Category: Uttar Pradesh

  • 38 साल की ट्यूशन टीचर 16 साल के छात्र के साथ हुई लापता, घंटों की कॉल ने खोला राज..

    38 साल की ट्यूशन टीचर 16 साल के छात्र के साथ हुई लापता, घंटों की कॉल ने खोला राज..

    38 साल की ट्यूशन टीचर 16 साल के छात्र के साथ हुई लापता, घंटों की कॉल ने खोला राज

    आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय ट्यूशन शिक्षिका के एक साथ लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. छात्र 11वीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि शिक्षिका विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं. दोनों की उम्र में करीब 22 साल का अंतर है. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच शुरू की.

    स्कूल प्रोजेक्ट के नाम पर निकला था छात्र

    परिजनों के अनुसार, चार अगस्त को छात्र स्कूल प्रोजेक्ट से जुड़े काम के लिए करीब तीन हजार रुपये लेकर घर से निकला था. उसने अपनी साइकिल एक दोस्त के घर खड़ी कर दी थी. काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. इसी दौरान पता चला कि जिस शिक्षिका से वह ट्यूशन पढ़ता था, वह भी अपने घर पर मौजूद नहीं थीं. इसके बाद मामला और गंभीर हो गया.

    कॉल डिटेल से मिली अहम कड़ी

    छात्र के परिजनों ने ताजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपहरण की धाराओं में जांच शुरू की. शिक्षिका के पति ने भी उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली तो उनके बीच लंबे समय तक बातचीत होने की जानकारी मिली. इससे जांचकर्ताओं को दोनों के एक साथ निकलने की आशंका हुई.

    रेलवे स्टेशन की फुटेज ने बदली जांच

    पुलिस ने संभावित रास्तों और स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की फुटेज में दोनों ट्रेन में सवार होते नजर आए. इसके बाद पुलिस ने रेलवे रूट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश तेज कर दी. जांच में सामने आया कि छात्र ग्वालियर पहुंचा और बाद में बयाना होते हुए कैलादेवी गया. कुछ समय बाद दोनों अलग-अलग स्थानों पर चले गए.

    नोएडा और मथुरा से सुरक्षित बरामद

    तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस ने छात्र को नोएडा और शिक्षिका को मथुरा से बरामद कर लिया. पूछताछ में शिक्षिका ने बताया कि छात्र पढ़ाई को लेकर घर में डांट से परेशान था और चार अगस्त को फोन पर उसने आत्महत्या की बात कही थी. उनका दावा है कि उसे रोकने के लिए वह साथ चली गई थीं. बाद में उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ, लेकिन लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं. पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया. थाना प्रभारी नीरज कुमार शर्मा के मुताबिक, फिलहाल परिवारों ने आगे कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है.

  • शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम |

    शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम |

    शराब के नशे में कातिल बना पिता, बेटी के सिर से सटाकर मारी गोली; गांव में पसरा मातम | UP Crime Father Allegedly Shoots Daughter in Pilibhit Youth Found Hanging in Saharanpur

    उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को सामने आई दो अलग अलग घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया. पीलीभीत में एक पिता पर अपनी 20 वर्षीय बेटी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि आरोपी घटना के समय शराब के नशे में था. विवाद के दौरान उसने कथित तौर पर अवैध तमंचे से बेटी के सिर से सटाकर गोली मार दी. गोली लगने के बाद युवती की मौके पर ही मौत हो गई. दूसरी घटना सहारनपुर की है, जहां 19 वर्षीय युवक का शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला. परिजनों ने हत्या के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने की आशंका जताते हुए पड़ोस के सात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है.

    पीलीभीत में नशे में घर पहुंचा पिता

    पहली घटना पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र के रामपुरा नौगवां गांव की बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार अजय पाल गंगवार शुक्रवार शाम कथित तौर पर शराब के नशे में घर पहुंचा. इसी दौरान किसी बात को लेकर उसकी 20 वर्षीय बेटी अंशिका से कहासुनी हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया. आरोप है कि इसके बाद पिता ने अवैध तमंचा निकाला और बेटी के सिर से सटाकर गोली चला दी. गोली लगते ही अंशिका की मौके पर ही मौत हो गई. गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था.

    पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश

    घटना की सूचना मिलने के बाद बीसलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. क्षेत्राधिकारी राहुल पांडे के मुताबिक परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. घटना के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है.

    सहारनपुर में आम के बाग में मिला युवक का शव

    दूसरी घटना सहारनपुर जिले से सामने आई है. यहां 19 वर्षीय आयुष का शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला. युवक के गले में रस्सी बंधी थी और उसका दूसरा सिरा पेड़ से बंधा हुआ था. आयुष जिले के डकरावर कलां के मजरे जटियाखेड़ी का रहने वाला था. जानकारी के मुताबिक वह शुक्रवार सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. दोपहर करीब 1.30 बजे परिवार को उसके शव के आम के बाग में मिलने की जानकारी मिली. शव मिलने की खबर के बाद परिवार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की.

    परिवार ने सात लोगों पर लगाया हत्या का आरोप

    आयुष के पिता कंवरपाल ने आरोप लगाया कि पड़ोस के सात लोग पहले उनके घर आए थे और आयुष के बारे में पूछताछ कर रहे थे. इसके बाद परिवार को संदेह हुआ और उन्होंने युवक की तलाश शुरू की. परिजनों ने आरोप लगाया कि आयुष की हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर ली है. पुलिस ने हत्या से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. प्राथमिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की बात सामने आ रही है. हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

  • पत्नी को गैर मर्द के साथ इस हालत में देख आगबबूला हुआ पति, फिर कमरे में आगे क्या हुआ..?

    पत्नी को गैर मर्द के साथ इस हालत में देख आगबबूला हुआ पति, फिर कमरे में आगे क्या हुआ..?

    Featured Image

    पत्नी से अवैध प्रेम संबंध के शक में एक युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक का मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। आरोपित पति के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

    सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला का काफी समय से अपने पति से विवाद चल रहा था। इसके चलते महिला हरोड़ा मोड़ के पास किराए के मकान में रह रही थी। मंगलवार को पति अपनी पत्नी के कमरे पर पहुंचा, तो दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खुलवाने पर कमरे में उसकी पत्नी के साथ गांव का ही एक युवक मौजूद था।

    युवक के साथ पत्नी को देख भड़का पति

    वहीं, युवक को पत्नी के साथ देखकर पति भड़क गया और दोनों के बीच अवैध प्रेम संबंध होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया।

    चेहरे और गर्दन पर चोट के निशान

    आरोप है कि पति ने धारदार हथियार से युवक पर हमला कर दिया। चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोट लगने से युवक लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसे गंभीर हालत में मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब पुलिस ने घायल युवक के पिता की तहरीर पर आरोपी संजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि आरोपित को पत्नी और युवक के बीच प्रेम-प्रसंग का शक था। हमले में युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते हत्या के प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • पिज्जा कैफे में प्रेमी के साथ बैठी थी युवती, तभी पहुंचा भाई; युवक की पिटाई ..

    पिज्जा कैफे में प्रेमी के साथ बैठी थी युवती, तभी पहुंचा भाई; युवक की पिटाई ..

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। एक युवती अपने परिचित युवक के साथ पिज्जा कैफे में बैठी थी। इसी दौरान उसका भाई कुछ लोगों के साथ वहां पहुंच गया और देखते ही देखते कैफे का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    बताया गया था कि घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के एक कैफे की थी। युवती अपने परिचित युवक के साथ बैठकर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान उसके भाई को दोनों के वहां होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह कुछ अन्य युवकों के साथ कैफे पहुंच गया।

    कैफे में पहुंचते ही भाई और उसके साथ आए लोगों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि युवक को लात-घूंसों और डंडे से पीटा गया। अचानक हुए इस विवाद से कैफे में मौजूद दूसरे लोग भी घबरा गए।

    बताया गया कि युवती ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन विवाद और बढ़ गया। इसी दौरान भाई ने अपनी बहन के साथ भी मारपीट की। पूरी घटना कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी।

    वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर इलाके में चर्चा शुरू हो गई। कैफे में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    मामले के सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि निजी विवाद को बातचीत से सुलझाने के बजाय सार्वजनिक जगह पर मारपीट करना कितना उचित है। वहीं, घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लोगों की नजरें टिकी थीं।

    फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने परिवारिक रिश्तों, युवाओं के आपसी संबंध और गुस्से में कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा छेड़ दी थी।

  • अमरोहा में 5 दिन से लापता 3 साल की अमायरा का तालाब में मिला शव, गले पर निशान से हत्या की आशंका..

    अमरोहा में 5 दिन से लापता 3 साल की अमायरा का तालाब में मिला शव, गले पर निशान से हत्या की आशंका..

    Featured Image

    फाइल फोटो

    गांव ढकिया चमन निवासी मोहम्मद रजा की तीन साल की बेटी अमायरा सोमवार सुबह घर के सामने से लापता हो गई थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था।

    शुक्रवार को पांचवे दिन सुबह लगभग 9 बजे घर से लगभग 800 मीटर दूर स्थित तालाब में उसका शव घास में फंसा मिला है। तालाब के सामने रहने वाली किशोरी सोनम को दुर्गंध आई तो उसने पास ही मौजूद आटो चालक रियाज को बताया।

    रियाज ने डंडे से घास को हटाया तो अमायरा की टांग नजर आई। उसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई तथा शव को बाहर निकाला। शव पानी में रहने के कारण फूल चुका था। गले पर निशान बना है।

    हालांकि जिस समय शव मिला है, उस समय पुलिस टीम गांव में अन्य घरों की तलाशी लेने की तैयारी कर रही थी। ग्रामीण व स्वजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

    एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बच्ची की मौत का कारण स्पष्ट होगा। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

  • 700 साल पुराने गांव की अनोखी मान्यता, लोग कहते हैं- जहरीला सांप काटे तो भी नहीं जाती जान!

    700 साल पुराने गांव की अनोखी मान्यता, लोग कहते हैं- जहरीला सांप काटे तो भी नहीं जाती जान!

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ऐसा गांव है, जो अपनी अनोखी धार्मिक मान्यताओं के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है। करीब 700 साल पुराने इस गांव को लेकर स्थानीय लोगों के बीच ऐसी मान्यता है कि यहां जहरीले सांप के काटने के बाद भी व्यक्ति की जान नहीं जाती। ग्रामीण इसे एक संत की कृपा से जोड़कर देखते हैं।

    यह गांव अपने प्राचीन धार्मिक इतिहास और मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थित एक पुराने मंदिर और समाधि स्थल पर आसपास के कई गांवों के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।

    बाबा नारायण दास से जुड़ी है मान्यता

    स्थानीय मान्यता के अनुसार, कई सदियों पहले इस क्षेत्र में बाबा नारायण दास का जन्म हुआ था। बताया जाता है कि वह भगवान शिव के भक्त थे और उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर रहकर साधना की थी।

    कहा जाता है कि उन्होंने अपनी काफी जमीन मंदिर के लिए दान कर दी थी। बाद में एक प्राचीन शिव मंदिर के पास साधना करते समय उन्होंने वहीं समाधि ले ली। समय के साथ उस स्थान पर उनकी समाधि बनाई गई, जहां आज भी लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

    12 गांवों में मानी जाती है खास आस्था

    स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा नारायण दास को आसपास के करीब 12 गांवों में ग्राम देवता के रूप में माना जाता है। इन गांवों के लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले बाबा की समाधि पर पहुंचकर आशीर्वाद लेते हैं।

    ग्रामीणों का विश्वास है कि बाबा की कृपा के कारण यहां सांप के काटने की घटनाओं में भी लोगों को नुकसान नहीं होता। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने आज तक किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में नहीं सुना जिसकी सांप के काटने से मौत हुई हो।

    क्या सच में सांप का जहर असर नहीं करता?

    सांप के काटने को लेकर गांव में प्रचलित यह बात धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता का हिस्सा है। हालांकि जहरीले सांप के काटने पर जहर का असर न होने की बात को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

    सांप के काटने की स्थिति में किसी भी तरह की देरी या झाड़-फूंक पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार कराना जरूरी है।

    मंदिर में दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

    बाबा की समाधि को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। ग्रामीणों के लिए यह स्थान सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि उनके गांव की सदियों पुरानी परंपरा और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है।

    सांप के काटने से मौत न होने की कहानी भले ही स्थानीय मान्यता हो, लेकिन इसी अनोखी मान्यता ने इस गांव को आसपास के इलाकों में खास पहचान दिला दी है।

  • दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    दोस्ती के बहाने बुलाया, फिर पति-पत्नी ने परिचित को बनाया बंधक, लाखों रुपये लूटने की साजिश का हुआ खुलासा..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था, जहां एक परिचित व्यक्ति को भरोसे में लेकर बुलाने के बाद उसे बंधक बना लिया गया। आरोप था कि एक दंपती और उनके साथियों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और हथियार के दम पर नकदी व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए लाखों रुपये हड़प लिए।

    बताया गया था कि पीड़ित पहले एक मकान में किराये पर रहता था। वहीं उसकी पहचान एक दंपती से हुई थी। कुछ समय बाद दंपती मकान खाली कर दूसरे शहर में रहने चला गया, लेकिन पुरानी जान-पहचान बनी रही।

    घटना से कुछ दिन पहले महिला ने फोन कर परिचित को अपने पास बुलाया था। उसे बताया गया था कि कुछ जरूरी बात करनी है। भरोसा होने के कारण वह वहां पहुंच गया। आरोप है कि पहुंचते ही पहले से मौजूद लोगों ने उसे जबरन वाहन में बैठाया और दूसरे स्थान पर ले जाकर बंधक बना लिया।

    पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद सोने के आभूषण तथा नकदी छीन ली। इसके अलावा हथियार दिखाकर उससे ऑनलाइन भुगतान का पिन भी हासिल कर लिया गया। इसके बाद उसके खाते से करीब तीन लाख रुपये की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जाने का आरोप लगा।

    किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    पुलिस की जांच में दंपती समेत कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। पूछताछ के बाद आरोपियों के पास से कथित तौर पर लूटे गए सामान, नकदी, एक अवैध हथियार और वाहन बरामद किए गए।

    जांच में यह भी सामने आया था कि पुरानी जान-पहचान और आपसी विवाद को लेकर आरोपी पक्ष के मन में नाराजगी थी। इसी के बाद परिचित को बुलाकर उसके साथ वारदात करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

  • महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    महीने में 2-3 बार चोरी नहीं करता तो बेचैन हो जाता था शख्स, पुलिस ने खोला चोरों के गैंग का राज..

    उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ समय पहले पुलिस ने चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया था। जांच के दौरान एक आरोपी को लेकर ऐसी बात सामने आई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पूछताछ में पता चला कि वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी हो चुका था।

    मामला मुगलसराय क्षेत्र में हुई एक चोरी की जांच से जुड़ा था। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का एक सदस्य लंबे समय से चोरी की घटनाओं में शामिल था। पूछताछ में उसके बारे में बताया गया कि वह महीने में कई बार चोरी करता था और कुछ समय तक वारदात न करने पर बेचैनी महसूस करने लगता था।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। जांच में उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अलग-अलग जगहों पर हुई वारदातों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरोह के कुछ सदस्य चोरी किए गए जेवरात का बंटवारा करने की तैयारी में थे। इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई।

    पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में सामने आई चोरी की आदत वाली बात की वजह से यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

  • वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

    वृंदावन में आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में की गई थी संत राघवदास की हत्या, गांव पहुंचा शव..

    Featured Image

    जनपद मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम कुटी आश्रम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर घार निवासी संत राघवदास उर्फ राजकुमार (57) की चाकू से गोदकर हुई नृशंस हत्या और पोस्टमार्टम के बाद शव गुरुवार देर शाम गांव पहुंचा।

    शव देखकर छोटे भाई अमित कुमार, कल्याण सिंह, भानु प्रताप, बहनें ज्योति, लक्ष्मी, पूजा, खुशबू और वृद्ध मां राजकुमारी सभी रोने विलखने लगे।

    स्वजन के अनुसार संत राघवदास पिछले नौ वर्षों से प्रेम कुटी आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे थे, उनका परिवार गांव में रहता है। आरोप लगाया कि आश्रम पर कब्जा करने की नियत से लवेदी क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर निवासी एक साधु और तीन अन्य लोगों ने 17 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे आश्रम में घुसकर संत राघवदास से मारपीट की थी। यह जानकारी राघवदास ने फोन पर भाई भानु प्रताप को दी थी।

    स्वजन ने बताया कि 18 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे आरोपितों ने दोबारा आकर राघवदास पर हमला कर दिया और शरीर में नौ से दस जगह चाकू से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर गांव से 20 से 25 लोग वृंदावन पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घर के लिए भेज दिया था। घटना के बाद सभी हत्यारोपित फरार हो गए।

    भाई भानू प्रताप की तहरीर पर कोतवाली वृंदावन में तीन नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित लवेदी थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर का साधु है। अन्य आरोपित वृंदावन के बताए जा रहे हैं। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पूरे गांव में शोक की लहर है।

  • बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई…! फिर शुरू होता था ठगी का खेल, बेरोजगारों से ऐसे ऐंठते थे हजारों रुपये..

    नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अक्सर फर्जी कॉल और ऑफर का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। प्रतिष्ठित जॉब पोर्टलों के नाम का इस्तेमाल कर एक गिरोह लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।

    मामले का खुलासा साइबर क्राइम पुलिस की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए।

    नामी जॉब पोर्टलों के नाम पर करते थे संपर्क

    जांच में पता चला कि आरोपी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन करके बताया जाता था कि उनके लिए नौकरी का ऑफर आया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की तरफ से खुद को नौकरी दिलाने वाली कंपनी या एजेंसी से जुड़ा बताया जाता था।

    इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, सिक्योरिटी मनी और ऑफर लेटर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। बेरोजगार युवक नौकरी की उम्मीद में आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर देते थे।

    पैसे मिलते ही ठग अपना मोबाइल बंद कर देते या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। इस तरह नौकरी की उम्मीद लेकर फोन उठाने वाले लोगों को कुछ ही देर में हजारों रुपये का चूना लग जाता था।

    एक पीड़ित से 22 हजार रुपये से ज्यादा की ठगी

    पुलिस की पूछताछ में एक मामले का भी पता चला, जिसमें आंध्र प्रदेश के एक युवक से नौकरी दिलाने के नाम पर 22,480 रुपये वसूले गए थे। साइबर अपराध से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह पिछले करीब दो वर्षों से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में रहने वाले नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बना रहा था।

    महिलाओं की भी थी भूमिका

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। वे कॉल सेंटर की तरह लोगों से बातचीत करती थीं और नौकरी के नाम पर उन्हें भरोसे में लेने की कोशिश करती थीं।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई।

    नौकरी के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सावधान

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर नौकरी के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगने वालों की अच्छी तरह जांच करें।

    अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को ट्रेस करने और कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।