Category: Uttar Pradesh

  • बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    बिना खून लिए मरीज को थमा दी जांच रिपोर्ट, मामला सामने आया तो स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

    उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक महिला ब्लड टेस्ट कराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, लेकिन आरोप था कि उसका खून का सैंपल लिए बिना ही उसे जांच रिपोर्ट दे दी गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था।

    बताया गया था कि महिला मुंगराबादशाहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी। वहां जांच के लिए प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसे रिपोर्ट सौंप दी गई। जब महिला ने सवाल किया कि बिना खून का नमूना लिए रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई, तो वहां मौजूद कर्मचारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था।

    पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें महिला स्वास्थ्यकर्मियों से इसी मामले को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

    मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने के बाद विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई थी। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया था।

    मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। अधिकारियों ने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं, महिला का कहना था कि वह सामान्य प्रक्रिया के तहत ब्लड टेस्ट कराने पहुंची थी, लेकिन सैंपल लिए बिना ही उसे रिपोर्ट दे दी गई। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच आगे बढ़ाई गई थी।

  • शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी से एक दिन पहले हल्दी में जमकर नाची दुल्हन, अचानक बिगड़ी तबीयत… डोली से पहले उठी अर्थी, मातम में बदली खुशियां..

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं, हल्दी की रस्म में डांस करते-करते दुल्हन की मौत

    शादी वाले घर में चारों तरफ खुशियों का माहौल था। रिश्तेदार और मेहमान जुट चुके थे। घर में शादी की रस्में चल रही थीं और कुछ ही समय बाद बारात आने वाली थी। लेकिन अचानक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।

    हल्दी की रस्म के दौरान होने वाली दुल्हन अपनी बहनों और रिश्तेदारों के साथ खुशी-खुशी डांस कर रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट महसूस हुई और वह वॉशरूम चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई।

    परिवार के लोगों ने दरवाजा खोलकर देखा तो वह जमीन पर बेसुध पड़ी थी। आनन-फानन में स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर ने शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक बताई।

    बताया गया कि युवती पहले से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज भी चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी शादी होगी और बेटी को दुल्हन के रूप में विदा किया जाएगा, लेकिन एक पल में सारी खुशियां मातम में बदल गईं।

    शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे और हल्दी-मेहंदी की रस्में भी खुशी के साथ संपन्न हो रही थीं। दुल्हन ने शादी से पहले खूब फोटो खिंचवाए थे। तस्वीरों में उसके चेहरे पर शादी की खुशी साफ नजर आ रही थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही तस्वीरें परिवार के लिए उसकी आखिरी याद बन जाएंगी।

    हादसे के बाद शादी वाले घर में चीख-पुकार मच गई। जिन घरातियों और रिश्तेदारों के बीच कुछ देर पहले हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब हर तरफ सन्नाटा पसरा था। जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी, वहां उसकी अर्थी उठ गई।

    परिवार ने इस दुखद घटना के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। अचानक हुई इस मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध है।

    हार्ट अटैक क्यों आता है?

    हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। आमतौर पर हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में प्लाक जमा होने से रास्ता संकरा हो जाता है। कई मामलों में प्लाक टूटने के बाद रक्त का थक्का बन सकता है, जिससे धमनी में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है और हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है।

    हालांकि किसी भी अचानक हुई मौत की सही वजह डॉक्टर की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होती है।

  • एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    एक ही नाम और पहचान से 6 जिलों में नौकरी का दावा, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड ने खोला चौंकाने वाला राज..

    उत्तर प्रदेश के कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। विभागीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान एक ही नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि वाले छह कर्मचारियों का अलग-अलग जिलों में तैनात होने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

    बताया गया था कि मामला एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा था। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इसी सूची में एक व्यक्ति का नाम भी शामिल था, जिसे एक जिले में तैनाती मिली थी।

    बाद में जब कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज किया गया तो रिकॉर्ड में एक जैसी जानकारियां देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। अलग-अलग जिलों में तैनात छह कर्मचारियों के नाम एक जैसे बताए गए थे। उनके पिता के नाम और जन्मतिथि भी समान थी। इनमें से कुछ कर्मचारियों का स्थायी पता भी एक जैसा दर्ज होने की बात सामने आई थी।

    रिकॉर्ड में इन कर्मचारियों की तैनाती फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बदायूं, रामपुर और शामली समेत अलग-अलग जिलों में बताई गई थी। ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या ये वास्तव में अलग-अलग व्यक्ति हैं या एक ही पहचान का इस्तेमाल करके कई जगह नौकरी हासिल की गई।

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब वेतन से जुड़े आंकड़ों की पड़ताल की गई। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पद पर तैनात कर्मचारी को हर महीने करीब 69 हजार रुपये वेतन मिलता था। इसी आधार पर अलग-अलग जिलों में सरकारी खजाने से बड़ी रकम के भुगतान का अनुमान सामने आया।

    हालांकि, यह रकम वास्तव में फर्जीवाड़े के जरिए निकाली गई या रिकॉर्ड में किसी तकनीकी अथवा दस्तावेजी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होना था। केवल एक जैसे नाम और विवरण सामने आने से किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना भी उचित नहीं था।

    मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की थी। अधिकारियों ने रिकॉर्ड की जांच कर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी।

    अब जांच में यह स्पष्ट होना था कि छह जिलों में एक जैसी पहचान वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड कैसे तैयार हुआ और वर्षों तक विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी। मामला सामने आने के बाद सरकारी नियुक्तियों और रिकॉर्ड सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।

  • यूपी के इस शहर में रहते हैं सबसे ज्यादा अमीर भिखारी, आपकी सैलरी से ज्यादा है इनकी कमाई!

    यूपी के इस शहर में रहते हैं सबसे ज्यादा अमीर भिखारी, आपकी सैलरी से ज्यादा है इनकी कमाई!

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ समय पहले भिखारियों को लेकर किए गए एक सर्वे के दौरान ऐसे आंकड़े सामने आए थे, जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया था। सर्वे में शहर के हजारों भिखारियों की स्थिति और उनकी आय से जुड़ी जानकारी जुटाई गई थी।

    बताया गया था कि सर्वे का उद्देश्य भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों की पहचान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाना था। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों से जानकारी जुटाई गई थी।

    सर्वे में सामने आया था कि भीख मांगने वाले सभी लोग आर्थिक रूप से बेहद कमजोर नहीं थे। कुछ लोग नियमित तौर पर भीख मांगते थे और उनकी रोजाना की कमाई भी अच्छी खासी बताई गई थी। कुछ मामलों में यह रकम नौकरीपेशा लोगों की मासिक आय के बराबर या उससे अधिक होने का दावा किया गया था।

    महिलाओं की कमाई को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी। खास तौर पर छोटे बच्चों के साथ या गर्भवती महिलाओं द्वारा भीख मांगने पर लोगों की ओर से अधिक मदद मिलने की बात कही गई थी। कुछ मामलों में महिलाओं की रोजाना कमाई हजारों रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया था।

    सर्वे के दौरान यह भी सामने आया था कि कुछ लोगों के पास मोबाइल फोन और पहचान से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे। इससे यह सवाल भी उठा था कि शहर में भीख मांगने का काम कितने लोगों के लिए मजबूरी था और कितने लोग इसे नियमित कमाई के साधन के रूप में कर रहे थे।

    लखनऊ के व्यस्त इलाकों में भीख मांगने वालों की संख्या अधिक होने की बात सामने आई थी। खासकर रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों के आसपास रोजाना बड़ी संख्या में लोग भीख मांगते दिखाई देते थे। ऐसे स्थानों पर लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण कमाई भी अपेक्षाकृत ज्यादा होने का दावा किया गया था।

    हालांकि, इन आंकड़ों को किसी व्यक्ति की वास्तविक और स्थायी आय मानना उचित नहीं होगा। भीख मांगने वालों की आमदनी स्थान, दिन और परिस्थितियों के हिसाब से काफी बदल सकती है। सर्वे में सामने आए आंकड़ों के आधार पर ही उनकी आर्थिक स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।

  • दिन में था 10 करोड़ की लागत से बना पुल… रात में हो गया गायब… लोग हैरान..

    दिन में था 10 करोड़ की लागत से बना पुल… रात में हो गया गायब… लोग हैरान..

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    छत्तीसगढ़ के सूरजुपर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम धोंधा स्थित नदी पर बना पुल रातभर हुई बारिश में बह गया. पुल का निर्माण 10 करोड़ रुपए की लागत से किया गया था. निर्माण के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे. पुल पर जहां-तहां दरारें दिखाई दे रही थीं. इसी बीच गुरुवार को रातभर बारिश हुई. सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं और नदी की ओर गए तो पुल बह चुका था. यह नजारा देखते ही लोग हैरान रह गए. जिस पुल से होकर दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही होती थी, वह देखते ही देखते पानी की तेज धारा में गायब हो चुका था. कहीं पिलर उखड़े पड़े थे, कहीं स्लैब पानी में समा गई थी और पुल का लंबा हिस्सा नदी की धार में बह चुका था. अब लोग निर्माण एजेंसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं.

    निर्माण में अनियमितता का आरोप  
    ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण पुल पहले से ही कमजोर हो चुका था. वाहनों की आवाजाही के साथ पुल के अलग-अलग हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी थीं और समय के साथ इसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई. गुरुवार देर रात हुई बारिश से पानी का दबाव बढ़ते ही पुल भरभराकर गिर पड़ा और देखते ही देखते तेज धार में बह गया.

    आवागमन में परेशानी
    ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण की मजबूती सिर्फ कागजों पर ही रही. पुल ध्वस्त होने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. इससे नदी के दोनों ओर रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही जिम्मेदार विभाग ने इसकी स्थिति का गंभीरता से परीक्षण किया होता तो शायद आज यह नौबत नहीं आती.

    स्थानीय लोगों ने लगाए आरोप
    पुल टूटने की घटना ने प्रतापपुर क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में सड़क, पुल, रपटा और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के बजाय कागजी प्रक्रिया को अधिक महत्व दिया जाता है. उनका कहना है कि कहीं सड़क खराब हो रही है तो कहीं पुल और रपटा पहली ही बारिश में जवाब दे रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में कथित मिलीभगत और लापरवाही के कारण सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है.

    कार्रवाई की मांग
    ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से पुल निर्माण कराए जाने की बात कही जा रही है. इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी पुल इतनी जल्दी कैसे जर्जर हो गया, यह बड़ा सवाल है. उन्होंने निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, विभागीय अधिकारियों और गुणवत्ता परीक्षण की भूमिका की जांच की मांग शुरू कर दी है. उनका कहना है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

  • प्रेमी के लिए घर से भागी 3 बच्चों की मां, पति ने पकड़ा तो नहीं किया विरोध… करा दी दोनों की शादी..

    प्रेमी के लिए घर से भागी 3 बच्चों की मां, पति ने पकड़ा तो नहीं किया विरोध… करा दी दोनों की शादी..

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    उत्तर प्रदेश के चंदौली में पति-पत्नी और वो का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. पिछले 4 महीने से अपने आधी उम्र के प्रेमी के साथ फरार 3 बच्चों की मां को उसके पति ने पकड़ा और घर वापस चलने की मिन्नतें की. लेकिन बावजूद इसके जब पत्नी पति के साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई. तो पति ने अपनी मौजूदगी में अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ करा दी. चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.

    आधी उम्र के युवक के प्यार में 3 बच्चों की मां-
    दरअसल चंदौली के सकलडीहा तहसील क्षेत्र के डैना गांव का रहने वाला जीवनाथ राजभर दिल्ली में रहकर वेल्डिंग का काम करता था. उसकी पत्नी सरिता अपने तीन बच्चों के साथ गांव में ही रहती थी. इसी दौरान तकरीबन 45 साल की सरिता का अफेयर अपनी आधी से भी कम उम्र के अजय नाम के एक युवक से हो गया. अजय गाजीपुर जनपद के गहमर गांव का रहने वाला है और ट्रेन में मूंगफली बेचने का काम करता है.

    प्रेमी के साथ फरार हो गई महिला-
    बताया जाता है कि सरिता की अजय से मुलाकात ट्रेन में ही हुई थी और दोनों में प्रेम संबंध बन गया था. उधर, जब इस बात की जानकारी सरिता के पति जीवनाथ को हुई तो उसने एतराज जताया. इसके बाद तकरीबन 4 महीना पहले सरिता अपने तीनों बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी अजय के साथ घर से फरार हो गई. उसके पति जीवनाथ ने उसे काफी ढूंढने का प्रयास किया. लेकिन वह नहीं मिली. 2 दिन पहले मंगलवार को अचानक सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर जीवनाथ की मुलाकात अपनी पत्नी सरिता और उसके प्रेमी अजय से हो गई. जीवनाथ ने एक बार फिर अपने बच्चों का वास्ता दिया और कहा कि तुम वापस घर चलो. लेकिन काफी प्रयास के बाद भी सरिता अपने पति जीवनाथ के साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई.

    पति ने प्रेमी के साथ कराई शादी-
    इसके बाद जीवनाथ ने जो किया, वह काफी हैरान कर देने वाला था. जीवनाथ अपनी पत्नी और उसके प्रेमी अजय को लेकर सकलडीहा तहसील पहुंचा और मैरिज रजिस्ट्रार के ऑफिस में अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की शादी करा दी. सरिता का कहना था कि उसका पति खर्च के लिए उसको पैसे नहीं देता है और साथ ही साथ उसके साथ लड़ाई झगड़ा भी करता है. लिहाजा वह उसके साथ नहीं रहेगी और बच्चों को भी अपने साथ नहीं ले जाएगी. वहीं, जीवनाथ ने बताया कि मैं तो चाहता हूं कि यह मेरे साथ रहे, लेकिन जब यह मेरे साथ रहने के लिए तैयार नहीं है तो हम क्या ही कर सकते हैं.

  • कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    कमरे से आ रही थीं आवाजें, लोगों ने बाहर से लगा दी कुंडी… फिर प्रेमी-प्रेमिका को लेना पड़ा बड़ा फैसला..

    यूपी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पहले पूरे गांव को हैरान कर दिया और फिर मुस्कुराने की वजह भी दे दी. रात के सन्नाटे में एक युवक महिला ग्राम प्रधान के घर में घुसा. कमरे में हलचल हुई तो महिला प्रधान को लगा कि कोई चोर घर में घुस आया है. उन्होंने बिना देर किए बाहर से कमरे की कुंडी लगा दी और शोर मचा दिया. कुछ ही देर में गांव के लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई. लेकिन जब कमरे का दरवाजा खुला और पुलिस ने युवक से पूछताछ की, तो सामने आई कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी. मामला चोरी का नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग का निकला. इतना ही नहीं, थाने में चली पंचायत के बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में प्रेमी-प्रेमिका ने शादी के लिए भी सहमति जता दी.

    रात 11 बजे घर में घुसा युवक, मच गया हड़कंप

    घटना श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के एक गांव की है. रविवार रात करीब 11 बजे महिला ग्राम प्रधान के घर में अचानक हलचल हुई. आवाज सुनकर महिला प्रधान की नींद खुली. वह कमरे की ओर पहुंचीं तो उन्हें अंदर किसी युवक की मौजूदगी का आभास हुआ. उन्हें लगा कि घर में चोर घुस आया है. बिना कोई जोखिम उठाए उन्होंने तुरंत कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी और जोर-जोर से ‘चोर-चोर’ चिल्लाने लगीं. शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. इसी बीच किसी ने पुलिस को भी सूचना दे दी. सूचना मिलते ही पीआरवी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर एक युवक मिला. शुरुआती पूछताछ में युवक घबराया हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे पूरी कहानी सामने आने लगी. पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पड़ोसी जनपद कुशीनगर का रहने वाला है. उसकी बहन की शादी महिला ग्राम प्रधान के गांव में हुई है. इसी वजह से उसका गांव में आना-जाना लगा रहता था. इसी दौरान उसकी पहचान ग्राम प्रधान की भतीजी से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए.

    प्रेमिका को दवा देने पहुंचा था युवक

    युवक ने पुलिस को बताया कि उसकी प्रेमिका की तबीयत ठीक नहीं थी और उसे बुखार था. वह उसी के लिए दवा लेकर रात में उससे मिलने पहुंचा था. रात का समय होने और घर में चुपचाप प्रवेश करने की वजह से किसी को उसकी मंशा समझ नहीं आई. जैसे ही कमरे में हलचल हुई, महिला ग्राम प्रधान ने उसे चोर समझ लिया. यहीं से पूरी घटना ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

    थाने में चली पंचायत

    पुलिस युवक को थाने ले आई. सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया. परिवार के लोगों, ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक बातचीत हुई. पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि दोनों बालिग हैं और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं. दोनों ने यह भी स्वीकार किया कि वे एक-दूसरे से प्रेम करते हैं. इसके बाद थाने में पंचायत जैसी स्थिति बनी, जहां दोनों परिवारों के बीच बातचीत कराई गई.

    शादी के लिए दोनों ने जताई सहमति

    लंबी बातचीत के बाद प्रेमी और प्रेमिका दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई. परिवारों के बीच भी सहमति बनने लगी. पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने की बात कही. किसी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी और न ही कानूनी कार्रवाई की मांग की.

    पुलिस ने क्या कहा

    श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि रविवार रात महिला ग्राम प्रधान के घर में चोर घुसने की सूचना मिली थी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को थाने लाई. पूछताछ के दौरान पता चला कि मामला चोरी का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है. बाद में दोनों पक्षों ने बताया कि वे किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते. इसलिए आवश्यक पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई नहीं की गई.

    गांव में दिनभर रही चर्चा

    रात में जिस घटना को लोग चोरी समझ रहे थे, सुबह तक वही पूरे गांव में प्रेम कहानी बनकर चर्चा का विषय बन गई. गांव के लोग भी इस बात से हैरान थे कि जिस युवक को चोर समझकर कमरे में बंद कर दिया गया था, वह दरअसल प्रेमिका से मिलने आया था. थाने में पंचायत के बाद शादी की सहमति बनने की खबर फैलते ही लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया.

  • प्रेम प्रसंग पर बवाल! कानपुर में युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा, ‘तालिबानी सजा’ जैसी घटना से सनसनी..

    प्रेम प्रसंग पर बवाल! कानपुर में युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा, ‘तालिबानी सजा’ जैसी घटना से सनसनी..

    प्रेम प्रसंग पर बवाल! कानपुर में युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा, ‘तालिबानी सजा’ जैसी घटना से सनसनी..

    कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र में सामने आई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आ गया है. वीडियो के अनुसार खिरवां डेरा गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक और युवती को ग्रामीणों ने कथित तौर पर पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों के साथ मारपीट की गई. वायरल वीडियो में युवक को रस्सी से बांधकर पीटते और युवती के साथ भी हाथापाई करते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.

    क्या है मामला?

    डेरापुर के खिरवां डेरा गांव में एक युवक अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए उसके घर पहुंचा था. लेकिन दोनों की यह मुलाकात छुप न सकी. इसकी भनक लगते ही सतर्क हुए गांव वालों ने बिना देर किए घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और तुरंत खेतों पर काम कर रहे परिजनों को सूचना देकर बुला लिया. परिजनों के पहुंचते ही घर के अंदर का माहौल तनावपूर्ण हो गया. आरोप है कि घर के भीतर दोनों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी एक्शन सीक्वेंस से कम नहीं था. ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर था कि उन्होंने प्रेमी जोड़े की जमकर धुनाई कर दी. घटना के दौरान का मंजर देख वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया.

    वायरल वीडियो में क्या कुछ है?

    वीडियो मे देखा जा सकता है कि युवक को जहां गांव वालों ने लाठी-डंडों, लात-घूंसों से पीटा. वहीं युवतियों और महिलाओं ने भी पीछे न हटते हुए लड़की की जमकर खबर ली. पिटाई से भी जब ग्रामीणों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने प्रेमी के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसे आंगन में ही लिटा दिया. इस पूरी घटना का किसी ने चुपके से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

  • वाराणसी में सो रहे तीन लोगों पर पत्थरों से हमला; साड़ी कारीगर की सिर कुचलकर हत्या, दो अन्य घायल

    वाराणसी में सो रहे तीन लोगों पर पत्थरों से हमला; साड़ी कारीगर की सिर कुचलकर हत्या, दो अन्य घायल

    वाराणसी में सो रहे तीन लोगों पर पत्थरों से हमला; साड़ी कारीगर की सिर कुचलकर हत्या, दो अन्य घायल

    वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. हनुमान फाटक क्षेत्र में दुकानों के बाहर सो रहे तीन लोगों पर अज्ञात हमलावरों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया. हमले में 40 वर्षीय साड़ी कारीगर पप्पू विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जुट गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश और आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.

    भोर में सो रहे लोगों पर किया गया हमला

    जानकारी के अनुसार आदमपुर के मुस्लिम बहुल हनुमान फाटक क्षेत्र में पप्पू विश्वकर्मा शुक्रवार रात काम समाप्त करने के बाद अपनी दुकान के बाहर सो रहे थे. उनके पास ही पान की दुकान चलाने वाले अशोक पासी उर्फ बाबा और गणेशु कनौजिया भी सोए हुए थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक तड़के करीब तीन बजे कुछ हमलावर वहां पहुंचे और सो रहे लोगों पर अचानक ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया. हमले में पप्पू विश्वकर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

    दो अन्य लोग घायल, मौके पर पहुंचे विधायक-पुलिस अधिकारी

    इस हमले में अशोक पासी उर्फ बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गणेशु कनौजिया को भी चोटें आईं. दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ तिवारी भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा. लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.

    पुलिस को पुरानी रंजिश का शक

    काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर ने NDTV को बताया कि प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद और पुरानी रंजिश का एंगल सामने आया है. उन्होंने कहा कि घटना से पहले भी संबंधित पक्षों के बीच विवाद की जानकारी मिली है. शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है. इसके बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

    पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. हमलावरों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है. पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है.

  • इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा में 70 वर्षीय महिला का शव फंदे से लटका मिला, बेटी ने तीन बहुओं पर हत्या का लगाया आरोप..

    इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के महलई गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव घर की छत पर बने कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घर की छत पर मिला शव

    मृतका की पहचान लज्जावती, पत्नी स्वर्गीय भगवानदास, के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने बड़े बेटे अजय कुमार के साथ रहती थीं, जबकि उनके अन्य दो बेटे अलग-अलग मकानों में परिवार सहित रहते हैं। शुक्रवार को उनका शव छत पर बने कमरे में लोहे के पाइप से साड़ी के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव में शोक का माहौल बन गया।

    बेटी ने लगाया हत्या का आरोप

    मृतका की बेटी अनीता देवी ने अपनी तीनों भाभियों पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी कारण उनकी मां के साथ अक्सर मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। अनीता का आरोप है कि हत्या के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया।

    बेटे ने आरोपों को बताया निराधार

    वहीं, मृतका के बड़े बेटे अजय कुमार ने बहन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि घटना के समय घर में केवल उनकी पत्नी मौजूद थीं, जबकि अन्य दोनों भाइयों की पत्नियां अपने-अपने घरों में थीं। उन्होंने दावा किया कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।

    जमीन विवाद की भी जांच

    परिजनों के अनुसार, मृतका के पति का करीब 11 वर्ष पहले निधन हो चुका था। तीनों बेटों के बीच जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन मृतका के नाम दर्ज जमीन को लेकर परिवार में विवाद बना हुआ था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

    थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने और जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।