Category: Haryana

  • हरियाणा में आज से:तीन दिन दूध की सप्लाई बंद, नियम तोड़ा तो लगेगा 51 हजार जुर्माना… जानें क्या है वजह

    हरियाणा में आज से:तीन दिन दूध की सप्लाई बंद, नियम तोड़ा तो लगेगा 51 हजार जुर्माना… जानें क्या है वजह

    हरियाणा में आज से:तीन दिन दूध की सप्लाई बंद, नियम तोड़ा तो लगेगा 51 हजार जुर्माना… जानें क्या है वजह

    हरियाणा में दूध के उचित खरीद भाव और मिलावट के खिलाफ पशुपालकों व किसानों ने कड़ा रुख अपनाते हुए 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तक यानी तीन दिनों के लिए संपूर्ण दूध बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन के तहत गांवों में मुनादी करवा दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति घरों से दूध की सप्लाई बाहर न भेज सके। इस हड़ताल का दायरा केवल हरियाणा तक सीमित न रहकर पंजाब और राजस्थान तक की सप्लाई को भी प्रभावित कर रहा है।   

    आंदोलन को पूरी सख्ती से लागू करने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। इसके तहत यदि कोई भी विक्रेता या पशुपालक इन तीन दिनों के दौरान दूध बेचते या सप्लाई करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 51,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही दूध ढोने वाले वाहनों को भी रोकने और जब्त करने की चेतावनी दी गई है।   

    किसान संगठनों और पशुपालकों का कहना है कि उन्हें उनके पशुधन की लागत के हिसाब से दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, ‘नकली के खिलाफ जंग, असली को प्रमोट’ अभियान के तहत मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों पर रोक लगाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। इस दौरान वीटा (Vita), वेरका (Verka), सरस और अमूल जैसी बड़ी कंपनियों को भी गांवों व शहरों में दूध के वाहन न भेजने की अपील की गई है, और कई जगहों पर किसान मिल्क प्लांटों के घेराव की तैयारी कर रहे हैं।   

    लेंतीन दिनों तक दूध की सप्लाई पूरी तरह बंद रहने के कारण हरियाणा के शहरी इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों (पंजाब-राजस्थान) के कुछ हिस्सों में भी दूध, दही और पनीर की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, किसानों का साफ कहना है कि यह लड़ाई पशुपालकों के हक और शुद्धता के लिए है

  • नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का खेल… करनाल में ACB ने नगर निगम क्लर्क को घूस लेते पकड़ा, जानें पूरा मामला

    हरियाणा के करनाल जिले में  एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां  नगर निगम के क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। 

    मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए क्लर्क की पहचान गौरव राणा के रुप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रापर्टी आइडी में नाम ठीक करने के एवज में पांच हजार घूस की मांग की थी। शिकायतकर्ता  ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी प्रापर्टी आईडी में हुई गलती ठीक कराने के लिए नगर निगम गया था। वहां क्लर्क गौरव राणा ने गलती ठीक करने के बदले उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इस शिकायत के बाद ACB ने रणनीति बनाकर ट्रैप बिछाया।

    जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत के पांच हजार रुपये लिए, टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। साथ ही उससे रुपये भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल एसीबी टीम क्लर्क को पकड़कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

  • भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    भिवानी में दिल दहला देने वाला मामला, पेड़ पर बंधी पॉलीथिन से आई बच्चे के रोने की आवाज…आवाज सुन सहमे लोग.

    हरियाणा के भिवानी जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सुबह-सवेरे एक पेड़ पर लटकी काली थैली से एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।   

     प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह जब कुछ लोग टहलने के लिए निकल रहे थे, तब उन्होंने एक पेड़ पर बंधी काली पॉलीथिन को हिलते और उससे बच्चे के रोने की आवाज आते देखा। पास जाकर देखा गया तो अंदर एक एक दिन का नवजात शिशु (लड़का) मौजूद था, जिसके शरीर पर जन्म के बाद की नाल भी बंधी हुई थी। कड़ाके की ठंड और खुले में लटके रहने के कारण बच्चे का शरीर काफी ठंडा पड़ चुका था।   

    घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल भिवानी पहुँचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण आयोग की टीम भी अस्पताल पहुँची और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली।   

    सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, नवजात का वजन लगभग 1200 ग्राम है और उसे सांस लेने में परेशानी (रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सकीय देखरेख के लिए रोहतक PGI रेफर कर दिया।   फिलहाल, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले कलयुगी लोग कौन हैं।

  • मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    मंदिर के पुजारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, चौंकाने वाली वजह आई सामने….

    फरीदाबाद:  फरीदाबाद के सेक्टर-30 बाइपास रोड पर नहर किनारे स्थित मंदिर के पास हुए पुजारी हत्याकांड का अपराध शाखा डीएलएफ ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर के पास नशा करने से मना करने पर आरोपियों ने बेरहमी से पुजारी की जान ले ली।

    हत्या की पूरी वारदात
     पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मंदिर के पास नशा कर रहे थे। 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश ने जब उन्हें वहां नशा करने से रोका, तो बात बढ़ गई और आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।हाथापाई के दौरान दरिदों ने सिलबट्टे से पुजारी के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशिफ उर्फ टीटी (20), निवासी गांव हुसैनी, मथुरा, हाल किसान मजदूर कॉलोनी और आशिफ उर्फ कालिया (34), निवासी गांव बामनी, जुरहेड़ा, भरतपुर, हाल किसान मजदूर कॉलोनी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार टीटी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और चोरी समेत तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है

  • ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    ‘मैं यमराज हूं, 5 लाख’ दो नहीं तो मौत का काउंटडाउन’,…रेवाड़ी की ESIC डिस्पेंसरी स्टाफ को मिला धमकी भरा पत्र;

    धारूहेड़ा स्थित ई. एस. आई.सी. डिस्पेंसरी नंबर 2 के स्टाफ को धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में 5 लाख रुपए की रंगदारी नहीं देने पर स्टाफ के सदस्यों को मारने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही धारूहेड़ा के सैक्टर-6 थाना पुलिस ने पत्र को कब्जे लेकर जांच शुरू कर दी है।

     उक्त धमकी भरा पत्र डिस्पेंसरी के लैब टैक्नीशियन गुरमीत सिंह को सोमवार को डिस्पेंसरी के बाहर मिला। उन्होंने जब इस पत्र को पढ़ा तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई और इसकी सूचना तत्काल पुलिस व अधिकारियों को दी। पत्र में आरोपी ने लिखा है कि 5 लाख रुपए नहीं देने पर उनकी मौत का काऊंट डाऊन शुरू हो जाएगा और मांग पूरी नहीं करने पर यह रकम दोगुनी कर दी जाएगी। डाक्टर, कर्मचारी से चपरासी तक सभी को जान से मार दिया जाएगा। उसे लोग यमराज कहते हैं। जिसको पत्र लिख दिया, उसका मरना तय है। सभी कर्मचारी मिलकर 5 लाख रुपए एकत्रित करो। यदि रकम देने पर सहमति बन जाए तो डिस्पेंसरी के गेट पर प्लस का निशान बना देना।

    यदि नहीं दोगे तो एक-एक कर सभी को मार दिया जाएगा। अब तुम स्वयं फैसला कर लो, मरना है या पैसे देने हैं। अंत में लिखा है वेट फॉर माई नैक्स्ट लैटर। गुरमीत सिंह की शिकायत पर सैक्टर-6 थाना पुलिस ने पत्र कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस डिस्पेंसरी के आसपास लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

  • रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    रोहतक में रिश्तों का कत्ल! नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाला चाचा दोषी करार

    हरियाणा के रोहतक जिले से एक अत्यंत शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) शैलेंद्र सिंह की अदालत ने अपनी ही नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती बनाने वाले कलयुगी चाचा को दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत द्वारा सजा का ऐलान किया जाएगा।

    क्या है पूरा मामला?
    वारदात का समय: यह गंभीर घटना वर्ष 2024 की है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता ने बताया कि आरोपी चाचा पिछले दो-तीन साल से उसे परेशान कर रहा था। वह पानी लाने के बहाने अक्सर उसे अपने साथ ले जाता था।  अप्रैल 2024 में आरोपी घर आया और पुराने घर में पंखा लगवाने के बहाने पीड़िता को अपने साथ ले गया। वहां उसने सुनसान जगह पर पीड़िता के पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

    अदालत का फैसला
    अदालत में पेश किए गए ठोस सबूतों, गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर जज शैलेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी चाचा को गुनाहगार माना है। कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

  • पंचकूला में महिला और’ उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा, पति की हत्या कर गट्टर में फेंका था शव.

    पंचकूला में महिला और’ उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा, पति की हत्या कर गट्टर में फेंका था शव.

    पंचकूला में महिला और’ उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा, पति की हत्या कर गट्टर में फेंका था शव.

    पति की हत्या कर शव गट्टर में फेंकने के मामले में महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साढ़े चार साल पुराने मामले में मंगलवा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने फैसला सुनाया।

    दोषी अनिता देवी और उसके प्रेमी संजय कुमार पर 52 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोनों को शुक्रवार को दोषी करार दिया गया था। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने पर्याप्त सबूत पेश किए। उन्होंने दलील दी कि दोषियों ने दोषियों ने गंभीर अपराध को अंजाम दिया है इसलिए दोनों माफी के हकदार नहीं हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।

    इस मामले में 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मृतक सियाराम साह मूल रूप से बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के डाकघर प्रतापनगर के गांव खलीलपुर का रहने वाला था। वह पत्नी के साथ पंचकूला सेक्टर-26 के मदनपुर में किराये के मकान में रहता था और मिस्त्री का काम करता था।

    संजय कुमार मूल रूप से यूपी के गोरखपुर के कुशीनगर का रहने वाला है। वह भी मदनपुर में अनिता के पड़ोस में किराये के मकान में रहता था। दोनों ने मिलकर फरवरी 2022 को सियाराम साह की हत्या की थी की और लाश गट्टर में फेंक दिया था। दोनों के खिलाफ मृतक सियाराम साह के भाई राम साह की शिकायत पर 3 फरवरी 2022 को हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

    भाई की शिकायत पर दर्ज किया था केस

    पुलिस को दी शिकायत में राम साह ने बताया था कि वह पांच भाई हैं। वह मजदूरी करता है। उसका बड़ा भाई गांव में माता-पिता के साथ रहता है, जबकि तीन भाई चंडीगढ़ के सेक्टर-52 कजहेड़ी में उसके साथ रहते हैं। उसका भाई सियाराम साह पत्नी के साथ गांव मदनपुर, सेक्टर-26, पंचकूला में रहता है।

    घटना के दिन राम साह के ठेकेदार ने मोबाइल फोन पर एक मृत व्यक्ति की फोटो दिखाई। वह फोटो उसके भाई सियाराम साह की थी। इसके बाद वह अपने भाई के साथ मदनपुर उसके घर पहुंचा।

    शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय कुमार और उसकी भाभी अनिता देवी के बीच अवैध संबंध थे। कुछ दिन पहले जब उसके भाई सियाराम को पता चला तो संजय कुमार के साथ उसका झगड़ा हुआ था।

    इस झगड़े के बाद अनिता और संजय ने मिलकर उसके भाई सियाराम साह की हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

  • हरियाणा के 4 वर्षीय’ मयन सैनी ने रचे दो विश्व रिकॉर्ड, 195 देशों के झंडे और मानचित्र पहचानकर बढ़ाया देश का मान

    हरियाणा के 4 वर्षीय’ मयन सैनी ने रचे दो विश्व रिकॉर्ड, 195 देशों के झंडे और मानचित्र पहचानकर बढ़ाया देश का मान

    हरियाणा के 4 वर्षीय’ मयन सैनी ने रचे दो विश्व रिकॉर्ड, 195 देशों के झंडे और मानचित्र पहचानकर बढ़ाया देश का मान

    मुलाना के महमूदपुर गांव के नन्हे मयन सैनी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से छोटी उम्र में ही दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। महज चार साल की उम्र में मयन ने एक के बाद एक दो रिकॉर्ड बनाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।पहले मयन ने 195 देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बताने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।

    इसके बाद महाद्वीपवार सभी देशों की पहचान कर उनके नाम बताकर दूसरा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।मयन की इस उपलब्धि के पीछे उसके माता-पिता के प्रोत्साहन के साथ उसकी मां मधू सैनी की अहम भूमिका रही। खेल-खेल में सीखने की शुरुआत करने वाले मयन ने 2 मिनट 19.8 सेकंड में रंगीन विश्व के ब्लैक मैप से महाद्वीपवार देशों की पहचान कर यह रिकॉर्ड बनाया।मयन की इस प्रतिभा ने न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

    मुलाना के गांव महमूदपुर निवासी चार वर्षीय मयन सैनी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटी उम्र में ही दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मयन की इस उपलब्धि के पीछे उसके माता-पिता के प्रोत्साहन के साथ- साथ उसकी माता मधू सैनी की अहम भूमिका रही है।मयन के पिता रोहित सैनी और माता मधू सैनी ने बताया कि मयन को शुरू से ही देशों, झंडों और विश्व मानचित्र को जानने में रुचि थी।

    उसकी इसी रुचि को देखते हुए उसकी मां मधू सैनी ने उसे पढ़ाई के दबाव के बजाय खेल-खेल में देशों और उनके झंडों की पहचान करना सिखाया । मयन ने भी इसे खेल की तरह लिया और धीरे-धीरे इतनी आसानी से सीखता चला गया कि कम उम्र में ही उसने रिकॉर्ड कायम कर दिए।मयन सैनी ने 12 मई 2026 को अंबाला में 195 देशों के झंडों को पहचानकर और उनके नाम बोलकर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसके चलते मयंक का नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज किया गया।

    मयन ने यह उपलब्धि 1 मिनट 44 सेकंड में हासिल की। उस समय उसकी उम्र करीब साढ़े चार वर्ष थी। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को मयन ने एक और उपलब्धि हासिल की। मयन महज 4 वर्ष, 8 माह और 10 दिन की उम्र में मयन ने रंगीन विश्व के ब्लैक मैप से महाद्वीपवार सभी देशों की पहचान कर उनके नाम बताए। उसने यह कार्य 2 मिनट 19.8 सेकंड में पूरा किया और नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह विश्व रिकार्ड इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकार्ड्सअब महाद्वीपवार देशों की पहचान में दर्ज किया गया ।

  • हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    हरियाणा के 26 साल पुराने हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, 5 दोषियों को नहीं मिलेगी मौत की सजा; हाई कोर्ट का फैसला.

    नारायणगढ़ में करीब 26 वर्ष पहले युवक संजीव कुमार की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच दोषियों को बड़ी राहत देने से इन्कार करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

    हालांकि, अदालत ने मृतक के स्वजन की ओर से दायर वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें दोषियों की उम्रकैद को मृत्युदंड में बदलने की मांग की गई थी।

    जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस मनदीप पन्नू की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता।

    26 साल पुराना है मामला

    मामला 16 सितंबर 2000 का है। अभियोजन के अनुसार संजीव कुमार नारायणगढ़ में खेल देखने के बाद अपने गांव लौट रहा था। हुसैनी रोड पार करते समय उसने देखा कि पांच युवक उसके साथ मारपीट कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल संजीव को पहले नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया और वहां से पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीजीआइ में रात करीब 7:45 बजे उसकी मौत हो गई।

    इस मामले में सुखदेव सिंह, राजपाल, अनिल चौहान, हरीश कुमार उर्फ रिक्कू और प्रदीप कुमार को दोषी ठहराया गया था। अंबाला की अतिरिक्त सत्र अदालत ने वर्ष 2004 में पांचों को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    दोषियों की ओर से हाई कोर्ट में तर्क दिया गया कि प्राथमिकी में कुछ आरोपितों के नाम अलग थे और बाद में दो अन्य नाम सामने आए। साथ ही चश्मदीदों के बयानों में भी हमलावरों की भूमिकाओं को लेकर अंतर था।

    मौके से केवल एक चाकू मिला

    दोषियों ने यह भी दलील दी कि अभियोजन ने कई चाकुओं के इस्तेमाल का आरोप लगाया, लेकिन बरामद केवल एक चाकू हुआ।

    हाई कोर्ट ने कहा कि हथियार की बरामदगी हत्या का आरोप साबित करने के लिए अनिवार्य शर्त नहीं है। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को चिकित्सकीय साक्ष्य का भी समर्थन मिला। संजीव के शरीर पर धारदार हथियार से लगी कई गंभीर चोटें मिली थीं।

    मृतक के स्वजन ने दोषियों की सजा बढ़ाकर मृत्युदंड करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने कहा कि मृतक का युवा होना और घटना में उसकी मौत होना अपने आप में मृत्युदंड देने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    अदालत ने यह भी महत्वपूर्ण माना कि वारदात वर्ष 2000 की है और मामला लंबे समय से लंबित रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा बढ़ाने से इनकार कर दिया।

    हाई कोर्ट ने दोषियों की अपील और सजा बढ़ाने की याचिका दोनों खारिज कर दीं। पांचों दोषी फिलहाल जमानत पर थे। अदालत ने संबंधित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को उनकी दोबारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर शेष सजा भुगतने के निर्देश दिए हैं।

  • गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश -​​​​​​

    गुरुग्राम में नशा छुड़ाने के 6 महीने बाद ही युवक की बेरहमी से हत्या, दोस्तों के संग निकला और शाम को मिली लाश
 - gurugram man murdered friends suspected in stabbing case

    गुरुग्राम में 33 वर्षीय हरिजीत कुमार की नुकीली वस्तु से हत्या कर दी गई, जिसका शव ओल्ड दिल्ली रोड पर मिला। परिवार ने मृतक के दोस्तों पर नशे को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या का आरोप लगाया है, पुलिस जांच में जुटी है।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। उद्योग विहार थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय एक युवक की नुकीली वस्तु घोंपकर हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार शाम ओल्ड दिल्ली रोड पर पार्क अस्पताल के पास लहूलुहान स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान डूंडाहेड़ा गांव निवासी हरिजीत कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ रहता था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, हरिजीत नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था।

    छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर लौटा

    परिवार के लोगों ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह करीब छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर घर लौटा था, लेकिन फिर से उसी संगत में पड़ गया था।

    सोमवार सुबह हरिजीत ने परिवार को बताया था कि वह अपने दोस्तों हरकेश, मोनू नेपाली व अन्य के साथ कहीं जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि उसका शव पार्क अस्पताल के पास पड़ा है। राहगीरों की सूचना पर उद्योग विहार थाना पुलिस, एफएसएल और सीन आफ क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचीं।

    दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप

    जांच में पता चला कि किसी नुकीली चीज से कई वार कर उसकी हत्या की गई है। परिवार ने दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। स्वजन का कहना है कि आरोपितों के साथ अक्सर उसका नशा करने को लेकर झगड़ा होता था।