Category: Crime

  • Google पर महिलाओं की ये सर्च देखकर मचा हड़कंप! 16 करोड़ बार पूछा- मर्द को बिना सबूत कैसे मारें?

    Google पर महिलाओं की ये सर्च देखकर मचा हड़कंप! 16 करोड़ बार पूछा- मर्द को बिना सबूत कैसे मारें?

    आज के डिजिटल युग में छोटी-बड़ी हर जानकारी के लिए लोग सबसे पहले गूगल की शरण लेते हैं. चाहे मौसम हो, रेसिपी हो या कोई खबर, सर्च बार में टाइप करते ही जवाब मिल जाता है. लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इस दावे के मुताबिक साल 2025 में महिलाओं ने गूगल पर सबसे ज्यादा “मर्द को बिना सबूत कैसे मारें” जैसे शब्द सर्च किए. कहा जा रहा है कि इस वाक्य को महिलाओं ने 16 करोड़ पचास लाख से अधिक बार सर्च किया.

    पोस्ट में अक्सर एक फाइल फोटो के साथ लिखा जाता है कि महिलाएं मर्दों को मारने के तरीके ढूंढती नजर आ रही हैं. यह दावा देखकर कई लोग हैरान और चिंतित हो गए. कुछ ने इसे समाज की सोच का आईना बताया तो कुछ ने इसे पुरुष विरोधी मानसिकता से जोड़ा. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गूगल ने ऐसा कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है.

    फेक है खबर


    गूगल हर साल “Year in Search” रिपोर्ट जारी करता है जिसमें उस साल के टॉप ट्रेंडिंग सर्च बताए जाते हैं. 2025 की रिपोर्ट में भारत में टॉप सर्च में इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL सबसे ऊपर रहा. उसके बाद गूगल जेमिनी, एशिया कप, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, प्रो कबड्डी लीग, महाकुंभ, महिला विश्व कप, ग्रोक, सैयारा और धर्मेंद्र जैसे नाम शामिल थे. महिलाओं से जुड़ी सर्च में क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्ज, स्मृति मंधाना जैसी हस्तियां टॉप पर रहीं. मर्डर या हिंसा के तरीकों से जुड़ी कोई भी क्वेरी टॉप लिस्ट में नहीं थी. वैश्विक स्तर पर भी चार्ली कर्क, के-पॉप, लैबुबू, आईफोन जैसे विषय छाए रहे. इस वायरल दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. गूगल अपनी सर्च वॉल्यूम के सटीक आंकड़े इस तरह सार्वजनिक नहीं करता कि कोई विशेष वाक्य कितनी बार सर्च हुआ. गूगल ट्रेंड्स सिर्फ सापेक्ष रुचि दिखाता है, पूर्ण संख्या नहीं. इसलिए 16 करोड़ का आंकड़ा पूरी तरह निराधार है.

    फैक्ट चेक में सामने आई सच्चाई


    ब्राजील सहित कई देशों में “महिला को बिना निशान मारे कैसे” जैसे समान दावे पहले भी वायरल हुए थे. उन्हें फैक्ट-चेकर्स और खुद गूगल ने खारिज कर दिया था. उन मामलों में भी कहा गया था कि आंकड़े कंपनी के डेटा पर आधारित नहीं हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे दावे फैलने की कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह है क्लिक और इंगेजमेंट की होड़. चौंकाने वाले, डरावने या विवादित शीर्षक ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट पाते है. एल्गोरिदम ऐसे कंटेंट को आगे बढ़ाता है. कई बार बिना स्रोत के स्क्रीनशॉट या पोस्ट बनाकर फैला दिए जाते हैं. लोग उन्हें सच मानकर आगे शेयर कर देते हैं. कभी-कभी यह जेन्डर वॉर को भड़काने के लिए भी किया जाता है. एक तरफ महिला सुरक्षा और हिंसा के आंकड़े चर्चा में रहते हैं तो दूसरी तरफ पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों की बातें भी उठती हैं. ऐसे में संतुलित और सत्यापित जानकारी की कमी और बढ़ जाती है.

  • QR कोड स्कैन करते ही पैसे पहुंचे दूसरे खाते में? वायरल वीडियो का सच जानकर रह जाएंगे हैरान,,

    QR कोड स्कैन करते ही पैसे पहुंचे दूसरे खाते में? वायरल वीडियो का सच जानकर रह जाएंगे हैरान,,

    QR कोड स्कैन करते ही पैसे पहुंचे दूसरे खाते में? वायरल वीडियो का सच जानकर रह जाएंगे हैरान,,

    ऑनलाइन पेमेंट के इस दौर में एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वीडियो में एक युवक ऐसा कारनामा करता दिखाई देता है, जिसे देखकर पहली नजर में कोई भी हैरान रह जाए।

    वीडियो में दिखाया गया है कि युवक सबसे पहले अपने बैंक खाते से जुड़ा QR कोड कई कॉपी में प्रिंट कराता है। इसके बाद वह अलग-अलग दुकानों पर ग्राहक बनकर पहुंचता है। मौका मिलते ही दुकानदार के असली QR कोड के ऊपर अपना QR कोड चिपका देता है। इसके बाद जब दूसरे ग्राहक पेमेंट करते हैं, तो पैसा कथित तौर पर दुकानदार की बजाय उसके खाते में पहुंचने लगता है।

    वीडियो के अंत में युवक घर पहुंचता है और उसके मोबाइल पर लगातार ऑनलाइन पेमेंट के नोटिफिकेशन आने लगते हैं। कुछ मैसेज 2 हजार रुपये के होते हैं, तो कुछ में 1 लाख रुपये तक की रकम दिखाई जाती है। वीडियो में ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है कि उसने कुछ ही घंटों में लाखों रुपये कमा लिए।

    हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही नजर आती है। यह कंटेंट मनोरंजन और सोशल मीडिया एंटरटेनमेंट के उद्देश्य से बनाया गया प्रतीत होता है। वास्तविक जीवन में अधिकांश ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाले प्राप्तकर्ता (Recipient) का नाम जरूर जांचते हैं। बड़ी रकम का भुगतान करते समय नाम की पुष्टि करना आम बात है, जिससे ऐसी धोखाधड़ी का तुरंत पता चल सकता है।

    यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने भी इस वीडियो पर सवाल उठाए हैं। किसी ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया, तो किसी ने लिखा कि पेमेंट से पहले नाम देखना जरूरी होता है। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी प्रतिक्रिया दी।

    यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका है और करोड़ों बार देखा जा चुका है। लेकिन इसे किसी वास्तविक घटना की बजाय मनोरंजन के रूप में ही देखा जाना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन भुगतान करते समय हमेशा QR कोड और प्राप्तकर्ता का नाम ध्यान से जांचना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

  • चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    चलो घर चलते हैं’… पति के इन शब्दों पर किया भरोसा, अगले ही पल हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए होश..

    उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में एक अविश्वसनीय रूप से क्रूर घटना सामने आई है। एक पति ने अपनी पत्नी की नाक सिर्फ इसलिए काट दी क्योंकि वह अपने पैतृक स्थान जाने की जिद पर अड़ी थी। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। पत्नी के रिश्तेदार आए और बदले में पति की बहन की नाक भी (खेलते समय) काट दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी हंगामा मच गया।

    पीड़िता की पत्नी प्रीति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अपने पति श्रवण से कहा कि वह अपने पैतृक नगर जाएगी क्योंकि रविवार को उसकी चचेरी बहन की शादी है। हालांकि, पति ने मना कर दिया। जब प्रीति ने पैतृक नगर जाने की जिद की, तो क्रोधित श्रवण ने अपनी पत्नी पर हमला कर दिया और ब्लेड से उसकी नाक काट दी।

    दांतों से हमला… लड़की से बदला!

    प्रीति की नाक उसके पति के हमले में कटकर खून से लथपथ हो गई, जिसकी जानकारी उसके परिजनों को मिली। क्रोधित होकर प्रीति के परिवारवाले और रिश्तेदार बड़ी संख्या में श्रवण के घर पहुंचे। वहां उन्होंने श्रवण को सबक सिखाने के लिए उसकी बहन मोनी पर दांतों से बेरहमी से हमला किया। बाद में मोनी की नाक भी बेरहमी से काट दी गई। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गंभीर रूप से घायल पत्नी प्रीति और उसके पति की बहन मोनी दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल पुलिस इस नाक काटने के मामले में जांच तेज कर चुकी है।

  • 6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    6 युवतियों को प्यार के जाल में फंसाया, 4 से की शादी… प्रेमिका ने ढूंढ निकाला तो सड़क पर मचा बवाल..

    Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिले में एक युवती ने अपने कथित लिव-इन पार्टनर पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए बीच सड़क पर उसकी पिटाई कर दी. जानकारी के अनुसार, युवती लखनऊ से अपने प्रेमी की तलाश में सीतापुर पहुंची थी. उसका आरोप है कि युवक उससे संपर्क नहीं कर रहा था और उसके फोन कॉल भी नहीं उठा रहा था.

    बताया जा रहा है कि दोनों पिछले करीब एक साल से लखनऊ में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. कुछ दिन पहले युवक अपने गांव चला गया, जिसके बाद युवती को उस पर शक हुआ. इसके बाद वह उसकी तलाश में सीतापुर पहुंच गई. फिर उसके बाद यह घटना घटी.

    गांव पहुंचने पर युवती को पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है. इस जानकारी के बाद वह नाराज हो गई. आरोप है कि उसने युवक को सड़क पर रोक लिया और उसके साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान युवती उससे कह रही थी कि “4 शादी पहले की, पांचवी घर पर है और छठी मैं.” घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बीच युवक दुबका हुआ नजर आ रहा है. वह कुछ नहीं कह पा रहा है.

    फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी दोनों पक्षों के आरोपों पर आधारित है. पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. तब तक देखना होगा कि आगे क्या होता है.

  • मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    मां की मौत पर डाला पर्दा, कागजों में सालों तक रखी जिंदा, बेटे और गर्लफ्रेंड की साजिश का ऐसे हुआ खुलासा..

    राजस्थान के जयपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे ने अपनी मरी हुई मां को जिंदा बताकर उसकी लाखों की पेंशन में हड़प ली. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

    Jaipur Cyber Fraud Case: राजस्थान के जयपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बेटे ने अपनी गर्लफ्रेंड और बैंक मैनेजर के साथ मिलकर अपनी मां के नाम पर धोखाधड़ी की. बेटे ने अपनी मरी हुई मां को पांच सालों से कागजों पर जिंदा रखा हुआ था और एसबीआई बैंक से 6.3 लाख रुपये की पेंशन हड़प ली. मामले का खुलासा होने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. 

    2021 में हो गई थी मौत

    जानकारी के अनुसार, जवाहरनगर थानाधिकारी सरला यादव ने इस बारे में बताया कि आरोपी लालचंद की मां शांति देवी का निधन 2 मई 2021 में हो गया था. इसके बावजूद वो उन्हें जिंदा बताता रहा, इसके लिए उसने फर्जी जीवित पत्र भी बनवाया और एसबीआई के तत्कालीन बैंक कर्मी के साथ मिलकर पेंशन लेता रहा. उसने एटीएम और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करके लगभग 6.3 लाख रुपए निकाल लिए. 

    पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि उसके इस अपराध में लालचंद ने अपनी गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित और बैंक के तत्कालीन कर्मचारी सिराज अहमद कुरैशी के साथ मिलकर प्लानिंग की और धोखाधड़ी को अंजाम दिया. इस मामले में खुलासा होने के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने आरोपी लालचंद के साथ ही बैंक मैनेजर सिराज अहमद कुरैशी और लालचंद की गर्लफ्रेंड खुशबू दीक्षित उर्फ नेहा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और फिर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. 

    कैसे हुआ मामले का खुलासा?

    इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब को SBI की राजापार्क ब्रांच के प्रबंधक तपिश श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने शिकायत में दावा किया कि शांति देवी के नाम पर बीते कई सालों से पेंशन जा रही है लेकिन शांति देवी का निधन काफी पहले ही हो चुकी है. इस बारे में शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई. जांच में नगर निगम के मृत्यु प्रमाण पत्र से पता चला कि शांति देवी की मौत मई 2021 में ही हो चुकी है. इसके बावजूद भी पेंशन जारी रही और फर्जी जीवित प्रमाण पत्र के जरिए उन्हें जिंदा दिखाया गया और रकम निकाली जाती रही. 

  • महंगे फोन और लग्जरी लाइफ का दिखावा पड़ा भारी, फॉलोअर्स ने बनाया किडनैपिंग का प्लान,,

    महंगे फोन और लग्जरी लाइफ का दिखावा पड़ा भारी, फॉलोअर्स ने बनाया किडनैपिंग का प्लान,,

    महंगे फोन और लग्जरी लाइफ का दिखावा पड़ा भारी, फॉलोअर्स ने बनाया किडनैपिंग का प्लान,,

    सोशल मीडिया पर एक क्रिएटर को रईसी दिखाना भारी पड़ गया. उसकी रील्स देखने वाले तीन लोगों ने मिलकर उसे किडनैप कर लिया. पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसका जुलूस निकाला.

    Kidnapping Case: सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल, लग्जरी लाइफ और रईसी दिखाने वाली रील्स बनाना मध्य प्रदेश के एक युवक को भारी पड़ गया. उसके फॉलोअर्स ने उसकी रील्स देखी, उन्हीं ने उसे अगवा कर लिया. परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांग डाली. हालांकि पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई की वजह से युवक सुरक्षित घर लौट आया और तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए.

    यह मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई का है. पीड़ित की पहचान 19 वर्षीय अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे के रूप में हुई है. बताया गया कि कान्हा सोशल मीडिया पर अक्सर महंगे मोबाइल, स्टाइलिश लाइफस्टाइल और रईसी दिखाने वाली रील्स पोस्ट करता था. 

    रिहाई के बदले मांगे 10 लाख

    बता दें कि 27 जून को तीन लोगों ने कान्हा का अपहरण कर लिया. आरोपियों ने परिवार से उसकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की मांग की. बेटे की सुरक्षा को देखते हुए परिजनों ने पहले आरोपियों के बैंक खाते में 1.48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को भी पूरी घटना की जानकारी दी.

    तीन आरोपी गिरफ्तार

    सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और सबसे पहले जिस बैंक खाते में पैसे भेजे गए थे. उसे तुरंत फ्रीज कराया गया. इसके बाद तकनीकी जांच और लगातार तलाश के आधार पर पुलिस ने अंशुल को सुरक्षित बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इस मामले में राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया. उनके पास से एक पिस्तौल, दो देशी कट्टे और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद हुईं.

    निकाला गया जुलूस

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों का पवई नगर की सड़कों पर पैदल जुलूस निकाला. पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य अपराधियों को सख्त संदेश देना और लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ाना था. बाद में तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. 

    इससे पहले भी हुआ ऐसा केस

    ऐसा पहला मामला नहीं है, जब सोशल मीडिया पर रईसी दिखाना किसी के लिए मुसीबत बन गया हो. इससे पहले मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रचना गुर्जर नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर अपने महंगे गहनों की रील शेयर की थी. इसके कुछ समय बाद चोरों ने उनके घर को निशाना बनाया और लाखों रुपये के गहने चोरी कर लिए थे. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, महंगी चीजें या संपत्ति का दिखावा करना कभी-कभी अपराधियों के लिए आसान सुराग बन सकता है.

  • विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

    विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

    विवाहिता को लोन का लालच देकर दुष्कर्म, लंबे समय तक करता रहा शोषण; मैनेजर गिरफ्तार..

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    ​​​​​​​ढाका के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि विवाहिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    Motihari News: बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में लोन दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के कथित यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता की शिकायत पर ढाका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माइक्रोफाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने महिला और आरोपी दोनों की मेडिकल जांच कराने के साथ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से उनके कपड़े भी जब्त किए हैं।

    लंबे समय तक यौन शोषण करता रहा आरोपी
    पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान चकिया थाना क्षेत्र के बाजार गांव निवासी सन्नी कुमार के रूप में हुई है। वह ढाका बड़ी बाजार स्थित एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी की शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि वह कुछ माह पहले लोन लेने के लिए कंपनी की शाखा गई थी। इसी दौरान शाखा प्रबंधक ने लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाकर उसे अपने प्रभाव में लिया और लंबे समय तक उसका कथित यौन शोषण करता रहा।

    जांच के लिए आवश्यक वस्त्र भी जब्त
    महिला का कहना है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उसका लोन स्वीकृत नहीं कराया गया। बाद में उसे अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी और शोषण का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने ढाका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया और जांच के लिए आवश्यक वस्त्र भी जब्त किए हैं।

    ढाका के डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि विवाहिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। वहीं ढाका थानाध्यक्ष रामरूप राय ने बताया कि महिला के आवेदन पर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • श्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, CBI अफसर बनकर करता था ठगी; फतेहपुर से गिरफ्तार..

    श्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, CBI अफसर बनकर करता था ठगी; फतेहपुर से गिरफ्तार..

    श्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, CBI अफसर बनकर करता था ठगी; फतेहपुर से गिरफ्तार..

    फतेहपुर : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।

    थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने रविवार काे जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम नरायनपुर निवासी धीरेन्द्र पुत्र बाबू सिंह को सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को डराकर साइबर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी धीरेन्द्र सिंह अपने साथियों के साथ अंजान लोगों को फोन कर स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताता था और अश्लील वीडियो देखने के नाम पर मुकदमा दर्ज कराने व गिरफ्तारी का भय दिखाकर क्यूआर कोड के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करा लेता था। बताया गया कि महाराष्ट्र के मुंबई निवासी चंद्रपाल नरनवरे से इसी तरीके से 28,540 रुपये की साइबर ठगी की गई थी जिसका वहां पर मुकदमा दर्ज है। जांच के दौरान मोबाइल नंबर की लोकेशन धीरेन्द्र पुत्र बाबू सिंह निवासी नरायणपुर, थाना जहानाबाद, जनपद फतेहपुर मिलने पर पुलिस ने आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध थाना जहानाबाद में बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

  • 3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    3 साल तक लड़की बनकर करता रहा प्यार, राज खुला तो हो गया मर्डर; जानिए पूरी कहानी…

    गुजरात के राजकोट ग्रामीण जिले के शापर-वेरावल क्षेत्र से एक ऐसा हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान के खतरों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. पुलिस के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर खुद को युवती बताकर एक युवक से संपर्क करने के बाद शुरू हुआ रिश्ता तीन साल तक विवादों में उलझा रहा और आखिरकार हत्या की वारदात पर जाकर खत्म हुआ. मामले में उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय युवक पीयूष कुमार खरवार को गिरफ्तार किया गया है.

    पुलिस के मुताबिक, 25 जून को शापर-वेरावल के पास मस्कत फाटक के नजदीक रेलवे की दीवार के पास एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव मिला था. शव पर महिला के कपड़े थे, जिसके कारण शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध जरूर लगा, लेकिन पहले इसे दुर्घटनावश मौत मानकर कार्रवाई शुरू की गई. हालांकि, फोरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों की पुष्टि होने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला है.

    पुलिस जांच में सामने आया फर्जी पहचान का दावा

    इसके बाद राजकोट ग्रामीण पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर जांच तेज की. इसी दौरान उत्तर प्रदेश निवासी पीयूष कुमार खरवार को हिरासत में लिया गया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हैदराबाद में रहने के दौरान पीयूष की पहचान फेसबुक पर ‘निशा कुमार’ और इंस्टाग्राम पर ‘पूनम’ नाम से संचालित सोशल मीडिया प्रोफाइल से हुई थी. पुलिस के अनुसार, ये दोनों प्रोफाइल चंदन कुमार नामक व्यक्ति चला रहा था, जिसने खुद को महिला बताकर पीयूष से दोस्ती की थी.

    एक घटना के बाद बदला रिश्ते का पूरा सच

    पुलिस का कहना है कि समय के साथ दोनों साथ रहने लगे. जांच में यह भी सामने आया कि धार्मिक मन्नत का हवाला देकर चंदन शारीरिक संबंध बनाने से बचता रहा. इसी दौरान पीयूष ने उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करते हुए उसकी मांग में सिंदूर भी भरा था. पुलिस के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब पीयूष ने एक दिन चंदन को शेविंग करते देखा. इसके बाद उसे पता चला कि जिसे वह अब तक महिला समझ रहा था, वह वास्तव में पुरुष है. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा. जांच में सामने आया कि रोजगार की तलाश में पीयूष जहां-जहां गया, चंदन भी उसके संपर्क में बना रहा. यह सिलसिला हैदराबाद से उत्तर प्रदेश, फिर राजस्थान और अंत में राजकोट के पडवला इलाके तक पहुंचा.

    फैक्ट्री में विवाद के बाद हत्या का आरोप

    पुलिस के अनुसार, 21 जून को पडवला स्थित एक फैक्ट्री में दोनों के बीच फिर से कहासुनी हुई. आरोप है कि इसके बाद पीयूष चंदन को रेलवे ट्रैक के पास सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसने बड़े पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी ने शव को पत्थरों से ढक दिया और किसी को शक न हो, इसलिए वापस फैक्ट्री पहुंचकर सामान्य तरीके से काम करने लगा. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

     कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

    बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

    सास-ससुर भी निकले बेरहम

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

    रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

    पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

    पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

    प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.