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  • आखिर क्या है श्रद्धा दुबे की लाइफस्टाइल से जुड़ा पूरा मामला? महंगी शराब से Adult Toy तक इन चीजों की चर्चा.

    आखिर क्या है श्रद्धा दुबे की लाइफस्टाइल से जुड़ा पूरा मामला? महंगी शराब से Adult Toy तक इन चीजों की चर्चा.

    आखिर क्या है श्रद्धा दुबे की लाइफस्टाइल से जुड़ा पूरा मामला? महंगी शराब से Adult Toy तक इन चीजों की चर्चा.

    लखनऊ के कारोबारी शिव शर्मा की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इस मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को लेकर उनकी जीवनशैली, संपर्कों और पिछले कुछ वर्षों में हुए बदलावों पर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान श्रद्धा दुबे के घर से महंगी शराब की बोतलें, विदेशी ब्रांड की सिगरेट और एक इलेक्ट्रॉनिक एडल्ट टॉय मिलने की बात सामने आई है। बताया गया है कि पुलिस ने इन सामानों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

    हालांकि, किसी के घर से सामान मिलना अपने आप में किसी अपराध का सबूत नहीं है। पुलिस की जांच का उद्देश्य इन वस्तुओं और संबंधित परिस्थितियों का मामले से कोई संबंध है या नहीं, यह पता लगाना है।

    CCTV फुटेज में दिखी शिव शर्मा के गिरने के बाद की हलचल

    रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को एक CCTV फुटेज भी मिला है, जिसमें शिव शर्मा के गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियां दिखाई देती हैं। बताया गया है कि उनके गिरने के बाद एक व्यक्ति रुकता है, जबकि कुछ अन्य लोग मदद के लिए आगे आते हैं।

    इसके बाद शिव शर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस इस फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई थी।

    CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों से अपने आप मौत की वजह या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं होती। इसके लिए अन्य साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों को भी देखना जरूरी है।

    2022 के बाद दोनों बहनों की जीवनशैली में बदलाव की जांच

    रिपोर्ट में बताया गया है कि श्रद्धा दुबे और उसकी छोटी बहन रश्मि दुबे वर्ष 2022 में काम के सिलसिले में लखनऊ आई थीं। इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी कई लोगों से जान-पहचान हुई और उनके संपर्कों का दायरा बढ़ा।

    अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पिछले चार वर्षों में उनकी जीवनशैली में आए बदलावों के पीछे क्या कारण थे और उनके खर्चों के लिए पैसे कहां से आते थे।

    इस तरह की जांच में आय के स्रोत, आर्थिक लेनदेन और संबंधित लोगों के बयानों जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, केवल महंगी चीजों का इस्तेमाल करना या लग्जरी जगहों पर जाना किसी गैरकानूनी गतिविधि का प्रमाण नहीं है।

    मुंबई के लग्जरी होटल में ठहरने की भी चर्चा

    मीडिया रिपोर्ट में श्रद्धा दुबे के सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़े होटलों में जाने और यात्रा करने से जुड़ी तस्वीरों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित द ओबेरॉय होटल में भी ठहरी थी।

    यह दावा भी किया गया है कि वह वहां एक बड़े नेता के बेटे के साथ रुकी थी। हालांकि, इस संबंध और होटल में ठहरने से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इसे जांच से जुड़ा दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।

    कारोबारी और प्रभावशाली लोगों से संपर्क की पड़ताल

    रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा दुबे के संपर्क में कुछ कारोबारी और संपन्न परिवारों के लोग भी थे। आरोप है कि कुछ लोगों से दोस्ती करने के बाद उन पर चोरी के आरोप लगाने और उन्हें फंसाने की धमकी देने जैसी बातें सामने आई थीं।

    एक अन्य मामले में प्रयागराज के एक भाजपा नेता द्वारा श्रद्धा को अपनी भतीजी बताते हुए हजरतगंज थाने में पैरवी किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में यह दावा भी है कि वह पुलिसकर्मियों को प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाती थी।

    इन आरोपों की सच्चाई और संबंधित घटनाओं का मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। किसी व्यक्ति के प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने भर से उसके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते।

    सोशल मीडिया पर भी चर्चा

    रिपोर्ट में श्रद्धा दुबे के सोशल मीडिया अकाउंट पर करीब 1.40 लाख फॉलोअर्स होने का जिक्र है। यह भी दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ वरिष्ठ अधिकारी उसे फॉलो करते थे और घटना के बाद कुछ लोगों ने उसे अनफॉलो कर दिया।

    सोशल मीडिया पर फॉलो करना या अनफॉलो करना किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पुलिस जांच और सत्यापित साक्ष्यों का इंतजार करना जरूरी है।

    अब किन पहलुओं पर टिकी है जांच?

    शिव शर्मा की मौत के मामले में CCTV फुटेज, घटनास्थल के हालात, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध फॉरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, पुलिस कथित संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल सबसे जरूरी सवाल यह है कि शिव शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और जांच में सामने आए तथ्यों का आपस में क्या संबंध है। किसी की जीवनशैली, निजी सामान या सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर अकेले दोष तय करना उचित नहीं होगा।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित जानकारी और आरोपों पर आधारित है। मामले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

  • बैंक खाते में पहले डालते हैं थोड़े पैसे, फिर लगाते हैं हजारों की चपत! क्या है Jumped Deposit Scam और कैसे बचें?.

    बैंक खाते में पहले डालते हैं थोड़े पैसे, फिर लगाते हैं हजारों की चपत! क्या है Jumped Deposit Scam और कैसे बचें?.

    बैंक खाते में पहले डालते हैं थोड़े पैसे, फिर लगाते हैं हजारों की चपत! क्या है Jumped Deposit Scam और कैसे बचें?.

    अगर आपके बैंक खाते में अचानक कुछ पैसे आ जाएं और उसके बाद किसी अनजान व्यक्ति का फोन आए कि रकम गलती से ट्रांसफर हो गई है, तो सावधान हो जाइए। यह साइबर ठगी का तरीका हो सकता है, जिसे Jumped Deposit Scam कहा जा रहा है। इसमें ठग पहले खाते में छोटी रकम भेजते हैं और फिर उसे वापस लेने के बहाने आपसे बड़ी रकम का UPI भुगतान करवाने की कोशिश करते हैं।

    भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक की चेतावनी के मुताबिक, अनजान रकम आने पर जल्दबाजी में कोई कदम उठाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए खाते में आए पैसे की पुष्टि किए बिना किसी भी भुगतान अनुरोध को मंजूरी न दें।

    क्या है Jumped Deposit Scam?

    Jumped Deposit Scam में साइबर ठग किसी व्यक्ति के बैंक खाते में थोड़ी रकम भेजते हैं। इसके बाद वे फोन करके दावा करते हैं कि पैसे गलती से उसके खाते में चले गए हैं और अब उन्हें वापस भेजने की जरूरत है।

    शुरुआत में यह मामला सामान्य लग सकता है। व्यक्ति को लगता है कि किसी ने गलती से पैसे भेज दिए हैं और उन्हें लौटाना उसकी जिम्मेदारी है। लेकिन ठग इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।

    वे पैसे वापस करने के नाम पर UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। यह रिक्वेस्ट खाते में आई रकम से काफी ज्यादा हो सकती है। अगर व्यक्ति बिना ध्यान दिए रिक्वेस्ट को मंजूरी दे देता है, तो उसके खाते से बड़ी रकम निकल सकती है।

    कैसे काम करता है यह साइबर स्कैम?

    पहला कदम: ठग आपके बैंक खाते में छोटी रकम भेजते हैं, जिससे आपको लगता है कि किसी ने गलती से पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं।

    दूसरा कदम: कुछ समय बाद फोन या मैसेज करके पैसे भेजने वाले व्यक्ति के रूप में कोई आपसे संपर्क करता है। वह जल्द से जल्द रकम लौटाने की अपील करता है।

    तीसरा कदम: पैसे वापस लेने के बहाने आपको UPI पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जाती है। कई बार जल्दबाजी या भावनात्मक दबाव बनाकर इसे तुरंत मंजूर करने के लिए कहा जाता है।

    चौथा कदम: यदि आप बिना जांच किए पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं, तो आपके खाते से आपकी सहमति के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर हो सकती है।

    ध्यान रखें, खाते में पैसे आना और किसी को पैसे भेजने की रिक्वेस्ट मंजूर करना दो अलग-अलग बातें हैं। किसी UPI अनुरोध को स्वीकार करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई जा रही रकम और लेनदेन का उद्देश्य जरूर जांचें।

    खाते में अनजान पैसे आ जाएं तो क्या करें?

    अगर आपके बैंक खाते में ऐसी रकम आती है, जिसके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है, तो घबराने या जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है।

    • बैंक से संपर्क करें: अपने बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या नजदीकी शाखा से संपर्क करके लेनदेन की जानकारी दें।
    • खुद से रकम वापस न भेजें: फोन करने वाले व्यक्ति के बताए खाते या UPI ID पर सीधे पैसे ट्रांसफर करने से बचें। बैंक से सही प्रक्रिया की पुष्टि करें।
    • UPI रिक्वेस्ट ध्यान से जांचें: अगर आपने भुगतान शुरू नहीं किया है, तो किसी अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को मंजूरी न दें।
    • सबूत सुरक्षित रखें: संदिग्ध कॉल, मैसेज, ट्रांजैक्शन आईडी और पेमेंट रिक्वेस्ट की जानकारी संभालकर रखें।
    • ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि खाते से पैसे निकल गए हैं, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करें।

    Jumped Deposit Scam से बचने के लिए SBI की सलाह

    1. अनजान व्यक्ति के दबाव में न आएं। अगर कोई पैसे वापस करने के लिए लगातार फोन कर रहा है या आपात स्थिति का हवाला दे रहा है, तो पहले बैंक से पुष्टि करें।

    2. बिना जांच के पेमेंट मंजूर न करें। UPI PIN डालने या भुगतान की मंजूरी देने से पहले प्राप्तकर्ता और रकम की जांच करें। पैसे प्राप्त करने के लिए आम तौर पर UPI PIN डालकर भुगतान मंजूर करने की जरूरत नहीं होती।

    3. संदिग्ध कॉल से सावधान रहें। कॉल करने वाले की पहचान केवल उसके दावे के आधार पर सही न मानें। बैंक से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।

    4. बैंक की जानकारी साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न बताएं।

    5. संदिग्ध नंबर की सूचना दें। ठगी का संदेह होने पर कॉल और मैसेज के सबूत सुरक्षित रखें, संबंधित नंबर को ब्लॉक करें और बैंक को इसकी जानकारी दें।

    क्या पैसे लौटाने के लिए UPI इस्तेमाल करना गलत है?

    नहीं, UPI से पैसे लौटाना अपने आप में गलत नहीं है। समस्या तब होती है, जब कोई अनजान व्यक्ति गलती से पैसे आने का बहाना बनाकर आपसे किसी बड़ी या संदिग्ध पेमेंट रिक्वेस्ट को मंजूरी दिलवाने की कोशिश करता है।

    अगर खाते में अनजान रकम आई है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय बैंक को इसकी जानकारी दें और रकम वापस करने का सही तरीका पूछें। इससे वास्तविक गलती की स्थिति में भी लेनदेन सुरक्षित तरीके से संभाला जा सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट और साइबर सुरक्षा संबंधी सामान्य सावधानियों पर आधारित है। किसी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में अपने बैंक और आधिकारिक साइबर अपराध शिकायत माध्यमों से संपर्क करें।

  • घर पर सफाई करने आया: प्रोफेशनल, कथित तौर पर चुरा ले गया पत्नी की शादी की अंगूठी! बेंगलुरु के युवक ने सुनाई आपबीती

    घर पर सफाई करने आया: प्रोफेशनल, कथित तौर पर चुरा ले गया पत्नी की शादी की अंगूठी! बेंगलुरु के युवक ने सुनाई आपबीती

    घर पर सफाई करने आया: प्रोफेशनल, कथित तौर पर चुरा ले गया पत्नी की शादी की अंगूठी! बेंगलुरु के युवक ने सुनाई आपबीती

    बेंगलुरु: घर की सफाई के लिए ऑनलाइन सर्विस बुक करना आजकल आम बात हो गई है, लेकिन अगर इसी दौरान घर से कोई कीमती सामान गायब हो जाए तो परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। बेंगलुरु के एक युवक शुभम मजूमदार ने आरोप लगाया कि Urban Company की InstaHelp सर्विस के जरिए घर आए एक प्रोफेशनल ने उनकी पत्नी की शादी की अंगूठी चुरा ली। युवक का दावा है कि शिकायत करने के बावजूद कंपनी की ओर से उन्हें समय पर संतोषजनक मदद नहीं मिली। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद अंगूठी करीब 100 किलोमीटर दूर से बरामद कर ली गई।

    इस मामले को लेकर शुभम ने LinkedIn पर अपनी आपबीती साझा की। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद ऑनलाइन घरेलू सेवाओं की सुरक्षा और शिकायतों पर कंपनियों की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    सफाई की सर्विस बुक की, लेकिन अंगूठी गायब होने का लगाया आरोप

    शुभम मजूमदार के मुताबिक, उन्होंने घर की सफाई के लिए Urban Company की InstaHelp सर्विस बुक की थी। उन्होंने बताया कि बुकिंग के लिए उन्होंने गोल्ड एक्सपर्ट सर्विस चुनी थी, जिसके लिए अतिरिक्त पैसे भी चुकाए थे।

    शुभम का आरोप है कि सर्विस के लिए घर आए प्रोफेशनल ने उनकी पत्नी की शादी की अंगूठी चुरा ली। अंगूठी गायब होने का पता चलने पर उन्होंने कंपनी के ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई और उम्मीद की कि कंपनी इस मामले में उनकी सहायता करेगी।

    उनके अनुसार, ग्राहक सेवा की ओर से फोन आया और अंगूठी बरामद कराने के लिए चार से पांच दिन का समय मांगा गया। उन्हें बताया गया कि कंपनी की रिकवरी टीम मामले में मदद करेगी। लेकिन शुभम का कहना है कि इंतजार करने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।

    ईमेल किया तो मिला ऑटोमेटेड जवाब

    LinkedIn पर साझा की गई अपनी पोस्ट में शुभम ने बताया कि एक दिन बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कंपनी के शिकायत अधिकारी को ईमेल किया। उन्होंने संबंधित प्रोफेशनल की जानकारी मांगी, ताकि वह मामले को आगे बढ़ा सकें।

    शुभम के मुताबिक, ईमेल के जवाब में उन्हें कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला और एक ऑटोमेटेड संदेश प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 48 घंटे बाद ग्राहक सेवा की ओर से दोबारा संपर्क किया गया और उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया।

    युवक का कहना था कि वह पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुके थे। ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि कंपनी भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और सामान की बरामदगी में मदद करेगी।

    पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर दूर से बरामद की अंगूठी

    इस पूरे मामले में शुभम के अनुसार, राहत की बात यह रही कि पुलिस ने जांच के दौरान उनकी पत्नी की अंगूठी बरामद कर ली। उन्होंने दावा किया कि अंगूठी उस जगह से करीब 100 किलोमीटर दूर बेची गई थी, जहां से उसे कथित तौर पर लिया गया था।

    शुभम ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि अंगूठी वापस लाने के लिए उन्हें इंटरसिटी कैब बुक करनी पड़ी। उनका आरोप था कि कंपनी की ओर से उन्हें लगातार जानकारी देने या अंगूठी वापस दिलाने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

    यह घटना उनके लिए इसलिए भी परेशान करने वाली रही, क्योंकि मामला केवल कीमती सामान गायब होने तक सीमित नहीं था। वह कंपनी की शिकायत प्रक्रिया और ग्राहक सेवा के रवैये से भी नाराज थे।

    अंगूठी की चिंता के बीच कंपनी ने भेजा रेटिंग का संदेश

    शुभम ने अपनी पोस्ट में एक और बात का जिक्र किया। उनके अनुसार, जब वह अंगूठी वापस पाने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें कंपनी की ओर से सर्विस का अनुभव साझा करने और रेटिंग देने का संदेश मिला।

    युवक ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वह अपनी शिकायत के समाधान का इंतजार कर रहे थे, तब उनसे सेवा की रेटिंग मांगी जा रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कंपनी की सर्विस का नाम बदलकर ‘InstaTheft in 10 mins’ रखने की बात लिखी।

    यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का हिस्सा बन गई। हालांकि, यह शुभम की नाराजगी में की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी, न कि कंपनी की सेवा के बारे में किसी आधिकारिक निष्कर्ष का प्रमाण।

    Urban Company ने क्या जवाब दिया?

    शुभम की पोस्ट पर Urban Company की ओर से भी प्रतिक्रिया दी गई। कंपनी ने असुविधा के लिए माफी मांगते हुए उनसे अपना रजिस्टर्ड संपर्क नंबर निजी संदेश (DM) में साझा करने को कहा, ताकि उनकी मदद की जा सके।

    इस पर शुभम ने जवाब देते हुए कंपनी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कंपनी के पास पहले से ही उनकी संपर्क जानकारी होनी चाहिए और शिकायत के समाधान के लिए उन्हें बार-बार वही जानकारी देने को कहना उचित नहीं है।

    उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी लिखा कि कंपनी को इस बात के लिए खेद जताना चाहिए था कि उन्हें करीब एक सप्ताह तक अपने स्तर पर और अपने खर्च पर अंगूठी वापस पाने की कोशिश करनी पड़ी।

    अन्य यूजर्स ने भी साझा किए अपने अनुभव

    शुभम की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने दावा किया कि उसके साथ भी ऐसी घटना दो बार हो चुकी है। उस यूजर ने कंपनी की टीम और नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई। हालांकि, यह उस यूजर का व्यक्तिगत दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

    इस मामले ने घरेलू सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ग्राहक अपने घर में किसी सर्विस प्रोफेशनल को बुलाते समय भरोसा करते हैं कि उनकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी और किसी समस्या की स्थिति में कंपनी उचित सहायता देगी।

    ऐसे मामलों में शिकायतों का समय पर जवाब देना, जांच में सहयोग करना और ग्राहक को स्पष्ट जानकारी देना महत्वपूर्ण होता है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर शुभम मजूमदार की LinkedIn पोस्ट और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। चोरी से जुड़े आरोपों और कंपनी की प्रतिक्रिया को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

  • 10वीं के छात्र को बहाने से ले जाकर चाकू से हमला करने का आरोप, चार सहपाठियों पर केस; दो गिरफ्तार

    10वीं के छात्र को बहाने से ले जाकर चाकू से हमला करने का आरोप, चार सहपाठियों पर केस; दो गिरफ्तार

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    जालंधर: पंजाब के जालंधर में दसवीं कक्षा के एक छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। शेर सिंह कॉलोनी के नहर पुल के पास हुई इस घटना में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। छात्र की मां की शिकायत पर पुलिस ने चार छात्रों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य दो की तलाश जारी है।

    स्कूल में हुआ था विवाद, पुरानी रंजिश की आशंका

    घायल छात्र की मां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि कुछ महीने पहले स्कूल में उनके बेटे का कुछ छात्रों के साथ विवाद हुआ था। परिवार को आशंका है कि इसी पुराने विवाद के चलते छात्र पर हमला किया गया।

    शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन छात्र के साथ पढ़ने वाला एक दोस्त उसे किसी काम से जाने की बात कहकर मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया। आरोप है कि जब वे शेर सिंह कॉलोनी के नहर पुल के पास पहुंचे, तो वहां तीन अन्य छात्र पहले से मौजूद थे।

    नहर पुल के पास चाकू से हमला

    परिवार की शिकायत के अनुसार, नहर पुल के पास छात्र पर चाकू से हमला किया गया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद घायल छात्र को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिवार के लोग परेशान हैं। फिलहाल छात्र का इलाज जारी है।

    चार छात्रों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

    छात्र की मां के बयान के आधार पर पुलिस ने चार छात्रों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी दो आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान हमले की वजह, घटनाक्रम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

    पुलिस जांच जारी

    इस घटना के बाद घायल छात्र के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।

    फिलहाल, हमले के पीछे पुराना विवाद होने की बात परिवार की शिकायत में कही गई है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

  • भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से हेरोइन तस्करी का मामला, 3 पैकेटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार.

    भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से हेरोइन तस्करी का मामला, 3 पैकेटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार.

    भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से हेरोइन तस्करी का मामला, 3 पैकेटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार.

    पठानकोट: पंजाब के पठानकोट जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हेरोइन के तीन पैकेट बरामद किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नशीले पदार्थों की यह खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराए जाने की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं।

    मक्खनपुर गांव के पास चलाया गया तलाशी अभियान

    जानकारी के मुताबिक, पुलिस को पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में मक्खनपुर गांव के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान दो संदिग्धों को पकड़ लिया गया और उनके पास से हेरोइन के तीन पैकेट बरामद किए गए।

    गिरफ्तार आरोपियों में से एक गुरदासपुर जिले का रहने वाला बताया गया है, जबकि दूसरा पठानकोट जिले के एक गांव का निवासी है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि बरामद नशीले पदार्थों से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    NDPS और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद हेरोइन कहां से आई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सीमा पार से ड्रोन किसने संचालित किया और खेप हासिल करने के लिए गिरफ्तार आरोपियों का किन संदिग्ध तस्करों से संपर्क था।

    सीमावर्ती इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

    घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस की गश्त और तलाशी अभियान तेज किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका को ध्यान में रखते हुए गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। ड्रोन के जरिए खेप गिराए जाने और आरोपियों के कथित तस्करी नेटवर्क से संबंधों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

  • 14 साल की नाबालिगा से दरिंदगी, डरा धमकाकर की हद पार.

    14 साल की नाबालिगा से दरिंदगी, डरा धमकाकर की हद पार.

    14 साल की नाबालिगा से दरिंदगी, डरा धमकाकर की हद पार.

    लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में 14 वर्षीय किशोरी के साथ कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर हैबोवाल थाना पुलिस ने भावेश कुमार नामक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि युवक ने किशोरी को धमकाकर उसका शोषण किया और शिकायत करने पर बदनाम करने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    कई दिनों से परेशान थी किशोरी

    पीड़िता की मां के अनुसार, उनकी बेटी पिछले करीब एक सप्ताह से डरी हुई और परेशान नजर आ रही थी। उसके व्यवहार में आए बदलाव को देखकर मां ने उससे बातचीत की। इस दौरान किशोरी ने रोते हुए अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में बताया।

    शिकायत के मुताबिक, करीब चार से पांच महीने पहले किशोरी की पहचान भावेश कुमार से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच घर के मोबाइल फोन के जरिए कभी-कभार बातचीत होने लगी थी।

    घर में अकेली होने पर घटना का आरोप

    पीड़िता के बयान के अनुसार, 28 सितंबर की रात आरोपी ने उस पर मिलने के लिए दबाव बनाया। उस समय परिवार के कुछ सदस्य काम के सिलसिले में घर से बाहर थे। आरोप है कि इसी दौरान युवक घर पहुंचा और किशोरी के साथ जबरन यौन संबंध बनाए।

    यह आरोप शिकायत में दर्ज कराए गए बयान पर आधारित हैं। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    धमकाकर बार-बार शोषण करने का आरोप

    किशोरी ने अपनी मां को बताया कि कथित घटना के बाद युवक उसे बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देने लगा। आरोप है कि इन धमकियों के जरिए वह उसे ब्लैकमेल करता था और बार-बार मिलने का दबाव बनाता था।

    परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। बेटी की आपबीती सुनने के बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी

    पीड़िता की मां की शिकायत और उपलब्ध बयानों के आधार पर हैबोवाल थाना पुलिस ने भावेश कुमार के खिलाफ संबंधित आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी की चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

    जांच अधिकारी आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने और आरोपों की जांच करने में लगी है। आरोपी की गिरफ्तारी और जांच के आगे के नतीजों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

  • शादी के महज 5 महीने बाद 26 वर्षीय सोनी की मौत, पति और सास पर प्रताड़ित करने का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    शादी के महज 5 महीने बाद 26 वर्षीय सोनी की मौत, पति और सास पर प्रताड़ित करने का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    शादी के महज 5 महीने बाद 26 वर्षीय सोनी की मौत, पति और सास पर प्रताड़ित करने का आरोप; दोनों गिरफ्तार.

    लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में शादी के महज पांच महीने बाद 26 वर्षीय नवविवाहिता की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की मां ने अपने दामाद और समधन पर बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति संदीप और सास सुमन कौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

    शादी के शुरुआती दिनों के बाद बढ़ने लगी परेशानी

    मृतका की मां चंदा देवी के अनुसार, उन्होंने करीब पांच महीने पहले अपनी बेटी सोनी की शादी संदीप के साथ धार्मिक रीति-रिवाजों से कराई थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने नए घर में सुखी रहेगी, लेकिन शिकायत के मुताबिक शादी के शुरुआती दो महीने ठीक रहने के बाद परिस्थितियां बदलने लगीं।

    मां का आरोप है कि शादी के करीब तीन महीने बाद सोनी ने फोन पर रोते हुए अपनी परेशानी बताई थी। उसने कथित तौर पर कहा था कि उसका पति और सास छोटी-छोटी बातों पर उससे झगड़ते थे और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।

    चोरी के आरोप लगाने और बेइज्जत करने का दावा

    परिवार की शिकायत के मुताबिक, सोनी के ससुराल वाले उस पर घर में चोरी करने जैसे आरोप भी लगाते थे। मां का कहना है कि इन आरोपों और कथित प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।

    परिजनों ने बताया कि वे बेटी को समझाते रहे कि वह धैर्य रखे और परिवार में बातचीत के जरिए परिस्थितियां सुधारने की कोशिश करे। लेकिन शिकायत के अनुसार, विवाद कम होने के बजाय बढ़ते चले गए।

    11 अक्टूबर को मारपीट का आरोप

    चंदा देवी ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को संदीप और उसकी मां सुमन कौर ने सोनी के साथ मारपीट की और उसे अपमानित किया। परिवार का दावा है कि इस घटना के बाद सोनी काफी आहत थी।

    अगले दिन, 12 अक्टूबर को सोनी अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मृतका की मां के बयान के आधार पर पति संदीप और सास सुमन कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा सके।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और मृतका के परिवार की शिकायत पर आधारित है। प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।

  • आपकी बेटी होटल के कमरा नंबर 105 में है” मैसेज देखकर परिवार के उड़े होश, युवती की संदिग्ध हत्या; युवक के खिलाफ केस दर्ज.

    आपकी बेटी होटल के कमरा नंबर 105 में है” मैसेज देखकर परिवार के उड़े होश, युवती की संदिग्ध हत्या; युवक के खिलाफ केस दर्ज.

    आपकी बेटी होटल के कमरा नंबर 105 में है” मैसेज देखकर परिवार के उड़े होश, युवती की संदिग्ध हत्या; युवक के खिलाफ केस दर्ज.

    अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में एक युवती की होटल के कमरे में मृत पाए जाने के बाद सनसनी फैल गई। परिवार का आरोप है कि शादी से इनकार करने पर युवक ने उसकी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। युवती का शव होटल के कमरा नंबर 105 से बरामद हुआ। मामले में मोहकमपुरा थाना पुलिस ने हरियाणा के करनाल जिले के नीलोखेड़ी निवासी ऋतिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    रूस में हुई थी दोनों की मुलाकात

    परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, तरुणप्रीत कौर मार्च 2025 में स्टडी वीजा पर रूस गई थी। वहां उसकी पहचान ऋतिक से हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। बताया गया कि कुछ समय बाद उनके बीच विवाद होने लगे। परिवार का आरोप है कि ऋतिक युवती पर शादी करने का दबाव बना रहा था।

    शिकायतकर्ता सुखजिंदर सिंह के अनुसार, विवाद के दौरान ऋतिक ने कथित तौर पर उनकी बेटी का पासपोर्ट फाड़ दिया। इसके बाद परिवार ने उसके लिए नया व्हाइट पासपोर्ट बनवाया और उसे वापस भारत बुला लिया।

    भारत लौटने के बाद भी शादी के लिए दबाव देने का आरोप

    परिवार का कहना है कि कुछ समय बाद ऋतिक भी भारत लौट आया और तरुणप्रीत के संपर्क में रहने लगा। आरोप है कि वह उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। इसी बीच परिवार को कथित तौर पर पता चला कि ऋतिक के खिलाफ पहले भी कुछ मामले दर्ज हैं। इसके बाद युवती शादी को लेकर पीछे हटने लगी।

    हालांकि, इन परिस्थितियों और विवाद के बीच वास्तव में क्या हुआ, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

    घर से क्लास के लिए निकली थी युवती

    परिवार के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले सुबह तरुणप्रीत अपनी एक्टिवा लेकर घर से निकली थी। उसने परिजनों को बताया था कि वह क्लास लगाने जा रही है। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी।

    परिवार के लोगों ने कई बार फोन करके उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने कॉल का जवाब नहीं दिया। इस दौरान परिजन उसकी तलाश को लेकर परेशान थे।

    व्हाट्सऐप मैसेज ने खोला होटल का पता

    इसी बीच युवती के परिवार के एक रिश्तेदार अमृतपाल सिंह को ऋतिक की ओर से व्हाट्सऐप पर संदेश मिला। परिवार के मुताबिक, संदेश में बताया गया था कि तरुणप्रीत होटल के कमरा नंबर 105 में है।

    यह जानकारी मिलने के बाद परिजन होटल पहुंचे। वहां कमरे में तरुणप्रीत मृत अवस्था में मिली। परिवार का आरोप है कि उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस दृश्य के बाद परिवार में मातम छा गया।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार को सौंप दिया गया।

    पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर ऋतिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब घटना से जुड़े हालात, युवती और आरोपी के बीच हुए विवाद तथा होटल में हुई घटना की कड़ियों की जांच कर रही है।

    फिलहाल हत्या के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • पत्नी के पहले पति के पास जाने के बाद घर में अकेले रह गए प्रमोद कुमार, सुबह कुल्हाड़ी से हत्या का खुलासा; पुलिस जांच में जुटी.

    पत्नी के पहले पति के पास जाने के बाद घर में अकेले रह गए प्रमोद कुमार, सुबह कुल्हाड़ी से हत्या का खुलासा; पुलिस जांच में जुटी.

    पत्नी के पहले पति के पास जाने के बाद घर में अकेले रह गए प्रमोद कुमार, सुबह कुल्हाड़ी से हत्या का खुलासा; पुलिस जांच में जुटी.

    मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा में एक व्यक्ति की घर के अंदर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान प्रमोद कुमार के रूप में हुई है। वह सोमवार रात अपने घर में अकेले सो रहे थे। मंगलवार सुबह दूध देने पहुंचे दूधवाले ने घर के बाहर खून देखा, जिसके बाद घटना का पता चला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    सुबह दूध देने पहुंचे व्यक्ति ने देखा खून

    जानकारी के मुताबिक, ठाकुरद्वारा में फरीदनगर रोड पर गैस गोदाम के पीछे बने मकान में प्रमोद कुमार रहते थे। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे दूध देने पहुंचे व्यक्ति की नजर घर के बाहर पड़े खून पर पड़ी। यह देखकर उसने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। मृतक की पत्नी को भी इसकी सूचना दी गई।

    घर के अंदर प्रमोद कुमार का शव मिलने के बाद पुलिस को बुलाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनकी हत्या कुल्हाड़ी से किए जाने की आशंका है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

    सात साल पहले हुई थी दूसरी शादी

    बताया जाता है कि मूंढापांडे के रहने वाले प्रमोद कुमार ने करीब सात साल पहले ठाकुरद्वारा की सुनीता से शादी की थी। सुनीता की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसके तीन बच्चे हैं, जो अपने पहले पति के साथ रहते हैं।

    करीब छह महीने पहले प्रमोद कुमार ने ठाकुरद्वारा में फरीदनगर रोड स्थित गैस गोदाम के पीछे एक मकान बनवाया था। इसके बाद से वह वहीं रहने लगे थे। बताया गया है कि सुनीता दिन में प्रमोद के साथ रहती थी, जबकि रात में अपने पहले पति जगन्नाथ के पास चली जाती थी।

    पत्नी के जाने के बाद घर में अकेले थे प्रमोद

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे सुनीता प्रमोद के घर से अपने पहले पति जगन्नाथ के पास चली गई थी। इसके बाद प्रमोद घर में अकेले रह गए। अगली सुबह उनकी हत्या की खबर सामने आई।

    प्रमोद कुमार लोगों को ब्याज पर रुपये देने का काम भी करते थे। हालांकि, उनकी हत्या का संबंध इस काम से था या पारिवारिक परिस्थितियों से, इस बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हत्या किसने और किस वजह से की, इसका पता लगाने के लिए पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। फिलहाल किसी के शामिल होने या हत्या के पीछे किसी खास कारण की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आगे मिलने वाले साक्ष्यों के बाद ही मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। हत्या के कारण और जिम्मेदार व्यक्ति के संबंध में पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी दावे को अंतिम सत्य न माना जाए।

  • बॉक्सर से नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर झोटा तक का सफर, कभी खुद जूझे थे लत से; विरोध के दौरान दर्ज हुए कई मामले.

    बॉक्सर से नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर झोटा तक का सफर, कभी खुद जूझे थे लत से; विरोध के दौरान दर्ज हुए कई मामले.

    बॉक्सर से नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर झोटा तक का सफर, कभी खुद जूझे थे लत से; विरोध के दौरान दर्ज हुए कई मामले.

    मानसा: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। करीब 39 वर्षीय परविंदर कभी पेशेवर बॉक्सर थे। बताया जाता है कि वह खुद भी नशे की लत से जूझ चुके थे, लेकिन इससे बाहर निकलने के बाद उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान शुरू किया। अप्रैल 2023 में शुरू हुई उनकी मुहिम का नारा था—‘नशा रोको, रोजगार दो’। हालांकि, नशे के खिलाफ उनकी इस लड़ाई के दौरान कई विवाद हुए और उनके खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

    नशे की लत से बाहर निकलकर शुरू की मुहिम

    परविंदर सिंह झोटा का सफर एक पेशेवर बॉक्सर के रूप में शुरू हुआ था। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, वह करीब आठ साल तक नशे से दूर रहे। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चिंता बढ़ने पर उन्होंने मानसा में नशे के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का फैसला किया।

    अप्रैल 2023 में उन्होंने किसान संगठनों से समर्थन और मार्गदर्शन लेकर अपनी मुहिम शुरू की। इसका नाम रखा गया—‘नशा रोको, रोजगार दो’। अभियान के जरिए उनका जोर नशे की बिक्री रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने पर था।

    धीरे-धीरे उनकी मुहिम मानसा और बठिंडा के आसपास के गांवों तक पहुंचने लगी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ गांवों में स्थानीय लोगों ने नशे के खिलाफ समितियां भी बनाईं। परविंदर लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देते थे और नशीले पदार्थों की कथित बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे।

    मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर हुए विवाद

    मुहिम के दौरान परविंदर ने कुछ मेडिकल स्टोरों और नशे की बिक्री में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की। रिपोर्ट में बताया गया है कि वह कुछ दुकानों और घरों तक भी पहुंचे, जहां नशीली गोलियां बेचे जाने का संदेह था।

    इसी दौरान उनके खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज होने लगीं। वर्ष 2023 में एक मेडिकल स्टोर से जुड़ी घटना में परविंदर ने कथित तौर पर एक बच्चे को 400 रुपये की गोलियां लेकर निकलते देखा। उन्होंने बच्चे को रोककर दुकानदार से पैसे वापस दिलवाए। इसके बाद उनके खिलाफ 400 रुपये की वसूली से संबंधित शिकायत दर्ज हुई थी।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मामला बढ़ने के बाद शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली और परविंदर को उस मामले में राहत मिली। इसके अलावा भी अभियान के दौरान कुछ अन्य घटनाओं को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।

    हत्या की कोशिश समेत अन्य आरोप भी लगे

    नशे के खिलाफ अभियान के दौरान परविंदर पर एक व्यक्ति की हत्या की कोशिश सहित अन्य आरोप भी लगाए गए थे। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से नामजद किए जाने की बात कहते हुए आरोपों से मुक्त किया था।

    इन घटनाओं से साफ है कि उनकी मुहिम के दौरान नशे के कारोबार के खिलाफ विरोध के साथ-साथ कानूनी विवाद भी सामने आए। हालांकि, प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति और उसका अंतिम परिणाम संबंधित पुलिस रिकॉर्ड तथा न्यायिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकता है।

    केमिस्ट अश्विनी कुमार से हुआ था विवाद

    रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में नशे के खिलाफ अभियान के दौरान परविंदर का सामना मानसा के केमिस्ट अश्विनी कुमार से हुआ था। उस समय अश्विनी कुमार की दुकान से कथित तौर पर 39 नशीली गोलियां बरामद होने की बात कही गई थी।

    बताया जाता है कि उस घटना के बाद परविंदर और अश्विनी कुमार के बीच कई बार विवाद हुआ। एक घटना में परविंदर ने अश्विनी कुमार के गले में जूतों की माला डालकर उसे गलियों में घुमाया था। इस पुराने विवाद ने दोनों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया था।

    हालांकि, किसी भी पुराने विवाद को हत्या का कारण मानने से पहले पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।

    लाइव प्रसारण के दौरान गोली मारने का आरोप

    समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, घटना वाले दिन परविंदर नशे के कथित कारोबार को लेकर अश्विनी कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठा रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि अश्विनी कुमार ने पिस्तौल निकालकर परविंदर पर तीन गोलियां चला दीं।

    गोली लगने के बाद परविंदर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या से जुड़े तथ्यों तथा घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

    नशे के खिलाफ अभियान छोड़ गया बड़ा सवाल

    परविंदर झोटा की कहानी नशे की लत से बाहर निकलने और उसके खिलाफ लोगों को जागरूक करने की कोशिश से शुरू हुई थी। उनके अभियान ने कुछ स्थानीय लोगों को एकजुट किया, लेकिन इसके साथ कई विवाद और कानूनी मामले भी जुड़े रहे।

    उनकी हत्या ने पंजाब में नशे की समस्या, इसकी कथित अवैध बिक्री के खिलाफ स्थानीय स्तर पर होने वाले विरोध और ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई की जरूरत पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नशे के खिलाफ अभियान चलाने वालों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच भी इस मामले से जुड़े अहम मुद्दे हैं।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी पर आधारित है। पुराने विवादों, दर्ज मामलों और हत्या से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जानी चाहिए।