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  • मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    मॉल और सिनेमा हॉल के टॉयलेट में नीचे गैप रखने की वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘ओह, इसलिए!’

    जब भी हम किसी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, एयरपोर्ट या बड़े सार्वजनिक स्थान के टॉयलेट का उपयोग करते हैं, तो अक्सर एक बात ध्यान में आती है—टॉयलेट के दरवाज़े के नीचे थोड़ा खाली स्थान यानी गैप होता है। कई लोगों को यह डिज़ाइन अजीब लगता है और वे सोचते हैं कि पूरी तरह बंद दरवाज़े क्यों नहीं लगाए जाते। दरअसल, इसके पीछे कई व्यावहारिक और सुरक्षा से जुड़े कारण होते हैं।

    सफाई में आसानी

    पब्लिक टॉयलेट्स में हर दिन बड़ी संख्या में लोग ok? आते हैं, इसलिए उनकी नियमित सफाई जरूरी होती है। दरवाज़े के नीचे गैप होने से सफाई कर्मचारी आसानी से mop या पानी का इस्तेमाल करके पूरे फर्श को साफ कर सकते हैं। इससे हर केबिन का दरवाज़ा खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और सफाई तेजी से हो जाती है।

    इमरजेंसी स्थिति में मदद

    अगर कोई व्यक्ति टॉयलेट के अंदर बेहोश हो जाए, गिर जाए या दरवाज़ा लॉक हो जाए, तो नीचे का गैप बहुत काम आता है। बाहर मौजूद लोग स्थिति का अंदाज़ा लगा सकते हैं और तुरंत मदद पहुंचाई जा सकती है। यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    वेंटिलेशन और बदबू कम करना

    टॉयलेट में नमी और बदबू की समस्या आम होती है। नीचे का खुला हिस्सा हवा के बेहतर सर्कुलेशन में मदद करता है, जिससे बदबू और उमस कम होती है। इससे टॉयलेट का वातावरण अधिक साफ और आरामदायक बना रहता है।

    कम लागत और आसान इंस्टॉलेशन

    पूरी तरह बंद दरवाज़ों की तुलना में इस तरह के पार्टिशन सस्ते होते हैं और जल्दी लगाए जा सकते हैं। बड़े मॉल और सिनेमा हॉल में कई टॉयलेट बनाए जाते हैं, इसलिए यह डिज़ाइन लागत कम करने में मदद करता है।

    सुरक्षा और मॉनिटरिंग

    यह डिज़ाइन गलत गतिविधियों जैसे धूम्रपान, तोड़फोड़ या अन्य दुरुपयोग को रोकने में भी मदद करता है। साथ ही, बाहर खड़े लोगों को यह पता चल जाता है कि टॉयलेट ओक्यूपाइड है या खाली।

  • ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

    ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

    आपकी कार की चाबी जब्त कर सकती है‌ ट्रैफिक पुलिस? जानिए क्या है कानून

    ड्राइविंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने रोका? जानिए क्या वह आपकी कार की चाबी ले सकती

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    Can Constable Take Your Car Keys : आपकी गाड़ी की चाबी क्या ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान निकाल सकती है? इस आर्टिकल में जानिए मोटर व्हीकल एक्ट का असली कानून, कांस्टेबल के अधिकार और अपने लीगल राइट्स एकदम आसान भाषा में।

    Can Constable Take Your Car Keys : सड़कों पर गाड़ी चलाते समय हमारा सामना कभी-न-कभी ट्रैफिक पुलिस से हो ही जाता है। कई बार ऐसा देखा गया है कि चालान काटने के चक्कर में पुलिस वाले आपकी तरफ झपटा मारकर गाड़ी की चाबी निकाल लेते हैं। उसके बाद मामला थोड़ा गंभीर हो जाता है।

    लोगों के दिमाग में यह सवाल जरूर आता है क्या ऐसे ट्रैफिक पुलिस हमारे गाड़ी से चाबी निकाल सकता है। ऐसे में आज हम बेहद आसान शब्दों में जानतें हैं कि ऐसा कोई नियम है या पुलिस मनमानी करती है।

    ट्रैफिक पुलिस को गाड़ी की चाबी निकालने का अधिकार नहीं

    बता दें, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के किसी भी क्लॉज या धारा में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी या कांस्टेबल को गाड़ी की चाबी निकालने या उसे जब्त करने का अधिकार नहीं है। पुलिस का काम नियमों का उल्लंघन होने पर गाड़ी का चालान काटना, दस्तावेज चेक करना या अधिक गंभीर मामला होने पर गाड़ी को जब्त करना है। मगर, सड़क पर जबरन चाबी छीनना गैर-कानूनी है। कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसके ऊपर कार्रवाई की जा सकती है।

    चाबी निकालने पर क्या करें?

    कोई ट्रैफिक पुलिस कर्मी आपके साथ ऐसा करता है तो सबसे पहले शांत रहें। उनसे बहस या हाथापाई नहीं करें। तुरंत अपने फोन से उस घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लें। उसके तुरंत बाद उस पुलिस कर्मी का नाम और उसकी नेम प्लेट पर दिख रहा बैच नंबर नोट करें। आप इस वीडियो और सबूत के साथ पास के पुलिस स्टेशन या ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।

  • टाइटैनिक की विरासत से जुड़ी जैकेट 9 करोड़ में बिकी, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी..

    टाइटैनिक की विरासत से जुड़ी जैकेट 9 करोड़ में बिकी, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी..

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    Titanic Survivors Life Jacket Auction: समंदर की गहराइयों में दबी कहानियां पूरी तरह खत्म नहीं होतीं, बल्कि समय-समय पर सामने आकर दर्द, डर और उम्मीद की याद दिलाती रहती हैं। ऐसा ही एक बार फिर हुआ जब टाइटैनिक जहाज से जुड़ी एक छोटी-सी वस्तु ने दुनिया का ध्यान खींच लिया। टाइटैनिक, जिसे इतिहास के सबसे दुखद समुद्री हादसों में गिना जाता है, उससे जुड़ी एक लाइफ जैकेट हाल ही में ब्रिटेन की नीलामी में चर्चा का विषय बन गई। यह जैकेट लॉरा माबेल फ्रैंकाटेली की थी, जो उस हादसे में जीवित बच गई थीं। नीलामी ‘हेनरी एल्ड्रिज एंड सन’ द्वारा आयोजित की गई थी, और सभी को हैरानी तब हुई जब एक अज्ञात खरीदार ने फोन पर बोली लगाकर करीब 9 करोड़ रुपये में इसे खरीद लिया।

    लाइफबोट नंबर 1 से जुड़ा अब भी बना हुआ विवाद

    यह लाइफ जैकेट केवल एक सुरक्षा साधन नहीं, बल्कि उस भयावह रात की एक जीवंत याद है। इस पर लॉरा और उनके साथ लाइफबोट में सवार अन्य लोगों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जिन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा था। लॉरा उस समय प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर लूसी डफ गॉर्डन के साथ काम करती थीं और लाइफबोट नंबर 1 में सवार थीं। यही नाव आज भी सवालों के घेरे में रहती है, क्योंकि इसमें 40 लोगों की क्षमता होने के बावजूद उस रात केवल 12 लोग ही सवार हुए थे।

    नीलामी में 5 करोड़ में बिका एक और ऐतिहासिक सामान

    नीलामी में सिर्फ लाइफ जैकेट ही नहीं, बल्कि उसी लाइफबोट से जुड़ा एक पुराना सीट कुशन भी करीब 5 करोड़ रुपये में खरीदा गया। विशेषज्ञों के मुताबिक टाइटैनिक से जुड़ी वस्तुओं की इतनी ज्यादा कीमत इसलिए लगती है क्योंकि ये उस ऐतिहासिक हादसे के आखिरी पलों की झलक दिखाती हैं, जहां सामाजिक असमानता भी साफ नजर आती थी। अब तक टाइटैनिक से जुड़ी सबसे महंगी वस्तु एक सोने की घड़ी मानी जाती है, जिसे बचाव अभियान में शामिल एक कैप्टन को सम्मानस्वरूप दिया गया था और जिसकी कीमत लगभग 1.56 मिलियन पाउंड तक पहुंची थी।

    भले ही टाइटैनिक का मलबा समय के साथ समुद्र में धीरे-धीरे खत्म हो रहा है, लेकिन उससे जुड़ी निशानियां आज भी उस दुखद घटना को जीवित रखे हुए हैं। यह लाइफ जैकेट अब किसी संग्रहालय या निजी कलेक्शन का हिस्सा बनेगी, लेकिन इसकी कहानी हमेशा उस ठंडी, अंधेरी रात की याद दिलाती रहेगी। करोड़ों की यह बोली इस बात का प्रमाण है कि टाइटैनिक की रहस्यमयी और दर्दभरी कहानी आज भी लोगों को उतनी ही गहराई से प्रभावित करती है।

  • ‘स्टूपिड बर्ड’ कहलाने वाला अफ्रीका का शिकारी पक्षी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान..

    ‘स्टूपिड बर्ड’ कहलाने वाला अफ्रीका का शिकारी पक्षी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान..

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    दुनिया में ऐसे कई जीव मौजूद हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। कुछ अपनी सुंदरता से आकर्षित करते हैं, तो कुछ का डरावना रूप लोगों को उनसे दूर रहने पर मजबूर कर देता है। इन्हीं में एक बेहद अनोखा पक्षी है, जिसका नाम शूबिल हैं, इसका चेहरा और विशाल चोंच इसे किसी डरावनी फिल्म के जीव जैसा बना देते हैं, लेकिन इसकी असली कहानी इससे भी ज्यादा रोचक है। हैरानी की बात यह है कि इतना खतरनाक दिखने वाला पक्षी कई जगहों पर “स्टूपिड बर्ड” के नाम से भी जाना जाता है।

    जूते जैसी दिखने वाली विशाल चोंच

    शूबिल अफ्रीका के दलदली और नम इलाकों में पाया जाता है। खासतौर पर यह दक्षिण सूडान, युगांडा, इथियोपिया और जाम्बिया जैसे देशों के वेटलैंड क्षेत्रों में देखा जाता है। पहली नजर में लोग इसे सारस या बगुले की प्रजाति समझ लेते हैं, लेकिन वैज्ञानिक इसे पेलिकन परिवार के अधिक करीब मानते हैं। इस पक्षी की सबसे खास पहचान इसकी बड़ी और मजबूत चोंच है, जो आकार में जूते जैसी दिखाई देती है। इसी वजह से इसका नाम “शूबिल” पड़ा। इसकी चोंच लगभग एक फुट लंबी और काफी चौड़ी होती है, जिससे यह अपने शिकार को मजबूती से पकड़ लेता है।

    शांत दिखने वाला लेकिन खतरनाक शिकारी

    हालांकि शूबिल अक्सर शांत और स्थिर दिखाई देता है, लेकिन यह बेहद चालाक शिकारी माना जाता है। इसका भोजन मुख्य रूप से मछलियां, सांप, ईल और छोटे जलीय जीव होते हैं। कई बार यह छोटे मगरमच्छों और मॉनिटर लिजर्ड का भी शिकार कर लेता है। शिकार करने का इसका तरीका बेहद दिलचस्प होता है। यह घंटों तक पानी के किनारे बिना हिले खड़ा रह सकता है। जैसे ही कोई जीव इसकी पहुंच में आता है, यह अचानक तेज हमला कर उसे पकड़ लेता है। इसकी इसी तकनीक को वैज्ञानिक “कोलैप्सिंग अटैक” कहते हैं।

    आखिर क्यों कहा जाता है “स्टूपिड बर्ड”?

    इतनी ताकत और शानदार शिकार क्षमता होने के बावजूद शूबिल को “स्टूपिड बर्ड” कहा जाता है। माना जाता है कि कई बार यह बहुत धीमी प्रतिक्रिया देता है। कभी-कभी इसके सामने भोजन होने के बावजूद यह लंबे समय तक स्थिर खड़ा रहता है, मानो फैसला ही न कर पा रहा हो कि शिकार करना है या नहीं। इसके अलावा, इंसानों के करीब आने पर यह अपने पंखों को अजीब अंदाज में हिलाता है। कुछ विशेषज्ञ इसे इसके अभिवादन करने का तरीका मानते हैं। यही व्यवहार लोगों को इसे अलग और थोड़ा अजीब पक्षी मानने पर मजबूर करता है।

    तेजी से घट रही है संख्या

    प्राकृतिक आवास खत्म होने और अवैध तस्करी के कारण शूबिल की संख्या लगातार कम होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय संरक्षण संगठनों के अनुसार दुनिया में अब इनकी संख्या बेहद सीमित रह गई है। यही वजह है कि इसे संरक्षण सूची में शामिल किया गया है। कुछ देशों में लोग इसे शौक और प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में पालते भी हैं। दुर्लभ होने के कारण काले बाजार में इसकी कीमत हजारों डॉलर तक पहुंच जाती है।

  • 38 वर्षीय दूल्हे से होने वाली थी शादी, लेकिन ऐन वक्त पर लापता हो गई 20 वर्षीय युवती…

    38 वर्षीय दूल्हे से होने वाली थी शादी, लेकिन ऐन वक्त पर लापता हो गई 20 वर्षीय युवती…

    38 वर्षीय दूल्हे से होने वाली थी शादी, लेकिन ऐन वक्त पर लापता हो गई 20 वर्षीय युवती…
    1. गुमला में शादी से छह दिन पहले दुल्हन लापता।

    2. 20 वर्षीय युवती 15 दिन से दूल्हे के घर रह रही थी।

    3. दूल्हे के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    डुमरडीह गांव निवासी 38 वर्षीय बिजला उरांव की एक 20 वर्षीय युवती से तय हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद युवती करीब 15 दिन पहले दूल्हे के घर आकर रह रही थी।

    पांच जुलाई को मड़वा और छह जुलाई को विवाह होना था। शादी की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। दूल्हा-दुल्हन के कपड़े, भोजन की व्यवस्था और मेहमानों के स्वागत की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं।

    स्वजन के अनुसार सोमवार की शाम युवती घर से कुछ सामान खरीदने की बात कहकर निकली, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर दूल्हे के स्वजन युवती के पिता और शादी के अगुवा के साथ सदर थाना पहुंचे तथा युवती की सकुशल बरामदगी की मांग की। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

    स्वजन ने बताया कि युवती का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इसी कारण विवाह का खर्च वहन करने में कठिनाई होने पर आपसी सहमति से युवती को शादी से पहले ही दूल्हे के घर भेज दिया गया था, जहां से विवाह संपन्न होना था।

    वहीं दूल्हे के परिवार का कहना है कि युवती ने कभी शादी से इनकार नहीं किया और पिछले 15 दिनों से घर में सामान्य रूप से रह रही थी। ऐसे में शादी से ठीक पहले उसका अचानक लापता हो जाना पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है। वहीं दूल्हे की उम्र अधिक होने के कारण ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।

  • नाम इतना लंबा कि खत्म होने में लग गए 20 मिनट! जानिए 2,253 नामों वाले शख्स की कहानी..

    नाम इतना लंबा कि खत्म होने में लग गए 20 मिनट! जानिए 2,253 नामों वाले शख्स की कहानी..

    दुनिया में एक ऐसा शख्स भी है, जिसके नामों की संख्या जानकर आप हैरान रह जाएंगे. उसकी शादी के दौरान उसके नाम को पढ़ने में ही 20 लग गईं. आखिर उसने इतने नाम क्यों रखे और इसके पीछे क्या वजह थी? आइए जानिए इस अनोखी कहानी का दिलचस्प सच..

    नाम इतना लंबा कि खत्म होने में लग गए 20 मिनट! जानिए 2,253 नामों वाले शख्स की कहानी..

    World Longest Personal Name: अक्सर किसी व्यक्ति का एक या दो नाम होता है, जबकि कुछ लोगों के तीन नाम भी होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे इंसान के बारे में सुना है, जिसके नामों की संख्या हजारों में हो? सुनने में यह अजीब जरूर लगता है, लेकिन न्यूजीलैंड के रहने वाले लॉरेंस वॉटकिंस ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने उन्हें दुनिया भर में अलग पहचान दिलाई है. उनके नामों की कुल संख्या 2,253 है और इसी वजह से उनका नाम वर्षों से चर्चा में बना हुआ है.

    लॉरेंस की यह अनोखी कहानी 1990 के आसपास शुरू हुई. उस समय उनकी उम्र करीब 24 साल थी और वे ऑकलैंड की एक लाइब्रेरी में काम करते थे. उन्हें कुछ ऐसा करने की इच्छा थी, जिससे उनका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो सके. इसी दौरान उन्होंने विश्व रिकॉर्ड से जुड़ी किताबों का अध्ययन किया और सबसे ज्यादा नाम रखने का रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया.

    इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भाषाओं के शब्द और नाम इकट्ठा करने शुरू किए. अंग्रेजी, लैटिन, माओरी, जापानी समेत कई भाषाओं से प्रेरित होकर उन्होंने हजारों नामों की सूची तैयार की, इस काम में उनके कुछ दोस्तों ने भी उनका साथ दिया. आखिरकार उन्होंने अपने नाम के साथ कुल 2,253 नाम जोड़कर एक अनोखा रिकॉर्ड बना लिया.

    हालांकि, यह रिकॉर्ड बाद में उनके लिए कई मजेदार मुश्किलों की वजह भी बना. जब उनकी शादी हुई, तब कानून के अनुसार विवाह संपन्न कराने वाले अधिकारी को दूल्हे का पूरा कानूनी नाम पढ़ना जरूरी था. जैसे ही नाम पढ़ना शुरू हुआ, समारोह में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. एक-एक नाम पढ़ते-पढ़ते करीब 20 मिनट का समय लग गया.  मेहमानों के लिए यह किसी मनोरंजक घटना से कम नहीं था और पूरा माहौल हंसी से गूंज उठा.

    सबसे दिलचस्प बात यह है कि लॉरेंस खुद भी अपने सभी नाम याद नहीं रख पाते. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर कभी पूरा नाम बताना पड़े, तो उन्हें लिखी हुई सूची का सहारा लेना पड़ता है. इतना ही नहीं, कुछ नामों का सही उच्चारण करना भी उनके लिए आसान नहीं है. रोजमर्रा की जिंदगी में वे सिर्फ अपने शुरुआती कुछ नामों का ही इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि सरकारी दस्तावेजों और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं में इतने लंबे नाम का इस्तेमाल करना बेहद मुश्किल हो जाता है.

    लॉरेंस को अपने नाम को आधिकारिक रूप से दर्ज कराने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी थी. शुरुआत में अधिकारियों ने उनके आवेदन को स्वीकार नहीं किया, लेकिन अदालत से फैसला उनके पक्ष में आया. इस घटना के बाद न्यूजीलैंड में नामकरण से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो.

    आज भी लॉरेंस का यह अनोखा रिकॉर्ड लोगों को हैरान करता है. उनका मानना है कि अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने जो कदम उठाया, वही उन्हें दुनिया भर में यादगार बना गया. शायद यही वजह है कि तीन दशक बीत जाने के बाद भी उनका यह रिकॉर्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है

  • जब किताबें चुराना बन गया जुनून! दुनिया के सबसे बड़े बुक चोर की हैरान कर देने वाली कहानी…

    जब किताबें चुराना बन गया जुनून! दुनिया के सबसे बड़े बुक चोर की हैरान कर देने वाली कहानी…

    जब किताबें चुराना बन गया जुनून! दुनिया के सबसे बड़े बुक चोर की हैरान कर देने वाली कहानी…

    दुनिया में चोरी के कई अजीबोगरीब किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो लोगों को हैरानी में डाल देती हैं। आमतौर पर चोर पैसे, गहने या कीमती सामान चुराते हैं, मगर एक ऐसा शख्स भी था जिसने सिर्फ किताबों की चोरी करके पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह कहानी है Stephen Blumberg की, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा “बुक थीफ” कहा जाता है।

    19 टन दुर्लभ किताबों की थी चोरी

    अमेरिका में रहने वाला स्टीफन ब्लमबर्ग किताबों का इतना बड़ा दीवाना था कि उसने 1970 से 1990 के बीच सैकड़ों लाइब्रेरियों को निशाना बनाया। बताया जाता है कि उसने अमेरिका और कनाडा की 268 लाइब्रेरियों से करीब 23,600 दुर्लभ किताबें और ऐतिहासिक दस्तावेज चुरा लिए थे। इनका कुल वजन लगभग 19 टन माना गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उसने इन किताबों को बेचकर पैसा कमाने की कोशिश कभी नहीं की। उसने अपने घर को ही एक विशाल निजी लाइब्रेरी में बदल दिया था, जहां हर कमरे में किताबों के ढेर लगे रहते थे।

    चोरी का अनोखा तरीका

    ब्लमबर्ग बेहद चालाकी से चोरी करता था। वह पहले दिन के समय लाइब्रेरी जाकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजों और रास्तों को ध्यान से देखता था। इसके बाद रात में वह बेहद सुनियोजित तरीके से अंदर घुसकर दुर्लभ किताबें चुरा लेता। कई बार वह नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता और लाइब्रेरी स्टाफ की चाबियों तक पहुंच बना लेता था, कहा जाता है कि बचपन से ही वह मानसिक रूप से अलग-थलग रहने लगा था। उसे किताबों और ऐतिहासिक दस्तावेजों से असाधारण लगाव था। वह मानता था कि कई संस्थाएं इन दुर्लभ किताबों की सही देखभाल नहीं कर रहीं, इसलिए उन्हें “सुरक्षित” रखना जरूरी है।

    ब्लमबर्ग के करीबी सहयोगी ने दी पुलिस को जानकारी

    हर रहस्य की तरह यह कहानी भी ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकी। ब्लमबर्ग के करीबी सहयोगी Kenneth Rhodes ने आखिरकार उसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी। इसके बाद 20 मार्च 1990 को जब एफबीआई ने उसके घर पर छापा मारा, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। घर का हर हिस्सा दुर्लभ किताबों से भरा हुआ था।

    71 महीने की हुई सजा

    आखिरकार 1991 में अदालत ने उसे दोषी ठहराया और 71 महीने की जेल की सजा सुनाई। आज भी स्टीफन ब्लमबर्ग का नाम इतिहास में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दर्ज है, जिसने किताबों के प्रति अपने जुनून को अपराध की हद तक पहुंचा दिया।

  • प्रेमी से मिलने पहुंची महिला के टूट गए सारे अरमान, घर पहुंचते ही हुआ बड़ा खुलासा…

    प्रेमी से मिलने पहुंची महिला के टूट गए सारे अरमान, घर पहुंचते ही हुआ बड़ा खुलासा…

    प्रेमी से मिलने पहुंची महिला के टूट गए सारे अरमान, घर पहुंचते ही हुआ बड़ा खुलासा…

    (इमेज- सोशल मीडिया)

    दिल की धड़कन बढ़ाने वाली मुलाकात कभी-कभी दिल तोड़ देने वाली भी साबित हो सकती है. ऐसी ही एक घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक प्रेमिका बन-ठन कर अपने प्रेमी के घर पहुंची लेकिन गंदगी देखकर उसके सारे अरमान चूर-चूर हो गए. एनी नाम की युवती अपने प्रेमी क्रिस से बेहद प्यार करती थी. दोनों की मुलाकातें बाहर होती रहती थीं. रोमांटिक बातें, घूमना-फिरना और सपने देखना जारी था. एनी सोचती थी कि एक दिन क्रिस के घर जाकर उनके रिश्ते को और मजबूत बनाएगी. आखिरकार वह दिन आ गया.

    एनी खूब सज-संवर कर, उम्मीदों से भरी अपने प्रेमी के घर पहुंची थी. लेकिन दरवाजा खुलते ही जो नजारा सामने आया, उसने एनी को सन्न कर दिया. घर के अंदर कबाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ था. कमरा पूरी तरह अस्त-व्यस्त था. कपड़े, खाने के बर्तन, कचरा और अनगिनत सामान बिखरा पड़ा था. सफाई का नामोनिशान तक नहीं था. एनी के पैरों तले से जमीन खिसक गई. वह कुछ पल तो स्तब्ध रह गई. टीएलसी के एक शो में इस पूरी घटना को टेलीकास्ट किया गया.

    टूट गए अरमान
    एनी ने इस घटना को शेयर करते हुए कहा, “मैं बन-ठन कर गई थी, सपने देख रही थी कि हम साथ समय बिताएंगे. लेकिन अंदर घुसते ही गंदगी देखकर मेरा दिल टूट गया. क्रिस गंदगी में रहने का आदी था. उसका कमरा कबाड़खाना बन गया था.” उसने कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं जिनमें गंदगी साफ नजर आ रही है.

    रिश्तों पर असर
    साफ-सफाई ना सिर्फ स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि व्यक्तित्व को भी दर्शाती है. मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, गंदगी में रहने वाले लोग अक्सर अनुशासनहीन या तनावग्रस्त होते हैं. एनी जैसी कई लड़कियां रिश्ते में आने से पहले दूसरी आदतों पर ध्यान नहीं दे पाती. बाहर मिलने पर सब कुछ परफेक्ट लगता है, लेकिन घर की सच्चाई अलग होती है. सोशल मीडिया यूजर्स इस पोस्ट पर भारी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “प्यार अंधा नहीं होना चाहिए, घर देखकर ही अंदाजा लग जाता है कि इंसान कैसा है?” दूसरे ने कहा, “एनी भाग गई तो सही किया, गंदगी में रहने वाला साथ नहीं निभा सकता.” कई लड़कियां अपनी कहानियां शेयर कर रही हैं जहां उन्हें प्रेमी के घर की गंदगी का सामना करना पड़ा.

    क्रिस की आदतें
    क्रिस गंदगी में रहने का आदि था. उसके कमरे में बर्तन दिन-दिन भर पड़े रहते थे. कपड़े धोने की बजाय नये खरीद लेता था. सफाई का कोई समय नहीं था. एनी ने बताया कि वह कई बार क्रिस को सफाई के लिए कह चुकी थी लेकिन उसने गंभीरता नहीं दिखाई. यह घटना युवाओं के लिए सबक है. आज की भागती जिंदगी में कई लोग घर को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब रिश्ता गंभीर होने लगता है तो छोटी-छोटी आदतें बड़ी समस्या बन जाती हैं. लोग सफाई को रिश्तों की बुनियाद बताते हुए कह रहे हैं कि गंदा इंसान ना सिर्फ खुद को बल्कि पार्टनर को भी प्रभावित करता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी जोर देकर कह रहे हैं कि गंदे माहौल में रहने से तनाव, बीमारियां और डिप्रेशन बढ़ता है. एनी अब इस रिश्ते पर दोबारा सोच रही है. उसने कहा, “प्यार तो है लेकिन गंदगी बर्दाश्त नहीं हो सकती.”

  • रूममेट से हुआ झगड़ा, फिर सुई-धागे से सिल दिए महिला के होंठ! पीड़िता ने दुकान पहुंचकर लिखकर मांगी मदद..

    रूममेट से हुआ झगड़ा, फिर सुई-धागे से सिल दिए महिला के होंठ! पीड़िता ने दुकान पहुंचकर लिखकर मांगी मदद..

    रूममेट से हुआ झगड़ा, फिर सुई-धागे से सिल दिए महिला के होंठ! पीड़िता ने दुकान पहुंचकर लिखकर मांगी मदद..

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    दुनिया भर में रूममेट्स के बीच छोटी-मोटी कहासुनी होना आम बात है. लेकिन जापान में सामने आया यह मामला लोगों को हैरान कर रहा है. यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने साथ रहने वाली दूसरी महिला के साथ ऐसा बर्ताव किया, जिसकी कल्पना भी करना मुश्किल है.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है. यहां रहने वाली 49 वर्षीय मसाए सकुराई को पुलिस ने 42 वर्षीय एक महिला को गंभीर रूप से घायल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक विवाद के बाद अपनी रूममेट के होंठ सुई और धागे से सिल दिए. इस घटना के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

    पुलिस के मुताबिक सुई-धागे से सिल दिए होंठ

    जांच एजेंसियों का कहना है कि 29 जून को आरोपी महिला ने कथित तौर पर सुई और धागे की मदद से अपनी रूममेट के होंठ सिल दिए. यह घटना उस घर में हुई, जहां दोनों पिछले कुछ महीनों से साथ रह रही थीं. बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के साथ रह रही थी. हालांकि दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है.

    किसी तरह भागकर दुकान पहुंची महिला

    घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही. वह पास की एक दुकान तक पहुंची, लेकिन उस समय बोलने की स्थिति में नहीं थी. रिपोर्ट के अनुसार, उसने दुकान के कर्मचारी से एक कागज पर लिखकर मदद मांगी. कर्मचारी ने तुरंत हालात की गंभीरता समझी और पुलिस को सूचना दी. अगले दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला.

    पहले भी भाग सकती थी, लेकिन डर की वजह से रुकी रही

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पुलिस पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि वह पहले भी वहां से निकलना चाहती थी, लेकिन डर की वजह से ऐसा नहीं कर सकी. उसने अधिकारियों से कहा कि वह काफी समय से भय में जी रही थी और इसी कारण भागने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी. इस बयान के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या महिला लंबे समय से किसी तरह के मानसिक या शारीरिक दबाव में थी.

    आरोपी ने क्या कहा?

    अभी तक पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि आरोपी महिला ने आरोप स्वीकार किए हैं या नहीं. अधिकारियों ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

    घर में और लोग भी रहते थे?

    जांच के दौरान एक और दिलचस्प बात सामने आई है. आरोपी महिला के एक परिचित ने मीडिया को बताया कि उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था. उसके मुताबिक, वहां सिर्फ दो महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई और लोग भी रहते थे. उसने दावा किया कि घर में दो-तीन महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी मौजूद था. इसी जानकारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें कोई भूमिका थी.

    जरूरतमंद महिलाओं की मदद करने का भी दावा

    मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि आरोपी महिला के बारे में कुछ अलग तरह की जानकारी भी सामने आई है. उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसे पता चला था कि सकुराई उन लड़कियों की मदद करती थी, जिनके पास रहने की कोई जगह नहीं होती थी या जिनका परिवार से संपर्क टूट गया था. हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़िता और आरोपी का रिश्ता वास्तव में क्या था और दोनों किस परिस्थिति में साथ रह रहे थे.

    कई सवालों के जवाब अभी बाकी

    इस पूरे मामले में अभी कई अहम सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों महिलाएं एक साथ क्यों रह रही थीं, उनके बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी. अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है. साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगे और लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या नहीं.

    सोशल मीडिया पर भी हो रही चर्चा

    जापान की यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है. कई लोगों ने इसे बेहद डरावनी घटना बताया है, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर घर में और लोग मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की मदद क्यों नहीं की.

    जांच पूरी होने का इंतजार

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है. अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि घर के अंदर आखिर क्या हुआ था और क्या यह सिर्फ दो लोगों के बीच का विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी कहानी छिपी हुई है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे. हालांकि इतना तय है कि इस घटना ने जापान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है.

    जापान से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो महिलाओं के बीच रहने के दौरान हुआ विवाद कथित तौर पर इतनी भयावह घटना में बदल गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. आरोप है कि 49 साल की एक महिला ने अपनी रूममेट के होंठ सुई और धागे से सिल दिए. किसी तरह पीड़िता वहां से निकलकर एक दुकान तक पहुंची और लिखकर मदद मांगी.

    Written BySantosh Mishra

    Published: Jul 10, 2026, 04:18 PM IST|Updated: Jul 10, 2026, 04:18 PM IST

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    रूममेट से हुआ झगड़ा, फिर सुई-धागे से सिल दिए महिला के होंठ! पीड़िता ने दुकान पहुंचकर लिखकर मांगी मदद

    Image Credit: AI Image

    दुनिया भर में रूममेट्स के बीच छोटी-मोटी कहासुनी होना आम बात है. लेकिन जापान में सामने आया यह मामला लोगों को हैरान कर रहा है. यहां एक महिला पर आरोप है कि उसने अपने साथ रहने वाली दूसरी महिला के साथ ऐसा बर्ताव किया, जिसकी कल्पना भी करना मुश्किल है.

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जापान के इबाराकी प्रांत की है. यहां रहने वाली 49 वर्षीय मसाए सकुराई को पुलिस ने 42 वर्षीय एक महिला को गंभीर रूप से घायल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक विवाद के बाद अपनी रूममेट के होंठ सुई और धागे से सिल दिए. इस घटना के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

    पुलिस के मुताबिक सुई-धागे से सिल दिए होंठ

    जांच एजेंसियों का कहना है कि 29 जून को आरोपी महिला ने कथित तौर पर सुई और धागे की मदद से अपनी रूममेट के होंठ सिल दिए. यह घटना उस घर में हुई, जहां दोनों पिछले कुछ महीनों से साथ रह रही थीं. बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला अप्रैल 2025 से आरोपी के साथ रह रही थी. हालांकि दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है.

    किसी तरह भागकर दुकान पहुंची महिला

    घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही. वह पास की एक दुकान तक पहुंची, लेकिन उस समय बोलने की स्थिति में नहीं थी. रिपोर्ट के अनुसार, उसने दुकान के कर्मचारी से एक कागज पर लिखकर मदद मांगी. कर्मचारी ने तुरंत हालात की गंभीरता समझी और पुलिस को सूचना दी. अगले दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला.

    पहले भी भाग सकती थी, लेकिन डर की वजह से रुकी रही

    साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पुलिस पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि वह पहले भी वहां से निकलना चाहती थी, लेकिन डर की वजह से ऐसा नहीं कर सकी. उसने अधिकारियों से कहा कि वह काफी समय से भय में जी रही थी और इसी कारण भागने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी. इस बयान के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या महिला लंबे समय से किसी तरह के मानसिक या शारीरिक दबाव में थी.

    आरोपी ने क्या कहा?

    अभी तक पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि आरोपी महिला ने आरोप स्वीकार किए हैं या नहीं. अधिकारियों ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

    घर में और लोग भी रहते थे?

    जांच के दौरान एक और दिलचस्प बात सामने आई है. आरोपी महिला के एक परिचित ने मीडिया को बताया कि उसने पिछले साल नवंबर में उस घर का दौरा किया था. उसके मुताबिक, वहां सिर्फ दो महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई और लोग भी रहते थे. उसने दावा किया कि घर में दो-तीन महिलाएं और एक किशोर उम्र का लड़का भी मौजूद था. इसी जानकारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें कोई भूमिका थी.

    जरूरतमंद महिलाओं की मदद करने का भी दावा

    मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि आरोपी महिला के बारे में कुछ अलग तरह की जानकारी भी सामने आई है. उसकी एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसे पता चला था कि सकुराई उन लड़कियों की मदद करती थी, जिनके पास रहने की कोई जगह नहीं होती थी या जिनका परिवार से संपर्क टूट गया था. हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़िता और आरोपी का रिश्ता वास्तव में क्या था और दोनों किस परिस्थिति में साथ रह रहे थे.

    कई सवालों के जवाब अभी बाकी

    इस पूरे मामले में अभी कई अहम सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों महिलाएं एक साथ क्यों रह रही थीं, उनके बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी. अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है. साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि आगे और लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या नहीं.

    सोशल मीडिया पर भी हो रही चर्चा

    जापान की यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है. कई लोगों ने इसे बेहद डरावनी घटना बताया है, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए. कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर घर में और लोग मौजूद थे, तो उन्होंने पीड़िता की मदद क्यों नहीं की.

    जांच पूरी होने का इंतजार

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है. अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि घर के अंदर आखिर क्या हुआ था और क्या यह सिर्फ दो लोगों के बीच का विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी कहानी छिपी हुई है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले से जुड़े कई सवाल अनुत्तरित रहेंगे. हालांकि इतना तय है कि इस घटना ने जापान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है.

  • भूली-बिसरी यादें लौटा लाया अफगानिस्तान का बाजार, वॉकमैन-कैसेट का VIDEO छाया…

    भूली-बिसरी यादें लौटा लाया अफगानिस्तान का बाजार, वॉकमैन-कैसेट का VIDEO छाया…

    भूली-बिसरी यादें लौटा लाया अफगानिस्तान का बाजार, वॉकमैन-कैसेट का VIDEO छाया…

    अफगानिस्तान के बाजार ने ताजा कर दीं 90 के दशक की यादें, आज भी बिक रही हैं ऑडियो कैसेट और वॉकमैन

    एक समय था जब भारत में संगीत सुनने का मतलब होता था ऑडियो कैसेट और वॉकमैन। नई फिल्म रिलीज होते ही लोग उसकी कैसेट खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच जाते थे। लेकिन समय के साथ तकनीक बदलती गई। पहले सीडी आईं, फिर एमपी3 प्लेयर और अब स्मार्टफोन व ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने पूरी तरह बाजार पर कब्जा कर लिया। इसी वजह से ऑडियो कैसेट और वॉकमैन लगभग इतिहास बन चुके हैं।

    अफगानिस्तान के बाजार में दिखा पुराना दौर

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भारतीय ट्रैवल व्लॉगर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अफगानिस्तान के एक स्थानीय बाजार की सैर करता नजर आता है। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि वहां की कई दुकानों पर आज भी बड़ी संख्या में ऑडियो कैसेट और वॉकमैन बिक्री के लिए सजे हुए दिखाई देते हैं।

    यह नजारा देखकर व्लॉगर भी हैरान रह जाता है। वह कहता है कि भारत में अब ऐसी चीजें शायद ही कहीं देखने को मिलती हैं, जबकि अफगानिस्तान के इस बाजार में वे आज भी आसानी से उपलब्ध हैं।

    बचपन की यादों में खो गया व्लॉगर

    वीडियो में व्लॉगर अपने बचपन को याद करते हुए बताता है कि एक समय था जब लोग अपनी पसंदीदा फिल्मों और गानों की कैसेट खरीदकर वॉकमैन में घंटों संगीत सुना करते थे। दुकानों में सजी पुरानी कैसेटों को देखकर उसे अपने बचपन के सुनहरे दिन याद आ जाते हैं।

    आज के दौर में भारत में ऐसी कैसेटें केवल किसी पुराने कलेक्शन या एंटीक सामान की दुकानों में ही देखने को मिलती हैं।

    सोशल मीडिया पर लोगों को पसंद आया वीडियो

    इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो को हजारों लोग देख चुके हैं। बड़ी संख्या में यूजर्स इसे लाइक और शेयर कर रहे हैं। खासकर 90 के दशक में बड़े हुए लोगों के लिए यह वीडियो पुरानी यादों का खजाना बन गया है।

    यूजर्स ने साझा की अपनी यादें

    वीडियो पर कमेंट करते हुए कई लोगों ने लिखा कि कैसेट और वॉकमैन उनके बचपन का सबसे खूबसूरत हिस्सा थे। किसी ने बताया कि नई फिल्म की कैसेट खरीदने का अलग ही उत्साह होता था, तो किसी ने कहा कि रिवाइंड करने के लिए पेंसिल का इस्तेमाल करना आज भी याद है।

    तकनीक भले ही बदल गई हो, लेकिन ऑडियो कैसेट और वॉकमैन से जुड़ी यादें आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह बसी हुई हैं। यही वजह है कि अफगानिस्तान के बाजार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को एक बार फिर अपने सुनहरे बचपन में ले गया है।