Category: Crime

  • कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    कानपुर: फर्जी नाम से युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, विरोध पर बंधक बनाया; पुलिस ने दोनों को छुड़ाया..

    मूल रूप से आगरा का रहने वाला इरशाद ऑनलाइन जूते का कारोबार करने का दावा करता है. उसने हरदोई की युवती अनुक्रति पांडे को विशाल नाम बताकर अपने जाल में फंसाया और शादी कर ली. 

    सच्चाई पता चलने पर उसने पीड़िता को पहले लखनऊ और फिर कानपुर के पनकी स्थित फ्लैट में बंधक बना लिया. पीड़िता का आरोप है कि इरशाद उसके बच्चे का मुस्लिम नाम रखकर उसे पूजा-पाठ से रोकता था और जबरन मीट खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था. विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देता था.

    एक ही फ्लैट में दो पत्नियां

    प्रताड़ना के बीच इरशाद एक और हिंदू लड़की से शादी करके फ्लैट पर ले आया. वह पड़ोसियों को उसे अपनी बहन बताता था, लेकिन रात में पहली पत्नी को बंद कर दूसरी के साथ रहता था. परेशान होकर पहली पीड़िता ने पड़ोसियों की मदद से बजरंग दल का नंबर लिया और आपबीती सुनाई. बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेंद्र तोमर ने पनकी पुलिस से संपर्क किया. जब पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारा, तो दोनों हिंदू लड़कियां अलग-अलग कमरों में कैद मिलीं.

    आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    पनकी के एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने फ्लैट में छापा मारकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पहली पीड़ित महिला ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वह अब अपने घर जाना चाहती है क्योंकि आरोपी ने उसे धोखे में रखकर बहुत प्रताड़ित किया है. पुलिस आरोपी इरशाद से पूछताछ कर रही है और दूसरी महिला से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है.

  • सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    सौतन की हत्या के आरोप में चौंकाने वाले खुलासे, खेत में सबूत छिपाने की कोशिश नाकाम..

    पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सौतन आए दिन पति को मारपीट के लिए उकसाती थी. दोनों महिलाओं में तनाव रहता था जिसके खिलाफ पहली पत्नी ने 6 महीने पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी. सौतन की हत्या करके महिला खून से लथपथ साड़ी बदलने खेतों की तरफ भी गई थी और हत्या के सबूत घर पर ही छिपा दिए थे.

    खाट के पाए से दी ‘तालिबानी’ सजा, फिर गन्ना काटने वाली आरी से रेत डाली सौतन की गर्दन; हत्या के बाद सबूत मिटाने खेत में… पुलिस के सामने खुली पोल!

    छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला की अपनी सौतन से बदला लेने की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है. मामला नेवारीकला गांव का बताया जा रहा है जहां पहली पत्नी ने दूसरे कमरे में सोई अपनी सौतन को पहले खाट के पाए से दर्दनाक प्रताड़नाए दीं, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया. महिला पिछले 6 महीने से अपने सौतन से बदला लेने का प्लान बना रही थी. जब साजिश कामयाब रही तो हत्या के सबूत मिटाने के लिए भागकर खेत में गई और खून से लथपथ कपड़े बदलकर वापस घर आ गई. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर सारे सबूतों को जब्त कर लिया है.

    पांच साल पहले पति ने की थी दूसरी शादी

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवारीकला निवासी 40 वर्षीय चिम्मनलाल साहू ने प्रेम संबंधों के चलते 47 साल की दयाबाई सोनकर से 2019 में शादी कर ली.  पांच साल पहले पति अपनी प्रेमिका को घर ले आया जिससे दूसरी पत्नी नाराज रहने लगी. मन ही मन उसके दिल में बदले की भावना पनपने लगी. पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि सौतन दया बाई आए दिन पति को पहली पत्नी के खिलाफ उकसाती थी. आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर पहली पत्नी अमृत बाई ने दिसंबर 2025 में दयाबाई को खत्म करने का प्लान बना लिया था.

    शराब के नशे में सोया पति, सौतन को उतारा मौत के घाट

    पुलिस की पूछताछ से सामने आया है कि 29 जून को पति चिम्मनलाल शराब के नशे में धुत घर आया था. देर रात, जब सौतन को दूसरे कमरे में अकेले पाया तो अमृत बाई चापराई का टूटा हुआ पाया लेकर चुपचाप कमरे में घुंसी और बेरहमी से कई बार जानलेवा बार करके अधमरा कर दिया. सौतन को बदहवास हालत मे छोड़कर अमृत बाई दोबारा कमरे के बाहर गई और गन्ना काटने वाली आरी लाकर सौतन के गले को 4 बार रेता डाला, जिससे सौतन दया बाई की मौत हो गई. 

    खेत में छिपाए हत्या के सबूत

    सौतन की हत्या के बाद अमृत बाई ने सबसे पहले बिस्तर के नीचे सबूत छिपाए और खून से लथपथ साड़ी को बदलने के लिए खेत की ओर भागी. रात को जब पति की नींद खुली को पत्नी अमृत बाई को पास न पाकर दूसरे कमरे में पहुंचा जहां पहले ही दया बाई अपनी चारपाई पर लहूलुहान पड़ी थी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में शोर-शराबा हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी. इधर अमृत बाई खेत में मोबाइल बंद करके वापस लौट आई.

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मामले की जांच-पड़ताल की. परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की. साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम ने भी चारपाई के नीचे से अमृत बाई द्वारा छिपाए गए सबूत बरामद किए. दूसरी तरफ अमृतबाई बालोद थाने पहुंती और अपना जुर्म कबूल कर आत्मसमर्पण कर दिया. पूछताछ से सामने आया कि दया बाई के पहले से दो विवाहित बेटे हैं और उनके भी बच्चे हैं. इसके बावजूद 5 साल पहले पति से दूसरी शादी कर ली और घर ले आए. दोनों महिलाओं के बीच आए दिन झगड़ा और तनाव बना रहता था. पति चिम्मनलाल ने पुलिस में पहली पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज करके अमृत बाई को रिमांड पर भेज दिया है.

  • बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    बिहार से अगरतला पहुंची मालगाड़ी में छिपाकर लाई जा रही थी प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप, DRI ने 6.54 करोड़ रुपये का माल किया जब्त..

    अगरतला । अधिकारियों ने बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने गुरुवार को अगरतला रेलवे स्टेशन पर बिहार से आई एक मालगाड़ी से 6.54 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का प्रतिबंधित कफ सिरप का बड़ा जखीरा जब्त किया। त्रिपुरा में पिछले साल अक्टूबर में हुई बड़ी बरामदगी के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। डीआरआई ने मालगाड़ी से एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप की 100-100 मिलीलीटर की 55,626 बोतलें जब्त की हैं। इन दोनों कफ सिरप का अक्सर नशे के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की मदद से खेप को रोका और सुब्रत देब (34) नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
    त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक प्राइवेट बिजनेस फर्म के मैनेजर बताए जा रहे देब कथित तौर पर राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अगरतला रेलवे स्टेशन पर गैर-कानूनी खेप लेने आए थे।
    अधिकारियों के अनुसार, यह खेप बिहार के कटिहार से बुक की गई थी और इसे मालगाड़ी से जुड़ी हाई-कैपेसिटी पार्सल वैन में भेजा गया था।
    एस्कुफ और फेयरडिल कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड होते हैं। इन दवाओं का भारत, पड़ोसी देश बांग्लादेश और कुछ अन्य देशों में अक्सर नशे के रूप में गलत इस्तेमाल किया जाता है।
    डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया है, और तस्करी के इस रैकेट में शामिल सोर्स, इसे पाने वालों और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
    पिछले साल 17 अक्टूबर को त्रिपुरा पुलिस क्राइम ब्रांच (टीपीसीबी) ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से एक मालगाड़ी से लगभग 5.4 करोड़ रुपए की कीमत का प्रतिबंधित ‘एस्कफ’ कफ सिरप का बड़ा खेप जब्त किया। यह मालगाड़ी मुर्गियों का दाना, चावल और अन्य सामान लेकर 16 अक्टूबर को दिल्ली से पश्चिम त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें राजीव दासगुप्ता (42) भी शामिल थे, जिन्हें इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं में से एक माना जाता है।
    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि दासगुप्ता कई पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहे ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते थे।
    आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों के बीच चलने वाली ट्रेनों से गांजा (मारिजुआना) समेत नशीले और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं। इससे पता चलता है कि तस्कर अवैध सामान की तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • 16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    16 बच्चों को कमरे में कैद रखने का मामला, दादा-दादी समेत परिवार पर आरोप; जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    वॉशिंगटन/हैमडेन: अमेरिका के ओहायो राज्य में पुलिस ने एक जर्जर घर से एक ही परिवार के 16 बच्चों को बचाया है। अधिकारियों के मुताबिक, ये बच्चे बेहद ज्यादा गंदगी में रह रहे थे और बुरी तरह कुपोषित थे। कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे, जबकि 18 साल की एक मानसिक रूप से दिव्यांग लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। इस मामले में बच्चों के माता-पिता और दादा-दादी समेत 4 वयस्कों पर बच्चों को गंभीर खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह मामला केवल एक ही परिवार से जुड़ा है।

    कैसे हुआ इस पूरे मामले का खुलासा?

    ओहायो के अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि पुलिस किसी दूसरे मामले की जांच के सिलसिले में तलाशी वारंट लेकर इस घर पहुंची थी। अधिकारियों को पहले से यह जानकारी नहीं थी कि घर के अंदर 16 बच्चे मौजूद हैं। जांच के दौरान जब पुलिस घर में दाखिल हुई तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बताया गया कि बच्चों का स्कूल में कभी दाखिला नहीं कराया गया था और परिवार के बाहर शायद ही किसी को उनके बारे में जानकारी थी।

    किस हालत में कैद किए गए थे बच्चे?

    जांच अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की उम्र डेढ़ साल से लेकर 18 साल तक थी। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पिछले करीब 4 साल से बच्चों को घर के एक छोटे से कमरे में ही रखा जा रहा था। यह कमरा लगभग 12 फीट × 12 फीट का था। कमरे और घर के आसपास मानव मल फैला हुआ था और हर तरफ गंदगी का अंबार लगा था। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। उनके शब्दों में,

    हालांकि अधिकारियों को घर में कोई पिंजरा नहीं मिला, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि बच्चों को कमरे के अंदर किस तरह रखा जाता था।

    बच्चों को कमरे में बेहद गंदे तरीके से रखा गया था।

    अधिकारियों ने बच्चों के बारे में क्या कहा?

    अटॉर्नी जनरल एंडी विल्सन ने बताया कि कई बच्चे सामान्य रूप से बातचीत नहीं कर पा रहे थे। 18 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग एक लड़की अपना नाम तक नहीं लिख सकती थी। उन्होंने कहा कि बच्चों की हालत ऐसी थी कि वे ‘लगभग जंगली जानवरों जैसे दिखाई दे रहे थे।’ बच्चों को बचाने के तुरंत बाद 7 बच्चों को इलाज के लिए कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 2 बच्चों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, जबकि अन्य बच्चों को भी इलाज और विशेष देखभाल की जरूरत पड़ी।

    पुलिस जब बच्चों के कमरे में पहुंची तो हैरान रह गई थी।

    क्या हैं इस केस के आरोपियों के नाम?

    विंटन काउंटी के अभियोजक विलियम आर्चर ने बताया कि बच्चों को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में चारों वयस्कों पर सेकेंड-डिग्री फेलोनी चाइल्ड एंडेंजर्मेंट का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी बच्चों को ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ जॉब्स एंड फैमिली सर्विसेज की अस्थायी देखरेख में रखा गया है।

    आरोपियों के नाम हैं:

    1. गैरी साइडर्स जूनियर
    2. गैरी साइडर्स सीनियर
    3. क्रिस्टीना साइडर्स
    4. एलिजाबेथ साइडर्स

    बुधवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनकी ओर से दोषी न होने की दलील दर्ज की और प्रत्येक की जमानत 3 लाख अमेरिकी डॉलर तय की। अभी तक किसी आरोपी के लिए वकील नियुक्त नहीं किया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में बच्चों के 4 परिजनों को आरोपी बनाया है।

    बच्चों को दुनिया से कैसे छिपा पाए आरोपी?

    जांच में सामने आया है कि यह परिवार पिछले करीब 20 साल से दक्षिणी ओहायो के अलग-अलग इलाकों में रहता रहा। अधिकारियों का कहना है कि परिवार ने जानबूझकर बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज तैयार नहीं होने दिए, ताकि किसी को उनके बारे में पता न चल सके। अभी यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस परिवार की शिकायत पहले कभी किसी बाल संरक्षण एजेंसी के पास पहुंची थी। बता दें कि हैमडेन गांव की आबादी एक हजार से भी कम है। यह ओहायो की राजधानी कोलंबस से लगभग 97 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।

    घर के बाहर टूटे टायर, बच्चों की टूटी साइकिलें, प्लास्टिक की मेज जैसी चीजें नजर आती थीं।

    पड़ोसियों को भी नहीं थी बच्चों की जानकारी

    जिस घर से बच्चों को बरामद किया गया, वह हैमडेन गांव में रेलवे लाइन के पास स्थित है। आसपास पेड़ और घनी झाड़ियां होने के कारण घर काफी अलग-थलग था, हालांकि सड़क से वह साफ दिखाई देता था। घर के बाहर टूटे टायर, बच्चों की टूटी साइकिलें, प्लास्टिक की मेज, हाई चेयर, शिशुओं को ले जाने वाले कैरियर और अन्य कबाड़ बिखरा हुआ मिला। पड़ोसी जोसेफ स्टीवर्ट ने बताया कि परिवार के यहां रहने आने के बाद उन्होंने कभी किसी बच्चे को बाहर खेलते नहीं देखा। उन्होंने कहा, ‘मैं रोज इस घर के सामने से गुजरता था, लेकिन यहां कभी कोई बच्चा दिखाई नहीं दिया।’

    अमेरिका में पहले भी सामने आया है ऐसा केस

    अमेरिका में इससे पहले भी परिवार के भीतर बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का बड़ा मामला सामने आ चुका है। साल 2019 में कैलिफोर्निया के डेविड और लुईस टर्पिन ने अपने 13 बच्चों को सालों तक प्रताड़ित करने, उन्हें जंजीरों से बांधकर रखने, भूखा रखने और बेहद सीमित शिक्षा देने के आरोप स्वीकार किए थे। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 2018 में तब गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी 17 साल की बेटी घर से भागकर बाहर निकली और 911 पर फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी थी।

  • केतन हत्याकांड में नया खुलासा! इंटरनेट से सीखी कथित तरकीब, एक वार में हत्या की थी साजिश..

    केतन हत्याकांड में नया खुलासा! इंटरनेट से सीखी कथित तरकीब, एक वार में हत्या की थी साजिश..

    केतन हत्याकांड में नया खुलासा! इंटरनेट से सीखी कथित तरकीब, एक वार में हत्या की थी साजिश..

    पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने वारदात से पहले उसका पूर्वाभ्यास किया था.

    Ketan Aggrawal Murder: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने वारदात से पहले उसका पूर्वाभ्यास किया था.
    पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. जांच में पुणे ग्रामीण पुलिस को पता चला कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने 18 जून को लोहगढ़ किले की एक चट्टान से अग्रवाल को धक्का देने से पहले मार्केट यार्ड के पास एक पहाड़ी पर  धक्का देने का पूर्वाभ्यास किया था.

    हत्या करने से पहले दो बार किया था पूर्वाभ्यास

    पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिया गोयल और चेतन ने केतन को लोहगढ़ किले से नीचे धकेलने से पहले पुणे के लुल्लानगर स्थित सेक्टर-37 में दो बार धक्का देकर मारने का पूर्वाभ्यास किया था. पुलिस का मानना है कि केतन की हत्या कई सप्ताह की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी. दोनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पहाड़ी पर इस काम की प्रैक्टिस करने की बात कबूल की.

    केतन को हत्या से पहले सिया के प्रेम-प्रसंग का था शक

    पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को अपनी हत्या से पहले मंगेतर सिया गोयल पर गहरा शक हो गया था. केतन ने अपने परिवार से चिंता जताई थी कि सिया का किसी और के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा है. उसने पिता से पूछा था कि क्या शादी तय करने से पहले लड़की के बैकग्राउंड की ठीक से जांच-पड़ताल की गई है?
    पुलिस शिकायत के अनुसार केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि सिया अक्सर बातचीत के दौरान अपने प्रेमी चेतन चौधरी का नाम लेती थी. जब भी केतन उसे फोन करता, उसका नंबर व्यस्त आता था. इससे पहले सिया ने बाली (इंडोनेशिया) में होने वाली प्री-वेडिंग ट्रिप को भी छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा कर रद्द कराया था. 6 जून को ट्रिप कैंसिल होने के बाद जब केतन ने पिता से शिकायत की तो पिता ने सिया को कम उम्र का बताकर बात संभाल ली थी. दोनों की शादी नवंबर में होनी थी. मगर, 18 जून को केतन की हत्या कर दी गई.

    वकील ने सिया के भाई को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

    इस हत्याकांड केस में अब नया कानूनी विवाद भी खड़ा हो गया है. आरोपी सिया गोयल का केस लड़ने को लेकर दो वकीलों, आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग के बीच खींचतान शुरू हो गई है. 29 जून को वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया और उसके भाई साहिल गोयल ने कहा था कि उनके वकील विपुल दुशिंग हैं. आशुतोष श्रीवास्तव उन पर दबाव बना रहे हैं. इस बयान से नाराज होकर वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है. नोटिस में मांग की गई है कि साहिल अपना बयान तुरंत वापस लें और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें.

  • बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    बेटे की मौत के बाद मां का बड़ा आरोप, प्रेम संबंध के बीच धर्मांतरण का बनाया जा रहा था दबाव..

    महाराष्ट्र के सांगली जिले में 19 वर्षीय युवक की कथित आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. इस घटना के बाद युवक की मां ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब तक उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस के अनुसार, मामले में एक आरोपी साहिल राजू बागवान को गिरफ्तार किया जा चुका है.

    वहीं, जांच के दौरान जिस लड़की के साथ युवक की चैटिंग सामने आई है, उसकी उम्र 15 वर्ष बताई जा रही है. चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.जांच एजेंसियां युवक के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.

    मृतक की मां की तहरीर पर शिकायत दर्ज

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के दबाव संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है. अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.पुलिस निरीक्षक अरुण सुगांवकर ने बताया कि दर्ज मामले में मृतक की मां भारती शेवाले की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है.

    आरोपियों ने धर्मांतरण का बनाया था दबाव

    यह केस दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है जिनमें से एक आरोपी का नाम साहिल बागवान है. मृतक के साथ आरोपी के चैट मिले है.  जिसमें उन्होंने मृतक को उनके धर्म में आने के लिए कहा, जांच जारी है. कुल दो आरोपी हैं, एक महिला है. दोनों आरोपियों पर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. दोनों के फोन की जांच की जा रही है. इस मामले में पुलिस सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    बेटे की मौत पर छलका मां का दर्द

    भारती शेवाले, मृतक की मां ने बताया कि मेरा बेटा मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़ गया. उसकी उम्र 19 साल थी. उस पर साहिल बागवान और लड़की ने धर्मांतरण करने का दबाव बनाया. मेरा बेटा 23 तारीख को पुणे से घर आया था. बाद में वह अपने बेडरूम में गया. किसी का फोन आया था उसे और फिर उसने आत्महत्या कर ली. मेरा यही कहना कि मेरे बेटे को न्याय मिले. मेरा एक ही बेटा था.

    नासिक का टीसीएस ऑफिस में धर्मांतरण केस

    वहीं अभी हाल में ही महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस (TCS) कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसकी जांच SIT द्वारा की जा रही है. जांच में आरोप लगाया गया है कि कुछ मुस्लिम कर्मचारियों और एचआर (HR) द्वारा हिंदू कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था. इस मामले में महिला कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था, नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी जाती थी और बुर्का पहनने का दबाव बनाया जाता था. एसआईटी ने मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपी और एचआर मैनेजर निदा खान सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ नासिक कोर्ट में 1500 पन्नों की चार्जशीट भी दाखिल कर दी है.

    शामली में आयुष मलिक का धर्मांतरण, फिर घर वापसी

    उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामला सामने आया था जहां आयुष ने एक मुस्लिम युवती से विवाह के लिए इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था और अपना नाम मोहम्मद अली नाम रख लिया था. कुछ ही दिनों के बाद आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म में वापसी की थी और उसके बाद वीडियो जारी करके इस बात का ऐलान भी किया था. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था.

  • इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए करता था परेशान, आखिरकार युवती की हो गई मौत…

    आगरा में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग के दौरान संपर्क में आया एक शेफ युवती पर दोस्ती का दबाव बना रहा था और लगातार उसे परेशान कर रहा था। इस मानसिक तनाव के चलते युवती अवसाद में चली गई थी। इलाज के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और मंगलवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    होटल ट्रेनिंग के दौरान हुई थी मुलाकात

    मामला एकता थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 24 वर्षीय युवती ने साल 2020 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स पूरा किया था। इसके बाद उसने ताजगंज क्षेत्र स्थित एक पांच सितारा होटल में ट्रेनिंग की। इसी दौरान उसकी मुलाकात शेफ की ट्रेनिंग कर रहे एक युवक से हुई। युवती के भाई के अनुसार, बाद में बहन की नौकरी गुरुग्राम के एक होटल में लग गई, लेकिन आरोपी युवक ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और उस पर दोस्ती के लिए दबाव बनाने लगा।

    मानसिक तनाव में नौकरी छोड़कर लौटी घर

    परिजनों का कहना है कि युवक की हरकतों से परेशान होकर युवती मानसिक तनाव में रहने लगी। उसकी तबीयत बिगड़ने पर इलाज शुरू कराया गया। तनाव बढ़ने के बाद युवती नौकरी छोड़कर आगरा अपने घर लौट आई थी, लेकिन आरोपी ने उसे मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए परेशान करना जारी रखा।

    दवाओं की अधिक मात्रा खाने से बिगड़ी हालत

    भाई के मुताबिक, करीब 12 दिन पहले युवती ने मानसिक तनाव में आकर अपनी दवाओं की अधिक मात्रा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले निजी अस्पताल ले गए, जहां से बाद में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।

    मोबाइल चैट और वीडियो के आधार पर जांच

    परिजनों ने युवती का मोबाइल देखने के बाद आरोप लगाया कि आरोपी शेफ ने इंस्टाग्राम और वाट्सएप पर खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े वीडियो भेजे थे, जिससे युवती और अधिक अवसाद में चली गई। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मोबाइल व चैट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

    रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

    रात साथ बिताई, सुबह फंदे से लटके मिले प्रेमी-प्रेमिका; ऑनर किलिंग या आत्महत्या, जांच जारी,,

     मामला थरंगमबाड़ी के निकट स्थित सथानागुडी गांव का है. मृतकों की पहचान 19 वर्षीय पार्थिबन और 16 वर्षीय एक लड़की के रूप में हुई है. पार्थिबन पड़ोसी पुदुपालयम गांव का निवासी था और राजमिस्त्री के रूप में काम करता था. वहीं लड़की ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पूरी की थी और आगे कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी कर रही थी. ग्रामीणों के अनुसार दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. जब इस रिश्ते की जानकारी लड़की के परिजनों को हुई तो दोनों परिवारों के बीच तनाव और विवाद बढ़ने लगा. बताया जा रहा है कि रिश्ते को लेकर दोनों पक्षों में लगातार मतभेद बने हुए थे.

    तड़के शेड में मिले दोनों के शव

    घटना उस समय सामने आई जब तड़के करीब तीन बजे गांव के बाहरी हिस्से में बने एक फूस के शेड में दोनों के शव अलग-अलग फंदों से लटके हुए पाए गए. सुबह जानकारी फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

    अलग-अलग समुदाय से थे दोनों

    पुलिस के अनुसार युवक और लड़की अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते थे. इसी वजह से घटना के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश और उप पुलिस अधीक्षक सरवनन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.

    परिवार ने उठाए ऑनर किलिंग के सवाल

    पार्थिबन के परिजनों का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि ऑनर किलिंग का हो सकता है. उनका आरोप है कि दोनों के प्रेम संबंधों का लगातार विरोध किया जा रहा था और इसी कारण उनकी हत्या की गई. परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    दूसरे पक्ष ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप

    दूसरी ओर लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद दूसरे पक्ष से जुड़े कुछ लोगों ने उनके घर और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है और संबंधित तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है और मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के कारणों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य सबूतों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है, हत्या का है या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है.

  • सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    सिगरेट को लेकर शुरू हुआ झगड़ा बना जानलेवा, सहरसा में अधेड़ की हत्या..

    बिहार में सिगरेट पीने के विवाद में मर्डर हो गया। सहरसा जिले के सलखुआ में हुए इस कांड के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। अपराधियों ने मामूली विवाद में हत्या जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को भी खुली चुनौती दी है। जानकारी के मुताबिक, सलखुआ थाना क्षेत्र के उटेशरा गांव में धूम्रपान को लेकर हुए विवाद में 55 वर्षीय शत्रुघ्न यादव की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बाबा चिमनी समीप बासा पर रह रहे उटेशरा गांव निवासी स्वर्गीय जगदीश यादव के पुत्र साथ मंगलवार की देर आधा दर्जन युवकों ने मारपीट की है। मारपीट की घटना में शत्रुध्न यादव बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें परिजनों ने आनन फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया। जहां इलाज के क्रम में हीं उनकी मौत हो गई।

    शत्रुघ्न की मौत के बाद उनके परिजनों ने बताया कि पूर्व में भी सचिन यादव सहित आधा दर्जन बदमाशों ने उनके पुत्र के साथ मारपीट की थी। उस वक्त पंचायत स्तर पर मामले को निपटा दिया गया था। मंगलवार की रात एक बार फिर उटेशरा गांव निवासी घनश्याम यादव के पुत्र सचिन यादव सहित गांव के ही आधा दर्जन युवकों ने धूम्रपान को लेकर कहासुनी करते हुए उनके साथ मारपीट की थी। परिजनों के अनुसार सभी आरोपियों ने बेरहमी से लाठी-डंडे से पीट-पीट कर शत्रुघ्न यादव को बुरी तरह जख्मी कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    इधर इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर सलखुआ थाना पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली। सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात मारपीट में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान सहरसा अस्पताल में मौत हुई है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

    एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धूम्रपान को लेकर विवाद होना बताया जा रहा है। पूर्व में भी विवाद हो चुका है। जिसे पंचायत स्तर पर सुलझा दिया गया था। सभी आरोपियों ने रात में एक बार फिर बासा पर जाकर मारपीट की थी। बताया जा रहा है कि पुलिस इस घटना में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

    डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

    डेटिंग के दौरान लापता हुआ शख्स, 4 साल बाद इंटरनेट पर मिले अपने आपत्तिजनक वीडियो..

      बेंगलुरु की रहने वाली 28 साल की एक महिला साल 2022 में एक शख्स क साथ बंबल डेट पर गई. इस डेट के कुछ दिनों बाद दोनों के बीच कॉन्टैक्ट तो टूट गए, लेकिन महिला को 4 साल बाद सोशल मीडिया पर उनके डेट से जुड़ी कुछ वीडियोज नजर आईं.

      आजकल डेटिंग के चक्कर में लोग ‘टिंडर’, ‘हिंज; और ‘बंबल’ जैसे डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करते हैं. भले ही इससे कई लोगों को अच्छा पार्टनर मिल जाता है, लेकिन कभी-कभी इनके जरिए अंजान लोगों से मिलना खौफनाक भी साबित हो सकता है. ऐसा ही एक मामला बेंगलुरु से सामने आया है.

      साल 2022 में एक महिला किसी शख्स के साथ बंबल डेट पर गई. दोनों ने साथ में अच्छा समय बिताया. हालांकि, डेट के तुरंत बाद शख्स ने उनसे सारे संपर्क तोड़ दिए और उन्हें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक कर दिया. अब लगभग 4 साल बाद महिला को इंटरनेट पर उस व्यक्ति के साथ बिताए अंतरंग पलों (Intimate Moments) के वीडियो मिले हैं.

      खौफ में बदली बंबल डेट

      बेंगलुरु की रहने वाली 28 साल की एक महिला की नवंबर 2022 में डेटिंग ऐप ‘बंबल’ पर एक पुरुष से मुलाकात हुई. दोनों ने ऐप पर बातचीत की और फिर एक-दूसरे के साथ ‘इंस्टाग्राम’ जैसे सोशल मीडिया प्रोफाइल शेयर किए. महिला ने पुरुष के बंबल प्रोफाइल को उसके इंस्टाग्राम से वेरिफाई भी किया, ताकि साबित हो सके की वह फेक तो नहीं है.

      कॉन्टैक्ट तोड़े और अपलोड किए निजी पल

      दोनों ने उस शख्स के अपार्टमेंट में मिलने का फैसला किया. इंटिमेट होने से पहले शख्स ने महिला को ड्रिंक भी दी. महिला का आरोप है कि मुलाकात के बाद उस व्यक्ति ने धीरे-धीरे उससे सभी तरह का कॉन्टैक्ट तोड़ दिया और उसे सोशल मीडिया पर भी ब्लॉक कर दिया. इसके बाद महिला के पास उस शख्स से संपर्क करने का कोई रास्ता नहीं बचा. कई साल बाद महिला को पता चला कि उनके निजी पलों के वीडियो उसकी जानकारी या सहमति के बिना रेडिट और एक अन्य एडल्ट कंटेंट वाली वेबसाइट पर अपलोड किए गए थे.

      जांच में जुटी पुलिस

      महिला ने 19 जून 2026 को इसकी जानकारी पुलिस को दी और आरोप लगाया कि इंटरनेट पर अवैध रूप से उनके अंतरंग वीडियो पब्लिश किए गए थे. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने भी मामला दर्ज कर आरोपी का पता लगाने और वीडियो रिकॉर्ड करने समेत अपलोड करने के तरीके की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल इंटरनेट से सभी वीडियो हटा दिए गए हैं.