Category: Crime

  • होटल में प्रेमिका की गला दबाकर हत्या का आरोप, रूस में हुई थी दोनों की मुलाकात; शादी से इनकार के बाद बढ़ा विवाद.

    होटल में प्रेमिका की गला दबाकर हत्या का आरोप, रूस में हुई थी दोनों की मुलाकात; शादी से इनकार के बाद बढ़ा विवाद.

    होटल में प्रेमिका की गला दबाकर हत्या का आरोप, रूस में हुई थी दोनों की मुलाकात; शादी से इनकार के बाद बढ़ा विवाद.

    अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में मोहकमपुरा थाना क्षेत्र के एक होटल में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि हरियाणा के करनाल जिले के निवासी युवक रितिक ने अपनी प्रेमिका वंशिका उर्फ तरुणप्रीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात रूस में हुई थी, जहां युवती पढ़ाई के लिए गई थी। युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि युवक उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था और इसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    रूस में पढ़ाई के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात

    युवती के पिता सुखजिंदर सिंह के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2025 में अपनी बेटी वंशिका को स्टडी वीजा पर पढ़ाई के लिए रूस भेजा था। वहीं उसकी मुलाकात हरियाणा के करनाल जिले के नीलोखेड़ी गांव के निवासी रितिक से हुई। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे, लेकिन उनके रिश्ते को लेकर दोनों की सोच अलग थी।

    पिता का आरोप है कि रितिक वंशिका से शादी करना चाहता था, जबकि उनकी बेटी इस रिश्ते को दोस्ती तक ही सीमित रखना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रूस में भी विवाद होने लगे थे।

    पासपोर्ट फाड़ने और धमकी देने का भी आरोप

    सुखजिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि एक बार विवाद के दौरान रितिक ने कथित तौर पर उनकी बेटी का पासपोर्ट फाड़ दिया था और उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। पिता के अनुसार, बाद में बेटी के लिए नया पासपोर्ट बनवाने की व्यवस्था की गई और उसे भारत वापस बुला लिया गया।

    परिवार का आरोप है कि भारत लौटने के बाद भी रितिक युवती को लगातार परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पढ़ाई की बात कहकर घर से निकली थी युवती

    परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह वंशिका पढ़ाई के सिलसिले में घर से अपनी एक्टिवा लेकर निकली थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया और परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं मिली।

    शाम को परिजनों को पता चला कि मोहकमपुरा थाना क्षेत्र के कौजी नामक होटल में युवती का शव मिला है। पिता ने आरोप लगाया कि रितिक ने होटल में कमरा लिया था और वंशिका को वहां बुलाया था। शिकायत के मुताबिक, इसी होटल में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।

    हत्या का मामला दर्ज, आरोपी की भूमिका की जांच

    मोहकमपुरा थाना पुलिस ने युवती के पिता की शिकायत पर रितिक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

    पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती होटल कैसे पहुंची, घटना से पहले दोनों के बीच क्या हुआ और मौत किन परिस्थितियों में हुई। पिता की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

    रिश्ते में दबाव और धमकियों के आरोपों ने बढ़ाई चिंता

    इस घटना ने एक बार फिर रिश्ते में जबरदस्ती, शादी के दबाव और कथित धमकियों जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा के विरुद्ध रिश्ता या शादी स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस मामले में हत्या की वजह और आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी और परिजनों की शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

  • प्रेम विवाह के डेढ़ साल; बाद उजड़ गई जिंदगी, जमीन में दफन मिली राजमणि की लाश; रिश्तों के पीछे छिपी थी दर्दनाक कहानी

    प्रेम विवाह के डेढ़ साल; बाद उजड़ गई जिंदगी, जमीन में दफन मिली राजमणि की लाश; रिश्तों के पीछे छिपी थी दर्दनाक कहानी

    प्रेम विवाह के डेढ़ साल; बाद उजड़ गई जिंदगी, जमीन में दफन मिली राजमणि की लाश; रिश्तों के पीछे छिपी थी दर्दनाक कहानी

    राजमणि ने जब अपने प्यार को शादी के रिश्ते में बदला था, तब उसने भी शायद एक खुशहाल जिंदगी के सपने देखे होंगे। उसे उम्मीद रही होगी कि जिस इंसान को उसने अपना जीवनसाथी चुना है, उसके साथ मिलकर वह नई दुनिया बसाएगी। लेकिन शादी के करीब डेढ़ साल बाद उसकी जिंदगी का ऐसा अंत हुआ, जिसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जिस रिश्ते से उसने अपने भविष्य की शुरुआत की थी, उसी रिश्ते पर उसकी हत्या का गंभीर आरोप लगा।

    कहानी तब सामने आई, जब राजमणि का परिवार उसकी मौत की खबर से जुड़ी सच्चाई जानने की कोशिश करने लगा। उसके भाई ने पुलिस के सामने अपने जीजा और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में दावा किया गया कि राजमणि की हत्या करने के बाद उसके शव को जमीन में गाड़ दिया गया था।

    प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, फिर सामने आए प्रताड़ना के आरोप

    राजमणि ने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार के मुताबिक, शादी के बाद उसकी जिंदगी में सब कुछ वैसा नहीं रहा, जैसी उम्मीद की गई थी। आरोप लगाया गया कि ससुराल में उससे दहेज की मांग की जाती थी। शिकायत में बाइक, एक लाख रुपये नकद और सोने की चेन की मांग का जिक्र किया गया।

    परिजनों का आरोप था कि मांग पूरी नहीं होने के कारण राजमणि को परेशान किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर राजमणि के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसकी जिंदगी अचानक खत्म हो गई।

    तीन दिन तक जमीन में दबा रहा शव

    मामले में मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि राजमणि की हत्या करीब तीन दिन पहले कर दी गई थी और उसके बाद शव को जमीन में दफना दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जमीन की खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया। शव काफी समय तक जमीन में दबा रहने के कारण खराब हो चुका था, जिससे मौत के कारणों का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया।

    इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की गई, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि राजमणि की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।

    परिवार के आरोपों के बाद पुलिस की जांच शुरू

    राजमणि के भाई ने अपने बयान में पति समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर हत्या और शव को दफनाने में शामिल होने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शव को जमीन से निकालने के बाद मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। दहेज उत्पीड़न के आरोपों समेत शिकायत में बताए गए सभी पहलुओं की जांच की जानी थी।

    राजमणि के माता-पिता मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके लौटने की बात भी सामने आई थी। बेटी की मौत की खबर ने परिवार को ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया, जहां उन्हें एक तरफ उसके जाने का दुख था और दूसरी तरफ घटना की सच्चाई सामने आने का इंतजार।

    कई सवाल छोड़ गई यह घटना

    राजमणि की कहानी प्रेम विवाह, पारिवारिक विवाद और गंभीर आपराधिक आरोपों के बीच उलझ गई। क्या शादी के बाद वास्तव में उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था? उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? और शव को जमीन में दफनाने के पीछे क्या वजह थी? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद थी।

    यह मामला याद दिलाता है कि किसी भी रिश्ते में हिंसा और उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लेना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही साबित माना जा सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह घटना पहले प्रकाशित समाचार रिपोर्टों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है और किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

  • जन्मदिन की दावत नहीं मिली तो पड़ोसी ने चाचा की हत्या कर दी, चाकू से गला काटने का आरोप; गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीटा.

    जन्मदिन की दावत नहीं मिली तो पड़ोसी ने चाचा की हत्या कर दी, चाकू से गला काटने का आरोप; गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीटा.

    जन्मदिन की दावत नहीं मिली तो पड़ोसी ने चाचा की हत्या कर दी, चाकू से गला काटने का आरोप; गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीटा.

    बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के शीशगढ़ क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि जन्मदिन की दावत में नहीं बुलाए जाने से नाराज पड़ोसी विशाल कुमार ने घर के बाहर हंगामा किया। जब परिवार के एक सदस्य ने उसे शांत कराने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अर्जुन उर्फ पंकज की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे भीड़ से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया।

    जन्मदिन की पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद

    जानकारी के मुताबिक, गोकुलपुर गांव में सुरेंद्र कुमार अपने बेटे के जन्मदिन के अवसर पर घर में पार्टी आयोजित कर रहे थे। इसमें परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के कुछ लोगों को बुलाया गया था।

    ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार रात करीब 9:30 बजे पड़ोसी विशाल कुमार कथित तौर पर शराब के नशे में सुरेंद्र के घर के दरवाजे पर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। बताया गया कि वह जन्मदिन की दावत में नहीं बुलाए जाने से नाराज था।

    घर के बाहर शोर सुनकर अर्जुन उर्फ पंकज बाहर आए। उन्होंने विशाल को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि विशाल हाथापाई करते हुए पार्टी में घुसने लगा। इस पर अर्जुन ने उसे धक्का दिया, जिसके बाद मामला और बिगड़ गया।

    चाकू से हमला करने का आरोप

    आरोप है कि विवाद के दौरान विशाल ने अर्जुन पर चाकू से कई वार किए और उनका गला काट दिया। हमले के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बाहर आए और उन्होंने कथित आरोपी को पकड़ लिया।

    घटना से आक्रोशित ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। लोगों ने विशाल को पकड़कर घर के अंदर कर लिया और उसकी पिटाई की। कुछ ही देर में गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

    पुलिस को दीवार फांदकर घर में जाना पड़ा

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस बल गांव पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। अंदर आरोपी को बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए।

    इसके बाद पुलिस ने भीड़ से घिरे विशाल को बाहर निकाला और थाने ले गई। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को पकड़ लिया गया है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने क्या बताया?

    क्षेत्राधिकारी बहेड़ी डॉ. अरुण कुमार के मुताबिक, आरोपी विशाल को पकड़ लिया गया है। एसपी उत्तरी संतोष कुमार ने बताया कि जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में हत्या की घटना हुई है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

    रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि विवाद के दौरान आरोपी पर जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगा है। इस पहलू की पुष्टि और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जरूरी है।

    गांव में घटना के बाद तनाव और आक्रोश

    एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंचने से गांव में नाराजगी का माहौल बन गया। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह घटना गहरा सदमा लेकर आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार, विवाद की परिस्थितियों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी पर आधारित है। घटना से जुड़े आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • नवरात्रि में अशांति फैलाने की कोशिश? दो पूजा पंडालों में आग, जल गई बाइक; इलाके में तनाव

    नवरात्रि में अशांति फैलाने की कोशिश? दो पूजा पंडालों में आग, जल गई बाइक; इलाके में तनाव

    नवरात्रि में अशांति फैलाने की कोशिश? दो पूजा पंडालों में आग, जल गई बाइक; इलाके में तनाव

    आरा: बिहार के आरा शहर में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच दो पूजा पंडालों और एक बाइक में आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। घटना नगर थाना क्षेत्र के भलुहीपुर स्थित खारा कुआं के पास की बताई जा रही है। आग लगने से बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पूजा पंडालों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और इलाके में तनाव का माहौल बताया जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, दोनों पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान रात के अंधेरे में पंडालों में आग लगने की घटना हुई। पास में खड़ी एक बाइक भी आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    पूजा पंडालों में आग से लोगों में आक्रोश

    त्योहार के दौरान हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। पंडालों को नुकसान पहुंचने की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा पूजा जैसे त्योहार के समय इस तरह की घटना से क्षेत्र की शांति और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और दोषियों की जल्द पहचान करने की अपील की है।

    पुलिस कर रही है मामले की जांच

    घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इसके पीछे किसकी भूमिका थी। साथ ही, पूजा पंडालों और बाइक को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या आग लगाने के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने की अपील

    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या तनाव बढ़ाने वाली जानकारी से बचना भी जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आग लगने की वजह और घटना में किसी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम तथ्य पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • तीन मासूम बेटों के सामने पत्नी की हत्या का आरोप, चाकू से गला काटकर पति फरार; तलाश में जुटी पुलिस.

    तीन मासूम बेटों के सामने पत्नी की हत्या का आरोप, चाकू से गला काटकर पति फरार; तलाश में जुटी पुलिस.

    तीन मासूम बेटों के सामने पत्नी की हत्या का आरोप, चाकू से गला काटकर पति फरार; तलाश में जुटी पुलिस.

    हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के न्यू बाबा नगर इलाके में घरेलू विवाद के दौरान एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने धारदार चाकू से हमला कर अपनी 32 वर्षीय पत्नी की जान ले ली और इसके बाद मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वारदात के समय दंपति के तीनों बेटे भी घर पर मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

    न्यू बाबा नगर में हुई वारदात

    पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान अजमेरा बेगम के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम मोहम्मद मुस्तफा बताया गया है। घटना सोमवार को पहाड़ी शरीफ इलाके के न्यू बाबा नगर में हुई। यह क्षेत्र बालापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बहस के दौरान मुस्तफा ने धारदार चाकू से अजमेरा बेगम पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर वहां से फरार हो गया।

    तीनों बच्चे घर पर थे मौजूद

    इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि वारदात के समय दंपति के तीनों बेटे भी वहां मौजूद बताए जा रहे हैं। मां की मौत और पिता के फरार होने से बच्चों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

    शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि दंपति के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते थे। हालांकि, घटना वाले दिन झगड़ा किस बात पर शुरू हुआ और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    मौके से जुटाए गए सबूत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के लिए क्लूज टीम की मदद से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल की मॉर्चरी भेज दिया गया।

    पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारियों का प्रयास है कि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जाए और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जाए।

    फरार पति की तलाश में विशेष टीमें

    पुलिस ने आरोपी मोहम्मद मुस्तफा की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। उसकी तलाश के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। घटना की पूरी परिस्थितियां, विवाद की वजह और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य तथ्य जांच आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट हो सकेंगे।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी पर आधारित है। घटना से जुड़े आरोपों और हत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

  • अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, जब्त शराब छीनने का आरोप; 3 महिलाओं समेत 6 हिरासत में.

    अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, जब्त शराब छीनने का आरोप; 3 महिलाओं समेत 6 हिरासत में.

    अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, जब्त शराब छीनने का आरोप; 3 महिलाओं समेत 6 हिरासत में.

    बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। योगापट्टी थाना क्षेत्र के रुदलपुर गांव में छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने जिन घरों से देशी शराब बरामद की थी, वहां मौजूद लोगों ने जब्त शराब भी छीन ली। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

    मामला सोमवार रात का बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत छह संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    गुप्त सूचना के आधार पर गांव पहुंची पुलिस

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब सात बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि रुदलपुर गांव के दो घरों में अवैध रूप से देशी शराब की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम छापेमारी के लिए गांव पहुंची।

    गांव में रास्ता संकरा होने के कारण पुलिसकर्मियों को अपना वाहन कुछ दूरी पर ही छोड़ना पड़ा। इसके बाद टीम पैदल संबंधित घरों तक पहुंची और तलाशी ली। पुलिस ने इस दौरान दोनों घरों से थोड़ी मात्रा में देशी शराब बरामद की।

    शराब बरामदगी के दौरान बढ़ा विवाद

    पुलिस के अनुसार, शराब बरामद किए जाने के दौरान कुछ ग्रामीण उग्र हो गए। आरोप है कि लोगों ने पुलिस अधिकारियों और जवानों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस की ओर से जब्त की गई शराब छीन लिए जाने की बात भी सामने आई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने महिलाओं को आगे कर पुलिस टीम पर हमला किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इस दौरान कुछ जवानों को मामूली चोटें आईं।

    अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर छह लोगों को पकड़ा

    घटना की सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बाद गांव में दोबारा कार्रवाई की गई। पुलिस ने तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और जब्त शराब छीने जाने के आरोपों में किन लोगों की भूमिका रही।

    जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी

    घटना के बाद योगापट्टी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

    सदर-2 एसडीपीओ राकेश कुमार भास्कर ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद मीडिया को विवरण दिया जाएगा। फिलहाल घटना से जुड़े आरोपों की जांच जारी है और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। घटना और आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

  • महिला पर बीयर गिरने के बाद नाइटक्लब में खूनी झड़प, 29 वर्षीय ड्राइवर की मौत; बाउंसरों और वेटरों पर पिटाई का आरोप.

    महिला पर बीयर गिरने के बाद नाइटक्लब में खूनी झड़प, 29 वर्षीय ड्राइवर की मौत; बाउंसरों और वेटरों पर पिटाई का आरोप.

    महिला पर बीयर गिरने के बाद नाइटक्लब में खूनी झड़प, 29 वर्षीय ड्राइवर की मौत; बाउंसरों और वेटरों पर पिटाई का आरोप.

    नई दिल्ली: दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में एक नाइटक्लब के अंदर बीयर गिरने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक युवक की मौत तक पहुंच गया। आरोप है कि एक महिला पर बीयर गिरने के बाद क्लब के बाउंसरों और वेटरों ने 29 वर्षीय ड्राइवर दलजीत और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। इस घटना में दलजीत गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश और घटना की जांच जारी है।

    बीयर गिरने के बाद शुरू हुआ विवाद

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना शनिवार देर रात सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र के एक नाइटक्लब में हुई। रघुवीर नगर निवासी दलजीत अपने दोस्तों के साथ क्लब गया था। वहां उसके एक दोस्त की बीयर कथित तौर पर एक महिला पर गिर गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर क्लब के बाउंसरों ने दलजीत और उसके दोस्तों के साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, दलजीत ने माफी मांगकर मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद मारपीट जारी रही। आरोप है कि इस दौरान क्लब के कुछ वेटर भी इसमें शामिल हो गए।

    डंडों और कांच की बोतलों से हमला करने का आरोप

    मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दलजीत और उसके दोस्तों को डंडों तथा कांच की बोतलों से पीटा गया। हमले में दलजीत को गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि जब युवक वहां से निकलने की कोशिश करने लगे, तो हमलावरों ने उन्हें वापस अंदर खींच लिया और दोबारा मारपीट की।

    इस घटना में दलजीत को सबसे गंभीर चोटें लगने की बात सामने आई है। हालांकि, मारपीट के दौरान किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, यह पुलिस जांच का विषय है।

    घर पहुंचने के बाद बिगड़ी हालत

    रिपोर्ट के मुताबिक, दलजीत के दोस्त उसे रघुवीर नगर स्थित घर लेकर पहुंचे। बताया गया कि घर के प्रवेश द्वार के पास ही वह गिर पड़ा। इसके बाद उसे गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    29 वर्षीय दलजीत की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपने पीछे पत्नी, आठ साल के बेटे और पिता को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।

    पुलिस ने गिरफ्तारियां कीं, सीसीटीवी रिकॉर्डर जब्त

    पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। जांच के तहत नाइटक्लब का सीसीटीवी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी जब्त किया गया है। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि विवाद शुरू होने से लेकर मारपीट और युवक की मौत तक की घटनाओं का क्रम स्पष्ट किया जा सके।

    जांच में यह पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है कि मारपीट में कौन-कौन शामिल था और किसकी भूमिका कितनी थी। आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।

    मामूली विवाद से मौत तक पहुंचा मामला

    बीयर गिरने जैसी बात से शुरू हुआ कथित विवाद एक युवक की जान जाने तक पहुंच गया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी पर आधारित है। मारपीट से जुड़े आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • पुलिस हिरासत में ले जाते समय युवक की मौत, परिजनों ने सिर पर चोट के लगाए आरोप; पुलिस का दावा- चलती गाड़ी से कूदा था दिलशाद.

    पुलिस हिरासत में ले जाते समय युवक की मौत, परिजनों ने सिर पर चोट के लगाए आरोप; पुलिस का दावा- चलती गाड़ी से कूदा था दिलशाद.

    पुलिस हिरासत में ले जाते समय युवक की मौत, परिजनों ने सिर पर चोट के लगाए आरोप; पुलिस का दावा- चलती गाड़ी से कूदा था दिलशाद.

    बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ले जाए जा रहे युवक की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक की पहचान दिलशाद अंसारी के रूप में हुई है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई और युवक की मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि दिलशाद चलती गाड़ी से कूदकर घायल हो गए थे और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल घटना की जांच की जा रही है।

    रात में घर से ले गई थी पुलिस

    परिजनों के मुताबिक, बानूछापर और सहोदरा थाने की पुलिस रात करीब दो बजे दिलशाद को उनके घर से अपने साथ ले गई थी। सुबह लगभग पांच बजे परिवार को फोन आया कि दिलशाद की तबीयत बिगड़ गई है।

    परिवार के सदस्य जब अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें दिलशाद की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद घर में मातम छा गया। परिजनों ने दावा किया कि दिलशाद के सिर पर गंभीर चोट थी और माथा फटा हुआ था। उनका कहना है कि वे युवक की मौत की असली वजह जानना चाहते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

    दिलशाद की पत्नी नगमा खातून और पिता अकबर अंसारी ने घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवार के मुताबिक, दिलशाद की महज चार महीने की बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया है।

    पुलिस ने बताई अलग कहानी

    बेतिया पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना के संबंध में अपना पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, दिलशाद अंसारी सहोदरा थाना कांड संख्या 65/25 में आरोपी थे। यह मामला 2 अगस्त 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।

    पुलिस का कहना है कि दिलशाद को बानूछापर से गिरफ्तार करने के बाद सहोदरा थाने ले जाया जा रहा था। इसी दौरान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिकारपुर थाना क्षेत्र में वह चलती पुलिस गाड़ी से कूद गए। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं।

    नरकटियागंज से बेतिया अस्पताल किया गया रेफर

    पुलिस के अनुसार, घायल दिलशाद को मौके पर मौजूद जवानों ने तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल, नरकटियागंज पहुंचाया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच, बेतिया रेफर कर दिया।

    पुलिस का दावा है कि बेतिया अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने दिलशाद को मृत घोषित कर दिया। हालांकि, परिजनों के आरोप और पुलिस के बयान के बीच घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल बने हुए हैं।

    मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत जांच

    बेतिया पुलिस ने कहा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मामले में निष्पक्ष जांच के लिए विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट होने में मदद मिल सकती है कि युवक को चोटें किन परिस्थितियों में लगीं।

    परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस के दावे की पुष्टि हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के आधार पर तैयार की गई है। परिजनों के आरोपों और पुलिस के दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मौत की परिस्थितियों का अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।

  • राजकोट: मामा के 40 लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए रची 11 लाख की लूट की कहानी, भांजे समेत 3 लोगों पर केस दर्ज.

    राजकोट: मामा के 40 लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए रची 11 लाख की लूट की कहानी, भांजे समेत 3 लोगों पर केस दर्ज.

    राजकोट: मामा के 40 लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए रची 11 लाख की लूट की कहानी, भांजे समेत 3 लोगों पर केस दर्ज.

    राजकोट: गुजरात के राजकोट में 11 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक युवक ने अपने मामा से लिए गए 40 लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए दो दोस्तों के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी रची थी। शुरुआत में मामला सड़क पर हुई लूट का लग रहा था, लेकिन पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस ने भांजे समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मामा से लिए थे 40 लाख रुपये

    पुलिस के अनुसार, हरदेव सिंह सजुभा झाला को अपने भांजे धीरेंद्र सिंह वाघेला से 40 लाख रुपये वापस लेने थे। बताया गया कि हरदेव सिंह ने सोने के गहने गिरवी रखकर रकम जुटाई थी और वाहन खरीदने-बेचने के कारोबार के लिए भांजे को दी थी। पिछले कुछ समय से वह धीरेंद्र सिंह से पैसे लौटाने के लिए कह रहे थे।

    पुलिस की जांच के मुताबिक, धीरेंद्र सिंह ने मामा को 11 लाख रुपये लौटाने का वादा किया और रकम लेने के लिए उन्हें अपने घर बुलाया। इसके बाद उसने कथित तौर पर ऐसी योजना बनाई, जिससे यह दिखाया जा सके कि पैसे लेकर जाते समय रास्ते में लूट हो गई।

    रास्ते में लूट होने का बनाया गया नाटक

    बताया गया कि हरदेव सिंह जब रुपये लेने पहुंचे, तो धीरेंद्र सिंह लाल रंग का एक बैग लेकर उनकी बाइक पर पीछे बैठ गया। हरदेव सिंह को यह रकम मोटामावा में अपनी साली के घर ले जानी थी।

    रास्ते में नानामवा रोड से सागर चौक की ओर जाते समय बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार दो लोग उनके पास पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने हरदेव सिंह की बाइक को लात मारी। इसके बाद पीछे बैठे धीरेंद्र सिंह ने उनसे उन लोगों का पीछा करने को कहा।

    कुछ देर बाद ऐसा दिखाया गया, जैसे दोनों कथित हमलावर मौके से भाग गए हों। इसके बाद धीरेंद्र सिंह ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर बैग में रखे 11 लाख रुपये लूटे जाने की सूचना दी।

    पूछताछ में सामने आई कहानी, दोस्तों की भूमिका भी जांच के घेरे में

    मामले की सूचना मिलने के बाद तालुका पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान धीरेंद्र सिंह के बयानों में कुछ विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की।

    पुलिस का दावा है कि पूछताछ में कथित लूट की साजिश का खुलासा हुआ। जांच के अनुसार, धीरेंद्र सिंह ने करीब एक सप्ताह पहले ही इस योजना को तैयार किया था, ताकि मामा को रकम लौटाने के दबाव से बच सके।

    पुलिस के मुताबिक, इस योजना में उसके परिचित ध्रुवराज सिंह गोहिल और भावेश खुवा भी शामिल थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर लूट की कहानी तैयार की और बैग को लेकर ऐसी परिस्थिति बनाई, जिससे घटना वास्तविक लूट जैसी लगे।

    भांजे समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

    पुलिस ने धीरेंद्र सिंह वाघेला, ध्रुवराज सिंह गोहिल और भावेश खुवा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस कांस्टेबल को शिकायतकर्ता बनाकर कानूनी कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपों में पुलिस को गुमराह करने और आपराधिक साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर जिस घटना को 11 लाख रुपये की लूट बताया गया था, जांच में वह कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची गई कथित साजिश निकली। हालांकि, मामले में आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

    यह मामला बताता है कि कर्ज से जुड़े विवाद को छिपाने के लिए कथित तौर पर गढ़ी गई कहानी भी गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकती है। फिलहाल पुलिस दर्ज मामले के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पुलिस जांच से जुड़े विवरणों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 8.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप, पूर्व सर्वे पदाधिकारी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज.

    सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 8.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप, पूर्व सर्वे पदाधिकारी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज.

    सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 8.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप, पूर्व सर्वे पदाधिकारी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज.

    सीतामढ़ी: बिहार में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर एक युवक से 8 लाख 30 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पूर्व सर्वे पदाधिकारी पूजा भारती, उनकी मां गीता देवी और भाई आदित्य कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि युवक को मद्य निषेध विभाग में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) की नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नौकरी का भरोसा देकर मांगे 12 लाख रुपये

    प्राथमिकी के अनुसार, बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बबुरबन निवासी संतोष मंडल फिलहाल बोखड़ा प्रखंड के मनरेगा विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। दिसंबर 2023 में उनका संपर्क वैशाली जिले के गाजीपुर गराही की रहने वाली पूजा भारती से हुआ था। उस समय पूजा भारती बाजपट्टी पंचायत में सर्वे पदाधिकारी के रूप में काम कर रही थीं।

    संतोष मंडल का आरोप है कि पूजा भारती ने उन्हें मद्य निषेध विभाग में MTS के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद वह उन्हें अपने घर भी ले गईं, जहां उनकी मां गीता देवी और भाई आदित्य कुमार ने भी नौकरी लगवाने की बात कही।

    शिकायत के मुताबिक, नौकरी दिलाने के बदले कुल 12 लाख रुपये की मांग की गई। भरोसे में आकर संतोष मंडल ने मैट्रिक और इंटर के प्रमाणपत्रों के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अपने मूल दस्तावेज भी आरोपितों को सौंप दिए।

    चेक, PhonePe और QR कोड से भेजे 8.30 लाख रुपये

    पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि 9 दिसंबर 2023 से 16 जून 2024 के बीच उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर कुल 8 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए। यह रकम बैंक चेक, PhonePe और QR कोड के माध्यम से आरोपितों के खातों में भेजी गई।

    युवक को उम्मीद थी कि पैसे देने के बाद उसकी सरकारी नौकरी लग जाएगी, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद नियुक्ति नहीं हुई। आरोप है कि जब नौकरी को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।

    किराये का कमरा छोड़कर मोबाइल बंद करने का आरोप

    प्राथमिकी में संतोष मंडल ने आरोप लगाया है कि कुछ समय बाद पूजा भारती बाजपट्टी में स्थित अपना किराये का कमरा खाली कर चली गईं और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। इसके बाद पीड़ित ने वैशाली जिले में उनके गांव पहुंचकर जानकारी जुटाने की कोशिश की।

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, वहां कुछ ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि संबंधित परिवार पर पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने के आरोप लगे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

    इसके बाद संतोष मंडल ने बाजपट्टी थाने में पूजा भारती, गीता देवी और आदित्य कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अब शिकायत में बताए गए लेनदेन, बैंक खातों और नौकरी दिलाने के कथित वादे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में आरोपितों की ओर से कोई जवाब दिया गया है या नहीं। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई और पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।

    सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से रहें सावधान

    यह मामला नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक जरूरी चेतावनी है। सरकारी भर्ती की प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के निजी आश्वासन पर भरोसा करके बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है। नौकरी से जुड़ी जानकारी हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और भर्ती पोर्टल से जांचनी चाहिए। किसी को पैसे या मूल दस्तावेज सौंपने से पहले उसकी पहचान और दावों की पुष्टि करना जरूरी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर दर्ज प्राथमिकी और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।