Category: Crime

  • शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम |

    शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम |

    शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम | UP Crime Father Allegedly Shoots Daughter in Pilibhit Youth Found Hanging in Saharanpur

    उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को सामने आई दो अलग अलग घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया. पीलीभीत में एक पिता पर अपनी 20 वर्षीय बेटी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के समय शराब के नशे में था. विवाद के दौरान उसने कथित तौर पर अवैध तमंचे से बेटी के सिर से सटाकर गोली मार दी. गोली लगने के बाद युवती की मौके पर ही मौत हो गई. दूसरी घटना सहारनपुर की है, जहां 19 वर्षीय युवक का शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला. परिजनों ने हत्या के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने की आशंका जताते हुए पड़ोस के सात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है.

    पीलीभीत में नशे में घर पहुंचा पिता

    पहली घटना पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र के रामपुरा नौगवां गांव की बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार अजय पाल गंगवार शुक्रवार शाम कथित तौर पर शराब के नशे में घर पहुंचा. इसी दौरान किसी बात को लेकर उसकी 20 वर्षीय बेटी अंशिका से कहासुनी हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया. आरोप है कि इसके बाद पिता ने अवैध तमंचा निकाला और बेटी के सिर से सटाकर गोली चला दी. गोली लगते ही अंशिका की मौके पर ही मौत हो गई. गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था.

    पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश

    घटना की सूचना मिलने के बाद बीसलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. क्षेत्राधिकारी राहुल पांडे के मुताबिक परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. घटना के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है.

    सहारनपुर में आम के बाग में मिला युवक का शव

    दूसरी घटना सहारनपुर जिले से सामने आई है. यहां 19 वर्षीय आयुष का शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला. युवक के गले में रस्सी बंधी थी और उसका दूसरा सिरा पेड़ से बंधा हुआ था. आयुष जिले के डकरावर कलां के मजरे जटियाखेड़ी का रहने वाला था. जानकारी के मुताबिक वह शुक्रवार सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. दोपहर करीब 1.30 बजे परिवार को उसके शव के आम के बाग में मिलने की जानकारी मिली. शव मिलने की खबर के बाद परिवार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की.

    परिवार ने सात लोगों पर लगाया हत्या का आरोप

    आयुष के पिता कंवरपाल ने आरोप लगाया कि पड़ोस के सात लोग पहले उनके घर आए थे और आयुष के बारे में पूछताछ कर रहे थे. इसके बाद परिवार को संदेह हुआ और उन्होंने युवक की तलाश शुरू की. परिजनों ने आरोप लगाया कि आयुष की हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर ली है. पुलिस ने हत्या से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की बात सामने आ रही है. हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

  • पति-पत्नी के विवाद में इंजीनियर की हत्या, मां ने रोते हुए कहा- मेरे सामने बेटे को पीटते रहे ससुराल वाले..

    पति-पत्नी के विवाद में इंजीनियर की हत्या, मां ने रोते हुए कहा- मेरे सामने बेटे को पीटते रहे ससुराल वाले..

    पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से पति-पत्नी के विवाद में एक इंजीनियर की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि पत्नी के परिवार के कुछ लोगों ने घर में घुसकर विनय गुप्ता के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर चोट लगने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद विनय की मां ने रोते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने बेटे को पिटते देखा, लेकिन हमलावरों ने उनकी एक नहीं सुनी।

    पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद

    मामला निहाल विहार थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पार्क का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को एक दंपति के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने अपने परिवार के लोगों को ससुराल बुलाया।

    आरोप है कि महिला के रिश्तेदार घर पहुंचे और विनय गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई।

    मां ने बताया- समझाने की कोशिश करती रही

    विनय की मां रेणु गुप्ता ने घटना को याद करते हुए बताया कि उन्हें घर में किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, बहू सुबह अपने भाइयों को बुलाने के लिए बच्चों को घर पर छोड़कर चली गई थी।

    कुछ समय बाद महिला के परिवार के लोग घर पहुंचे। रेणु का आरोप है कि उन्होंने पानी देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पानी लेने से इनकार कर दिया और सीधे विनय को पकड़ लिया।

    मां के मुताबिक, उनके पति लगातार हमलावरों से शांत रहने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील करते रहे। लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद विनय के साथ मारपीट जारी रही।

    मां बोलीं- बाल पकड़कर घसीटा, छाती पर पैर मारे

    रेणु गुप्ता ने आरोप लगाया कि बहू के एक भाई ने विनय के बाल पकड़ लिए और उसके साथ मारपीट की। उन्होंने बेटे को बचाने की कोशिश की तो उन्हें भी धक्का देकर अलग कर दिया गया।

    मां का दावा है कि विनय को जमीन पर गिराने के बाद भी उसके साथ मारपीट होती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसके सीने पर पैर तक मारे।

    बेटे को बचाने के लिए रेणु ने कथित तौर पर एक डंडा उठाया, लेकिन उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने वह डंडा भी छीन लिया।

    मारपीट के दौरान बंद थे सिक्योरिटी कैमरे

    विनय की मां ने घर में लगे सिक्योरिटी कैमरों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस समय उनके बेटे के साथ मारपीट हुई, उस वक्त घर के सिक्योरिटी कैमरे बंद थे।

    हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकतीं कि कैमरे जानबूझकर बंद किए गए थे या नहीं।

    भाई ने कहा- बहुत बुरी तरह की गई मारपीट

    विनय के भाई प्रदीप ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो विनय गंभीर हालत में पड़े थे। उनके मुताबिक, विनय को जिस तरह से पीटा गया, वह बेहद गंभीर था।

    प्रदीप का कहना है कि अगर विनय को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    पुलिस ने क्या बताया?

    आउटर डिस्ट्रिक्ट के DCP विक्रम मीणा के मुताबिक, एक दंपति के बीच विवाद के बाद पत्नी ने अपने परिवार के लोगों को ससुराल बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचे रिश्तेदारों ने विनय गुप्ता के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।

    पुलिस ने निहाल विहार थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

    नोएडा में इंजीनियर थे विनय

    जानकारी के मुताबिक, विनय गुप्ता नोएडा में इंजीनियर के तौर पर काम करते थे, जबकि उनकी पत्नी गृहिणी थीं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मारपीट की पूरी घटना के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    नोट: इस मामले में सामने आए आरोप संबंधित परिवार के सदस्यों के बयान और पुलिस की शुरुआती जानकारी पर आधारित हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • 5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच..

    5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच..

    5 साल पहले का वो दर्द बना तबाही की वजह! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला मानस, दिव्या और बहन की मौत का खौफनाक सच

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर व सुसाइड केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से कई रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं. इस तिहरे हत्याकांड और आत्महत्या के पीछे 5 साल पुराना एक गहरा मानसिक तनाव और मनमुटाव सामने आया है. दरअसल, एसबीआई में कार्यरत मानस बाजपेयी ने अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिर खुद को गोली मार ली थी. जिसके बाद राजधानी में हड़कंप मच गया है. तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है.

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तीनों की मौत सिर में गोली लगने (Gunshot Injury) से हुई है. मानस ने अपनी पत्नी दिव्या के माथे के पास गोली मारी थी, जो उसके सिर के अंदर ही फंसी मिली. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिव्या के सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है. दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के 6 निशान भी मिले हैं. बहन तूलिका के सिर में भी गोली फंसी थी. जबकि, मानस के सिर से गोली आरपार हो गई थी. तीनों का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है.

    गर्भपात बना रिश्तों में दरार की वजह पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मानस और दिव्या के हंसते-खेलते परिवार में 5 साल पहले एक दुखद मोड़ आया था. उस वक्त घर में किलकारी गूंजने वाली थी, लेकिन अचानक दिव्या का गर्भपात हो गया. इस घटना ने दोनों को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया. इसके बाद से दोनों गुमसुम रहने लगे और उनके रिश्तों में तनाव व कड़वाहट बढ़ती चली गई. यही आपसी तनाव धीरे-धीरे इस कदर बढ़ा कि मानस ने पूरे परिवार को खत्म करने का आत्मघाती कदम उठा लिया. गन पॉइंट पर लिया ऑटो चालक, चौराहे पर छोड़ भागा पुलिस की जांच में सामने आया है कि पत्नी और बहन की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाला मानस बाजपेयी परिचित ऑटो चालक को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पहुंचा था. वारदात के बाद उसने चालक को गन पॉइंट पर लिया और घर के पास छोड़ने के लिए कहा. पुलिस की छानबीन में पता चला है कि ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज 15 सालों से हुसड़िया चौराहे पर ही रहकर ऑटो चला रहा है. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.

    अक्सर मुकेश की ऑटो बुक करता था मानस पुलिस की छानबीन में पता चला है कि मानस ने मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित बैंक के बाहर दिव्या के साथ मारपीट शुरू की तो उसने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस पर मानस ने असलहा तान दिया. मदद के लिए बढ़े बैंककर्मियों को भी असलहा दिखाकर धमकाया और फिर दिव्या को गोली मार दी. यह देख मुकेश भागने लगा तो मानस ने उसे रोका और गन पॉइंट पर लेकर ऑटो चलाने के लिए कहा. मुकेश ने मानस को हुसड़िया चौराहे पर घर के पास उतार दिया और भाग निकला. मुकेश ने पुलिस को बताया कि मानस अक्सर उससे ऑटो बुक करवाता था.

  • झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, पुलिस पहुंची तो क्लिनिक मिला बंद,डॉक्टर फरार..

    झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, पुलिस पहुंची तो क्लिनिक मिला बंद,डॉक्टर फरार..

    नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र में शराब की लत छुड़ाने के नाम पर चल रहे कथित इलाज के दौरान एक 17 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने एक झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और पैसे ऐंठने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर अपनी क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।मृतक की पहचान 17 वर्षीय प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। वह दिनेश पांडेय के पुत्र थे। परिवार मूल रूप से बिहारशरीफ के लिचरगंज का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल राजगीर की तुलसी गली में रह रहा है।

    मृतक के पिता दिनेश पांडेय के अनुसार, प्रिंस पिछले कुछ समय से नशे की लत से परेशान था। परिवार उसे इस आदत से बाहर निकालना चाहता था। इसी दौरान एक कथित दलाल के माध्यम से परिजनों को हिसुआ स्थित नौशाद आलम की क्लिनिक के बारे में जानकारी मिली। परिवार का दावा है कि वहां नशा मुक्ति का इलाज किए जाने की बात कही गई थी।परिजनों के मुताबिक, इलाज के नाम पर डॉक्टर ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। परिवार ने कथित तौर पर 40 हजार रुपये अग्रिम के रूप में दे दिए और प्रिंस को क्लिनिक में भर्ती करा दिया गया।

    परिवार का आरोप है कि क्लिनिक में इलाज के दौरान पिछले करीब तीन दिनों से प्रिंस को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद डॉक्टर की ओर से लगातार उसके ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा।रात में अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए परिजनों को उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।परिजन प्रिंस को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद हिसुआ थाना पुलिस भी सक्रिय हुई। थाना अध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस बल कथित क्लिनिक पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो चुका था।पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिलेगी।

    परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के साथ-साथ पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।पुलिस फिलहाल फरार डॉक्टर और संबंधित क्लिनिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी डॉक्टर के पास इलाज करने की वैध योग्यता और जरूरी अनुमति थी या नहीं।17 वर्षीय युवक की मौत ने नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे कथित निजी इलाज केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि प्रिंस की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

  • दिल्ली से जयपुर के लिए बुक की कैब, तंगी से जूझ रहे सवारियों ने ड्राइवर की हत्या कर कार लूट ली..

    दिल्ली से जयपुर के लिए बुक की कैब, तंगी से जूझ रहे सवारियों ने ड्राइवर की हत्या कर कार लूट ली..

    एक टैक्सी चालक को जयपुर ले जाने के नाम पर बुकिंग देना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका भयावह उदाहरण दिल्ली और राजस्थान से सामने आया है. 22 वर्षीय टैक्सी चालक आशीष पाल को कुछ युवकों ने ऑफलाइन बुकिंग के बहाने अपने जाल में फंसाया और फिर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी. आरोप है कि रास्ते में किराए को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद चालक की पिटाई की गई और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई. इसके बाद शव को कार में छिपाकर राजस्थान ले जाया गया और एक जंगल क्षेत्र में फेंक दिया गया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वाहन लूटने की योजना बनाकर निकले थे और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे.

    ऑफलाइन बुकिंग बन गई मौत का सफर

    दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जसबीर सिंह के अनुसार मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी 22 वर्षीय आशीष पाल के रूप में हुई है. आशीष एक टैक्सी चालक था और 20 जुलाई को उसने दिल्ली के सरिता विहार से जयपुर के लिए एक ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार की थी. शुरुआत में मामला राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के मोखमपुरा थाने में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज किया गया. बाद में जांच के लिए केस दिल्ली के सरिता विहार थाने को स्थानांतरित किया गया, जहां नियमित एफआईआर दर्ज की गई.

    रास्ते में हुआ विवाद, फिर कर दी हत्या

    जांच में सामने आया कि यात्रा के दौरान किराए को लेकर चालक और यात्रियों के बीच कहासुनी हो गई. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने आशीष के साथ मारपीट की. पुलिस के मुताबिक इसके बाद चालक का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद शव को वाहन के भीतर छिपाकर रखा गया ताकि किसी को शक न हो.

    राजस्थान के जंगल में फेंका शव

    हत्या के बाद आरोपी वाहन लेकर राजस्थान पहुंचे. वहां मोखमपुरा क्षेत्र के एक वन इलाके में शव को फेंक दिया गया. इसके बाद आरोपी टैक्सी लेकर अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहे और पुलिस से बचने की कोशिश करते रहे. जांच के दौरान पुलिस ने मृतक का शव भी बरामद कर लिया, जिसकी पहचान परिजनों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई.

    सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज

    मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई. पुलिस ने टैक्सी बुकिंग स्थल, हाईवे, टोल प्लाजा और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. तकनीकी निगरानी के जरिए वाहन की मूवमेंट को ट्रैक किया गया. दिल्ली पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित किया और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए.

    नाबालिग समेत छह आरोपी गिरफ्तार

    जांच के बाद पुलिस ने 16 वर्षीय एक नाबालिग को हिरासत में लिया. इसके अलावा अनिल जाट, कालूराम, सुमित, मंगल दीप उर्फ सानू और अर्जुन रिनवा को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने चोरी की गई टैक्सी राजस्थान से बरामद कर ली. वाहन अनिल जाट और कालूराम के कब्जे से मिला.

    पहले से थी लूट की साजिश

    पूछताछ में पता चला कि आरोपी कथित तौर पर पैसों की कमी से जूझ रहे थे और किसी वाहन को लूटने की योजना बना रहे थे. इसी मकसद से उन्होंने टैक्सी बुक कर चालक को निशाना बनाया. हत्या के बाद आरोपियों ने आशीष का मोबाइल फोन और नकदी भी इस्तेमाल की. पुलिस के अनुसार उन्होंने एटीएम कार्ड के जरिए पैसे निकालने की भी कोशिश की.

    पहचान छिपाने का प्रयास

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वाहन की नंबर प्लेट हटाने की कोशिश की और कुछ समय अजमेर में भी रुके. बाद में नागौर पहुंचने पर उन्होंने अपने एक परिचित को घटना की जानकारी दी और क्षेत्र छोड़ने की योजना बनाई. पुलिस ने बताया कि एक आरोपी को जयपुर रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. अब सभी आरोपियों की भूमिकाओं की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर की जा रही है.

  • रोज घरवालों से करता था बात, अचानक बेड पर मिला शव; आर्मेनिया में हरियाणा के युवक की संदिग्ध मौत..

    रोज घरवालों से करता था बात, अचानक बेड पर मिला शव; आर्मेनिया में हरियाणा के युवक की संदिग्ध मौत..

    करनाल के बस्तली गांव के रहने वाले राजीव की आर्मेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने सरकार से शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है।

    राजीव 2022 में परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य के सपने के साथ आर्मेनिया गया था। परिवार ने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था। बताया गया कि वह वहां काम करता था और रोजाना अपने परिवार से फोन पर बातचीत करता था।

    कमरे में बेड पर मिला शव

    राजीव के भाई अभिषेक के मुताबिक, घटना के दिन राजीव का रूममेट काम से वापस लौटा तो उसने राजीव को बेड पर लेटा देखा। कुछ देर बाद जब उसने राजीव को उठाने की कोशिश की तो उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने राजीव को मृत घोषित कर दिया।

    मौत की वजह अभी साफ नहीं

    परिजनों के मुताबिक, राजीव बिल्कुल ठीक था और घटना से पहले परिवार से उसकी बातचीत भी हुई थी। उसकी अचानक मौत कैसे हुई, फिलहाल इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवार को पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।

    घर बनाने का सपना भी रह गया अधूरा

    राजीव अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। कुछ समय पहले ही परिवार ने गांव में मकान बनाना शुरू किया था। भाई अभिषेक के अनुसार, वह रोजाना राजीव को नए बन रहे घर की तस्वीरें भेजता था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश से लौटकर राजीव अपने सपनों का घर पूरा करेगा, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

    मां की सरकार से मार्मिक अपील

    राजीव की मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने में मदद की अपील की है। उनका कहना है कि वह अपने बेटे को आखिरी बार देखना चाहती हैं। परिवार के मुताबिक, राजीव घर का छोटा बेटा था और उसके विदेश जाने से परिवार को आर्थिक हालात बेहतर होने की उम्मीद थी।

  • पत्नी को गैर मर्द के साथ इस हालत में देख आगबबूला हुआ पति, फिर कमरे में आगे क्या हुआ..?

    पत्नी को गैर मर्द के साथ इस हालत में देख आगबबूला हुआ पति, फिर कमरे में आगे क्या हुआ..?

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    पत्नी से अवैध प्रेम संबंध के शक में एक युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक का मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। आरोपित पति के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

    सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला का काफी समय से अपने पति से विवाद चल रहा था। इसके चलते महिला हरोड़ा मोड़ के पास किराए के मकान में रह रही थी। मंगलवार को पति अपनी पत्नी के कमरे पर पहुंचा, तो दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खुलवाने पर कमरे में उसकी पत्नी के साथ गांव का ही एक युवक मौजूद था।

    युवक के साथ पत्नी को देख भड़का पति

    वहीं, युवक को पत्नी के साथ देखकर पति भड़क गया और दोनों के बीच अवैध प्रेम संबंध होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया।

    चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान

    आरोप है कि पति ने धारदार हथियार से युवक पर हमला कर दिया। चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोट लगने से युवक लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसे गंभीर हालत में मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब पुलिस ने घायल युवक के पिता की तहरीर पर आरोपी संजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि आरोपित को पत्नी और युवक के बीच प्रेम-प्रसंग का शक था। हमले में युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते हत्या के प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • दोनों हाथ बंधे, चेहरे पर चोट के निशान… दिल्ली में बुजुर्ग महिला की हत्या, लूटपाट का विरोध बना कारण..?

    दोनों हाथ बंधे, चेहरे पर चोट के निशान… दिल्ली में बुजुर्ग महिला की हत्या, लूटपाट का विरोध बना कारण..?

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    भोगल के पंत नगर में बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लूटपाट का विरोध कर पर हुई है हत्या। मौके पर क्राइम व फोरेंसिक टीम कर रही जांच।

    मृतका की पहचान 70 वर्षीय प्रीति कुमार के रूप में हुई। कालोनी में ही रहने वाली परिचित विजेता अरोड़ा के मुताबिक वे अक्सर उनसे मिलने घर पर जाती थीं। शुक्रवार को कई दिनों के बाद उनके घर पहुंचीं। घर के अंदर सामान बिखरा था।

    दोनों हाथ बंधे, चेहरे पर थे चोटों के निशान

    प्रीति कुमार के चेहरे पर चोटों के निशान थे। दोनों हाथ बंधे थे। फौरन पुलिस को फोन किया। वह मकान के भूतल पर रहती थीं। आस-पास के पांच घर बाहर से बंद थे। दामाद दीपक सचदेवा ने बताया कि पूरा घर आगे से पीछे तक बिखरा पड़ा था।

    लूटपाट के इरादे से घटना होती लग रहा है। आरडब्ल्यूए और पुलिस मिलकर बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए ताकि ऐसी वारदात न होने पाए। एक दिन पहले ही उन्होंने बड़ी बेटी को उसके ससुराल पहुंचाया था। सुबह वह मिलने के लिए आयी तो घर का दरवाजा खुला पाया और अंदर वो मृत मिलीं।

  • पिज्जा कैफे में प्रेमी के साथ बैठी थी युवती, तभी पहुंचा भाई; युवक की पिटाई ..

    पिज्जा कैफे में प्रेमी के साथ बैठी थी युवती, तभी पहुंचा भाई; युवक की पिटाई ..

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। एक युवती अपने परिचित युवक के साथ पिज्जा कैफे में बैठी थी। इसी दौरान उसका भाई कुछ लोगों के साथ वहां पहुंच गया और देखते ही देखते कैफे का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    बताया गया था कि घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के एक कैफे की थी। युवती अपने परिचित युवक के साथ बैठकर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान उसके भाई को दोनों के वहां होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह कुछ अन्य युवकों के साथ कैफे पहुंच गया।

    कैफे में पहुंचते ही भाई और उसके साथ आए लोगों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि युवक को लात-घूंसों और डंडे से पीटा गया। अचानक हुए इस विवाद से कैफे में मौजूद दूसरे लोग भी घबरा गए।

    बताया गया कि युवती ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन विवाद और बढ़ गया। इसी दौरान भाई ने अपनी बहन के साथ भी मारपीट की। पूरी घटना कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी।

    वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर इलाके में चर्चा शुरू हो गई। कैफे में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    मामले के सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि निजी विवाद को बातचीत से सुलझाने के बजाय सार्वजनिक जगह पर मारपीट करना कितना उचित है। वहीं, घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी थीं।

    फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने परिवारिक रिश्तों, युवाओं के आपसी संबंध और गुस्से में कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा छेड़ दी थी।

  • पासपोर्ट बनवाने का कहकर घर से निकला तीन बच्चों का पिता, फिर साली को लेकर हुआ फरार..

    पासपोर्ट बनवाने का कहकर घर से निकला तीन बच्चों का पिता, फिर साली को लेकर हुआ फरार..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया था। तीन बच्चों का पिता घर से पासपोर्ट बनवाने की बात कहकर निकला, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। बाद में पत्नी को जानकारी मिली कि वह अपनी साली को साथ लेकर चला गया है।

    बताया गया था कि युवक ने घर से निकलते समय पत्नी से कहा था कि वह पासपोर्ट के सिलसिले में बाहर जा रहा है। इसके बाद काफी समय बीतने के बावजूद वह घर नहीं लौटा। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन पहले फोन नहीं उठाया गया और बाद में मोबाइल बंद हो गया।

    जब महिला ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो उसे पता चला कि उसका पति उसकी छोटी बहन को भी अपने साथ लेकर चला गया है। इसके बाद वह अपने तीन छोटे बच्चों के साथ पुलिस के पास पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    महिला के मुताबिक, उसके पति और उसकी छोटी बहन के बीच पिछले काफी समय से बातचीत और नजदीकियां थीं। उसे अंदाजा नहीं था कि दोनों एक दिन घर छोड़कर चले जाएंगे। महिला ने बताया था कि उसके तीन बच्चे हैं और सबसे छोटा बच्चा महज कुछ महीने का था।

    पीड़िता ने पुलिस से पति और अपनी बहन दोनों को तलाशने की गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि अगर दोनों वापस लौट आते हैं तो वह परिवार को फिर से साथ रखने के लिए तैयार थी।

    महिला ने अपनी छोटी बहन पर भरोसा तोड़ने का आरोप भी लगाया था। उसका कहना था कि जिस बहन को वह अपना करीबी मानती थी, उसी ने उसके वैवाहिक जीवन में ऐसी स्थिति पैदा कर दी।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस दोनों के बारे में जानकारी जुटाने और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में लगी थी। परिवार की स्थिति को देखते हुए यह मामला इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गया था।