Category: Crime

  • मासूम बच्चे के बाल पकड़कर मारती दिखी महिला, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से मचा हंगामा; पुलिस जुटी पहचान में

    मासूम बच्चे के बाल पकड़कर मारती दिखी महिला, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से मचा हंगामा; पुलिस जुटी पहचान में

    मासूम बच्चे के बाल पकड़कर मारती दिखी महिला, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से मचा हंगामा; पुलिस जुटी पहचान में

    बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा है। इसमें एक महिला छोटे बच्चे को बालों से पकड़कर मारती दिखाई दे रही है। पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के दौरान बच्चा दर्द से चिल्लाता रहा, लेकिन आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए आगे नहीं आए। सामने आए इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई जा रही है। वहीं, बागपत पुलिस ने महिला की पहचान और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने की बात कही है।

    सोशल मीडिया पर सामने आई घटना की पोस्ट

    यह पोस्ट 12 अक्टूबर 2026 को एक्स पर साझा की गई थी। पोस्ट के साथ लिखे गए संदेश में दावा किया गया कि यह घटना बागपत की है। साझा की गई सामग्री में एक महिला छोटे बच्चे के बाल पकड़कर उसे मारती नजर आती है।

    हालांकि, पोस्ट में महिला के बच्चे को पीटने की वजह स्पष्ट नहीं है। यह भी साफ नहीं है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और बच्चे के साथ महिला का क्या संबंध है। ऐसे में केवल वायरल पोस्ट के आधार पर घटना की पूरी पृष्ठभूमि के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

    लोगों ने जताई नाराजगी

    पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बच्चे के साथ कथित मारपीट को लेकर नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने महिला के व्यवहार पर सवाल उठाए और मामले में कार्रवाई की मांग की।

    बच्चों के साथ किसी भी तरह की हिंसा गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों के बारे में पूरी जानकारी सामने आने से पहले किसी के खिलाफ निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।

    बागपत पुलिस ने क्या कहा?

    मामले को लेकर बागपत पुलिस ने एक्स पर जानकारी दी कि थाना बड़ौत में संबंधित महिला के बारे में अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, महिला की पहचान और प्रकरण से जुड़ी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने यह भी कहा कि तथ्यों की पुष्टि और पहचान होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की पहचान हो चुकी है या मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई है।

    जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई

    सोशल मीडिया पर किसी घटना से जुड़ी पोस्ट तेजी से फैल सकती है, लेकिन उसके साथ किए गए हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है। इस मामले में भी महिला की पहचान, बच्चे से उसका संबंध और घटना के पीछे की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और पुलिस के उपलब्ध बयान पर आधारित है। घटना की पूरी परिस्थितियों और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।

  • शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.

    शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.

    शादी का रिश्ता कराने: के बहाने 53 वर्षीय व्यक्ति से 5.65 लाख की ठगी, फर्जी नर्स बनकर WhatsApp पर करती थी बात; 4 महिलाएं और एक युवक गिरफ्तार.

    छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शादी कराने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 5.65 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर शादी के विज्ञापन के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद WhatsApp पर बातचीत कर शादी का भरोसा दिलाया जाता और इलाज या दूसरी परेशानियों का हवाला देकर पैसे मांगे जाते थे। इस मामले में पुलिस ने चार महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित 53 वर्षीय रेशम लाल साहू नवागढ़ क्षेत्र के निवासी हैं और अपने लिए शादी का रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी से जुड़ा एक विज्ञापन आया। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने पर उन्हें महासमुंद की पदमा नाम की युवती के बारे में बताया गया। युवती ने कथित तौर पर खुद को सरकारी अस्पताल में नर्स बताया और शादी का रिश्ता तय कराने का भरोसा दिया।

    पहले दिलाया शादी का भरोसा, फिर शुरू हुई पैसों की मांग

    शिकायत के अनुसार, एक मध्यस्थ ने युवती का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के बदले पैसे लिए। नंबर मिलने के बाद रेशम लाल और युवती के बीच WhatsApp पर बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे युवती ने कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताकर उनसे रुपये मांगने शुरू कर दिए।

    कभी मां के इलाज, कभी खुद की बीमारी और कभी दुर्घटना का हवाला देकर पैसे मांगे गए। शादी की उम्मीद में पीड़ित उसकी बातों पर भरोसा करते रहे और रकम भेजते गए।

    बताया गया है कि पीड़ित ने अपनी जमीन की बिक्री से बचे पैसे के साथ-साथ दूसरे लोगों से उधार लेकर भी रकम जुटाई। इस तरह उन्होंने कुल 5,65,355 रुपये भेज दिए।

    मिलने की बात पर टालती रही युवती

    जब पीड़ित ने युवती से आमने-सामने मिलने की बात कही, तो वह कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाने लगी। संदेह होने पर रेशम लाल महासमुंद के सरकारी अस्पताल पहुंचे और वहां पदमा नाम की नर्स के बारे में जानकारी ली। लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में इस नाम की कोई युवती नहीं मिली।

    इसके बाद पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर थाना में अपराध क्रमांक 10/26 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच में सामने आया नाम बदलकर ठगी करने का मामला

    पुलिस ने साइबर पोर्टल और बैंक से जुड़ी जानकारी के आधार पर संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों तथा लेनदेन की जांच की। जांच के दौरान आरोपियों के राजनांदगांव से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा।

    पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि पदमा नाम से पीड़ित से बातचीत करने वाली महिला की असली पहचान भूमिका रंगारी है। पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि वह पहले वर्ष 2025 में एक मैरिज ब्यूरो में काम करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद उसने कथित रूप से अपनी अलग फर्जी संस्था शुरू की और मोबाइल पर शादी के विज्ञापन चलाकर लोगों को रिश्ते का भरोसा देकर पैसे वसूलने लगी।

    बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, भूमिका ने पूछताछ में रोहित कुमार गुप्ता, नसीम बानो, तय्यबा बानो और शायना बानो के सहयोग की बात बताई। आरोप है कि ये लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और ठगी से मिली रकम का कुछ हिस्सा उनके खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

    पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। पुलिस का यह भी कहना है कि भूमिका रंगारी के खिलाफ साइबर पोर्टल पर शादी के नाम पर रिश्ता कराने और पैसे लेने से जुड़ी अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। इन शिकायतों की जांच और सत्यापन किया जाना बाकी है।

    शादी के ऑनलाइन विज्ञापनों से रहें सावधान

    इस मामले के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल पर दिखाई देने वाले शादी या खरीदारी से जुड़े विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति को रिश्ता तय करने, रजिस्ट्रेशन, इलाज या अन्य बहानों से पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान और दावों की पुष्टि जरूर करें।

    यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो जल्द से जल्द साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। बैंक लेनदेन से जुड़े संदेश, भुगतान की रसीदें और बातचीत के रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

  • छोटे भाई के सामने मासूम बच्ची से दुष्कर्म, बिहार की घटना से इलाके में आक्रोश.

    छोटे भाई के सामने मासूम बच्ची से दुष्कर्म, बिहार की घटना से इलाके में आक्रोश.

    छोटे भाई के सामने मासूम बच्ची से दुष्कर्म, बिहार की घटना से इलाके में आक्रोश.

    खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ यौन हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खेत के पास बकरी चरा रही बच्ची को पड़ोस में रहने वाला एक नाबालिग लड़का सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय बच्ची का छोटा भाई भी वहां मौजूद था। उसने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    खेत के पास बकरी चरा रही थी बच्ची

    मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची घर से कुछ दूरी पर खेत की तरफ बकरी चरा रही थी। उसके साथ उसका छोटा भाई भी था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक नाबालिग लड़का वहां पहुंचा। आरोप है कि वह बच्ची को खींचकर एक सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ यौन हिंसा की।

    घटना के दौरान बच्ची का छोटा भाई वहीं मौजूद था। बताया गया कि वह घबरा गया और वहां से घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग खेत की ओर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की।

    घायल हालत में मिली बच्ची, अस्पताल में इलाज जारी

    परिजनों को बच्ची कुछ समय बाद घायल हालत में मिली। वे उसे घर लेकर आए और फिर पुलिस को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलने पर मानसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने बच्ची को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बच्ची का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

    आरोपी नाबालिग हिरासत में

    खगड़िया के पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद के मुताबिक, मामले में आरोपित लड़का भी नाबालिग है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इस मामले में पॉक्सो अधिनियम के तहत केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

    गांव में नाराजगी, बच्ची की सुरक्षा पर चिंता

    घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में आक्रोश बताया जा रहा है। स्थानीय लोग मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

    मामले में पीड़िता की पहचान और निजता की रक्षा करना बेहद जरूरी है। नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में कानून भी पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगाता है।

    डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी और पुलिस के बयान पर आधारित है। मामले की जांच जारी है; आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत तय होंगे।

  • मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: 8 दिन के बेटे के साथ मां की दर्दनाक मौत, गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक ने बाइक को कुचला; पति बचा, ग्रामीणों ने लगाया जाम.

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लावड़ कस्बे में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और उसके महज आठ दिन के नवजात बेटे की मौत हो गई। परिवार बच्चे को पीलिया की दवा दिलाकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडरों से लदे ट्रक की चपेट में आने से यह हादसा हो गया। दुर्घटना में महिला का पति बाल-बाल बच गया। मां और नवजात की मौत से इलाके में शोक फैल गया, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया।

    दवा दिलाकर लौट रहा था परिवार

    यह हादसा दौराला-मसूरी मार्ग पर लावड़ की सब्जी मंडी के पास काली माता मंदिर के सामने हुआ। जानकारी के अनुसार, महल गांव निवासी संजय सैनी अपनी पत्नी प्रिया और आठ दिन के बेटे को पीलिया की दवा दिलाने के लिए लावड़ आए थे।

    दवा दिलाने के बाद तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर लगने के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर गए। बताया गया कि ट्रक का पहिया प्रिया और नवजात बच्चे के ऊपर से गुजर गया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस हादसे में संजय की जान बच गई, लेकिन पत्नी और नवजात बेटे को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    मां-बेटे की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम

    हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। मां और बच्चे की मौत से नाराज लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

    शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान भी विरोध की स्थिति बनी रही। सड़क जाम होने के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ।

    ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी उठाई।

    एंबुलेंस के शीशे तोड़े जाने की सूचना

    हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों का आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान एंबुलेंस में तोड़फोड़ किए जाने और उसके शीशे तोड़े जाने की सूचना भी सामने आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

    ट्रक चालक हिरासत में, पुलिस कर रही जांच

    दुर्घटना के बाद ट्रक चालक के मौके से भागने की कोशिश करने की बात सामने आई, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। मां और नवजात के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    पुलिस हादसे के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी। ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित परिवार को उचित सहायता दी जाए और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। हादसे से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी की पुष्टि पुलिस जांच तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।

  • खुद को नगर निगम अधिकारी: बताकर महिला ने की 1.88 करोड़ के जेवरों की ठगी, गलत हस्ताक्षर वाला चेक देकर फरार हुई; एक आरोपी गिरफ्तार.

    खुद को नगर निगम अधिकारी: बताकर महिला ने की 1.88 करोड़ के जेवरों की ठगी, गलत हस्ताक्षर वाला चेक देकर फरार हुई; एक आरोपी गिरफ्तार.

    खुद को नगर निगम अधिकारी: बताकर महिला ने की 1.88 करोड़ के जेवरों की ठगी, गलत हस्ताक्षर वाला चेक देकर फरार हुई; एक आरोपी गिरफ्तार.

    रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ज्वेलरी कारोबारी से करीब 1.88 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने खुद को नगर निगम के आवास विभाग में कार्यरत बताकर दुकान संचालक का भरोसा जीता और फिर अपनी एक साथी के साथ मिलकर लाखों-करोड़ों रुपये के जेवर ले लिए। भुगतान के लिए दिए गए चेक पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण रकम नहीं मिल सकी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी दूसरी साथी की तलाश जारी है।

    पहले 37 लाख के जेवर लिए, फिर किया बड़ा सौदा

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, भाठागांव निवासी रिखब बरडिया की सदर बाजार में विधि ज्वेलर्स एंड बुलियन नाम से दुकान है। शिकायत में बताया गया कि 24 अगस्त 2026 को किरण साहू नाम की महिला अपनी एक साथी के साथ दुकान पर पहुंची। उसने खुद को नगर निगम के आवास विभाग में काम करने वाली बताया, जिससे दुकानदार को उस पर भरोसा हो गया।

    आरोप है कि दोनों महिलाओं ने पहली बार में करीब 37 लाख रुपये के आभूषण खरीदे। इसके बदले 250 ग्राम सोने का बिस्कुट और 7 लाख रुपये नकद दिए गए। बाकी 15 लाख रुपये के भुगतान के लिए एक चेक सौंपा गया।

    दूसरी बार में खरीदे 1.73 करोड़ रुपये के आभूषण

    शिकायत के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को दोनों महिलाएं फिर दुकान पर पहुंचीं। इस बार उन्होंने करीब 1.73 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण लिए। भुगतान के लिए 1,73,37,630 रुपये का चेक दिया गया। साथ ही, दो से तीन दिनों के भीतर सोने के बिस्कुट देने का आश्वासन भी दिया गया।

    दुकान संचालक ने 1 सितंबर को पहले सौदे के दौरान मिला 15 लाख रुपये का चेक बैंक में जमा किया, लेकिन गलत हस्ताक्षर होने के कारण चेक अस्वीकार हो गया। इसके बाद कारोबारी ने महिला से संपर्क कर भुगतान की मांग की। आरोप है कि महिला लगातार टालमटोल करती रही और न तो बकाया रकम चुकाई गई और न ही आभूषणों का हिसाब दिया गया।

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोनों सौदों में कुल 1,88,37,630 रुपये मूल्य के आभूषण प्राप्त किए गए। इसी आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

    पुलिस ने एक महिला को किया गिरफ्तार

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शिकायतकर्ता से पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरोपी महिला की तलाश शुरू की।

    पुलिस के मुताबिक, किरण साहू को पकड़ने के बाद पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि महिला ने अपनी साथी के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। धोखाधड़ी से प्राप्त आभूषणों और उनसे जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है।

    दूसरी आरोपी की तलाश जारी

    पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल दूसरी महिला अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर लिए गए आभूषण कहां हैं और इस मामले में दूसरी आरोपी की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.

    नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.

    नौकरी का झांसा देकर 12 लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप, आर्केस्ट्रा में जबरन नचाने का दावा; 9 नाबालिगों समेत सभी मुक्त, महिला सहित 2 गिरफ्तार.

    बिहार के भोजपुर जिले में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लड़कियों को बुलाने और फिर कथित तौर पर बंधक बनाकर उनसे आर्केस्ट्रा में जबरन नृत्य कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने धोबहा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 12 लड़कियों को मुक्त कराया है। इनमें नौ नाबालिग और तीन बालिग बताई गई हैं। कार्रवाई के दौरान एक महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस मामले में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ के तहत की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धोबहा इलाके के एक बगीचे में टिन और करकट से बने मकान में कई लड़कियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध रोका गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और वहां मौजूद सभी 12 लड़कियों को मुक्त कराया।

    नौकरी का भरोसा देकर बुलाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का भरोसा देकर वहां लाया गया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध आर्केस्ट्रा में नर्तकी का काम कराया जाने लगा।

    लड़कियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कई दिनों से वहां रोककर रखा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्हें किसने नौकरी का भरोसा दिया, उन्हें वहां तक कैसे पहुंचाया गया और उनके रहने तथा काम करने की व्यवस्था कौन संभाल रहा था।

    मुक्त कराई गई लड़कियां बिहार के सीतामढ़ी, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली बताई गई हैं। अलग-अलग राज्यों से लड़कियों के आने के कारण पुलिस उनके संपर्कों और इस कथित नेटवर्क के दूसरे संभावित ठिकानों की भी जांच कर रही है।

    उत्तर प्रदेश की महिला समेत दो आरोपित गिरफ्तार

    पुलिस ने छापेमारी के दौरान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की निवासी जुली कुमारी और भोजपुर जिले के बबुरा गांव के निवासी मुकेश कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान लड़कियों ने कथित तौर पर इस मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। इनमें केशो पासवान, किशोर राम और सोनू यादव के नाम शामिल हैं। पुलिस इन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी तलाश में कार्रवाई की जा रही है।

    हालांकि, जिन लोगों के नाम जांच के दौरान सामने आए हैं, उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

    नौ नाबालिग लड़कियों के मिलने से मामला गंभीर

    मुक्त कराई गई 12 लड़कियों में नौ के नाबालिग होने की बात सामने आई है। इस कारण मामले में बच्चों की सुरक्षा और उनके शोषण से जुड़े कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

    पुलिस ने मामले में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम से संबंधित कानूनों और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की प्रकृति को देखते हुए महिला थाना और मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) के अधिकारियों के साथ महिला पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।

    अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लड़कियों को रोजगार का झांसा देने में किन लोगों की भूमिका थी और क्या उन्हें दूसरे स्थानों पर भी इसी तरह काम करने के लिए मजबूर किया गया था।

    ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ के तहत कार्रवाई

    भोजपुर पुलिस आर्केस्ट्रा से जुड़े कुछ ठिकानों पर इस अभियान के तहत पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। ताजा मामले में पुलिस का मुख्य उद्देश्य लड़कियों को बुलाने, उन्हें कथित तौर पर रोककर रखने और उनसे जबरन काम कराने में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

    मुक्त कराई गई लड़कियों की सुरक्षा, उनके परिजनों से संपर्क और आगे की आवश्यक प्रक्रिया भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    महत्वपूर्ण सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पुलिस की शुरुआती जांच से जुड़े विवरणों पर आधारित है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    शिवा शर्मा मौत केस में श्रद्धा दुबे और बहन की तलाश तेज, नेपाल भागने की आशंका; कथित मददगारों और प्रभावशाली लोगों के संपर्कों की जांच.

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मामले में आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन की तलाश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि दोनों घटना के बाद नेपाल की ओर गई हो सकती हैं। जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर दोनों बहनों को फरार होने में मदद पहुंचाने का संदेह है। हालांकि, उनके ठिकाने और कथित मददगारों की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

    चौक में परिचितों से मिलने के बाद नेपाल जाने की आशंका

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना के बाद श्रद्धा और उसकी बहन लखनऊ के चौक इलाके में कुछ परिचितों से मिली थीं। इसके बाद उनके सीतापुर और बहराइच के रास्ते नेपाल जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर दोनों की तलाश कर रही है।

    जांच एजेंसियों की नजर आमिर और दानिश नाम के दो लोगों पर भी है। पुलिस टीमों ने उनके घरों पर दबिश दी, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले। इसके बाद उनके परिजनों से पूछताछ कर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों बहनें वास्तव में नेपाल पहुंची हैं या नहीं। पुलिस अलग-अलग सूचनाओं की जांच कर उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों से संपर्कों की भी पड़ताल

    शिवा शर्मा की मौत की जांच के साथ श्रद्धा दुबे और उसकी बहन के संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि कुछ बिल्डरों और अन्य प्रभावशाली लोगों ने उन्हें मदद पहुंचाई हो सकती है। इसी सिलसिले में कॉल रिकॉर्ड, परिचितों और अन्य संपर्कों से जुड़ी जानकारियां खंगाली जा रही हैं।

    इवेंट कंपनियों और फैशन शो से जुड़े कुछ लोगों के संपर्कों की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद दोनों बहनों ने किन लोगों से संपर्क किया और क्या किसी ने उन्हें ठिकाना बदलने या पुलिस से बचने में मदद की।

    हालांकि, किसी व्यक्ति का आरोपितों से संपर्क होना अपने आप में अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

    चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिवा शर्मा की मौत

    शिवा शर्मा लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में रहते थे। शुक्रवार रात वह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। बाद में उनका शव परिसर में मिला। शिवा चिकन कारोबार और कैफे संचालन से जुड़े हुए थे तथा श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन संबंध में रह रहे थे।

    शिवा की मौत के बाद परिवार ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनकी मां रंजना ने श्रद्धा, उसकी बहन और कुछ अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं। परिवार को संदेह है कि यह सामान्य हादसा नहीं था और शिवा के साथ कथित तौर पर हुई हिंसा का उनकी मौत से संबंध हो सकता है।

    पुलिस इन आरोपों और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि शिवा की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी की आपराधिक भूमिका थी। इसका पता जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही चल सकेगा।

    फ्लैट से मिली दवाओं और अन्य वस्तुओं की फोरेंसिक जांच

    जांच के दौरान श्रद्धा के फ्लैट से मिली कुछ दवाओं और अन्य वस्तुओं को परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट से इन वस्तुओं की प्रकृति और मामले से उनके संभावित संबंध के बारे में जानकारी मिल सकती है।

    इसके अलावा, पुलिस श्रद्धा और उसकी बहन के पुराने संपर्कों तथा पहले दर्ज कराए गए मामलों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ना और शिवा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है।

    पुलिस के सामने अब क्या हैं प्रमुख चुनौतियां?

    इस मामले में पुलिस के सामने फिलहाल तीन प्रमुख काम हैं—श्रद्धा दुबे और उसकी बहन का पता लगाना, उन लोगों की भूमिका की जांच करना जिन पर कथित तौर पर मदद करने का संदेह है, और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण करना।

    कॉल रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

    महत्वपूर्ण सूचना: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और जांच से जुड़े दावों पर आधारित है। श्रद्धा दुबे, उनकी बहन या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

  • फिल्मों में ताजमहल बिकता था, प्रयागराज में तो पूरा पहाड़ ही बेच दिया… जानिए कैसे हुआ करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल..

    फिल्मों में ताजमहल बिकता था, प्रयागराज में तो पूरा पहाड़ ही बेच दिया… जानिए कैसे हुआ करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल..

    फिल्मों में ताजमहल बिकता था, प्रयागराज में तो पूरा पहाड़ ही बेच दिया… जानिए कैसे हुआ करोड़ों की सरकारी जमीन का खेल..
    • सरकारी रिकॉर्ड में कैसे हुई हेराफेरी?

    • ‘पहाड़’ की जमीन इतनी खास क्यों होती है?

    बॉलीवुड फिल्मों में आपने कई बार सुना होगा कि जालसाजों ने ताजमहल, लाल किला तक बेच दिया. ऐसी बातें पर्दे पर मजेदार लगती हैं, लेकिन प्रयागराज में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हकीकत और फिल्मों के बीच की दूरी कम कर दी. यहां भू-माफियाओं ने राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी ‘पहाड़’ के नाम दर्ज करोड़ों रुपये की जमीन को पहले अपने नाम कराया और फिर उसे बेच भी दिया. मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों हरकत में आ गए हैं.

    क्या है पूरा मामला?
    यह मामला प्रयागराज की बारा तहसील के गोल्हैया गांव का है. यहां आराजी संख्या-1 की करीब 83 बीघा 19 बिस्वा (लगभग 19.16 हेक्टेयर) जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ‘पहाड़’ यानी सार्वजनिक सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इस सरकारी जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया. इसके बाद जमीन की खरीद-फरोख्त भी शुरू कर दी गई.

    सरकारी रिकॉर्ड में कैसे हुई हेराफेरी?
    जमीन किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि सरकारी खाते में दर्ज थी. लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर खुद को जमीन का मालिक दिखा दिया. जब रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो गए, तो उसी आधार पर जमीन की रजिस्ट्री और बिक्री भी होती रही. यानी कागजों पर सरकारी पहाड़ निजी संपत्ति बन गया.

    मामला सामने कैसे आया?
    प्रशासन को जमीन में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई. जांच में पाया गया कि जमीन को गलत तरीके से निजी खातों में दर्ज कराया गया था.इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी फर्जी नाम निरस्त कर दिए और जमीन को दोबारा सरकारी खाते में दर्ज कर दिया.

    कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ?
    लेखपाल प्राची सिंह परिहार की शिकायत पर लालापुर थाने में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें पूर्व खाताधारक, जमीन खरीदने वाले लोग और एके ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की निजी कंपनी के निदेशक भी शामिल हैं. पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी संपत्ति से जुड़े गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है.

    ‘पहाड़’ की जमीन इतनी खास क्यों होती है?
    राजस्व रिकॉर्ड में ‘पहाड़’ के रूप में दर्ज जमीन सार्वजनिक संपत्ति मानी जाती है. इसका इस्तेमाल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सार्वजनिक हित के लिए होता है. ऐसी जमीन को कोई व्यक्ति अपने नाम नहीं करा सकता और न ही उसकी खरीद-बिक्री की जा सकती है. इसलिए इस तरह की हेराफेरी को गंभीर अपराध माना जाता है.

    अब आगे क्या होगा?
    पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. जांच में राजस्व रिकॉर्ड, नामांतरण (म्यूटेशन), रजिस्ट्री, जमीन के हस्तांतरण और सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच होगी. यदि किसी सरकारी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    देश के अलग-अलग राज्यों में पहले भी सरकारी जमीन, तालाब, चारागाह और ग्राम समाज की जमीन पर फर्जी तरीके से कब्जा करने या रिकॉर्ड बदलने के मामले सामने आते रहे हैं. हालांकि किसी ‘पहाड़’ को ही कागजों में निजी संपत्ति बनाकर बेचने का मामला बेहद दुर्लभ माना जा रहा है. यही वजह है कि प्रयागराज का यह मामला चर्चा में है.

  • लोगों से कहा पति घर छोड़कर चला गया, बच्चों को भेजा मौसी के घर, और फिर प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, 11 महीने बाद खुला राज..

    लोगों से कहा पति घर छोड़कर चला गया, बच्चों को भेजा मौसी के घर, और फिर प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, 11 महीने बाद खुला राज..

    लोगों से कहा पति घर छोड़कर चला गया, बच्चों को भेजा मौसी के घर, और फिर प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, 11 महीने बाद खुला राज..

    नवी मुंबई के ऐरोली स्थित यादव नगर में करीब 11 महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का राबले एमआईडीसी पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर पति की हत्या की, शव के टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए उन्हें जंगल में अलग-अलग जगह फेंक दिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनीता कुशवाहा (40) और दशरथ प्रजापति (30) के रूप में हुई है. स्थानीय अदालत ने दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

    प्रेम संबंध का विरोध बना हत्या की वजह
    पुलिस जांच के अनुसार, मृतक बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा (50) अपनी पत्नी सुनीता और राहुल के कथित प्रेम संबंध का विरोध करता था. इसी कारण दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. वारदात से पहले की रात दंपति के दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया गया ताकि हत्या के समय वे घर में मौजूद न रहें.

    सोते समय गला घोंटा, फिर सिर धड़ से अलग किया
    जांच में सामने आया कि बलिराम की पहले सोते समय गला घोंटकर हत्या की गई. इसके बाद तेज धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया. पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के इरादे से शव के तीन टुकड़े किए गए. आरोपियों ने शव के हिस्सों को अलग-अलग बोरियों और चादरों में लपेटा और राहुल के ऑटो रिक्शा से गावली देव पहाड़ी के जंगल में तीन अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया.

    लोगों से कहा- पति घर छोड़कर चला गया
    हत्या के बाद सुनीता अपने बच्चों को लेकर घंसोली चली गई और राहुल के साथ रहने लगी. पड़ोसियों और परिचितों को बताया गया कि बलिराम घर छोड़कर कहीं चला गया है. इस कहानी के चलते कई महीनों तक किसी को हत्या की भनक नहीं लगी.


  • घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    घर में चोरी और खुद बेहोश होने का किया नाटक, प्रेमी संग भागने की थी प्लानिंग! पुलिस ने ऐसे पकड़ा झूठ..​​​​

    उत्तर प्रदेश से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए अपने ही घर में लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी कराने की साजिश रच डाली. इतना ही नहीं, घटना को असली चोरी दिखाने के लिए उसने बेहोश होने का नाटक भी किया. लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है.

    पति ने दर्ज कराई थी चोरी की शिकायत
    यह मामला गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर बाजार का है. पीड़ित लवकुश ने पुलिस को सूचना दी कि रात में अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए. चोर सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.

    पूछताछ में पत्नी पर हुआ शक
    जांच के दौरान पुलिस ने घर के सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ की. इसी दौरान लवकुश की पत्नी पूनम कसौधन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. महिला पुलिसकर्मियों ने जब पूनम से अलग से पूछताछ की तो वह ज्यादा देर तक अपनी कहानी पर कायम नहीं रह सकी और पूरी साजिश कबूल कर ली.

    मौसेरे भाई से था प्रेम संबंध
    पुलिस जांच में पता चला कि पूनम का अपनी मौसी के बेटे विकास कसौधन से प्रेम संबंध था. दोनों साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे. इसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी. इसी वजह से दोनों ने अपने ही घर में चोरी की योजना बनाई. योजना के मुताबिक, रात में पूनम ने विकास को घर बुलाया. दोनों ने मिलकर संदूक और बक्सों में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और मोबाइल निकाल लिए. इसके बाद कमरे का सामान बिखेर दिया ताकि मामला असली चोरी जैसा लगे. चोरी का पूरा सामान विकास अपने साथ लेकर चला गया.

    बेहोशी का ड्रामा भी नहीं आया काम
    चोरी के बाद पूनम ने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बेहोश होने का नाटक किया. वह घर के बेड के नीचे जाकर लेट गई. अगली सुबह उसने परिवार वालों को बताया कि कुछ अज्ञात बदमाश घर में घुसे, उसके साथ मारपीट की और चोरी करके फरार हो गए. हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर शुरू से ही शक था. पूछताछ और घटनास्थल की जांच में कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया.

    50 हजार नकद और गहने बरामद
    सीओ सिटी योगेश्वर सिंह ने बताया कि चोरी का पूरा सामान विकास कसौधन के घर से बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस ने पूनम कसौधन और विकास कसौधन को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय भेजा जा रहा है.