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  • यहां मुर्दों को भी देना पड़ता है ‘किराया’! पैसे जमा नहीं किए तो कब्र से निकाल देते हैं शव.

    यहां मुर्दों को भी देना पड़ता है ‘किराया’! पैसे जमा नहीं किए तो कब्र से निकाल देते हैं शव.

    यहां मुर्दों को भी देना पड़ता है ‘किराया’! पैसे जमा नहीं किए तो कब्र से निकाल देते हैं शव.

    Viral News: आमतौर पर किराया घर, दुकान या जमीन का दिया जाता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां कब्र के लिए भी किराया देना पड़ता है। अगर तय समय पर पैसे जमा न हों तो मृतक के शव को कब्र से निकालकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाता है।

    यह अनोखा नियम मध्य अमेरिकी देश ग्वाटेमाला के कुछ कब्रिस्तानों से जुड़ा है। यहां जमीन की कमी के कारण कई जगहों पर बहुमंजिला कब्रों की व्यवस्था की गई है।

    जमीन कम पड़ने पर बना बहुमंजिला कब्रिस्तान

    ग्वाटेमाला में बढ़ती आबादी और सीमित जमीन के कारण पारंपरिक तरीके से हर शव के लिए अलग जमीन देना मुश्किल है। इसी वजह से कुछ कब्रिस्तानों में एक कब्र के ऊपर दूसरी कब्र जैसी व्यवस्था देखने को मिलती है।

    इन कब्रों को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए मृतक के परिवार को निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। यानी परिवार को कब्र की जगह बनाए रखने के लिए नियमित भुगतान करना होता है।

    किराया नहीं दिया तो कब्र खाली कर दी जाती है

    रिपोर्टों के मुताबिक, अगर किसी मृतक के परिजन समय पर निर्धारित शुल्क नहीं चुका पाते हैं, तो शव को उस कब्र से निकाल दिया जाता है।

    इसके बाद शव को दूसरी जगह, जैसे सामूहिक दफन स्थल, में स्थानांतरित किया जा सकता है और खाली हुई जगह का इस्तेमाल किसी अन्य मृतक के लिए किया जाता है।

    यही वजह है कि कुछ कब्रिस्तानों में ऐसी जगहें दिखाई देती हैं जहां पुराने शवों को कब्र से निकालकर अलग रखा गया होता है।

    गरीब परिवारों के लिए बड़ी परेशानी

    इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ सकता है। जिन परिवारों के पास लगातार शुल्क देने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होता, उनके लिए अपने मृत परिजन की कब्र को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।

    कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि लोग अपनी मृत्यु के बाद दफनाए जाने की जगह के खर्च की व्यवस्था पहले से करने की कोशिश करते हैं।

    सामूहिक दफन की भी होती है व्यवस्था

    रिपोर्टों के अनुसार, ऐसे शव जिनके परिजन निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं कर पाते, उन्हें सामूहिक दफन के लिए निर्धारित स्थान पर ले जाया जाता है।

    प्रशासन की ओर से ऐसी व्यवस्था जमीन की कमी और बढ़ती आबादी के कारण अपनाए जाने की बात कही जाती है। इसका उद्देश्य सीमित कब्रिस्तान की जगह का अधिकतम इस्तेमाल करना है।

    कब्रिस्तान की तस्वीरें देखकर चौंक जाते हैं लोग

    ग्वाटेमाला के कुछ बहुमंजिला कब्रिस्तानों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आते रहे हैं। कई जगहों पर रंग-बिरंगी कब्रें एक-दूसरे के ऊपर बनी दिखाई देती हैं।

    इन तस्वीरों को देखकर लोगों को यह व्यवस्था काफी अजीब लग सकती है, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों में यह जमीन की कमी से निपटने का एक तरीका बताया जाता है।

    हालांकि, अलग-अलग कब्रिस्तानों के नियम और शुल्क अलग हो सकते हैं। इसलिए इसे पूरे ग्वाटेमाला में लागू एक समान नियम मानना सही नहीं होगा।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। ग्वाटेमाला के सभी कब्रिस्तानों में एक जैसे नियम लागू हों, यह जरूरी नहीं है। स्थानीय प्रशासन और कब्रिस्तान के नियमों के अनुसार व्यवस्था अलग हो सकती है।

  • 32 साल में की 105 शादियां, 14 देशों की महिलाओं को बनाया अपना शिकार..

    32 साल में की 105 शादियां, 14 देशों की महिलाओं को बनाया अपना शिकार..

    32 साल में की 105 शादियां, 14 देशों की महिलाओं को बनाया अपना शिकार..

    Weird World Records: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक ऐसा शख्स अपना नाम दर्ज करवा चुका है, जिसके बारे में सुन आपके भी होश उड़ जाएंगे. दरअसल, इस शख्स ने 105 महिलाओं से शादी की थी.

    दुनिया विचित्र लोगों से भरी पड़ी है. समाज में ऐसे-ऐसे जुनूनी लोग हैं, जिनकी कहानियां जानने के बाद सामान्य इंसान हैरत में पड़ जाए. सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों के बारे में तरह-तरह के किस्से सुनने को मिलते रहते हैं. दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने का अलग ही पागलपन सवार रहता है. आज हम किसी ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं.

    दरअसल, अमेरिका के रहने वाले जियोवन्नी विगलियोटो के नाम दुनिया में सबसे ज्यादा शादी करने का रिकॉर्ड दर्ज है. जिसने 1949 और 1981 के बीच बिना तलाक लिए 105 महिलाओं से शादी की थी. खास बात यह है कि इस शख्स की पत्नियां एक दूसरे को नहीं जानती थीं. दिलचस्प बात यह भी है कि विगलियोटो ने शादी करने के लिए सिर्फ अमेरिकी महिलाओं को नहीं चुना. बल्कि 14 देशों के 27 राज्यों से शादी के लिए महिलाओं को चुना था.

    इतना ही नहीं, इस शख्स ने अपनी हर शादी के दौरान नकली पहचान का इस्तेमाल किया. शादी के लिए इस अमेरिकी शख्स ने हर बार फेक आईडी का इस्तेमाल किया. शादी के बाद यह शख्स पत्नी के पैसे और कीमती सामान लेकर रफूचक्कर हो जाता था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियोवन्नी विगलियोटो ने जिन महिलाओं से शादियां की थी उनमें से बहुत कम ही इस शख्स के बारे में ठीक तरीके से जानती थी.

    ऐसे पकड़ा में आया यह शख्स

    फेक आईडी का यूज करने वाले जियोवन्नी को दबोच पाना आसान नहीं था. हालांकि शादी के बाद धोखा खाई शेरोना क्लार्क ने ठान लिया था कि जियोवन्नी को खोज कर ही दम लेना है. क्लार्क ने जियोवन्नी को ढूढ़ने का खुद फैसला लिया. क्लार्क के प्रयासों के बदौलत ही जियोवन्नी विगलियोटो को 28 दिसंबर 1981 को गिरफ्तार किया गया.

    गिरफ्तारी के दौरान जियोवन्नी की उम्र 53 साल थी. बताया जाता है कि जियोवन्नी इस शख्स का असली नाम नहीं था. पुलिस हिरासत में भी उसने नाम बदल चकमा देने का प्रयास किया. पुलिस पूछताछ में उसने अपना नाम निकोलई पेरुस्कोव बताया था. साथ ही बताया कि वह इटली के सिसिली का रहने वाला था और 3 अप्रैल 1929 में उसका जन्म हुआ था. लेकिन यह सब कुछ गलत था. असल खुलासा वकील ने लिया. वकील ने बताया कि वह फ्रेड जिप है, जिसका जन्म 3 अप्रैल 1936 में न्यूयॉर्क में हुआ था. कोर्ट ने विगलियोटो को 34 साल की सजा सुनाई और 336000 डॉलर का जुर्माना भी लगया. 1991 में ब्रेन हेमरेज के कारण उसका निधन हो गया. वह पिछले आठ साल से एरिजोना स्टेट जेल में कैद था.

  • क्या कुत्तों को सच में दिखाई देता है भूत! असली सच क्या है..?

    क्या कुत्तों को सच में दिखाई देता है भूत! असली सच क्या है..?

    क्या कुत्तों को सच में दिखाई देता है भूत! असली सच क्या है..?

    Ghosts: अक्सर हम ने सुना होगा कि कुत्ते भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों को देख और महसूस कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक, शास्त्रीय और तंत्र विद्या से जुड़ा रहस्य.

    सभी जानवरों में कुत्ते काफी तेज और वफादार होते हैं. कुत्ते कई ऐसी चीजें महसूस या देख सकते हैं, जो इंसान नहीं कर सकते हैं. माना जाता है कि कुत्तों को वो चीजें भी दिखाई देती हैं, जो इंसानी आंखों से देख पाना मुमकिन नहीं हैं.

    कहने का मतलब अदृश्य शक्तियां, जिसे कुत्ते या अन्य जानवर महसूस कर या देख सकते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य क्या है?

    कुत्ते भूत देख सकते हैं या नहीं, इस सवाल का असल जवाब अभी तक नहीं मिला है. एक तरफ जहां वैज्ञानिक भूतों की थ्योरी को नकारते हुए आए हैं. वहीं दूसरी तरफ शास्त्रीय ग्रंथ और पुराणों में भूतों का जिक्र देखने को मिलता है.

    शास्त्रीय दृष्टिकोण क्या कहता है?

    मनुस्मृति और पुराणों के अनुसार पशु-पक्षियों की इंद्रियां मनुष्य से कई गुना संवेदनशील होती हैं. वे उन सूक्ष्म से सूक्ष्म तरंगों और ऊर्जाओं को भी महसूस कर सकते हैं, जिन्हें साधारण मनुष्य के लिए समझ पाना आसान काम नहीं है.

    गरुड़ पुराण के मुताबिक मृत्यु के बाद आत्मा सूक्ष्म शरीर में रहती है, जिसे इंसानी आंखों से देख पाना आसान नहीं है, लेकिन जानवरों में कुत्ते इस महसूस कर सकते हैं.

    यजुर्वेद में कुत्तों को रक्षक बताया गया है. कुत्ते हमारी रक्षा केवल भौतिक ही नहीं बल्कि अदृश्य ऊर्जाओं से भी करते हैं.

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुत्तों को रात के समय अदृश्य शक्तियां और पितृ दिखाई देते हैं.

    कीवदंतियों के अनुसार कुत्तों को रात के समय अक्सर नकारात्मक शक्तियां दिखाई देती है. कई बार ये अदृश्य शक्तियां कुत्तों के आर-पार भी हो जाती है. जिससे भयभीत होकर कुत्ते भोकना या रोना शुरू कर देते हैं.

    धार्मिक मान्यताएं क्या कहती हैं?

    महाभारत में युधिष्ठर की स्वर्ग यात्रा के दौरान उनके साथ एक कुत्ता भी था. वह कुत्ता असल में धर्मराज यम का ही रूप माना जाता है. इससे कुत्तों का संबंध परलोक और अदृश्य शक्तियों से जोड़कर देखे जाने लगा.

    शिव पुराण के मुताबिक कुत्ते अक्सर श्मशान और तंत्र-साधना स्थलों के पास ज्यादातर देखे जाते हैं, क्योंकि कुत्ते वहां की अदृश्य शक्तियों को महसूस कर सकते हैं.

    तंत्र विद्या से जुड़ी मान्याताएं

    तंत्र शास्त्र के मुताबिक कुत्ते सुक्ष्म जगत से जुड़े द्वारपाल माने जाते हैं.

    हिंदू धर्म में काल भैरव का वाहन कुत्ता होता है. भैरव देव के वाहन के रूप में कुत्ता अदृश्य और नकारात्मक शक्तियों को देख पाने में सक्षम होता है.

    कई तांत्रिक परंपराओं में यह माना जाता है कि यदि किसी स्थान पर कोई कुत्ता लगातार भौंकता या रो रहा है तो इसका मतलब वहां पर नकारात्मक आत्माएं और भूत-प्रेत की उपस्थिति हो सकती है.

    अघोर तंत्र के मुताबिक कुत्ता आत्माओं की चाल और ऊर्जा को सूंघकर पहचानने में सक्षम होता है.

    हिंदू शास्त्रों, पुराणों और तंत्र विद्या तीनों के मुताबिक कुत्तों में अदृश्य शक्तियां देखने की क्षमता होती है. धार्मिक दृष्टिकोण से कुत्तों को भूत-प्रेत और परलोक से जोड़कर देखा जाता है. जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसे कुत्तों की तीव्र इंद्रियों का प्रमुख कारण मानते हैं.

    Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि Satyareport.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

  • गर्लफ्रेंड को 10 मिनट तक किस करता रहा शख्स, अचानक कान में उठा तेज दर्द और चली गई सुनने की क्षमता!

    गर्लफ्रेंड को 10 मिनट तक किस करता रहा शख्स, अचानक कान में उठा तेज दर्द और चली गई सुनने की क्षमता!

    गर्लफ्रेंड को 10 मिनट तक किस करता रहा शख्स, अचानक कान में उठा तेज दर्द और चली गई सुनने की क्षमता!

    किसी से प्यार का इजहार करना आम बात है, लेकिन चीन से सामने आया एक मामला लोगों को हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड को करीब 10 मिनट तक किस करता रहा। इसी दौरान उसके कान में अचानक तेज दर्द हुआ और कुछ ही समय बाद उसे सुनाई देना लगभग बंद हो गया।

    घटना के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके कान के पर्दे (eardrum) में छेद होने की बात बताई। यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में काफी चर्चा में रहा था।

    डेट पर गर्लफ्रेंड को कर रहा था किस

    रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना चीन के पूर्वी हिस्से के झेजियांग प्रांत में हुई थी। युवक अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डेट पर गया था।

    दोनों एक-दूसरे को किस कर रहे थे। इसी दौरान युवक को अपने कान में तेज दर्द महसूस हुआ। इसके बाद उसके कान में एक अजीब आवाज सुनाई दी और धीरे-धीरे उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित होने लगी।

    स्थिति बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया।

    डॉक्टरों ने बताई कान के पर्दे में छेद की वजह

    अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि युवक के कान के पर्दे में छेद हो गया था।

    कान का पर्दा बेहद नाजुक झिल्ली होती है, जो कान में आने वाली ध्वनि के कंपन को आगे पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके क्षतिग्रस्त होने पर सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

    रिपोर्ट में डॉक्टरों के हवाले से बताया गया कि बहुत जोरदार तरीके से किस करने के दौरान पैदा होने वाला दबाव कान पर असर डाल सकता है।

    हालांकि, किसी व्यक्ति के किस करने मात्र से कान का पर्दा फट जाना आम घटना नहीं है। कान में दर्द या अचानक सुनाई कम देने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

    अचानक कैसे बंद हो गई सुनाई देना?

    रिपोर्ट के अनुसार, युवक को किस करते समय पहले कान में तेज दर्द महसूस हुआ। इसके बाद उसकी सुनने की क्षमता कम होने लगी।

    कान के पर्दे में चोट या छेद होने पर कान में दर्द, सुनने में कमी, कान से आवाज आना या अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।

    इसी वजह से युवक को डॉक्टरों ने आराम करने और कान को ठीक होने का समय देने की सलाह दी।

    पूरी तरह ठीक होने में लग सकते हैं कई सप्ताह

    मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि डॉक्टरों ने युवक को पूरी तरह ठीक होने में करीब दो महीने तक का समय लगने की बात बताई थी।

    कान के पर्दे की चोट कितनी गंभीर है, इसके आधार पर ठीक होने में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है। कुछ मामलों में पर्दा अपने आप भी ठीक हो सकता है, जबकि गंभीर चोट में विशेषज्ञ उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

    क्या किस करने से कोई भी व्यक्ति बहरा हो सकता है?

    इस घटना का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सामान्य किस करने से व्यक्ति बहरा हो जाएगा।

    किसिंग के दौरान कान के पर्दे को नुकसान पहुंचना बेहद असामान्य स्थिति है। इस मामले में भी मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे एक असामान्य घटना के तौर पर ही पेश किया था।

    कान की संरचना और चोट की स्थिति के आधार पर डॉक्टर ही यह बता सकते हैं कि सुनने की समस्या किस वजह से हुई।

    पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

    रिपोर्ट्स में इससे पहले भी चीन में किस करने के बाद सुनने की क्षमता प्रभावित होने का एक मामला सामने आने का उल्लेख किया गया था।

    इसी तरह के पुराने मामलों की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन ये बेहद दुर्लभ घटनाएं हैं। इन्हें सामान्य किसिंग के साथ होने वाली समस्या नहीं माना जा सकता।

    कान में तेज दर्द या अचानक सुनाई कम दे तो क्या करें?

    अगर किसी व्यक्ति को अचानक कान में तेज दर्द हो, कान से आवाज आने लगे या सुनने की क्षमता कम हो जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    ऐसी स्थिति में कान में खुद से कोई वस्तु डालने, दवा या तेल डालने या कान को जोर से साफ करने से बचना चाहिए। ENT विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

    इस घटना से क्या सीख मिलती है?

    चीन का यह मामला भले ही सोशल मीडिया पर मजेदार या चौंकाने वाली खबर के तौर पर वायरल हुआ हो, लेकिन इसके पीछे कान की संवेदनशील संरचना को समझना जरूरी है।

    कान का पर्दा बहुत नाजुक होता है और किसी भी तरह की चोट या अचानक दबाव से उसे नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, किस करने से कान का पर्दा फट जाना बेहद दुर्लभ है और इसे सामान्य घटना नहीं माना जाना चाहिए।

    इसलिए अगर कान में अचानक दर्द या सुनने की क्षमता में कमी महसूस हो, तो सोशल मीडिया के घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य चिकित्सकीय जानकारी पर आधारित है। कान से जुड़ी किसी समस्या, दर्द या अचानक सुनाई कम देने की स्थिति में योग्य ENT विशेषज्ञ से जांच और सलाह लेना जरूरी है।

  • डॉक्टरों ने कर दिया था मृत घोषित, 24 मिनट बाद जिंदा हो गई मह‍िला, जानें पूरा मामला..

    डॉक्टरों ने कर दिया था मृत घोषित, 24 मिनट बाद जिंदा हो गई मह‍िला, जानें पूरा मामला..

    डॉक्टरों ने कर दिया था मृत घोषित, 24 मिनट बाद जिंदा हो गई मह‍िला, जानें पूरा मामला..

    Lauren Canaday Viral Story: अमेरिका में एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया जहां एक महिला मृत घोषित किए जाने के 24 मिनट बाद फिर से जिंदा हो गई. अब वह अपनी कहानी खुद साझा कर रही है.

    Viral News: हम सबने यही सुना है कि मरने के बाद कोई जिंदा नहीं लौटता. अमेरिका में एक महिला ने मरने के बाद ज‍िंदा होकर इस कथन को गलत साब‍ित कर द‍िया है. दिलचस्प और हैरान करने वाली बात तो यह है क‍ि मह‍िला अब मौत के बाद के अनुभव को खुद बयान भी कर रही है. दावा है कि महिला की दिल की धड़कन बंद हो जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था लेकिन अपनी मौत के 24 मिनट बाद उसने फिर से जिंदा होकर सबको चौंका द‍िया है.

    मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेन कैनाडे नाम की एक मह‍िला ने सोशल मीडिया साइट रेडिट पर अपनी कहानी शेयर की है. महिला ने कहा कि पिछले फरवरी में मुझे घर पर अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ था. मेरे पति ने 911 पर कॉल किया और सीपीआर देना शुरू किया. डॉक्‍टर आए और मुझे मृत घोषित कर दिया लेकिन करीब 24 मिनट के बाद मैं फ‍िर जिंदा हो गई.

    चार मिनट तक पति ने दिया सीपीआर

    महिला ने बताया कि उस वक्‍त मेरे साथ क्‍या-क्‍या हुआ, मुझे सब कुछ साफ और अच्‍छे तरीके से याद है. कार्डियक अरेस्ट के बाद मेरे पति ने 4 मिनट तक मुझे सीपीआर दिया. मेरे आसपास अफरा- तफरी मची हुई थी. आनन-फानन में मुझे अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान मैं कोमा में चली गई थी. 2 दिन तक कोमा में रही. जब मैं उठी तो बहुत उलझन में थी. कई दिनों तक मुझे पुरानी चीजें याद नहीं थीं. आईसीयू में मेरे साथ क्‍या-क्‍या हुआ कुछ नहीं पता.

    दिलचस्प है पूरा मामला

    महिला ने बताया कि उसे मरने के बाद भी सब कुछ दिख रहा था. उसमें अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर्स भी शामिल थे जिनको उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था. न्यूयॉर्क पोस्ट ने कहा कि कैनाडे का मामला दिलचस्प इसलिए है क्योंकि इस तरह के मामले में अधिकांश लोग लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं. 1982 और 2018 के बीच दर्ज किए गए 65 मामलों में से केवल 18 लोग ही पूरी तरह ठीक हो पाए.

  • तीन कुत्ते और तीन इंसान…इस पूरे देश में सिर्फ इतने ही लोग रहते हैं.?

    तीन कुत्ते और तीन इंसान…इस पूरे देश में सिर्फ इतने ही लोग रहते हैं.?

    तीन कुत्ते और तीन इंसान…इस पूरे देश में सिर्फ इतने ही लोग रहते हैं.?

    ये माइक्रोनेशन मोलोसिया 11 एकड़ में बसा है. इसे ग्रैंड रिपब्लिक ऑफ गोल्डस्टीन भी कहते हैं. इसकी स्थापना 1977 में हुई थी. मौजूदा समय में यहां सिर्फ तीन कुत्ते और तीन इंसान ही रहते हैं.

    पूरी दुनिया में इस वक्त 225 देश हैं. कोई देश बहुत बड़ा है तो कोई बहुत छोटा. किसी देश में अरबों लोग रहते हैं तो कुछ देशों में महज़ कुछ हजार या लाख लोग रहते हैं. हालांकि, हम जिस देश की बात कर रहे हैं वहां इस वक्त मात्र तीन कुत्ते और तीन इंसान ही रहते हैं. चलिए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं.

    कहां है ये देश

    हम जिस देश की बात कर रहे हैं…वह वास्तव में एक देश तो नहीं है लेकिन आप इसे एक माइक्रोनेशन कह सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके पास अपनी नौसेना, नौसेना अकादमी, डाक सेवा, बैंक, अंतरिक्ष कार्यक्रम, रेलमार्ग और ऑनलाइन रेडियो स्टेशन है. ये देश संयुक्त राज्य अमेरिका के नेवादा में स्थित है.

    कितना बड़ा है ये देश

    ये माइक्रोनेशन 11 एकड़ में बसा है. इसे दुनिया ग्रैंड रिपब्लिक ऑफ गोल्डस्टीन या फिर मोलोसिया गणराज्य कहती है. इसकी स्थापना 1977 में हुई थी. इस देश की आबादी की बात करें तो ये मात्र 38 है. हालांकि, मौजूदा समय में यहां सिर्फ तीन कुत्ते और तीन इंसान ही रहते हैं. मोलोसिया गणराज्य भले अपने आप को देश कहता हो, लेकिन इसे अभी तक संयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त नहीं है.

    इस देश के राष्ट्रपति का नाम है केविन वॉघ. इस देश में जब आप पहुंचेंगे तो वहां आपको राष्ट्रपति केविन वॉघ के नाम के नीचे जो पूरा शीर्षक लिखा मिलेगा वो है- हिज़ एक्सिलेंसी ग्रैंड एडमिरल कर्नल डॉक्टर केविन बॉघ, मोलोसिया के राष्ट्रपति और रईस, राष्ट्र के रक्षक और लोगों के संरक्षक. वहीं इस देश में घूमने वाले लोगों को एक चीज का बहुत ख़याल रखना पड़ता है. दरअसल, इस देश में कैटफिश और प्याज बिल्कुल बैन है. यानी आप यहां ये दो चीजें ले कर नहीं जा सकते. अगर आपने ऐसा किया तो आपको जेल में डाल दिया जाएगा.

  • नोटों की गड्डी को खाना समझकर खा गया कुत्ता, एक झटके में हुआ लाखों का नुकसान..

    नोटों की गड्डी को खाना समझकर खा गया कुत्ता, एक झटके में हुआ लाखों का नुकसान..

    नोटों की गड्डी को खाना समझकर खा गया कुत्ता, एक झटके में हुआ लाखों का नुकसान..

    Dog Chews Lakh Of Cash: अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में एक कुत्ते ने मालिक को एक झटके में लाखों का नुकसान पहुंचाया है. कुत्ता नोटों की गड्डी को खाना समझकर खा गया है

    Viral News: अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कुत्ते ने मालिक को एक झटके में लाखों का नुकसान पहुंचाया है. दरअसल, पालतू कुत्ते ने नोटों की गड्डी (Dog eats cash USA) को खाना समझकर खा लिया है. जिससे कुत्ते के मालिक को लाखों का नुकसान हो गया.

    गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, पेंसिलवेनिया की रहने वाली 33 वर्षीय कैरी लॉ और उनके पार्टनर क्लेटन ने सेसिल नाम का सात साल का कुत्ता पाल रखा है. ये कपल अपने कुत्ते का बेहद ख्याल रखता है. लेकिन पिछले महीने इस कपल के साथ जो घटना हुई उससे ये दोनों सदमे में हैं. दरअसल, सेसिल ने पिछले महीने किसी काम के लिए अलग रखे गए पैसों के लिफाफे को खाना समझ खा लिया, जिससे कैरी लॉ को 4,000 डॉलर (3.32 लाख रुपये) का नुकसान एक झटके में हो गया.

    किचन में रखे थे पैसे

    गार्जियन से बात करते हुए कैरी ने कहा कि रुपये घर के किचन में बने काउंटर पर रखे हुए थे. हमने कभी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि ऐसा हो सकता है. ये यह सबकुछ आधे घंटे के अंदर हुआ. कैरी ने घटना को लेकर बताया कि अचानक क्लेटन ने चिल्लाते हुए कहा कि सेसिल ने रुपये खा लिए. ये सुनकर पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन जब मैंने जाकर अपनी आंखों से देखा तो मैं हैरान रह गई.

     

     

     

     

    कैरी में बताया कि यह पैसे हमने जरुरी काम के लिए रखा था लेकिन जब सेसिल उन्हें खा गया तो हमें कुछ सूझ नहीं रहा था. ऐसे में हमने कुत्ते से उल्टी कराने की कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. हमने घण्टों उसके मल का इंतजार किया लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ. जिसके बाद उसे दिखाने के लिए डॉक्टर को बुलाया गया. डॉक्टर ने बताया कि ‘वह बिल्कुल ठीक है. कैरी ने बताया कि सेसिल आमतौर पर अच्छा व्यवहार करता है, लेकिन इस घटना ने करारा झटका दिया है.

  • “मैं इन्हीं के साथ रहूंगी…” 3 महीने की शादी के बाद प्रेमी के पास पहुंची नवविवाहिता, पंचायत में हुआ ऐसा फैसला कि गांव में मच गया हंगामा.

    “मैं इन्हीं के साथ रहूंगी…” 3 महीने की शादी के बाद प्रेमी के पास पहुंची नवविवाहिता, पंचायत में हुआ ऐसा फैसला कि गांव में मच गया हंगामा.

    “मैं इन्हीं के साथ रहूंगी…” 3 महीने की शादी के बाद प्रेमी के पास पहुंची नवविवाहिता, पंचायत में हुआ ऐसा फैसला कि गांव में मच गया हंगामा.

    उत्तर प्रदेश के जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। शादी को अभी महज तीन महीने ही हुए थे, लेकिन नवविवाहिता ने अपने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। महिला का कहना था कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। मामला जब गांव की पंचायत तक पहुंचा तो वहां ऐसा फैसला सुनाया गया, जिसे सुनकर कई लोग हैरान रह गए।

    बताया जा रहा है कि मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला की शादी कुछ महीने पहले हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन बाद में महिला के किसी दूसरे युवक के साथ संबंध होने की बात सामने आने लगी। जब पति को इस बारे में जानकारी मिली तो मामला परिवार से निकलकर गांव की पंचायत तक पहुंच गया।

    तीन महीने पहले हुई थी शादी

    जानकारी के मुताबिक, महिला की शादी करीब तीन महीने पहले हुई थी। शादी के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थी। इसी दौरान परिवार को उसके एक युवक के साथ संबंध होने की जानकारी मिली। पति को जब इस रिश्ते के बारे में पता चला तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।

    मामला इतना बढ़ा कि परिवार के लोगों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत बुलाने का फैसला किया गया। पंचायत में महिला से उसके पति के साथ रहने को लेकर बात की गई, लेकिन महिला अपने फैसले पर कायम रही।

    उसने कथित तौर पर साफ कर दिया कि वह पति के साथ नहीं, बल्कि अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है।

    पंचायत में जुटे सैकड़ों लोग

    मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। महिला और उसके पति के पक्ष को सुना गया। बताया जा रहा है कि पंचायत में महिला ने अपनी इच्छा दोहराते हुए प्रेमी के साथ रहने की बात कही।

    पति की ओर से भी पत्नी से अलग होने की इच्छा जताई गई। इसके बाद पंचायत में मौजूद लोगों के बीच इस रिश्ते को लेकर चर्चा हुई।

    मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका भी सामने आई। बताया गया कि पंचायत के दौरान एक पंचनामा तैयार किया गया और ग्राम प्रधान के लेटरहेड पर एक प्रमाणपत्र भी जारी किया गया।

    पंचायत ने दे दी प्रेमी के साथ रहने की इजाजत

    सबसे ज्यादा चर्चा पंचायत के फैसले को लेकर हो रही है। ग्राम प्रधान के मुताबिक, महिला और उसका प्रेमी दोनों एक-दूसरे के साथ रहना चाहते थे। ऐसे में पंचायत ने उनके फैसले को स्वीकार करते हुए महिला को प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दे दी।

    इसके बाद पंचायत में मौजूद लोगों से दस्तखत भी कराए गए। महिला को उसके परिजनों के साथ वहां से विदा कर दिया गया।

    इस फैसले के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे महिला की अपनी जिंदगी को लेकर लिया गया फैसला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने पंचायत के इस तरह के फैसले पर सवाल भी उठाए।

    पति-पत्नी के रिश्ते पर उठे सवाल

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शादी के महज तीन महीने बाद ही महिला ने पति के साथ रहने से इनकार क्यों कर दिया। हालांकि, महिला के प्रेम संबंध की बात सामने आने के बाद विवाद बढ़ा था, लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आ सकती हैं।

    स्थानीय स्तर पर पंचायत ने मामले को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिश की, लेकिन पंचायत के फैसले को लेकर कानूनी स्थिति अलग हो सकती है। किसी विवाह को खत्म करने या वैवाहिक रिश्ते से जुड़े अधिकारों का फैसला केवल पंचायत के स्तर पर नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने गांव में नई बहस छेड़ दी है। तीन महीने पहले हुई शादी, प्रेम संबंध का खुलासा और फिर पंचायत में महिला का अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद—इन सबने इस मामले को इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।

  • 6 फीट 10 इंच की महिला को देखते ही घूरने लगते हैं लोग, लव लाइफ पर पूछते हैं ऐसे सवाल कि हो जाती हैं परेशान.

    6 फीट 10 इंच की महिला को देखते ही घूरने लगते हैं लोग, लव लाइफ पर पूछते हैं ऐसे सवाल कि हो जाती हैं परेशान.

    6 फीट 10 इंच की महिला को देखते ही घूरने लगते हैं लोग, लव लाइफ पर पूछते हैं ऐसे सवाल कि हो जाती हैं परेशान.

    आम जिंदगी में अगर कोई महिला बाकी लोगों से काफी ज्यादा लंबी हो, तो लोगों की नजर उस पर जाना स्वाभाविक है। लेकिन अमेरिका की 6 फीट 10 इंच यानी करीब 208 सेंटीमीटर लंबी नैंसी मुल्की के लिए लोगों की यह दिलचस्पी कई बार परेशानी का कारण बन जाती है। उनकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि वह जहां भी जाती हैं, लोग उन्हें देखने लगते हैं और कई बार बिना झिझक उनकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल भी पूछ बैठते हैं।

    नैंसी अमेरिका के टेक्सास की रहने वाली हैं और बास्केटबॉल से जुड़ी रही हैं। वह खिलाड़ी के तौर पर भी खेल चुकी हैं और अब कोचिंग करती हैं। उनकी असाधारण लंबाई की वजह से सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी पहचान बन चुकी है।

    सबसे ज्यादा परेशान करता है लोगों का एक सवाल

    नैंसी ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अजनबी लोग अक्सर उनकी लंबाई देखकर सवालों की झड़ी लगा देते हैं। इनमें सबसे आम सवाल होता है कि उनके माता-पिता कितने लंबे हैं।

    इसके बाद लोग उनके भाई-बहनों की लंबाई, बचपन में उनकी हाइट कितनी थी और उनके जूतों का साइज क्या है, जैसी बातें भी पूछने लगते हैं। नैंसी के मुताबिक, कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे सामने वाला उनकी जिंदगी की पूरी जेनेटिक्स रिपोर्ट जानना चाहता हो।

    उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोगों की जिज्ञासा समझ में आती है, लेकिन बार-बार एक जैसे सवाल सुनना काफी थका देने वाला होता है।

    लव लाइफ पर भी नहीं बचते सवाल

    नैंसी के लिए सिर्फ उनकी लंबाई ही चर्चा का विषय नहीं है। लोग उनकी डेटिंग और लव लाइफ को लेकर भी कई तरह के सवाल करते हैं।

    कई लोग उनसे पूछते हैं कि इतनी लंबी होने के कारण डेटिंग में परेशानी होती है या नहीं। कुछ लोग यह भी जानना चाहते हैं कि उन्हें अपने से छोटे पुरुष पसंद हैं या लंबे।

    नैंसी ने बताया कि वह ऐसे कई पुरुषों से मिल चुकी हैं जिनकी लंबाई उनसे कम थी, लेकिन उनका आत्मविश्वास काफी ज्यादा था। उनके मुताबिक, सिर्फ कद किसी इंसान की पूरी पर्सनैलिटी तय नहीं करता।

    ‘कद नहीं, पर्सनैलिटी भी मायने रखती है’

    नैंसी का मानना है कि जेनेटिक्स को इंसान बदल नहीं सकता, लेकिन अपने व्यवहार, आत्मविश्वास, ड्रेसिंग और पर्सनैलिटी पर काम जरूर कर सकता है।

    उनका कहना है कि कई बार मजबूत व्यक्तित्व और आत्मविश्वास लंबाई के अंतर को भी पीछे छोड़ देता है। इसलिए किसी व्यक्ति को सिर्फ उसकी हाइट देखकर आंकना सही नहीं है।

    बास्केटबॉल में फायदा, रोजमर्रा की जिंदगी में चुनौती

    नैंसी की लंबाई उनके खेल करियर में काफी फायदेमंद रही है। वह पहले WNBA की लास वेगास एसेस टीम के लिए खेल चुकी हैं और अब टेक्सास A&M एगीज महिला बास्केटबॉल प्रोग्राम से कोच के तौर पर जुड़ी हैं।

    हालांकि, रोजमर्रा की जिंदगी में इतनी लंबी हाइट कई मुश्किलें भी पैदा करती है। कपड़े सही साइज के मिलना, कार में आराम से बैठना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर चलना उनके लिए आम लोगों से अलग अनुभव है।

    सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी लंबाई उन्हें आसानी से भीड़ में अलग पहचान देती है। लोग कई बार उन्हें लगातार घूरते रहते हैं। कभी-कभी उन्हें यह दिलचस्प लगता है, लेकिन कई मौकों पर यही चीज उन्हें असहज भी कर देती है।

    नैंसी की कहानी यह दिखाती है कि किसी की अलग पहचान उसे मशहूर तो बना सकती है, लेकिन उसके साथ रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी चुनौतियां भी आती हैं जिन्हें बाहर से देखने वाला व्यक्ति शायद समझ ही नहीं पाता।

  • शादी से सिर्फ 4 दिन पहले प्रेमी संग घर से निकल गई रचना, मंडप की तैयारियों के बीच मचा हड़कंप; बचपन के प्यार के सामने परिवार ने तय कर दी थी दूसरी शादी..​​​​​​

    शादी से सिर्फ 4 दिन पहले प्रेमी संग घर से निकल गई रचना, मंडप की तैयारियों के बीच मचा हड़कंप; बचपन के प्यार के सामने परिवार ने तय कर दी थी दूसरी शादी..​​​​​​

    शादी से सिर्फ 4 दिन पहले प्रेमी संग घर से निकल गई रचना, मंडप की तैयारियों के बीच मचा हड़कंप; बचपन के प्यार के सामने परिवार ने तय कर दी थी दूसरी शादी..​​​​​​

    खजुराहो के पास बमीठा इलाके का एक छोटा-सा गांव। फरवरी की ठंडी सुबहें थीं और भैरो पटेल के घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। आंगन में रिश्तेदारों की आवाजाही थी, घर की महिलाएं रस्मों की तैयारी में जुटी थीं और हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी—11 फरवरी को रचना की शादी है।

    18 साल की रचना की शादी पास के गांव हीरापुर में तय हुई थी। परिवार अपनी हैसियत के मुताबिक शादी की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता था। कपड़े आ चुके थे, मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था और घर में शादी से पहले होने वाली रस्मों की तैयारी चल रही थी।

    लेकिन इसी घर में एक ऐसी कहानी भी पल रही थी, जिसकी भनक परिवार को शायद पूरी तरह नहीं थी।

    रचना बचपन से ही नीरज को जानती थी। दोनों एक ही इलाके के रहने वाले थे। बचपन की दोस्ती कब एक-दूसरे के लिए गहरी भावनाओं में बदल गई, शायद उन्हें भी पता नहीं चला। समय बीतता गया और दोनों का रिश्ता मजबूत होता गया।

    रचना के लिए नीरज कोई अचानक आया हुआ रिश्ता नहीं था। वह उसके बचपन का साथी था, जिसे वह लंबे समय से जानती और समझती थी।

    लेकिन परिवार ने रचना के लिए किसी और को चुन लिया था।

    घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, मगर रचना के मन में कुछ और ही उथल-पुथल थी। एक तरफ परिवार की इच्छा थी, दूसरी तरफ वह रिश्ता था, जो उसके साथ बचपन से चला आ रहा था।

    शादी में अब सिर्फ चार दिन बाकी थे।

    घर में महिलाएं ‘छई माटी’ की रस्म की तैयारी कर रही थीं। बुंदेलखंड के गांवों में यह रस्म शादी से पहले बड़े उत्साह से निभाई जाती है। महिलाएं खेत से मिट्टी लेने जाती हैं, गीत गाती हैं और आने वाली शादी के लिए पूजा-पाठ करती हैं।

    भैरो पटेल के घर में भी ऐसा ही माहौल था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस बेटी की शादी के गीत गाए जा रहे हैं, वह कुछ ही घंटों बाद घर में नहीं होगी।

    फिर अचानक रचना गायब हो गई।

    पहले परिवार को लगा कि वह किसी रिश्तेदार या पड़ोसी के यहां गई होगी। लेकिन जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो घरवालों ने तलाश शुरू की। रिश्तेदारों से पूछा गया, आसपास के घरों में खोजा गया और गांव में भी खबर भेजी गई।

    तभी परिवार को पता चला कि रचना नीरज के साथ घर से चली गई है।

    यह खबर मिलते ही शादी वाले घर का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां कुछ देर पहले तक हंसी-खुशी और रस्मों की बातें हो रही थीं, वहां अब घबराहट और तनाव था। शादी की तैयारियां रुक गईं और परिवार बेटी की तलाश में जुट गया।

    गांव में भी यह बात तेजी से फैल गई कि रचना अपनी शादी से सिर्फ चार दिन पहले बचपन के प्रेमी के साथ चली गई है।

    लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कोई इसे परिवार की इज्जत से जोड़कर देख रहा था, तो कोई कह रहा था कि रचना ने अपने पुराने प्यार को चुना है।

    लेकिन इस कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगर रचना और नीरज एक-दूसरे से प्यार करते थे, तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? और अगर जानकारी थी, तो रचना की शादी किसी और जगह क्यों तय की गई?

    भैरो पटेल अपनी बेटी की शादी ऐसे परिवार में करना चाहते थे, जिसे वे अपनी हैसियत और सामाजिक स्थिति के मुताबिक मानते थे। उनके लिए यह शादी परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ी थी। दूसरी तरफ रचना के लिए यह उसके पूरे जीवन का फैसला था।

    शायद यही वजह थी कि उसने आखिरी समय में वह कदम उठाया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

    रचना के घर से जाने के बाद परिवार के सामने सिर्फ बेटी को ढूंढने की चिंता नहीं थी। शादी की तारीख नजदीक थी, रिश्तेदार घर पर थे और गांव में हर कोई इस घटना की चर्चा कर रहा था।

    जिस आंगन में बेटी की डोली उठने वाली थी, वहां अब सन्नाटा पसरा था।

    रचना और नीरज की कहानी को गांव में लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे थे। कुछ लोगों के लिए यह परिवार के खिलाफ उठाया गया कदम था, तो कुछ के लिए यह दो पुराने प्रेमियों का साथ रहने का फैसला।

    लेकिन सच यह था कि दोनों का रिश्ता अचानक नहीं बना था। वे बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। उनके बीच समय के साथ भरोसा और लगाव बढ़ा था। रचना के सामने जब दूसरी शादी का फैसला रखा गया, तो शायद उसे लगा कि अगर अब उसने कुछ नहीं किया, तो वह अपने पुराने रिश्ते को हमेशा के लिए खो देगी।

    और फिर शादी से चार दिन पहले उसने घर छोड़ दिया।

    इस घटना ने पूरे गांव को सोचने पर मजबूर कर दिया। क्या परिवारों को बच्चों की पसंद के बारे में समय रहते बात करनी चाहिए? क्या रचना अपनी बात परिवार के सामने खुलकर रख पाई थी? क्या सामाजिक दबाव ने दोनों को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया?

    इन सवालों के जवाब शायद उस समय किसी के पास नहीं थे।

    भैरो पटेल के घर में शादी की तैयारियां जिस उत्साह से शुरू हुई थीं, वह कुछ ही घंटों में चिंता में बदल गईं। रिश्तेदारों के बीच फुसफुसाहट शुरू हो गई। गांव के लोग घर के बाहर जमा होने लगे और हर कोई यही जानना चाहता था कि रचना कहां गई और अब आगे क्या होगा।

    एक तरफ परिवार बेटी को वापस लाने की कोशिश कर रहा था, दूसरी तरफ रचना अपने बचपन के प्यार के साथ चली गई थी।

    यह कहानी सिर्फ एक लड़की के घर से चले जाने की नहीं थी। यह उस टकराव की कहानी थी, जिसमें एक तरफ परिवार की उम्मीदें थीं और दूसरी तरफ दो लोगों का पुराना रिश्ता।

    रचना की शादी 11 फरवरी को होनी थी, लेकिन उससे चार दिन पहले ही उसने अपनी जिंदगी का रास्ता खुद चुन लिया।

    जिस घर में शादी के गीत गूंजने वाले थे, वहां अचानक सवालों और सन्नाटे ने जगह ले ली।

    और गांव में लंबे समय तक लोग यही कहते रहे—रचना ने शादी से भागकर सिर्फ एक घर नहीं छोड़ा, उसने अपने बचपन के प्यार को बचाने के लिए परिवार और समाज के सामने एक बड़ा फैसला रख दिया था।