Category: Crime

  • गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में घुस गई लाठी, 5 घंटे चला ऑपरेशन, ऐसे बची 10वीं के छात्र की जान..

    उत्तर प्रदेश के कन्नौज में खेल-खेल में एक स्कूली छात्र के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने परिवार के लोगों की सांसें रोक दीं। गिल्ली-डंडा खेलते समय दीवार से गिरा छात्र नीचे जमीन में गड़ी लाठी के ऊपर जा गिरा। लाठी उसके पेट को चीरते हुए शरीर के अंदर तक घुस गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।

    दीवार से गिरते ही लाठी पर जा गिरा छात्र

    बताया गया कि छात्र अपने दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था। इसी दौरान वह गिल्ली पकड़ने के लिए दीवार पर चढ़ा। संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे जा गिरा।

    नीचे मैदान में एक लाठी गड़ी हुई थी। छात्र उसी के ऊपर जा गिरा और लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि लाठी का एक बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर चला गया था।

    आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजन छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे के इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी गई।

    मां ने डॉक्टर से कहा- किसी भी तरह बेटे को बचा लीजिए

    कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने छात्र की हालत देखी और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। छात्र की मां ने डॉक्टरों से किसी भी कीमत पर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई।

    डॉक्टरों की टीम ने जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद रही, क्योंकि लाठी को सीधे बाहर निकालना बेहद खतरनाक हो सकता था।

    पांच घंटे तक चला ऑपरेशन

    रात करीब 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह लगभग 4 बजे तक चला। डॉक्टरों ने लाठी को निकालने के लिए बेहद सावधानी से काम किया।

    लाठी का एक हिस्सा शरीर के बाहर भी था। उसे ऑपरेशन थिएटर तक ले जाना संभव नहीं था, इसलिए पहले बाहर निकले हिस्से को काटा गया। इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद हिस्से को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में काटकर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    लाठी निकालने के साथ ही जहां-जहां अंदरूनी चोट लगी थी, वहां उपचार किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन सफल रहा।

    सात दिन अस्पताल में रहा छात्र

    ऑपरेशन के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे घर भेज दिया गया।

    बाद की जांच में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को ठीक बताया। बच्चे की जान बचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मां ने इलाज करने वाली पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।

    खेल के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बच्चों के खेलने की जगह पर आसपास मौजूद नुकीली या गड़ी हुई वस्तुएं कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों की वजह से छात्र की जान बच सकी।

  • किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार..

    किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार..

    किश्तवाड़: गर्भपात रेफरल के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग की मौत, स्कूल शिक्षक गिरफ्तार

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 21 अगस्त को एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत हो गई, जब उसे गर्भावस्था की चिकित्सीय समाप्ति (MTP) के लिए डोडा जिले रेफर किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसी के कारण नाबालिग गर्भवती हुई थी।

    मुख्य घटनाक्रम

    पुलिस के अनुसार, खत्रू इलाके की रहने वाली यह नाबालिग लड़की किश्तवाड़ से डोडा जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ गई। गिरफ्तार शिक्षक के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

    पुलिस ने बयान में कहा, “गर्भावस्था, लड़की की मौत और मामले के अन्य पहलुओं से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए आगे की जाँच जारी है।” अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक उस अपराध में शामिल था जिसके कारण नाबालिग गर्भवती हुई।

    समुदाय में आक्रोश

    इस घटना की खबर फैलते ही जम्मू डिवीजन के दूरस्थ किश्तवाड़ जिले में सदमे और आक्रोश की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने इसे एक जघन्य अपराध करार दिया और दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की।

    जम्मू-कश्मीर में बाल अपराध के आँकड़े

    यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्यसभा में मॉनसून सत्र के दौरान पेश किए गए आँकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2024 में बच्चों के विरुद्ध अपराध के 887 मामले दर्ज हुए। इनमें से 444 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि वर्ष के अंत तक 537 मामलों की जाँच लंबित थी।

    आँकड़ों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 2024 में सजा दिलाने की दर मात्र 9.4 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष के अंत तक बाल अपराध से संबंधित 2,517 मामलों में ट्रायल लंबित था। गौरतलब है कि 2022 में 920 मामले, 2023 में 910 मामले और 2024 में 887 मामले दर्ज हुए — यानी संख्या में मामूली गिरावट के बावजूद सजा दिलाने की दर चिंताजनक रूप से निम्न बनी हुई है।

    2022 में सजा दिलाने की दर 11.7 प्रतिशत थी, 2023 में यह घटकर 8.7 प्रतिशत रह गई और 2024 में 9.4 प्रतिशत दर्ज की गई। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि बाल यौन अपराध के मामलों में त्वरित न्याय एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    क्या होगा आगे

    पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। यह भी देखा जाएगा कि क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं। न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार शिक्षक को अदालत में पेश किया जाएगा, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।

  • दिव्या हत्याकांड में सामने आया CCTV फुटेज, बैंक के बाहर पत्नी से मारपीट के बाद चली गोली; घर पहुंचकर बहन की भी हत्या..

    दिव्या हत्याकांड में सामने आया CCTV फुटेज, बैंक के बाहर पत्नी से मारपीट के बाद चली गोली; घर पहुंचकर बहन की भी हत्या..

    लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में एक अहम साक्ष्य सामने आया है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज में आरोपी पति को बैंक के बाहर अपनी पत्नी के साथ विवाद और मारपीट करते हुए देखा गया है। इसके बाद गोली चलने और आरोपी के मौके से फरार होने की बात सामने आई है।

    पुलिस अब CCTV फुटेज, मोबाइल फोन से मिले डेटा और दूसरे साक्ष्यों की मदद से घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    बैंक के बाहर पत्नी को बुलाकर किया विवाद

    घटना के दिन महिला रोज की तरह अपने कार्यालय पहुंची थी। कुछ समय बाद उसका पति कार से बैंक के बाहर पहुंचा और फोन कर उसे बाहर बुलाया।

    दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला विवाद में बदल गया। CCTV फुटेज में दोनों के बीच हाथापाई होती दिखाई देने की बात सामने आई है। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी को गोली मार दी और वहां से फरार हो गया।

    गोली चलने के बाद बैंक के बाहर अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद अन्य लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिए। घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

    पत्नी की हत्या के बाद घर पहुंचा

    पत्नी को गोली मारने के बाद आरोपी अपने घर की तरफ चला गया। बताया गया कि बैंक से उसका घर करीब दो किलोमीटर की दूरी पर था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर पहुंचने के समय आरोपी काफी परेशान और पसीने से तर नजर आ रहा था। घर में दाखिल होने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था। इसके बाद अंदर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलने की बात सामने आई।

    कुछ देर बाद घर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।

    बहन को भी गोली मारने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर के अंदर अपनी बहन को भी गोली मार दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    बताया गया कि बहन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि आरोपी अपनी बहन के भविष्य को लेकर चिंतित था।

    हालांकि, बहन की हत्या के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    इसके बाद खुद को भी मारी गोली

    बहन की हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली। गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके बाद उसे तोड़कर लोग अंदर दाखिल हुए।

    अंदर भाई-बहन खून से लथपथ हालत में मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को जांच के दायरे में लिया गया।

    WhatsApp स्टेटस से सामने आई कथित मंशा

    पुलिस जांच में आरोपी के WhatsApp स्टेटस की बात भी सामने आई है। बताया गया कि पत्नी की हत्या के बाद उसने एक स्टेटस लगाया था, जिसमें पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया गया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी गई थी।

    स्टेटस में पत्नी की बहन और उसके पति का भी जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने यह स्टेटस कब लगाया और घटना से इसका क्या संबंध था।

    पत्नी ने पहले ही मांगा था तलाक

    बताया गया कि पति-पत्नी की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और दोनों की कोई संतान नहीं थी। करीब एक साल पहले पत्नी ने पति से तलाक के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद से वह अपने मायके में रह रही थी।

    पुलिस अब वैवाहिक विवाद की पृष्ठभूमि, दोनों के बीच हुई बातचीत, मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं। CCTV फुटेज से घटना के शुरुआती हिस्से की तस्वीर जरूर साफ हुई है, लेकिन हत्याओं के पीछे की पूरी वजह और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

  • तीन बच्चों की मां नाबालिग के साथ हुई फरार, परिवार की तलाश के बाद सामने आई हैरान करने वाली कहानी..

    तीन बच्चों की मां नाबालिग के साथ हुई फरार, परिवार की तलाश के बाद सामने आई हैरान करने वाली कहानी..

    उत्तर प्रदेश से कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने इलाके में लोगों को हैरान कर दिया था। तीन बच्चों की मां एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ घर से चली गई थी। नाबालिग के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

    मामला हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा था। बताया गया कि महिला का अपने मायके पक्ष के रिश्तेदारों के घर आना-जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात परिवार के एक नाबालिग सदस्य से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई।

    परिजनों के मुताबिक, एक दिन नाबालिग अचानक घर से गायब हो गया। जब काफी देर तक उसका पता नहीं चला तो परिवार ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की। बाद में जानकारी मिली कि महिला भी अपने घर से गायब है।

    परिवार को शक हुआ कि महिला ही नाबालिग को अपने साथ लेकर गई है। इसके बाद नाबालिग के पिता ने पुलिस से शिकायत कर बेटे को तलाशने और सुरक्षित बरामद करने की गुहार लगाई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी थी। नाबालिग की तलाश के लिए संभावित ठिकानों और परिचितों से पूछताछ की गई। घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया था।

    इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता परिवार को नाबालिग की सुरक्षा को लेकर थी। पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य नाबालिग का पता लगाना और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना था।

  • ‘मैं सिर्फ एक बार उससे बात करना चाहती थी…’, मंगेतर ने शादी से किया इनकार, तो युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    ‘मैं सिर्फ एक बार उससे बात करना चाहती थी…’, मंगेतर ने शादी से किया इनकार, तो युवती ने उठाया खौफनाक कदम..

    'मैं सिर्फ एक बार उससे बात करना चाहती थी…', मंगेतर ने शादी से किया इनकार, तो युवती ने उठाया खौफनाक कदम

    इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में सगाई टूटने के बाद 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। स्वर्ण बाग कॉलोनी निवासी मारिया ने गुरुवार देर रात कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर छोटी बहन ने उससे वजह पूछी तो उसने जहर खाने की बात बताई। परिजन उसे तुरंत एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतका के पिता उमर शेख के अनुसार, मारिया की सगाई 15 जून 2025 को आजाद नगर निवासी सोहेल उर्फ साहिल से हुई थी। परिवार इस साल दोनों की शादी कराने की तैयारी कर रहा था। हालांकि करीब आठ दिन पहले सोहेल ने फोन पर मारिया से कहा कि वह अब शादी नहीं करना चाहता और सगाई खत्म कर रहा है। परिजनों ने जब सोहेल के परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने भी लड़के के फैसले का हवाला देते हुए मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

    परिवार का कहना है कि सगाई टूटने के बाद से मारिया मानसिक तनाव में थी। वह पिछले आठ दिनों से सोहेल से कम से कम एक बार मिलकर बात करना चाहती थी, लेकिन कथित तौर पर सोहेल ने मिलने और बातचीत करने से इनकार कर दिया। बताया गया है कि सोहेल आजाद नगर इलाके में जूस की दुकान चलाता है। लगातार संपर्क की कोशिश और शादी टूटने के सदमे के बीच मारिया ने यह कदम उठाया।

    परिजनों ने यह भी बताया कि सोहेल ने मारिया पर किसी दूसरे युवक से मोबाइल पर बातचीत और चैटिंग करने का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि मारिया उसे पर्याप्त समय नहीं देती थी। परिवार की ओर से दोनों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका।

    पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले में मर्ग दर्ज कर लिया गया है। पुलिस परिवार के बयानों और सामने आए आरोपों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मौत की वास्तविक परिस्थितियों और इसके पीछे की वजहों का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • बहू की हत्या के लिए सास ने रची खौफनाक साजिश, 3 लाख में तय हुई सुपारी; नौकरानी के परिवार पर पुलिस का शिकंजा..

    बहू की हत्या के लिए सास ने रची खौफनाक साजिश, 3 लाख में तय हुई सुपारी; नौकरानी के परिवार पर पुलिस का शिकंजा..

    मुंबई में एक महिला की हत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में कथित तौर पर ऐसी साजिश का खुलासा हुआ, जिसने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया। आरोप है कि महिला की सास ने अपनी बहू को रास्ते से हटाने के लिए तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी। इस साजिश में पूर्व नौकरानी और उसके परिवार के सदस्यों के शामिल होने की बात सामने आई है।

    पहले बाथरूम में गिरने की बताई गई कहानी

    घटना घाटकोपर इलाके की बताई गई है। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती तौर पर परिवार की ओर से बताया गया कि वह घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गई थी।

    लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की जांच के दौरान उसके शरीर पर कुछ ऐसे निशान मिले, जिनसे मामला संदिग्ध हो गया। गर्दन के आसपास चोट के निशान और सिर पर चोट देखकर पुलिस को शक हुआ कि यह महज हादसा नहीं हो सकता।

    इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

    पूछताछ में सास पर गहराया शक

    पुलिस की पूछताछ में सास ने शुरुआत में बताया कि बहू के साथ विवाद हुआ था और धक्का लगने के बाद वह बाथरूम में गिर गई। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को घटना की कहानी में कई विरोधाभास मिले।

    जांच में यह आरोप सामने आया कि महिला की हत्या हादसा नहीं बल्कि साजिश के तहत की गई थी।

    तीन लाख रुपये में तय हुई थी कथित सुपारी

    पुलिस के मुताबिक, सास ने अपनी पूर्व नौकरानी और उसके परिवार के साथ मिलकर बहू की हत्या की कथित योजना बनाई थी। इसके बदले तीन लाख रुपये देने की बात तय होने का दावा किया गया है।

    जांच में सामने आया कि योजना में पूर्व नौकरानी के पति, बेटे और बेटी की भूमिका भी बताई गई है।

    घर में अकेली थी महिला, तभी पहुंचे आरोपी

    बताया गया कि घटना वाले दिन महिला घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी एक-एक करके वहां पहुंचे। पुलिस के अनुसार, महिला के नशे में होने का फायदा उठाकर उस पर हमला किया गया।

    आरोप है कि पहले उसके सिर पर किसी वस्तु से वार किया गया, फिर आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया और कपड़े से गला दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई।

    हत्या के बाद घटना को हादसा दिखाने की कोशिश किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

    पहले भी दर्ज करा चुकी थी शिकायत

    जांच में यह भी पता चला कि मृतका और उसके ससुराल पक्ष के बीच पहले से विवाद चल रहा था। महिला ने करीब दो साल पहले ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और घरेलू हिंसा से जुड़ी शिकायत भी की थी।

    पुलिस अब इसी पुराने विवाद को हत्या की कथित साजिश की एक वजह के तौर पर भी जांच रही है।

    कई आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

    मामले में पुलिस ने सास समेत साजिश में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस हत्या में इस्तेमाल सामान, घटनास्थल से मिले सबूत और आरोपियों के बीच हुई बातचीत समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मामले से जुड़ी धाराओं और अदालत की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग जानकारियां दी गई हैं। इसलिए आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को अदालत से अंतिम रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

  • पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    पांचवीं शादी के बाद पति को घर से निकाला, महिला पर देवर के साथ रहने का आरोप; पति ने लगाए गंभीर आरोप..

    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से शादी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया था कि वह पहले भी कई शादियां कर चुकी है और शादी के बाद अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। पीड़ित पति ने पुलिस और अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

    मामला फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित के मुताबिक, उसकी शादी पिछले साल बांदा जिले की रहने वाली एक महिला से हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था।

    पति ने लगाया पांचवीं शादी का आरोप

    पति का दावा था कि उसकी पत्नी इससे पहले चार शादियां कर चुकी थी। इनमें से कुछ शादियां फतेहपुर में ही हुई थीं। उसने आरोप लगाया था कि वह खुद महिला का पांचवां पति था।

    शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा था। पति का आरोप था कि पत्नी ने घर में रखी नकदी, जेवर और अन्य सामान अपने मायके भिजवा दिया था।

    पति और सास-ससुर को घर से निकालने का आरोप

    पीड़ित का आरोप था कि बाद में पत्नी ने उसे और उसके माता-पिता को घर में प्रवेश करने से रोक दिया था। उसने यह भी दावा किया था कि कई बार बाहरी लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट कराई गई।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। इस वजह से परिवार में विवाद और बढ़ गया था।

    पति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

    पीड़ित का कहना था कि वह अब भी अपनी पत्नी को अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि पत्नी उसके भाई से किसी भी तरह का संबंध न रखे। उसने पत्नी पर शादी के जरिए लोगों को धोखा देने और सामान हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।

    पति ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। उसका दावा था कि पहले भी उसके साथ मारपीट कराई जा चुकी है और उसे अपनी जान का डर है।

    मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, महिला पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती थी।

  • जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    जहरीले कीड़े के काटने से युवक की मौत, फिर 5 दिन तक चलता रहा झाड़-फूंक का खेल; अंधविश्वास ने किया हैरान..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जहरीले कीड़े के काटने से एक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन परिवार और कुछ ग्रामीणों ने उसकी मौत को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसे दोबारा जिंदा करने के नाम पर कई दिनों तक झाड़-फूंक और कर्मकांड चलता रहा।

    मामला अमांपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया गया था। घटना की शुरुआत तब हुई जब 26 वर्षीय युवक को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

    अस्पताल से लौटने के बाद भी परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्हें उम्मीद थी कि किसी तरह उसे दोबारा जिंदा किया जा सकता है। इसी विश्वास के चलते झाड़-फूंक करने वालों की मदद ली गई।

    बताया गया कि इसके बाद दूसरे स्थान से एक महिला को बुलाया गया, जिसने मृत युवक को जीवित करने के नाम पर कथित तौर पर कई तरह के कर्मकांड शुरू किए। शव को पानी से भरे गड्ढे में रखे जाने और आसपास ढोल-थाली बजाने जैसी गतिविधियां भी की गईं।

    यह पूरा सिलसिला करीब पांच दिनों तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां जमा होते रहे और युवक के जीवित होने की उम्मीद में कथित कर्मकांड को देखते रहे।

    मामला सामने आने के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब अस्पताल में डॉक्टर युवक को मृत घोषित कर चुके थे, तब भी परिवार ने चिकित्सकीय सलाह के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा क्यों किया।

    घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कितना जरूरी है। अंधविश्वास के चलते किसी मृत व्यक्ति को वापस जीवित करने की कोशिश न सिर्फ निरर्थक होती है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

  • बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक महिला ब्लड टेस्ट कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, लेकिन आरोप था कि उसका खून का सैंपल लिए बिना ही उसे जांच रिपोर्ट दे दी गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।

    बताया गया था कि महिला मुंगराबादशाहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी। वहां जांच के लिए प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसे रिपोर्ट सौंप दी गई। जब महिला ने सवाल किया कि बिना खून का नमूना लिए रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।

    पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें महिला स्वास्थ्यकर्मियों से इसी मामले को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

    मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया था।

    मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। अधिकारियों ने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, महिला का कहना था कि वह सामान्य प्रक्रिया के तहत ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी, लेकिन सैंपल लिए बिना ही उसे रिपोर्ट दे दी गई। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच आगे बढ़ाई गई थी।

  • भालू ने शरीर पर किए 60 गहरे घाव, फिर भी नहीं मानी हार; 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाकर बचाई जान..

    भालू ने शरीर पर किए 60 गहरे घाव, फिर भी नहीं मानी हार; 45 मिनट तक एक पैर से साइकिल चलाकर बचाई जान..

    कनाडा में एक शख्स के साथ जंगल में ऐसा खौफनाक हादसा हुआ था, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। साइकिल से जंगल के रास्ते से गुजर रहे इस व्यक्ति का सामना अचानक एक विशाल ग्रिजली भालू से हो गया था। देखते ही देखते भालू ने उस पर हमला कर दिया और शरीर को बुरी तरह जख्मी कर दिया था।

    यह घटना ब्रिटिश कोलंबिया की बताई गई थी। 47 वर्षीय व्यक्ति जंगल के रास्ते पर साइकिल चला रहा था। वह पहले कई बार काले भालू देख चुका था और उसे लगा था कि शांत रहने पर भालू खुद वहां से चला जाएगा। इसलिए वह बिना घबराए खड़ा रहा था।

    लेकिन इस बार सामने ग्रिजली भालू था। भालू धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा और कुछ ही दूरी पर आकर रुक गया। खतरा भांपते हुए उसने साइकिल को अपने और भालू के बीच कर लिया। उसके हाथ में एक डंडा भी था, जिसे उसने बचाव के लिए आगे कर रखा था।

    भालू ने डंडे को मुंह से पकड़कर दूर फेंक दिया। इसके बाद शख्स ने अपने पास मौजूद खाने का बैग भी भालू की तरफ फेंक दिया, ताकि उसका ध्यान दूसरी तरफ चला जाए। लेकिन भालू खाने की तरफ नहीं गया और अचानक उस पर झपट पड़ा।

    भालू ने घसीटकर झाड़ियों में पहुंचा दिया

    हमले के दौरान भालू ने उसे बुरी तरह दबोच लिया और घसीटते हुए झाड़ियों की तरफ ले गया। उसके शरीर पर लगातार पंजों और दांतों से वार होते रहे। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उसे लगा अब शायद वह जिंदा नहीं बच पाएगा।

    उसी दौरान उसे अपनी जेब में रखे छोटे पॉकेट नाइफ का ध्यान आया। किसी तरह उसने चाकू निकाला और भालू की गर्दन पर वार कर दिया। चोट लगने के बाद भालू ने उसे छोड़ दिया और जंगल की तरफ चला गया।

    लेकिन तब तक वह बुरी तरह घायल हो चुका था और शरीर से लगातार खून बह रहा था।

    अपनी शर्ट फाड़कर रोका खून

    मदद के लिए उसके पास कोई प्राथमिक उपचार का सामान नहीं था। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन फाड़ी और घायल हिस्से पर बांधकर खून रोकने की कोशिश की।

    इसके बाद उसने अपनी क्षतिग्रस्त साइकिल उठाई और एक पैर के सहारे किसी तरह वहां से निकलने लगा। घायल होने के बावजूद उसने करीब 45 मिनट तक साइकिल चलाकर मदद की तलाश जारी रखी।

    आखिरकार उसे लकड़हारों का एक केबिन दिखाई दिया। वहां मौजूद लोगों ने उसकी हालत देखी तो तुरंत उसकी मदद शुरू की और एयर एंबुलेंस को सूचना दी।

    शरीर पर मिले 60 से ज्यादा घाव

    अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जब उसकी हालत देखी तो वे भी हैरान रह गए। उसके शरीर पर 60 से ज्यादा गहरे घाव थे। कुछ चोटें इतनी गंभीर थीं कि शरीर के अंदरूनी हिस्से तक दिखाई दे रहे थे।

    डॉक्टरों ने कई घंटे तक ऑपरेशन किया और उसकी जान बचाई। इसके बाद उसे करीब 40 दिनों तक अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

    इतनी गंभीर चोटों के बावजूद उसने जिंदगी की जंग जीत ली। इस हादसे के बाद भी उसने जंगल और साइकिलिंग से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। हालांकि अब वह जंगल में पहले से कहीं ज्यादा सावधानी बरतता है।

    यह घटना दिखाती है कि बेहद खतरनाक परिस्थिति में भी इंसान हिम्मत और सूझबूझ से काम ले तो बच निकलने की संभावना बनी रहती है। एक तरफ भालू का हमला, दूसरी तरफ शरीर पर दर्जनों गहरे घाव और फिर एक पैर से साइकिल चलाकर मदद तक पहुंचना—यह पूरा वाकया किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था।