शास्त्रों के मुताबिक, अगर आटा गूंथकर उसे बिल्कुल गोल और प्लेन छोड़ दिया जाए, तो यह घर में नकारात्मकता ला सकता है. आइए जानते हैं कि आटे पर उंगलियों की छाप छोड़ने के पीछे का धार्मिक और वास्तु कारण क्या है.
रसोई में काम करते हुए आपने अक्सर अपनी दादी-नानी या घर की महिलाओं को देखा होगा कि वे आटा गूंथने के बाद उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं. कुछ लोग इसे सिर्फ एक आदत या परंपरा मान लेते हैं. लेकिन, सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में इसे खाने से जुड़ा खास नियम बताया गया है.
पितरों और पिंड दोष से जुड़ा है कनेक्शन
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब आटे को पूरी तरह से गोल, चिकना और प्लेन छोड़ दिया जाता है, तो वह पिंड का रूप ले लेता है. हिंदू धर्म में पिंड का उपयोग मृत पूर्वजों (पितरों) को श्राद्ध या तर्पण के दौरान अर्पित करने के लिए किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जब रसोई में पिंड के आकार का गोल आटा रखा होता है, तो पितर या अन्य अदृश्य नकारात्मक शक्तियां उसकी ओर आकर्षित होने लगती हैं. गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाकर उसकी उस विशेष गोलाई (पिंड के आकार) को तोड़ा जाता है. ऐसा करने से वह अन्न जीवित मनुष्यों के खाने योग्य और शुद्ध बना रहता है.
नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर को पूरे घर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है. प्लेन और गोल रखा हुआ आटा रसोई में नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय कर सकता है. इससे घर के सदस्यों के बीच बिना बात के कलह, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना रहती है. उंगलियों के निशान बनाने से आटे की ऊर्जा बदल जाती है और वह केवल परिवार के पोषण के लिए सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनता है.
मां अन्नपूर्णा का सम्मान और बरकत
हिंदू संस्कृति में अन्न को ब्रह्म माना गया है और रसोई को मां अन्नपूर्णा का निवास स्थान. आटे की गोलाई को तोड़कर उसे रोटियां बनाने के लिए तैयार करना, मां अन्नपूर्णा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है. माना जाता है कि नियम और परंपरा के अनुसार बनाया गया भोजन परिवार में सुख, समृद्धि और बरकत लाता है.
वैज्ञानिक नजरिया
धार्मिक कारणों के अलावा इसका एक व्यवहारिक पहलू भी है. पुराने समय में जब संयुक्त परिवार होते थे और रसोई में एक साथ कई काम चलते थे, तब आटे पर उंगलियों के निशान इस बात का संकेत होते थे कि यह आटा पूरी तरह से गूंथा जा चुका है और अब यह रोटी बनाने के लिए तैयार है. इससे रसोई में काम करने वाले दूसरे सदस्यों को भ्रम नहीं होता था
समय के साथ वैवाहिक रिश्तों की प्रकृति काफी बदल चुकी है। आज एक सफल शादी सिर्फ प्रेम पर नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, समझ, सम्मान और संवाद की गुणवत्ता पर भी निर्भर करती है। अक्सर यह माना जाता है कि पति-पत्नी के बीच किसी तरह का रहस्य नहीं होना चाहिए, लेकिन संबंध विशेषज्ञों का कहना है कि हर बात बिना सोचे-समझे साझा करना हमेशा रिश्ते के हित में नहीं होता।
भावनाओं को व्यक्त करने में रखें संतुलन
हर व्यक्ति के मन में समय-समय पर कई तरह की भावनाएं आती हैं। गुस्सा, तनाव, निराशा या असुरक्षा जैसे भाव अगर बिना सोच-विचार के व्यक्त किए जाएं, तो उनका असर लंबे समय तक रिश्ते पर पड़ सकता है। लगातार नकारात्मक बातें करने से पार्टनर भी मानसिक दबाव महसूस कर सकता है और रिश्ते में असहजता बढ़ सकती है।
आर्थिक और करियर संबंधी चिंताओं को समझदारी से रखें
वैवाहिक जीवन में वित्तीय स्थिरता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में नौकरी छोड़ने, करियर बदलने या भविष्य की आर्थिक चुनौतियों को लेकर बार-बार चिंता व्यक्त करने से साथी के मन में भी असुरक्षा पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों की राय है कि ऐसी बातों पर चर्चा जरूर करें, लेकिन समाधान-आधारित दृष्टिकोण के साथ।
कमियों की ओर इशारा करते समय अपनाएं सही तरीका
कई लोग स्पष्टवादिता के नाम पर अपने जीवनसाथी की कमजोरियों को सीधे तौर पर सामने रख देते हैं। चाहे बात गुस्से की आदत की हो, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग की हो या भावनात्मक दूरी की, यदि उसे गलत लहजे में कहा जाए तो सामने वाला आलोचना या आरोप महसूस कर सकता है। इसलिए संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत करते समय शब्दों का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
दूसरे लोगों के प्रति आकर्षण की चर्चा सोच-समझकर करें
रिश्तों के जानकार मानते हैं कि किसी अन्य व्यक्ति के प्रति आकर्षण जैसी बातों को साझा करना कई बार अनावश्यक तनाव पैदा कर सकता है। भले ही इसका उद्देश्य ईमानदारी हो, लेकिन इससे जीवनसाथी के मन में असुरक्षा और संदेह की भावना जन्म ले सकती है। वैवाहिक संबंधों की मजबूती काफी हद तक भरोसे पर टिकी होती है।
अकेलेपन की भावना को सही ढंग से व्यक्त करें
ऐसा संभव है कि शादीशुदा होने के बावजूद कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से अकेलापन महसूस करे। हालांकि इस विषय पर बातचीत करते समय भाषा और परिस्थिति दोनों का ध्यान रखना जरूरी है। यदि बात गलत तरीके से कही जाए, तो साथी स्वयं को जिम्मेदार मान सकता है, जिससे रिश्ते में दूरी बढ़ने की आशंका रहती है।
हर सच तुरंत कहना जरूरी नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि रिश्तों में पारदर्शिता महत्वपूर्ण है, लेकिन हर विचार या भावना को उसी क्षण व्यक्त कर देना हमेशा सही रणनीति नहीं होती। कई बार उचित समय, सही शब्द और संतुलित संवाद किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
इंस्टाग्राम आज के समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है, जहां लोग घंटों तक रील्स देखने, स्टोरी लगाने और चैटिंग में व्यस्त रहते हैं। खासकर रील्स का क्रेज बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों में देखा जा रहा है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिसर्च में यह चिंता जताई गई है कि लगातार शॉर्ट वीडियो देखने की यह आदत मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
लगातार रील्स देखने से बढ़ सकता है तनाव
जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ बायरॉथ के शोधकर्ताओं द्वारा की गई एक स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक शॉर्ट वीडियो देखने से बच्चों और युवाओं में तनाव बढ़ने की संभावना रहती है। इसके साथ ही उनका ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। यह अध्ययन जून में European Child & Adolescent Psychiatry जर्नल में प्रकाशित हुआ था। शोधकर्ताओं का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी काफी समय शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर बिता रही है, जिसका असर उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है।
रील्स की आदत बढ़ाने वाले मुख्य कारण
स्टडी में तीन प्रमुख वजहें सामने आईं, जो लोगों को लगातार रील्स देखने के लिए मजबूर करती हैं। पहला, हर समय नया कंटेंट मिलते रहना, जिससे उपयोगकर्ता ऐप छोड़ नहीं पाते। दूसरा, अनलिमिटेड स्क्रॉलिंग फीचर, जो कभी खत्म नहीं होता और लोगों को लंबे समय तक व्यस्त रखता है। तीसरा, पर्सनलाइज्ड एल्गोरिदम, जो यूज़र की पसंद के अनुसार ही वीडियो दिखाता है, जिससे उनका जुड़ाव और बढ़ जाता है।
बड़े स्तर पर किया गया विश्लेषण
इस शोध में लगभग 42 अलग-अलग रिसर्च ग्रुप्स के डेटा का विश्लेषण किया गया और करीब 47,000 लोगों को शामिल किया गया, जिनकी औसत उम्र लगभग 16 वर्ष थी। अध्ययन में यह पाया गया कि शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग उनसे जल्दी अलग नहीं हो पाते। लगातार नए वीडियो आने से उपयोगकर्ता लंबे समय तक स्क्रॉल करते रहते हैं।
बच्चों को कैसे बचाया जा सकता है
विशेषज्ञों का सुझाव है कि माता-पिता अगर बच्चों के लिए एक संतुलित डिजिटल रूटीन बनाएं और मोबाइल इस्तेमाल का समय सीमित करें, तो इसका असर कम किया जा सकता है। बच्चों को बाहर खेलने, खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों में शामिल करना भी जरूरी है। साथ ही परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने से बच्चों की सोशल मीडिया पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
Wife Caught With Boyfriend: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे का बताया जा रहा है. v में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ लेता है, जिसके बाद हंगामा देखने को मिलता है. वो पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को पकड़ता है लेकिन दोनों रुकने की बजाय एक दूसरे का हाथ पकड़ते हैं और वहां से चले जाते हैं. जाते-जाते लड़की कहती है कि उनका तलाक होने वाला है और कोर्ट में केस चल रहा है.
शादी के बाद भी रहा बॉयफ्रेंड से रहा संबंध
इस मामले में पुलिस का कहना है कि ये वायरल वीडियो 2 जुलाई की रात 9 बजे का है. इस मामले में सुमेरपुर कस्बे के रहने वाले एक युवक ने पुलिस को शिकायत पत्र दिया था, जिसमें उसने बताया था कि उसकी शादी 2021 में मौदहा की एक युवती से हुई थी. शादी के बाद भी उसका संबंध उसके बॉयफ्रेंड से रहा. विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया.
थाने के बाहर जमकर हुआ हंगामा
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के विवाद के कारण हो रहे झगड़े को महिला ने दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और तलाक का रूप दिया. इस मामले में कोर्ट में केस चल रहा है. इसके बावजूद पत्नी खुलेआम अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही थी. शिकायत में बताया गया कि महिला के पति को 2 जुलाई को सूचना मिली कि उसकी पत्नी सुमेरपुर की सब्जी मंडी क्षेत्र में अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूम रही है. वो मौके पर पहुंचा और दोनों को पकड़ लिया और थाने ले गया. इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ. किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो जमकर वायरल हो रहा है.
नैनीताल : उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल नैनीताल के रामनगर स्थित एक नामी रिजॉर्ट में चल रहे हाई-प्रोफाइल देह व्यापार, अवैध शराब पार्टी और अश्लीलता के बड़े रैकेट का पुलिस ने सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सांवल्दे इलाके में स्थित रिजॉर्ट’ ( Resort) में शनिवार देर रात छापा मारकर यूपी और दिल्ली के 52 रईसजादों समेत 10 युवतियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई युवतियों में एक नाबालिग किशोरी भी शामिल है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
इस छापेमारी के दौरान रिजॉर्ट का महाप्रबंधक (GM) अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इस पूरे रिजॉर्ट को सील कर दिया है।
मेरठ के कीटनाशक कारोबारी उमेंद्र ने दी थी पार्टी, प्रति युवती 10 हजार में हुआ था सौदा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस अश्लील महफिल का मुख्य सूत्रधार उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के टीपीनगर थाना क्षेत्र के मुल्ताननगर का रहने वाला बड़ा कारोबारी उमेंद्र है। उमेंद्र का मेरठ और बुलंदशहर के सिकंदराबाद में कीटनाशक और कृषि उपकरणों का बड़ा कारोबार है। उमेंद्र के साथ उसका साथी मेहराजुद्दीन भी इस अय्याशी की पार्टी में शामिल था।
आरोपी उमेंद्र ने कुबूल किया कि वह अपनी कंपनी से जुड़े डीलरों और करीबियों के मनोरंजन के लिए उन्हें नैनीताल लेकर आया था। इसके लिए उसने 10 दिन पहले ही रामनगर आकर रिजॉर्ट के जीएम लखेंद्र चौधरी से मुलाकात की थी और एडवांस के तौर पर 2 लाख 20 हजार रुपये जमा कराए थे। जीएम ने ही शराब और युवतियों की डिमांड पूरी करने का ठेका लिया था। इसके बाद कंपनी के एक कर्मचारी राहुल गुप्ता उर्फ सन्नी के माध्यम से 10-10 हजार रुपये प्रति युवती के हिसाब से देश-विदेश से लड़कियां बुलाई गई थीं।
बिना एंट्री चल रहा था डांस बार, नकली नोटों की गड्डियों के साथ आपत्तिजनक सामान बरामद
पुलिस जब रिजॉर्ट के भीतर दाखिल हुई तो वहां का नजारा किसी डांस बार जैसा था। बिना किसी अनुमति के तेज म्यूजिक सिस्टम पर युवतियां डांस कर रही थीं और दिल्ली-यूपी से आए रईसजादे उन पर नोट उड़ाते हुए अश्लील हरकतें कर रहे थे। पुलिस ने जब रिजॉर्ट के एंट्री रजिस्टर की जांच की, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रिजॉर्ट प्रशासन ने मोटी रकम के लालच में किसी भी एंट्री रजिस्टर में इन 62 लोगों का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया था।
मौके से बरामद हुआ ये सामान:
10-10 रुपये के नकली नोटों की 24 गड्डियां (जो युवतियों पर उड़ाने के लिए लाई गई थीं)
3 पेटी महंगी अंग्रेजी शराब और 1 पेटी बीयर
1 लैपटॉप और 3 स्मार्टफोन
हाई-बासबैंड म्यूजिक सिस्टम और साउंड बॉक्स
भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री
रिजॉर्ट सील, फरार जीएम की तलाश में जुटी पुलिस; पॉक्सो समेत इन धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि इस पूरे सेक्स रैकेट और अवैध पार्टी के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए गए हैं। पकड़े गए सभी 52 पुरुषों, युवतियों और फरार जीएम लखेंद्र चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143, अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3, 5 व 6, पॉक्सो (POXSO) अधिनियम की धारा 14, आबकारी अधिनियम और किशोर न्याय (JJ) अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
नैनीताल पुलिस अब इस देह व्यापार के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। फरार जीएम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मेरठ पुलिस को भी मुख्य आरोपी उमेंद्र के आपराधिक इतिहास की जांच के लिए इनपुट साझा किए जा रहे हैं।
बाथरूम के शीशे और शॉवर ग्लास पर हार्ड वॉटर के सफेद दाग जम गए हैं? अगर हां, तो आपको इन्हें साफ करने के लिए किसी महंगे क्लीनर को खरीदने की जरूरत नहीं है. आज सिरका, बेकिंग सोडा, नींबू, टूथपेस्ट और अन्य घरेलू तरीकों से कांच को फिर से नई जैसी चमकदार बना सकते हैं.
Bathroom Glass Cleaning Tips: बाथरूम में कई ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें रोजाना साफ करने के बाद भी वो साफ नहीं हो पाती हैं. इन्हीं में वॉशबेसिन के ऊपर टंगा शीशा और शॉवर ग्लास भी होता है. समय के साथ शीशे और शॉवर ग्लास के कांच पर सफेद-सफेद जिद्दी धब्बे पड़ जाते हैं, जिसकी वजह से वो धुंधले हो जाते हैं. बार-बार साफ करने के बावजूद भी उनकी चमक वापस नहीं आती है. इसकी वजह हार्ड वॉटर होता है. दरअसल, हार्ड वॉटर में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पानी सूखने के बाद कांच की सतह पर जम जाते हैं. धीरे-धीरे ये परत मोटी होती जाती है, जिससे कांच धुंधला, गंदा और पुराना दिखाई देने लगता है.
अक्सर लोग इन दागों को हटाने के लिए लोग महंगे क्लीनर या केमिकल्स खरीद लेते हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता है. लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है, बल्कि सच ये है कि सही तरीका अपनाकर और घर में मौजूद कुछ चीजों की मदद से आप इन जिद्दी दागों को बिना ज्यादा मेहनत के साफ कर सकते हैं. अगर आप भी अपने बाथरूम या घर के कांच को फिर से नई जैसी चमक देना चाहते हैं, तो खबर में तरीके आपके बहुत काम आ सकते हैं.
हार्ड वॉटर के दाग कितने गहरे हैं, ये जानना जरूरी है सफाई शुरू करने से पहले ये देखना जरूरी है कि दाग हल्के हैं या बहुत ज्यादा जमे हुए हैं.
हल्के या नॉर्मल दाग: अगर कांच पर सिर्फ हल्के सफेद निशान या पतली लेयर बनी है, तो सिरके और डिशवॉश लिक्विड से एक घरेलू घोल बना लें. इससे सफाई करना काफी असरदार रहेगा.
प्यार का इजहार करने के लिए लोग अक्सर अनोखे तरीके अपनाते हैं, लेकिन एक रूसी कपल ने ऐसा जोखिम उठाया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। न्यूयॉर्क की प्रतिष्ठित एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की ऊंचाई पर पहुंचकर सगाई करने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, इस खतरनाक स्टंट की कीमत उन्हें पुलिस हिरासत के रूप में चुकानी पड़ी।
कौन हैं यह कपल?
इस साहसिक कारनामे को अंजाम देने वाला कपल रूस के प्रसिद्ध रूफटॉप एक्सप्लोरर्स एंजेला निकोलाउ और इवान बीरकुस हैं। दोनों लंबे समय से दुनिया की ऊंची इमारतों, क्रेनों और टावरों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ने के लिए जाने जाते हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने कई देशों की गगनचुंबी इमारतों पर चढ़ाई कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी अनोखी प्रेम कहानी पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई जा चुकी है।
कैसे पहुंचे इमारत की सबसे ऊंची जगह तक?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों रात के समय एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के अंदर ही छिप गए और सुबह होने का इंतजार किया। सही मौका मिलने पर वे बिना अनुमति इमारत के सबसे ऊपरी हिस्से, यानी स्पायर (एंटीना) तक पहुंच गए। करीब 1,454 फीट (443 मीटर) की ऊंचाई पर पहुंचकर उन्होंने एक बैनर खोला, जिस पर लिखा था, “जब प्यार की ताकत, ताकत के प्यार पर भारी पड़ती है, तब दुनिया में शांति आती है।” इसी दौरान इवान ने एंजेला को प्रपोज किया और दोनों ने सगाई कर ली।
स्टंट के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में
खतरनाक ऊंचाई पर बिना अनुमति पहुंचने और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के कारण नीचे उतरते ही पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, उनका यह साहसिक और जोखिम भरा स्टंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे रोमांचक बताया, जबकि अन्य ने इसे बेहद लापरवाही भरा कदम माना।
विशेषज्ञों ने कही ये बात
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाने और यादगार पल बनाने की चाह में कुछ लोग अपनी जान तक जोखिम में डालने से पीछे नहीं हटते। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्टंट न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
आधी रात की खामोशी, हाथ में जलती हुई अगरबत्ती और सामने टॉयलेट सीट—यह दृश्य किसी को भी चौंका सकता है। आपको बता दें कि चीन के एक बेहद अनोखी परंपरा लोगों को हैरानी कर दिया है। एक पुरानी हत्या की कहानी कैसे एक निर्दोष महिला को “टॉयलेट की देवी” बना देती है, यह किस्सा किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं लगता। लैंटर्न फेस्टिवल की रात, जब हर जगह रोशनी और उत्सव होता है, वहीं कुछ घरों में चुपचाप टॉयलेट के अंदर भविष्य जानने की एक रहस्यमयी रस्म निभाई जाती है।
टॉयलेट में जिगु देवी की होती है पूजा
चीनी लोककथाओं में जिगु देवी का नाम बड़े रहस्य और आस्था के साथ लिया जाता है, उन्हें महिलाओं की संरक्षक और घर की खुशहाली की रखवाली करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि घर का हर हिस्सा किसी न किसी अदृश्य शक्ति से जुड़ा होता है, और टॉयलेट भी इससे अलग नहीं है। चंद्र कैलेंडर के पहले महीने के 15वें दिन, महिलाएं टॉयलेट की अच्छी तरह सफाई करके वहां एक छोटा सा पुतला स्थापित करती हैं।
टॉयलेट साफ ना किया जाए गुस्सा होती है देवी
इस अनोखी पूजा के पीछे एक बेहद दुखद कहानी जुड़ी है। कहा जाता है कि बहुत पहले एक मासूम महिला को जलन और साजिश के कारण टॉयलेट में ही मार दिया गया था। उसकी बेचैन आत्मा को शांति देने के लिए लोगों ने उसे देवी का रूप दे दिया। ऐसा विश्वास है कि अगर उस खास रात टॉयलेट साफ न किया जाए, तो देवी नाराज हो सकती हैं।
देवी ऐसे देती है जवाब
इस परंपरा का सबसे रहस्यमयी हिस्सा है भविष्यवाणी की प्रक्रिया। लोग जिगु देवी के पुतले के सामने अगरबत्ती जलाकर खेती, स्वास्थ्य और कारोबार से जुड़े सवाल पूछते हैं। मान्यता है कि अगर पुतला थोड़ा भी हिल जाए या कोई संकेत दे, तो उसे देवी का जवाब माना जाता है। भले ही विज्ञान इसे अंधविश्वास माने, लेकिन चीन के कई ग्रामीण इलाकों में यह परंपरा आज भी गहरी आस्था के साथ निभाई जाती है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दी गई है। satyareport इसकी पुष्टि नहीं करता हैं।)
आगरा: आप सभी ने ताजमहल तो देखा होगा परंतु आगरे का पागलखाना नहीं देखा होगा. आखिर क्या वजह है कि आगरे का पागलखाना इतना मशहूर है? हमने इसके इतिहास के बारे में जानने की कोशिश की. आगरा ताजमहल, पेठा और जूते के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. पर क्या आप जानते हैं कि पहले इसे पागलखाने के नाम से जाना जाता था?
अब मानसिक आरोग्यशाला कहिए आपको बता दें कि अब इसे मानसिक आरोग्यशाला के नाम से जाना जाता है. इसके निर्माण की कहानी भी एकदम अलग है. ऐसा कहा जाता है कि क्रांतिकारियों के विद्रोह के चलते एक अंग्रेज अफसर पागल हो गए. इसके साथ उस अंग्रेज अफसर को हैजा हो गया और उसकी मौत हो गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया आगरा में मानसिक आरोग्यशाला का निर्माण कराया जाए.
लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन विद्रोह से घबरा गया आगरा क्रांतिकारियों का गढ़ पहले से ही रहा है. 1857 की लड़ाई शुरू हो गई थी. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को लोहे के चने चबा दिए थे. इधर मेरठ में सैनिक विद्रोही हो गए थे और आगरा में भी विद्रोह के बादल गरज रहे थे. विद्रोह देख आगरा किले का प्रभारी और लेफ्टिनेंट जनरल जॉन रेचल केल्विन पूरी तरह घबरा गया.
केल्विन पागल हो गया क्रांतिकारियों की रणनीति से केल्विन पागल हो गया और उसकी दिमागी हालत खराब हो गई और फिर कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो जाती है. अंग्रेज अफसरों ने केल्विन को आगरा किले में ही दफना दिया. आज भी उसकी कब्र आगरा किले के दीवाने आम के सामने मौजूद है.
कोलकाता में जन्मे कैल्विन केल्विन का जन्म 19 मई 1807 को कोलकाता में हुआ था. तब कोलकाता बंगाल प्रेसिडेंसी का हिस्सा था. केल्विन का परिवार एग्लो इंडियन मूल का था. केल्विन की पढ़ाई ईस्ट इंडिया कंपनी कॉलेज में हर्डफोटशायर से इंग्लैंड में हुई.
क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया अस्पताल मानसिक चिकित्सालय क्वीन विक्टोरिया ने बनवाया था. इतिहासकार राजकिशोर राज्य के मुताबिक क्रांतिकारियों के डर से घबराए अंग्रेज अफसरों ने कैल्विन को आगरा किला में दफना दिया. कब्र के पास एक ब्रिटिश जमाने की तोप भी रखी हुई है.
पति-पत्नी का रिश्ता अक्सर मुश्किल वक्त में सबसे बड़ी ताकत बन जाता है. जब किसी अपने की जान पर बन आए, तो इंसान बिना सोचे-समझे उसे बचाने की हर संभव कोशिश करता है. लेकिन कई बार भावनाओं में उठाया गया एक कदम खुद की जान को भी खतरे में डाल देता है.
चीन के युन्नान प्रांत से सामने आई एक ऐसी ही घटना इन दिनों चर्चा में है. इसमें बताया जा रहा है कि खेत में काम कर रहे एक किसान को कोबरा ने काट लिया. पति की हालत बिगड़ती देख उसकी पत्नी घबरा गई और उसने वही तरीका अपनाया, जो उसने फिल्मों और टीवी सीरियल्स में देखा था. उसने जख्म पर मुंह लगाकर जहर चूसने की कोशिश शुरू कर दी. लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ने लगी और आखिरकार उसे भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
खेत में काम करते समय हुआ हादसा
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन का यह किसान अपने खेत में काम कर रहा था. इसी दौरान अचानक एक जहरीले कोबरा ने उसकी उंगली पर काट लिया. सांप के काटते ही उसकी उंगली तेजी से सूजने लगी. कुछ ही देर में उसे चक्कर आने लगे और पूरे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी. परिवार के लोगों ने जब उसकी हालत देखी, तो घबरा गए. इसी बीच उसकी पत्नी ने बिना समय गंवाए पति को बचाने की कोशिश शुरू कर दी.
फिल्मों वाला तरीका पड़ा भारी
पति की हालत देखकर महिला को फिल्मों में देखा गया एक सीन याद आ गया. उसने सोचा कि अगर जहर मुंह से निकाल दिया जाए, तो पति बच जाएगा. उसने अपने पति के जख्म पर मुंह लगाकर लगातार जहर चूसने की कोशिश शुरू कर दी. उस समय उसे लगा कि वह सही काम कर रही है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग थी. परिवार वाले किसान को तुरंत अस्पताल ले गए, जबकि महिला खुद को पूरी तरह ठीक समझ रही थी.
कुछ घंटों बाद पत्नी की भी बिगड़ गई हालत
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, शुरुआत में महिला को कोई परेशानी महसूस नहीं हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद उसके मुंह, जीभ और चेहरे में सुन्नपन शुरू हो गया. धीरे-धीरे उसके हाथ-पैर भी सुन्न पड़ने लगे और अगले दिन उसकी कमजोरी इतनी बढ़ गई कि उसे भी अस्पताल ले जाना पड़ा. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला भी कोबरा के जहर की चपेट में आ चुकी थी. इसके बाद पति-पत्नी दोनों का एंटी-वेनम और दूसरी जरूरी दवाओं से इलाज शुरू किया गया. इलाज के कुछ दिनों बाद दोनों की हालत में सुधार आया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
डॉक्टरों ने बताया क्यों खतरनाक है यह तरीका
इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि आज भी बहुत से लोग यह मानते हैं कि सांप का जहर मुंह से चूसकर बाहर निकाला जा सकता है, जबकि यह पूरी तरह गलत धारणा है. डॉक्टरों के अनुसार, मुंह के अंदर बहुत बारीक खून की वाहिकाएं होती हैं. अगर जहर इनके संपर्क में आ जाए, तो वह सीधे शरीर के अंदर पहुंच सकता है. यही वजह रही कि पति को बचाने की कोशिश कर रही महिला खुद भी जहरीले असर का शिकार हो गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांप का जहर शरीर में बहुत तेजी से फैलता है. ऐसे में उसे मुंह से निकाल पाना लगभग नामुमकिन होता है.
जख्म काटना या बर्फ लगाना भी नहीं है सही
डॉक्टरों ने यह भी साफ किया कि सांप काटने के बाद जख्म को ब्लेड या चाकू से काटना भी गलत तरीका है. ऐसा करने से ज्यादा खून बह सकता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इसी तरह जख्म पर आग लगाना, गर्म चीज रखना या बर्फ लगाना भी नुकसान पहुंचा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसे घरेलू उपाय मरीज की हालत और ज्यादा खराब कर सकते हैं.
सांप काट ले तो क्या करें?
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले घबराने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद बुलानी चाहिए. मरीज को जितना हो सके शांत रखें और कम से कम हिलने-डुलने दें, जिससे जहर शरीर में तेजी से न फैले. अगर सुरक्षित हो, तो सांप का रंग, शरीर पर बने निशान या उसकी फोटो डॉक्टरों के लिए मददगार साबित हो सकती है. इससे यह पहचानने में आसानी होती है कि किस प्रजाति के सांप ने काटा है और कौन-सी एंटी-वेनम दवा देनी होगी.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
चीन में जहरीले सांपों के काटने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. इसी साल मई में गुआंगडोंग प्रांत में एक 14 वर्षीय छात्र को स्कूल परिसर में किसी जहरीले जीव ने काट लिया था. शुरुआत में उसने इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया. लेकिन कुछ घंटों बाद उसके हाथ-पैर सुन्न होने लगे और उसे धुंधला दिखाई देने लगा. समय रहते अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने एंटी-वेनम देकर उसकी जान बचा ली. डॉक्टरों का कहना था कि अगर इलाज में थोड़ी और देर हो जाती, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी.
सोशल मीडिया पर भी हुई चर्चा
युन्नान की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कई लोगों ने लिखा कि फिल्मों और टीवी में दिखाए जाने वाले हर तरीके को असल जिंदगी में अपनाना सही नहीं होता. वहीं, कुछ लोगों ने महिला के साहस की भी तारीफ की. उनका कहना था कि उसने अपने पति की जान बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की. हालांकि, डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में भावनाओं से नहीं, बल्कि सही मेडिकल सलाह के मुताबिक कदम उठाना चाहिए. क्योंकि सांप काटने के बाद कुछ मिनटों की सही कार्रवाई ही किसी की जान बचा सकती है.