-पिता और भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद उसे मायके में जबरन रोक लिया गया और ससुराल जाने नहीं दिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसे घर में बंधक बनाकर जबरन अनैतिक गतिविधियों में धकेला गया।

    पीड़िता किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब हुई और पुलिस के पास पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

    शादी के बाद ससुराल नहीं जाने देने का आरोप

    महिला के मुताबिक, शादी के बाद वह अपने ससुराल जाना चाहती थी, लेकिन उसके मायके वालों ने उसे अपने घर में ही रोक लिया। आरोप है कि धीरे-धीरे परिवार का व्यवहार उसके प्रति बदलता गया और उसे अपनी मर्जी से कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने इस स्थिति का विरोध किया, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई।

    विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप

    शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने कथित गतिविधियों का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। उसे किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

    लगातार दबाव और कथित प्रताड़ना के बीच महिला ने आखिरकार पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    पीड़िता की शिकायत और बयानों के आधार पर पुलिस ने उसके माता-पिता और भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाने, धमकी देने और अनैतिक देह व्यापार से जुड़े कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

    पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    आरोपियों की तलाश में दबिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। नामजद आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला को कितने समय तक कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

    नोट: महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोप साबित होने तक नामजद लोगों को दोषी नहीं माना जा सकता।

  • गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    उत्तर प्रदेश के कन्नौज में खेल-खेल में एक स्कूली छात्र के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने परिवार के लोगों की सांसें रोक दीं। गिल्ली-डंडा खेलते समय दीवार से गिरा छात्र नीचे जमीन में गड़ी लाठी के ऊपर जा गिरा। लाठी उसके पेट को चीरते हुए शरीर के अंदर तक घुस गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।

    दीवार से गिरते ही लाठी पर जा गिरा छात्र

    बताया गया कि छात्र अपने दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था। इसी दौरान वह गिल्ली पकड़ने के लिए दीवार पर चढ़ा। संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे जा गिरा।

    नीचे मैदान में एक लाठी गड़ी हुई थी। छात्र उसी के ऊपर जा गिरा और लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि लाठी का एक बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर चला गया था।

    आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजन छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे के इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी गई।

    मां ने डॉक्टर से कहा- किसी भी तरह बेटे को बचा लीजिए

    कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने छात्र की हालत देखी और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। छात्र की मां ने डॉक्टरों से किसी भी कीमत पर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई।

    डॉक्टरों की टीम ने जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद रही, क्योंकि लाठी को सीधे बाहर निकालना बेहद खतरनाक हो सकता था।

    पांच घंटे तक चला ऑपरेशन

    रात करीब 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह लगभग 4 बजे तक चला। डॉक्टरों ने लाठी को निकालने के लिए बेहद सावधानी से काम किया।

    लाठी का एक हिस्सा शरीर के बाहर भी था। उसे ऑपरेशन थिएटर तक ले जाना संभव नहीं था, इसलिए पहले बाहर निकले हिस्से को काटा गया। इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद हिस्से को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में काटकर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    लाठी निकालने के साथ ही जहां-जहां अंदरूनी चोट लगी थी, वहां उपचार किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन सफल रहा।

    सात दिन अस्पताल में रहा छात्र

    ऑपरेशन के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे घर भेज दिया गया।

    बाद की जांच में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को ठीक बताया। बच्चे की जान बचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मां ने इलाज करने वाली पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।

    खेल के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बच्चों के खेलने की जगह पर आसपास मौजूद नुकीली या गड़ी हुई वस्तुएं कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों की वजह से छात्र की जान बच सकी।

  • किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार..

    किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार..

    किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 21 अगस्त को एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत हो गई, जब उसे गर्भावस्था की चिकित्सीय समाप्ति (MTP) के लिए डोडा जिले रेफर किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसी के कारण नाबालिग गर्भवती हुई थी।

    मुख्य घटनाक्रम

    पुलिस के अनुसार, खत्रू इलाके की रहने वाली यह नाबालिग लड़की किश्तवाड़ से डोडा जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ गई। गिरफ्तार शिक्षक के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

    पुलिस ने बयान में कहा, “गर्भावस्था, लड़की की मौत और मामले के अन्य पहलुओं से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए आगे की जाँच जारी है।” अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक उस अपराध में शामिल था जिसके कारण नाबालिग गर्भवती हुई।

    समुदाय में आक्रोश

    इस घटना की खबर फैलते ही जम्मू डिवीजन के दूरस्थ किश्तवाड़ जिले में सदमे और आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने इसे एक जघन्य अपराध करार दिया और दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की।

    जम्मू-कश्मीर में बाल अपराध के आँकड़े

    यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्यसभा में मॉनसून सत्र के दौरान पेश किए गए आँकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2024 में बच्चों के विरुद्ध अपराध के 887 मामले दर्ज हुए। इनमें से 444 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि वर्ष के अंत तक 537 मामलों की जाँच लंबित थी।

    आँकड़ों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 2024 में सजा दिलाने की दर मात्र 9.4 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष के अंत तक बाल अपराध से संबंधित 2,517 मामलों में ट्रायल लंबित था। गौरतलब है कि 2022 में 920 मामले, 2023 में 910 मामले और 2024 में 887 मामले दर्ज हुए — यानी संख्या में मामूली गिरावट के बावजूद सजा दिलाने की दर चिंताजनक रूप से निम्न बनी हुई है।

    2022 में सजा दिलाने की दर 11.7 प्रतिशत थी, 2023 में यह घटकर 8.7 प्रतिशत रह गई और 2024 में 9.4 प्रतिशत दर्ज की गई। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि बाल यौन अपराध के मामलों में त्वरित न्याय एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    क्या होगा आगे

    पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। यह भी देखा जाएगा कि क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं। न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार शिक्षक को अदालत में पेश किया जाएगा, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।