बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की सीढ़ी गिरने से बुधवार को सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई और तीन अन्य छात्र घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 10 बजे मानसी पुलिस थाना क्षेत्र के अमनी गांव में हुई।
मृतक बच्ची की पहचान प्राइमरी स्कूल की पहली कक्षा की छात्रा रितिका कुमारी के रूप में हुई है। डीएम विक्रम विरकर ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को घटना की जांच करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। घायल छात्रों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मानसी के SHO दीपक कुमार ने कहा, “स्कूल की सीढ़ी अचानक गिर गई, जिससे कई छात्र फंस गए। सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।” उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है और आगे की जांच चल रही है।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक होटल के कमरे में 25 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, घटना सोमवार को सदर थाना क्षेत्र में गोबरसही चौक के पास स्थित एक होटल में हुई। महिला की पहचान बेगूसराय जिले के तेघड़ा निवासी निगम कुमारी के रूप में हुई है। वह गुजरात के अहमदाबाद में एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती थी।
सदर थाना प्रभारी नवलेश कुमार आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ”होटल के कमरे से एक महिला का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।” उन्होंने बताया कि घटनास्थल से फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। होटल के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह होटल का एक कर्मचारी कमरे की सफाई करने गया था। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर होटल के प्रबंधक ने बालकनी से कमरे के भीतर देखा, जहां महिला का शव फंदे से लटका मिला। उन्होंने बताया कि निगम रविवार को अहमदाबाद से बेगूसराय पहुंची थी और उसने तेघड़ा थाने में अपने पति मदन कुमार तथा ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी।
पुंडरी के गांव भाणा स्थित सरस्वती ईंट भट्ठे पर गुरुवार रात पारिवारिक विवाद के दौरान 16 वर्षीय बेटे ने अपने पिता की कस्सी से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद भट्ठे पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के निवासी लक्ष्मी प्रसाद जिसकी उम्र 55 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार रात करीब 10 बजे लक्ष्मी प्रसाद का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ने पर उनका 16 वर्षीय बेटा भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने कस्सी से अपने पिता पर हमला कर दिया। कस्सी का वार गले पर लगने से लक्ष्मी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही DSP सुशील प्रकाश, CIA कैथल और पुण्डरी थाना की जांच टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कैथल के नागरिक अस्पताल भेज दिया है।
हरियाणा सरकार की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद यमुनानगर जिले में पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। थाना छप्पर क्षेत्र के गांव मंधार में खेत में पराली जलाने के आरोप में तीन भाइयों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
यमुनानगर में उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि विभाग द्वारा कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उपायुक्त यमुनानगर की ओर से जिले में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गांव मंधार में हरजीत सिंह, ओंकार सिंह और अवतार सिंह ने अपने खेत में पराली जलाई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रशासन की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना की। कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर छप्पर थाना पुलिस ने तीनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद सामने आई इस घटना के बाद पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना के आरोप में कार्रवाई की है। चालू सीजन में पराली जलाने के मामले में यह जिले की पहली दर्ज प्राथमिकी है।जिला प्रशासन ने यमुनानगर जिला के सभी गांव में निगरानी के लिए नोडल अफसरो की नियुक्ति की है।
उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि जो भी व्यक्ति खेतों में आग लगाएगा उसे ₹5000 जुर्माना किया जाता है। इसके साथ-साथ एक साल के लिए उसके पोर्टल को भी फसल की खरीद के लिए बंद कर दिया जाता है, उसमें रेड एंट्री कर दी जाती है। उसकी कोई भी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाती। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ यह कार्रवाई भी की गई है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि देश में हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां पराली प्रबंधन के लिए अर्थात पराली न जलाने के लिए सरकार की तरह की सहायता उपलब्ध करवाती है। इसके बावजूद कोई किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। जो इस मामले में किया गया है। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वह सरकार के नियमों का पालन करें ,पराली जलाने से न सिर्फ पशु पक्षी बल्कि इंसान, बुजुर्ग बच्चे इससे प्रभावित होते हैं खेतों की ऊर्जा शक्ति कम होती है।
जानकारी के मुताबिक, सोनीपत ड्रेन नंबर-6 के पास आदर्श नगर गली नंबर 6 में बने इस मकान को नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने ध्वस्त किया है। प्रशासन के अनुसार, निर्माण अवैध था और नगर निगम की ओर से नोटिस देने के बाद कार्रवाई की गई।बताया गया है कि बिहार निवासी मंजु के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने बुलडोजर से मकान को गिराया। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादयान और सेक्टर 27 थाना प्रभारी सवित कुमार भी तैनात रहे।
बुलडोजर की यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार और डीसीपी क्राइम नरेन्द्र कादयान की मौजूदगी में की गई। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के संबंध में आदेश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है।ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार के मुताबिक, इसे अवैध पाए जाने पर ध्वस्त कराया गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस तरह के अवैध निर्माण पर आगे भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के फरीदाबाद में एक जर्जर इमारत में 13-वर्षीय एक लड़की के साथ उसके दोस्त के सामने कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
ट्यूशन के बाद अपने दोस्त से मिलने गई थी पीड़िता
पुलिस के अनुसार, लड़की और उसका 16-वर्षीय मित्र ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र स्थित उक्त इमारत में गए थे, तभी आरोपियों ने उन्हें धमकाया और लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इस संबंध में 29 सितंबर को थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि लड़की के माता-पिता की शिकायत के अनुसार, घटना 24 अगस्त की है, जब 13-वर्षीय लड़की ट्यूशन के बाद अपने 16-वर्षीय दोस्त से मिलने गई थी। इसी दौरान छह युवक कथित तौर पर दोनों का पीछा करते हुए जर्जर इमारत में पहुंचे और दोनों नाबालिगों को धमकाने के बाद लड़की का यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों बच्चों ने करीब एक महीने तक घटना की जानकारी अपने माता-पिता से छिपाए रखी। बाद में लड़की में गंभीर मानसिक परेशानी के लक्षण दिखने पर उसकी मां ने उससे बात की, तब उसने घटना के बारे में बताया और परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। आरोप है कि बदमाशों ने पीड़िता के पुरुष मित्र के साथ भी कुकर्म किया, लेकिन पुलिस ने इससे इनकार किया है। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि शिकायत के आधार पर 29 सितंबर को दुष्कर्म संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है, लेकिन सामूहिक दुष्कर्म के आरोप की अभी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
फतेहाबाद: शहर के लाजपत नगर इलाके में बुधवार शाम उस समय कोहराम मच गया, जब 14 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र गौरव उर्फ गैरी का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के वक्त बच्चा घर पर अकेला था। सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
मृतक गौरव अपनी मां पूजा के साथ पिछले कई वर्षों से लाजपत नगर में किराए के मकान में रह रहा था। करीब सात साल पहले गौरव के पिता का साया उसके सिर से उठ चुका था। उसकी मां लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं। बुधवार को जब वह अपनी ड्यूटी पर गई थीं, तब गौरव घर पर अकेला था। शाम के समय जब मां काम से घर लौटीं, तो कमरे का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में अभी तक गौरव के इस कदम उठाने के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों के औपचारिक बयान दर्ज होने और पुलिस की गहन जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
फरीदाबाद में एक बीकॉम पास युवक की काली करतूत का खुलासा हुआ है। जन सुविधा केंद्र की आड़ में यह जालसाज बीजेपी विधायक के फर्जी लेटर पैड, मोहर और दस्तखत का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से लोगों के आधार कार्ड में बदलाव (करेक्शन) कर रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना और शिकायत के आधार पर आरोपी जन सुविधा केंद्र संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सौरव है, जिसकी उम्र 28 वर्ष है और यह फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी का रहने वाला है। सौरव ने पढ़ाई तो बीकॉम की थी, लेकिन जल्दी और ज्यादा कमाई के चक्कर में उसने जालसाजी का रास्ता चुन लिया। वह पर्वतीय कॉलोनी में ही एक जन सुविधा केंद्र चलाता था। मामला एनआईटी 86 फरीदाबाद विधानसभा से बीजेपी विधायक सतीश फागना से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सौरव इस साल जून के महीने से इस फर्जी धंधे को अंजाम दे रहा था। जालसाजी की शुरुआत तब हुई जब सौरव अपनी पत्नी के आधार कार्ड में बदलाव कराने के लिए विधायक सतीश फागना के दफ़्तर पहुंचा था। वहां उसने विधायक के मूल लेटर पैड, मोहर और साइन को देखा और बाद में उनके डुप्लीकेट तैयार करवा लिए।
विधायक के दफ़्तर में तैनात प्रकाश पटेल की शिकायत पर पर्वतीय कॉलोनी पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319, 336(3), 338 और 340 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस फर्जी लेटर पैड, मोहर, दस्तखत और जालसाजी में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटर उपकरण बरामद करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कौन-कौन शामिल था और अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए या सुधारे गए हैं।
पलवल के कैंप थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अलावलपुर चौक के नजदीक एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि युवक का शव एक खाली प्लॉट में पड़े तखत पर मिला, जबकि उसकी स्कूटी भी शव के पास ही खड़ी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
मृतक युवक की पहचान गांव मांदकोल निवासी हर्ष के रूप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में हर्ष की बहन अंजलि ने बताया कि वह अपनी मां और भाई हर्ष के साथ फिलहाल श्याम नगर में किराए के मकान में रह रही है। अंजलि के मुताबिक, 29 सितंबर की शाम हर्ष स्कूटी लेकर घर से यह कहकर निकला था कि वह करीब 10 से 15 मिनट में वापस आ जाएगा। लेकिन देर रात तक जब हर्ष घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
अगली सुबह परिजनों को सूचना मिली कि अलावलपुर चौक के नजदीक एक खाली प्लॉट में हर्ष की स्कूटी खड़ी है और पास में पड़े तखत पर एक युवक का शव मिला है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो तखत पर पड़ा शव हर्ष का ही निकला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रोहतक: शहर के व्यस्त इलाके में कांग्रेस भवन के बाहर बुधवार को एक स्कॉर्पियो गाड़ी में वकील का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा के रूप में हुई है। गाड़ी का नंबर 0001 बताया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की और गाड़ी से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक के सिर पर गोली लगी थी।
कांग्रेस भवन के बाहर खड़ी थी स्कॉर्पियो
पुलिस को बुधवार को एक व्यक्ति के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो कांग्रेस भवन के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो के अंदर प्रदीप नारा का शव मिला।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के सिर की कनपटी पर गोली लगी हुई थी। घटनास्थल से एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद किया गया है। इसके बाद फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और गाड़ी के अंदर तथा आसपास से संभावित साक्ष्य जुटाए गए।
परिजनों ने आत्महत्या की बात से किया इनकार
पुलिस जहां शुरुआती सूचना के आधार पर आत्महत्या के पहलू से जांच कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है।
परिजनों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि किन परिस्थितियों में प्रदीप नारा की मौत हुई। हालांकि, हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने स्कॉर्पियो और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले स्कॉर्पियो के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और घटना के बाद वहां से कौन गया।
इसके अलावा मृतक के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
महत्वपूर्ण इलाकों के पास हुई घटना
जिस स्थान पर स्कॉर्पियो में शव मिला, उसके आसपास शहर के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय और पुलिस थाने स्थित हैं। एसपी कार्यालय, सिविल लाइन थाना और महिला पुलिस थाना भी घटनास्थल से कुछ दूरी पर बताए जा रहे हैं।
शहर के बीचोंबीच इस तरह शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जांच आगे बढ़ाई।
आत्महत्या या हत्या? दोनों पहलुओं से जांच
फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और उस समय गाड़ी के आसपास कौन मौजूद था।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, लाइसेंसी रिवॉल्वर और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पोस्टमार्टम और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही प्रदीप नारा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।