Category: Crime

  • घरों में घुसता, महिलाओं को चुनता और कर देता कत्ल… कौन था साइको किलर जितेंद्र ध्रुव?..

    घरों में घुसता, महिलाओं को चुनता और कर देता कत्ल… कौन था साइको किलर जितेंद्र ध्रुव?..

    घरों में घुसता, महिलाओं को चुनता और कर देता कत्ल… कौन था साइको किलर जितेंद्र ध्रुव?..

    छत्तीसगढ़ का साइको किलर जितेंद्र ध्रुव ऐसा एक खौफनाक नाम है, जिसने महज 11 महीनों के भीतर छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी. वह चोरी करने के इरादे से घरों में घुसता था, महिलाओं को आसान निशाना समझता था और जो भी उसके सामने आ जाता, उसे मौत के घाट उतार देता था.

    कौन था साइको किलर जितेंद्र ध्रुव? महिलाओं को बनाता था निशाना

    Psycho Killer Jitendra Dhruv: कुछ अपराधी पैसों के लिए हत्या करते हैं, कुछ बदले की भावना में, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जिनके लिए किसी की जान लेना एक सनक बन जाती है. ऐसे अपराधियों के लिए इंसानी जिंदगी की कोई कीमत नहीं होती. वे खून-खराबे में ही रोमांच महसूस करते हैं और अपने शिकार को तड़पते देखकर उन्हें अजीब सा सुकून मिलता है. 

    छत्तीसगढ़ का साइको किलर जितेंद्र ध्रुव भी ऐसा ही एक खौफनाक नाम है, जिसने महज 11 महीनों के भीतर छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी. वह चोरी करने के इरादे से घरों में घुसता था, महिलाओं को आसान निशाना समझता था और जो भी उसके सामने आ जाता, उसे मौत के घाट उतार देता था.

    जब आरोपी ने धारदार हथियार से खत्म कर दिया हंसता खेलता परिवार

    घटना 12-13 जुलाई, 2017 की रात थी. ज़िले के तेलिन सत्ती के रहने वाले महेंद्र सिन्हा, उनकी पत्नी उषा सिन्हा और उनका छोटा बेटा त्रिलोक घर पर थे. अचानक एक आदमी आया और उसने सिन्हा परिवार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमलावर गुस्से में लग रहा था. वह बस उन तीनों को मारना चाहता था. उसका मकसद बस उन्हें मारना था. उसने कोई रहम नहीं दिखाया, उन पर हमला करता रहा. उसने बच्चे को भी नहीं छोड़ा. हमला इतना बेरहमी से किया गया कि महेंद्र, उनकी पत्नी उषा और उनके बेटे त्रिलोक की मौके पर ही मौत हो गई.

    जब पुलिस को इस ट्रिपल मर्डर केस का पता चला, तो हंगामा मच गया. पुलिस ने तेज़ी से जांच शुरू की. पूरी जांच और पूछताछ के बाद, पुलिस ने आखिरकार कातिल को पकड़ लिया. आरोपी की पहचान तेलिन सत्ती के रहने वाले जितेंद्र ध्रुव के तौर पर हुई. गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

     पहले भी कर चुका था तीन मर्डर 

    जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, उन्हें चौंकाने वाली जानकारी मिली. उन्हें पता चला कि इस पागल हत्यारे ने सिन्हा परिवार को मारने से पहले तीन और मर्डर किए थे. उसने खपरी गांव में एक मां और बेटी को मारा था और उससे पहले, जितेंद्र ध्रुव ने एक ग्रामीण कृषि अधिकारी पिंगला राज की हत्या की थी. 

    कोर्ट के इस कड़े फैसले ने एक मिसाल कायम की

    कुल मिलाकर, सीरियल किलर जितेंद्र ध्रुव ने सिर्फ 11 महीनों में छह सनसनीखेज मर्डर किए. गिरफ्तारी के बाद, जितेंद्र ध्रुव का केस लोअर कोर्ट से जिले के एडिशनल सेशंस कोर्ट में गया. पांच मर्डर केस की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया जिसने सभी को चौंका दिया. असल में, एडिशनल सेशंस जज ने जितेंद्र ध्रुव को दोषी ठहराते हुए उसे एक बार नहीं, बल्कि तीन बार उम्रकैद और जुर्माना लगाया.

    एक केस में फैसला अभी बाकी है. फिलहाल, एडिशनल सेशंस कोर्ट ने तेलिन सत्ती के ट्रिपल मर्डर केस और खपरी गांव में मां-बेटी की हत्या के मामले में अपना फैसला सुना दिया है. रूरल एग्रीकल्चर ऑफिसर पिंगला राज की हत्या के मामले में फैसला अभी पेंडिंग है.

  • सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर निजी पलों की रिकॉर्डिंग! 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा, जांच के घेरे में पूरा मामला.

    सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर निजी पलों की रिकॉर्डिंग! 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा, जांच के घेरे में पूरा मामला.

    सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर निजी पलों की रिकॉर्डिंग! 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा, जांच के घेरे में पूरा मामला.

    सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कई बार गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति पर महिलाओं से ऑनलाइन संपर्क बनाकर वीडियो कॉल के दौरान उनकी निजी बातचीत और पलों को कथित तौर पर गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने का आरोप लगा है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन में 50 से अधिक आपत्तिजनक क्लिप मिलने की बात कही जा रही है। अब पुलिस इस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

    ऑनलाइन दोस्ती के जरिए महिलाओं से बनाता था संपर्क

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से 40 से 50 वर्ष की विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं से संपर्क करता था। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाकर वह उनका विश्वास जीतने की कोशिश करता था। आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान महिलाओं की जानकारी के बिना उनकी रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी।

    बताया जा रहा है कि जिन महिलाओं से संपर्क किए जाने की बात सामने आई है, उनमें अलग-अलग पेशों से जुड़ी महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में क्या हुआ और रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में की गई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मोबाइल में मिलीं 50 से ज्यादा आपत्तिजनक क्लिप

    पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान 50 से अधिक आपत्तिजनक क्लिप मिलने का दावा किया गया है। शुरुआती जांच में स्क्रीन रिकॉर्डिंग एप्लिकेशन के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, रिकॉर्डिंग के लिए किसी गुप्त कैमरे का उपयोग किए जाने की संभावना की भी पड़ताल की जा रही है।

    जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर है कि रिकॉर्डिंग कब और कैसे की गईं, उनमें कितनी महिलाएं शामिल हैं और क्या इन क्लिप को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा किया गया था। डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

    शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई जांच

    जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों को आरोपी की कथित गतिविधियों के बारे में पता चला, जिसके बाद उसे एक बैठक के बहाने बुलाया गया। इसके बाद उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप में मौजूद डेटा की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड में मौजूद नंबरों के जरिए संबंधित महिलाओं से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनके बयान लिए जा सकें और यह पता लगाया जा सके कि उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था।

    ब्लैकमेलिंग और धमकी के आरोपों की भी पड़ताल

    इस मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या निजी रिकॉर्डिंग के जरिए किसी महिला को धमकाया गया, उस पर दबाव बनाया गया या ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया। फिलहाल इन संभावनाओं की जांच की जा रही है। किसी महिला से पैसे मांगने या उसे किसी अन्य तरीके से परेशान करने के आरोपों की पुष्टि भी जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

    बताया गया है कि दूसरे शहर की एक महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हुई है। उसका बयान दर्ज होने और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    महिलाओं की निजता से जुड़ा गंभीर मामला

    यह मामला ऑनलाइन दोस्ती के दौरान निजी जानकारी साझा करने और डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। किसी की निजी रिकॉर्डिंग बिना सहमति बनाना या उसे दूसरों तक पहुंचाना गंभीर कानूनी और व्यक्तिगत परिणाम पैदा कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास ऐसी सामग्री हो, तो उसे साझा करने के बजाय संबंधित पुलिस या साइबर अपराध इकाई को सूचना देना उचित है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और सामने आए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच, साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

  • शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    शादीशुदा प्रेमिका को लेकर होटल पहुंचा प्रेमी, फिर कर दिया..

    बरनाला (पंजाब): पंजाब के तपामंडी में बरनाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर पुलिस थाने के सामने स्थित एक होटल में 31 वर्षीय महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। महिला की पहचान जसवीर कौर, निवासी बाजीगर बस्ती, तपामंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पति मंगा सिंह के बयान के आधार पर बदरा निवासी अमनदीप सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

    होटल के कमरे में मिला महिला का शव

    जानकारी के मुताबिक, जसवीर कौर और अमनदीप सिंह होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे। होटल में पहुंचने के कुछ समय बाद अमनदीप सिंह होटल संचालक से कुछ देर में वापस आने की बात कहकर वहां से चला गया।

    काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा, तो होटल संचालक को शक हुआ। उसने कमरे की जांच की तो अंदर जसवीर कौर का खून से लथपथ शव मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान होने की जानकारी

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला के शरीर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान मिले हैं। हालांकि, घटना किस तरह हुई और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

    सूचना मिलते ही डीएसपी तपामंडी जसकरण सिंह बराड़, थाना प्रभारी अमरीक सिंह ग्रेवाल और चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरनाला भेज दिया।

    पति के बयान पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

    पुलिस ने मृतका के पति मंगा सिंह के बयान के आधार पर अमनदीप सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

    डीएसपी जसकरण सिंह बराड़ के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में घटना को कथित प्रेम संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    जसवीर कौर अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गई है। मां की मौत से दोनों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया है।

    होटलों की जांच कराने की उठी मांग

    घटना के बाद मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने मुख्य मार्ग के आसपास स्थित होटलों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि होटलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और नियमित जांच से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

    फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने पर है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वारदात किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण थे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं। घटना के कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

  • सोलन के झाड़माजरी में 20 वर्षीय युवती की मौत से मचा हड़कंप, किराए के मकान में पिता के साथ रहती थी युवती.

    सोलन के झाड़माजरी में 20 वर्षीय युवती की मौत से मचा हड़कंप, किराए के मकान में पिता के साथ रहती थी युवती.

    सोलन के झाड़माजरी में 20 वर्षीय युवती की मौत से मचा हड़कंप, किराए के मकान में पिता के साथ रहती थी युवती.

    सोलन (हिमाचल प्रदेश): झाड़माजरी गांव में किराए के मकान में रह रही 20 वर्षीय युवती की मौत का मामला सामने आया है। युवती अपने पिता के साथ यहां रहती थी और एक कंपनी में काम करती थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    शुक्रवार शाम मिली घटना की सूचना

    जानकारी के अनुसार, युवती अपने पिता के साथ झाड़माजरी में किराए के मकान में रहती थी। वह एक कंपनी में नौकरी भी करती थी। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे बरोटीवाला पुलिस को युवती की मौत की सूचना मिली।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, युवती ने अपने कमरे में फंदा लगाया था। पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया।

    पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बद्दी स्थित सरकारी अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल युवती की मौत के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच

    डीएसपी बद्दी योग राज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस घटना की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। युवती की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

  • संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर में बेटे: और पत्नी को बचाने पहुंचे पिता की पीट-पीटकर हत्या, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप.

    संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर के खलीलाबाद में पड़ोसियों के साथ हुए विवाद ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। रेलवे स्टेशन पुरवा मोहल्ले में शुक्रवार देर रात एक भोजनालय में कथित तौर पर बेटे और उसकी मां के साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे 58 वर्षीय पिता को भी हमलावरों ने निशाना बनाया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिवार ने इस घटना के पीछे व्यावसायिक रंजिश का आरोप लगाया है।

    भोजनालय में बेटे और मां के साथ मारपीट का आरोप

    जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पुरवा निवासी शिवम जायसवाल का मोहल्ले में जायसवाल भोजनालय है। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे शिवम अपनी मां के साथ भोजनालय में मौजूद थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी महेंद्र जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, रिंकू जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल कथित तौर पर वहां पहुंच गए।

    आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शिवम व उनकी मां के साथ मारपीट करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर शिवम के पिता चिरंजीव लाल जायसवाल मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाने के लिए बीच-बचाव करने लगे।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पिता की मौत

    परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, विवाद के दौरान हमलावरों ने चिरंजीव लाल को भी पकड़ लिया। उन्हें जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    कारोबार में रंजिश होने का दावा

    मृतक के बेटे शिवम जायसवाल ने आरोप लगाया कि पड़ोसी उनके भोजनालय के कारोबार और बिक्री को लेकर उनसे जलन रखते थे। उनका दावा है कि इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते विवाद हुआ और उनके पिता की जान चली गई।

    हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    पुलिस जांच से स्पष्ट होगी पूरी घटना

    इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना और व्यावसायिक रंजिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों का इंतजार करना आवश्यक है।

  • सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    सोशल मीडिया पर ‘कोमल’ बनकर की दोस्ती, शादी का सपना दिखाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से ठगे 8 लाख रुपये; घर लौटने पर खुला राज.

    जींद, हरियाणा: विदेश में नौकरी कर रहे एक मर्चेंट नेवी कर्मी को सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती इतनी महंगी पड़ेगी, इसका अंदाजा नहीं था। स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से बातचीत शुरू हुई, फिर व्हाट्सएप पर बातें होने लगीं। धीरे-धीरे भरोसा बढ़ा और शादी की उम्मीद भी जगी। इसी भरोसे के बीच अलग-अलग बहानों से रुपये मांगे गए और युवक ने करीब आठ लाख रुपये दे दिए। लेकिन जब वह विदेश से अपने गांव लौटा और मिलने की बात कही, तो सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पड़ताल की तो कथित पहचान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

    दुबई में शुरू हुई स्नैपचैट पर बातचीत

    शिकायत के अनुसार, जींद जिले के बुढ़ाखेड़ा निवासी युवक मर्चेंट नेवी में एबी के पद पर कार्यरत है। वह 26 फरवरी को नौकरी के सिलसिले में दुबई गया था। मार्च में दुबई में रहते हुए उसकी स्नैपचैट पर ‘कोमल’ नाम से एक युवती से बातचीत शुरू हुई।

    शुरुआत में सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर भी बातचीत होने लगी। शिकायतकर्ता को भरोसा हो गया कि वह किसी युवती से बात कर रहा है। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उससे अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे जाने लगे।

    शादी का भरोसा देकर अलग-अलग बहानों से मांगे रुपये

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के दौरान सामने वाले ने शादी का भरोसा दिलाया और कई बार आर्थिक मदद के नाम पर रकम मांगी। युवक ने विश्वास करके कुल आठ लाख रुपये दे दिए।

    27 अगस्त को जब वह अपने गांव लौटा, तो उसने ‘कोमल’ से आमने-सामने मिलने की बात कही। आरोप है कि सामने वाले ने मिलने से इनकार कर दिया। इस व्यवहार से युवक को शक हुआ कि जिस व्यक्ति से वह इतने समय से बातचीत कर रहा था, उसकी पहचान कुछ और हो सकती है।

    जांच में युवती नहीं, युवक होने का आरोप

    इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की। उसकी शिकायत के मुताबिक, जांच-पड़ताल के दौरान पता चला कि ‘कोमल’ नाम से बातचीत करने वाली कथित युवती वास्तव में झज्जर जिले के बेरी थाना क्षेत्र के गोच्छी गांव का रहने वाला युवक है।

    आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर मर्चेंट नेवी कर्मी से संपर्क किया और शादी का भरोसा देकर उससे आठ लाख रुपये ठग लिए। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

    शिकायत मिलने के बाद जींद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी को नामजद करते हुए धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।

    यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहने की जरूरत भी बताता है। किसी की पहचान की पुष्टि किए बिना शादी या रिश्ते के भरोसे पैसे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। वीडियो कॉल या चैट पर बातचीत होना भी किसी व्यक्ति की असली पहचान और उसके इरादों की गारंटी नहीं है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर शिकायत और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    शादी के महज 6 महीने बाद घर से लापता हुई नवविवाहिता, पति ने लगाए जेवर और 40 हजार रुपये ले जाने के आरोप.

    पानीपत: शादी को अभी महज छह महीने ही हुए थे, लेकिन अचानक एक ऐसी घटना सामने आई जिसने परिवार को चिंता में डाल दिया। समालखा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नवविवाहिता रात के समय घर से लापता हो गई। जब परिजनों ने उसकी तलाश के साथ घर में सामान की जांच की, तो अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये भी नहीं मिले। इसके बाद पति ने पुलिस से शिकायत की। अब पुलिस महिला की तलाश और पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    रात में अचानक घर से चली गई महिला

    पति की ओर से पुलिस चौकी में दी गई शिकायत के मुताबिक, उसकी शादी करीब छह महीने पहले बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली युवती से हुई थी। परिवार के अनुसार, 7 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे उसकी पत्नी बिना किसी को बताए घर से चली गई।

    महिला के अचानक गायब होने से परिजन परेशान हो गए। उन्होंने घर में उसकी तलाश की और सामान की जांच की। इसी दौरान अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये नहीं मिले। परिवार को आशंका हुई कि महिला जाते समय ये सामान भी अपने साथ ले गई होगी।

    पति की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

    मामले को लेकर महिला के पति ने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल महिला के लापता होने के कारणों और आभूषण व नकदी के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

    समालखा थाना पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। महिला के आने-जाने से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की जांच करते हुए महिला का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

    शादी के छह महीने बाद महिला के अचानक लापता होने और घर से आभूषण व नकदी गायब होने के मामले में अभी कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। महिला किन परिस्थितियों में घर से गई और वह कहां है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

    डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध शुरुआती जानकारी पर आधारित है। आभूषण व नकदी ले जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

  • हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, नोटबंदी के बाद भी कहां से आया 500 और 1000 के नोटों का जखीरा?

    हापुड़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इन नोटों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये बताई जा रही है। ये वही नोट हैं, जिन्हें नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद सामान्य चलन से बाहर कर दिया गया था। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है, जबकि पुलिस बरामद नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के उद्देश्य की जांच कर रही है।

    1.44 करोड़ रुपये के पुराने नोट मिलने से उठे सवाल

    नोटबंदी के कई साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये नोट कहां से जुटाए गए और इन्हें इतनी बड़ी संख्या में किस मकसद से रखा गया था।

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामद खेप में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें अपने कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू की है।

    एक आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पुराने नोट उसके पास कैसे पहुंचे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरफ्तार आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी की जगह और नोटों के संभावित इस्तेमाल के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल किसी बड़े गिरोह या संगठित साजिश की भूमिका को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

    नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की क्या स्थिति है?

    केंद्र सरकार ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के तत्कालीन नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इन पुराने नोटों का सामान्य लेनदेन में इस्तेमाल अब मान्य नहीं है। ऐसे नोटों के संबंध में कानूनी स्थिति परिस्थितियों और लागू प्रावधानों पर निर्भर कर सकती है।

    इसी वजह से इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोटों का मिलना जांच का विषय बन गया है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नोट किसके हैं, उन्हें कहां रखा गया था और मामले में कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    जांच के बाद सामने आएगी पूरी कहानी

    फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य पुराने नोटों के स्रोत और उन्हें रखने के पीछे की वजह का पता लगाना है। आगे की कार्रवाई पूछताछ, बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हो सकती है।

    इस मामले में नोटों के नेटवर्क, किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या उनके इस्तेमाल की योजना को लेकर अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब मिल सकेंगे।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

  • पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    पति की मौत के बाद भी नहीं दिखा पछतावा! पत्नी के बयान और परिवार के आरोपों ने खड़े किए कई सवाल.

    कुछ रिश्ते बाहर से जितने सामान्य दिखाई देते हैं, उनके पीछे की कहानी उतनी ही उलझी हुई हो सकती है। एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें पति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पत्नी पर गंभीर आरोप लगे। मामला सामने आने के बाद पारिवारिक विवाद, पैसों के लेन-देन और रिश्तों में तनाव को लेकर कई तरह के दावे किए गए।

    बताया गया कि पति-पत्नी के बीच उम्र का अंतर था। दोनों की जिंदगी बाहर से सामान्य नजर आती थी। पत्नी को सजने-संवरने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें व रील साझा करने का शौक था। वह कभी-कभी अपने पति के साथ भी रील बनाती थी। लेकिन परिवार के दावों के मुताबिक, उनके रिश्ते में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था।

    एक घटना ने बदल दी पूरी कहानी

    एक दिन पति की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। आरोप लगाया गया कि घरेलू विवाद के दौरान पत्नी ने पति के शरीर के संवेदनशील हिस्से को दबाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में पत्नी से पूछताछ की गई और घटना को लेकर कई सवाल उठे।

    पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार को लेकर भी चर्चाएं हुईं। उस समय सामने आई खबरों में दावा किया गया कि उसने अपने किए पर पछतावा नहीं होने की बात कही थी। जेल जाने के सवाल पर उसने कथित तौर पर कहा कि वह वहां रहकर एक्सरसाइज करेगी और अपनी फिटनेस पर ध्यान देगी।

    इन कथित बयानों ने लोगों को हैरान किया। हालांकि, किसी व्यक्ति के व्यवहार या बयान को लेकर सामने आई जानकारी की पुष्टि जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

    परिवार ने रिश्तों को लेकर लगाए गंभीर आरोप

    मृतक के परिवार का दावा था कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था। परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि महिला के दूसरे लोगों से भी संबंध थे और इस वजह से दंपती के बीच विवाद होता था।

    परिवार ने यह भी दावा किया कि उनके पास कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिनमें कथित तौर पर दोनों के बीच हुए विवाद और बातचीत दर्ज थी। परिवार के मुताबिक, इन रिकॉर्डिंग को जांच के लिए पुलिस को सौंपने की बात कही गई थी।

    हालांकि, इन दावों की सच्चाई और रिकॉर्डिंग में मौजूद बातचीत का वास्तविक संदर्भ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। किसी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को बिना पुष्टि के सच नहीं माना जा सकता।

    पांच लाख रुपये को लेकर भी उठे सवाल

    इस मामले में पैसों को लेकर भी संदेह जताया गया था। परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, मृतक ने करीब पांच लाख रुपये जमा किए थे। परिवार को आशंका थी कि इस रकम को लेकर भी कोई विवाद हो सकता है।

    परिजनों ने महिला की खर्च करने की आदत और पति की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए थे। हालांकि, जमा रकम का घटना से कोई संबंध था या नहीं, इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध जानकारी से नहीं निकाला जा सकता।

    सोशल मीडिया की जिंदगी और घर के विवाद

    महिला को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और सजने-संवरने का शौक था। वह अपने पति के साथ भी रील बनाती थी। बाहर से देखने पर उनकी जिंदगी सामान्य लग सकती थी, लेकिन परिवार के आरोपों ने उनके निजी रिश्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

    इस कहानी का सबसे गंभीर पहलू यह है कि किसी रिश्ते की असल स्थिति केवल सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरों से नहीं समझी जा सकती। वहीं, पारिवारिक आरोपों और व्यक्तिगत जीवनशैली के आधार पर किसी को अपराधी ठहराना भी उचित नहीं है।

    जांच के बाद ही सामने आ सकती है पूरी सच्चाई

    इस घटना ने कई सवाल खड़े किए थे—क्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था? क्या पैसों का कोई विवाद था? और परिवार की ओर से जिन रिकॉर्डिंग का जिक्र किया गया, उनमें क्या दर्ज था?

    इन सवालों के जवाब केवल ठोस सबूत और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकते हैं। किसी की मौत से जुड़ा मामला बेहद गंभीर होता है और इसमें भावनाओं, आरोपों तथा वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह कहानी उपलब्ध जानकारी और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

  • फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का में BSF जवान: पर पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या करने का आरोप, 12 साल की बेटी ने देखे माता-पिता के शव

    फाजिल्का, पंजाब: पंजाब के फाजिल्का स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) कैंप में एक जवान और उसकी पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी 38 वर्षीय BSF कांस्टेबल दिनेश कुमार बघेल और उनकी 36 वर्षीय पत्नी पिंकी के शव सरकारी आवास में मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जवान पर पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने का आरोप है। घटना का पता उस समय चला, जब उनकी 12 वर्षीय बेटी ने माता-पिता के शव देखे और आसपास के लोगों को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    BSF कैंप के सरकारी आवास में मिले दोनों के शव

    जानकारी के मुताबिक, दिनेश कुमार बघेल उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर थाना क्षेत्र के सांती गांव के रहने वाले थे। वह BSF की 38वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी पिंकी, 12 वर्षीय बेटी अनुष्का और 7 वर्षीय बेटे जयादित्य के साथ फाजिल्का स्थित BSF कैंप के सरकारी आवास में रहते थे।

    बताया जा रहा है कि बुधवार रात ड्यूटी से लौटने के बाद घर में यह घटना हुई। शुरुआती जानकारी में पत्नी की हत्या और जवान की आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    बेटी ने देखा माता-पिता का शव

    घटना का पता उस समय चला, जब दंपती की 12 वर्षीय बेटी अनुष्का ने घर में अपने माता-पिता के शव देखे। यह देखकर वह घबरा गई और उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

    सूचना मिलने के बाद BSF के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। घटना से परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।

    छह महीने पहले परिवार को लेकर आए थे फाजिल्का

    बताया गया है कि दिनेश करीब छह महीने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को अपने साथ फाजिल्का लेकर आए थे। उनकी पत्नी पिंकी उत्तर प्रदेश के सांती गांव में एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करती थीं।

    दिनेश पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। घटना की खबर फिरोजाबाद स्थित परिवार तक पहुंचने के बाद परिजन फाजिल्का के लिए रवाना हो गए। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों का पता लगना बाकी

    पुलिस और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती जानकारी में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।