Category: Uttar Pradesh

  • ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    ‘मौसा जी’ कहकर बुजुर्ग के पैर छुए, फिर अंगूठी का डिजाइन पूछा; दो ठग लेकर फरार हो गए सोने की अंगूठी

    उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवकों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग को रिश्तेदार बताकर पहले उनका भरोसा जीता और फिर उनकी सोने की अंगूठी लेकर फरार हो गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया और उनके पैर भी छुए। इसके बाद अंगूठी के डिजाइन की तारीफ करते हुए उसी तरह की अंगूठी बनवाने की बात कही।

    ‘मौसा जी’ कहकर शुरू की बातचीत

    जानकारी के मुताबिक, 70 वर्षीय सुभाष कुमार वर्मा बाजार में सामान लेने गए थे। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों ने ऐसा व्यवहार किया, जैसे वे बुजुर्ग को पहले से जानते हों।

    एक युवक ने उन्हें ‘मौसा जी’ कहकर संबोधित किया। इसके बाद उसने अपने साथी से बुजुर्ग के पैर छूने के लिए कहा। युवक ने आगे बढ़कर पैर छुए और बुजुर्ग ने उसे आशीर्वाद दिया। इस तरह आरोपियों ने कुछ ही देर में बुजुर्ग का भरोसा हासिल कर लिया।

    अंगूठी पर थी आरोपियों की नजर

    इसके बाद आरोपियों ने अंगूठी खरीदने को लेकर बातचीत शुरू की। एक युवक ने फोन पर किसी को अंगूठी गिफ्ट करने की बात करने का नाटक किया। इसी दौरान उसकी नजर सुभाष कुमार वर्मा की अंगूठी पर पड़ी।

    आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि उसे इसी डिजाइन की अंगूठी बनवानी है। उसने बुजुर्ग से अंगूठी दिखाने के लिए मांगी। बुजुर्ग ने अपनी अंगूठी उतारकर उसे दे दी।

    बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहली बार अंगूठी वापस कर दी। इससे बुजुर्ग को उस पर शक नहीं हुआ। कुछ देर बाद आरोपियों ने दोबारा उसी अंगूठी की बात शुरू की और उसे फिर से मांग लिया।

    दूसरी बार अंगूठी लेकर भाग निकले

    इस बार बुजुर्ग ने दोबारा अपनी अंगूठी उतारकर आरोपियों को दे दी। आरोप है कि अंगूठी हाथ में आते ही दोनों युवक वहां से निकल गए। जाते समय उन्होंने बुजुर्ग से कथित तौर पर कहा कि उनकी पत्नी बुजुर्ग के घर पर हैं और वह भी वहीं आ जाएं।

    बुजुर्ग जब घर पहुंचे तो वहां कोई ऐसी महिला नहीं थी। इसके बाद उन्हें समझ आया कि जिन युवकों को वह अपना रिश्तेदार समझ रहे थे, उन्होंने भरोसा जीतकर उनकी अंगूठी ठग ली।

    शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

    ठगी का पता चलने के बाद सुभाष कुमार वर्मा ने 13 सितंबर को सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार शर्मा और काली

  • ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    ‘पत्नी कहती है बॉयफ्रेंड को: जयमाला पहनाऊंगी…’ शख्स ने वीडियो बनाया, कहानी बयां कर खत्म कर ली जिंदगी

    झांसी में एक 45 साल के शख्स की मौत के बाद उसके दो वीडियो सामने आए हैं. वीडियो में वह पत्नी और एक युवक पर गंभीर आरोप लगा रहा है. उसका कहना है कि पत्नी का किसी युवक के साथ अफेयर है और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई. वीडियो में वह यह भी कहता है कि पत्नी उससे कह रही थी कि वह उसे नहीं रखेगी और बॉयफ्रेंड को जयमाला पहनाएगी.

    यूपी के झांसी में एक शख्स ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. उसने अपनी पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाया है. मौत से पहले का उसका वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने कहा कि पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड ने मुझे कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा. अब पत्नी कह रही है कि वह मुझे नहीं रखेगी और बॉयफ्रेंड के साथ जयमाला डालेगी. इसलिए मैंने जहर खा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

    मृतक का नाम जितेंद्र अहिरवार है. उसकी उम्र करीब 45 वर्ष है. वह झांसी में मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम पावई का रहने वाला था. उसके दो बेटे और एक बेटा है. बड़ा बेटा कपिल बोल नहीं पाता. छोटे बेटे आशीष और नीलम की शादी हो चुकी थी. करीब 3 साल पहले आशीष की मौत हो गई थी. इसके बाद जितेंद्र अपनी पत्नी, बेटा और बहू के साथ झांसी में पंचवटी कॉलोनी में किराए पर रहने लगा था. यहां जितेंद्र प्राइवेट काम करता था. गांव में लगभग ढाई बीघा खेती है. इसलिए कभी-कभार गांव भी आता-जाता रहता था.

    चचेरे भतीजे करण ने बताया कि उसके चाचा जितेंद्र अपने परिवार के साथ झांसी में रहते थे. यहां एक युवक का घर पर आना जाना था. इसलिए चाची से दोस्ती हो गई, जो जल्द ही प्यार में बदल गई. जब चाचा को इसका पता चला तो विवाद होने लगा. विवाद बढ़ने पर चाची और उनके प्रेमी ने चाचा को कमरे में बंद कर मारपीट की. इससे चाचा दुखी हो गए.

    बुधवार को चाचा गांव पावई आए और जहर खा लिया. तबीयत बिगड़ने पर हम लोग पहुंचे तो चाचा ने ही चाची के अफेयर और दुखी होकर जहर खाने की बात बताई. तब हम लोगों ने पुलिस को बुलाया. पुलिस के सामने चाचा ने वीडियो में बताया कि मेरी पत्नी का किसी युवक के साथ अफेयर है. वो हमारी बात नहीं मानती है. शराब पीकर मेरे साथ मारपीट की. तब घर आकर उसने आत्महत्या कर ली. प्रदीप का नाम लिया है.

    भतीजे करण ने कहा कि चाचा ने वीडियो में बताया था कि उनकी पत्नी का किसी से अफेयर था. विरोध करने पर मारपीट की गई. उन्होंने जहर कहां खाया, यह पता नहीं. जब वह गांव आए तब पता चला. उन्हें झांसी मेडिकल कालेज लाया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

    जितेंद्र के मरने से पहले के दो वीडियो सामने आए. 20 सेकेंड के वीडियो में जितेंद्र जमीन पर पड़ा है और उल्टी कर रहा है. कह रहा है कि पत्नी का प्रदीप के साथ संबंध है. वह मुझसे कहती है कि तू मर जा, मैं प्रदीप के साथ जयमाला डालूंगी. टेंशन में हमने दवा पी है.

    वहीं दूसरा वीडियो 1.27 मिनट का है. इसमें जितेंद्र कहता है कि प्रदीप और पत्नी ने मुझे कमरे में बंद कर मारा है. कंधे में काटा है. वो कह रही थी कि मंदिर में हम जयमाला डलवाने जा रहे हैं. जब पत्नी ने कहा कि हम तुम्हें नहीं रखेंगे, प्रदीप के साथ जयमाला डालेंगे, तब मैंने जहर खा लिया.

    मोठ थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जितेंद्र का पत्नी से विवाद हो गया था. इस वजह से उसने जहर खा लिया. मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. झांसी में पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. अभी तक परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है. तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा. पूरे मामले की जांच की जा रही है.

    नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

  • साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    साली की शादी में शामिल: होने पहुंचा था युवक, धारदार हथियार से रेत दिया पत्नी का गला, फिर खुद को भी किया घायल

    सहारनपुर में साली की शादी में शामिल होने मायके आए युवक का उसकी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि पति ने धारदार हथियार से पत्नी के गले पर हमला कर दिया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद युवक ने भी खुद को घायल कर लिया.

    सहारनपुर के नानौता में साली की शादी में शामिल होने मायके आए दंपति के बीच ऐसा विवाद हुआ कि कुछ ही देर में घर में चीख-पुकार मच गई. आरोप है कि पति इरफान ने अपनी पत्नी गजाला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. गजाला गंभीर रूप से घायल हो गई. परिजन उसे लेकर सीएचसी नानौता पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद इरफान ने भी खुद को घायल कर लिया. उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

    मामला नानौता थाना क्षेत्र के मोहल्ला चामंजिली का है. करीब 30 साल की गजाला की शादी 14 साल पहले कैराना निवासी इरफान से हुई थी. परिजनों के मुताबिक, शादी के इतने साल बाद भी दोनों की कोई संतान नहीं थी. इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच पहले भी विवाद होते रहते थे. हालांकि गुरुवार को दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, इसकी वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं है.

    गजाला की बहन की शादी 21 सितंबर को हुई थी. इसी शादी में शामिल होने के लिए इरफान भी अपनी पत्नी के साथ आया था. घर में कुछ दिन पहले तक शादी की खुशियां थीं. रिश्तेदार जुटे हुए थे और माहौल उत्सव का था. लेकिन गुरुवार शाम अचानक वही घर चीख-पुकार से भर गया.

    गुरुवार को गजाला अपने भाई सुहेल के पंजाब जाने की तैयारी कर रही थी. वह उसके कपड़े बैग में रख रही थी. इसी दौरान इरफान भी घर के ऊपरी कमरे में पहुंच गया. कमरे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. परिजनों के मुताबिक, कुछ देर में विवाद बढ़ गया और इरफान ने गजाला पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.

    गजाला की चीख सुनकर नीचे मौजूद परिजन दौड़कर ऊपर पहुंचे. तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी. इसके बाद इरफान ने कथित तौर पर खुद को भी घायल कर लिया. परिजन दोनों को लेकर सीएचसी नानौता पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने गजाला को मृत घोषित कर दिया. इरफान की हालत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

    घटना की खबर मिलते ही गजाला के मायके में कोहराम मच गया. मां संजीदा, पिता इस्लाम और भाई सुहेल और शोएब का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक मातम पसर गया. रिश्तेदार और परिवार के लोग गजाला की मौत से सदमे में हैं. घटना की सूचना मिलते ही नानौता थाना प्रभारी विकास चारण पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    पुलिस बोली- रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

    सीओ गंगोह शैलेन्द्र प्रताप गौतम ने बताया कि नानौता थाना क्षेत्र में इरफान नाम का व्यक्ति अपनी ससुराल आया हुआ था. पारिवारिक विवाद के चलते उसने अपनी पत्नी गजाला के गले पर धारदार हथियार से हमला किया. महिला की अस्पताल में मौत हो गई. आरोपी ने अपने गले पर भी चोट पहुंचाई है और उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है. मामले में रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. विवाद की असली वजह क्या थी, हमला किस परिस्थिति में हुआ और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे.

  • गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    गोंडा में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद, 6 साल की बेटी की मौत; शराब के नशे में मारपीट का आरोप.

    उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद बेहद दुखद घटना में बदल गया। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के हटही गांव में चिकन बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि उस समय पति शराब के नशे में था और विवाद बढ़ने के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई। इसी दौरान उनकी 6 साल की बेटी भी चोटिल हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

    चिकन लेकर घर पहुंचा था पति

    जानकारी के मुताबिक, हटही गांव निवासी करीब 35 वर्षीय प्रमोद गौतम 24 सितंबर की देर शाम शराब के नशे में घर पहुंचा था। वह अपने साथ चिकन लेकर आया था। घर में चिकन बनाने को लेकर उसकी पत्नी लक्ष्मी से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी।

    परिजनों के अनुसार, इसी दौरान उनकी 6 साल की बेटी भी किसी तरह चोटिल हो गई। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन बच्ची को तत्काल करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने पिता को हिरासत में लिया

    बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची के पिता प्रमोद गौतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट की बात सामने आई है। हालांकि, बच्ची की मौत ठीक किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी जांच जारी है।

    बच्ची के शरीर पर नहीं मिले स्पष्ट चोट के निशान

    मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बच्ची के शरीर पर फिलहाल स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल पर भी खून के निशान नहीं पाए गए। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।

    गोंडा के एएसपी नितेश सिंह के अनुसार, हटही गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पति के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। विवाद के दौरान मारपीट हुई और इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी मौत की वजह

    फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्ची को चोट कैसे लगी और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या था। क्या मारपीट के दौरान लगी चोट से उसकी मौत हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

  • विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बेटे सुब्रत पर हत्या की साजिश रचने का आरोप; पत्नी शालू की भूमिका पर भी जांच जारी.

    कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जांच के दौरान बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के बेटे सुब्रत मिनोचा पर अपने पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में करीब 40 लाख रुपये के कर्ज और संपत्ति को लेकर आशंका को हत्या की साजिश के पीछे की वजहों में शामिल बताया जा रहा है।

    मामले में शुरुआत में विनीत मिनोचा की बहू शालू को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, पुलिस की मौजूदा जांच में उसके खिलाफ अब तक पुष्ट सबूत सामने नहीं आने की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शालू की भूमिका को लेकर जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और अंतिम निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

    करीब तीन महीने पहले रची गई थी साजिश

    पुलिस जांच के अनुसार, सुब्रत पर आरोप है कि उसने अपने पिता की हत्या की योजना घटना से कई महीने पहले बनाई थी। जांच में सामने आया कि उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और हर महीने बड़ी रकम की किस्त चुकानी पड़ती थी।

    पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को यह भी आशंका थी कि उसके पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम कर सकते हैं। इसी आर्थिक दबाव और संपत्ति को लेकर कथित चिंता के बीच उसने हत्या की साजिश रची।

    कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि सुब्रत ने पिता की हत्या के लिए अपने पुराने कर्मचारी विशाल गौतम से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, विशाल ने पूछताछ में सुब्रत पर हत्या के लिए रकम देने का आरोप लगाया है। इस दावे को पुलिस इलेक्ट्रॉनिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी जांच रही है।

    डुप्लीकेट चाबी से घर में पहुंचने का आरोप

    जांच में सामने आया कि घर की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई थी।

  • जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

    जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

    जयपुर की ‘लेडी डॉन’ मिंटू चौधरी की हत्या का खुलासा, पति और बेटे ने गला घोंटकर कुएं में फेंका शव.

    राजस्थान की राजधानी जयपुर में करीब डेढ़ साल से लापता महिला सीमा उर्फ मिंटू चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मिंटू चौधरी की हत्या किसी गैंग या बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके पति और बेटे ने मिलकर की थी। आरोप है कि पारिवारिक विवाद और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते पिता-पुत्र ने उसकी हत्या कर शव को सूखे कुएं में फेंक दिया था।

    करीब डेढ़ साल बाद 23 सितंबर को मुहाना थाना क्षेत्र के बनखड़ी बालाजी चौराहे के पास एक पुराने कुएं से महिला का शव बरामद हुआ। शव काफी खराब हालत में था। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान सीमा उर्फ मिंटू चौधरी के रूप में की।

    घर में हत्या के बाद कुएं में फेंका शव

    पुलिस जांच के अनुसार, 25 मई 2025 की रात मिंटू चौधरी के पति लालाराम और बेटे हरिओम ने कथित तौर पर घर में ही उसकी हत्या कर दी। आरोप है कि पारिवारिक कलह और महिला के अवैध संबंधों को लेकर शक के चलते दोनों ने उसका गला घोंट दिया।

    इसके बाद शव को कपड़े में लपेटा गया और मिंटू के ही ऑटो में रखकर करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर ले जाया गया। वहां शव को एक सूखे कुएं में फेंक दिया गया।

    वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की। पिता-पुत्र खुद मुहाना थाने पहुंचे और मिंटू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के बीच यह बात फैलाई गई कि मिंटू किसी मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

    पुलिस जांच में खुला हत्या का राज

    मामले की जांच के दौरान पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय थाना पुलिस ने तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर

  • गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    गुस्सा होकर पत्नी चली गई थी मायके…मनाने के लिए चोरी की कार लेकर पहुंचा पति, बोला- खरीदकर लाया हूं

    पत्नी से चल रही अनबन खत्म करने और उसे खुश करने के लिए एक युवक ने ऐसा कदम उठाया, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था. उसने नोएडा के सेक्टर-18 की पार्किंग से कार चोरी कर ली. इसके बाद युवक चोरी की कार लेकर एटा में रह रही अपनी पत्नी के पास पहुंचा और उसे बताया कि वह कार खरीदकर लाया है. हालांकि, कार चोरी की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चोरी की कार और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई है.

    नोएडा में ड्राइवर की नौकरी करता है युवक पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय अरुण पुत्र अखिलेश के रूप में हुई है. वह मूल रूप से एटा के बागवाला थाना क्षेत्र के सोनसा गांव का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी में किराये के मकान में रहता है. आरोपी नोएडा में ड्राइवर की नौकरी करता है.

    पार्किंग से चुराई महिला की कार मामला 12 सितंबर का है. गाजियाबाद निवासी एक टैटू आर्टिस्ट युवती ने अपनी हुंडई एक्सटर कार सेक्टर-18 स्थित एक पार्किंग में खड़ी की थी. इसके बाद वह इंटरव्यू देने चली गई. वापस लौटने पर कार पार्किंग से गायब मिली. युवती की शिकायत पर सेक्टर-20 थाने में कार चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया.

    पुलिस पूछताछ में आरोपी अरुण ने बताया कि उसका पत्नी से विवाद चल रहा था. वह पत्नी को मनाना चाहता था और उसे प्रभावित करने के लिए कार लेकर उसके पास जाना चाहता था. इसी वजह से उसने पार्किंग से कार चोरी करने की बात पुलिस को बताई.

    चोरी की कार को बताया अपना कार चोरी करने के बाद अरुण उसे लेकर एटा पहुंचा और पत्नी से कहा कि उसने कार खरीदी है. बाद में जब उसे पता चला कि कार चोरी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है तो वह कन्नौज में अपनी बहन के घर चला गया. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था.

    सेक्टर-20 थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस ने 13 सितंबर को अट्टापीर से डीएलएफ मॉल की तरफ जाने वाले रास्ते के पास खाली प्लॉट के नजदीक से अरुण को गिरफ्तार कर लिया.

    कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हुंडई एक्सटर बरामद की. कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी, जबकि उसकी असली नंबर प्लेट कार की डिग्गी में रखी मिली. बरामद कार का वास्तविक नंबर UP14GB1456 है, जबकि उस पर फर्जी नंबर प्लेट UP16C0007TC/02 लगी थी. पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. अब आगे की कार्रवाई में पुलिस जुट गई है.

  • मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    मोबाइल की किस्त वसूलने का अजीब तरीका! युवक को बनाया बंधक, ब्लड बैंक ले जाकर निकलवाया खून..

    लखनऊ के निगोहां इलाके से मोबाइल की किस्त वसूली के नाम पर युवक को बंधक बनाने और उसका खून निकलवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि राजारामखेड़ा गांव निवासी नेवल को मोबाइल दुकानदार के लोगों ने अपने साथ ले जाकर लखनऊ के एक ब्लड बैंक में उसका खून निकलवाया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर कुछ दिनों तक जबरन मजदूरी भी कराई गई.

    पहली किस्त बकाया होने पर फोन छीना पीड़ित की मां बुजुर्ग जदूराई के मुताबिक, उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था. इसकी 12 महीने की किस्त 2,799 रुपये तय हुई थी. आरोप है कि पहली किस्त बकाया होने पर दुकान के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल छीनकर ले गए. इसके करीब एक साल बाद 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को अपने साथ ले गए.

    फोन भी छीना और खून भी लिया नेवल का आरोप है कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उससे जबरन मजदूरी कराई गई. इसी दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया और मोबाइल की किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन मंगवा लिए. परिवार ने जब नेवल को छोड़ने की गुहार लगाई तो आरोपियों ने कथित तौर पर 12 हजार रुपये और मांगे.

    रैपिड कैब का किराया भी भरवाया परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने नेवल को जान से मारकर गोमती नदी में फेंकने की धमकी दी. डर के कारण परिवार ने निगोहां थाने में शिकायत की. आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया और उसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया. थाने पहुंचने पर नेवल बदहवास हालत में था. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने कार्रवाई की मांग की तो उन्हें ही डराया गया और कहा गया कि कार्रवाई करने पर नेवल को भी फंसा दिया जाएगा.

    मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश घर लौटने के बाद नेवल ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद उसकी बुजुर्ग मां सोमवार को डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पास पहुंचीं. उनका आरोप है कि निगोहां थाने में शिकायत के बावजूद उन्हें वहां से लौटा दिया गया. डीसीपी दक्षिणी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी.

    एक साल बाद पैसे के लिए दबाव बनाया पीड़ित के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि नेवल ने 21,500 रुपये का सैमसंग फोन लिया था और उसकी 2,799 रुपये की 12 महीने की किस्त बनी थी. राजकुमार के मुताबिक, फोन लेने के अगले ही महीने दुकान के लड़के मोबाइल वापस ले गए थे, लेकिन करीब एक साल बाद आरोपियों ने दोबारा परिवार पर दबाव बनाया. अब पुलिस पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका, युवक को बंधक बनाए जाने, ब्लड बैंक में खून निकलवाने और कथित वसूली के आरोपों की जांच करेगी.

  •  भगवान किसी को न दिखाएं ऐसा दिन! मां की लाश के बगल में रोती रही मासूम बच्ची… शव के पास नीचे जमीन पर बैठा रहा पति… पैसे नहीं थे तो एंबुलेंस नहीं मिली.

     भगवान किसी को न दिखाएं ऐसा दिन! मां की लाश के बगल में रोती रही मासूम बच्ची… शव के पास नीचे जमीन पर बैठा रहा पति… पैसे नहीं थे तो एंबुलेंस नहीं मिली.

     भगवान किसी को न दिखाएं ऐसा दिन! मां की लाश के बगल में रोती रही मासूम बच्ची… शव के पास नीचे जमीन पर बैठा रहा पति… पैसे नहीं थे तो एंबुलेंस नहीं मिली.

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उसका पति शव को स्ट्रेचर पर रखकर मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में बैठा रहा। उसके पास शव को घर ले जाने के लिए पैसे नहीं थे।

    बारिश के बीच पति काफी देर तक मदद का इंतजार करता रहा। वहीं उसकी करीब 8 साल की बेटी अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही। परिवार की हालत देखकर मेडिकल कॉलेज के एक पुलिसकर्मी ने पहल की और एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर महिला का शव उसके घर भिजवाया।

    इलाज के लिए ओरछा से झांसी आया था परिवार

    जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के ओरछा निवासी राहुल आदिवासी अपनी पत्नी रामवती का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे। रामवती की तबीयत गंभीर होने के बाद उन्हें झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

    राहुल के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसके बावजूद डॉक्टर ने पैसे देकर टैक्सी की व्यवस्था कराई, जिसके बाद वह अपनी पत्नी और करीब 8 साल की बेटी नंदनी के साथ झांसी पहुंचे।

    मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित किया

    मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने रामवती को मृत घोषित कर दिया। पत्नी की मौत के बाद राहुल के सामने अब शव को वापस घर ले जाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई।

    उसके पास शव को ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम करने के पैसे नहीं थे। ऐसे में उसने पत्नी के शव को स्ट्रेचर पर रखा और मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में बैठकर मदद का इंतजार करने लगा।

    बारिश में शव के पास बैठा रहा पति

    राहुल काफी देर तक मेडिकल कॉलेज की पार्किंग में स्ट्रेचर के पास बैठा रहा। एक तरफ पत्नी का शव था और दूसरी तरफ उसकी छोटी बेटी मां की मौत से बेहद परेशान थी।

    नंदनी अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही। परिवार के पास न तो शव को घर ले जाने के लिए पर्याप्त पैसे थे और न ही कोई निजी वाहन।

    बताया गया कि बारिश के कारण हालात और भी मुश्किल हो गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि किसी तरह मदद मिल जाएगी और वे महिला के शव को अपने घर ले जा सकेंगे।

    पुलिसकर्मी की नजर पड़ी तो हुई एंबुलेंस की व्यवस्था

    कुछ देर बाद मेडिकल कॉलेज चौकी में तैनात सिपाही अजय की नजर पार्किंग में बैठे परिवार पर पड़ी। उसने स्थिति को समझने के बाद तत्काल मदद की कोशिश शुरू की।

    सिपाही ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। इसके बाद रामवती के शव को एंबुलेंस के जरिए उनके घर भेजा गया।

    मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच की बात कही

    इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहौर ने बताया कि किसी मरीज की मौत के बाद परिजन शव वाहन की मांग करते हैं तो मेडिकल कॉलेज की ओर से वाहन उपलब्ध कराया जाता है।

    उन्होंने संभावना जताई कि डॉक्टरों ने शव परिजनों को सौंप दिया हो, लेकिन परिवार की ओर से शव वाहन की जरूरत के बारे में जानकारी नहीं दी गई हो। हालांकि, उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी अपने की मौत के बाद अंतिम संस्कार तक शव पहुंचाना भी कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है।

  • ‘जबरदस्ती कपड़े उतरवाए और धमकी दी…’ प्रेमी संग पकड़ी गई अभिलाषा ने सुनाई अलग कहानी, पति के आरोपों को किया खारिज.

    ‘जबरदस्ती कपड़े उतरवाए और धमकी दी…’ प्रेमी संग पकड़ी गई अभिलाषा ने सुनाई अलग कहानी, पति के आरोपों को किया खारिज.

    उत्तर प्रदेश के झांसी में एक महिला और उसके कथित प्रेमी से जुड़ा मामला लगातार चर्चा में है। चिरगांव थाना क्षेत्र के इस मामले में पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पति द्वारा पत्नी को उसके कथित प्रेमी के साथ पकड़े जाने के बाद दोनों की शादी करवाने की बात कही गई थी। अब इसी मामले में महिला अभिलाषा का एक बयान सामने आया है, जिसमें उसने पूरे घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश किया है।

    अभिलाषा ने अपने कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि जिस तरह से उसे लोगों के सामने पेश किया जा रहा है, वह सही नहीं है और उसके साथ जबरदस्ती की गई थी।

    ‘घर पर अकेली थी, तभी आया फोन’

    वायरल वीडियो में अभिलाषा बताती नजर आ रही है कि घटना वाले दिन वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसके कथित प्रेमी का फोन आया। महिला के मुताबिक, फोन पर उससे कहा गया कि वे उसके घर आ रहे हैं।

    अभिलाषा का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद युवक ने उसके साथ जबरदस्ती की। महिला ने दावा किया कि उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया।

    उसके मुताबिक, उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया और धमकी दी गई कि अगर उसने बात नहीं मानी तो उसके भाई को नुकसान पहुंचाया जाएगा।

    हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

    ‘जेठ ने भी पीटा और पति ने भी मारा’

    अभिलाषा ने आगे आरोप लगाया कि इसी दौरान उसका जेठ कमरे में पहुंच गया। महिला के मुताबिक, उसने जेठ को पूरी बात बताने की कोशिश की, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाय उसे ही गलत ठहराया गया।

    महिला का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। कुछ समय बाद उसका पति भी वहां पहुंच गया और उसने भी उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की।

    अभिलाषा का दावा है कि इसी दौरान उसकी आपत्तिजनक हालत में वीडियो बनाई गई और उस पर एक बयान देने का दबाव बनाया गया।

    ‘मुझसे जबरदस्ती बयान दिलवाया गया’

    महिला का कहना है कि वायरल वीडियो में जो बातें उससे कहलवाई गईं, वे उसकी मर्जी से नहीं थीं। उसका आरोप है कि दबाव बनाकर उससे एक कथित बयान रिकॉर्ड कराया गया।

    अभिलाषा ने दावा किया कि बाद में मीडिया के पहुंचने पर उसे कपड़े उपलब्ध कराए गए। उसने अपने ससुराल वालों पर भी शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    पति ने लगाए थे अलग आरोप

    दूसरी तरफ, महिला के पति की कहानी इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है। पति का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी को उसके कथित प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था। इसके बाद उसने दोनों की शादी करवा दी।

    पति का दावा है कि उसके पास पत्नी और कथित प्रेमी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। उसने घर से गहने गायब होने का आरोप भी लगाया है।

    पति का कहना है कि शादी करवाने के बावजूद वह दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहता है।

    नींद की गोलियों के आरोप पर क्या बोली अभिलाषा?

    मामले में महिला पर अपने पति को नींद की गोलियां देने का आरोप भी सामने आया है। जब इस बारे में अभिलाषा से सवाल किया गया तो उसने इससे साफ इनकार किया।

    महिला का कहना है कि उसने अपने पति को किसी तरह की नींद की गोली नहीं दी। उसने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए अपने पति और उसके परिवार के DNA टेस्ट की मांग करने की बात भी कही है।

    वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला

    इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया। एक तरफ पति अपने आरोपों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं अभिलाषा खुद को पीड़ित बताते हुए न्याय की मांग कर रही है।

    फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से सामने आए दावों में काफी अंतर है। ऐसे में वास्तविक घटनाक्रम क्या था, महिला के आरोप कितने सही हैं और पति की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है—इसका फैसला जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और पुलिस की कार्रवाई से ही होगा।