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  • ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

    ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

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    ग्वालियर में एक युवती की मौत के बाद अग्निवीर विकास बघेल पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है, युवती को वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया गया था।

    ग्वालियर में एक युवती की मौत के मामले ने गंभीर आरोपों के बाद सनसनी फैला दी है। पंजाब के अमृतसर में सेना की यूनिट में तैनात एक अग्निवीर पर युवती से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, मारपीट और जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने के आरोप लगे हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान युवती की मौत हो गई। सिरोल थाना पुलिस ने मामले में हत्या, दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित अग्निवीर विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है।

    शादी की बात टूटी, लेकिन फोन पर बढ़ता गया संपर्क

    पुलिस के मुताबिक सिरोल थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी की बातचीत चिनौर निवासी विकास बघेल से चली थी। दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मोबाइल नंबर भी साझा किए, लेकिन किसी कारण से रिश्ता तय नहीं हो सका। इसके बावजूद विकास लगातार युवती के संपर्क में रहा।

    आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले उसने युवती को मिलने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अश्लील वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

    वीडियो डिलीट करने के बहाने फिर बुलाया

    पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले विकास ग्वालियर आया था। सात अगस्त को उसने युवती को यह कहकर मिलने बुलाया कि वह उसका अश्लील वीडियो मोबाइल से डिलीट कर देगा। आरोप है कि मिलने के बाद उसने फिर युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।

    युवती ने विरोध किया तो पोसंपा रेस्त्रां के पास उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया और पानी पिलाकर आरोपित वहां से फरार हो गया।

    अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान मौत

    जहरीला पदार्थ खिलाए जाने के बाद युवती किसी तरह हजार बिस्तर अस्पताल के पास पहुंची और अपने ममेरे भाई को फोन कर बुलाया। स्वजन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    युवती का मरणासन्न बयान- दो बार कराया गर्भपात

    पुलिस ने अस्पताल में युवती का मृत्युकालिक कथन दर्ज किया था। इसमें उसने कथित तौर पर बताया कि वह करीब तीन वर्षों से प्रताड़ना झेल रही थी। उसका आरोप था कि विकास न तो उससे शादी कर रहा था और न ही उसे छोड़ रहा था। मिलने से इंकार करने पर मारपीट किए जाने की बात भी उसने कही।

    पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसके दो बार गर्भपात कराए गए। उसने बताया कि सात अगस्त को भी उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया गया था।

    मृत्यु के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोपित विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर ग्वालियर लाया गया है। पुलिस मामले में सामने आए आरोपों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

  • अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

    अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

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    जंडियाला गुरु में दसवीं के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध मौत हुई। गले पर निशान मिलने पर परिवार ने दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    अमृतसर के जंडियाला गुरु में 10वीं कक्षा के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए दो युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि गुरसेवक सिंह का गला दबाकर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

    परिवार के अनुसार गुरसेवक सिंह पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि रखता था। वह गांव के मैदान में अक्सर फुटबाल खेलता था और अच्छा खिलाड़ी था। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    छात्र के गले पर मिले निशान

    परिवार ने पुलिस को बताया कि छात्र के गले पर निशान मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें आशंका है कि उसका गला दबाकर हत्या की गई। परिवार ने आरोप लगाया कि दो युवकों ने कथित तौर पर गुरसेवक सिंह के साथ मारपीट की और बाद में उसका गला दबा दिया।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की

    डीएसपी बलजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि छात्र की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और वह किन लोगों के संपर्क में था। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    सुहागरात के बाद नई नवेली दुल्हन हुई गायब..?

    उत्तर प्रदेश के हाथरस में शादी के बाद एक ऐसा मामला सामने आया , जिसने दूल्हे और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। जिस घर में एक दिन पहले नई दुल्हन के आने से खुशियां थीं, वहां अगली सुबह अचानक हड़कंप मच गया था। रात को दुल्हन के साथ सोने वाला दूल्हा जब सुबह उठा तो वह कमरे से गायब थी।

    मामला हाथरस के सादाबाद कस्बे का बताया गया था। परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले झारखंड की एक युवती से युवक की शादी हुई थी। शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी और दुल्हन को घर लाने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था।

    शादी की पहली रात भी सब कुछ सामान्य था। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह उन्हें ऐसा झटका लगने वाला था।

    सुबह कमरे में नहीं मिली दुल्हन

    दूल्हे के मुताबिक, रात में दुल्हन ने उसे सो जाने के लिए कहा था। इसके बाद दोनों कमरे में चले गए थे। सुबह जब उसकी आंख खुली तो दुल्हन वहां मौजूद नहीं थी।

    परिजनों ने घर के दूसरे हिस्सों में तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। जब घर में रखे सामान की जांच की गई तो परिवार को पता चला कि कुछ नकदी और कीमती जेवर भी गायब थे।

    परिवार का दावा था कि करीब दो लाख रुपये की नकदी और कुछ आभूषण लेकर दुल्हन घर से चली गई थी। अचानक दुल्हन के गायब होने और सामान के भी नहीं मिलने से परिवार के होश उड़ गए थे।

    पहले से बनाई गई थी योजना?

    घटना के बाद आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों को आशंका थी कि दुल्हन ने यह कदम पहले से बनाई गई किसी योजना के तहत उठाया था। परिवार भी इसी दिशा में जानकारी जुटाने में लगा था।

    हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी। परिवार ने शुरुआती दौर में सामाजिक बदनामी और लोकलाज के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया था।

    बाद में परिजन दुल्हन की तलाश में जुट गए थे और मामले की जानकारी पुलिस को देने की तैयारी कर रहे थे। परिवार यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर शादी के महज एक दिन बाद दुल्हन अचानक कहां चली गई और घर से नकदी व जेवर कैसे गायब हो गए।

    एक दिन पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां अगले ही दिन हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा था कि आखिर नई नवेली दुल्हन ने ऐसा कदम क्यों उठाया।

  • महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ समय पहले पुलिस ने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया था। जांच के दौरान एक आरोपी को लेकर ऐसी बात सामने आई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी हो चुका था।

    मामला मुगलसराय क्षेत्र में हुई एक चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का एक सदस्य लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल था। पूछताछ में उसके बारे में बताया गया कि वह महीने में कई बार चोरी करता था और कुछ समय तक वारदात न करने पर बेचैनी महसूस करने लगता था।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। जांच में उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग जगहों पर हुई वारदातों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के कुछ सदस्य चोरी किए गए जेवरात का बंटवारा करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई।

    पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में सामने आई चोरी की आदत वाली बात की वजह से यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • सुधर जाओ,ये गंदा काम बंद कर दो..पति की डांट सुन पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, चीखों से दहल उठा मोहल्ला..

    सुधर जाओ,ये गंदा काम बंद कर दो..पति की डांट सुन पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, चीखों से दहल उठा मोहल्ला..

    उत्तर प्रदेश से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक महिला की घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, और शुरुआती जानकारी में जो बात सामने आई उसने लोगों को और भी चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि घटना से ठीक पहले पति ने अपनी पत्नी को गुटखा खाते हुए देख लिया था। इसके बाद घर में जमकर कहासुनी हुई और पति ने उसे गुटखा छोड़ने की सख्त हिदायत देते हुए डांट दिया था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामूली सी बात इतना बड़ा रूप ले लेगी।

    कुछ ही घंटों में बदल गया सब कुछ

    परिवार के मुताबिक, महिला को गुटखा खाने की आदत थी और वह अक्सर छिपकर इसका सेवन करती थी। उस दिन भी जब पति ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया, तो दोनों के बीच बहस बढ़ गई।

    कुछ ही समय बाद घर में अचानक अफरा-तफरी मच गई जब महिला की हालत बिगड़ती नजर आई। परिजन घबरा गए और तुरंत उसे अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पति की डांट के बाद महिला के इस कदम की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

    मोहल्ले में मातम, परिवार सदमे में

    इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है। पड़ोसी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक छोटी सी बात इतनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

    परिवार गहरे सदमे में है और महिला की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

    यह मामला अब इलाके में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।

  • गर्भवती होने की बात सामने आते ही मचा हड़कंप, रिश्ते के मामा के साथ मंदिर में हुई शादी..

    गर्भवती होने की बात सामने आते ही मचा हड़कंप, रिश्ते के मामा के साथ मंदिर में हुई शादी..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया था। ननिहाल में रह रही एक युवती ने जब परिजनों को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी तो घर में हड़कंप मच गया। जांच-पड़ताल के दौरान युवती के रिश्ते के मामा के साथ उसके संबंध होने की बात सामने आई।

    बताया गया था कि युवती के माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था और वह लंबे समय से अपने ननिहाल में रह रही थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां रिश्ते के मामा से बढ़ गईं। दोनों के बीच संबंध इस कदर आगे बढ़े कि युवती गर्भवती हो गई।

    जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो मामला थाने तक पहुंच गया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घटना सामने आने के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

    बताया गया कि पुलिस कार्रवाई के बीच युवक ने युवती से शादी करने की सहमति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से गांव के मंदिर में विवाह कराने का फैसला लिया गया।

    मंदिर में ग्रामीणों और परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में शादी की रस्में पूरी की गईं। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर साथ रहने का संकल्प लिया। इस दौरान गांव के कुछ जिम्मेदार लोग भी मौजूद रहे।

    रिश्तों की मर्यादा से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी चर्चा हुई थी। पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामला आगे किस तरह बढ़ा, इसे लेकर भी लोगों के बीच काफी समय तक बातचीत होती रही।

  • बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    जयपुर : जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में झाड़ियों के पीछे पड़ा वो प्लास्टिक का कट्टा सिर्फ एक सड़ती हुई लाश को नहीं छुपा रहा था, बल्कि खून से सने उस खौफनाक सच को भी दबाए बैठा था, जिसने रिश्तों के ताने-बाने को तार-तार कर दिया. 75 साल के बुजुर्ग जगदीश जाट को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि जिस घर को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, वही घर उनकी कब्र की वजह बनेगा. जब पुलिस ने कट्टे को खोला, तो भीतर पड़े सड़ चुके शव और उससे उठती बदबू ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. लेकिन सांगानेर सदर पुलिस की तीखी नजरों से वो मुजरिम बच न सके, जिन्होंने इस खूनी खेल की पटकथा लिखी थी.

    दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे जब राहगीरों ने झाड़ियों के पीछे से एक अजीब सी सड़न भरी बदबू महसूस की, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब प्लास्टिक के बोरे को काटा, तो उसमें 75 वर्षीय जगदीश जाट का शव मिला. लाश की हालत देखकर साफ लग रहा था कि कत्ल कई दिन पहले किया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब परिवार वालों को मौके पर बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और पुत्र सवाईराम जाट के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं. उनके चेहरे पर गम की जगह एक अजीब सा डर और हड़बड़ाहट साफ दिखाई दे रही थी. पुलिस उपायुक्त-दक्षिण राजर्षि राज की सतर्क टीम ने दोनों के इन संदिग्ध हाव-भावों को भांप लिया और बिना देर किए उन्हें हिरासत में ले लिया.

    शराब की लत और घर की कलह का खूनी अंत

    थाने के कड़े पहरे में जब पुलिस ने सजना देवी और सवाईराम से अलग-अलग पूछताछ शुरू की, तो दोनों ज्यादा देर तक झूठ के पुलिंदे के पीछे नहीं छिप सके. कड़ाई से हुई पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि मृतक जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और आए दिन घर में क्लेश और मारपीट करता था. रोज-रोज के इस झगड़े से तंग आकर मां-बेटे ने मिलकर जगदीश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया. उन्होंने मौका पाकर 18 अगस्त की शाम जब शराब के नशे में विवाद हुआ, तो पत्नी सजना देवी (70) और छोटे बेटे सवाईराम जाट (40) ने मिलकर पहले जगदीश का गला दबाया. फिर भी सांसें चलती देख कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से वार कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद आरोपी बेटा सवाईराम शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया. उसने कुल्हाड़ी से पिता के हाथ और गर्दन काटने का प्रयास किया. जब कुल्हाड़ी से अंग नहीं कटे तो उसने रसोई से चाकू और दांतली लाकर धड़ व हाथ अलग-अलग काट डाले. 19 अगस्त को पूरा दिन और रात शव घर में ही पड़ा रहा. बेटा रातभर लाश के साथ रहकर उसके टुकड़े करता रहा.

    कैब चालक की सतर्कता से खुली कत्ल की परतें

    20 अगस्त को तड़के करीब 3:30 बजे सवाईराम कट्टे में भरे शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुलाकर ले जाने की फिराक में था. लेकिन कट्टे से आती तेज बदबू के कारण टैक्सी चालक को अनहोनी की आशंका हुई और उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम मौके पर पहुंची. पानी की टंकी के पास खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच प्लास्टिक के कट्टे में बंद जगदीश चौधरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. पुलिस ने जब परिजनों को बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट के चेहरे के हाव-भाव देखकर पुलिस को तुरंत शक हो गया. डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और रोज-रोज के क्लेश व प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.

    टोंक में बहू की हत्या में भी जेल जा चुका है पूरा परिवार

    इस अंधे कत्ल की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि यह परिवार पहले से ही खूनी वारदातों में शामिल रहा है. आरोपी सजना देवी और सवाईराम जाट वर्ष 2024 (टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र) में अपनी ही बहू की हत्या के मामले में जेल जा चुके थे. इस संगीन वारदात में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी, दोनों बेटे (सवाईराम और रामअवतार) शामिल थे. पूरा परिवार करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, जबकि बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में ही बंद है. जमानत पर बाहर आते ही मां-बेटे ने मिलकर घर के मुखिया की ही बलि चढ़ा दी. सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

  • वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

    वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

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    जनपद मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम कुटी आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर घार निवासी संत राघवदास उर्फ राजकुमार (57) की चाकू से गोदकर हुई नृशंस हत्या और पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर शाम गांव पहुंचा।

    शव देखकर छोटे भाई अमित कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप, बहनें ज्योति, लक्ष्मी, पूजा, खुशबू और वृद्ध मां राजकुमारी सभी रोने विलखने लगे।

    स्वजन के अनुसार संत राघवदास पिछले नौ वर्षों से प्रेम कुटी आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे थे, उनका परिवार गांव में रहता है। आरोप लगाया कि आश्रम पर कब्जा करने की नियत से लवेदी क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी एक साधु और तीन अन्य लोगों ने 17 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आश्रम में घुसकर संत राघवदास से मारपीट की थी। यह जानकारी राघवदास ने फोन पर भाई भानु प्रताप को दी थी।

    स्वजन ने बताया कि 18 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे आरोपितों ने दोबारा आकर राघवदास पर हमला कर दिया और शरीर में नौ से दस जगह चाकू से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर गांव से 20 से 25 लोग वृंदावन पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घर के लिए भेज दिया था। घटना के बाद सभी हत्यारोपित फरार हो गए।

    भाई भानू प्रताप की तहरीर पर कोतवाली वृंदावन में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर का साधु है। अन्य आरोपित वृंदावन के बताए जा रहे हैं। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव में शोक की लहर है।

  • मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

    मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

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    घटना गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है जब बच्चे के दादा-दादी काम पर निकले हुए थे। बच्चे के दादा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपित महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।

    पारिवारिक विवाद की बात

    आरोपित महिला की पहचान अखिलेश राम की 25 वर्षीय पत्नी आरती कुमारी के रूप में की गई है। बच्चे के दादा कैलाश राम के अनुसार उनके पुत्र अखिलेश की शादी सात वर्ष पूर्व सोढ़ना माधोपुर निवासी आरती से हुई थी।

    अखिलेश पंजाब में मजदूरी करता है और दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

    गाछी में दिया जहर

    परिजनों का कहना है कि महिला पंद्रह दिन पहले मायके गई थी और बुधवार को ही ससुराल लौटी थी। गुरुवार दोपहर वह घर से 200 मीटर दूर गाछी में बच्चे को लेकर गई और बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया।

    मासूम आर्यन की हालत बिगड़ने पर महिला के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

    एफएसएल टीम ने की जांच

    थानाध्यक्ष अंजलि कुमारी ने बताया कि घटनास्थल से जहर की शीशी और बिस्किट का पैकेट बरामद किया गया है। सूचना मिलने के बाद एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है जहां जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

  • बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अक्सर फर्जी कॉल और ऑफर का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। प्रतिष्ठित जॉब पोर्टलों के नाम का इस्तेमाल कर एक गिरोह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।

    मामले का खुलासा साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए।

    नामी जॉब पोर्टलों के नाम पर करते थे संपर्क

    जांच में पता चला कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके बताया जाता था कि उनके लिए नौकरी का ऑफर आया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की तरफ से खुद को नौकरी दिलाने वाली कंपनी या एजेंसी से जुड़ा बताया जाता था।

    इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी मनी और ऑफर लेटर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। बेरोजगार युवक नौकरी की उम्मीद में आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर देते थे।

    पैसे मिलते ही ठग अपना मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस तरह नौकरी की उम्मीद लेकर फोन उठाने वाले लोगों को कुछ ही देर में हजारों रुपये का चूना लग जाता था।

    एक पीड़ित से 22 हजार रुपये से ज्यादा की ठगी

    पुलिस की पूछताछ में एक मामले का भी पता चला, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 22,480 रुपये वसूले गए थे। साइबर अपराध से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बना रहा था।

    महिलाओं की भी थी भूमिका

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। वे कॉल सेंटर की तरह लोगों से बातचीत करती थीं और नौकरी के नाम पर उन्हें भरोसे में लेने की कोशिश करती थीं।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई।

    नौकरी के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर नौकरी के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगने वालों की अच्छी तरह जांच करें।

    अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।