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  • रेवाड़ी मकान ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन, पिता-बेटी की मौत के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार; PNG लीकेज का शक

    रेवाड़ी मकान ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन, पिता-बेटी की मौत के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार; PNG लीकेज का शक

    हरियाणा के रेवाड़ी में हंस नगर में हुए मकान ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 5 जुलाई को हुए इस हादसे में पिता और बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो साल की बच्ची समेत तीन लोग झुलस गए थे। पुलिस ने पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

    गैस की दुर्गंध के बाद हुआ था जोरदार धमाका

    पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन परिवार घर में मौजूद था। इसी दौरान मकान में गैस की दुर्गंध महसूस होने की बात सामने आई। कुछ देर बाद बेटी ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया और अचानक जोरदार धमाका हो गया।

    ब्लास्ट इतना तेज था कि मकान का गेट टूटकर दूर जा गिरा और कई जगहों की टाइलें भी उखड़ गईं। हादसे में परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

    इलाज के दौरान पिता-बेटी की मौत

    घायलों को पहले ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए तन्नू और उसके पिता सतबीर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पहले तन्नू और अगले दिन उसके पिता सतबीर ने दम तोड़ दिया।

    पाइपलाइन कंपनी के 3 लोग गिरफ्तार

    मामले की जांच के बाद पुलिस ने आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल, सुपरवाइजर संदीप और सहयोगी कंपनी के आरसीएम रंजीत शामिल हैं।

    पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान PNG गैस लीक होकर मकान में जमा हुई, जिसके बाद बिजली का स्विच ऑन करने से विस्फोट हो सकता है।

    अभी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

    हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने गैस लीक होने की संभावना से इनकार किया है। घटनास्थल की विशेषज्ञों ने भी जांच की थी, लेकिन ब्लास्ट की वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    पुलिस अब CFL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसी रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर मकान में इतना बड़ा धमाका किस वजह से हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

  • अमरोहा में 5 दिन से लापता 3 साल की अमायरा का तालाब में मिला शव, गले पर निशान से हत्या की आशंका..

    अमरोहा में 5 दिन से लापता 3 साल की अमायरा का तालाब में मिला शव, गले पर निशान से हत्या की आशंका..

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    फाइल फोटो

    गांव ढकिया चमन निवासी मोहम्मद रजा की तीन साल की बेटी अमायरा सोमवार सुबह घर के सामने से लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था।

    शुक्रवार को पांचवे दिन सुबह लगभग 9 बजे घर से लगभग 800 मीटर दूर स्थित तालाब में उसका शव घास में फंसा मिला है। तालाब के सामने रहने वाली किशोरी सोनम को दुर्गंध आई तो उसने पास ही मौजूद आटो चालक रियाज को बताया।

    रियाज ने डंडे से घास को हटाया तो अमायरा की टांग नजर आई। उसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई तथा शव को बाहर निकाला। शव पानी में रहने के कारण फूल चुका था। गले पर निशान बना है।

    हालांकि जिस समय शव मिला है, उस समय पुलिस टीम गांव में अन्य घरों की तलाशी लेने की तैयारी कर रही थी। ग्रामीण व स्वजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

    एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बच्ची की मौत का कारण स्पष्ट होगा। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

  • दहेज में मांगी बोलेरो, नहीं मिली तो ले ली जान: अदालत ने पति को सुनाई 10 साल की सजा, पिता-भाई बरी

    दहेज में मांगी बोलेरो, नहीं मिली तो ले ली जान: अदालत ने पति को सुनाई 10 साल की सजा, पिता-भाई बरी

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    दहेज में चार पहिया गाड़ी की मांग पूरी न होने पर पत्नी की प्रताड़ना और मृत्यु के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त पति महीपाल को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सह-अभियुक्त ससुर ॠषिपाल और देवर जीतपाल को सभी आरोपों से दोषमुक्त किया गया है।

    रजपुरा के गांव सैंडोरा निवासी नरेशपाल ने 12 दिसंबर 2019 को दहेज हत्या में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसने अपनी बेटी रेखा का विवाह चार वर्ष पूर्व रजपुरा निवासी महीपाल के साथ किया था।

    विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज में बुलेरो गाड़ी की मांग को लेकर रेखा को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 12 दिसंबर 2019 को मारपीट के दौरान आई चोटों के कारण रेखा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।

    तहरीर के आधार पर पति महिपाल, सास गुड्डी, जेठ यशपाल, देवर जीतपाल, ससुर ऋषिपाल के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

    पुलिस ने विवेचना में पति महिपाल, ससुर ऋषिपाल और देवर जीतपाल को दोषी माना और आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपालजी की अदालत में हुई।

    न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर अभियुक्त महीपाल को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जबकि धारा 302/34 हत्या के आरोप से न्यायालय ने अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

  • चार साल पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी पुलिस रिकॉर्ड में बना ‘गुंडा’; जिला बदर का आदेश आते ही मचा हड़कंप..

    चार साल पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी पुलिस रिकॉर्ड में बना ‘गुंडा’; जिला बदर का आदेश आते ही मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कुछ समय पहले प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जिस युवक की करीब चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी, उसका नाम पुलिस की रिपोर्ट में शामिल रहा और बाद में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी कर दी गई।

    मामला खड्डा कस्बे से जुड़ा बताया गया था। यहां रहने वाले एक युवक की वर्ष 2021 में वाराणसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार के लिए यह घटना कई साल पुरानी हो चुकी थी, लेकिन बाद में उसका नाम एक प्रशासनिक कार्रवाई में सामने आया तो परिजन और स्थानीय लोग हैरान रह गए।

    बताया गया था कि पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कुछ लोगों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी सूची में मृत युवक का नाम भी शामिल था। सुनवाई के बाद उसके खिलाफ छह महीने के लिए जिला बदर किए जाने का आदेश तक जारी कर दिया गया।

    मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जिस व्यक्ति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी, उसके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट तैयार करते समय उसके जीवित होने की पुष्टि क्यों नहीं की गई।

    प्रशासनिक आदेश में अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल थे। कुछ आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई। लेकिन मृत युवक का नाम उसी प्रक्रिया में शामिल होना पूरे मामले को असामान्य बना गया।

    घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से पहले उसके बारे में बुनियादी जानकारी और वर्तमान स्थिति की जांच होना जरूरी है।

    मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि पुलिस रिकॉर्ड को अपडेट करने और कार्रवाई के लिए भेजी जाने वाली रिपोर्टों की जांच किस स्तर पर की जाती है। मृत व्यक्ति के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी होने की खबर सामने आने के बाद यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था, जहां एक परिचित व्यक्ति को भरोसे में लेकर बुलाने के बाद उसे बंधक बना लिया गया। आरोप था कि एक दंपती और उनके साथियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और हथियार के दम पर नकदी व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों रुपये हड़प लिए।

    बताया गया था कि पीड़ित पहले एक मकान में किराये पर रहता था। वहीं उसकी पहचान एक दंपती से हुई थी। कुछ समय बाद दंपती मकान खाली कर दूसरे शहर में रहने चला गया, लेकिन पुरानी जान-पहचान बनी रही।

    घटना से कुछ दिन पहले महिला ने फोन कर परिचित को अपने पास बुलाया था। उसे बताया गया था कि कुछ जरूरी बात करनी है। भरोसा होने के कारण वह वहां पहुंच गया। आरोप है कि पहुंचते ही पहले से मौजूद लोगों ने उसे जबरन वाहन में बैठाया और दूसरे स्थान पर ले जाकर बंधक बना लिया।

    पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद सोने के आभूषण तथा नकदी छीन ली। इसके अलावा हथियार दिखाकर उससे ऑनलाइन भुगतान का पिन भी हासिल कर लिया गया। इसके बाद उसके खाते से करीब तीन लाख रुपये की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगा।

    किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    पुलिस की जांच में दंपती समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। पूछताछ के बाद आरोपियों के पास से कथित तौर पर लूटे गए सामान, नकदी, एक अवैध हथियार और वाहन बरामद किए गए।

    जांच में यह भी सामने आया था कि पुरानी जान-पहचान और आपसी विवाद को लेकर आरोपी पक्ष के मन में नाराजगी थी। इसी के बाद परिचित को बुलाकर उसके साथ वारदात करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

  • पति टॉफी लेने गया, वापस लौटा तो कमरे का नजारा देख उड़ गए होश; 25 साल की महिला की मौत..

    पति टॉफी लेने गया, वापस लौटा तो कमरे का नजारा देख उड़ गए होश; 25 साल की महिला की मौत..

    हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के चैलचौक से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां बिहार की रहने वाली 25 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर जान दे दी।

    बेटे के लिए पति से मंगवाई थी टॉफी

    मृतका की पहचान मनीषा खातून, पत्नी मुश्ताकुल अली, निवासी नारायणपुर, भागलपुर (बिहार) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनीषा अपने पति और बेटे के साथ चैलचौक में रहती थी। उसका पति पास की एक दुकान पर दर्जी का काम करता है।

    घटना से कुछ समय पहले मनीषा ने अपने बेटे के लिए पति से टॉफी लाने को कहा था। पति दुकान से टॉफी लेकर वापस क्वार्टर पहुंचा और कमरे में गया, तो वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए।

    कमरे में मिला महिला का शव

    पति ने मनीषा को फंदे से लटका हुआ देखा। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    मौत की वजह तलाश रही पुलिस

    मंडी पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और महिला की मौत के पीछे की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

  • ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

    ग्वालियर में युवती से दुष्कर्म, वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया; अमृतसर से अग्निवीर गिरफ्तार

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    ग्वालियर में एक युवती की मौत के बाद अग्निवीर विकास बघेल पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है, युवती को वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाकर जहर खिलाया गया था।

    ग्वालियर में एक युवती की मौत के मामले ने गंभीर आरोपों के बाद सनसनी फैला दी है। पंजाब के अमृतसर में सेना की यूनिट में तैनात एक अग्निवीर पर युवती से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, मारपीट और जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने के आरोप लगे हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान युवती की मौत हो गई। सिरोल थाना पुलिस ने मामले में हत्या, दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित अग्निवीर विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया है।

    शादी की बात टूटी, लेकिन फोन पर बढ़ता गया संपर्क

    पुलिस के मुताबिक सिरोल थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी की बातचीत चिनौर निवासी विकास बघेल से चली थी। दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मोबाइल नंबर भी साझा किए, लेकिन किसी कारण से रिश्ता तय नहीं हो सका। इसके बावजूद विकास लगातार युवती के संपर्क में रहा।

    आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले उसने युवती को मिलने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर अश्लील वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

    वीडियो डिलीट करने के बहाने फिर बुलाया

    पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले विकास ग्वालियर आया था। सात अगस्त को उसने युवती को यह कहकर मिलने बुलाया कि वह उसका अश्लील वीडियो मोबाइल से डिलीट कर देगा। आरोप है कि मिलने के बाद उसने फिर युवती पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।

    युवती ने विरोध किया तो पोसंपा रेस्त्रां के पास उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया और पानी पिलाकर आरोपित वहां से फरार हो गया।

    अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान मौत

    जहरीला पदार्थ खिलाए जाने के बाद युवती किसी तरह हजार बिस्तर अस्पताल के पास पहुंची और अपने ममेरे भाई को फोन कर बुलाया। स्वजन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    युवती का मरणासन्न बयान- दो बार कराया गर्भपात

    पुलिस ने अस्पताल में युवती का मृत्युकालिक कथन दर्ज किया था। इसमें उसने कथित तौर पर बताया कि वह करीब तीन वर्षों से प्रताड़ना झेल रही थी। उसका आरोप था कि विकास न तो उससे शादी कर रहा था और न ही उसे छोड़ रहा था। मिलने से इंकार करने पर मारपीट किए जाने की बात भी उसने कही।

    पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसके दो बार गर्भपात कराए गए। उसने बताया कि सात अगस्त को भी उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया गया था।

    मृत्यु के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। जांच के बाद आरोपित विकास बघेल को अमृतसर से गिरफ्तार कर ग्वालियर लाया गया है। पुलिस मामले में सामने आए आरोपों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

  • अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

    अमृतसर में 10वीं के छात्र की मौत या हत्या? गले पर मिले निशान से बढ़ा संदेह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

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    जंडियाला गुरु में दसवीं के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध मौत हुई। गले पर निशान मिलने पर परिवार ने दो युवकों पर हत्या का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    अमृतसर के जंडियाला गुरु में 10वीं कक्षा के छात्र गुरसेवक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए दो युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि गुरसेवक सिंह का गला दबाकर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

    परिवार के अनुसार गुरसेवक सिंह पढ़ाई के साथ खेलों में भी रुचि रखता था। वह गांव के मैदान में अक्सर फुटबाल खेलता था और अच्छा खिलाड़ी था। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    छात्र के गले पर मिले निशान

    परिवार ने पुलिस को बताया कि छात्र के गले पर निशान मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें आशंका है कि उसका गला दबाकर हत्या की गई। परिवार ने आरोप लगाया कि दो युवकों ने कथित तौर पर गुरसेवक सिंह के साथ मारपीट की और बाद में उसका गला दबा दिया।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की

    डीएसपी बलजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि छात्र की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और वह किन लोगों के संपर्क में था। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ समय पहले पुलिस ने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया था। जांच के दौरान एक आरोपी को लेकर ऐसी बात सामने आई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी हो चुका था।

    मामला मुगलसराय क्षेत्र में हुई एक चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का एक सदस्य लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल था। पूछताछ में उसके बारे में बताया गया कि वह महीने में कई बार चोरी करता था और कुछ समय तक वारदात न करने पर बेचैनी महसूस करने लगता था।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। जांच में उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग जगहों पर हुई वारदातों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के कुछ सदस्य चोरी किए गए जेवरात का बंटवारा करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई।

    पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में सामने आई चोरी की आदत वाली बात की वजह से यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    बहू की हत्या में जमानत पर आया परिवार, अब पिता के किए टुकड़े..

    जयपुर : जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में झाड़ियों के पीछे पड़ा वो प्लास्टिक का कट्टा सिर्फ एक सड़ती हुई लाश को नहीं छुपा रहा था, बल्कि खून से सने उस खौफनाक सच को भी दबाए बैठा था, जिसने रिश्तों के ताने-बाने को तार-तार कर दिया. 75 साल के बुजुर्ग जगदीश जाट को शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि जिस घर को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, वही घर उनकी कब्र की वजह बनेगा. जब पुलिस ने कट्टे को खोला, तो भीतर पड़े सड़ चुके शव और उससे उठती बदबू ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. लेकिन सांगानेर सदर पुलिस की तीखी नजरों से वो मुजरिम बच न सके, जिन्होंने इस खूनी खेल की पटकथा लिखी थी.

    दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे जब राहगीरों ने झाड़ियों के पीछे से एक अजीब सी सड़न भरी बदबू महसूस की, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब प्लास्टिक के बोरे को काटा, तो उसमें 75 वर्षीय जगदीश जाट का शव मिला. लाश की हालत देखकर साफ लग रहा था कि कत्ल कई दिन पहले किया गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब परिवार वालों को मौके पर बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और पुत्र सवाईराम जाट के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं. उनके चेहरे पर गम की जगह एक अजीब सा डर और हड़बड़ाहट साफ दिखाई दे रही थी. पुलिस उपायुक्त-दक्षिण राजर्षि राज की सतर्क टीम ने दोनों के इन संदिग्ध हाव-भावों को भांप लिया और बिना देर किए उन्हें हिरासत में ले लिया.

    शराब की लत और घर की कलह का खूनी अंत

    थाने के कड़े पहरे में जब पुलिस ने सजना देवी और सवाईराम से अलग-अलग पूछताछ शुरू की, तो दोनों ज्यादा देर तक झूठ के पुलिंदे के पीछे नहीं छिप सके. कड़ाई से हुई पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि मृतक जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और आए दिन घर में क्लेश और मारपीट करता था. रोज-रोज के इस झगड़े से तंग आकर मां-बेटे ने मिलकर जगदीश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया. उन्होंने मौका पाकर 18 अगस्त की शाम जब शराब के नशे में विवाद हुआ, तो पत्नी सजना देवी (70) और छोटे बेटे सवाईराम जाट (40) ने मिलकर पहले जगदीश का गला दबाया. फिर भी सांसें चलती देख कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से वार कर उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद आरोपी बेटा सवाईराम शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया. उसने कुल्हाड़ी से पिता के हाथ और गर्दन काटने का प्रयास किया. जब कुल्हाड़ी से अंग नहीं कटे तो उसने रसोई से चाकू और दांतली लाकर धड़ व हाथ अलग-अलग काट डाले. 19 अगस्त को पूरा दिन और रात शव घर में ही पड़ा रहा. बेटा रातभर लाश के साथ रहकर उसके टुकड़े करता रहा.

    कैब चालक की सतर्कता से खुली कत्ल की परतें

    20 अगस्त को तड़के करीब 3:30 बजे सवाईराम कट्टे में भरे शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुलाकर ले जाने की फिराक में था. लेकिन कट्टे से आती तेज बदबू के कारण टैक्सी चालक को अनहोनी की आशंका हुई और उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम मौके पर पहुंची. पानी की टंकी के पास खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच प्लास्टिक के कट्टे में बंद जगदीश चौधरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. पुलिस ने जब परिजनों को बुलाया, तो मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम जाट के चेहरे के हाव-भाव देखकर पुलिस को तुरंत शक हो गया. डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था और रोज-रोज के क्लेश व प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया.

    टोंक में बहू की हत्या में भी जेल जा चुका है पूरा परिवार

    इस अंधे कत्ल की जांच में सबसे सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि यह परिवार पहले से ही खूनी वारदातों में शामिल रहा है. आरोपी सजना देवी और सवाईराम जाट वर्ष 2024 (टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र) में अपनी ही बहू की हत्या के मामले में जेल जा चुके थे. इस संगीन वारदात में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी, दोनों बेटे (सवाईराम और रामअवतार) शामिल थे. पूरा परिवार करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, जबकि बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में ही बंद है. जमानत पर बाहर आते ही मां-बेटे ने मिलकर घर के मुखिया की ही बलि चढ़ा दी. सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.