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  • आखिर लड़कियों को लंबे कद वाले लड़के क्यों पसंद आते हैं? जानिए इसके पीछे की वजह..

    आखिर लड़कियों को लंबे कद वाले लड़के क्यों पसंद आते हैं? जानिए इसके पीछे की वजह..

    आखिर लड़कियों को लंबे कद वाले लड़के क्यों पसंद आते हैं? जानिए इसके पीछे की वजह..

    रिश्तों में सबसे ज्यादा महत्व किसी व्यक्ति के स्वभाव, सम्मान, भरोसे और आपसी समझ का होता है। हालांकि, व्यक्तिगत पसंद-नापसंद भी अलग-अलग हो सकती है। कई सर्वे और सोशल मीडिया चर्चाओं में यह देखा गया है कि कुछ लड़कियां लंबे कद वाले लड़कों को पसंद करने की बात कहती हैं। इसके पीछे कई दिलचस्प वजहें बताई जाती हैं, लेकिन यह सभी पर लागू नहीं होतीं।

    सुरक्षा का एहसास

    कुछ लोगों का मानना है कि लंबे कद वाले साथी के साथ उन्हें अधिक सुरक्षित महसूस होता है। हालांकि यह केवल एक व्यक्तिगत धारणा है और किसी व्यक्ति की वास्तविक क्षमता या व्यक्तित्व का मापदंड नहीं है।

    हग करने का अनुभव

    कई लड़कियां बताती हैं कि लंबे कद वाले पार्टनर को गले लगाने का अनुभव उन्हें अच्छा लगता है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत पसंद का विषय है।

    फैशन और स्टाइल

    कुछ लोगों को अपने पार्टनर की ओवरसाइज टी-शर्ट या हुडी पहनना पसंद होता है। सोशल मीडिया पर भी इस तरह का ट्रेंड काफी लोकप्रिय है, जिसकी वजह से यह पसंद और ज्यादा चर्चा में रहती है।

    छोटी-छोटी मदद

    ऊंचाई वाले लोग अक्सर ऊंची जगह पर रखी चीजें आसानी से उतार सकते हैं या घर के कुछ कामों में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह केवल एक व्यावहारिक सुविधा है और रिश्ते की सफलता से इसका कोई सीधा संबंध नहीं है।

    फिल्मों और सोशल मीडिया का प्रभाव

    फिल्मों, टीवी सीरियल्स और सोशल मीडिया पर लंबे कद वाले जोड़ों को अक्सर आकर्षक तरीके से दिखाया जाता है। इससे भी कई लोगों की पसंद प्रभावित हो सकती है।

    सबसे जरूरी है व्यक्तित्व

    यह याद रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है। कई लोग कद की बजाय स्वभाव, ईमानदारी, सम्मान, समझदारी, भरोसे और व्यवहार को ज्यादा महत्व देते हैं। इसलिए किसी भी रिश्ते की मजबूती केवल हाइट से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास से तय होती है।

  • शादी की पहली रात के बाद दुल्हन की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में सामने आया चौंकाने वाला सच..

    शादी की पहली रात के बाद दुल्हन की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में सामने आया चौंकाने वाला सच..

    शादी की पहली रात के बाद दुल्हन की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में सामने आया चौंकाने वाला सच..

    उत्तर प्रदेश में शादी के अगले ही दिन एक नवविवाहिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह गर्भवती है और प्रसव का समय आ चुका है। यह सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए।

    सुहागरात के बाद शुरू हुआ तेज दर्द

    शादी के बाद दुल्हन अपने ससुराल पहुंची थी। अगले दिन घर में रिश्तेदार भी मौजूद थे। इसी दौरान रात में उसे पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने पहले घरेलू उपाय किए, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल में सामने आया चौंकाने वाला सच

    अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि महिला गर्भवती है और जल्द ही प्रसव होने वाला है। कुछ ही देर बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

    परिवार रह गया स्तब्ध

    यह जानकारी मिलते ही दूल्हा और उसके परिवार के लोग सकते में आ गए। इसके बाद दुल्हन के मायके पक्ष को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल बुलाया गया।

    नवजात के साथ मायके भेजी गई दुल्हन

    अगले दिन दुल्हन को नवजात शिशु के साथ उसके मायके भेज दिया गया। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

  • 5 पत्नियां, 10 बच्चे और एक ही घर… जानिए कैसे चलता है इस अनोखे परिवार का जीवन

    5 पत्नियां, 10 बच्चे और एक ही घर… जानिए कैसे चलता है इस अनोखे परिवार का जीवन

    5 पत्नियां, 10 बच्चे और एक ही घर… जानिए कैसे चलता है इस अनोखे परिवार का जीवन

    दुनिया में कई ऐसे परिवार हैं, जिनकी जीवनशैली लोगों को हैरान कर देती है। ऐसा ही एक परिवार इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इस परिवार में एक पति, उसकी पांच पत्नियां और 10 बच्चे एक ही घर में साथ रहते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि सभी पत्नियां खुद को एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि ‘सिस्टर वाइफ्स’ मानती हैं।

    सोशल मीडिया पर चर्चा में है परिवार

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैरेट फैमिली सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। परिवार अक्सर अपने दैनिक जीवन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा करता रहता है। इन्हीं पोस्टों के कारण यह परिवार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पांच पत्नियों के साथ कैसे बिताता है समय?

    परिवार द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में पति से पूछा गया कि वह अपनी पांचों पत्नियों के साथ समय कैसे बिताता है। इस सवाल पर परिवार ने बताया कि वे आपसी समझ, समय के संतुलन और पारिवारिक सहयोग के साथ अपना जीवन बिताते हैं। उनका कहना है कि परिवार के हर सदस्य की जिम्मेदारियां तय हैं, जिससे घर का माहौल संतुलित बना रहता है।

    पत्नियों ने बताई अपनी सोच

    परिवार की महिलाओं का कहना है कि वे अपनी जिंदगी से संतुष्ट हैं और उन्हें किसी अन्य रिश्ते की इच्छा नहीं है। उनका मानना है कि परिवार आपसी विश्वास और समझ पर चलता है। वे अक्सर अपने पति और बच्चों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करती हैं।

    लोग भी करते हैं हैरान करने वाले सवाल

    सोशल मीडिया पर इस परिवार के वीडियो वायरल होने के बाद लोग अक्सर पूछते हैं कि इतने बड़े परिवार में तालमेल कैसे बना रहता है। हालांकि परिवार का कहना है कि उनके लिए सबसे अहम चीज आपसी सम्मान, जिम्मेदारियों का बंटवारा और एक-दूसरे का सहयोग है।

    इस अनोखे परिवार की कहानी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

  • ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    ब्रिटेन में मंदिर की जमीन मुस्लिम संस्था को देने पर बवाल, कोर्ट तक पहुंचा मामला..

    हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में लगायी याचिका, नीलामी प्रक्रिया गलत होने का आरोप

    UK Temple Dispute : ब्रिटेन में एक अजब मामला देखने में आया है। मदिर की जमीन मुसलमानों को बेच दी गयी, इस पर हिन्दू समुदाय में आक्रोश फैल गया। हिन्दुओं ने हाई कोर्ट में याचिका लगायी है और नीलामी प्रक्रिया गलत होने का आरोप लगाया है। लंदन से 120 किमी दूर पीटरबरो में 40 साल पुराने मंदिर और कम्युनिटी सेंटर की बिक्री को पर विवाद हो गया है। पीटरबरो सिटी काउंसिल ने न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स को नीलामी के बाद एक मुस्लिम संस्था, यूनाइटेड किंगडम इस्लामिक मिशन, को बेचने का फैसला किया है। इसी परिसर में भारत हिंदू समाज का मंदिर चलता है, जो शहर और आसपास रहने वाले हजारों हिंदुओं का प्रमुख पूजा और सांस्कृतिक केंद्र है। फैसले से नाराज भारत हिंदू समाज ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बिक्री प्रक्रिया को चुनौती दी है।

    भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। नीलामी के मूल्यांकन में भी गंभीर खामियां रहीं। बता दें कि फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए काउंसिल को बिक्री पूरी करने जैसे किसी भी कदम से रोक दिया था।

    अब न्यायिक समीक्षा में यह जांच हो रही है कि फैसला लेने की प्रक्रिया कानून के मुताबिक थी या नहीं। मंदिर प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका विरोध मुस्लिम संस्था से नहीं, बल्कि काउंसिल के फैसले और प्रक्रिया से है। अब कोर्ट जांच करेगा कि संपत्ति बेचने का फैसला कानून और समानता के नियमों के मुताबिक लिया गया था या नहीं। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया। भारत हिंदू समाज संगठन का आरोप है कि काउंसिल ने मंदिर की करीब 40 साल पुरानी धार्मिक और सामुदायिक भूमिका को नजरअंदाज किया।

    मंदिर बंद हुआ तो 56 किमी दूर जाने को मजबूर होंगे हिंदू

    भारत हिंदू समाज का कहना है कि पीटरबरो का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इलाके के 4,000 हिंदुओं का एकमात्र सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र भी है। यदि यह परिसर बंद होता है, तो हिंदुओं को पूजा-अर्चना व त्योहारों के लिए निकटतम मंदिर (कैंब्रिज-56 किमी) या (लेस्टर-64 किमी) का रुख करना पड़ेगा।

    पीटरबरो का विवाद ब्रिटेन में अकेला नहीं है। यहां की काउंसिलें बढ़ते खर्च व कम सरकारी मदद के कारण सामाजिक परिसर, स्पोर्ट्स सेंटर व कम्युनिटी भवन बेचकर बजट संभाल रही हैं। 2025 के ‘की सिटीज’ सर्वे में 60% काउंसिलों ने संपत्ति बिक्री को घाटा भरने का रास्ता बताया। बर्मिंघम को 24-25 का बजट संतुलित करने के लिए 2,883 करोड़ रु. की संपत्तियां बेचने का लक्ष्य रखना पड़ा। नॉटिंघम का 2025-26 घाटा 267 करोड़ और चार वर्षों का कुल अनुमानित अंतर 689 करोड़ रु. था।

    नीलामी में खामियां, समीक्षा बिना मंजूरी

    भारत हिंदू समाज का आरोप है कि बिक्री के दौरान दोनों पक्षों की बोलियों का ठीक मूल्यांकन नहीं हुआ। अदालत में संगठन ने कहा कि काउंसिल ने जांच और स्कोरिंग में गलतियां कीं। इसके बाद काउंसिल सदस्यों ने उन्हीं सिफारिशों को पड़ताल के बिना स्वीकार कर लिया। संगठन का कहना है कि मामला केवल ऊंची बोली का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल का भी है।

  • रात में लड़कियां गूगल पर क्या सर्च करती हैं? जानिए वो वायरल चीजें जो रहती हैं ट्रेंड में

    रात में लड़कियां गूगल पर क्या सर्च करती हैं? जानिए वो वायरल चीजें जो रहती हैं ट्रेंड में

    रात में लड़कियां गूगल पर क्या सर्च करती हैं? जानिए वो वायरल चीजें जो रहती हैं ट्रेंड में

    आज के समय में किसी भी जानकारी के लिए सबसे पहले लोग गूगल का सहारा लेते हैं। चाहे बात फैशन की हो, पढ़ाई की हो, मनोरंजन की या फिर सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स की, इंटरनेट हर सवाल का जवाब देने का सबसे आसान माध्यम बन चुका है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि रात के समय लड़कियां गूगल पर सबसे ज्यादा क्या सर्च करती हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति की पसंद और सर्च आदतें अलग होती हैं, इसलिए इसे सभी पर लागू नहीं माना जा सकता।

    वायरल रील्स और ट्रेंडिंग वीडियो

    रात के समय कई लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रील्स, ट्रेंडिंग वीडियो और नए कंटेंट को देखना पसंद करते हैं। गूगल पर अक्सर लोग ऐसे गानों, डायलॉग्स और वीडियो ट्रेंड्स की जानकारी खोजते हैं जो अभी इंटरनेट पर छाए हुए हों।

    सेलिब्रिटी न्यूज और गॉसिप

    कई लोग रात में अपने पसंदीदा स्टार्स, एक्ट्रेस, इन्फ्लुएंसर या वायरल पर्सनैलिटी से जुड़ी खबरें सर्च करते हैं। कौन क्या पहन रहा है, किसका नया फोटोशूट आया है, कौन सा वीडियो वायरल हुआ है—ऐसी चीजें भी काफी ट्रेंड में रहती हैं।

    फैशन, मेकअप और वायरल हैक्स

    रात के समय फैशन और ब्यूटी से जुड़े वायरल हैक्स भी खूब सर्च किए जाते हैं। जैसे— आसान मेकअप टिप्स, स्किन ग्लो के घरेलू उपाय, वायरल आउटफिट आइडियाज, और सोशल मीडिया पर चल रहे नए स्टाइल ट्रेंड्स।

    हर व्यक्ति की पसंद होती है अलग

    यह कहना सही नहीं होगा कि सभी लड़कियां या सभी लोग एक जैसी चीजें ही सर्च करते हैं। किसी की रुचि पढ़ाई में होती है, कोई करियर, हेल्थ, रेसिपी, ट्रैवल या टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी खोजता है। गूगल पर सर्च की जाने वाली चीजें व्यक्ति की उम्र, जरूरत, रुचि और परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं।

  • पति हुआ गायब तो सास ने देवर से करवा दी शादी.. 25 साल बाद लौटा ‘सुहाग’.. उलझन के साथ आई खुशी

    पति हुआ गायब तो सास ने देवर से करवा दी शादी.. 25 साल बाद लौटा ‘सुहाग’.. उलझन के साथ आई खुशी

    पति हुआ गायब तो सास ने देवर से करवा दी शादी.. 25 साल बाद लौटा ‘सुहाग’.. उलझन के साथ आई खुशी

    बिजनौर (उत्तर प्रदेश): एक ऐसी कहानी जो खुशी और गहरी उलझन दोनों को साथ लेकर आई है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर कस्बे में 25 साल पहले लापता हुए एक व्यक्ति का अचानक मिलना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    तीन दिन पहले नहटौर के नया बाजार में फटे कपड़ों और लंबी दाढ़ी वाले एक अधेड़ व्यक्ति को बदहवास हालत में घूमते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने जब उस व्यक्ति से बात की, तो उसने टूटी-फूटी भाषा में अपना नाम हंसा सिंह बताया और घर का पता पंजाब के कपूरथला जिले के शिवदयाल वाला गांव बताया।

    पुलिस ने गूगल मैप्स और पंजाबी भाषा जानने वालों की मदद से कड़ी जोड़ी। पंजाब पुलिस से संपर्क किया गया। मात्र 72 घंटों के अंदर हंसा सिंह के छोटे भाई और गांव के सरपंच नहटौर पहुंच गए। शुरुआत में भाई भी हंसा को पहचान नहीं पाए, लेकिन जब हंसा ने बचपन की कई यादें और परिवार के नाम बताए, तो सबकी आंखें नम हो गईं।

    हंसा सिंह की शादी को मात्र दो साल ही हुए थे कि वे अचानक लापता हो गए। परिवार ने तीन साल तक उनका इंतजार किया। जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया और हंसा की पत्नी विमला देवी का विवाह उनके छोटे भाई सुखा सिंह (देवर) से कर दिया। पिछले 22 साल से विमला देवी सुखा सिंह के साथ सुखी गृहस्थी बसा रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं और एक बेटी की शादी भी हो चुकी है।

    उलझन के साथ आई खुशी

    अब 25 साल बाद असली पति हंसा सिंह के लौट आने से पूरे परिवार में खुशी के साथ-साथ गहरी उलझन भी पैदा हो गई है। विमला देवी इस वक्त दोहरी भावनाओं से गुजर रही हैं। एक तरफ पहला पति जिंदा मिलने की खुशी है, तो दूसरी तरफ 22 साल से साथ निभा रहे पति और तीन बच्चों का भविष्य।

    मां हुई भावुक,कहा-चैन से मर सकूंगी

    हंसा सिंह की बुजुर्ग मां जट्टो कौर ने फोन पर बेटे की आवाज सुनकर रोते हुए कहा, “मरने से पहले मेरा बेटा मिल गया… अब मैं चैन से मर सकूंगी।”नहटौर पुलिस की इस संवेदनशीलता की हर तरफ तारीफ हो रही है। पुलिस ने न सिर्फ उस व्यक्ति को ढूंढकर परिवार से मिलाया, बल्कि उसे नहलाया-धुलाया, नए कपड़े पहनाए और घंटों धैर्यपूर्वक उसकी याददाश्त ताजा करने की कोशिश की।फिलहाल हंसा सिंह अपने भाई और सरपंच के साथ पंजाब रवाना हो गए हैं।

  • पति ने शादी के बाद नहीं बनाया संबंध’ शिकायत लेकर थाने पहुंच गई पत्नी.. ससुरालवालों पर भी लगाए गंभीर आरोप..

    पति ने शादी के बाद नहीं बनाया संबंध’ शिकायत लेकर थाने पहुंच गई पत्नी.. ससुरालवालों पर भी लगाए गंभीर आरोप..

    पति ने शादी के बाद नहीं बनाया संबंध’ शिकायत लेकर थाने पहुंच गई पत्नी.. ससुरालवालों पर भी लगाए गंभीर आरोप..

    महिला ने शिकायत में पति समेत ससुराल पक्ष के कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया है।

    GORAKHPUR NEWS : गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के चार अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से उसके पति ने उसके साथ वैवाहिक संबंध नहीं बनाए और जब उसने स्वास्थ्य जांच कराने की बात कही तो पति ने स्पर्म टेस्ट कराने से इनकार कर दिया।

    महिला ने गोरखनाथ थाने में दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि पति के इलाज के नाम पर ससुराल पक्ष के लोग उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये देने से मना करने पर उसे प्रताड़ित किया गया और बाद में घर से निकाल दिया गया। आरोप है कि ससुराल वालों ने कहा कि 5 लाख रुपये लेकर आने के बाद ही उसे घर में जगह दी जाएगी।

    महिला के अनुसार, उसकी शादी 19 नवंबर 2021 को लखनऊ निवासी युवक से हुई थी। उसने बताया कि शादी में करीब 15 लाख रुपये खर्च किए गए थे। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल में उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा और उसकी जरूरतों का भी ध्यान नहीं रखा गया।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    महिला ने शिकायत में पति समेत ससुराल पक्ष के कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया है। गोरखनाथ पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • रातोंरात करोड़पति बना मजदूर, खाते में आए 310 करोड़ रुपये, लेकिन अगले ही दिन पलट गई किस्मत

    रातोंरात करोड़पति बना मजदूर, खाते में आए 310 करोड़ रुपये, लेकिन अगले ही दिन पलट गई किस्मत

    रातोंरात करोड़पति बना मजदूर, खाते में आए 310 करोड़ रुपये, लेकिन अगले ही दिन पलट गई किस्मत

    यह कहानी उस समय की है, जब किस्मत ने उत्तर प्रदेश के एक साधारण मजदूर के साथ ऐसा खेल खेला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक दिन उसके बैंक खाते में अचानक 310 करोड़ रुपये दिखाई दिए और कुछ ही पलों के लिए उसे लगा कि उसकी जिंदगी अब हमेशा के लिए बदल गई है। लेकिन अगले ही दिन जो हुआ, उसने उसकी सारी खुशियां छीन लीं।

    उत्तर प्रदेश का रहने वाला था बिहारी लाल

    यह मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के रहने वाले बिहारी लाल का था। वह राजस्थान में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी जिंदगी रोज की मेहनत, कमाई और घर की जिम्मेदारियों के बीच ही गुजर रही थी।

    एक दिन जब उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उसमें करीब 310 करोड़ रुपये जमा दिखाई दिए। इतनी बड़ी रकम देखकर वह खुद भी सन्न रह गए। पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन जब बार-बार बैलेंस देखा, तो उन्हें लगा कि शायद उनकी किस्मत सच में चमक गई है। घर में भी कुछ देर के लिए खुशी का माहौल बन गया और परिवार ने बेहतर भविष्य के सपने देखने शुरू कर दिए।

    अगले ही दिन बैंक ने कर दिया खाता फ्रीज

    लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। अगले दिन जब बिहारी लाल बैंक से पैसे निकालने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनका खाता फ्रीज कर दिया गया है। बैंक अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि खाते में दिखाई दी भारी रकम किसी तकनीकी या बैंकिंग गलती की वजह से थी।

    इसके बाद खाते से पूरी राशि हटा दी गई और बैलेंस फिर से सामान्य हो गया। आखिर में खाते में सिर्फ 129 रुपये ही बचे रह गए।

    कुछ ही घंटों में टूट गए करोड़पति बनने के सपने

    कुछ ही घंटों में करोड़पति बनने का सपना देखने वाले बिहारी लाल और उनके परिवार के लिए यह घटना किसी झटके से कम नहीं थी। जिस पल उन्हें लगा था कि अब उनकी गरीबी खत्म हो जाएगी, उसी पल उनकी उम्मीदें भी टूट गईं।

    यह घटना उस समय की एक ऐसी याद बन गई, जिसने यह दिखा दिया कि जिंदगी में कभी-कभी किस्मत पल भर में हंसाती भी है और पल भर में रुला भी देती है।

  • सुहागरात पर दुल्हन की ‘परीक्षा’! इस कुप्रथा में कमरे के बाहर इंतजार करता था पूरा गांव

    सुहागरात पर दुल्हन की ‘परीक्षा’! इस कुप्रथा में कमरे के बाहर इंतजार करता था पूरा गांव

    सुहागरात पर दुल्हन की ‘परीक्षा’! इस कुप्रथा में कमरे के बाहर इंतजार करता था पूरा गांव

    दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में शादी से जुड़े कई तरह के रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। इनमें कुछ परंपराएं सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, जबकि कुछ ऐसी भी रही हैं जिनकी मानवाधिकार संगठनों और समाज के बड़े वर्ग ने कड़ी आलोचना की है। ऐसी ही एक प्रथा भारत के एक विशेष समुदाय से जुड़ी रही है, जिसे लेकर वर्षों से विवाद होता रहा है।

    क्या थी यह परंपरा?

    रिपोर्टों के अनुसार, इस समुदाय में विवाह के बाद नवविवाहित जोड़े को एक सफेद चादर दी जाती थी। माना जाता था कि पहली रात के बाद इस चादर को समुदाय के कुछ लोगों के सामने देखा जाता था और उसके आधार पर दुल्हन के चरित्र को लेकर निष्कर्ष निकाले जाते थे।

    कमरे के बाहर इंतजार करते थे लोग

    बताया जाता है कि इस प्रक्रिया के दौरान समुदाय के कुछ सदस्य और पंचायत से जुड़े लोग कमरे के बाहर मौजूद रहते थे। अगली सुबह चादर की जांच की जाती थी। इस प्रथा को कथित तौर पर दुल्हन की तथाकथित “पवित्रता” से जोड़कर देखा जाता था।

    लंबे समय से होती रही आलोचना

    सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला अधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस परंपरा की लंबे समय से आलोचना की है। उनका कहना है कि किसी महिला की “वर्जिनिटी” का इस तरह परीक्षण करना न केवल वैज्ञानिक रूप से गलत है, बल्कि उसकी गरिमा, निजता और मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।

    बदल रहा है समाज

    समय के साथ इस प्रथा का व्यापक विरोध हुआ और कई स्थानों पर इसके खिलाफ अभियान भी चलाए गए। आज समाज में जागरूकता बढ़ने के साथ ऐसी परंपराओं को समाप्त करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कानून और सामाजिक संस्थाएं भी महिलाओं की गरिमा और समान अधिकारों की रक्षा पर जोर देती हैं।

    यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि समाज में मौजूद कुछ पुरानी परंपराओं की समय-समय पर समीक्षा और सुधार आवश्यक है, ताकि सभी लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की जा सके।

  • चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बच्चे को जन्म; यात्रियों और रेलवे की मदद से बची मां-बेटे की जान ..

    सिकंदराबाद एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12771) में सफर कर रही एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बेटे को जन्म दिया। समय पर मिली मदद और मानवीय पहल के चलते जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11:20 बजे ट्रेन के जनरल कोच में महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। महिला की स्थिति देखकर ट्रेन में मौजूद दो महिला यात्रियों ने आगे बढ़कर उसकी मदद की और चलती ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव कराया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम तुरंत सक्रिय हुई। टीम ने महिला भारती नट (21 वर्ष), उनके पति जितेंद्र नट और नवजात शिशु को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया।

    महिला के पति जितेंद्र नट ने बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी में अभी करीब 15 दिन बाकी थे। दोनों कवर्धा लौट रहे थे, तभी नागपुर के पास अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उन्होंने गोंदिया स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों से मदद मांगी, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी।

    उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में ट्रेन में मौजूद महिला यात्रियों ने इंसानियत दिखाते हुए उनकी पत्नी की मदद की। बाद में उन्हीं यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। जितेंद्र ने महिला यात्रियों, जीआरपी, आरपीएफ और अस्पताल के डॉक्टरों का आभार जताया।