Category: Haryana

  • अंबाला के बराड़ा में नए घर की खुशियां मातम में बदलीं, 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत.

    अंबाला के बराड़ा में नए घर की खुशियां मातम में बदलीं, 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत.

    अंबाला के बराड़ा में नए घर की खुशियां मातम में बदलीं, 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत.

    अंबाला (हरियाणा): नए घर के निर्माण को लेकर परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सब कुछ बदल दिया। बराड़ा क्षेत्र के अधोया गांव में मकान निर्माण के दौरान 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी देवरानी करंट लगने से बेहोश हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और गांव में शोक का माहौल है।

    सरिया उठाते समय हुआ हादसा

    जानकारी के अनुसार, अधोया गांव में सुभाष के नए मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। घर की छत के लैंटर के लिए सरिये का जाल बिछाया गया था। शाम को काम समाप्त होने के बाद सरिये को समेटकर एक जगह रखा जा रहा था।

    इसी दौरान सुभाष की पत्नी रितू सरिया उठाने लगी। मकान के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि सरिया बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट उतर आया और रितू उसकी चपेट में आ गई।

    देवरानी भी करंट लगने से हुई बेहोश

    हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग दोनों महिलाओं को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने रितू को मृत घोषित कर दिया। वहीं, करंट लगने से बेहोश हुई उसकी देवरानी को मुलाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    एक ही परिवार की दो महिलाओं के साथ हुए इस हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद के साथ खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक दुख का माहौल बन गया।

    पुलिस कर रही मामले की जांच

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। बराड़ा थाना प्रभारी रामकरण सैनी के मुताबिक, महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

    हादसे में बिजली की हाईवोल्टेज लाइन की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान बिजली की लाइनों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों के महत्व को सामने ला दिया है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हादसे से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

  • करनाल के युवक की अमेरिका में ट्राला पलटने से मौत, चार साल पहले गया था विदेश; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़.

    करनाल के युवक की अमेरिका में ट्राला पलटने से मौत, चार साल पहले गया था विदेश; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़.

    करनाल के युवक की अमेरिका में ट्राला पलटने से मौत, चार साल पहले गया था विदेश; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़.

    करनाल, हरियाणा: विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने और परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद लेकर अमेरिका पहुंचे हरियाणा के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। नीलोखेड़ी क्षेत्र के गांव सोकरी निवासी 25 वर्षीय जतिन कुमार की अमेरिका में सड़क हादसे के दौरान मौत हो गई। वह कैलिफोर्निया में ट्राला चलाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिजनों की सबसे बड़ी चिंता बेटे के पार्थिव शरीर को भारत लाने की है।

    चार साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में गया था अमेरिका

    परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, जतिन करीब चार साल पहले अमेरिका गया था। वहां कैलिफोर्निया में रहकर वह ट्राला चलाने का काम करता था। परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत करके वह अपना भविष्य संवारेगा और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में मदद करेगा।

    जतिन की उम्र अभी महज 25 साल थी। इतनी कम उम्र में उसकी मौत की खबर ने परिवार और गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बेटे से परिवार ने भविष्य को लेकर कई उम्मीदें लगा रखी थीं, उसकी अचानक मौत से घर में मातम पसरा हुआ है।

    रात में ट्राला चलाते समय हुआ हादसा

    बताया जा रहा है कि जतिन अमेरिका में रात के समय ट्राला चला रहा था। इसी दौरान अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्राला पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि जतिन की जान नहीं बच सकी।

    हादसे की विस्तृत परिस्थितियों को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, परिवार तक पहुंची सूचना ने सभी को झकझोर दिया। विदेश में काम करने वाले बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों के लिए इस दुख को सहन करना मुश्किल हो गया है।

    हादसे से दो दिन पहले ही हुई थी घर पर बात

    परिजनों के मुताबिक, हादसे से करीब दो दिन पहले ही जतिन ने फोन पर घर के सदस्यों से बातचीत की थी। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत इतनी जल्द एक दर्दनाक याद बन जाएगी।

    परिवार के लिए अब जतिन की आवाज और उससे हुई आखिरी बातचीत की यादें ही शेष रह गई हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर दुख का माहौल है। कम उम्र में परिवार से दूर रहकर मेहनत कर रहे युवक की मौत ने सभी को भावुक कर दिया है।

    बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने की चिंता

    जतिन के पिता रामपाल के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे एक रिश्तेदार के बेटे की ओर से परिवार को मदद मिल रही है। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में परिवार की सबसे बड़ी चिंता जतिन के पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था करना है।

    विदेश में किसी अपने की मौत होने पर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। ऐसे समय में परिवार को भावनात्मक दुख के साथ-साथ जरूरी प्रक्रियाओं का भी सामना करना पड़ता है।

    फिलहाल परिवार बेटे के अंतिम दर्शन के इंतजार में है। जिस युवक ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश की राह पकड़ी थी, उसकी असमय मौत ने परिवार के सपनों को अधूरा छोड़ दिया है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और परिवार से जुड़ी बताई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियों और पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया से संबंधित अतिरिक्त जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

  • एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    एक करोड़ के कर्ज की चर्चा के बीच होटल के कमरे में मिला पूर्व रेलकर्मी का शव, पांच दिन से ठहरा था युवक; कई पहलुओं पर जांच.

    रेवाड़ी, हरियाणा: रेलवे रोड स्थित एक होटल में 32 वर्षीय पूर्व रेलकर्मी का शव कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में हलचल मच गई। युवक 5 अक्टूबर से होटल में ठहरा हुआ था। शुक्रवार दोपहर होटल कर्मचारी कमरे में पहुंचा तो अंदर का दृश्य देखकर हैरान रह गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

    प्रारंभिक जानकारी में युवक पर भारी कर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, उसकी मौत के पीछे असल वजह क्या थी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। पुलिस पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    कमरे में अकेला था युवक, कर्मचारी पहुंचा तो सामने आई घटना

    मृतक अटेली थाना क्षेत्र के गांव टेंगरा का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, उसने 5 अक्टूबर को रेलवे रोड स्थित अनिल होटल में कमरा लिया था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे होटल का कर्मचारी कमरे में पहुंचा, जहां युवक का शव फंदे से लटका मिला। बताया गया कि फंदा बेडशीट से बनाया गया था।

    पुलिस को कमरे से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला है। वहां शराब की बोतल भी मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को सूचना दी।

    कमरे में मिले सामान और युवक के होटल में ठहरने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले क्या हुआ था।

    नौकरी छूटने के बाद कर्ज बढ़ने की बात आई सामने

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, युवक पहले रेलवे में नौकरी करता था, लेकिन नशे की लत के चलते उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उसके जुआ खेलने और कर्ज बढ़ने की बात भी सामने आई है।

    रिपोर्ट के अनुसार, उस पर पहले करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे परिवार ने खेत बेचकर चुकाया था। बाद में दोबारा कर्ज बढ़ने और कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि, कर्ज की वास्तविक राशि और उससे जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि युवक ने कर्ज के कारण ही यह कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    होटल में महिला के आने की जानकारी भी जांच में शामिल

    पुलिस के अनुसार, युवक के होटल में ठहरने के शुरुआती दिन एक महिला उससे मिलने आई थी। जानकारी के मुताबिक, वह 5 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे होटल से चली गई थी। इसके बाद युवक के साथ कमरे में किसी अन्य व्यक्ति के ठहरने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    युवक अपने साथ लैपटॉप रखता था और उस पर काम करता था, लेकिन वह किस तरह का काम कर रहा था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस होटल में आने-जाने वाले लोगों और उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही है।

    पोस्टमार्टम और जांच के बाद स्पष्ट होंगे कारण

    शहर थाना पुलिस के अनुसार, शव मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।

    घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस ने अभी इसे अंतिम रूप से आत्महत्या घोषित नहीं किया है और जांच जारी है।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शुरुआती पुलिस जानकारी पर आधारित है। कर्ज की राशि, मौत के कारण और अन्य परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

  • 14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    14 साल की शादी, पांच बच्चे और प्रताड़ना के आरोप… पहले जहर खाया, फिर फंदा लगाने की कोशिश; तीन दिन बाद विवाहिता की मौत.

    अंबाला, हरियाणा: शादी के करीब 14 साल बाद एक परिवार की जिंदगी ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसने पांच बच्चों को मां से दूर कर दिया। 35 वर्षीय विवाहिता ने कथित घरेलू प्रताड़ना से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया और फिर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। अब मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मायके आने पर पिता से बयां करती थी अपना दर्द

    मृतका उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के बछरजापुर गांव की रहने वाली थी। उसके पिता के मुताबिक, उन्होंने करीब 14 साल पहले बेटी की शादी अंबाला जिले के नन्हेड़ा निवासी युवक से की थी। दंपती के पांच बच्चे हैं।

    पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही बेटी को ससुराल में किसी न किसी बात को लेकर परेशान किया जाता था। उनका कहना है कि जब भी बेटी मायके आती थी, तो वह रोते हुए अपने साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार के बारे में बताती थी।

    परिवार का आरोप है कि लगातार मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण बेटी परेशान रहने लगी थी। हालांकि, ससुराल पक्ष पर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    4 अक्टूबर की शाम बिगड़ी हालत, अस्पताल में तीन दिन चला इलाज

    पिता की शिकायत के अनुसार, 4 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे विवाहिता ने पहले जहरीला पदार्थ निगल लिया और इसके बाद चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर उसका पति उसे इलाज के लिए मोहड़ी स्थित आदेश अस्पताल ले गया।

    महिला की हालत गंभीर थी और डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि उसकी जान बच जाएगी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 7 अक्टूबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    महिला की मौत के बाद उसके पिता ने ससुराल पक्ष के कई सदस्यों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

    सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, कथित वीडियो की भी चर्चा

    पुलिस ने मृतका के पिता के बयान के आधार पर ससुर, सास, दो देवर, देवरानी, ननद और एक अन्य व्यक्ति समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 61 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।

    पिता ने यह भी दावा किया कि बेटी ने मौत से पहले एक वीडियो बनाया था और उसे अपने भाई के पास भेजा था। हालांकि, पुलिस के अनुसार शिकायत के समय यह वीडियो उपलब्ध नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने कहा है कि वीडियो मिलने पर उसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है। सात लोगों पर लगे आरोपों की जांच की जाएगी और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

    डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपियों की जिम्मेदारी अभी अदालत में साबित नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

  • सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत: रामेश्वरी हत्याकांड में बेटी जाह्नवी का बड़ा दावा, बोली- 13 करोड़ की बीमा राशि मिली तो जरूरतमंदों को करूंगी दान.

    सोनीपत, हरियाणा: रामेश्वरी उर्फ बबीता हत्याकांड की जांच के बीच उनकी बेटी जाह्नवी ने पूछताछ के दौरान अपनी मां की बीमा पॉलिसी और संपत्ति को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। जाह्नवी ने हत्या में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। साथ ही उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने की बात भी नकार दी है।

    13 करोड़ रुपये के बीमा कवर का दावा

    जाह्नवी के मुताबिक, उसकी मां हर महीने करीब 55 हजार रुपये बीमा प्रीमियम के तौर पर जमा करती थीं। उसके अनुसार, अलग-अलग पॉलिसियों में 75 वर्ष की उम्र तक करीब 13 करोड़ रुपये का बीमा कवर था।

    जाह्नवी का दावा है कि अब तक करीब 5 लाख रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए जा चुके हैं। उसने पुलिस पूछताछ में यह भी कहा कि मां की मौत के बाद अगर उसे बीमा की रकम मिलती है, तो वह उसे निजी इस्तेमाल में नहीं लाएगी।

    उसका कहना है कि रकम मिलने पर वह इसे गौशाला और जरूरतमंद लोगों के लिए दान करना चाहती है।

    हालांकि, 13 करोड़ रुपये के बीमा कवर, जमा प्रीमियम, पॉलिसियों की शर्तों और रकम के वास्तविक भुगतान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

    ननिहाल की संपत्ति भी नाम होने का दावा

    जाह्नवी ने बताया कि उसके ननिहाल की कुछ संपत्तियां उसके नाम हैं। परिवार की कुछ अन्य संपत्तियों में भी वह नॉमिनी होने का दावा करती है।

    पुलिस पूछताछ के दौरान उससे सोने, संपत्ति, बीमा पॉलिसियों और अन्य आर्थिक मामलों से जुड़ी जानकारी ली गई है। जांच एजेंसियां अब संबंधित दस्तावेजों के जरिए इन दावों की पुष्टि कर रही हैं।

    हत्या में भूमिका और विशाल से रिश्ते से इनकार

    जाह्नवी ने पूछताछ में अपनी मां की हत्या में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। उसका दावा है कि मामले में उसका नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

    उसने विशाल के साथ प्रेम संबंध होने से भी इनकार किया। जाह्नवी के मुताबिक, विशाल उससे शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी मां ने दोनों का गोत्र एक होने की वजह से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था।

    पुलिस बीमा और संपत्ति के एंगल से भी कर रही जांच

    रामेश्वरी हत्याकांड में अब पुलिस बीमा, नॉमिनी और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का मिलान करेगी।

    फिलहाल जाह्नवी के खिलाफ किसी ठोस सबूत की स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत: कोर्ट की पार्किंग में दो पक्षों में बवाल, गंडासी-डंडों से युवकों पर हमला; कई वाहन क्षतिग्रस्त.

    पानीपत, हरियाणा: पानीपत कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वकीलों के चैंबर वाली बिल्डिंग के पीछे स्थित पार्किंग में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान मारपीट हो गई। आरोप है कि एक पक्ष के युवकों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गंडासी, लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना में कई युवक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया।

    कोर्ट में तारीख के दौरान हुआ विवाद

    बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी मामले में दोनों पक्ष तारीख पर कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान चैंबर बिल्डिंग के पीछे पार्किंग में मौजूद युवकों के बीच कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पक्ष के दो युवक पार्किंग में मौजूद थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कई युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियारों और डंडों से हमला किया।

    गाड़ियों में भी की गई तोड़फोड़

    हमले के दौरान पार्किंग में खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया। आरोप है कि करीब पांच गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। अचानक हुई मारपीट के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी हड़कंप मच गया।

    घटना में घायल युवकों को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कोर्ट परिसर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने में जुटी है। कोर्ट परिसर में हथियारों के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 23 महीने 100% ‘ऑक्सीजन’ और वेंटिलेटर पर रहा 8 साल का बच्चा, PGIMS के डॉक्टरों ने बचाई जान

    23 महीने 100% ‘ऑक्सीजन’ और वेंटिलेटर पर रहा 8 साल का बच्चा, PGIMS के डॉक्टरों ने बचाई जान

    23 महीने 100% ‘ऑक्सीजन’ और वेंटिलेटर पर रहा 8 साल का बच्चा, PGIMS के डॉक्टरों ने बचाई जान

    रोहतक: हरियाणा के रोहतक स्थित PGIMS से एक बेहद चुनौतीपूर्ण इलाज का मामला सामने आया है। यहां एक 8 साल का बच्चा करीब 23 महीने तक 100 प्रतिशत ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौटा। लंबे समय तक अस्पताल में इलाज और देखभाल के बाद जब बच्चे को डिस्चार्ज किया गया तो पीआईसीयू का पूरा स्टाफ भावुक हो गया।

    बच्चे को जब अस्पताल लाया गया था, तब उसकी उम्र महज 6 साल थी। उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह अपने हाथ-पैर तक नहीं हिला पा रहा था। इसके बाद उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट यानी पीआईसीयू में भर्ती किया गया और लगातार वेंटिलेटर व ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया।

    तेज बुखार के बाद बिगड़ी थी हालत

    पीआईसीयू इंचार्ज डॉ. कुंदन मित्तल के मुताबिक, बच्चा 5 अक्टूबर 2024 को अस्पताल पहुंचा था। उसे तेज बुखार था और शरीर में इतनी कमजोरी थी कि वह हाथ-पैर तक नहीं हिला पा रहा था।

    गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल उसे पीआईसीयू में भर्ती किया। लंबे समय तक बच्चे को सांस लेने के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की जरूरत बनी रही। इस दौरान उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई और उपचार में कई स्तरों पर सावधानी बरती गई।

    सिर्फ दवाओं पर निर्भर नहीं रहा इलाज

    बच्चे के इलाज में केवल दवाओं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर ही निर्भर नहीं रहा गया। लंबे समय तक आईसीयू में रहने के कारण उसकी शारीरिक क्षमता को बनाए रखना भी बड़ी चुनौती थी।

    डॉक्टरों और नर्सिंग टीम ने उसके लिए लगातार फिजियोथेरेपी और पोषण संबंधी सपोर्ट की व्यवस्था की। उसकी स्थिति में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी नजर रखी गई। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आने लगा और अब वह अपने शरीर को हिला-डुला पा रहा है।

    पिता ने बेटे के लिए छोड़ दिया काम

    बच्चे के पिता सोमबीर दहिया दिल्ली में टैक्सी चलाते हैं और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य हैं। बेटे के लंबे इलाज के चलते उन्हें करीब दो साल तक अपना काम छोड़कर अस्पताल में रहना पड़ा।

    बच्चे की मां भी लगातार उसके साथ अस्पताल में मौजूद रहीं। लंबे इलाज के दौरान परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेडिकल टीम की ओर से परिवार की मदद करने के प्रयास भी किए गए।

    23 महीने बाद घर लौटने पर भावुक हुआ पूरा वार्ड

    जब बच्चा स्वस्थ होकर अस्पताल से घर जाने की स्थिति में पहुंचा तो पीआईसीयू में भावुक माहौल बन गया। पिता ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार जताया। परिवार ने इस मौके पर केक काटा और मेडिकल टीम को सम्मानित भी किया।

    बच्चे के पिता का कहना था कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनके बेटे को लगभग दो साल तक अपने परिवार के सदस्य की तरह संभाला। इस दौरान अस्पताल उनके परिवार के लिए दूसरे घर जैसा बन गया।

    नर्सिंग स्टाफ के लिए भी खास था बच्चा

    करीब 23 महीने तक पीआईसीयू में रहने के कारण बच्चा वहां के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बेहद घुल-मिल गया था। स्टाफ के सदस्यों ने बताया कि लंबे समय तक साथ रहने के कारण वह उनके लिए परिवार के सदस्य जैसा बन चुका था।

    उसका जन्मदिन भी अस्पताल के स्टाफ ने मिलकर मनाया। परिवार के खास मौकों पर स्टाफ बच्चे और उसके परिजनों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा रहा।

    लगभग दो साल तक चले इलाज, लगातार निगरानी, पोषण और फिजियोथेरेपी के बाद बच्चे का घर लौटना उसके परिवार के लिए किसी नई शुरुआत से कम नहीं है। यह मामला लंबे समय तक गंभीर स्थिति में रहने वाले बच्चों की देखभाल में मेडिकल टीम, परिवार और नर्सिंग स्टाफ के निरंतर सहयोग की अहमियत को भी दिखाता है।

  • करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन: मनाने निकले 20 वर्षीय युवक की चाकू से हत्या, देर रात मिली मौत की खबर.

    करनाल में जन्मदिन का जश्न एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। हांसी रोड पर 20 वर्षीय युवक कृष की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह अपना जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ घर से बाहर निकला था। देर रात उसके घायल होने की सूचना परिवार को मिली, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो चुकी थी।

    घटना 2 अक्टूबर की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

    जन्मदिन पर दोस्तों के साथ निकला था युवक

    कृष मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से करनाल में रह रहा था। वह हांसी रोड पर गली नंबर-2 के सामने किराये के मकान में रहता था।

    परिजनों के अनुसार 2 अक्टूबर को कृष का 20वां जन्मदिन था। शाम के समय उसने अपने पिता से कुछ पैसे मांगे और दोस्तों के साथ बाहर जाकर जन्मदिन मनाने की बात कही। इसके बाद वह दोस्तों के साथ घर से निकल गया।

    परिवार को देर रात करीब दो बजे सूचना मिली कि कृष घायल हो गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।

    चाकू से हमला करने का आरोप

    बताया जा रहा है कि हांसी रोड के आसपास युवक पर चाकू से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

    फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों और युवक के साथ मौजूद दोस्तों से जानकारी जुटा रही है। हमले में शामिल आरोपितों की पहचान और वारदात की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी आगे की तस्वीर

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

    पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जन्मदिन मनाने के दौरान युवक का किन लोगों से विवाद हुआ था और हमला किस वजह से किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की में चाय पर बुलाकर: युवक को मारी गोली, पुराने विवाद के बहाने घर बुलाने का आरोप.

    रुड़की की गैस प्लांट कॉलोनी में युवक आदि राणा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की शुरुआती जांच में साजिश की बात सामने आई है। आरोप है कि पुराने विवाद को खत्म करने के बहाने आदि राणा को फोन कर घर बुलाया गया था। उसे भरोसा दिलाया गया कि पुरानी बातों को भूलकर आपसी बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा और इसी बहाने उसे चाय पर बुलाया गया।

    बताया जा रहा है कि आदि राणा को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसे जिस घर पर बुलाया जा रहा है, वहीं उसके साथ जानलेवा वारदात हो सकती है। पुलिस अब घटना से पहले की पूरी गतिविधियों और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

    पुराने विवाद के बाद फिर हुई थी बातचीत

    जानकारी के मुताबिक आदि राणा और लकी पंडित के बीच पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो गया था। घटना से कुछ समय पहले भी शराब की दुकान के पास आदि राणा के एक दोस्त और लकी पंडित के बीच कहासुनी हुई थी। आसपास मौजूद लोगों ने विवाद को शांत करा दिया था।

    इसके बाद आदि राणा को फोन करके पुराने विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत करने के लिए बुलाया गया। उसे घर आकर चाय पीने और आपसी मतभेद दूर करने की बात कही गई।

    घर पहुंचने के बाद तमंचा देखकर उठाया सवाल

    आरोप है कि आदि राणा जब घर पहुंचा तो वहां लकी पंडित के पास तमंचा मौजूद था। हथियार देखकर आदि राणा ने इस बारे में सवाल किया। बताया जाता है कि इस दौरान उसे कहा गया कि लकी अक्सर तमंचा अपने पास रखता है।

    आदि राणा ने कथित तौर पर हथियार अंदर रखने के लिए कहा। इसी दौरान आरोप है कि लकी पंडित ने अचानक उस पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद आदि राणा गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर गया।

    घायल युवक को अस्पताल ले जाने की गुहार

    घटना के समय आदि राणा के कुछ दोस्त भी आसपास मौजूद बताए जा रहे हैं। गोली चलने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने देखा कि आदि राणा घायल अवस्था में पड़ा है और उसकी सांस चल रही है।

    बताया गया है कि उसके एक दोस्त ने अनिल पंडित से उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई। उसने आदि को बचाने के लिए मदद करने और गाड़ी की चाबी देने की बात कही। आरोप है कि इस दौरान उसे जवाब मिला कि अब पुलिस ही उसे लेकर जाएगी।

    पुलिस को दी गई कहानी पर भी उठे सवाल

    पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद घटना को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई। कथित तौर पर पुलिस को बताया गया कि आदि राणा अपने साथियों के साथ हथियार लेकर आया था और छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई।

    हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में इस कहानी पर सवाल उठे। घटनास्थल की जांच, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

    फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

    घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी भी खंगाल रही है।

    जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक को किस परिस्थिति में घर बुलाया गया, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और गोली चलने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

    घटना के बाद कॉलोनी में दहशत

    घर के अंदर गोली चलने और युवक की मौत की घटना के बाद गैस प्लांट कॉलोनी में दहशत का माहौल है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी काफी चर्चा है।

    पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • दो बार दिया गया ‘जानलेवा’ इंजेक्शन, फिर भी जिंदा रही कैदी; अमेरिका में फेल हुई फांसी की कोशिश से मचा हड़कंप.

    दो बार दिया गया ‘जानलेवा’ इंजेक्शन, फिर भी जिंदा रही कैदी; अमेरिका में फेल हुई फांसी की कोशिश से मचा हड़कंप.

    दो बार दिया गया ‘जानलेवा’ इंजेक्शन, फिर भी जिंदा रही कैदी; अमेरिका में फेल हुई फांसी की कोशिश से मचा हड़कंप.

    नई दिल्ली: अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौत की सजा पाए एक कैदी की फांसी की कोशिश उस समय नाकाम हो गई, जब उसे जानलेवा दवा की दो डोज देने के बाद भी उसकी सांसें चलती रहीं। 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को बाद में जेल से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई है। उनके वकीलों के मुताबिक, वह अस्पताल में जीवन रक्षक चिकित्सा प्राप्त कर रही थीं।

    यह घटना 30 सितंबर 2026 को नैशविल स्थित रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पाइक को जानलेवा इंजेक्शन के लिए पेंटोबार्बिटल की दो डोज दी गईं, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत नहीं हुई।

    दो डोज के बाद भी चल रही थी सांस

    एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फांसी की प्रक्रिया के दौरान पाइक के जीवित होने के संकेत काफी देर तक दिखाई देते रहे। उनके वकीलों ने अदालत में दाखिल दस्तावेजों में कहा कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी उनकी धड़कन चल रही थी और सांस लेने की आवाज सुनाई दे रही थी।

    कुछ समय बाद जेल अधिकारियों ने प्रक्रिया रोक दी और पाइक को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। उनके वकीलों ने अगले दिन बताया कि वह गंभीर हालत में थीं और उन्हें जीवन बचाने वाली चिकित्सा दी जा रही थी।

    टेनेसी के प्रोटोकॉल में दूसरी डोज का प्रावधान

    इस मामले का एक अहम पहलू टेनेसी की फांसी की प्रक्रिया से जुड़ा है। राज्य के प्रोटोकॉल में पहली डोज प्रभावी न होने की स्थिति में दूसरी डोज देने का प्रावधान है। पाइक को भी पहली डोज के बाद दूसरी डोज दी गई, लेकिन इसके बाद भी उनकी मौत नहीं हुई।

    रिपोर्टों के मुताबिक, मौजूदा प्रोटोकॉल में दूसरी डोज के बाद भी व्यक्ति के जीवित रहने जैसी असाधारण स्थिति से निपटने के लिए आगे क्या किया जाना चाहिए, इसे लेकर सवाल उठे हैं।

    टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन ने कहा है कि अधिकारियों ने राज्य के स्वीकृत और कानूनी प्रोटोकॉल के अनुसार प्रक्रिया पूरी की। वहीं घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की स्वतंत्र समीक्षा कराने का आदेश दिया है।

    1995 में हुई थी 19 वर्षीय युवती की हत्या

    क्रिस्टा पाइक को 1995 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। अपराध के समय पाइक 18 वर्ष की थीं।

    अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, पाइक और उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड टेडरिल शिप पर स्लेमर की हत्या का आरोप लगा था। पाइक को बाद में इस मामले में मौत की सजा सुनाई गई, जबकि मामले में शामिल अन्य लोगों को अलग-अलग सजा मिली।

    पाइक की फांसी से पहले उनके वकीलों ने कानूनी चुनौतियां भी उठाई थीं। आखिरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ने की अनुमति दी।

    घटना के बाद टेनेसी ने रोकी बाकी फांसी

    इस असफल फांसी की कोशिश के बाद टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने राज्य में इस साल होने वाली बाकी फांसियों को रोकने और घटना की स्वतंत्र जांच कराने का आदेश दिया।

    गवर्नर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आखिर प्रक्रिया में क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ।

    रिपोर्टों के मुताबिक, यह 2026 में टेनेसी में फांसी की दूसरी असफल कोशिश है। इससे पहले मई में टोनी कैरथर्स की फांसी उस समय रोकनी पड़ी थी, जब अधिकारियों को जानलेवा दवा देने के लिए आवश्यक IV लाइन स्थापित करने में कठिनाई हुई थी।

    अब आगे क्या होगा?

    पाइक को फिलहाल अस्पताल में चिकित्सा दी जा रही है और उनकी हालत को लेकर उनके वकीलों ने गंभीर चिंता जताई है। घटना की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि दो डोज दिए जाने के बावजूद फांसी की प्रक्रिया क्यों सफल नहीं हुई।

    इस घटना ने अमेरिका में मौत की सजा की प्रक्रियाओं और जानलेवा इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है। हालांकि, पाइक के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति जांच के साथ बदल सकती है।