उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात अचानक बड़े विवाद में बदल गई थी। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने एक रेस्टोरेंट पहुंचा था। दोनों बातचीत कर ही रहे थे कि युवती के परिजन और उसका भाई वहां पहुंच गए। इसके बाद रेस्टोरेंट में हंगामा शुरू हो गया।
बताया गया था कि मामला चांदपुर के एक बाजार स्थित रेस्टोरेंट का था। युवक और युवती एक टेबल पर बैठे थे, तभी युवती के परिजन वहां पहुंच गए। आरोप है कि परिजनों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में रेस्टोरेंट का माहौल पूरी तरह बदल गया और वहां चीख-पुकार मच गई।
घटना के दौरान रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इसी दौरान युवती के परिजनों और रेस्टोरेंट पक्ष के लोगों के बीच भी कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।
बताया गया था कि झगड़े के दौरान लाठी-डंडे और लोहे की सरिया तक इस्तेमाल किए गए। मारपीट में युवती पक्ष के तीन और रेस्टोरेंट पक्ष के दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। कई व्यापारी रेस्टोरेंट संचालक के समर्थन में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी थी। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। पुलिस का कहना था कि तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ।
राजधानी लखनऊ को गुरुवार को सहमा देने वाले डबल मर्डर और सुसाइड केस के बाद आरोप पर सफाई का दौर जारी है। ICICI बैंक में अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्या के बाद पति स्टेट बैंक कर्मी मानस बाजपेई ने सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और पत्नी को चीटर बताया था। दिव्या की हत्या और मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस के सामने आने के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ लोगों के प्रज्ञा मिश्रा को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठने के बाद उन्होंने सबका जवाब दिया।
मानस के व्हाट्सऐप स्टेटस और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखकर मानस पर गंभीर आरोप लगाए और उसे ‘साइको हत्यारा बताया। पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है तो दिव्या की बहन के आरोपों ने पति-पत्नी के रिश्ते, कथित घरेलू हिंसा और घटना से पहले के हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शादी की पहली रात ही मानस ने रखी शर्त
प्रज्ञा के मुताबिक, मानस का व्यवहार शादी के शुरुआती दिनों से ही सामान्य नहीं था। दिव्या की बहन प्रज्ञा ने मानस वाजपेई को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। प्रज्ञा के मुताबिक, सुहागरात में मानस ने घर के खर्चों की लिस्ट बनाकर आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। शादी की पहली रात ही मानस ने घर के खर्चों की एक सूची तैयार की थी और दिव्या के सामने आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी। दिव्या ने शुरुआत में यह व्यवस्था स्वीकार कर ली, लेकिन बाद में जब उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया तो मानस को लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है और पत्नी को चिटिंग करने वाली बताया।
छोटी-छोटी बातों पर मारपीट का आरोप
प्रज्ञा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मानस पर घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि मानस छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या के साथ मारपीट करता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए लिखा कि अगर Blinkit से मंगाया गया कोई टमाटर खराब निकल आता था, तो मानस इसके लिए भी दिव्या को जिम्मेदार ठहराकर उसके साथ मारपीट करता था।
बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट
प्रज्ञा ने मानस और उसकी बहन तुलिका पर अपनी बीमार मां के साथ भी मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रज्ञा ने यह भी दावा किया कि मानस और उसकी बहन ने मिलकर उनकी बीमार मां के साथ भी मारपीट की थी और इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई थी।
मानस अक्सर करता था दिव्या का पीछा
प्रज्ञा ने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि मानस अक्सर दिव्या का पीछा करता था। लगातार तनाव की वजह से कुछ समय पहले दिव्या का एक्सीडेंट भी हुआ था, जिसमें उसके हाथ और पैर टूट गए थे। दिव्या को करीब डेढ़ से दो महीने तक इलाज कराना पड़ा। हाल ही में उसने दोबारा चलना शुरू किया था और घटना वाले दिन भी वह दर्द में थी। इसके बावजूद, प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी।
रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी दिव्या
प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या ने अब तक मानस के नाम का टैटू नहीं हटवाया था और वह हरतालिका तीज का व्रत रखने की तैयारी भी कर रही थी। इतनी प्रताड़ना के बावजूद दिव्या तीज का व्रत रखने वाली थी। प्रज्ञा ने कहा कि दिव्या भीतर ही भीतर चाहती थी कि सब कुछ ठीक हो जाए और उसका पति सुधर जाए। इन दावों के जरिए उन्होंने यह सवाल उठाया कि अगर दिव्या अपने पति से पूरी तरह अलग होना चाहती थी, तो वह अब भी रिश्ते को बचाने की कोशिश क्यों कर रही थी। प्रज्ञा ने दावा किया कि दिव्या की फैमिली कोर्ट (Family Court) में काउंसलर के साथ भी झड़प हुई थी।
मानस के मोबाइल पर स्टेटस
मानस बाजपेई ने गुरुवार को मोबाइल पर स्टेटस लगाया था कि ‘टूडे आइ किल माइ वाइफ, एज शी चीटेड मी, नाव हाइ हेव किल माइ सेल्फ एंड माइ सिस्टर…. हर सिस्टर प्रज्ञा एंड भरत नोज एवरीथिंक ( हमने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, वह मुझे धोखा दे रही थी, अब मैं खुद व अपनी बहन को मारने जा रहा हूं, प्रजा व भरत को पूरी जानकारी है।) दिव्या की बहन प्रज्ञा है और उसके जीजा भरत हैं। इसे पोस्ट ने सनसनी मचा दी। उसने यह भी लिखा था कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव सब कुछ जानते हैं।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। पत्नी को उसके परिचित युवक के साथ देखने के बाद पति ने विवाद या मारपीट करने के बजाय दोनों को साथ रहने की मंजूरी दे दी। बाद में उसने परिवार और परिचितों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी।
बताया गया था कि दंपती की शादी करीब 25 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद चल रहा था। इसी वजह से पत्नी अलग जगह पर रहने लगी थी।
इसी दौरान महिला की जान-पहचान एक दूसरे व्यक्ति से बढ़ गई। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। आसपास के लोगों को भी उनके संबंधों की जानकारी होने लगी थी।
घटना वाले दिन पति अचानक उस स्थान पर पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी उस व्यक्ति के साथ मौजूद थी। पत्नी को उसके साथ देखकर पति ने हंगामा करने के बजाय एक अलग ही फैसला लिया। उसने परिवार के कुछ लोगों और परिचितों को वहां बुलाया और दोनों के रिश्ते को स्वीकार करने की बात कही।
इसके बाद सबकी मौजूदगी में महिला ने उस व्यक्ति को वरमाला पहनाई। बाद में मंदिर में दोनों का विवाह भी कराया गया। इस दौरान आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहे और पूरा घटनाक्रम देखते रहे।
बताया गया कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था और दोनों अलग रहने के साथ वैवाहिक रिश्ते को खत्म करने की कानूनी प्रक्रिया में भी थे। ऐसे में पति के इस फैसले ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।
शादी के बाद महिला ने अपने पुराने परिचित के साथ रहने की बात कही। वहीं, पति के इस कदम की इलाके में काफी चर्चा हुई। लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ देखने के बाद पति ने विरोध करने के बजाय खुद दोनों के विवाह की पहल कर दी थी।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने पूरे गांव में चर्चा छेड़ दी थी। चार बच्चों की मां और चार बच्चों के पिता ने अपने पुराने रिश्तों से अलग होने के बाद एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया और शादी कर ली। दोनों के इस फैसले के बाद गांव में मामला काफी गरमा गया था।
बताया गया था कि दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। कुछ समय बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और गांव से बाहर चले गए। बाद में मंदिर में शादी की रस्में निभाते हुए एक-दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार करने का वीडियो भी सामने आया था।
महिला के चार बच्चे बताए गए थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां थीं। वहीं, युवक के भी अपनी पिछली शादी से चार बच्चे थे। जानकारी सामने आने के बाद दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बन गया था और गांव में इस रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं।
मामला बढ़ने के बाद गांव में महापंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों के फैसले को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई। कुछ ग्रामीणों ने इस रिश्ते को परिवार और सामाजिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं बताया। बच्चों पर इसके प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई।
पंचायत में यह फैसला लिया गया कि दोनों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, दोनों ने अपने फैसले को लेकर पीछे हटने से इनकार किया था और साथ रहने की बात कही थी।
इस घटना के बाद गांव में लंबे समय तक यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। एक तरफ दोनों के साथ रहने के फैसले को लेकर सवाल उठे, तो दूसरी तरफ उनके पहले परिवारों और बच्चों की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों के बीच चिंता देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में खेल-खेल में एक स्कूली छात्र के साथ ऐसा हादसा हो गया, जिसने परिवार के लोगों की सांसें रोक दीं। गिल्ली-डंडा खेलते समय दीवार से गिरा छात्र नीचे जमीन में गड़ी लाठी के ऊपर जा गिरा। लाठी उसके पेट को चीरते हुए शरीर के अंदर तक घुस गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।
दीवार से गिरते ही लाठी पर जा गिरा छात्र
बताया गया कि छात्र अपने दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था। इसी दौरान वह गिल्ली पकड़ने के लिए दीवार पर चढ़ा। संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे जा गिरा।
नीचे मैदान में एक लाठी गड़ी हुई थी। छात्र उसी के ऊपर जा गिरा और लाठी उसके पेट में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि लाठी का एक बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर चला गया था।
आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजन छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे के इलाज के लिए कानपुर ले जाने की सलाह दी गई।
मां ने डॉक्टर से कहा- किसी भी तरह बेटे को बचा लीजिए
कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने छात्र की हालत देखी और तुरंत ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। परिवार के लिए वह बेहद मुश्किल समय था। छात्र की मां ने डॉक्टरों से किसी भी कीमत पर बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई।
डॉक्टरों की टीम ने जोखिम को देखते हुए ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार मौजूद रही, क्योंकि लाठी को सीधे बाहर निकालना बेहद खतरनाक हो सकता था।
पांच घंटे तक चला ऑपरेशन
रात करीब 11 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन सुबह लगभग 4 बजे तक चला। डॉक्टरों ने लाठी को निकालने के लिए बेहद सावधानी से काम किया।
लाठी का एक हिस्सा शरीर के बाहर भी था। उसे ऑपरेशन थिएटर तक ले जाना संभव नहीं था, इसलिए पहले बाहर निकले हिस्से को काटा गया। इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद हिस्से को धीरे-धीरे छोटे टुकड़ों में काटकर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।
लाठी निकालने के साथ ही जहां-जहां अंदरूनी चोट लगी थी, वहां उपचार किया गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ऑपरेशन सफल रहा।
सात दिन अस्पताल में रहा छात्र
ऑपरेशन के बाद छात्र को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे घर भेज दिया गया।
बाद की जांच में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को ठीक बताया। बच्चे की जान बचने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मां ने इलाज करने वाली पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं।
खेल के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि बच्चों के खेलने की जगह पर आसपास मौजूद नुकीली या गड़ी हुई वस्तुएं कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं। समय पर इलाज और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों की वजह से छात्र की जान बच सकी।
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में एक अहम साक्ष्य सामने आया है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज में आरोपी पति को बैंक के बाहर अपनी पत्नी के साथ विवाद और मारपीट करते हुए देखा गया है। इसके बाद गोली चलने और आरोपी के मौके से फरार होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब CCTV फुटेज, मोबाइल फोन से मिले डेटा और दूसरे साक्ष्यों की मदद से घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
बैंक के बाहर पत्नी को बुलाकर किया विवाद
घटना के दिन महिला रोज की तरह अपने कार्यालय पहुंची थी। कुछ समय बाद उसका पति कार से बैंक के बाहर पहुंचा और फोन कर उसे बाहर बुलाया।
दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला विवाद में बदल गया। CCTV फुटेज में दोनों के बीच हाथापाई होती दिखाई देने की बात सामने आई है। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी को गोली मार दी और वहां से फरार हो गया।
गोली चलने के बाद बैंक के बाहर अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद अन्य लोग इधर-उधर भागते दिखाई दिए। घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
पत्नी की हत्या के बाद घर पहुंचा
पत्नी को गोली मारने के बाद आरोपी अपने घर की तरफ चला गया। बताया गया कि बैंक से उसका घर करीब दो किलोमीटर की दूरी पर था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर पहुंचने के समय आरोपी काफी परेशान और पसीने से तर नजर आ रहा था। घर में दाखिल होने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था। इसके बाद अंदर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चलने की बात सामने आई।
कुछ देर बाद घर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
बहन को भी गोली मारने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर के अंदर अपनी बहन को भी गोली मार दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि बहन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि आरोपी अपनी बहन के भविष्य को लेकर चिंतित था।
हालांकि, बहन की हत्या के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी, इसका स्पष्ट पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
इसके बाद खुद को भी मारी गोली
बहन की हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली। गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके बाद उसे तोड़कर लोग अंदर दाखिल हुए।
अंदर भाई-बहन खून से लथपथ हालत में मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को जांच के दायरे में लिया गया।
WhatsApp स्टेटस से सामने आई कथित मंशा
पुलिस जांच में आरोपी के WhatsApp स्टेटस की बात भी सामने आई है। बताया गया कि पत्नी की हत्या के बाद उसने एक स्टेटस लगाया था, जिसमें पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया गया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी गई थी।
स्टेटस में पत्नी की बहन और उसके पति का भी जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने यह स्टेटस कब लगाया और घटना से इसका क्या संबंध था।
पत्नी ने पहले ही मांगा था तलाक
बताया गया कि पति-पत्नी की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और दोनों की कोई संतान नहीं थी। करीब एक साल पहले पत्नी ने पति से तलाक के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद से वह अपने मायके में रह रही थी।
पुलिस अब वैवाहिक विवाद की पृष्ठभूमि, दोनों के बीच हुई बातचीत, मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं। CCTV फुटेज से घटना के शुरुआती हिस्से की तस्वीर जरूर साफ हुई है, लेकिन हत्याओं के पीछे की पूरी वजह और आरोपी की मानसिक स्थिति से जुड़े सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले एक प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुए विवाद ने सड़क पर जमकर हंगामा खड़ा कर दिया था। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट और चीख-पुकार तक पहुंच गया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और किसी ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।
बताया गया था कि रात के समय एक युवक और महिला स्कूटर से इलाके में पहुंचे थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवक ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला लगातार मदद के लिए शोर मचाती रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा। महिला ने युवक पर उसके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया, जबकि युवक भी महिला पर कई तरह के आरोप लगाता रहा। विवाद के दौरान युवक ने दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात भी सार्वजनिक रूप से कही।
मामला इतना बढ़ गया कि महिला पास की एक छत पर पहुंच गई और वहां से कूदने की धमकी देने लगी। यह देखकर आसपास मौजूद लोगों ने उसे समझाया और किसी तरह नीचे उतारा। इसके बाद भी दोनों के बीच विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ।
बाद में सामने आया कि युवक और महिला दोनों पहले से शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों से अलग रह रहे थे। युवक ने दावा किया था कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच प्रेम संबंध चल रहा था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। हालांकि, उस समय किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला इलाके में काफी चर्चा में रहा।
उत्तर प्रदेश से कुछ समय पहले एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने इलाके में लोगों को हैरान कर दिया था। तीन बच्चों की मां एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ घर से चली गई थी। नाबालिग के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मामला हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा था। बताया गया कि महिला का अपने मायके पक्ष के रिश्तेदारों के घर आना-जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात परिवार के एक नाबालिग सदस्य से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई।
परिजनों के मुताबिक, एक दिन नाबालिग अचानक घर से गायब हो गया। जब काफी देर तक उसका पता नहीं चला तो परिवार ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की। बाद में जानकारी मिली कि महिला भी अपने घर से गायब है।
परिवार को शक हुआ कि महिला ही नाबालिग को अपने साथ लेकर गई है। इसके बाद नाबालिग के पिता ने पुलिस से शिकायत कर बेटे को तलाशने और सुरक्षित बरामद करने की गुहार लगाई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी थी। नाबालिग की तलाश के लिए संभावित ठिकानों और परिचितों से पूछताछ की गई। घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया था।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता परिवार को नाबालिग की सुरक्षा को लेकर थी। पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य नाबालिग का पता लगाना और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना था।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से शादी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया था कि वह पहले भी कई शादियां कर चुकी है और शादी के बाद अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। पीड़ित पति ने पुलिस और अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
मामला फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र का बताया गया था। पीड़ित के मुताबिक, उसकी शादी पिछले साल बांदा जिले की रहने वाली एक महिला से हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था।
पति ने लगाया पांचवीं शादी का आरोप
पति का दावा था कि उसकी पत्नी इससे पहले चार शादियां कर चुकी थी। इनमें से कुछ शादियां फतेहपुर में ही हुई थीं। उसने आरोप लगाया था कि वह खुद महिला का पांचवां पति था।
शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा था। पति का आरोप था कि पत्नी ने घर में रखी नकदी, जेवर और अन्य सामान अपने मायके भिजवा दिया था।
पति और सास-ससुर को घर से निकालने का आरोप
पीड़ित का आरोप था कि बाद में पत्नी ने उसे और उसके माता-पिता को घर में प्रवेश करने से रोक दिया था। उसने यह भी दावा किया था कि कई बार बाहरी लोगों को बुलाकर उसके साथ मारपीट कराई गई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी अब उसके छोटे भाई के साथ रह रही है। इस वजह से परिवार में विवाद और बढ़ गया था।
पति ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित का कहना था कि वह अब भी अपनी पत्नी को अपनाने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि पत्नी उसके भाई से किसी भी तरह का संबंध न रखे। उसने पत्नी पर शादी के जरिए लोगों को धोखा देने और सामान हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।
पति ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। उसका दावा था कि पहले भी उसके साथ मारपीट कराई जा चुकी है और उसे अपनी जान का डर है।
मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, महिला पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकती थी।
उत्तर प्रदेश में कुछ समय पहले अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जहरीले कीड़े के काटने से एक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन परिवार और कुछ ग्रामीणों ने उसकी मौत को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उसे दोबारा जिंदा करने के नाम पर कई दिनों तक झाड़-फूंक और कर्मकांड चलता रहा।
मामला अमांपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया गया था। घटना की शुरुआत तब हुई जब 26 वर्षीय युवक को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
अस्पताल से लौटने के बाद भी परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे कि युवक की मौत हो चुकी है। उन्हें उम्मीद थी कि किसी तरह उसे दोबारा जिंदा किया जा सकता है। इसी विश्वास के चलते झाड़-फूंक करने वालों की मदद ली गई।
बताया गया कि इसके बाद दूसरे स्थान से एक महिला को बुलाया गया, जिसने मृत युवक को जीवित करने के नाम पर कथित तौर पर कई तरह के कर्मकांड शुरू किए। शव को पानी से भरे गड्ढे में रखे जाने और आसपास ढोल-थाली बजाने जैसी गतिविधियां भी की गईं।
यह पूरा सिलसिला करीब पांच दिनों तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां जमा होते रहे और युवक के जीवित होने की उम्मीद में कथित कर्मकांड को देखते रहे।
मामला सामने आने के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर बहस शुरू हो गई। सबसे बड़ा सवाल यही था कि जब अस्पताल में डॉक्टर युवक को मृत घोषित कर चुके थे, तब भी परिवार ने चिकित्सकीय सलाह के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा क्यों किया।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में समय पर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार कितना जरूरी है। अंधविश्वास के चलते किसी मृत व्यक्ति को वापस जीवित करने की कोशिश न सिर्फ निरर्थक होती है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।