Category: Uttar Pradesh

  • साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    साली के लिए पत्नी को तेजाब पिलाने का आरोप, पति और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज..

    मेरठ में दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब पिलाने का आरोप है. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने पति समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया.

    Muskan Murder Case: उत्तर प्रेदश के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पति ने दहेज के लालच में अपनी पत्नी की हत्या कर दी. उसने पत्नी को जबरदस्ती तेजाब पिलाया, जिससे महिला की मौत हो गई. युवक पत्नी पर 16 साल की साली से निकाह करने का दबाव बना रहा थआ. महिला को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई. परिवार वालों मे ससुराल पक्ष को हत्या का जिम्मेदार बताया है. 

    साली से निकाह करना चाहता था जीजा 

    जानकारी के मुताबिक, परीक्षितगढ़ के अमरसिंह निवासी रहीमुद्दीन ने साल 2025 में अपनी बेटी के शादी  लोहियानगर के फतेहउल्लापुर निवासी नासिर से की थी. परिवार ने आरोप लगाए कि नासिर मुस्कान को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित करता था और पिछले दो महीने से अपनी 16 साल की साली से निकाह करने दबाव बना रहा था. पत्नी ने ये बाद नहीं स्वीकार की, जिसके कारण पति उसे रोज प्रताड़ित करता था. 

    जबरदस्ती पिलाया तेजाब 

    बुधवार को आरोपी और मुस्कान के बीच इसी बात को लेकर काफी विवाद चल रहा था. आरोप है कि नासिर ने पत्नी के मुंह में तेजाब डाल दिया. तेजाब पीने के कारण मुस्कान की हालत काफी ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. पुलिस को जब घटना की जानकारी हुई, तो वह तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. मुस्कान के पिता ने नासिर और उसके परिजनों पर जबरदस्ती तेजाब पिलाने का मुकदमा भी दर्ज कराया है. ब पिलाने का मुकदमा दर्ज कराया था.

    मारपीट का लगाया गंभीर आरोप 

    मुस्कान की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है. मुस्कान के परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले लंबे समय से दहेज के लिए उसे परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे. परिजनों का कहना है कि पिछले दो महीनों से उस पर अपनी नाबालिग छोटी बहन की शादी अपने पति से कराने का दबाव भी बनाया जा रहा था.

    न्याय के मांग कर रहा परिवार 

    परिवार के मुताबिक, मुस्कान ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे तेजाब पिलाकर मार दिया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी के परिवार के अन्य लोग भी उसका साथ दे रहे थे. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

  • रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया

    रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया

    रामकुंवर हत्याकांड: तीन दशक बाद भी नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखते हुए सरेंडर का आदेश दिया
    फोटो AI

    मुरादाबाद। करीब 35 वर्ष पुराने चर्चित रामकुंवर हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। अदालत ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए उन्हें 15 दिनों के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाएंगे।

    न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य सबूत दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने बलिस्टर, महेश और नरेश की अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

    1987 में हुई थी सनसनीखेज हत्या

    मामला 27 सितंबर 1987 का है। थाना कुंदरकी क्षेत्र के बसेड़ा गांव में मंदिर से अखंड रामायण पाठ सुनकर लौट रहे रामकुंवर की पुरानी रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को रस्सी से बांधकर जंगल तक घसीटा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से धड़ से सिर अलग कर दिया। घटना के दौरान हुई फायरिंग में वीरम नाम की युवती भी छर्रे लगने से घायल हो गई थी। पुलिस ने 4 अक्टूबर 1987 को गन्ने के खेत से रामकुंवर का धड़ बरामद किया था, लेकिन सिर कभी बरामद नहीं हो सका।

    पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

    जांच में सामने आया कि घटना से करीब ढाई साल पहले महेश ने अपनी बहन सुमन को भगाने का आरोप लगाते हुए रामकुंवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार इसी पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।

    निचली अदालत ने 1989 में सुनाई थी उम्रकैद

    अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2 मई 1989 को महेश, नरेश और विरपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत तथा बलिस्टर को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन्हें धारा 201 और धारा 324/34 के तहत भी दोषी ठहराया गया था।

    हाईकोर्ट ने खारिज किए सभी तर्क

    दोषियों ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई, गवाह मृतक के परिजन थे और उनके बयानों में विरोधाभास है। हालांकि अदालत ने इन सभी तर्कों को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि घटना के लगभग साढ़े चार घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी, इसलिए इसमें किसी प्रकार की मनगढ़ंत कहानी या अनावश्यक देरी का सवाल नहीं उठता। अदालत ने यह भी माना कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय साक्ष्यों से पूरी तरह मेल खाते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर किसी गवाह की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता कि वह मृतक का रिश्तेदार है।

    पीड़ित पक्ष ने फैसले का किया स्वागत

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने संतोष जताते हुए कहा कि भले ही न्याय मिलने में लंबा समय लगा, लेकिन इस निर्णय ने न्यायपालिका में उनका विश्वास और मजबूत किया है।

  • बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बेटी की वायरल तस्वीर से नाराज मामा, भांजे की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप..

    बिहार के वैशाली जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. घटना जिले के राघोपुर की है. यहां एक मामा ने अपने भांजे की बेहरमी से हत्या कर शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.इतना ही नहीं,  मृतक का एक हाथ काटकर घटनास्थल से 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया. वैशाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी मामा को गिरफ्तार कर लिया है.

    48 घंटों के अंदर मामले का किया खुलासा

    मामले का खुलासा करते हुए वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि 30 जून को राघोपुर थाना क्षेत्र के पास एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था, जिसका बाया हाथ कटा हुआ था. शव की शिनाख्त करना सबसे बड़ी चुनौती थी. ऐसे में वारदात के पीछे छुपे आरोपी और कारण का पता लगाना बेहद मुश्किल था, लेकिन वैशाली एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन कर 48 घंटों के अंदर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मामाओं को गिरफ्तार कर लिया.

    टैटू से हुई मृतक की पहचान

    एसपी ने आगे बताया कि कल 2 जून शाम को एक अज्ञात कॉल आई, जिसके जरिए मृतक युवक की शरीर पर बने टैटू के आधार पर उसकी पहचान की गई. जो समस्तीपुर के नीतीश कुमार के रूप में हुई. इसके बाद उसके घर में घटना की सूचना दी. साथ ही पिता के पहुंचने के बाद मामले की एफआई आर दर्ज करते हुए 6 लोगों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया है.

    हत्या के मामले मामा की हुई गिरफ्तारी

    इसके बाद एसपी ने मामले पर विशेष टीम का गठन किया, जिसने अलग अलग स्थानों पर छापेमारी की. साथ ही 2 जून को पटना के चौक थाना इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. आरोपी की पहचान लाल बाबू राय के रूप में हुई है. जो मृतक का मामा लगता था और नीतिश उनके घर में रहकर पढ़ाई करता था.

    भांजी से प्रेम संबंध से गुस्से में था मामा

    पुलिस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि मामा लाल बाबू राय के यहां रहने के दौरान नीतिश का उनकी बेटी से प्रेम संबंध बन गया थे. वह उससे लगातार बातचीत करता था. उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें उसने अपने मोबाइल में रखी हुई थी. जिसे वह सोशल मीडिया पर प्रकाशित करता था.

    किडनैपिंग के बाद मर्डर और फिर बायां हाथ काटा

    इसकी भनक लड़की के दूसरे मामा मनोज राय और नीतीश के मामा लाल बाबू राय को लगी, तो दोनों ने मिलकर नीतीश को रास्ते से हटाने की साजिश रची. साजिश के तहत 26-27 जून की शाम को नीतीश का अपहरण  किया गया और 29 जून की रात उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के लिए उसका बायां हाथ काटकर 100 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया और शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया.

    आरोपी मामा गिरफ्तार

    इन सबूतों को आधार बनाकर जब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उन्होंने पूछताछ में बताया कि नीतिश चेन्नई में दो साल से काम करता था. उसका प्रेम संबंध पहले से किसी के साथ चल रहा था. लेकिन दूसरी तरफ वह लड़कियों की आपत्तिजनक फोटोज और वीडियो को इस्टाग्राम पर फेक प्रोफाइल बनाकर वायरल करता था जिसके कारण उन्होंने उनकी भांजी के साथ भी ऐसा किया जिसका बदला लेने के लिए दोनों ने उसे खौफनाक मौत दी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संदेह के आधार पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

  • सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    सरकारी सहायक अध्यापक पर TET में फर्जीवाड़े का आरोप, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया…

    शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा की दूसरी पाली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया। परीक्षा के दौरान जब उसके प्रवेश पत्र और अन्य अभिलेखों का मिलान किया गया तो इस जालसाजी का भांडाफोड़ हुआ। पकड़ा गया युवक सहायक अध्यापक बताया जा रहा है। हालांकि वह किस जिले में तैनात है इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई है और उससे पूछताछ कर रही है। 

    उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिले के 18 स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं। डुमरियाडीह स्थित राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसी केंद्र पर परीक्षा की दूसरी पाली में हनुमान प्रसाद पुत्र राम नारायण नाम के परीक्षार्थी को परीक्षा देनी थी लेकिन उसके स्थान पर कबीर पुत्र रामनारायण परीक्षा देने पहुंच गया। 

    प्रवेश से पहले केंद्र के बाहर सघन चेकिंग अभियान के दावे को तथा बताते हुए कबीर चकमा देकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसने करीब 1 घंटे तक परीक्षा भी दी। इस दौरान जब परीक्षक ने जांच के दौरान उसके अभिलेख का मिलान किया तो हनुमान पुत्र रामनरायण के स्थान पर कबीर पुत्र राम नरायण परीक्षा देता पकड़ा गया। जलसाजी की सूचना पर केंद्र में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने केंद्र पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। परीक्षा देने देते पकड़ा गया आरोपी सहायक अध्यापक बताया जा रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी कबीर चौधरी बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2006 बैच के सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।हालांकि वह किस जिले में तैनात है पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकी है। परीक्षा के नोडल अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

    डीआईओएस बोले- मुझे नहीं मिली रिपोर्ट

    परीक्षा में पकड़े गए सहायक अध्यापक की जानकारी करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र ने कहा कि वह कहां का रहने वाला है और किस जिले में तैनात है इसकी कोई जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है। उन्हें अब तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। जब रिपोर्ट मिलेगी तो इस संबंध में जानकारी दे पाएंगे।

    दो पालियों में 15142 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

    शुक्रवार को जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 15,142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 890 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 7,530 तथा द्वितीय पाली में 7,612 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन कुल 16,032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। डुमरियाडीह के मामले को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही।

    डीआईजी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

    देवी पाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को परीक्षा केंग्रों का निरीक्षण कर टीईटी परीक्षा का जायजा लिया। उन्होने बहराइच जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक, बहराइच एवं राजकीय पॉलिटेक्निक मोहम्मदपुर का  निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  • जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    जिस पेड़ को बनाया था मोहब्बत की निशानी, वहीं खत्म हुई दो जिंदगियों की कहानी..

    खेतों में घूम रहे ग्रामीणों ने आम के पेड़ पर लटके शव देखे और पुलिस को इत्तला किया. युवती की मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका है जबकि आम के पेड़ के नीचे से कई साक्ष्य बरामद हुए हैं

    उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने दो परिवारों में कोहराम मचा दिया है. यहां के सबुआ गांव के पास गुढ़ा मोड पर स्थित एक मशहूर आम के पेड़ पर एक युवक और युवती के शव लटके मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की पहचान सबुआ गांव निवासी 24 वर्षीय उपेंद्र विश्वकर्मा और युवती की पहचान चरखारी की 22 वर्षीय आरती कुशवाहा के तौर पर की गई है. यह प्रेमी जोड़ा एक ही रस्सी से पेड़ पर लटके मिला है. युवती की मांग में सिंदूर होने की बात सामने आ रही है जबकि पेड़ के पास चिप्स, कोल्ड ड्रिंक के पैकेज और मोबाइल फोन पड़े मिले हैं. इस हादसे की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने दोनों के शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. दूसरी तरफ गांव में दोनों को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी.

    इसी आम के पेड़ के नीचे बिताते थे अपना वक्त

    बताया जा रहा है कि दोनों का आपस में पिछले 3 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों इसी आम के पेड़ के नीचे मुलाकात करते थे. घंटों बातचीत करते थे और इसी पेड़ के नीचे दोनों ने जीने-मरने की कसमें खा ली थी. जहां सबुआ निवासी उपेंद्र विश्वकर्मा आरा मशीन में काम करता था तो चरखारी की आरती कुशवाहा 8 किमी. दूर से मिलने आती थी. दोनों अपने रिश्ते को विवाह का नाम देना चाहते थे लेकिन समाज में बदनामी और जात-पात के डर से परिजन राजी नहीं हुए. 

    दोस्त और घर वालों को नहीं थी खबर

    पुलिस की जांच-पड़ताल से सामने आया कि दोस्तों को युवक की प्रेम कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. जबकि युवती के परिजनों ने बताया कि वो शाम 7 बजे से ही घर से गायब थी. युवक भी रात 8 बजे घर पर बाइक पार्क करने के बाद अचानक कहीं चला गया. दोनों के परिजन खोजबीन करते रहे लेकिन कुछ अता-पता नहीं चला. युवती के परिजनों का कहना है कि वो अपनी बेटी के प्रेम संबंधों के बारे में कुछ नहीं जानते थे. यदि बेटी को शादी करनी ही थी तो कहीं दूर जाकर घर बसा सकती थी. दोस्तों का कहना है कि युवक ने उसे अपनी प्रेम कहानी की भनक तक नहीं लगने दी, वरना समस्या का कुछ हल निकालते और जान बचा लेते.

    ग्रामीणों ने दी पेड़ से लटके होने की सूचना

    अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के पेड़ से लटके होने की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी. कुछ ही देर के अंदर खेत में गांव वालों की भीड़ इकट्ठी हो गई. मृतका के मांग में सिंदूर भरे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस कर्मियों की टीम ने युवत औक युवती के शव को पेड़ से उतारा. फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए. बताया जा रहा है कि युवती के पिता का कुछ समय पहले ही निधन हुआ था.  हालांकि दोनों परिवारों ने प्रेम प्रसंग की सूचना ना होने की बात कही है लेकिन सूत्रों के हवाले से पता चला है कि जाति-बिरादरी का अंतर होने के कारण दोनों का परिवार रिश्ते के लिए राज़ी नहीं हुआ.

  • पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    पत्नी और सिपाही के रिश्ते के शक ने बढ़ाया विवाद, CRPF जवान की शिकायत के बाद मचा हड़कंप..

    बुलंदशहर के गुलावठी में CRPF जवान, यूपी पुलिस सिपाही और जवान की पत्नी के बीच विवाद सामने आया. जवान का आरोप है कि पत्नी जेवर और नकदी लेकर सिपाही के साथ चली गई.

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां के गुलावठी थाना क्षेत्र के एक CRPF जवान, यूपी पुलिस और जवान के रिश्ते को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. जवान ने आरोप लगाया  है कि उसकी पत्नी घर से जेवर और नकदी लेकर, यूपी पुलिस के सिपाही के साथ फरार हो गई. 

    CRPF जवान की पत्नी हुई फरार 

    CRPF जवान देव का कहना है कि ‘उनकी पत्नी रमा उर्फ जान्हवी की मुलाकात गौतमबुद्धनगर के दादरी इलाके में हुई थी. दोनों के बीच पहले रिश्ते बने और फिर परिवार के सहमति के साथ कोर्ट मैरिज कर ली गई. शादी के कुछ दिनों तक सब ठीक रहा, लेकिन जब वह 10 जून अपनी ड्यूटी पर वापस लौटे, तब उन्हें पता लगा कि 16 जून को उनकी पत्नी अचानक घर से गायब हो गई.’

    जवान ने लगाए कई गंभीर आरोप 

    पीड़ित पति ने दावा किया कि पत्नी घर से जाते समय अपने जेवर और दो लाख की नकदी लेकर फरार हो गई है. जिसका CCTV फुटेज भी उनके पास मौजूद होने की बात भी सामने आई. CRPF जवान ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि वह काले रंग की स्विफ्ट कार लेकर आया था और पत्नी को अपने साथ लेकर चला गया और वह मिल नहीं रही है. जवान ने आशंका जताते हुए कहा कि उसने पत्नी गलत परिस्थिति में फंस गई है. इसलिए उन्होंने गुलावठी थाने में  शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि, शुरुआत में पुलिस की तरफ से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है. 

    सिपाई सनी यादव ने खारिज किए आरोप 

    वहीं दूसरी तरफ यूपी पुलिस के सिपाई सनी यादव जवान के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि महिला या CRPF जवान से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्हें केवल फंसाया जा रहा है. सिपाही ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहते हैं और वह इसका सबूत भी दे सकते हैं. 

    मामले में आया नया मोड़ 

    मामले में मोड़ तब आया जब CRPF जवान की पत्नी रमा उर्फ जाह्नवी खुद सामने आ गई. उन्होंने एक वीडियो संदेष जारी कर अपने पति पर झूठ बोलकर शादी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए. महिला ने ये भी कहा कि शादी के बाद उन्हें पति के व्यवहार और निजी कारणों के वजह से तनाव बढ़ा. फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और गहराई से जांच कर रही है

  • प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    प्रेमी संग रहने की जिद, तीन बच्चों को लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला; गोंडा स्टेशन पर हड़कंप..

    9 घंटे बाद एसडीआरएफ ने सुरक्षित उतारा

     शुक्रवार सुबह गोंडा रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ स्टेशन परिसर में लगे करीब 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला प्रेमी के साथ रहने की मांग पर अड़ी रही और करीब नौ घंटे तक टावर पर बैठी रही। कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

    घटना सुबह करीब 7:30 बजे स्टेशन के एक्सेलेटर के सामने लगे टावर की है। गीता देवी अपने तीन बच्चों को लेकर टावर पर चढ़ गई और प्रेमी राम अकबाल सिंह को बुलाने तथा उसके साथ रहने की मांग करने लगी।

    सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने कई घंटे तक महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। स्थिति गंभीर होने पर एसडीआरएफ के चार जवान सुरक्षा उपकरणों के साथ टावर पर चढ़े। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद महिला और उसके तीनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही और पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए लोगों का हुजूम लगा रहा।

    नीचे आने के बाद महिला ने आरोप लगाया कि वह पहले भी अपनी मांग को लेकर टावर पर चढ़ चुकी थी। उस समय पुलिस ने उसे आश्वासन दिया था कि राम अकबाल सिंह को बुलाकर उसकी बात कराई जाएगी, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। इसी वजह से वह दोबारा टावर पर चढ़ी।

    बयान देने के दौरान महिला ने पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर भी अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी। आरपीएफ के सहायक कमांडेंट महेंद्र प्रसाद ने बताया कि महिला शुक्रवार सुबह अपने तीन बच्चों के साथ टावर पर चढ़ गई थी। करीब नौ घंटे के प्रयास के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। उन्होंने बताया कि महिला एक व्यक्ति के साथ रहने की मांग कर रही थी और इसी कारण उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    ममेरी बहन से प्रेम संबंधों पर बवाल, मामा ने सगे भांजे को मौत के घाट उतारने की रची साजिश…

    बिहार के वैशाली में 30 जून को एक जला हुआ शव मिला था. पुलिस का कहना है कि बेटी और सगे भांजे के अफेयर से नाराज मामा ने भांजे की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और पहचान मिटाने के लिए उसे जला दिया गया. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

    मामला वैशाली जिले के राघोपुर के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र का है. 30 जून को पुलिस को एक युवक का जला हुआ शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था. जांच के आधार पर मृतक की पहचान की गई. 22 साल का युवक समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी का रहने वाला था.

    पुलिस का कहना है कि युवक की मां की मौत तब हो गई थी, जब वह करीब चार साल का था. इसके बाद वह अपने ननिहाल में ही पला-बढ़ा. इसी दौरान उसकी ममेरी बहन के साथ प्रेम संबंध बन गए. जांच में सामने आया कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे. इसी रिश्ते को लेकर परिवार में लंबे समय से नाराजगी थी.

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    वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे करीब तीन साल पहले अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी मिली थी. उसने कई बार भांजे को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों संपर्क में बने रहे. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने यह भी दावा किया कि घर से निकालने के बाद भी युवक चेन्नई से उसकी बेटी के संपर्क में था, कॉल करता था. अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देता था.

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी मामा ने पहले भांजे को चेन्नई से समस्तीपुर बुलवाया. इसके बाद उसे पटना सिटी स्थित अपने घर बुलाया गया, जहां दो दिनों तक उसे समझाने की बात कही गई. पुलिस का कहना है कि 28 जून को आरोपी और उसके साथियों ने युवक को गंगा किनारे सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद कथित तौर पर शव के टुकड़े किए गए और जला दिया गया.

    SP बोले- एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है, अन्य की तलाश जारी

    वैशाली पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी मामा को पटना सिटी से गिरफ्तार कर लिया है. एसपी शुभांक मिश्रा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका कबूल कर ली है. पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भी भूमिका सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है.

    आरोपी ने पुलिस के सामने क्या कहा?

    मामा ने हत्या के बाद शव 3 टुकड़ों में काटा था. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी बेटी और भांजे के रिश्ते की जानकारी करीब तीन साल पहले हुई. शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में उसे दोनों के बीच नजदीकियों का एहसास हुआ. उसने कई बार युवक को समझाया, लेकिन वह नहीं माना. आरोपी ने कहा कि वो मेरा भांजा था, बेटी से रिश्ता बनाने लगा था. वीडियो भेजा तो बर्दाश्त नहीं कर पाया, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रच दी.

  • मुस्लिम युवक पर धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप, सच खुलते ही विवाद; महिला ने दी जान…

    मुस्लिम युवक पर धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप, सच खुलते ही विवाद; महिला ने दी जान…

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    यूपी के आगरा में शादी के 5 महीने के बाद ही एक महिला ने आत्महत्या कर ली. परिजनों का कहना है कि लड़के ने अपना धर्म छिपाकर हिंदू बन उससे प्रेम किया और शादी कर ली. जब परिवार में कलेश हुआ, तो बेटी ने आत्महत्या कर ली.

    मुस्लिम लड़के ने धर्म छिपाकर रचाई शादी

    आगरा: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नई नवेली दुल्हन की आत्महत्या के बाद अब आगरा में भी ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शादी के 5 महीने के बाद ही एक महिला ने आत्महत्या कर ली. आरोप है कि लड़की ने लव मैरिज की थी, और लड़का मुस्लिम समाज से था, जबकि लड़की हिंदू. परिजनों का आरोप है कि लड़के ने खुद को हिंदू बताया और फिर लड़की को प्यार के जाल के फंसाकर शादी कर ली. जब शादी के बाद पता चला तो घर के कलेश हुआ और फिर लड़की के आत्महत्या कर ली.

    पूरा मामला आगरा के थाना सदर क्षेत्र के शहीद नगर का है. 5 महीने पहले एक लड़की की शादी अबू नाम के लड़के से हुई थी. शादी के पांच महीने बाद ही लड़की ने फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली. अब लड़की के परिजनों की ओर से लड़के पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मृतक लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि अबू मुस्लिम समाज से था, उसका असली नाम अफरार था. उसने हिंदू बनकर पहले उनकी बेटी को प्यार के झूठे जाल में फंसाया और फिर शादी कर ली.

    लड़की से करता था मारपीट
    शादी के बाद जब उनकी बेटी को सच्चाई पता चली, तो घर में कलेश हुआ. उनकी बेटी ने लड़के का मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि लड़के का संबंध हिंदू समाज की अन्य लड़कियों से भी है, जिसका विरोध उनकी बेटी ने किया था. परिजनों का आरोप है कि लड़का आए दिन उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और ब्लैकमेल करता था. परेशान होकर उनकी बेटी के आत्महत्या कर की.

    जांच में जुटी पुलिस
    सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं अब इस पूरे मामले पर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी आरोपी होगा, उसको जांच के बाद जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

  • पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाने का आरोप, आरोपी की चूक बनी गिरफ्तारी की वजह..

    आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने पति की हत्या करने के बाद शव को घर के बाथरूम में दफना दिया और ऊपर से प्लास्टर करवा दिया। इसके बाद वह करीब 45 दिनों तक पति के लापता होने का दावा करती रही। पुलिस ने शक के आधार पर बाथरूम की खुदाई कराई, जहां से शव बरामद हुआ। मामले में महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, 44 वर्षीय सुरेंद्र आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित प्राक्षी टावर चौकी इलाके में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। वह 18 मई से लापता था। इस दौरान परिवार की ओर से उसके गायब होने की बात कही जा रही थी।

    भाई के शक पर खुला मामला
    मृतक के भाई को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घर पहुंचकर जांच शुरू की। शक गहराने पर बाथरूम की खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान फर्श के नीचे से सुरेंद्र का शव बरामद हुआ।

    प्लास्टर कर छिपाया गया था शव
    प्राथमिक जांच में सामने आया कि शव को बाथरूम में दफनाने के बाद उस स्थान पर प्लास्टर करा दिया गया था, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पत्नी हिरासत में
    पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

    इलाके में दहशत
    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।