Category: Bihar

  • एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    एक महीने बाद मिला छात्र ईशांत का शव, हत्या कर 10 फीट नीचे जमीन में दफनाने का आरोप..

    बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर में बीते एक महीने से लापता छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की लाश देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ईशांत को मारकर जमीन में 10 फीट नीचे दफना दिया गया था। बीते 10 जून को ईशांत दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था, इसका बाद वह कभी वापस नहीं लौटा। परिजन बीते एक महीने से उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे। छात्र के पिता ने गांव के चार युवकों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार 8 जुलाई की रात को जेसीबी से खुदाई कर छात्र की लाश निकाली।

    ईशांत विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बंगराहा पंचायत का रहने वाला था। उसकी लाश बुधवार को बगल के लखनपुर गांव में कलना चौर से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे से बरामद की गई। 14 वर्षीय इशांत का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, बेटे की लाश देख परिजन की चीख पुकार निकल पड़ी, उसे सुन वहां मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े हो गए।

    सरेंडर कर चुके आनंदी ने उगले राज

    पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को पुलिस ने रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल बुधवार की रात कलना चौर पहुंचा। यहां जेसीबी मशीन से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कराई गई। कुछ देर बाद मिट्टी के भीतर से छात्र का शव प्लास्टिक से लिपटा बरामद हुआ।

    पहले हत्या, फिर जमीन में दफनाई लाश

    प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इशांत की हत्या के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था, ताकि घटना का कभी खुलासा ना हो सके।

    दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था छोटू

    बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय का बेटा ईशांत उर्फ छोटू 10 जून की शाम को दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था। वह उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी खोजबीन शुरू की। मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

    इसके बाद पिता ने विद्यापतिनगर थाने में बेटे की गुमशुदगी की सूचना दी। उन्होंने गांव के ही चार युवकों पर साजिश के आरोप लगाए थे। दिन बीतते गए, लेकिन छोटू का कोई पता नहीं चला। 12 जून को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने बंगराहा चौक जाम कर उग्र प्रदर्शन भी किया था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र की जल्द बरामदगी की मांग की।

    एसपी ने बनाई एसआईटी

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह खुद 19 जून को गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात कर जल्द मामले का खुलासा करने का भरोसा दिया। इसके बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से केस की जांच शुरू कराई थी। खोजी कुत्तों को भी घटनास्थल पर लाया गया।

    आनंदी ने भतीजे और अन्य के साथ की हत्या

    इसी बीच आनंदी सिंह नाम के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार रात जमीन में दफन ईशांत की लाश बरामद की।

    शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने कई महत्वपूर्ण नमूने इकट्ठा किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। मौके पर थानाध्यक्ष सूरज कुमार, अनुसंधानकर्ता सलीम रजा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

    10 जून को ही हो गई थी ईशांत की हत्या

    वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि रिमांड पर लिए गए आरोपी ने कड़ाई से हुई पूछताछ में कई खुलासे किए। आरोपी आनंदी सिंह ने बताया कि उसने अपने भतीजे रंजीत सिंह और अन्य के साथ मिलकर 10 जून को ही ईशांत की हत्या कर दी थी। फिर उसके शव को दफना दिया था। पुलिस के अनुसार ईशांत के शव पर गले में कटने के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या कैसे हुई, उसकी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।

    एक महीने से बेटे के लौटने की राह देख रही मां बेसुध

    बुधवार रात को जैसे ही ईशांत का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवीबड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस मां ने करीब एक महीने तक बेटे की वापसी के लिए दुआएं मांगी थीं, वह बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। गांव की महिलाओं की आंखें नम नजर आईं और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?

    ईशांत की हत्या क्यों की? पुलिस के खुलासे का इंतजार

    ईशांत की हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी गई है। शव बरामद होने के बाद पुलिस अब ईशांत की हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा। अगर इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया की अभी विंदुओं पर कारवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

  • बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    बरबीघा में सनसनी! रेलवे स्टेशन के पास खेत से नग्न शव बरामद, हत्या के एंगल से जांच.

    Bihar News: शेखपुरा जिले के बरबीघा में मंगलवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित एक खेत से एक अधेड़ व्यक्ति का नग्न शव बरामद हुआ। बरबीघा रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर पश्चिम खेत में पड़ी लाश मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

    जानकारी के अनुसार, नारायणपुर गांव के कुछ युवक सुबह टहलने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में नग्न अवस्था में पड़े एक शव पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और खबर आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 और बरबीघा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही बरबीघा थानाध्यक्ष गौरव कुमार तथा अंचल निरीक्षक ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और आसपास से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि मृतक थाना चौक के आसपास ठेले पर घूम-घूमकर नींबू बेचने का काम करता था। हालांकि वह किस गांव या जिले का रहने वाला था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है।थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जब तक मृतक की पहचान नहीं हो जाती, तब तक शव को अस्पताल में सुरक्षित रखा जाएगा।

    घटनास्थल से एक माला बरामद हुई है, लेकिन उसमें लगा सोने का लॉकेट गायब पाया गया है। इसी वजह से हत्या, लूटपाट या अन्य आपराधिक एंगल से भी पुलिस तहकीकात कर रही है। वहीं स्थानीय लोग अवैध संबंध सहित कई तरह की आशंकाएं जता रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

  • मुंबई से भागकर बिहार में छिपा था संदिग्ध आतंकी, पुलिस ने दबोचा; बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

    मुंबई से भागकर बिहार में छिपा था संदिग्ध आतंकी, पुलिस ने दबोचा; बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

    मुंबई से भागकर बिहार में छिपा था संदिग्ध आतंकी, पुलिस ने दबोचा; बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

    Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से कथित संबंध के संदेह में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तारापुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मोहम्मद सद्दाम के रूप में हुई है। 

    पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने दो साथियों के साथ मिलकर देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की कथित साजिस रच रहा था और उसके पास से एक तमंचा और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। तारापुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार देवेंद्र ने संवाददाताओं को बताया, “गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार शाम तारापुर क्षेत्र से मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि वह एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था और अपने दो साथियों के साथ मिलकर देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की कथित साजिश रच रहा था।” उन्होंने बताया कि यह भी संदेह है कि आरोपी का सीमा पार सक्रिय एक नेटवर्क से संपर्क था, जिसका संबंध ‘राना भाई’ नाम के व्यक्ति से बताया जा रहा है। 

    पहले मुंबई में रह रहा था आरोपी
    अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पहले मुंबई में रह रहा था और बाद में वहां से भागकर मुंगेर आ गया था। उन्होंने बताया, “अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी उससे पूछताछ कर रहे हैं। उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का भी विश्लेषण किया जा रहा है। उसके अन्य दो साथियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है।” 

  • 1 करोड़ के सोने का फर्जी सौदा पड़ा भारी, 19 लाख की लूट का मास्टरमाइंड पूर्व मुखिया गिरफ्तार..

    1 करोड़ के सोने का फर्जी सौदा पड़ा भारी, 19 लाख की लूट का मास्टरमाइंड पूर्व मुखिया गिरफ्तार..

    1 करोड़ के सोने का फर्जी सौदा पड़ा भारी, 19 लाख की लूट का मास्टरमाइंड पूर्व मुखिया गिरफ्तार..

    Bihar Crime: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में सस्ते सोने का लालच देकर उत्तर प्रदेश के एक स्वर्ण व्यवसायी से 19 लाख रुपये लूटने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे सात हजार रुपये के इनामी और साहेबगंज के माधोपुर हजारी पंचायत के पूर्व मुखिया अनिल राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अरेराज डीएसपी रवीं कुमार के नेतृत्व में गोविन्दगंज थाना पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान चलाकर की।

    पुलिस ने पूर्व मुखिया अनिल राय को उसके गांव माधोपुर हजारी से दबोच लिया। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने उसकी गिरफ्तारी पर सात हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच में वारदात की साजिश और लूटकांड में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के मुताबिक, साहेबगंज निवासी चंदन सिंह ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मूंगड़ा बादशाहपुर थाना क्षेत्र निवासी स्वर्ण व्यवसायी मोहन गुप्ता से संपर्क कर सस्ते दाम पर सोना बेचने का झांसा दिया था। दोनों के बीच करीब एक करोड़ रुपये के सोने का सौदा तय हुआ। इसके बाद मोहन गुप्ता अपने दो साथियों के साथ 19 लाख रुपये नकद लेकर अरेराज पहुंचे, जहां पहले से रची गई साजिश के तहत उन्हें रढ़िया गांव निवासी अमरेश पांडेय के घर ले जाया गया।

    आरोप है कि वहां पहुंचते ही बदमाशों ने व्यवसायी और उसके साथियों के साथ मारपीट की, 19 लाख रुपये नकद छीन लिए और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। घटना के बाद पीड़ित ने गोविन्दगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी।

    एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने पहले ही इस मामले में सुरेंद्र दास, अमरेश पांडेय और चंदन सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने लूटी गई रकम का हिस्सा और नकली सोने का बिस्कुट भी बरामद किया था।

    अब पूर्व मुखिया अनिल राय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे गिरोह की परतें खोलने में जुटी है। जांच में पांच अन्य अज्ञात आरोपितों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे लूटकांड में शामिल सभी आरोपितों को जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

  • 10 साल पुरानी इंटरकास्ट लव मैरिज का खौफनाक अंत, हत्या के बाद नदी की रेत में दफनाया शव..

    10 साल पुरानी इंटरकास्ट लव मैरिज का खौफनाक अंत, हत्या के बाद नदी की रेत में दफनाया शव..

    10 साल पुरानी इंटरकास्ट लव मैरिज का खौफनाक अंत, हत्या के बाद नदी की रेत में दफनाया शव..

    अंतरजातीय प्रेम विवाह के करीब 10 साल बाद एक महिला की कथित तौर पर हत्या कर उसके शव को नदी की बालू में दफना दिया गया।…

    Bihar Crime: नवादा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अंतरजातीय प्रेम विवाह के करीब 10 साल बाद एक महिला की कथित तौर पर हत्या कर उसके शव को नदी की बालू में दफना दिया गया। कई दिनों तक दफन रहा यह राज तब बेनकाब हुआ, जब कुत्ते शव को नोचते हुए आपस में लड़ने लगे। इस मंजर को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।

      मृतका की पहचान अकबरपुर थाना क्षेत्र के धोबघटी गांव निवासी 30 वर्षीय प्रमिला देवी के रूप में हुई है। उसका शव सिरदला थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर और राजन गांव के बीच धनारजय नदी की बालू में दबा मिला। स्थानीय लोगों ने जब कुत्तों को बालू खोदकर शव को नोचते देखा तो शक हुआ। पास जाकर बालू हटाई गई तो महिला का चेहरा दिखाई दिया। शव पूरी तरह सड़ चुका था और उससे तेज दुर्गंध उठ रही थी।जानकारी के अनुसार, प्रमिला देवी ने करीब 10 वर्ष पहले शंकर कुमार से प्रेम विवाह किया था। दोनों का एक बच्चा भी है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही प्रमिला को दहेज, पैसों की मांग और जाति को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाता था। उनका दावा है कि इसी जुल्म और प्रताड़ना के बाद उसकी हत्या कर दी गई और जुर्म छिपाने के लिए शव को नदी की बालू में दफना दिया गया।

      हैरानी की बात यह भी है कि हत्या के बाद आरोपी पति शंकर कुमार ने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वहीं, 4 जुलाई को मृतका के पिता उमेश बिंद को बेटी के लापता होने की जानकारी मिली। जब वे ससुराल पहुंचे तो बेटी का कोई सुराग नहीं मिला और आरोपी पति का मोबाइल भी बंद था।

      घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने के बाद शंकर कुमार समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और हर पहलू से मामले की तफ्तीश जारी है।

      इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मृतका के परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

    • वर्दी का झूठा रौब, ठगी का खेल! पंचर बनाने वाला फेसबुक पर बना ‘जवान’, शादी के नाम पर करता था ठगी..

      वर्दी का झूठा रौब, ठगी का खेल! पंचर बनाने वाला फेसबुक पर बना ‘जवान’, शादी के नाम पर करता था ठगी..

      वर्दी का झूठा रौब, ठगी का खेल! पंचर बनाने वाला फेसबुक पर बना ‘जवान’, शादी के नाम पर करता था ठगी..

      बिहार के मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया के जरिए ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 21 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर दोस्ती करने वाले युवक ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताकर उसका भरोसा जीता, शादी का वादा किया और अलग-अलग बहाने बनाकर उससे पैसे ऐंठता रहा। बाद में पता चला कि आरोपी न तो सेना में कार्यरत है और न ही अविवाहित, बल्कि वह साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करता है और पहले से शादीशुदा है।

      पीड़िता के मुताबिक, जनवरी 2026 में फेसबुक पर हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। आरोपी मो. अरमान सेना की वर्दी पहनकर मिलने आता था और व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर भी खुद को सैनिक बताता था। वह कभी पाकिस्तान सीमा पर तैनाती तो कभी आतंकियों के चंगुल में फंसे होने का दावा कर तत्काल पैसों की मांग करता था। युवती ने उसकी बातों पर भरोसा कर कई बार ऑनलाइन पैसे भेजे।

      जब युवती को आरोपी की असलियत का पता चला तो उसने विरोध किया। आरोप है कि वह अपनी मां और चाचा के साथ आरोपी के घर पहुंची, जहां आरोपी और उसके परिजनों ने मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद युवती ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी।

      पीड़िता ने पुलिस को सेना की वर्दी में आरोपी की तस्वीरें, व्हाट्सएप वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे हैं। सदर थाना पुलिस ने मो. अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

    • एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

      एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

      एक लड़की, दो दावेदार! कथित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट, एक अस्पताल पहुंचा तो दूसरा जेल.

      मुजफ्फरपुर में कथित अपहरण का हाई-प्रोफाइल मामला अब महज किडनैपिंग की कहानी नहीं, बल्कि इश्क, इंतकाम और कानून के टकराव की दास्तान बनता नजर आ रहा है। जिस थार गाड़ी पर राजद का बैनर और पोस्टर लगा था, उससे युवक के अपहरण की सूचना ने पहले पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। लेकिन जैसे-जैसे तहकीकात आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कहानी का रुख बदलता गया। अब जांच की सुई प्रेम प्रसंग की तरफ घूम गई है, जहां एक युवती के प्यार ने कथित तौर पर एक युवक को अस्पताल और दूसरे को हवालात पहुंचा दिया।

      पूरा घटनाक्रम काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के पास का है। रविवार की शाम करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि राजद के झंडे और पोस्टर लगी एक थार गाड़ी से एक युवक का अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्ध थार की पहचान कर ली गई।

      इसी बीच दूसरी सूचना आई कि जिस युवक को कथित तौर पर अगवा किया गया था, उसे चांदनी चौक के पास घायल अवस्था में छोड़कर थार सवार फरार हो गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया और उसके बयान के आधार पर जांच का दायरा और तेज कर दिया।

      वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया। वाहन जांच अभियान शुरू हुआ और महज तीन घंटे के भीतर पुलिस ने सरैया थाना क्षेत्र से संदिग्ध थार को जब्त कर लिया। साथ ही कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी मोहम्मद रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उसके कुछ साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फरार लोगों की तलाश जारी है।टाउन डीएसपी सुरेश कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।

      सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में शहर की एक युवती है, जिससे दोनों युवकों का प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। जब एक युवक को दूसरे के रिश्ते की भनक लगी तो दोनों के बीच पहले भी मारपीट हुई थी। लेकिन इस बार मामला कथित तौर पर अपहरण और हमले तक पहुंच गया।

      इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब जज़्बात पर कानून भारी पड़ता है, तो अंजाम अदालत और अस्पताल के बीच ही तय होता है। मोहब्बत अगर भरोसे और तहज़ीब की राह छोड़कर ज़बरदस्ती, हिंसा और बदले की शक्ल अख्तियार कर ले, तो वह इश्क नहीं, जुर्म की दास्तान बन जाती है।फिलहाल पुलिस इस कथित लव ट्रायंगल के हर पहलू की पड़ताल कर रही है। कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह मामला केवल प्रेम प्रसंग की रंजिश था या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश भी छिपी हुई है।

    • पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

      पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

      पति की हत्या कर बचना चाहती थी पत्नी, लेकिन प्रेमी अनवर संग रची साजिश का ऐसे हुआ पर्दाफाश..

      Kishanganj Murder Case: बिहार के किशनगंज जिले में एक हत्या के मामले का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. जिस पत्नी ने पहले खुद को बेबस दिखाते हुए दावा किया था कि रात में चोर घर में घुस आए और उसके पति की हत्या कर दी, वही इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड निकली. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला 4 जुलाई 2026 का है. 

      बिशनपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले 42 वर्षीय रिजवान आलम अपने घर में मृत मिले थे. उनके पिता नजीर आलम को सुबह सूचना मिली कि बेटे की किसी ने हत्या कर दी है. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि रिजवान का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि उनकी पत्नी डेजी परवीन और छोटी बच्ची उसी कमरे में मौजूद थीं.

      पुलिस को हुआ शक

      शुरुआत में डेजी ने पुलिस को बताया कि रात में चोर घर में घुस आए थे. उन्होंने चोरी की और इसी दौरान उसके पति की हत्या कर दी लेकिन जांच के दौरान पुलिस को उसकी बातों पर शक होने लगा. उसने जिन जेवरों के चोरी होने की बात कही थी, वे घर की अलमारी में ही सुरक्षित मिले. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि डेजी लगातार एक युवक अनवर हुसैन के संपर्क में थी. जब पुलिस ने अनवर से पूछताछ की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

      नौ साल पहले मुलाकात

      अनवर ने बताया कि करीब नौ साल पहले, जब वह पढ़ाई के लिए बिशनपुर आया था, तभी उसकी डेजी से पहचान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. उस समय रिजवान विदेश के कुवैत में नौकरी करते थे और दो-दो साल बाद कुछ दिनों के लिए ही घर आते थे इसलिए दोनों का मिलना-जुलना आसानी से चलता रहा लेकिन इस बार रिजवान को पत्नी और अनवर के रिश्ते की भनक लग गई थी. उन्होंने विदेश वापस न जाने और यहीं रहकर काम करने का फैसला किया. इससे दोनों को डर था कि उनका रिश्ता सबके सामने आ जाएगा.

      डेजी ने फोन पर दी थी सूचना

      पुलिस के अनुसार, डेजी ने अनवर पर रिजवान को रास्ते से हटाने का दबाव बनाया. दोनों ने मिलकर हत्या की प्लानिंग की. अनवर ने डेजी को एक अलग मोबाइल फोन भी दिया था, जिससे दोनों गुप्त रूप से बात करते थे. घटना वाली रात करीब 12 बजे डेजी ने अनवर को फोन कर बताया कि उसका पति गहरी नींद में सो चुका है. इसके बाद अनवर लोहे की रॉड लेकर घर पहुंचा. वह दीवार फांदकर दूसरी मंजिल तक गया और डेजी के कमरे से बाहर आने का इंतजार करता रहा.

      लोहे की रॉड से मारकर की हत्या

      कुछ देर बाद डेजी बाहर आई और इशारा किया कि रिजवान सो रहे हैं. इसके बाद अनवर कमरे में गया और सो रहे रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से दो जोरदार वार कर दिए. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों ने इसे चोरी की वारदात दिखाने की कोशिश की. डेजी ने अपना और पति का मोबाइल अनवर को दे दिया ताकि वह उन्हें ठिकाने लगा दे और पुलिस को लगे कि चोर मोबाइल भी ले गए. अनवर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड नदी में फेंक आया और मोबाइल फोन गांव की बांसवाड़ी में जमीन के अंदर गाड़ दिए.

      फोन कॉल ने खोली पोल

      हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के सामने दोनों ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए. अनवर के एक फोन कॉल ने पूरी कहानी खोल दी. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नदी से हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और जमीन में दबाए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए. किशनगंज पुलिस ने पत्नी डेजी परवीन और उसके प्रेमी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है

    • चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

      चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

      चाची के साथ कथित दरिंदगी का आरोप, अंदरूनी चोटों से पीड़िता की हालत गंभीर..

      पीड़िता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले भतीजे ने जबरन संबंध बनाने के लिए उसके नहाते हुए प्राइवेट वीडियो बनाए और ब्लैकमेल करने लगे. मना करने पर उसे लाठी-डंडों से भी पीटा. महिला घर में बच्चों के साथ अकेली रहती है जिसका फायदा उठाकर भतीजा अक्सर घर में घुंस आता था.

      चाची के लाख मना करने पर नहीं माना सनकी भतीजा: रिश्तों को तार-तार करने वाली खौफनाक करतूत, अंदरूनी चोटों से तड़प रही पीड़िता!

      बिहार के गोपालगंज से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद भयावह घटना सामने आई है जिसमें 35 साल की पीड़िता चाची का आरोप है कि उसके पड़ोस में रहने वाले भतीजे ने पहले उसकी प्राइवेट वीडियो बनाई, फिर जबरन संबंध बनाने के लिए उसे ब्लैकमेल करने लगा. जब महिला ने इनकार कर दिया तो उसके साथ मार-पीट की और लाठी-डंडों से घायल करके फरार भाग गया. महिला ने बताया कि पति काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं और वो उचकागांव क्षेत्र में अपने 2 बच्चों के साथ अकेली रहती है. दोनों चाची-भतीजे के बीच लंबे समय से चल रहे प्रेम संबंधों की जानकारी मिली है लेकिन अपनी शादीशुदा जिंदगी का ख्याल करते हुए जब महिला ने रिश्ता रखने से इनकार कर दिया तो भतीजा हैवानियत पर उतर आया.

      पति के पीछे से चल रहा था कांड

      एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट में महिला ने बताया कि पति गुजरात में नौकरी करते हैं जबकि वो अपने बच्चों के साथ घर पर अकेली रहती है. कुछ साल पहले ही वो अपने भतीजे के संपर्क में आई थी. दोनों के बीच प्यार पनपने लगा. लेकिन महिला को बदनामी का डर सताए जा रहा था. अपनी शादीशुदा जिंदगी का ख्याल करते हुए उसने भतीजे के साथ रिश्ता रखने से मना कर दिया. लेकिन भतीजा मनमानी पर उतर आया. 

      नहाते हुए बनाई प्राइवेट वीडियो

      महिला का आरोप है कि एक दिन वो आंगन में नहा रही थी तो भतीजा ने घर के घुंस आया और चुपके से प्राइवेट वीडियो बना ली. इसी की तर्ज पर वो लगातार कई दिनों से ब्लैकमेल कर रहा था. लेकिन महिला ने साफ इनकार कर दिया और युवक को चेतावनी तक दे दी. इसी बात से नाराज युवक तमतमाते हुए महिला के घर पहुंचा और लाठी-डंडे चला दिए. पीड़िता ने बताया कि उस दिन वो जैसे-तैसे इलाज के लिए मॉडल अस्पताल पहुंची और इमरजेंसी में इलाज कराया. 

      पुलिस ने दर्ज की शिकायत

      पुलिस को दिए बयान में महिला ने बताया कि भतीजे की प्रताड़ना के कारण उसके शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं. भतीजे की ब्लैकमेलिंग और अवैध संबंध बनाने की जबदस्ती के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक लिखित में शिकायत नहीं मिली है. इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

    • ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

      ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

      ससुराल में घुसा पति, पत्नी और साले पर चाकू से ताबड़तोड़ वार; नवादा में डबल मर्डर से सनसनी…

      बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक सनकी पति के सिर पर खून इस कदर सवार हुआ कि उसने अपने ही ससुराल में घुसकर खूनी खेल खेला। वारिसलीगंज के खानापुर गांव में शुक्रवार को एक युवक ने मामूली घरेलू विवाद में अपनी पत्नी की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जब सगी बहन को बचाने के लिए साला बीच-बचाव करने आया, तो सनकी जीजा ने उस पर भी चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर हालत में साले को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसने दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारे पति ने खुद वारिसलीगंज थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

      तीन साल की मासूम बेटी भी नहीं पिघला सकी पिता का दिल

      यह खूनी दास्तान नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के खानापुर गांव की है। खानापुर निवासी उपेंद्र सिंह ने अपनी 28 वर्षीय बेटी पूजा कुमारी की शादी चैनपुरा गांव के रहने वाले मौली कुमार से की थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच वैवाहिक संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे। आए दिन दोनों के बीच तीखी बहस और मारपीट होना आम बात हो गई थी। हालांकि, दोनों की तीन साल की एक मासूम बेटी भी है, लेकिन इसके बावजूद मौली कुमार का गुस्सा कम नहीं हुआ और विवाद लगातार बढ़ता चला गया।

      एक दिन पहले ही पुलिस ने कराया था समझौता, मायके भेजी गई थी पूजा

      दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी दंपति के बीच भयंकर झगड़ा हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि स्थानीय ग्रामीणों को बीच-बचाव के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। गुरुवार को झगड़े की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। हालात को भांपते हुए और पूजा की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर पूजा को उसके मायके (खानापुर) भेज दिया था। लेकिन पुलिस और परिजनों में से किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अगले ही दिन यह फैसला एक खूनी अंजाम में बदल जाएगा।

      घर में घुसते ही चलाने लगा चाकू, बचाने आए साले को भी नहीं बख्शा

      शुक्रवार दोपहर को आरोपी पति मौली कुमार पूरी तैयारी और हाथ में धारदार चाकू लेकर सीधे अपनी पत्नी के मायके खानापुर पहुंच गया। घर में दाखिल होते ही उसने बिना कुछ सोचे-समझे अपनी पत्नी पूजा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। अपनी सगी बहन पर जानलेवा हमला होते देख भाई आदित्य कुमार बिना अपनी जान की परवाह किए बीच में कूद पड़ा और जीजा को रोकने की कोशिश की। लेकिन मौली के सिर पर उस वक्त हैवानियत सवार थी। उसने पूजा को छोड़ साले आदित्य पर हमला बोल दिया और चाकू से गोदकर उसे पूरी तरह लहूलुहान कर दिया।

      अस्पताल में दोनों भाई-बहन ने तोड़ा दम, थाने पहुंचकर कातिल ने किया सरेंडर

      घर में मची चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग मौके पर जुटे, जिसे देख आरोपी वहां से भाग निकला। ग्रामीण दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पूजा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं आदित्य की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पटना हायर सेंटर रेफर कर दिया था। लेकिन शरीर पर गहरे घाव होने के कारण पटना में इलाज के दौरान आदित्य ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही झटके में उपेंद्र सिंह के घर के दो जवान चिराग बुझ गए और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

      वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौली कुमार खुद भागते हुए सीधे वारिसलीगंज थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू बरामद करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।