Category: Bihar

  • पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    पहले मुजफ्फरपुर, फिर पटना… नाबालिग को एक शहर से दूसरे शहर भेजा, सेक्स रैकेट की शॉकिंग स्टोरी

    ये कहानी बिहार के मुजफ्फरपुर की है. यहां एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया. पुलिस तलाश में पटना पहुंची और जांच की. इस दौरान पूरे सेक्स रैकेट का नेटवर्क सामने आ गया. पुलिस ने पटना से लड़की को बरामद कर लिया. जांच में सामने आया कि लड़की को पहले मुजफ्फरपुर लाया गया, फिर पटना भेज दिया गया. पुलिस ने एक अन्य लड़की को भी बरामद किया है.

    मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग लड़की के अपहरण की जांच कर रही पुलिस को ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी. लड़की की तलाश में पुलिस मुजफ्फरपुर से पटना पहुंची और उसे बरामद कर लिया. तफ्तीश में सामने आया कि लड़की को एक शहर से दूसरे शहर भेजा गया और देह व्यापार में धकेले जाने की बात सामने आई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एक अन्य नाबालिग लड़की को भी बरामद किया गया है.

    मामला मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र का है. यहां लड़की के अपहरण को लेकर केस दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक, हरदिया में लगे मेले के दौरान एक व्यक्ति ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया था. इसके बाद वह लड़की को मुजफ्फरपुर लेकर आया.

    बलड़की के गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश मिश्रा के निर्देश पर टीम बनाई गई. इसमें कथैया थाना पुलिस को भी शामिल किया गया. टीम ने तलाश शुरू की और संभावित ठिकानों पर छापेमारी के साथ तकनीकी जांच भी शुरू की. जांच आगे बढ़ी तो लड़की के पटना में होने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र पहुंची. यहां पुलिस ने छापेमारी कर नाबालिग को बरामद कर लिया.

    पुलिस का कहना है कि लड़की से पूछताछ और जांच के दौरान कथित तौर पर सेक्स रैकेट से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई. शुरुआती जांच में आरोप है कि लड़की को मुजफ्फरपुर लाने के बाद देह व्यापार में धकेला गया और कुछ समय बाद उसे पटना भेज दिया गया. एसएसपी के मुताबिक, बरामद लड़की की हालत काफी खराब थी. उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया. मेडिकल जांच और जरूरी प्रक्रिया की जा रही है.

    पुलिस ने पटना में कार्रवाई के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें बिट्टू कुमार, शमिता कुमारी, सुजीत कुमार और मकान मालिक गिरिजा यादव शामिल हैं. इन आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की.

    यहां से अनीता कुमारी, आशीष कुमार और भूषण झा को गिरफ्तार किया गया. इस तरह इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और नाबालिगों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने में किस-किस की भूमिका थी. जांच के दौरान पुलिस को एक और नाबालिग लड़की के बारे में जानकारी मिली. छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया.

    पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि अपहृत बच्ची के गांव की रहने वाली एक महिला और उसका पति कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. उनकी भूमिका की जांच की जा रही है. एसएसपी कांतेश मिश्रा के मुताबिक, पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालक की पहचान करने में जुटी है. इसके साथ ही गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस एक फरार मकान मालिक की तलाश भी कर रही है. जांच में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी.

  • अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    अब बांका में​​​​​​​ लड़की के साथ छेड़छाड़, बिहार मेें तीसरी घटना.

    बिहार के बांका में टूरिस्ट साइट पर एक महिला से छेड़छाड़ और उसके दोस्त के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया है। राज्य में पिछले 1 हफ्ते में छेड़छाड़ की यह तीसरी घटना है। इससे पहले जमुई और समस्तीपुर में ऐसी ही घटनाएं सामने आई थीं।

    पुलिस के मुताबिक, बांका के मंदार हिल में हुई घटना के मामले में 6 युवकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई युवा महिला के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं और उसे चप्पलों से भी पीट रहे हैं। उनमें से एक उसे धमकी देता भी नजर आ रहा है।

    वीडियो बनाकर भी शेयर कियासमाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बौसनी पुलिस को 22 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारी मिली थी और उन्होंने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बाद में इसे मंदार हिल की घटना बताई। FIR में कहा गया है कि 6 युवाओं ने लड़की के साथ कथित तौर अश्लील हरकतें कीं। इस दौरान घटना का वीडियो बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया।

    पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे युवाओं और महिला की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। मंदार हिल के पास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस SHO पंकज कुमार झा ने बताया कि 6 अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

    समस्तीपुर मामले में 4 लोग गिरफ्तारइससे पहले बुधवार को पुलिस ने समस्तीपुर में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। वीडियो में दिख रहा था कि लोग लड़की के साथ छेड़छाड़ करते नजर आ रहे थे। एक युवक ने उसका हाथ पकड़ रखा था, जबकि वह छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। वीडियो में युवक लड़की के साथ अश्लील हरकत करते और इशारे करते हुए नजर आ रहे थे।

    जमुई छेड़छाड़ मामले में 6 गिरफ्तारजमुई की घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। 10वीं में पढ़ने वाली एक नाबालिग अपने नाबालिग दोस्त के साथ शनिवार को ट्यूशन के बाद छात्र जमुई के मडवा हिल गए। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की। आरोप है कि दोनों के साथ करीब एक घंटे तक छेड़छाड़ और मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी नंदन यादव भी है। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद उसे गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी।

  • फेसबुक की दोस्ती बनी ठगी का जाल, युवक से 10.67 लाख की साइबर ठगी..​​​​​​

    फेसबुक की दोस्ती बनी ठगी का जाल, युवक से 10.67 लाख की साइबर ठगी..​​​​​​

    बिहार के गया से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक को लाखों रुपये गंवाने पड़े। फेसबुक पर एक युवती से उसकी बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच भरोसा बढ़ा और इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने युवक को कथित तौर पर बड़े मुनाफे का लालच दिया।

    पीड़ित का आरोप है कि ‘पल्लवी अग्रवाल’ नाम की युवती ने उसे बिजनेस में निवेश करने और अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। बातों में आकर युवक ने अलग-अलग खातों में कुल 10.67 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम पहुंचने के बाद कथित तौर पर संपर्क टूट गया और युवती समेत आरोपी फरार हो गए।

    फेसबुक पर शुरू हुई थी बातचीत

    बताया जा रहा है कि गया के युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ी और युवती ने युवक के सामने बिजनेस से जुड़ा एक प्रस्ताव रखा। उसे बताया गया कि इस काम में पैसा लगाने पर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

    मुनाफे की उम्मीद में युवक कथित तौर पर आरोपी के बताए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजता रहा। उसे उम्मीद थी कि निवेश के बाद उसे रकम के साथ अच्छा रिटर्न मिलेगा।

    10.67 लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद टूटा संपर्क

    पीड़ित के मुताबिक, अलग-अलग लेनदेन के जरिए उसने कुल 10.67 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उसने अपने पैसे और मुनाफे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो कथित तौर पर दूसरी तरफ से जवाब मिलना बंद हो गया।

    काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं होने पर युवक को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई।

    साइबर पुलिस कर रही मामले की जांच

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया प्रोफाइल और पैसे ट्रांसफर किए गए खातों की जानकारी खंगाली जा सकती है।

    पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस ठगी के पीछे कौन लोग शामिल थे और ‘पल्लवी’ नाम से संपर्क करने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन था।

    सोशल मीडिया दोस्ती में बरतें सावधानी

    यह मामला एक बार फिर बताता है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। साइबर ठग अक्सर पहले बातचीत के जरिए भरोसा कायम करते हैं और इसके बाद निवेश, नौकरी, बिजनेस, लॉटरी या किसी अन्य फायदे का लालच देकर पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश करते हैं।

    किसी अनजान सोशल मीडिया संपर्क के कहने पर बैंक खाते में पैसे भेजने या निवेश करने से पहले उसकी पूरी जानकारी की पुष्टि करें। खासकर अगर कोई व्यक्ति जल्दी पैसा कमाने या निश्चित मुनाफे का दावा कर रहा है, तो ऐसे प्रस्ताव से सतर्क रहना चाहिए।

    नोट: यह खबर पीड़ित की शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

  • पटना में अश्लील वीडियो के काले कारोबार का भंडाफोड़, 1200 से ज्यादा वीडियो के नेटवर्क का ऐसे हुआ खुलासा..

    पटना में अश्लील वीडियो के काले कारोबार का भंडाफोड़, 1200 से ज्यादा वीडियो के नेटवर्क का ऐसे हुआ खुलासा..

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    Bihar Crime: पटना में साइबर अपराधियों के एक ऐसे काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। टेलीग्राम ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो की खरीद-बिक्री करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने एक कपड़ा दुकानदार को धर दबोचा है। आरोपित की पहचान पालीगंज थाना क्षेत्र के धरहरा निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो महज 20 से 30 रुपये के लालच में इस घिनौने दलदल में उतर गया था।

      साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दिल्ली स्थित नेशनल साइबर क्राइम यूनिट (CCUS) से पटना सीसीयूएस को एक संदिग्ध युवक के बारे में गुप्त सूचना और उसका लिंक प्राप्त हुआ था। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल जांच के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और पालीगंज के धरहरा इलाके में छापेमारी कर अशोक कुमार को रंगेहाथों दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वीडियो डाउनलोड, अपलोड और शेयर करने के लिए किया जाता था।

      पुलिसिया पूछताछ में आरोपी अशोक ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह शुरुआत में खुद पैसे देकर एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था, जिसके बाद उसे दूसरे सिंडिकेट ग्रुप्स में जोड़ दिया गया। इसी नेटवर्क के माध्यम से वह आपत्तिजनक वीडियो खरीदने और बेचने के काले कारोबार में लिप्त हो गया।

      आरोपी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड या शेयर करने के एवज में 20 से 30 रुपये वसूलता था।पूछताछ में आरोपी ने अब तक 1200 से अधिक ऐसे आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री करने की बात कबूल की है।वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए हमेशा नए ग्राहकों और खरीदारों की तलाश में रहता था और सैकड़ों वीडियो बेचकर काफी मुनाफा कमा चुका है।

      साइबर पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और डिजिटल वॉलेट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस अवैध धंधे से अब तक कुल कितनी दौलत कमाई है और वह कब से इस रैकेट से जुड़ा था। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट के पीछे कौन-से बड़े चेहरे और मास्टरमाइंड छिपे हैं, जिन्हें जल्द ही शिकंजे में लिया जाएगा।

    • फेसबुक पर दोस्ती, इश्क का जाल फिर …युवक बना शिकार..?

      फेसबुक पर दोस्ती, इश्क का जाल फिर …युवक बना शिकार..?

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      Patna Crime: पटना में रहकर नौकरी करने वाले गया निवासी एक युवक के साथ साइबर ठगी का सनसनीखेज और हैरतअंगेज मामला सामने आया है। साइबर शातिरों ने कथित तौर पर पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर प्यार का झांसा देकर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद उसे ऑनलाइन बिजनेस में मोटे मुनाफे का ख्वाब दिखाकर करीब 70 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर करा लिए। जब युवक ने अपने पैसे और कथित मुनाफे को वापस निकालना चाहा, तो उसके अकाउंट से निकासी पर रोक लगा दी गई। यहीं से उसे पूरे फर्जीवाड़े की बू आने लगी।

        बताया जा रहा है कि युवक की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। धीरे-धीरे बातचीत मैसेंजर से निकलकर व्हाट्सऐप तक पहुंच गई। युवती लगातार चैट और वीडियो कॉल के जरिए युवक के संपर्क में रही।समय के साथ बातचीत में कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं। युवती ने युवक के सामने प्रेम का इजहार किया और इस तरह उसके दिल और भरोसे दोनों में जगह बना ली। युवक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस रिश्ते को वह मोहब्बत समझ रहा है, उसके पीछे कथित तौर पर साइबर ठगों का पूरा खेल चल रहा है।

        भरोसा कायम होने के बाद युवती ने युवक को एक ऑनलाइन बिजनेस मॉडल के बारे में बताया। उसे कथित तौर पर समझाया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाकर कम समय में अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है।युवक को यकीन दिलाने के लिए उसे एक ऑनलाइन डैशबोर्ड भी दिखाया गया। इस डैशबोर्ड पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही थी। रकम बढ़ती देखकर युवक को भरोसा होने लगा कि उसका पैसा किसी फायदे वाले कारोबार में लगा है और जल्द ही उसे मोटा मुनाफा मिलने वाला है।यही भरोसा कथित साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बना।

        डैशबोर्ड पर बढ़ती रकम देखकर युवक ने कथित तौर पर अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शुरुआत में छोटी रकम से शुरू हुआ निवेश धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदलता गया।युवक को उम्मीद थी कि पर्याप्त पैसा जमा होने और मुनाफा बढ़ने के बाद वह एक साथ अपनी रकम निकाल लेगा। लेकिन देखते ही देखते उसके द्वारा ट्रांसफर की गई रकम करीब 70 लाख रुपये तक पहुंच गई।इस दौरान फर्जी प्लेटफॉर्म पर रकम बढ़ती हुई दिखाई देती रही, जिससे युवक को अपने निवेश के सही होने का भरोसा बना रहा।

        कथित ठगी का पर्दाफाश तब हुआ, जब युवक ने अपने निवेश और मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की। लेकिन अचानक विड्रॉल की सुविधा रोक दी गई। वह अपने ही पैसे निकालने में असमर्थ हो गया।इसके बाद युवक को एहसास हुआ कि जिस ऑनलाइन बिजनेस और मुनाफे का सपना उसे दिखाया जा रहा था, वह कथित तौर पर एक साइबर ठगी का जाल हो सकता है।फेसबुक पर दोस्ती, व्हाट्सऐप पर लगातार बातचीत, वीडियो कॉल के जरिए भरोसा कायम करना और फिर निवेश के नाम पर करोड़ों की जगह लाखों रुपये ट्रांसफर करवाना—पूरा घटनाक्रम साइबर ठगी के एक सुनियोजित पैटर्न की तरफ इशारा करता है।

        ऐसे कथित निवेश फर्जीवाड़े में पीड़ित को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा डैशबोर्ड दिखाया जाता है, जिसमें उसकी रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ नजर आता है। इससे उसे लगता है कि पैसा वास्तव में निवेश किया जा रहा है।लेकिन जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है तो विड्रॉल रोक दिया जाता है या अतिरिक्त शुल्क और दूसरी शर्तों का हवाला देकर उससे और पैसा मांगा जा सकता है।इस मामले में भी युवक के साथ कथित तौर पर इसी तरह का खेल होने की बात सामने आई है।

      • ‘हमने शादी कर ली है…’ सहेली संग घर से निकली लड़की, पुलिस ने स्टेशन पर पकड़ा तो खुला राज..?

        ‘हमने शादी कर ली है…’ सहेली संग घर से निकली लड़की, पुलिस ने स्टेशन पर पकड़ा तो खुला राज..?

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        बिहार की राजधानी पटना के कमला नेहरू नगर की रहने वाली दो छात्राओं के अचानक घर से चले जाने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. दोनों पड़ोसी हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं. 7 अगस्त को उनके गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी. जांच में दोनों की मौजूदगी खगड़िया में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया. पटना लाने के बाद पूछताछ में दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई.

        एक साथ घर से निकलीं दोनों छात्राएं

        दोनों लड़कियों की उम्र अलग है और इनमें एक 10वीं तथा दूसरी 12वीं कक्षा में पढ़ती है. परिवारों को उनके साथ निकलने की जानकारी मिलने पर चिंता बढ़ी. कोतवाली थाना पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की. जांच के दौरान दोनों के खगड़िया पहुंचने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर रेलवे स्टेशन से दोनों को सुरक्षित बरामद किया.

        खगड़िया में शादी की बात आई सामने

        पुलिस की पूछताछ में मामले का अलग पहलू सामने आया. दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी करने की इच्छा बताई. पुलिस के अनुसार, खगड़िया के एक मंदिर में दोनों के शादी करने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इस दावे की आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है. दोनों अलग अलग समुदायों से हैं, जबकि उनमें से एक बालिग और दूसरी नाबालिग बताई गई है.

        कोर्ट में पेश किए जा रहे बयान

        पटना पुलिस के एएसपी कानून व्यवस्था के अनुसार, दोनों को बरामद कर लिया गया है और अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया चल रही है. अब उनके बयान मामले में अहम होंगे. पुलिस यह भी पता कर रही है कि दोनों ने घर छोड़ने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया और पटना से खगड़िया तक कैसे पहुंचीं.

        परिवार के साथ जाने से इनकार

        पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दोनों छात्राओं ने अपने परिवार के साथ जाने की इच्छा नहीं जताई है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है. दोनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. पुलिस सभी परिस्थितियों की भी जांच कर रही है.

        जांच से खुलेंगे कई सवालों के जवाब

        मामले में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. दोनों ने घर छोड़ने का फैसला क्यों किया, उनके बीच संबंधों की प्रकृति क्या थी और मंदिर में शादी की बात कितनी सही है, यह जांच का हिस्सा है. दोनों की इच्छा और परिस्थितियों को समझने के लिए उनके बयान महत्वपूर्ण होंगे. अदालत के समक्ष होने वाली कार्रवाई से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

      • बिहार में 20 रुपये में बेचता था अश्लील वीडियो, टेलीग्राम से चला रहा था पूरा धंधा; ऐसे हुआ खुलासा ..

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        पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल वीडियो डाउनलोड करने, अपलोड करने और दूसरे लोगों के साथ शेयर करने के लिए किया जाता था. पूछताछ के दौरान आरोपी ने 1200 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री करने की बात स्वीकार की है.

        कब हुई कार्रवाई?

        साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष संगीता कुमारी के अनुसार, दिल्ली स्थित सीसीयूएस से पटना सीसीयूएस को एक युवक द्वारा आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड किए जाने की सूचना मिली थी.

        इसके साथ संबंधित लिंक भी पुलिस को भेजा गया था. सूचना मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. जांच के आधार पर पुलिस टीम ने पालीगंज के धरहरा इलाके में छापेमारी की और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया.

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        कहां से हुई इसकी शुरूआत?

        आरोप है कि वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड या शेयर करने के बदले भी उसे पैसे मिलते थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं.

        कितने वीडियो की हुई खरीद-बिक्री?

        पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अब तक 1200 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो की खरीद-बिक्री की बात स्वीकार की है. एक वीडियो अपलोड या शेयर करने पर उसे कथित तौर पर 20 से 30 रुपये मिलते थे. वीडियो की बिक्री से भी वह कमाई करता था.

        पुलिस उसके बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है. इसका उद्देश्य इस गतिविधि से हुई कुल कमाई और लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाना है.

        पुलिस ने क्या बताया?

        पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कब से इस गतिविधि में शामिल था और पटना के अलावा बिहार के दूसरे जिलों में इसका नेटवर्क कितना फैला हुआ है. जांच एजेंसियां इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही हैं.

        पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि कथित नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए अलग-अलग उम्र के लोगों को निशाना बनाने की कोशिश करता था. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

      • झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, पुलिस पहुंची तो क्लिनिक मिला बंद,डॉक्टर फरार..

        झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, पुलिस पहुंची तो क्लिनिक मिला बंद,डॉक्टर फरार..

        नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र में शराब की लत छुड़ाने के नाम पर चल रहे कथित इलाज के दौरान एक 17 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने एक झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और पैसे ऐंठने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर अपनी क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।मृतक की पहचान 17 वर्षीय प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। वह दिनेश पांडेय के पुत्र थे। परिवार मूल रूप से बिहारशरीफ के लिचरगंज का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल राजगीर की तुलसी गली में रह रहा है।

        मृतक के पिता दिनेश पांडेय के अनुसार, प्रिंस पिछले कुछ समय से नशे की लत से परेशान था। परिवार उसे इस आदत से बाहर निकालना चाहता था। इसी दौरान एक कथित दलाल के माध्यम से परिजनों को हिसुआ स्थित नौशाद आलम की क्लिनिक के बारे में जानकारी मिली। परिवार का दावा है कि वहां नशा मुक्ति का इलाज किए जाने की बात कही गई थी।परिजनों के मुताबिक, इलाज के नाम पर डॉक्टर ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। परिवार ने कथित तौर पर 40 हजार रुपये अग्रिम के रूप में दे दिए और प्रिंस को क्लिनिक में भर्ती करा दिया गया।

        परिवार का आरोप है कि क्लिनिक में इलाज के दौरान पिछले करीब तीन दिनों से प्रिंस को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद डॉक्टर की ओर से लगातार उसके ठीक होने का भरोसा दिया जाता रहा।रात में अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने कथित तौर पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए परिजनों को उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।परिजन प्रिंस को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

        घटना की सूचना मिलने के बाद हिसुआ थाना पुलिस भी सक्रिय हुई। थाना अध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस बल कथित क्लिनिक पर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो चुका था।पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिलेगी।

        परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के साथ-साथ पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।पुलिस फिलहाल फरार डॉक्टर और संबंधित क्लिनिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी डॉक्टर के पास इलाज करने की वैध योग्यता और जरूरी अनुमति थी या नहीं।17 वर्षीय युवक की मौत ने नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे कथित निजी इलाज केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि प्रिंस की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

      • मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

        मुजफ्फरपुर में मां ने बिस्किट में जहर देकर ली ढाई साल के बेटे की जान, पुलिस ने किया गिरफ्तार..

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        घटना गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है जब बच्चे के दादा-दादी काम पर निकले हुए थे। बच्चे के दादा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपित महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।

        पारिवारिक विवाद की बात

        आरोपित महिला की पहचान अखिलेश राम की 25 वर्षीय पत्नी आरती कुमारी के रूप में की गई है। बच्चे के दादा कैलाश राम के अनुसार उनके पुत्र अखिलेश की शादी सात वर्ष पूर्व सोढ़ना माधोपुर निवासी आरती से हुई थी।

        अखिलेश पंजाब में मजदूरी करता है और दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

        गाछी में दिया जहर

        परिजनों का कहना है कि महिला पंद्रह दिन पहले मायके गई थी और बुधवार को ही ससुराल लौटी थी। गुरुवार दोपहर वह घर से 200 मीटर दूर गाछी में बच्चे को लेकर गई और बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया।

        मासूम आर्यन की हालत बिगड़ने पर महिला के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंचे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

        एफएसएल टीम ने की जांच

        थानाध्यक्ष अंजलि कुमारी ने बताया कि घटनास्थल से जहर की शीशी और बिस्किट का पैकेट बरामद किया गया है। सूचना मिलने के बाद एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

        पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है जहां जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

      • बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

        बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

        बिहार में दो अलग-अलग धर्मों की छात्राओं ने मंदिर में रचाई समलैंगिक शादी.

        पटना: बिहार में दो लड़कियों ने समलैंगिक विवाह रचा ली। दोनों के बीच प्यार इस कदर था उन्होंने धार्मिक बंधनों को भी तो़ड़ दिया। दोनों ही लड़कियां दो अलग-अलग धर्मों की थीं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मंदिर में शादी रचा ली। पटना में अदालतगंज की दो छात्राओं ने तीन साल की दोस्ती के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और घर से भागकर खगड़िया पहुंच गईं। दोनों ने वहां मंदिर में शादी करने का दावा भी किया है। दोनों ही लड़कियों के घर से गायब होने पर परिजनों ने पटना के कोतवाली थाने में सात अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी।

        इसके बाद पुलिस दोनों को बरामद कर पटना ले आई। यहां पहुंचने के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे से अलग होने से मना कर दिया। दोनों ही लड़कियां परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं हुईं। एक लड़की 10वीं में तो दूसरी 12वीं में पढ़ती है। 10वीं की छात्रा के पिता सीआईडी में बताए जा रहे हैं। दोनों अलग-अलग धर्मों से हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों एक-दूसरे की पड़ोसी भी हैं। छात्राओं ने पुलिस को बताया है कि वे अपने रिश्ते को शादी का रूप देना चाहती थीं। इसीलिए 7 अगस्त को घर से निकल गईं। उनके पास 3500 रुपये थे। दोनों इसके बाद खगड़िया पहंच गईं। दोनों ने खगड़िया के ही एक मंदिर में शादी करने का दावा किया। इसके बाद दोनों होटल में ठहरीं थीं।

        कोतवाली थाने की महिला पुलिस पदाधिकारी पूनम कुमारी के नेतृत्व में टीम दोनों को खगड़िया स्टेशन के पास से बरामद किया। थानेदार अजय कुमार ने कहा कि एक के बालिग और दूसरी के नाबालिग होने की बात सामने आई है। दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। नाबालिग को रिमांड होम भेजने का आदेश मिला है। दूसरी बालिग है उसे अपने मर्जी से कहीं भी जाने को कहा गया है।

        बाल गृह के बच्चे चारपहिया से कोर्ट, अस्पताल जाएंगे
        इधर बिहार में समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को समय-समय पर अस्पताल या न्यायालय में पेशी के लिए ले जाने के लिए चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। अबतक ऑटो या रिक्शा या अन्य वाहनों से ले जाया जाता था। विभाग के संयुक्त सचिव सुशील कुमार ने बताया कि 40 विभिन्न गृहों को एक-एक चारपहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। सभी 40 गृहों के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से सातों दिन 24 घंटे चार पहिया वाहन की सुविधा मिलेगी। हरेक वाहन के लिए प्रति माह 75 हजार रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग ने एक वर्ष के लिए इसकी मंजूरी दी है। विभाग इस पर 3 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगा।