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  • 2 साल का लड़का, 72 साल की दुल्हन… प्यार की इस अनोखी कहानी ने सबको चौंकाया

    2 साल का लड़का, 72 साल की दुल्हन… प्यार की इस अनोखी कहानी ने सबको चौंकाया

    2 साल का लड़का, 72 साल की दुल्हन… प्यार की इस अनोखी कहानी ने सबको चौंकाया

    कहते हैं प्यार में कोई उम्र की सीमा नहीं होती है। प्यार में लोग सारी सीमाएं तोड़ देते। कुछ ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जहां एक 22 साल के लड़के ने 72 साल की बुजुर्ग महिला से शादी रचा ली है। वहीं सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें और इनकी अनोखी कहानी काफी वायरल हो रही है।

    काना में छुट्टियां मनाने आई थीं बुजुर्ग महिला

    जानकारी के अनुसार यह कहानी डोमिनिकन रिपब्लिक के रहने वाले 22 साल के डैनियल रामिरेज और अमेरिका की 72 साल की एलेनोर हेज की है। बता दें, डैनियल अपने परिवार के एक छोटे से कैफे में हाथ बंटाते हैं। करीब दो साल पहले अमेरिका के फ्लोरिडा की रहने वाली करोड़पति रियल एस्टेट इन्वेस्टर एलेनोर हेज पुंटा काना में छुट्टियां मनाने आई थीं। तब उनकी मुलाकात डैनियल रामिरेज से हुई। धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई और पिछले महीने दोनों ने मियामी में शादी कर ली।

    ‘वो मेरी जिंदगी है…’

    उम्र में 50 साल का फासला होने के बावजूद दोनों का रिश्ता बेहद मजबूत है। वहीं डैनियल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, वो मेरी जिंदगी है…हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। उम्र सिर्फ एक नंबर है, और मैं उन्हें फिर से खुलकर जीना सिखा रहा हूं। एलेनोर का कहना है कि पति की मौत के बाद उन्हें डैनियल के रूप में एक सच्चा और ईमानदार साथी मिला है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी

    इस शादी को लेकर एलेनोर के बच्चे थोड़े असमंजस में हैं, लेकिन इंटरनेट की दुनिया इस खबर के बाद 2 हिस्सों में बंट गई है। बताया जा रहा ये पोस्ट इंस्टाग्राम पर @psychological नाम के अकाउंट से शेयर हुई है।

    अब इसपर लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, मुझे खुशी है कि इस दुनिया में आज भी सच्चा प्यार जिंदा है। वहीं दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, यह लव एट फर्स्ट साइट नहीं भाई, लड़के ने सिर्फ तगड़ा बैंक बैलेंस देखा है।

  • महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    महिला सांसद के आवास पर छापे के बाद बड़ा खुलासा, नकदी और सोने के अंतर्वस्त्र बने चर्चा का विषय..

    इराक में इन दिनों भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चल रहा है। कई नेताओं के यहां से अकूत संपत्ति मिल रही है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी की हो रही है। उनके यहां से 490 करोड़ कैश, 27 किलो सोना और तो और सोने की बनी ब्रा-पेंटी मिली है।

    इस जानकारी के बाहर आने के बाद यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि अभी इस खबर की इराक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर सोने के लिंगरी सेट की तस्वीरें वायरल जरूर हो रही है।

    छापों में करोड़ों की नकदी और सोना मिलने का दावा
    रिपोर्ट्स के अनुसार महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी के आवास से करीब 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 490 करोड़ रुपये) नकद और 27 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। सोशल मीडिया पर नकदी के ढेर और सोने की ईंटों की तस्वीरें और सोने की ब्रा-पेंटी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

    अन्य सांसदों पर भी हुई कार्रवाई
    भ्रष्टाचार विरोधी अभियान केवल एक सांसद तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक सांसद आलिया नासिफ के घर से भी करीब 20 अरब इराकी दीनार (लगभग 15.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर) और सोना बरामद किया गया। आलिया नासिफ और उनके बेटे को गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्ट्स में गोल्ड अंडरगारमेंट्स का दावा इन्हीं से जोड़कर किया गया है।

    सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
    इराक के प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही है। सरकार का कहना है कि ष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा। काउंटर टेररिज्म यूनिट्स ने ग्रीन जोन समेत कई संवेदनशील इलाकों में भी छापेमारी की है।

  • विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    विजय थलापति की पार्टी को तोड़ने की साजिश? हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों पर TVK-DMK में घमासान, बीजेपी का पलटवार..

    तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय थलापति को सरकार बनाए दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन सियासी उठा-पटक जारी है. राज्य में सियासी भूचाल तब आ गया, जब हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर टीवीके और डीएमके के बीच आर-पार की स्थिति बन गई. बुधवार (1 जुलाई) को दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है. हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर बीजेपी ने भी विजय थलापति की पार्टी पर तीखा हमला बोला है.

    चेन्नई पुलिस ने बुधवार (1 जुलाई) को सरकार के विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए उकसाने की कथित साजिश के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक यूट्यूबर और करूर के दो डीएमके पदाधिकारी शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद यह मामला और बढ़ गया है. एन. एलैयाराजा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, जो कृष्णगिरि जिले के उथंगराई विधानसभा सीट से टीवीके से विधायक हैं.

    उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी छोड़ने के लिए मनाने की बार-बार कोशिशें की गईं. उन्होंने यह भी दावा किया कि यूट्यूबर आई.पी.डी.एस. थिरुनावुक्करसु ने उनसे बार-बार संपर्क किया, बातचीत की और उनका समर्थन हासिल करने के लिए उन्हें धमकाया. शिकायत के आधार पर चेन्नई की ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज किया और थिरुनावुक्करसु को गिरफ्तार कर लिया.

    सरकार को अस्थिर करने की साजिश – मंत्री निर्मल कुमार

    यह गिरफ्तारी मंत्री निर्मल कुमार के उस आरोप के एक दिन बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि टीवीके विधायकों को लालच देकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही थीं. जांचकर्ता उन दावों की जांच कर रहे हैं कि तीन टीवीके विधायकों को निशाना बनाया गया था और उनमें से सभी को पाला बदलने के लिए कथित तौर पर 15 करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी.

    पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के करीबी माने जाने वाले दो डीएमके पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है, पुलिस ने कहा कि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.

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    DMK ने किया पलटवार

    उधर, डीएमके ने राज्यपाल आरवी अर्लेकर को पत्र देकर मुख्यमंत्री थलापति विजय के खिलाफ जांच की मांग की है. डीएमके ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि एमडीएमके प्रमुख वाइको ने स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दो विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी. एमडीएमके के दोनों विधायक, कडायनालूर से टीएम राजेंद्रन और सिरकाझी से एस. सेंथिल सेल्वन डीएमके के सिंबर पर चुनाव जीते हैं.

    बीजेपी ने टीवीके पर साधा निशाना

    हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर तमिलनाडु बीजेपी के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा, ‘टीवीके अलायंस अवसरवादी गठबंधन है. चाहे सीपीआईएम हो, कांग्रेस हो, आईयूएमएल हो, डीएमके गठबंधन का हिस्सा होने के चलते जनता ने सभी को नकार दिया. टीवीके ने विधायकों की खरीद-फरोख्त में जमकर हाथ बटाया. यह एक अवसरवादी और भ्रष्ट गठबंधन है.’

  • भारत को लेकर बांग्लादेश ने दिया बड़ा संकेत, तीस्ता प्रोजेक्ट पर कहा- ‘कोई नाराज़ हुआ तो भी…’

    भारत को लेकर बांग्लादेश ने दिया बड़ा संकेत, तीस्ता प्रोजेक्ट पर कहा- ‘कोई नाराज़ हुआ तो भी…’

    बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने भारत के साथ रिश्तों और तीस्ता नदी परियोजना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ भरोसे, बराबरी और आपसी सम्मान के आधार पर संबंध चाहता है. साथ ही साफ किया कि तीस्ता मास्टर प्लान जैसे घरेलू प्रोजेक्ट्स पर फैसला लेने का पूरा अधिकार बांग्लादेश का है और वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा.

    तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश का रुख
    तीस्ता मास्टर प्लान को लेकर रहमान ने कहा कि यह पूरी तरह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है. उनका कहना था कि देश अपने राष्ट्रीय हितों के हिसाब से इस परियोजना को आगे बढ़ाएगा और इसमें किसी दूसरे देश को परेशान होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस परियोजना के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और इसका मकसद सिर्फ बांग्लादेश के लोगों का विकास और भलाई है.

    ‘अगर कोई नाराज होगा तो आम भेज देंगे’
    शफीकुर रहमान ने बातचीत के दौरान हल्के अंदाज में कहा कि तीस्ता परियोजना से किसी को नाराज होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम अपने देश के हित में यह योजना लागू करेंगे. हमारे दोस्त इससे खुश होंगे, दुखी होने की कोई वजह नहीं है. अगर कोई नाराज होता है तो हम उन्हें राजशाही के मशहूर आम भेजकर खुश करने की कोशिश करेंगे.’

    भारत क्यों जता रहा है चिंता?
    तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है. इस नदी के पानी के बंटवारे और प्रबंधन को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से बातचीत चलती रही है. भारत की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि प्रस्तावित परियोजना सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब स्थित है. यह रणनीतिक इलाका भारत की मुख्य भूमि को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है और इसे ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है.

    शेख हसीना से लेकर अब तक क्या बदला?
    पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार तीस्ता परियोजना पर भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छुक थी. हालांकि, अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई. इसके बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और अब तारिक रहमान के नेतृत्व वाली पूर्ण बहुमत की सरकार ने इस परियोजना में चीन के साथ सहयोग की दिशा में ज्यादा रुचि दिखाई है. इसी वजह से यह मुद्दा भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है.