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  • ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    ‘मैं नागिन, तू सपेरा’ पर जमकर नाचा युवक, अगली सुबह घर में घुसा जहरीला सांप और फिर जो हुआ…

    कभी-कभी किसी घटना का संयोग इतना अजीब होता है कि लोगों को यकीन करना मुश्किल हो जाता है। उत्तर प्रदेश के एक गांव से सामने आया ऐसा ही मामला इन दिनों चर्चा में है। एक युवक ने गांव के एक कार्यक्रम में नागिन की धुन पर जमकर डांस किया। अगले ही दिन उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युवक ने नागिन की धुन पर खूब डांस किया था। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उसका वीडियो बना लिया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में युवक नागिन की तरह हरकतें करते हुए डांस करता नजर आ रहा था।

    लेकिन अगले दिन सुबह करीब 10 बजे युवक अपने घर में बिस्तर पर आराम कर रहा था। इसी दौरान अचानक एक जहरीला सांप उसके पास पहुंच गया और उसने युवक को डस लिया। सांप के काटने के बाद युवक की हालत बिगड़ने लगी।

    परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया। हालत गंभीर होने के कारण युवक को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    गांव में फैल गई तरह-तरह की बातें

    नागिन के गाने पर डांस करने और अगले दिन सांप के काटने की घटना का संयोग सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे नाग के बदले से जोड़कर देखने लगे, तो कुछ लोगों ने इसे धार्मिक मान्यताओं से जोड़ दिया।

    हालांकि ऐसी बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सांप के काटने की घटना को महज संयोग माना जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना और उचित चिकित्सकीय उपचार कराना बेहद जरूरी है।

    फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है। वहीं नागिन डांस का वीडियो और उसके अगले दिन हुई सांप के काटने की घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा बनी हुई है। संयोग ऐसा है कि जिसने भी पूरी कहानी सुनी, वह एक पल के लिए जरूर हैरान रह गया।

  • कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    कुंडली का दोष दूर करने: के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच में गर्भवती मिली पीड़िता.

    लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले से नाबालिग से दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को धार्मिक गुरु बताकर नाबालिग के परिवार का भरोसा जीता और कुंडली में दोष होने की बात कहकर पूजा कराने के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

    कुंडली में दोष बताकर परिवार से बढ़ाई नजदीकी

    पुलिस शिकायत के अनुसार, आरोपी रामेश्वर हनमंतराव रामदासी उर्फ रामेश्वर महाराज पिछले कई वर्षों से पूजा-पाठ से जुड़ा हुआ था। बताया गया है कि उसकी पहचान नाबालिग के पिता से हुई थी, जिसके बाद उसका परिवार के घर आना-जाना शुरू हो गया।

    आरोप है कि इसी दौरान उसने नाबालिग की कुंडली में दोष होने की बात कही। उसने परिवार को बताया कि इस दोष को दूर करने के लिए विशेष पूजा कराना जरूरी है। इसके बाद वह जून महीने से कथित तौर पर नाबालिग के घर पूजा कराने के लिए आने लगा।

    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। परिवार को शुरुआत में इस घटना की जानकारी नहीं थी।

    पेट में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    बताया गया कि कुछ समय बाद नाबालिग के पेट में दर्द हुआ, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां मेडिकल जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

    मेडिकल जांच से संबंधित रिपोर्ट और जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। इसके बाद नाबालिग की शिकायत के आधार पर विवेकानंद पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

    पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी तरह की हरकत तो नहीं की।

    पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

    लातूर शहर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस समीर सिंह साल्वे के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी और पीड़िता के परिवार के बीच संपर्क, पूजा के नाम पर हुई गतिविधियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

    फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    सुहागरात पर दुल्हन ने पति से कहा- ‘मैं किसी और की अमानत हूं…फिर पति ने जो किया वो कोई नहीं कर पाता

    उत्तर प्रदेश में पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है. शादी के बाद पहली ही रात दुल्हन ने अपने पति को बताया कि वह किसी और से प्यार करती है और परिवार के दबाव में उसकी शादी हुई है. उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन बिताने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनों परिवारों ने आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की. आखिरकार तीन दिन बाद युवती को उसके प्रेमी के साथ भेज दिया गया.

    25 जू. को हुई थी शादी, सुहागरात पर खुला राज
    जानकारी के अनुसार, युवक और युवती की शादी 25 जू. 2026 को परिवार की मौजूदगी में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी. शादी के बाद सुहागरात पर दुल्हन ने पति से साफ शब्दों में कहा कि वह किसी और की अमानत है. उसका कहना था कि परिवार की इच्छा के कारण उसे यह शादी करनी पड़ी और वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती.

    पति ने विवाद करने के बजाय परिवार को दी पूरी जानकारी
    दुल्हन की बात सुनने के बाद पति ने कोई हंगामा या विवाद नहीं किया. उसने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजनों और पत्नी के परिवार को दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. परिवारों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवती अपने फैसले पर कायम रही और प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जताई.

    दोनों परिवारों की सहमति से प्रेमी को बुलाया गया
    जब बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला तो 28 जू. को दोनों परिवारों की सहमति से युवती के प्रेमी को बुलाया गया. सभी पक्षों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि युवती अपनी इच्छा के अनुसार प्रेमी के साथ जाएगी. इसके बाद वह उसके साथ चली गई.

    कानूनी विवाद से बचने के लिए महिला थाने पहुंचे परिजन
    भविष्य में किसी तरह की कानूनी परेशानी से बचने के लिए दूल्हे और उसके पिता ने हापुड़ महिला थाने में लिखित शिकायत दी. शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई, ताकि बाद में किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप या कानूनी विवाद खड़ा न हो.

    पुलिस बोली- दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा मामला
    महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुणा राय के अनुसार, युवक के परिजनों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी. जांच के दौरान सामने आया कि युवती विवाह के बाद पति के साथ नहीं रहना चाहती थी और किसी अन्य युवक से प्रेम करती थी. दोनों परिवारों की सहमति से मामले का शांतिपूर्ण निस्तारण करा दिया गया. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया है और मामला आपसी सहमति से समाप्त हो गया है.

  • काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    काम पर जाने के लिए घर से निकली थी, 3 दिन बाद अस्पताल में मिली, शादी भी हो गई थी.. जानें सायाली की पूरी कहानी..

    महाराष्ट्र के ठाणे में दोस्त के दोस्त का फोन आने पर सायली को बुरी तरह पीटा गया था. जिसके बाद उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. सतारा, नवी मुंबई जैसी कई जगहों पर इलाज कराने के बाद सायली की आखिरकार 2 महीने बाद चेंबूर के एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी पति सागर को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच चल रही है.

    काम पर जाने की बात कहकर घर से निकली- सागर कदम और सायली लोखंडे के बीच प्यार था. 5 जून को सायली काम पर जाने की बात कहकर घर से निकली थी. लेकिन जब वह वापस नहीं लौटी, तो सायली के भाई रुचिर लोखंडे ने रबाले MIDC पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.

    3 दिन में शादी और अस्पताल में भर्ती होने का किस्सा- तीन दिन बाद रुचिर को जानकारी मिली कि सायली का सतारा के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. इस बीच, सागर और सायली की शादी भी हो गई थी. सायली के परिवार ने सायली को इलाज के लिए नवी मुंबई के अलग-अलग हॉस्पिटल में भर्ती कराया. लेकिन जब उसकी हालत और बिगड़ गई, तो उसे चेंबूर के एक हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया.

    2 महीने मौत से जूझती रही सायाली- सायाली की 2 महीने तक मौत से लड़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट आखिरकार फेल हो गया और 4 सितंबर को उसकी मौत हो गई. इस मामले में सायाली का भाई रुचिर पुलिस के पास गया और शिकायत दर्ज कराई कि सागर ने सायली को मारा है और पुलिस ने सागर को गिरफ्तार कर लिया.

    दोस्त का फोन आने पर सागर ने पीटा- सागर ने पहले कहा था कि सायाली सीढ़ियों से गिरने के बाद घायल हो गई थी. सायाली ने अपनी शिकायत में बताया था कि सागर ने उसे लात मारी और उसकी आंख, पेट और चेहरे पर पीटा, क्योंकि उसके दोस्त का फोन आया था. हालांकि, सायाली के परिवार ने आरोप लगाया है कि सागर ने उसे पीटा और उसकी मौत हो गई, और रबाले पुलिस सही वजह की जांच कर रही है. कोर्ट ने आरोपी को 11 तारीख तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है और रबाले पुलिस आगे की जांच कर रही है.

  • होटल और ट्रेन में हमेशा क्यों होती सफेद चादर… कोई दूसरे रंग से क्यों बचा जाता, जानिए इसके पीछे की असली वजह

    होटल और ट्रेन में हमेशा क्यों होती सफेद चादर… कोई दूसरे रंग से क्यों बचा जाता, जानिए इसके पीछे की असली वजह

    होटल और ट्रेन में हमेशा क्यों होती सफेद चादर… कोई दूसरे रंग से क्यों बचा जाता, जानिए इसके पीछे की असली वजह

    अगर आपने कभी होटल में ठहरने या ट्रेन में सफर किया है, तो आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी. ज्यादातर जगहों पर बिस्तर पर सफेद चादर ही बिछी होती है. रंगीन चादरें बहुत कम देखने को मिलती हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर सफेद चादर का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है. क्या यह सिर्फ देखने में अच्छी लगती है या इसके पीछे कोई और वजह भी है? सच यह है कि सफेद चादर चुनने के पीछे कई कारण होते हैं.

    तुरंत पता चल जाती है सफाई

    सफेद चादर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उस पर धूल, दाग या गंदगी तुरंत दिखाई देती है. इससे होटल और रेलवे के कर्मचारियों को भी आसानी से पता चल जाता है कि चादर पूरी तरह साफ है या नहीं. अगर उस पर हल्का सा भी दाग दिख जाए, तो उसे दोबारा धोया जाता है या नई चादर बिछा दी जाती है.

    धोने और साफ रखने में होती है आसानी

    होटलों और ट्रेनों में हर दिन बड़ी संख्या में चादरों की धुलाई होती है. सफेद चादरों को एक साथ मशीन में धोया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर उन पर ब्लीच का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे जिद्दी दाग आसानी से निकल जाते हैं. अगर रंगीन चादरों पर ब्लीच का इस्तेमाल किया जाए, तो उनका रंग फीका पड़ सकता है. यही वजह है कि सफेद चादरों को साफ रखना ज्यादा आसान और सस्ता पड़ता है.

    सफेद रंग देता है सुकून का एहसास

    रंगों का असर हमारे मन पर भी पड़ता है. सफेद रंग को साफ-सफाई, शांति और सादगी का प्रतीक माना जाता है. जब कोई व्यक्ति सफेद चादर वाला बिस्तर देखता है, तो उसे वह ज्यादा साफ और आरामदायक लगता है. इससे मन को सुकून मिलता है और ठहरने का अनुभव भी बेहतर बन जाता है. यही कारण है कि बड़े और लग्जरी होटल भी सफेद चादरों को ही पसंद करते हैं.

    रखरखाव में होती है समय और खर्च की बचत

    अगर होटल या रेलवे अलग-अलग रंगों की चादरें इस्तेमाल करें, तो उन्हें अलग-अलग धोना पड़ेगा. इससे समय, मेहनत और खर्च तीनों बढ़ जाएंगे. सफेद चादरों के साथ यह परेशानी नहीं होती. सभी चादरों को एक साथ धोया जा सकता है, जिससे काम आसान हो जाता है. इसके अलावा सफेद रंग रोशनी को अच्छी तरह लौटाता है, जिससे होटल का कमरा या ट्रेन का केबिन ज्यादा उजला और साफ दिखाई देता है.

  • ग्राहक बनकर आईं, कारीगर को बातों में उलझाया और गायब कर दीं 6 लाख की नथ! सूरत पुलिस के हत्थे चढ़ीं 3 महिलाएं

    ग्राहक बनकर आईं, कारीगर को बातों में उलझाया और गायब कर दीं 6 लाख की नथ! सूरत पुलिस के हत्थे चढ़ीं 3 महिलाएं

    ग्राहक बनकर आईं, कारीगर को बातों में उलझाया और गायब कर दीं 6 लाख की नथ! सूरत पुलिस के हत्थे चढ़ीं 3 महिलाएं

    सूरत की महिधरपुरा पुलिस ने बुर्का पहनकर चोरी करने वाली तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने ग्राहक बनकर 6 लाख रुपये की नथ चुरा ली थी. हालांकि ये पहली बार नहीं था जब आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया, बल्कि वह पहले भी ऐसा कर चुकी हैं.

    सूरत के भागल-नवापुरा इलाके में ज्वेलरी शॉप पर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाली तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है. महिधरपुरा थाना पुलिस ने तीनों महिलाओं को पकड़ा है. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई और नासिक में भी चोरी के मामले दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक, महिलाएं बुर्का और नकाब पहनकर ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर प्रवेश करती थीं. दुकान में पहुंचने के बाद वे अलग-अलग तरह के सोने-चांदी के आभूषण दिखाने के लिए कहती थीं. इस दौरान दुकानदार या कारीगर को बातचीत में उलझाए रखती थीं. जैसे ही कारीगर या दुकानदार की नजर कुछ देर के लिए दूसरी तरफ होती, महिलाएं मौका देखकर महंगे आभूषण अपने पास छिपा लेती थीं और कुछ ही समय बाद दुकान से निकल जाती थीं. चोरी का तरीका इतना शातिर था कि घटना के तुरंत बाद दुकानदार को चोरी का पता नहीं चलता था.

    24 अगस्त को न्यू ए.के. ज्वेलर्स में हुई थी चोरी गत 24 अगस्त को सूरत के भागल-नवापुरा के टावर रोड स्थित पिपल्स बैंक के पास ‘न्यू ए.के. ज्वेलर्स’ में चोरी हुई थी. दोपहर करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच बुर्का पहने और चेहरा ढके हुए तीन अज्ञात महिलाएं दुकान पर पहुंची थीं. दुकान के मालिक मोहम्मद अशरफ चांदीवाला ने पुलिस को बताया कि महिलाओं ने वहां मौजूद कारीगर कासिम भाई से नाक में पहनने वाली नथ दिखाने को कहा. कारीगर अलग-अलग प्रकार की नथ दिखा रहा था. इसी दौरान जब वह दुकान के अंदर कुछ और सामान लेने गया, तो महिलाओं ने खुले हुए ड्रॉअर से नथ की डिब्बी चुरा ली और उसे कपड़ों में छिपाकर वहां से निकल गईं.

    पुलिस के मुताबिक, महिलाओं ने दुकान से करीब 45 ग्राम सोने की नथ चोरी की थी. चोरी किए गए आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है. वहीं, मामले की जांच में डिस्प्ले और कैबिनेट से सोने के आभूषणों के लगभग 325 नग चोरी होने की बात भी सामने आई है. इनमें सोने की जड़/नथ के आभूषण और करीब 50 नग नथनी शामिल थीं.

    सीसीटीवी फुटेज से मिला महिलाओं का सुराग मालिक के वापस आने और हिसाब मिलाने पर नथ गायब होने की जानकारी प्राप्त हुई. इसके बाद महिधरपुरा थाना पुलिस में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने दुकान और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए 4-5 अलग-अलग ऑटो रिक्शा बदले थे. इसके बाद वे भेस्तान, उन पाटिया, लिंबायत और मीठी खाड़ी होते हुए फरार हुई थीं. तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को तीन संदिग्ध महिलाओं के बारे में सुराग मिला. इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं को भेस्तान स्थित राहत सोसायटी से हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर लिया. वर्तमान में तीनों पुलिस रिमांड पर हैं.

    गिरफ्तार महिलाओं की हुई पहचान पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयरीन बानो उर्फ सुमैया मोहम्मद दानिश अंसारी, उम्र 33 वर्ष, निवासी राहुल सोसायटी, उनपाटिया, सूरत; यास्मीन अजहर खान, उम्र 39 वर्ष, निवासी मछली बाजार, मालेगांव, नासिक, महाराष्ट्र और नाजिया इसराइल शेख, उम्र 30 वर्ष, निवासी सलीमनगर, मालेगांव, महाराष्ट्र के रूप में हुई है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. आरोपी यास्मीन अजहर खान के खिलाफ नासिक रूरल के रमजानपुरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है. वहीं, मुंबई के भायखला पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इसी तरह आरोपी नाजिया के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई के मुलुंड और भायखला पुलिस स्टेशनों में चोरी के मामले दर्ज पाए गए हैं. पुलिस के अनुसार नाजिया के खिलाफ मुंब्रा पुलिस स्टेशन में भी आपराधिक मामला दर्ज है.

    चोरी के आभूषण समेत सामान बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी के आभूषणों के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया है. उनके पास से सोने जैसे पीली धातु के 4 नग आभूषण, हीरा जड़ित बालियां, कपड़े और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. बरामद सामान की कुल कीमत करीब 31,500 रुपये बताई गई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया है. चोरी किए गए बाकी आभूषणों और गिरोह की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ के लिए रिमांड की कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस महिला गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े हुए हैं. साथ ही सूरत के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, इसकी भी जांच की जा रही है.

  • शादी के दो साल बाद तक संबंध बनाने से कतराता रहा पति, स्पर्म जांच कराने ले गई पत्नी तो घर से पीट कर निकाला, सैंपल भी नहीं दिया,,?

    शादी के दो साल बाद तक संबंध बनाने से कतराता रहा पति, स्पर्म जांच कराने ले गई पत्नी तो घर से पीट कर निकाला, सैंपल भी नहीं दिया,,?

    शादी के दो साल बाद तक संबंध बनाने से कतराता रहा पति, स्पर्म जांच कराने ले गई पत्नी तो घर से पीट कर निकाला, सैंपल भी नहीं दिया,,?

    गोरखपुर में 30 वर्षीय महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है. महिला का आरोप है कि शादी के बाद से उसके पति ने कभी भी उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए. जब भी उसने इसकी वजह पूछी, पति हर बार यह कहकर बात टाल देता था कि उसका दवा का कोर्स चल रहा है और कोर्स पूरा होने के बाद सब सामान्य हो जाएगा. महिला का कहना है कि इसी भरोसे में दो साल बीत गए, लेकिन पति का व्यवहार नहीं बदला.

    जांच कराने ले गई, पति ने सैंपल देने से किया इनकार
    शिकायत के मुताबिक, पति के व्यवहार पर शक होने के बाद महिला उसे एक निजी अस्पताल लेकर गई. वहां डॉक्टर ने जांच के लिए स्पर्म सैंपल देने को कहा, लेकिन पति ने सैंपल देने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद महिला ने दोबारा इलाज कराने की बात कही तो मामला और बिगड़ गया. महिला का आरोप है कि इसके बाद पति और ससुराल के अन्य लोगों ने मिलकर उससे 5 लाख लाने की मांग की. कहा गया कि इलाज तभी कराया जाएगा और अगर पैसे नहीं लाई तो घर में रहने की अनुमति भी नहीं मिलेगी.

    शादी में 15 लाख खर्च होने का भी दावा
    महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी दो साल पहले नगर क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी. शादी में उसके परिवार ने करीब 15 लाख रुपए खर्च किए थे. इसके बावजूद शादी के पहले दिन से ही उसे अनदेखा किया गया. आरोप है कि उसे जरूरत की चीजें तक नहीं दी जाती थीं और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था.

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  • सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया, अगले दिन खाते से निकलने लगे पैसे, कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महिला को पड़ा भारी, हुई साइबर ठगी..

    अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने पर महिला घबरा गई. उसने बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया. महिला ने जिस नंबर पर फोन किया, वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते में हुई गड़बड़ी ठीक करने की बात कही.

    भोपाल में महिला के खाते से 2.10 लाख रुपये पार

    भोपाल में महिला के खाते से 2.10 लाख रुपये पार

    सिम पोर्ट कराना पड़ा महंगा, भोपाल के खाते से 2.10 लाख पार

    सिम पोर्ट कराना पड़ा महंगा, भोपाल के खाते से 2.10 लाख पार

    एमपी के भोपाल में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कोलार इलाके में एक महिला ने सिम दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराया और नई सिम एक्टिवेट होने के अगले ही दिन उसके बैंक खाते से रकम निकलने लगी. खाते से पैसे कटने का मैसेज देखकर महिला ने इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर खोजकर फोन किया. दूसरी तरफ मौजूद ठग ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत निजी जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 2.10 लाख रुपए पार कर दिए गए. शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    24 अगस्त को कराया सिम पोर्ट, 26 को हुआ एक्टिवेट जानकारी के मुताबिक महिला ने 24 अगस्त को कोलार रोड स्थित डी-मार्ट चौराहे के पास एक मोबाइल दुकान से अपना मोबाइल नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कराने की प्रक्रिया पूरी की थी. 26 अगस्त को नई सिम एक्टिवेट हो गई. इसके अगले ही दिन 27 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे महिला के मोबाइल पर बैंक खाते से 70,050 रुपए निकलने का मैसेज आया.

    अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने पर महिला घबरा गई. उसने बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया. महिला ने जिस नंबर पर फोन किया, वहां मौजूद व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और खाते में हुई गड़बड़ी ठीक करने की बात कही.

    कस्टमर केयर बनकर जानकारी ली कथित बैंक कर्मचारी ने बातचीत के दौरान महिला से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, जन्मतिथि समेत कई निजी जानकारियां पूछीं. महिला ने बैंक कर्मचारी समझकर जानकारी साझा कर दी. इसके बाद उसके बैंक खाते से लगातार ट्रांजेक्शन होने लगे. बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त को खाते से 9,890 रुपए, 9,972 रुपए, 9,980 रुपए और 70,050 रुपए निकाले गए. इसके बाद 1 सितंबर को 1,09,694.25 रुपए की एक और बड़ी रकम खाते से निकाल ली गई. इस तरह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में महिला के खाते से करीब 2.10 लाख रुपए गायब हो गए.

    सिम पोर्ट और ठगी के बीच कनेक्शन की जांच लगातार रकम निकलने के बाद महिला बैंक पहुंची. बैंक से खाते में हुए सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले में अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सिम पोर्ट कराने के बाद महिला तक ठगों की पहुंच कैसे हुई.पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला की निजी जानकारी ठगों तक कैसे पहुंची और क्या सिम पोर्ट कराने की प्रक्रिया के दौरान किसी स्तर पर उसका डेटा लीक हुआ. साथ ही इंटरनेट पर मौजूद फर्जी बैंक कस्टमर केयर नंबर और उसके पीछे सक्रिय साइबर ठगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है.

    एडिशनल डीसीपी बोले- जल्द पकड़ेंगे साइबर ठग एडिशनल डीसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि कोलार में एक महिला के साथ साइबर ठगी की शिकायत मिली है. महिला ने सिम पोर्ट कराया था. इसके बाद कस्टमर केयर के नाम से संपर्क हुआ और उसके बैंक खाते से रुपए कट गए. पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.

  • भूतिया माने जाने वाले घर खरीदने के लिए लग रही है लोगों की लाइन, जापान का नया ट्रेंड जानकर रह जाएंगे हैरान..

    भूतिया माने जाने वाले घर खरीदने के लिए लग रही है लोगों की लाइन, जापान का नया ट्रेंड जानकर रह जाएंगे हैरान..

    भूतिया माने जाने वाले घर खरीदने के लिए लग रही है लोगों की लाइन, जापान का नया ट्रेंड जानकर रह जाएंगे हैरान..

    क्या आप ऐसे घर में रहने की हिम्मत करेंगे, जहां कभी हत्या, आत्महत्या या किसी की रहस्यमयी मौत हुई हो? ज्यादातर लोगों का जवाब ‘नहीं’ होगा. लेकिन जापान में अब हजारों लोग ऐसे घरों को खुद खरीद रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इसकी वजह कोई रोमांच नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई और महंगे घर हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर लोग ऐसा कर क्यों रहे हैं.

    बता दें कि, जापान में ऐसे घरों को जिको बुकेन कहा जाता है. ये वे प्रॉपर्टी होती हैं जहां कभी हत्या, आत्महत्या या किसी व्यक्ति की अकेले मौत हुई हो. लंबे समय तक जापानी समाज में इन घरों को अशुभ और डरावना माना जाता था. लोग इन्हें खरीदने या किराए पर लेने से बचते थे. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और इन घरों की मांग तेजी से बढ़ रही है.

    महंगाई ने बदली लोगों की सोच
    जापान में रहने का खर्च लगातार बढ़ रहा है. खासकर टोक्यो जैसे बड़े शहरों में घर खरीदना आम लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में जिको बुकेन प्रॉपर्टी बाजार कीमत से करीब 20 से 50 प्रतिशत तक सस्ती मिल जाती हैं. यही वजह है कि युवा, पहली बार घर खरीदने वाले लोग और निवेशक इन घरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. अब लोग अंधविश्वास से ज्यादा अपनी आर्थिक जरूरतों को महत्व दे रहे हैं.

    इस बदलते ट्रेंड को लोकप्रिय बनाने में जापानी कॉमेडियन तानीशी मात्सुबारा का भी बड़ा योगदान माना जाता है. वह पिछले कई वर्षों से जानबूझकर ऐसी प्रॉपर्टी में रह रहे हैं जहां पहले कोई दर्दनाक घटना हो चुकी थी. उन्होंने इसे अपने करियर का हिस्सा बना लिया है और लोगों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है कि हर ऐसी जगह डरावनी नहीं होती.

    बढ़ती बुजुर्ग आबादी भी बनी वजह
    जापान की बदलती आबादी भी इस ट्रेंड की एक बड़ी वजह है. वहां बड़ी संख्या में बुजुर्ग अकेले रहते हैं. कई बार उनकी मौत का पता कई दिनों बाद चलता है. ऐसे मामलों की संख्या बढ़ने से जिको बुकेन प्रॉपर्टी की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. इससे बाजार में ऐसे घरों की उपलब्धता पहले से ज्यादा हो गई है.

    इन घरों की मांग बढ़ने के साथ जापान में एक नया कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है. कई कंपनियां ऐसे घरों की सफाई, मरम्मत और रिनोवेशन का काम करती हैं. कुछ कंपनियां बौद्ध भिक्षुओं से विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी कराती हैं ताकि घर को लेकर लोगों का डर कम हो सके. वहीं कुछ रियल एस्टेट एजेंट थर्मल कैमरे और सेंसर की मदद से यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि घर में किसी तरह की असामान्य गतिविधि नहीं है.

    आर्थिक मजबूरी ने बदली परंपरा
    जापानी संस्कृति में आत्माओं और भूत-प्रेत से जुड़ी मान्यताएं काफी पुरानी हैं. इसके बावजूद बढ़ती महंगाई और महंगे घरों ने लोगों की प्राथमिकताएं बदल दी हैं. अब कई लोग ऐसे घरों को डर की नजर से नहीं, बल्कि कम कीमत में अच्छा घर खरीदने का मौका मान रहे हैं. यही वजह है कि कभी बदनाम मानी जाने वाली ये प्रॉपर्टी आज जापान के रियल एस्टेट बाजार का नया ट्रेंड बनती जा रही हैं.

  • सेक्स पावर बढ़ाने के लिए 48 लाख की ली दवा, तंबू में बैठे गुरुजी ने इंजीनियर को लगाया चूना..

    सेक्स पावर बढ़ाने के लिए 48 लाख की ली दवा, तंबू में बैठे गुरुजी ने इंजीनियर को लगाया चूना..

    सेक्स पावर बढ़ाने के लिए 48 लाख की ली दवा, तंबू में बैठे गुरुजी ने इंजीनियर को लगाया चूना..

    बेंगलुरु में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। उसने आरोप लगाया कि स्वघोषित आयुर्वेदिक हीलर ने उसे सेक्सुअल समस्याओं के इलाज के नाम पर महंगी और हानिकारक हर्बल प्रोडक्ट्स बेचे। इसके लिए उसे 48 लाख रुपये चुकाने पड़े। शिकायतकर्ता ने बताया कि इन दवाओं के सेवन से उसकी तबीयत बिगड़ गई और किडनी में समस्या आने लगी। पीड़ित ज्ञानभारती इलाके में रहता है और शिवमोग्गा जिले का मूल निवासी है। वह पिछले तीन वर्षों से एक निजी फर्म में नौकरी कर रहा है। उसने ज्ञानभारती पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, मार्च में उसकी शादी हुई। पति-पत्नी पहले बसवेश्वरनगर में रहते थे। शादी के शुरुआती महीनों में उसे सेक्सुअल समस्याएं होने लगीं। वह केंगरी में मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के लिए गया, जहां डॉक्टरों ने टेस्ट कराए और कुछ दवाएं लिखीं। इस साल मई को अस्पताल जाते समय उसने उल्लाल में लॉ कॉलेज के पास सड़क किनारे आयुर्वेदिक तंबू देखा। यहां लगे पोस्टर पर सेक्सुअल समस्याओं के तुरंत समाधान का दावा किया गया था। वह टेंट के अंदर चला गया, जहां उसे एक व्यक्ति मिला। पीड़ित ने अपनी समस्याएं उसे बताईं। उस शख्स ने कहा कि ‘विजय गुरुजी’ इसका तेजी से इलाज कर सकते हैं। उसने विजय से मिलने की व्यवस्था करने का वादा किया।

    सड़क किनारे टेंट पर पड़ी नजर

    रिपोर्ट के मुताबिक, उसी शाम एक व्यक्ति टेंट में आया और उसने खुद को विजय गुरुजी बताया। पीड़ित की जांच करने के बाद विजय ने कहा कि एक दुर्लभ दवा देवराज बूटि उसकी समस्या का इलाज कर देगी। उसने इसे यशवंतपुर में विजयलक्ष्मी आयुर्वेदिक मेडिसिन शॉप से खरीदने को कहा। उसने कहा कि यह दवा केवल उसी दुकान पर उपलब्ध है और वह इसे उत्तराखंड के हरिद्वार से लाता है। उसने कहा कि देवराज बूटि का एक ग्राम 1.6 लाख रुपये का है। उसने कहा कि दवा केवल नकद भुगतान से खरीदी जानी चाहिए। उसने सुझाव दिया कि पीड़ित अकेले जाए, क्योंकि दावा करते हुए कि अगर कोई साथ जाए तो उसकी शक्ति नष्ट हो जाएगी।

    माता-पिता से उधार लिए पैसे

    पीड़ित ने घर से नकद पैसे लिए और आयुर्वेदिक दुकान पर चला गया। वह दवा लेकर विजय के पास लौटा। स्वघोषित आयुर्वेदिक हीलर ने बताया कि देवराज बूटि का इस्तेमाल कैसे करना है और उसे खास तरह का तेल भी दिया। इस तेल की कीमत 76,000 रुपये प्रति ग्राम थी और 15 ग्राम तेल खरीदने को कहा। उसने हर हफ्ते अपनी पत्नी और माता-पिता से पैसे उधार लिए और कुल 17 लाख रुपये का भुगतान 15 ग्राम तेल और अन्य प्रोडक्ट्स के लिए किया।

    मेडिकल जांच की रिपोर्ट से हैरान

    विजय ने बाद में उसे अतिरिक्त 3 ग्राम देवराज बूटि’ खरीदने के लिए दबाव डाला। प्रत्येक ग्राम के लिए 1.6 लाख रुपये देने को कहा। पीड़ित ने बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया और कुल 18 ग्राम देवराज बूटि खरीदी। बाद में उसे देवराज रसाबूटि नामक एक अन्य दवा खरीदने के लिए मनाया गया, जिसकी कीमत 2.6 लाख रुपये प्रति ग्राम थी। इसके लिए उसने दोस्त से 10 लाख रुपये उधार लिए और चार ग्राम देवराज रसाबूटि खरीदी। इस तरह पीड़ित ने विजयलक्ष्मी आयुर्वेदिक मेडिसिन शॉप से कुल 48 लाख रुपये देकर सभी दवाएं खरीदीं। सभी दवाओं का उपयोग करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। जब पीड़ित ने मेडिकल जांच कराई तो ब्लड टेस्ट के नतीजे से किडनी में समस्याएं दिखीं। अब शिकायतकर्ता का आरोप है कि विजय गुरुजी की हर्बल दवाओं के सेवन से उसकी सेहत बिगड़ी। उसने विजय, दवा दुकान मालिक और उस टेंट वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिसने उसे विजय से मिलवाया था।