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  • ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    ‘रोप… रोप…’ की चीखों के बीच हुआ दर्दनाक हादसा, 40 मीटर नीचे गिरी युवती की मौत, Video वायरल.

    Jumping Accident Brazil Video: ब्राजील में एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ब्रिज जंपिंग के दौरान 21 वर्षीय युवती करीब 40 मीटर नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा इंतजामों और लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    ब्रिज जंपिंग के दौरान हुआ हादसा

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा 13 जून को ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के लिमेरा इलाके में हुआ। मृतका की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एडवेंचर गतिविधि के तहत रोप जंपिंग करने पहुंची थीं, जिसमें प्रतिभागी को सुरक्षा रस्सियों के सहारे ऊंचाई से छलांग लगानी होती है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छलांग लगाने से पहले सुरक्षा लाइफलाइन सही तरीके से नहीं लगी थी। जैसे ही मारिया ने जंप किया, वह लगभग 40 मीटर नीचे गिर गईं। गंभीर चोटों के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    वायरल वीडियो में सुनाई दी ‘रोप… रोप…’ की आवाज

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ प्रशिक्षक युवती को जंपिंग प्लेटफॉर्म तक ले जाते दिखाई देते हैं। जैसे ही वह छलांग लगाती हैं, वहां मौजूद लोग घबराकर “रोप… रोप…” चिल्लाने लगते हैं। वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि सुरक्षा रस्सी ठीक से नहीं जुड़ी थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।

    फिटनेस की शौकीन थीं मारिया

    मारिया साओ पाउलो के जांदीरा शहर की रहने वाली थीं। उन्होंने फिजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी और एक जिम में काम करती थीं। सोशल मीडिया पर वह फिटनेस और वर्कआउट से जुड़े वीडियो व पोस्ट साझा करती थीं। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले उन्होंने मजाकिया अंदाज में ब्रिज जंपिंग को लेकर भी एक पोस्ट शेयर की थी।

    पुलिस कर रही है जांच

    हादसे के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।

    बताया गया है कि मारिया अपने एडवेंचर को रिकॉर्ड करने के लिए GoPro कैमरा भी साथ लाई थीं, लेकिन हादसे के बाद कैमरा बरामद नहीं हो सका। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दुर्घटना की वजह क्या थी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।

  • फ्रिज खोला तो दिखी शिवलिंग जैसी बर्फ की आकृति! दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, वीडियो हुआ वायरल..

    फ्रिज खोला तो दिखी शिवलिंग जैसी बर्फ की आकृति! दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, वीडियो हुआ वायरल..

    Agra Viral News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों के बीच आस्था और जिज्ञासा दोनों को बढ़ा दिया है। एक घर के फ्रिज में जमी बर्फ की आकृति लोगों को शिवलिंग जैसी दिखाई दी। परिवार ने इसे भगवान शिव का आशीर्वाद मानते हुए पूजा शुरू कर दी। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    फ्रिज खोलते ही चौंक गया परिवार

    बताया जा रहा है कि यह मामला आगरा के खेरिया मोड़ स्थित नगला भुजा इलाके का है। परिवार जब रोजमर्रा की तरह फ्रिज खोलने पहुंचा तो अंदर जमी बर्फ की आकृति उन्हें शिवलिंग जैसी नजर आई। इसके बाद घर के सदस्यों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी। कुछ ही देर में आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली और लोगों का वहां पहुंचना शुरू हो गया।

    दर्शन के लिए लगी लोगों की भीड़

    खबर फैलते ही घर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। कई लोग फूल, जल और प्रसाद लेकर पहुंचे तथा भगवान शिव के जयकारे लगाए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा होने लगी और लोग इसे आस्था से जोड़कर देखने लगे।

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कुछ लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार बता रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि फ्रिज में बर्फ जमने की प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण इस तरह की आकृतियां बन सकती हैं। वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    अमरनाथ यात्रा से जोड़कर भी देख रहे लोग

    इन दिनों अमरनाथ यात्रा चल रही है। ऐसे में कई श्रद्धालु आगरा की इस घटना को बाबा बर्फानी से जोड़कर भी देख रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी वैज्ञानिक संस्था या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या दावा नहीं किया गया है।

    आस्था और विज्ञान के बीच बहस

    विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रिज के भीतर तापमान, नमी और बर्फ जमने की प्रक्रिया के कारण कई बार अलग-अलग आकार स्वाभाविक रूप से बन जाते हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग इसे अपनी धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल यह घटना सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • पसीने की गंध से आकर्षित होकर बिस्तर तक पहुंच सकता है यह सांप! ‘साइलेंट किलर’ के नाम से है बदनाम..

    पसीने की गंध से आकर्षित होकर बिस्तर तक पहुंच सकता है यह सांप! ‘साइलेंट किलर’ के नाम से है बदनाम..

    पसीने की गंध से आकर्षित होकर बिस्तर तक पहुंच सकता है यह सांप! ‘साइलेंट किलर’ के नाम से है बदनाम..

    Silent Killer Snake: बारिश का मौसम शुरू होते ही सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में विशेषज्ञ सबसे अधिक सावधानी कॉमन करैत (Common Krait) से बरतने की सलाह देते हैं। यह भारत के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है और अपनी खामोश लेकिन घातक प्रकृति के कारण इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है।

    रात में सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है

    स्नेक कैचर रवि मीणा के अनुसार कॉमन करैत दिन के मुकाबले रात में अधिक सक्रिय होता है। अंधेरा होते ही यह भोजन की तलाश में अपने बिल से बाहर निकलता है और कई बार इंसानी बस्तियों तक भी पहुंच जाता है।

    पसीने की गंध से हो सकता है आकर्षित

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह सांप इंसान के शरीर से आने वाली पसीने की गंध की ओर आकर्षित हो सकता है। इसी वजह से कई बार यह रात में घरों के भीतर और यहां तक कि बिस्तर के पास भी पहुंच जाता है। यदि सोते समय अनजाने में व्यक्ति का हाथ या पैर इस पर पड़ जाए, तो यह तुरंत काट सकता है।

    काटने का पता भी नहीं चलता

    कॉमन करैत के दांत बेहद छोटे होते हैं। इसके काटने पर अक्सर न ज्यादा दर्द होता है और न ही स्पष्ट घाव दिखाई देता है। कई लोग इसे मामूली कीड़े का काटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब तक शरीर में जहर का असर दिखाई देने लगता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

    तंत्रिका तंत्र पर करता है हमला

    रवि मीणा के मुताबिक कॉमन करैत का जहर बेहद शक्तिशाली होता है और इसका सीधा असर शरीर के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने पर शरीर की मांसपेशियां काम करना बंद कर सकती हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो सकती है और मरीज की जान भी जा सकती है।

    ध्यान दें: यह दावा कि “कॉमन करैत का जहर कोबरा से कई गुना ज्यादा खतरनाक है” या “एक बार में 8–10 लोगों की जान ले सकता है” अलग-अलग स्रोतों में अलग तरह से बताया जाता है। इसलिए ऐसे दावों को निश्चित वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

    बारिश में रखें ये सावधानियां

    • रात में फर्श पर सोने से बचें।
    • सोने से पहले बिस्तर, चादर और कमरे के कोनों की अच्छी तरह जांच करें।
    • घर के आसपास झाड़ियां, लकड़ी और कबाड़ जमा न होने दें।
    • यदि सांप दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखें और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को बुलाएं।

    सांप काटने पर क्या करें?

    यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं। झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करने के बजाय उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

  • क्या भारत में थी दुनिया की पहली सभ्यता? इतिहासकार के दावे से छिड़ी नई बहस, लोथल बंदरगाह को बताया सबसे बड़ा सबूत..

    क्या भारत में थी दुनिया की पहली सभ्यता? इतिहासकार के दावे से छिड़ी नई बहस, लोथल बंदरगाह को बताया सबसे बड़ा सबूत..

    क्या भारत में थी दुनिया की पहली सभ्यता? इतिहासकार के दावे से छिड़ी नई बहस, लोथल बंदरगाह को बताया सबसे बड़ा सबूत..

    Civilisation in India: प्राचीन सभ्यताओं की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। समुद्री इतिहासकार निक कॉलिंस ने दावा किया है कि दुनिया की पहली विकसित सभ्यता मेसोपोटामिया नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई थी। उन्होंने गुजरात के लोथल को इस दावे का अहम प्रमाण बताते हुए कहा कि यहां दुनिया के सबसे प्राचीन ज्ञात डॉकयार्ड (बंदरगाह) में से एक मौजूद था।

    क्या है इतिहासकार का दावा?

    निक कॉलिंस का कहना है कि लंबे समय तक पश्चिमी इतिहास लेखन में मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) को सभ्यता का जन्मस्थल बताया जाता रहा, जबकि उपलब्ध पुरातात्विक और समुद्री व्यापार से जुड़े साक्ष्य भारतीय उपमहाद्वीप की उन्नत सभ्यता की ओर संकेत करते हैं।

    उनके अनुसार सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नगरों में सुनियोजित सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, मानकीकृत ईंटें, व्यापारिक नेटवर्क और विकसित शहरी व्यवस्था मौजूद थी, जो उस समय के लिए अत्यंत उन्नत मानी जाती है।

    लोथल को बताया सबसे बड़ा प्रमाण

    कॉलिंस ने गुजरात के लोथल में मिले विशाल ईंट-निर्मित ढांचे को प्राचीन डॉकयार्ड बताया। उनका कहना है कि यह समुद्री व्यापार के लिए विकसित बंदरगाह था, जहां से जहाजों का संचालन होता था।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार भी लोथल सिंधु सभ्यता का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था और यहां समुद्री गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं। हालांकि, इस संरचना को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत भी रहे हैं और इसके स्वरूप पर शोध जारी है।

    यूरोप से पहले विकसित समुद्री व्यापार?

    इतिहासकार का दावा है कि लोथल जैसी उन्नत समुद्री संरचना उस समय यूरोप में मौजूद नहीं थी। उनके अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप से पश्चिम एशिया तक व्यापारिक संपर्क स्थापित थे और मोतियों, आभूषणों समेत कई वस्तुओं का निर्यात किया जाता था।

    आर्य आक्रमण सिद्धांत पर भी उठाए सवाल

    निक कॉलिंस ने अपने लेख में आर्य आक्रमण सिद्धांत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारतीय सभ्यता के विकास को लंबे समय तक पश्चिमी नजरिए से देखा गया। हालांकि, इस विषय पर इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और आनुवंशिकी विशेषज्ञों के बीच आज भी विभिन्न मत मौजूद हैं और यह शोध का विषय बना हुआ है।

    इतिहासकारों की क्या राय है?

    प्राचीन सभ्यताओं की उत्पत्ति और विकास को लेकर अकादमिक जगत में कई सिद्धांत प्रचलित हैं। अधिकांश मुख्यधारा के इतिहासकार मेसोपोटामिया, मिस्र, सिंधु घाटी और चीन को दुनिया की प्रारंभिक प्रमुख सभ्यताओं में शामिल मानते हैं। इनमें से किसे “पहली सभ्यता” कहा जाए, इस पर अब भी शोध और बहस जारी है।

    नोट: निक कॉलिंस के विचार उनके व्यक्तिगत ऐतिहासिक विश्लेषण पर आधारित हैं। इन्हें इतिहासकारों के बीच सर्वसम्मत निष्कर्ष नहीं माना जाता। सभ्यताओं की उत्पत्ति, आर्य सिद्धांत और लोथल के स्वरूप जैसे विषयों पर अकादमिक जगत में विभिन्न मत मौजूद हैं।

  • धरती का अनोखा जानवर! गुस्सा आते ही सामने वाले पर थूक देता है, जानें इसके पीछे की वजह..

    धरती का अनोखा जानवर! गुस्सा आते ही सामने वाले पर थूक देता है, जानें इसके पीछे की वजह..

    धरती का अनोखा जानवर! गुस्सा आते ही सामने वाले पर थूक देता है, जानें इसके पीछे की वजह..

    दुनिया में लाखों जीव-जंतु पाए जाते हैं और हर प्रजाति की अपनी अलग पहचान होती है। कोई अपनी रफ्तार के लिए मशहूर है तो कोई अपनी ताकत या शिकार करने के तरीके के लिए। लेकिन एक ऐसा जानवर भी है, जो अपने अनोखे बचाव के तरीके के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है। यह है लामा (Llama), जो खतरा महसूस होने या गुस्सा आने पर सामने वाले पर थूक देता है।

    क्यों थूकता है लामा?

    लामा के लिए थूकना सिर्फ एक अजीब आदत नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और चेतावनी देने का प्राकृतिक तरीका है। जब उसे लगता है कि कोई उसकी सीमा में दखल दे रहा है, उसे परेशान कर रहा है या उससे खतरा है, तो वह सामने वाले पर थूककर उसे दूर रहने का संकेत देता है।

    सिर्फ लार नहीं, पेट का पदार्थ भी फेंक सकता है

    यदि लामा हल्का नाराज होता है तो वह केवल लार फेंकता है। लेकिन जब वह बेहद गुस्से में होता है, तो उसके थूक में आधा पचा हुआ भोजन और पेट का तरल पदार्थ भी शामिल हो सकता है। इसकी गंध काफी तेज होती है, जिससे सामने वाला तुरंत दूर हटने की कोशिश करता है।

    किन परिस्थितियों में थूकते हैं लामा?

    विशेषज्ञों के अनुसार, लामा इन स्थितियों में सबसे ज्यादा थूकते हैं—

    • अपना वर्चस्व दिखाने के लिए
    • खाने को लेकर प्रतिस्पर्धा होने पर
    • खुद को खतरे में महसूस करने पर
    • तनाव या असहज स्थिति में
    • बार-बार परेशान किए जाने पर
    • गलत तरीके से पकड़ने या संभालने पर

    कई बार इंसान भी उनके निशाने पर आ सकते हैं, यदि वे उन्हें ज्यादा परेशान करें।

    थूकने से पहले देते हैं संकेत

    लामा आमतौर पर बिना वजह किसी पर थूकते नहीं हैं। इससे पहले वे कई तरह के संकेत देते हैं, जैसे—

    • कान पीछे की ओर कर लेना
    • सिर ऊंचा उठाना
    • गुनगुनाहट जैसी आवाज निकालना
    • बेचैन या तनावग्रस्त दिखाई देना

    यदि इन संकेतों के बाद भी खतरा दूर नहीं होता, तब वे थूककर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।

    हर बार थूक एक जैसा नहीं होता

    लामा का थूक उनके गुस्से के स्तर पर निर्भर करता है। हल्की नाराजगी में वे केवल थोड़ा-सा थूक फेंकते हैं, जबकि अधिक आक्रामक होने पर वे पेट से निकला आधा पचा भोजन भी तेज़ी से सामने वाले की ओर उछाल सकते हैं।

    बेहद प्रभावी है यह बचाव का तरीका

    वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, लामा का यह व्यवहार हिंसक हमला करने के बजाय संघर्ष से बचने की रणनीति है। उनके थूक की तेज बदबू और अचानक होने वाली प्रतिक्रिया से अधिकांश शिकारी या अन्य जानवर पीछे हट जाते हैं। इस तरह बिना लड़ाई किए ही लामा खुद को सुरक्षित रखने में सफल हो जाते हैं।

  • पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    पिता की सुरक्षा के लिए बेटे ने किया अनोखा कारनामा, 55 फीट ऊंचे पेड़ पर देखकर लोग बोले- वाह!

    70 वर्षीय पिता के लिए 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ पर लोहे की घुमावदार सीढ़ी बनवाई।Image Credit source: X/@BharatTechIND

    तमिलनाडु से वायरल हुई एक खबर हर किसी का दिल छू रही है. एक बेटे ने अपने 70 साल के बुजुर्ग पिता के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसकी तारीफ करते लोग नहीं थक रहे हैं. पिता को ढलती उम्र में ऊंची चढ़ाई के खतरे से बचाने के लिए बेटे ने देसी दिमाग और अनोखी तकनीक का ऐसा मेल दिखाया कि 55 फीट ऊंचा खजूर का पेड़ भी अब किसी बहुमंजिला इमारत की तरह आसान लगने लगा है.

    पिता के प्यार में बनाया लोहे का अनोखा जुगाड़

    यह मामला तमिलनाडु के तूत्तुकुड़ी जिले में स्थित सलाईपुथुर गांव का है. यहां रहने वाले दिनाकर का परिवार पीढ़ियों से खजूर और ताड़ के पेड़ से मिलने वाले रस और उत्पादों के व्यवसाय से जुड़ा है. उनके 70 वर्षीय पिता पिछले कई दशकों से यही काम करते आ रहे हैं. हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर इतने ऊंचे और चिकने पेड़ पर चढ़ना बेहद जोखिम भरा हो गया था. पिता की सुरक्षा और सेहत को ध्यान में रखते हुए दिनाकर ने तय किया कि वह उन्हें यह खतरा नहीं उठाने देंगे और खुद इस समस्या का हल निकालेंगे.

    55 फीट ऊंचे पेड़ के चारों ओर खड़ी की घुमावदार सीढ़ियां

    दिनाकर ने 55 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ के चारों तरफ लोहे की मजबूत और घुमावदार सीढ़ियां लगवा दी हैं. लगभग 60,000 रुपए की लागत से तैयार इस ढांचे की सबसे खास बात यह है कि इसमें पेड़ को कोई नुकसान पहुंचाए बिना और बिना कील ठोके लोहे की पट्टियों से सीढ़ियों को कसा गया है. अब उनके पिता ही नहीं, बल्कि घर का कोई भी सदस्य बिना किसी डर या फिसलन के आराम से ऊपर तक आ-जा सकता है.

     

     

     

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक वीडियो

    जैसे ही इस अनोखे जुगाड़ और बेटे के अपने पिता के प्रति समर्पण का वीडियो इंटरनेट पर आया, यह तेजी से वायरल हो गया. लोग न सिर्फ इस इंजीनियरिंग दिमाग की सराहना कर रहे हैं, बल्कि बुजुर्ग माता-पिता के प्रति बेटे के इस सम्मान और देखभाल की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. यह भी पढ़ें:पति को उठा ले गए गुंडे, तो पत्नी ने डॉन की मां को ही कर लिया किडनैप! मेक्सिको का यह अनोखा किस्सा फिर हुआ वायरल

  • खुदाई के दौरान मजदूर को मिली पिनों से भरी रहस्यमयी गुड़िया, कीलें निकालते ही बोला- ‘अब कोई आजाद हो गया होगा’, वीडियो ने छेड़ी बहस..

    सोशल मीडिया पर इन दिनों एक निर्माण स्थल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुदाई कर रहे एक मजदूर को जमीन के भीतर से लकड़ी की एक ऐसी गुड़िया मिलती है, जिसमें कई पिन और कीलें चुभी हुई दिखाई देती हैं। इस अजीबोगरीब खोज के बाद मजदूर का दावा लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    वीडियो में मजदूर बताता है कि खुदाई के दौरान उसे यह गुड़िया मिली। उसके मुताबिक, गुड़िया में बड़ी संख्या में पिन और कीलें लगी थीं। वह प्लास की मदद से एक-एक करके सभी पिन निकालता है और कहता है कि जिस व्यक्ति को इस गुड़िया के जरिए कथित तौर पर बांधा गया होगा, वह अब आजाद हो गया होगा।

    पिन निकालते समय मजदूर उन लोगों की भी आलोचना करता नजर आता है, जिन्होंने कथित तौर पर इस गुड़िया को जमीन में दबाया था। उसका मानना है कि इसे किसी टोने-टोटके या तांत्रिक मान्यता के तहत छिपाया गया होगा।


    हालांकि, इस वीडियो की वास्तविक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो सकी है। इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स में भी घटना का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं बताया गया है। वायरल क्लिप को इंस्टाग्राम पर @lindaikejiblogofficial नाम के अकाउंट से साझा किया गया, जहां इसे लाखों बार देखा जा चुका है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ यूजर्स इसे रहस्यमयी घटना मानते हुए मजदूर के दावे का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि ऐसी बातें केवल अंधविश्वास हैं और इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कई यूजर्स ने लोगों से तथ्यों और तर्क के आधार पर ऐसी घटनाओं को देखने की अपील भी की है।

  • पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    पति साड़ी नहीं लाया तो पत्नी का फूटा गुस्सा, घर में हुई दिल दहला देने वाली वारदात..

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर पूर्व इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साड़ी को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती तौर पर मामले को हादसा बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरेराम किशुनजी सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला था। घटना 19 जुलाई को बदलापुर पूर्व स्थित एक किराए के मकान में हुई।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, साड़ी खरीदकर न लाने की बात को लेकर हरेराम और उनकी पत्नी सुनीता देवी (30) के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर रसोई में रखा प्रेशर कुकर का ढक्कन उठाकर पति पर हमला किया। इसके बाद गला दबाने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत एक हादसे के कारण हुई है। इसी आधार पर शुरुआत में पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया। हालांकि, सरकारी अस्पताल से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (गला दबाना) बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसके बाद संदेह के आधार पर महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    बदलापुर पूर्व पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • “दिन के 5 हजार कमा लेता हूं…” छोले-कुल्चे वाले की कमाई सुनकर हैरान रह गई महिला, वीडियो हुआ वायरल

    Delhi Viral Video: दिल्ली के एक छोले-कुल्चे विक्रेता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला जब उससे रोज की कमाई के बारे में पूछती है, तो उसका जवाब सुनकर वह खुद हैरान रह जाती है। इस वीडियो ने एक बार फिर छोटे कारोबार और स्ट्रीट फूड बिजनेस से होने वाली कमाई को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

    “महीने में करीब डेढ़ लाख रुपये”

    वायरल वीडियो में महिला कंटेंट क्रिएटर सड़क किनारे छोले-कुल्चे बेचने वाले विक्रेता से उसकी कमाई के बारे में सवाल करती है। विक्रेता बताता है कि वह औसतन रोज करीब 5,000 रुपये और महीने में लगभग 1.5 लाख रुपये तक कमा लेता है।

    यह जवाब सुनकर महिला चौंक जाती है और मजाकिया अंदाज में कहती है कि उसकी अपनी सैलरी इससे कम है।

    “मुझे भी छोले-कुल्चे बनाने आते हैं”

    वीडियो में महिला हंसते हुए कहती है कि अगर ऐसा है तो वह भी रेहड़ी लगाना शुरू कर सकती है, क्योंकि उसे छोले-कुल्चे बनाना आता है। वह मजाक में विक्रेता से यह भी पूछती है कि क्या वह उसकी बिजनेस पार्टनर बन सकती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने कहा कि मेहनत और सही लोकेशन होने पर स्ट्रीट फूड का कारोबार अच्छी आय दे सकता है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी वायरल वीडियो में बताए गए आय के आंकड़ों को बिना स्वतंत्र पुष्टि के अंतिम सत्य नहीं मान लेना चाहिए, क्योंकि वास्तविक कमाई स्थान, ग्राहकों की संख्या, खर्च और मौसम जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

    नोट: वीडियो में बताई गई कमाई का दावा संबंधित विक्रेता ने स्वयं किया है। इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक आय व्यक्ति तथा परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • कमजोर लकड़ी के पुल पर बाइक दौड़ाना पड़ा भारी, फिसला बाइकर तो कुछ सेकंड के लिए थम गईं सांसें, वीडियो वायरल

    सोशल मीडिया पर एक रोमांचक लेकिन बेहद खतरनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक बाइकर पहाड़ी इलाके में बने संकरे और लकड़ी के पुल को पार करने की कोशिश करता है, लेकिन बीच रास्ते उसका संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ पल के लिए ऐसा लगता है कि वह बाइक समेत नीचे गहरी खाई या नदी में गिर जाएगा।

    वायरल वीडियो में दो बाइकर्स एक पहाड़ी रास्ते पर बने पुराने और कमजोर लकड़ी के पुल के सामने रुकते दिखाई देते हैं। पुल की हालत देखकर दोनों कुछ देर तक आगे बढ़ने को लेकर सोचते हैं। आखिरकार पहला बाइकर सावधानी से पुल पार कर लेता है।

    इसके बाद दूसरा बाइकर जैसे ही पुल पर आगे बढ़ता है, अचानक उसका संतुलन बिगड़ जाता है। बाइक फिसलने लगती है और वह पुल के किनारे की ओर झुक जाता है। कुछ सेकंड के लिए हादसा तय नजर आता है, लेकिन तभी वह तेजी से हाथ बढ़ाकर पुल की रेलिंग पकड़ लेता है। इसी वजह से उसकी जान बच जाती है और वह नीचे गिरने से बाल-बाल बच जाता है।

    यह वीडियो Jamal नाम के एक्स (X) अकाउंट से साझा किया गया है। पोस्ट के साथ लोगों से अपील की गई है कि एडवेंचर और लापरवाही में फर्क समझें। किसी भी रोमांचक यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे गैर-जरूरी जोखिम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसे कमजोर पुलों पर बाइक ले जाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। वहीं कई यूजर्स ने राहत जताई कि बाइकर की सूझबूझ और रेलिंग पकड़ लेने से उसकी जान बच गई।