Category: Uttar Pradesh

  • रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

    रोज देख-देखकर जलता था पति, पत्नी को लेकर मन में पल रही थी खतरनाक सोच..

     कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर 12 जून को बोरी में मिले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार 21 दिन बाद सुलझ गई. फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के इस्कुरी गांव के पास सर्विस लेन किनारे मिले शव की पहचान प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के उभारी गांव की 20 वर्षीय रंजना तिवारी के रूप में हुई. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड को अंजाम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पति ने दिया था. पुलिस पूछताछ में उसके पति ने हत्या की जो वजह बताई उसे सुनकर लोग हैरान रह गए.

    बता दें कि, रंजना की शादी 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज के बारा थाना क्षेत्र के कोटवारन का पुरवा निवासी कुनाल तिवारी से हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के बीच उम्र को लेकर विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया और 11 जून की रात पति ने पहले रंजना का गला दबाया, फिर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

    सास-ससुर भी निकले बेरहम

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए परिवार ने भी साथ दिया. जांच में पता चला कि सास और ससुर शव को बोरी में भरकर बाइक से खागा क्षेत्र तक लेकर आए और इस्कुरी गांव के पास सर्विस रोड किनारे फेंक दिया. अगले दिन राहगीरों ने बोरी में शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया. शुरुआती जांच में उम्र को लेकर पति की नाराजगी हत्या की मुख्य वजह मानी जा रही है. 

    रंजना के कपड़ों और गहनों से हुई पहचान

    पुलिस लगातार महिला की पहचान के प्रयास में जुटी थी और आसपास के जिलों में फोटो व विवरण भेजे गए थे. जांच के दौरान पता चला कि प्रयागराज के बारा थाने में 13 जून को महिला के पिता शिवशंकर पांडेय ने दहेज प्रताड़ना और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद खागा पुलिस ने शव के कपड़े और जेवर लेकर बारा थाने में परिजन को दिखाया. यहां मैरून रंग का कढ़ाईदार सलवार-सूट, अंगूठी, बिछिया, पायल, कान के टॉप्स और फोटो देखकर परिजन ने रंजना की पहचान की. पहचान होते ही परिजन रो पड़े और पुलिस ने संयुक्त जांच में पूरे मामले का खुलासा किया.

    पति गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश

    प्रयागराज के बारा थाना पुलिस ने दहेज मांग, दहेज प्रताड़ना, बंधक बनाने सहित विभिन्न धाराओं में पति कुनाल तिवारी, सास किरन तिवारी, ससुर सुरेंद्र तिवारी, देवर आयुष, मामा ऋषभ और मामा कन्हई मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति कुनाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच प्रयागराज के स्थानीय सीओ को सौंपी जाएगी.

  • चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

    चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

    चोरी का पैसा, गर्लफ्रेंड के साथ सैर-सपाटा और ऐश… गिरफ्तारी के बाद सामने आई पूरी कहानी..

     कानपुर पुलिस ने 15 लाख रुपये की चोरी के चर्चित मामले का खुलासा करते हुए एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसकी लग्जरी लाइफस्टाइल ने जांच टीम को भी हैरान कर दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हर बड़ी चोरी के बाद अपनी गर्लफ्रेंड को गोवा की सैर पर ले जाता था. अब तक वह चोरी के पैसों से पांच बार गोवा घूम चुका था. आरोपी के मोबाइल से गोवा ट्रिप की कई तस्वीरें भी बरामद हुई हैं, जो उसके शौक और खर्च करने के तरीके की गवाही देती हैं.

    डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, सेन पश्चिम पारा स्थित स्वर्ण जयंती विहार निवासी अनिल कुमार वर्मा के घर 19 जून को चोरी की वारदात हुई थी. उस समय परिवार के सदस्य अपने-अपने काम पर गए हुए थे और घर पर ताला लगा था. शाम को जब परिवार लौटा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला. घर के अंदर अलमारी खुली हुई थी और उसमें रखे करीब 15 लाख रुपये के जेवरात तथा 30 हजार रुपये नकद गायब थे. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

    CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    चोरी की गंभीरता को देखते हुए सेन पश्चिम पारा थाना पुलिस सहित तीन विशेष टीमें बनाई गईं. इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध स्कूटी दिखाई दी. इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंशू पासी के रूप में हुई, जो मूल रूप से अमेठी के मुसाफिरखाना का निवासी है और वर्तमान में कानपुर के गुजैनी इलाके में रह रहा था.

    जेल से छूटते ही फिर शुरू कर दी चोरी

    पूछताछ में अंशू ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों हिमांशु, गोल्डी और सागर के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था. पुलिस के मुताबिक, अंशू पहले भी कई चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुका है. बिधनू क्षेत्र में दर्ज एक मामले में वह करीब डेढ़ साल जेल में रहा. जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही उसने फिर से अपने पुराने साथियों के साथ चोरी की वारदातें शुरू कर दीं.

    चोरी के पैसों से गर्लफ्रेंड को पांच बार गोवा घुमाया

    जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी चोरी के पैसों से ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था. हर बड़ी वारदात के बाद वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ गोवा घूमने जाता था. पुलिस को उसके मोबाइल फोन से दोनों की गोवा यात्रा की कई तस्वीरें मिली हैं. अधिकारियों के अनुसार, आरोपी महंगी शराब और लग्जरी लाइफस्टाइल का भी शौकीन था और चोरी की रकम इसी तरह खर्च करता था.

    नकदी, जेवर, तमंचा और स्कूटी बरामद

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, 632 ग्राम चांदी, एक अवैध तमंचा और चोरी की रकम से खरीदी गई स्कूटी बरामद की है. वहीं, मामले में फरार चल रहे आरोपी हिमांशु, गोल्डी और सागर की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.

    ‘टक्कल गैंग’ से जुड़ा है आरोपी

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अंशू, शहर के कुख्यात ‘टक्कल गैंग’ से जुड़ा है. वह गैंग के सरगना गोपाल टक्कल का भाई है. इस गिरोह के कई सदस्य पहले से चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद शहर में हुई कई अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है.

  • मां के पास सो रहे मासूम को बनाया निशाना, दिल दहला देने वाली घटना की जांच तेज.. 

    मां के पास सो रहे मासूम को बनाया निशाना, दिल दहला देने वाली घटना की जांच तेज.. 

    मां के पास सो रहे मासूम को बनाया निशाना, दिल दहला देने वाली घटना की जांच तेज.. 

     उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पास एक गांव में रहने वाला मासूम अपनी मां के पास बेखौफ सो रहा था. तभी उस दलित बच्चे का अपहरण कर लिया और उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई. आरोपी ने बच्चे का प्राइवेट पार्ट और नाक काट दी. घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करना शुरू कर दिया. एक मुठभेड़ के पास पुलिस ने मुख्य आरोपी को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया है.

    जंगल में मिला मासूम 

    यह घटना नरथो गांव की बताई जा रही है. शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है. दलित मासूम बच्चा कमलजीत अपनी मां अशंकु के साथ सो रहा था. तभी उसका अपहरण कर लिया गया है. जब मां की आंख खुली, तो बच्चा उसके साथ नहीं था. परिवार ने बच्चे की खोजबीन शुरू की तो वह एक जंगल में खून से लथपथ पाया गया. 

    प्राइवेट पार्ट और नाक काटी

    हदें तो तब पार हुई जब मासूम बच्चे का प्राइवेट पार्ट और नाक एक धारदार हत्यार के काट दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल बच्चे का इलाज चल रहा है, लेकिन हालत गंभीर बनी हुई है. 

    क्या है पुराना विवाद?

    अमरोहा पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी शान संभल का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, वह नशे का आदी है. जांच के अनुसार, बच्चे की मां ने इसी साल फरवरी 2026 में आरोपी शान के खिलाफ शादी के झांसा देकर रेप और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था. 

    महीला ने ही कराई थी बेल 

    अमरोहा के डिडौली क्षेत्र में एक गंभीर मामले में आरोपी शान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया. पीड़ित महिला ने पहले उसके खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था, लेकिन बाद में उसी ने उसकी जमानत भी कराई. स्थानीय स्तर पर दोनों के बीच पुराने संबंध और लगातार संपर्क की चर्चा है. पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू की और कई टीमें लगाई थीं. आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच जारी है. पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच कर रही है. 

  • चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

    चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

    चारपाई पर गला कटी महिला की लाश, बंद कमरे से बहते खून ने खोला हत्याकांड का राज

     उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद ही रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र में एक 30 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया गया कि कमरे के बंद दरवाजे के नीचे से खून बहकर बाहर आने लगा। सुबह जब अन्य किरायेदारों ने यह खौफनाक मंजर देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।

    बंद कमरे से बाहर आता खून देख उड़े होश

    मिली जानकारी के अनुसार, एटा रोड स्थित गणेशपुर गांव में शिवली 30 पत्नी सनोज कुमार, अपनी 10 वर्षीय बेटी अनमोल के साथ एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहती थी। शनिवार की सुबह मकान के अन्य किरायेदारों ने जब शिवली के कमरे के दरवाजे से खून बहकर बाहर आते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में इसकी सूचना स्थानीय कोतवाली पुलिस को दी गई।

    चारपाई पर लथपथ पड़ी थी लाश, मायके वाले भी पहुंचे

    सूचना मिलते ही पटियाली के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई कांप उठा। चारपाई पर शिवली का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था, उसका गला धारदार हथियार से रेता गया था। इस खौफनाक कत्ल की खबर फैलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।

    डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

    हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर तत्काल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। टीमों ने कमरे और आसपास के पूरे इलाके से बारीकी से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए। खोजी कुत्ते की मदद से भी हत्यारे के भागने के रूट को ट्रेस करने का प्रयास किया गया।

    एसपी ने किया मौका-मुआयना, जल्द खुलासे के निर्देश

    वारदात की गंभीरता को देखते हुए कासगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओपी सिंह ने भी खुद घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली और मातहतों को मामले के जल्द से जल्द खुलासे के सख्त निर्देश दिए।

  • जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    जाकिर कॉलोनी में रिश्ते हुए शर्मसार, सोती हुई नाबालिग बहन की गोली मारकर हत्या; भाई गिरफ्तार…

    मेरठ : क्राइम कैपिटल बनते जा रहे मेरठ में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शुक्रवार को पति द्वारा पत्नी की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद, शनिवार को तड़के सुबह लोहियानगर थाना क्षेत्र में एक और खून का खेल खेला गया। यहां की जाकिर कॉलोनी में एक कलयुगी भाई ने अपनी ही 16 वर्षीय सगी बहन की सोते समय तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। दिन निकलते ही हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

    गहरी नींद में सो रही थी मासूम बहन, भाई ने सिर पर तान दिया तमंचा

    यह खौफनाक वारदात लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाकिर कॉलोनी स्थित ट्रांसफार्मर वाली गली की है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय निवासी नूरे का परिवार अपने मकान में रहता है। शनिवार की सुबह परिवार के अन्य सदस्य जाग चुके थे और घर के कामों में व्यस्त थे, जबकि उनकी 16 वर्षीय बेटी अक्स अपने कमरे में गहरी नींद में सो रही थी।

    इसी बीच उसका सगा भाई आरिश हाथ में अवैध तमंचा लेकर कमरे में दाखिल हुआ। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या अक्स की आंख खुलती, आरिश ने उस पर बेहद करीब से गोली चला दी। गोली की आवाज से पूरा घर और आसपास का इलाका दहल उठा।

    लहूलुहान हालत में बिस्तर पर तड़पती मिली अक्स, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    धमाके की आवाज सुनकर जब बदहवास परिजन दौड़कर अक्स के कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। बिस्तर पर 16 साल की अक्स खून से लथपथ हालत में तड़प रही थी। परिजन बिना वक्त गंवाए उसे आनन-फानन में नजदीक के अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद अक्स को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से आई इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

    वारदात के बाद आरोपी भाई फरार, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

    बहन को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी आरिश मौके से तमंचा लहराते हुए फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले भारी पुलिस बल और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा भरकर अक्स के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।

    ऑनर किलिंग या कुछ और? हत्या की वजह तलाशने में जुटी पुलिस

    पुलिस ने घटना के बाद नाकाबंदी करते हुए आरोपी भाई आरिश को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर एक भाई ने अपनी सगी बहन की जान क्यों ली। इलाके में ऑनर किलिंग समेत कई तरह की चर्चाएं आम हैं।

    क्या कहना है पुलिस अधिकारियों का? एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, जाकिर कॉलोनी में भाई द्वारा बहन की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हत्या की असली वजह क्या थी, इसके हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरी स्थिति साफ कर दी जाएगी।

  • मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    मिस्त्री आया और खुल गया हत्या का राज! एक छोटी-सी बात ने सुलझा दी पूरी गुत्थी..

    उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। करीब 45 दिन से लापता एक व्यक्ति का शव उसके ही घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दबा मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले बाथरूम की मरम्मत कराने का बहाना बनाया गया और फिर शव को फर्श के नीचे दफना दिया गया। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

    18 मई को अचानक लापता हुआ था पति

    पुलिस के अनुसार मृतक 18 मई को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पत्नी ने भी पूछताछ के दौरान यही कहा कि उसे पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह भी उनकी तलाश कर रही है। हालांकि समय बीतने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गुमशुदगी से हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

    मरम्मत के नाम पर रची गई हत्या छिपाने की साजिश

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति के लापता होने के कुछ ही दिनों बाद घर के बाथरूम में मरम्मत का काम कराया गया था। आरोप है कि इसके लिए एक मिस्त्री को बुलाया गया और उससे बाथरूम की फर्श तुड़वाई गई। पुलिस का संदेह है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दबाकर ऊपर से दोबारा सीमेंट और टाइलें लगवा दी गईं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक तक न लगे। मरम्मत का पूरा काम सामान्य निर्माण कार्य की तरह कराया गया, जिससे आसपास के लोगों को भी किसी तरह का शक नहीं हुआ।

    शक गहराया तो पुलिस ने कराई खुदाई

    लगातार जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे घर के भीतर ही किसी बड़ी वारदात की आशंका मजबूत हो गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक अनुमति और अधिकारियों की मौजूदगी में बाथरूम की खुदाई कराई। जैसे ही फर्श हटाई गई, नीचे से मानव शव मिलने से मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। शव की हालत देखकर साफ था कि उसे काफी समय पहले वहां दबाया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

    45 दिन बाद खुला हत्या का खौफनाक राज

    करीब डेढ़ महीने तक यह मामला केवल गुमशुदगी का माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने जांच बंद नहीं की। मोबाइल फोन की जानकारी, आसपास के लोगों से पूछताछ और घर के भीतर मिले कुछ अहम संकेतों ने जांच को नई दिशा दी। आखिरकार बाथरूम की खुदाई के दौरान शव मिलने के साथ ही हत्या की पूरी कहानी सामने आने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि घर के भीतर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को फर्श के नीचे छिपा दिया जाएगा।

    पत्नी से लगातार पूछताछ, अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

    शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस घटना के पीछे की वजह, पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

    मिस्त्री से भी की जा रही पूछताछ

    जिस मिस्त्री ने बाथरूम की मरम्मत का काम किया था, उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि मरम्मत के दौरान उसे किसी तरह का संदेह हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसे काम कराने वालों ने क्या जानकारी दी थी। पुलिस मिस्त्री के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।

    शव को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु का सही कारण, हत्या का तरीका और घटना का समय स्पष्ट हो सकेगा। घटनास्थल से मिट्टी, निर्माण सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

    इलाके में दहशत, रिश्तों पर उठे सवाल

    इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जमा होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में लोग सामान्य जीवन जीते दिखाई दे रहे थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे एक शव दबा होने की बात किसी के लिए भी यकीन करना आसान नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते अपराध और घरेलू हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    पैसे चुराती थी नौकरानी, लेकिन लड़ाई होती थी जेलर और पत्नी के बीच… झांसी का मामला चर्चा में..

    कभी पर्स से कुछ हजार रुपये कम मिलते, कभी बैग से नोट गायब हो जाते. घर में किसी बाहरी शख्स का आना-जाना नहीं था, इसलिए चोरी का शक भी किसी पर नहीं गया. उल्टा, पैसों को लेकर पति-पत्नी के बीच ही बहस होने लगी. लेकिन जब अलमारी से एक साथ लाखों रुपये और जेवर गायब हुए, तब कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शक सीधे उस महिला पर गया, जो पिछले छह महीने से उसी घर में खाना बना रही थी.

    यह मामला उत्तर प्रदेश के झांसी का है. यहां जिला कारागार के जेलर के सरकारी आवास में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस का कहना है कि चोरी किसी बाहर से आए चोर ने नहीं, बल्कि घर की नौकरानी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी.

    दरअसल, झांसी जिला कारागार में तैनात जेलर अंजनी कुमार गुप्ता अपनी पत्नी उमा गुप्ता के साथ सरकारी आवास में रहते हैं. पिछले करीब छह महीने से मिथलेश नाम की महिला उनके घर में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही थी. उमा गुप्ता ने पुलिस को बताया कि करीब तीन महीनों से घर से नकदी धीरे-धीरे गायब हो रही थी.

    कभी उनके पति के पर्स से पैसे कम मिलते, तो कभी उनके बैग से. शुरुआत में किसी को चोरी का अंदेशा नहीं हुआ. दोनों को लगता था कि शायद दूसरे ने पैसे निकाल लिए होंगे. इसी बात पर कई बार आपस में कहासुनी भी हुई.

    मुंबई से लौटीं तो अलमारी खाली मिली

    26 जून को उमा गुप्ता अपनी बहन के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई गई थीं. 1 जुलाई को जब वह वापस लौटीं और अलमारी खोली, तो उसमें रखे करीब 6 लाख रुपये कैश और सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब थे.

    अब सवाल था कि घर में आया कौन था? परिवार के मुताबिक, उनकी गैरमौजूदगी में घर पर सिर्फ नौकरानी आती थी. यहीं से शक की सुई मिथलेश की ओर घूम गई. शिकायत मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस जांच में जुट गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और मिले साक्ष्यों के आधार पर नौकरानी मिथलेश और उसके बॉयफ्रेंड अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर चोरी की प्लानिंग की थी और चोरी का माल ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे थे.

    पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने पहले इस परिवार का भरोसा जीता. फिर वह धीरे-धीरे घर से थोड़ी-थोड़ी नकदी निकालती रही, ताकि किसी को शक न हो. जब कई महीनों तक चोरी पकड़ में नहीं आई, तो उसने अलमारी में रखी बड़ी रकम और जेवर भी निकाल लिए. जांच के मुताबिक, चोरी का सामान उसने अपने बॉयफ्रेंड अमित को दे दिया, ताकि उसे कहीं और छिपाया जा सके. फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की बाकी रकम और जेवर कहां हैं और क्या इस वारदात में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था.

  • प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण का आरोप, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में…

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 14 वर्षीय एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर प्रेमजाल, ब्लैकमेल, धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल बस चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के प्रयास, अपहरण, छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.

    पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

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    दरअसल, यह मामला कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता कक्षा आठ की छात्रा है और रोजाना स्कूल बस से पढ़ने जाती थी. पिता का आरोप है कि इसी दौरान बस चालक मुख्तार कुरैशी ने उसकी पहचान दूसरे धर्म के युवक राज राईन से कराई और दोनों ने मिलकर छात्रा को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की.

    बस चालक पर दोस्ती कराने और ब्लैकमेल का आरोप

    पीड़िता के पिता के मुताबिक, बस चालक मुख्तार कुरैशी लगातार उनकी बेटी पर राज राईन से दोस्ती करने का दबाव बनाता था. आरोप है कि छात्रा को गिफ्ट, चॉकलेट और अन्य सामान दिए जाते थे. बाद में उसे एक मोबाइल फोन भी दिया गया, जिसे छुट्टी के बाद वापस ले लिया जाता था.

    परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा. आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी और परिवार को जान से मार दिया जाएगा.

    एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव भी बनाया गया. विरोध करने पर लगातार धमकियां दी गईं, जिससे वह लंबे समय तक भय और मानसिक तनाव में रही.

    छात्रा का आरोप- मां के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने को कहा

    शिकायत के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने छात्रा को एक पुड़िया देकर उसे घर के खाने में मिलाने के लिए कहा. छात्रा का आरोप है कि उससे कहा गया कि इससे उसके माता-पिता को कुछ नहीं होगा और कुछ घंटों बाद उन्हें होश आ जाएगा.

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस दिन उसके पिता घर पर नहीं थे और वह अपनी मां के साथ अकेली थी. उसने कथित तौर पर वह पदार्थ मां के खाने में मिला दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास स्थित एक खंडहर में बुलाया.

    छात्रा का कहना है कि वहां पहले से मौजूद मुख्तार, राज राईन और मोनिस ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और बाद में पूरी घटना अपने पिता को बताई.

    फोटो एडिट कर वायरल करने का भी आरोप

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके गले में हाथ डालकर जबरन फोटो खिंचवाई. बाद में उसी फोटो और उसकी सोशल मीडिया तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी आईडी बनाई गई और फोटो एडिट कर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ वायरल किया गया.

    छात्रा ने कहा कि आरोपियों ने उससे सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी दबाव बनाकर ले लिया था. जब उसने उनकी बात मानने से इनकार किया तो उसकी होली की तस्वीर एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई.

    पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसके धर्म के बारे में अपमानजनक बातें करते थे और कहते थे कि उनके धर्म में शामिल हो जाओ. छात्रा ने कहा कि उसे न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    पिता बोले- बेटी डरी हुई थी, तब सामने आया पूरा मामला

    पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज बस से इंटर कॉलेज पढ़ने जाती थी. उनका आरोप है कि बस चालक ने सुनियोजित तरीके से बच्ची को बहलाया-फुसलाया और उसका मानसिक रूप से ब्रेनवॉश करने की कोशिश की.

    उन्होंने कहा कि बेटी काफी डरी और सहमी रहती थी. जब परिवार ने उससे लगातार पूछताछ की तब उसने पूरी घटना बताई. इसके बाद पता चला कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर उसे बदनाम करने की कोशिश भी की गई.

    पिता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

    विश्व हिंदू परिषद नेता ने क्या कहा?

    विश्व हिंदू परिषद के हिंदू नेता राज किशोर ने दावा किया कि मूसानगर क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ब्लैकमेल करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं की तस्वीरें लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है और उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता है.

    उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों को बाहरी फंडिंग मिलती है और इसी वजह से उनके पास महंगे मोबाइल और वाहन हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की लड़कियों को फंसाने पर अलग-अलग रकम मिलने जैसी जानकारी उन्हें मिली है.

    हालांकि, इन फंडिंग और संगठित गिरोह से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने भी फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    भोगनीपुर के सीओ राजीव सिरोही ने बताया कि 3 जुलाई 2026 को मूसानगर थाने में 14 वर्षीय छात्रा के संबंध में शिकायत मिली थी. जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.

    सीओ के अनुसार, छात्रा की पहचान बस चालक मुख्तार अहमद ने अपने परिचित राज राईन से कराई थी. आरोप है कि दोनों छात्रा पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहे थे. विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई. बाद में मुख्तार, राज राईन और उनके साथी मोनिस छात्रा को बहला-फुसलाकर ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और फोटो खींची गई.

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों का गठन किया. नामजद आरोपी मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी मोनिस की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    आगरा: बाथरूम के नीचे मिली लाश, रूबी ने अकेले कैसे तोड़ा सीमेंट का फर्श? जांच में उलझी पुलिस…

    Agra Murder: आगरा में फिल्म दृष्यम जैसे हुए मर्डर ने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, पत्नी ने पति की हत्या कर उसका शव दफना दिया। फिर 46 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही। पत्नी रूबी के घर का बाथरूम करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है। उसी के फर्श के नीचे से पुलिस ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया। नींद की गोलियां खीर में देकर पत्नी हत्या तो अकेले कर सकती है लेकिन अकेले शव ठिकाने नहीं लगा सकती। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है।

    पुलिस ही नहीं मोहल्ले वालों और परिजनों के जेहन में भी कई सवाल हैं। जिनके जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। रूबी ने बताया कि खीर में नींद की गोलियां दी थीं जिससे पति मर गया। 18 जून की सुबह पति का शव पलंग पर था। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर चली गईं। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा। शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई। शव को बाथरूम में लिटाया। ऊपर से नमक फिर मिट्टी डाली और आखिर में उसे समतल किया।19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया। यहां तक कि एक दिन में फर्श सूख गया। इसके एक दिन बाद पतनी खुद जेठ के घर गई और बताया कि पति चार दिन से घर पर नहीं हैं, पता नहीं कहां चले गए।

    रूबी की बात सुनकर पुलिस फिर भी असमंजस में है। यह मानकर चल रही है कि इस वारदात में कोई न कोई और शामिल रहा होगा। रूबी ने पूछताछ में यह बताया कि नींद की गोलियां उसकी सास खाती हैं। पति भी खाया करते थे। इसलिए नींद की गोलियां घर में ही मौजूद थीं। पति से परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। शव को इसलिए छिपाया ताकि जेल नहीं जाना पड़े। बेटियों की अकेले देखभाल कर सकते। इससे पहले जब भी पत्नी ने पति को मारा है तो इसके पीछे अवैध संबंधों का मामला निकला है। इसलिए पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।

    इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

    16 नींद की गोलियां खाने से किसी की मौत हो सकती है क्या। ऐसा तो नहीं पत्नी ने गला भी दबाया हो।

    बाथरूम दस फीट लंबा और करीब साढ़े चार फीट चौड़ा है। आखिर में इंडियन सीट करीब आठ इंच ऊंचाई पर लगी थी। शेष बाथरूम का फर्श नीचा था।

    शव को उस हिस्से में दफनाया गया जहां परिजन नहाया करते थे। पहले से पक्का फर्श था। उसे तोड़ा गया। करीब आधा फीट खुदाई की गई। शव दफनाया गया। उसके बाद मिट्टी डाली गई।

    सवाल यह उठ रहा है कि यह सब कुछ अकेले रूबी ने कैसे कर लिया। मिस्त्री ने तो सिर्फ सीमेंट किया था।

    बाथरूम में सीमेंट से पहले लेवल चेक किया जाता है। ताकि पानी की निकासी में दिक्कत न हो। रूबी यह कैसे कर सकती है।

    सुरेंद्र शर्मा की लंबी और वजन कितना था। शव को बाथरूम में बिना गड्ढा खोदे दफनाया नहीं जा सकता।

  • 17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    17 साल के किशोर का अपहरण कर की गई हत्या, मामूली टक्कर के बाद सामने आई दिल दहला देने वाली वारदात..

    गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी बॉर्डर इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ‘रोड रेज’ का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सड़क पर हुई एक मामूली बाइक-कार की टक्कर के बाद हर्जाने को लेकर हुए विवाद में दो दबंगों ने मिलकर एक 17 वर्षीय किशोर पर कथित तौर पर इतना बर्बर हमला किया कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने इस खौफनाक वारदात के दोनों मुख्य आरोपियों को धर-दबोचा है। मृतक किशोर की पहचान मुस्तफाबाद कॉलोनी के रहने वाले मोहम्मद जैद के रूप में हुई है।

    दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल से लौट रहा था जैद, गैस प्लांट के पास हुई टक्कर

    यह पूरी वारदात 29 जून की बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 वर्षीय मोहम्मद जैद बेहटा हाजीपुर नहर रोड के पास स्थित एक स्विमिंग पूल में दोस्तों के साथ तैराकी का लुत्फ उठाने गया था। वहां से वह अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस घर लौट रहा था। जैद और उसके दोस्त जैसे ही इंद्रप्रस्थ गैस प्लांट क्रॉसिंग के पास पहुंचे, तभी उनकी मोटरसाइकिल की टक्कर सामने से आ रही एक कार से हो गई। इस मामूली दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी खेल में बदल गई।

    कार में डालकर किया अपहरण, प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले जाकर ढहाया कहर

    पुलिस के अनुसार, कार सवार राहुल मावी उर्फ पहलवान और अनुज कसाना नाम के दो युवकों पर खून इस कदर सवार हो गया कि उन्होंने सरेराह कानून की धज्जियां उड़ा दीं। दोनों आरोपियों ने जैद को जबरन घसीटते हुए अपनी कार में बैठाया और उसका अपहरण कर पास ही स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में ले गए। वहां कार को पहुंचे नुकसान के मुआवजे (हर्जाने) को लेकर दोनों आरोपी जैद पर पैसों का दबाव बनाने लगे। जब जैद ने इसका विरोध किया, तो राहुल और अनुज ने कमरे के भीतर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बेदम पिटाई से जैद गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। बाद में जैद के दोस्त उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

    भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से दबोचे गए हत्यारे

    मासूम जैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई शाकिर की तहरीर पर लोनी बॉर्डर थाने में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (अंकुर विहार) अमरदीप कुमार मौर्य ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, सर्विलांस इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। पुख्ता सुराग मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी राहुल मावी उर्फ पहलवान को दबोच लिया। राहुल ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी उगल दी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी अनुज कसाना को भी लोनी बॉर्डर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    वारदात में इस्तेमाल कार बरामद, कड़े सबूतों के बाद मुकदमे में बढ़ीं गंभीर धाराएं

    एसीपी अमरदीप कुमार मौर्य के मुताबिक, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे कार के मुआवजे की बात पर भड़क गए थे और दफ्तर के अंदर ले जाकर उन्होंने जैद के साथ मारपीट की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले पुख्ता तकनीकी सबूतों के आधार पर मुकदमे में हत्या और अपहरण जैसी कई और गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। दोनों आरोपियों को आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जा चुका है और पुलिस इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।