गुरुग्राम में 33 वर्षीय हरिजीत कुमार की नुकीली वस्तु से हत्या कर दी गई, जिसका शव ओल्ड दिल्ली रोड पर मिला। परिवार ने मृतक के दोस्तों पर नशे को लेकर हुए झगड़े के बाद हत्या का आरोप लगाया है, पुलिस जांच में जुटी है।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। उद्योग विहार थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय एक युवक की नुकीली वस्तु घोंपकर हत्या कर दी गई। उसका शव सोमवार शाम ओल्ड दिल्ली रोड पर पार्क अस्पताल के पास लहूलुहान स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान डूंडाहेड़ा गांव निवासी हरिजीत कुमार के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ रहता था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार, हरिजीत नशे का आदी था और कोई काम नहीं करता था।
छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर लौटा
परिवार के लोगों ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह करीब छह महीने पहले ही केंद्र से इलाज कराकर घर लौटा था, लेकिन फिर से उसी संगत में पड़ गया था।
सोमवार सुबह हरिजीत ने परिवार को बताया था कि वह अपने दोस्तों हरकेश, मोनू नेपाली व अन्य के साथ कहीं जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। शाम होते ही परिवार को सूचना मिली कि उसका शव पार्क अस्पताल के पास पड़ा है। राहगीरों की सूचना पर उद्योग विहार थाना पुलिस, एफएसएल और सीन आफ क्राइम की टीमें मौके पर पहुंचीं।
दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप
जांच में पता चला कि किसी नुकीली चीज से कई वार कर उसकी हत्या की गई है। परिवार ने दोस्तों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया। स्वजन का कहना है कि आरोपितों के साथ अक्सर उसका नशा करने को लेकर झगड़ा होता था।
घरवालों ने विधायक व उनके दामाद समेत परिवार के नौ सदस्यों पर हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है। चाचा सुनील राउत के बयान पर पुलिस ने सभी पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र के बमतलियाडीह का रहने वाला था।
मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक की पत्नी शिल्पी कुमारी ने बताया कि पति छह माह से विधायक के यहां रहकर खाना बनाने का काम करते थे। सोमवार की देर शाम पति को काम पर रखवाने वाले ने फोन कर बताया कि उसके पति ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
सूचना मिलते ही चाचा सुनील राउत और मां मुन्नी देवी विधायक के घर गई तो देखा कि पति का शव पंखे से लटक रहा है। उनके शरीर से खून भी बह रहा था।
पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक व उनके परिवार के सदस्याें ने पति की हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया है। चाचा सुनील राउत का कहना है कि भतीजे की हत्या की गई है। वह छह दिन पहले ही छुटटी से वापस काम पर आया था।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 साल के एक लड़के की हत्या के मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस के मुताबिक इस वारदात के पीछे इंसानी अंडकोष (Testicles) को करोड़ों रुपये में बेचने का झूठा दावा था. सोशल मीडिया पर वायरल एक रील में कथित तौर पर दावा किया गया था कि खाड़ी देशों में टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. इसी फर्जी जानकारी से प्रभावित होकर आरोपियों ने एक नाबालिग को अपना निशाना बनाया.
पुलिस ने इस मामले में 20 साल के BBA छात्र जोहेब खान को कथित मास्टरमाइंड बताया है. जांच के अनुसार जोहेब ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर अपने साथियों के बीच इस झूठे दावे को सच साबित करने की कोशिश की थी. उसने चार लोगों को कथित तौर पर समझाया कि टेस्टिकल्स को 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये तक में बेचा जा सकता है. हैरानी की बात यह है कि हत्या के वक्त जोहेब मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों को निर्देश देता रहा.
पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने दो बार किसी लड़के को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी. पहली कोशिश में एक लड़के को 100 रुपये देने का लालच देकर झगड़े में मदद करने के बहाने बुलाने की योजना बनाई गई, लेकिन वह वहां पहुंचा ही नहीं. इसके बाद दूसरी कोशिश में एक अन्य लड़के को इसी तरह निशाना बनाने की कोशिश हुई.
वह युवक आरोपियों से भिड़ गया और किसी तरह वहां से भाग निकला, जिसके बाद उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ. इन दोनों कोशिशों के बाद आरोपियों ने 16 साल के उस लड़के को निशाना बनाया, जो भोपाल के इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन और की-रिंग बेचकर अपना गुजारा करता था. पुलिस के अनुसार 6 अगस्त को दो नाबालिग आरोपी उसके पास पहुंचे.
उन्होंने उसे खटलापुरा के पास झगड़े में मदद करने के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया. इसके बाद उसे धोबी घाट की तरफ ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस की जांच के मुताबिक लड़के को धोबी घाट के पास ले जाने के बाद आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला किया. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई.
इसके बाद आरोपियों ने ब्लेड की मदद से उसके टेस्टिकल्स निकाल लिए. पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात के पीछे यही सोच थी कि इन अंगों को किसी खरीदार को बेचकर बड़ी रकम हासिल की जा सकती है. हत्या के बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए. 10 अगस्त को धोबी घाट के पास लोअर लेक से किशोर का सड़ा-गला शव बरामद किया गया.
पोस्टमार्टम में शरीर पर घातक चोटों की पुष्टि हुई और यह भी सामने आया कि उसके टेस्टिकल्स निकाल दिए गए थे. पुलिस के सामने मृतक की पहचान भी तुरंत नहीं हो सकी. करीब पांच दिन बाद उसकी मां की गुमशुदगी की शिकायत और शरीर पर बने टैटू की मदद से उसकी पहचान की गई. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने निकाले गए अंगों को करीब दो दिन तक एक मकान की छत पर बर्फ में पैक करके रखा.
उनका कथित मकसद किसी ऐसे व्यक्ति को तलाशना था, जो इन अंगों को खरीद सके. लेकिन जल्द ही पूरी योजना बुरी तरह फेल हो गई. आरोपियों को न तो कोई खरीदार मिला और न ही उन्हें यह जानकारी थी कि मानव ऊतक को किस तरह सुरक्षित रखा जाए या उसकी बिक्री कैसे की जाए.
जांच में पुलिस को पता चला कि इसके बाद जोहेब खान ने अपने साथियों को इन अंगों को अलग-अलग जलाशयों में फेंकने के लिए कहा. आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि टेस्टिकल्स को भोपाल की अपर लेक और लोअर लेक में फेंका गया. अब पुलिस इन दोनों झीलों में संभावित जगहों की तलाश कर रही है, ताकि सबूत बरामद किए जा सकें.
मामले की जांच कर रहे ACP संतोष पटेल के मुताबिक आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे उन जगहों की जानकारी जुटाई जा रही है, जहां कथित तौर पर अंग फेंके गए थे. पुलिस बुधवार को अपर लेक और लोअर लेक में गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाने की तैयारी में है. हालांकि दोनों झीलों का पानी गहरा और काफी गंदा होने की वजह से तलाशी आसान नहीं होगी.
जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर निकाले गए अंग बरामद हो जाते हैं तो इससे वारदात की कड़ियों को जोड़ने में काफी मदद मिल सकती है. इससे पुलिस आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि कर सकेगी. फिलहाल जांच टीम उन लोगों की भी पहचान कर चुकी है, जिनसे आरोपियों ने कथित तौर पर अंग बेचने के लिए संपर्क किया था. पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है कि क्या वास्तव में किसी तरह की खरीद-फरोख्त की योजना बनाई गई थी.
पुलिस के मुताबिक इस साजिश को विश्वसनीय दिखाने के लिए जोहेब खान ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताया था. उसने ऑनलाइन एक एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर खरीदे थे. इन चीजों का इस्तेमाल वह अपने साथियों के सामने डॉक्टर या मेडिकल स्टूडेंट जैसा दिखने के लिए करता था. जांचकर्ताओं को शक है कि उसने इन्हीं सामानों के जरिए साथियों को मानव शरीर और कथित अंग निकालने की प्रक्रिया के बारे में प्रभावित करने की कोशिश की.
पुलिस ने एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मामीटर समेत संबंधित सामान बरामद कर लिया है. जांच के मुताबिक जोहेब ने अपने साथियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि टेस्टिकल्स की कीमत करोड़ों रुपये मिल सकती है. हत्या के समय वह घटनास्थल पर नहीं था, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए आरोपियों के संपर्क में था और कथित तौर पर उन्हें निर्देश दे रहा था.
पुलिस को अभी तक इस मामले में किसी संगठित ऑर्गन ट्रैफिकिंग रैकेट से सीधे जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है. जांच में सामने आया है कि वारदात की शुरुआती वजह सोशल मीडिया पर फैला एक फर्जी दावा था. पुलिस के अनुसार मानव टेस्टिकल्स को खाड़ी देशों में करोड़ों रुपये में बेचे जाने की बात एक सोशल मीडिया होक्स है और इसका कोई आधार नहीं है.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने जिन लोगों से संपर्क किया था, क्या वे वास्तव में अंग खरीदने के लिए तैयार थे या फिर पूरी योजना केवल आरोपियों की गलत जानकारी और भ्रम पर आधारित थी. पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी उन कथित अंगों की बरामदगी है, जिन्हें आरोपियों ने अपर लेक और लोअर लेक में फेंकने की बात कही है. मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के बयानों की तस्दीक कर रही है.
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आदमपुर गांव के पास खेत में दो जिगरी दोस्तों के शव एक ही पेड़ पर एक ही रस्सी के सहारे लटके मिले. मृतकों की पहचान 22 साल के आकाश मीणा और 21 साल के आरिफ उर्फ बाबू के रूप में हुई है. दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और बेहद करीबी दोस्त बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद आदमपुर गांव में मातम पसर गया और दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई.
जानकारी के मुताबिक, आकाश और आरिफ शनिवार रात अपने-अपने घर से विदिशा घूमने जाने की बात कहकर निकले थे. देर रात तक दोनों वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोग परेशान हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी. परिजन रातभर दोनों को आसपास के इलाकों में तलाशते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला. रविवार सुबह पास के केवट गांव के एक खेत में दो युवकों के शव मिलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने शवों की पहचान आकाश और आरिफ के रूप में की.
दोनों दोस्तों की उम्र कम थी और वे लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहते और काम करते थे. ग्रामीणों के मुताबिक, आकाश और आरिफ अक्सर खेतों में साथ काम करते थे. वे अपने खेतों में काम करने के अलावा दूसरे किसानों के खेतों में भी मजदूरी करते थे. गांव वालों का कहना है कि दोनों का किसी से कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था. ऐसे में दोनों की एक साथ मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
मृतक आकाश मीणा, उदय सिंह मीणा का बेटा था और दो भाइयों में बड़ा था. उसकी शादी कुछ महीने पहले ही हुई थी. परिवार के पास अपनी जमीन नहीं है और वे मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. वहीं आरिफ उर्फ बाबू, शहजाद अली का बेटा था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके परिवार में एक बहन भी है और परिवार के पास करीब चार बीघा जमीन बताई गई है, जबकि खेती के साथ कृषि मजदूरी से भी परिवार की आय होती है.
घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया. मौके पर फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी पहुंचकर जांच की. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की असली वजह और हालात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
इस घटना को लेकर दोनों परिवारों ने हत्या की आशंका जताई है. परिवार वालों का कहना है कि घर में किसी तरह का विवाद नहीं था और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि दोनों दोस्त एक साथ इतना बड़ा कदम क्यों उठाएंगे. आकाश के पिता ने बताया कि दोनों घर से घूमने जाने की बात कहकर निकले थे और रातभर वापस नहीं आए. सुबह बच्चों की मौत की खबर मिली, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि दोनों शवों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और जब शव मिले तो उनके पैर जमीन को छू रहे थे. हालांकि पुलिस ने इन दावों की अभी पुष्टि नहीं की है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मौत से पहले दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और रात में उनके साथ क्या हुआ था?
पुलिस अब दोनों युवकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है. परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है. फिलहाल, आत्महत्या की वजह भी पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
एक ही गांव के दो जिगरी दोस्तों की एक साथ मौत से पूरे आदमपुर में गम का माहौल है, जिन दो दोस्तों को ग्रामीण अक्सर साथ देखते थे, उनकी अर्थियां भी एक साथ उठीं. परिवारों के लिए यह घटना जिंदगी भर का दर्द बन गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रात में घूमने निकले आकाश और आरिफ खेत तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस दर्दनाक घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी.
केरल के कोट्टियम से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां 31 साल के एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उस शख्स पर अपनी पत्नी के निजी वीडियो अश्लील वेबसाइटों पर अपलोड करने का इल्जाम है. इतना ही नहीं, आरोपी पर अपनी चार साल की बेटी के सामने अश्लील हरकत करने का भी गंभीर आरोप लगा है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से मय्यानाड का रहने वाला है और पिछले करीब चार साल से अपनी पत्नी और बेटी के साथ ब्रिटेन में रह रहा था. दोनों की शादी करीब छह साल पहले हुई थी और शादी से पहले वे एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे. बताया गया कि परिवार के ब्रिटेन में रहने के दौरान ही इस मामले की शुरुआत हुई. पत्नी के दोस्तों ने उसे उसके निजी वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने की जानकारी दी.
महिला को जब उसके दोस्तों ने बताया कि उसके इंटीमेट वीडियोज़ पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर मौजूद हैं, तो उसने कथित तौर पर अपने पति से इस बारे में बात की. महिला ने उसे ऐसा दोबारा नहीं करने की चेतावनी दी. इसके बाद उसे अपने पति पर शक हुआ और उसने उसका मोबाइल फोन चेक किया. पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में एक ऐसा वीडियो मिला, जिसमें आरोपी अपनी चार साल की बेटी की मौजूदगी में अश्लील हरकत करता नजर आया.
इस घटना के सामने आने के बाद परिवार ब्रिटेन से वापस केरल लौट आया. पुलिस के अनुसार, केरल पहुंचने के बाद आरोपी की तीन दिनों तक काउंसलिंग भी कराई गई. हालांकि, आरोप है कि काउंसलिंग के बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं. पुलिस का कहना है कि उसने कथित तौर पर बच्ची को शामिल करते हुए एक और वीडियो रिकॉर्ड किया.
महिला ने जब पति की इस कथित हरकत का विरोध किया तो मामला और गंभीर हो गया. आरोप है कि पति ने उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अस्पताल में इलाज के बाद पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया. इसी बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
पीटीआई के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने कथित वीडियो को भी देखा. इसके बाद मामले में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO एक्ट के तहत अलग से केस दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन घटना के बाद वह कथित तौर पर फरार हो गया था.
पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करने के लिए जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब मामले से जुड़े वीडियो, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. इस मामले में बच्ची की मौजूदगी से जुड़ी शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है और इसी वजह से POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.
शिकायतकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रशांत वी. कुरुप ने आरोपी पर एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि आरोपी अपनी पत्नी पर वाइफ स्वेपिंग में शामिल होने का दबाव भी बनाता था. वकील के मुताबिक, महिला ने इसके लिए कभी सहमति नहीं दी.
अधिवक्ता कुरुप ने बताया कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया था और वह अपनी पत्नी के साथ ब्रिटेन गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि काउंसलिंग के बाद भी आरोपी ने कथित अपराध जारी रखे. वकील के अनुसार, महिला ने लगातार इन हरकतों का विरोध किया, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई.
वकील ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि शुरुआत में महिला का बयान दर्ज करने और जांच आगे बढ़ाने में पुलिस की ओर से कुछ लापरवाही हुई. बाद में जब शिकायतकर्ता की ओर से केरल हाई कोर्ट जाने की तैयारी की गई तो पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई.
अधिवक्ता प्रशांत वी. कुरुप का दावा है कि केरल हाई कोर्ट का रुख करने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. आरोपी पर पत्नी के निजी वीडियो प्रसारित करने, बच्ची की मौजूदगी में कथित अश्लील हरकत करने और महिला के साथ मारपीट समेत कई गंभीर आरोप हैं.
पुलिस की जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि कथित वीडियो कहां-कहां अपलोड किए गए और उन्हें किस तरह प्रसारित किया गया. साथ ही बच्ची से जुड़े आरोपों की भी POCSO कानून के तहत जांच की जा रही है. मामले में सामने आए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी.
उज्जैन में बिजली कंपनी के एक सरकारी कार्यालय में जन्मदिन का जश्न सुर्खियों में आ गया है. यहां नियम-कायदों को ताक पर रखकर सहायक यंत्री का जन्मदिन मनाया गया. ढोल-नगाड़ों के साथ हाथी पर सवार होकर अधिकारी की एंट्री हुई और कार्यालय के भीतर केक काटकर पार्टी मनाई गई. अब इस जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय कार्रवाई की बात कही जा रही है.
मामला उज्जैन के मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वल्लभ नगर जोन का है. यहां पदस्थ सहायक यंत्री रविकांत मालवीय के जन्मदिन समारोह के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
कार्यालय के अंदर काटा गया केक
वायरल वीडियो में सहायक यंत्री ढोल-धमाकों के बीच हाथी पर सवार होकर कार्यालय परिसर में प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद कर्मचारी ढोल की थाप पर नाचते नजर आए. इतना ही नहीं, कार्यालय के अंदर ही केक काटकर जन्मदिन का जश्न मनाया गया.
बताया जा रहा है कि रविकांत मालवीय का जन्मदिन रविवार को था, लेकिन सोमवार को समारोह के फोटो और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया. सरकारी कार्यालय में इस तरह जश्न मनाए जाने को लेकर विभागीय नियमों और कार्यालय की गरिमा पर सवाल उठने लगे हैं.
सहायक यंत्री को नोटिस जारी
कार्यालय में इस तरह जन्मदिन मनाना उचित और कार्यालय की गरिमा के अनुरूप नहीं है. मामले में सहायक यंत्री को नोटिस जारी किया जाएगा. साथ ही भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी कर्मचारियों को भी स्पष्ट हिदायत दी जाएगी.
वहीं, सहायक यंत्री रविकांत मालवीय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका जन्मदिन रविवार को कार्यालय की कॉलोनी परिसर में मनाया गया था. उनका कहना है कि कार्यालय 24 घंटे खुला रहता है और पार्टी के लिए अलग से कार्यालय नहीं खुलवाया गया. अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद बिजली कंपनी इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और सरकारी कार्यालय की गरिमा से जुड़े इस जश्न पर विभाग किस तरह का फैसला लेता है.
फुलेरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फुलेरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए किराए पर बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सांभरलेक निवासी पुनीत वर्मा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में मार्च 2025 से अब तक करीब 97 लाख रुपए के साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन का खुलासा हुआ है.
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधियों के खिलाफ 17 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के दौरान फुलेरा थाना पुलिस की टीम ने समन्वय पोर्टल पर बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में संचालित बैंक खाते की जांच की. जांच में सामने आया कि इस खाते के खिलाफ राजस्थान समेत महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और झारखंड सहित सात राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं. जांच के दौरान बैंक खाते की जानकारी जुटाने पर पता चला कि खाता पुनीत वर्मा निवासी शिव विहार कॉलोनी, कॉलेज के पास, सांभरलेक, जयपुर ग्रामीण के नाम से संचालित हो रहा था.
बैंक स्टेटमेंट में 97 लाख का संदिग्ध लेनदेन
पुलिस टीम ने बैंक खाते के स्टेटमेंट और लेनदेन की गहनता से जांच की। इसमें मार्च 2025 से खाते में करीब 97 लाख रुपए की राशि साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन के रूप में जमा और निकासी होना सामने आया. इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फुलेरा थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में आरोपी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले लोगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है.
25 हजार रुपए मासिक किराए पर देता था खाता
पुलिस के अनुसार, पुनीत वर्मा साइबर ठगी में इस्तेमाल के लिए अपना बैंक खाता करीब 25 हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर उपलब्ध कराता था. खाते में साइबर ठगी की रकम आने के बाद उसका इस्तेमाल ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था.
साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि आरोपी का संपर्क किन साइबर अपराधियों से था और खाते के जरिए कितनी रकम का लेनदेन किया गया. साथ ही सात राज्यों में दर्ज शिकायतों के आधार पर भी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.
ओडिशा के पुरी शहर के कुंभारपाड़ा इलाके में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किराए के मकान की रसोई के स्लैब के नीचे से एक महिला का शव बरामद हुआ है। जानकारी के मुताबिक, महिला करीब दो महीने पहले अपने बेटे के साथ इस मकान में रहने आई थी। पुलिस को पता चला कि महिला की हत्या के बाद उसके शव को रसोई के स्लैब के नीचे छिपाने की कोशिश की गई।
घर में बदबू आने पर पुलिस को दी सूचना
मामला उस समय सामने आया जब मकान मालिक को घर की रसोई से तेज बदबू आने लगी। लगातार आ रही बदबू से मकान मालिक को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि महिला का बेटा रविवार से इलाके से गायब है। वहीं, उसकी मां के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। रसोई की संदिग्ध स्थिति और वहां से आ रही तेज बदबू ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
रसोई के स्लैब के आसपास संदिग्ध स्थिति दिखाई दे रही थी। वहां से गंदा पानी और अन्य कचरा फर्श पर बहता हुआ दिखाई दे रहा था। इसके साथ ही इलाके में तेज बदबू भी फैल रही थी। मकान मालिक को शक हुआ कि स्लैब के नीचे कुछ छिपाया गया हो सकता है। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मामले की जांच के लिए स्लैब को तोड़ा गया।
एसपी ने दी ये जानकारी
पुरी एसपी प्रतीक सिंह के अनुसार, स्लैब के अंदर से एक महिला का शव बरामद हुआ। एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। मौके पर वैज्ञानिक टीम को भी बुलाया गया। स्लैब तोड़ने के बाद उसके अंदर से महिला का शव बरामद किया गया। एसपी ने बताया कि वैज्ञानिक टीम ने घटनास्थल से कुछ सैंपल भी जुटाए हैं। इन सैंपलों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
इस पूरे मामले में महिला के बेटे का रविवार से गायब होना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल उसके ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके बेटे की इसमें क्या भूमिका है। पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि महिला की हत्या कैसे हुई और शव को रसोई के स्लैब के नीचे कब और किस तरह छिपाया गया। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाकर जांच शुरू कर दी है। महिला की पहचान, मौत की सही वजह और उसके बेटे के बारे में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। इससे पहले ओडिशा के बलांगीर में नरबलि का मामला सामने आया था। देवगांव थाना क्षेत्र के बगड़ा गांव में एक शख्स की हत्या कर उस सिर धड़ से अलग कर दिया गया था।
दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने एयरलाइन में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मास्टरमाइंड, उसका साथी, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर्स शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक साइबर थाने में एक शिकायत मिली थी कि उसने जून 2026 को इंस्टाग्राम पर “Bretish Airways” नाम से IGI एयरपोर्ट पर नौकरी का विज्ञापन देखा। फॉर्म भरने के बाद “करिश्मा, HR Bretish Airways” नाम की महिला का कॉल आया।
आरोपियों ने बाकायदा ऑफर लेटर भी दिया
आरोपियों ने व्हाट्सएप पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, मार्कशीट और CV मंगवाए और कहा कि नौकरी के लिए “Future Wings Learning Institute” से डिप्लोमा करना जरूरी है। इसी नाम पर 7,000 रुपये UPI से ट्रांसफर करवा। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी एडमिशन स्लिप, NOC स्लिप और फर्जी ऑफर लेटर भेज दिया। बाद में पता चला कि Bretish Airways नाम की कोई एयरलाइन ही नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस के पास जाकर केस दर्ज कराया।
नोएडा से चला रहे थे गिरोह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल नंबर, IPDR, पेमेंट ट्रेल और वेबसाइट डिटेल खंगाली गई। जांच में आरोपियों का लोकेशन नोएडा में मिली। इसके बाद 18 अगस्त 2026 को गिरोह के मास्टरमाइंड संदीप कुमार और उसके साथी अखिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी संदीप पहले फर्जी एविएशन जॉब कंपनियों में टेली-कॉलर था, वहीं से उसने ठगी का तरीका सीखा। पहले उसने “प्रगति एयरवेज” नाम से ठगी शुरू की, फिर अखिल के साथ 50-50 पार्टनरशिप में गौर सिटी सेंटर मॉल, नोएडा से “Bretish Airways” और “Future Wings Learning Institute” नाम से फर्जी कंपनियां बनाईं।
आरोपियों ने बनाई थी कई वेबसाइट
आरोपी ने एक वेबसाइट डेवलपर से फर्जी वेबसाइट बनवाई, जॉब पोर्टल से डेटा खरीदा और लड़कियों को टेली-कॉलर के रूप में रखा, जो HR बनकर कॉल करती थीं। हर कैंडिडेट से 7,000 से 10,000 रुपये एडमिशन/रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूलते थे और फर्जी सर्टिफिकेट और ऑफर लेटर भेजते थे। ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए ऑफिस, वेबसाइट, सिम कार्ड और फोन बदलते रहते थे। उन्होंने Bretish Airways पर शिकायत आने के बाद “शंख एयरवेज” और “एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टिट्यूट” नाम से नई वेबसाइट बना ली थी।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप कुमार, अखिल कुमार, राकेश कुमार, श्वेता, सपना और साक्षी के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 2 रजिस्टर जिनमें जॉब सीकर का डेटा था, बरामद किए गए हैं। जांच में NCRP पोर्टल पर 10 शिकायतें इसी रैकेट से जुड़ी मिली हैं। पुलिस का कहना है कि छोटी रकम होने के कारण कई पीड़ितों ने शिकायत ही नहीं की। पुलिस अब इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले जॉब ऑफर को सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट से वेरिफाई करें और नौकरी के नाम पर किसी भी तरह की फीस न दें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
आमतौर पर कार को अलग दिखाने के लिए लोग स्टिकर, रैप या दूसरे मॉडिफिकेशन करवाते हैं, लेकिन ग्वालियर में कार को सजाने का तरीका बिल्कुल अलग था. कार की बॉडी पर लिपस्टिक से हजारों किस के निशान बनाए गए थे. उनकी गर्लफ्रेंड को सोशल मीडिया से यह आइडिया मिला और उसने सफेद कार पर किस मार्क्स बनाने का फैसला किया. करीब साढ़े तीन घंटे की मेहनत के बाद कार पर लगभग 3400 निशान बनाए गए.
जब यह कार सड़क पर उतरी तो राह चलते लोगों की नजर इस पर टिक गई और कुछ ही समय में यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. बाद में ट्रैफिक पुलिस ने कार को रोककर 5,500 रुपये का चालान काट दिया. अब ऐसे में जानते हैं कि इस स्थिति में ट्रैफिक रूल्स क्या हैं?
क्या चालान का है प्रावधान?
मोटर व्हीकल एक्ट की बात करें तो कार पर किस करने पर कोई विशेष ट्रैफिक नियम नहीं बनाया गया है.
अगर कार किसी पब्लिक प्लेस या सुनसान जगह पर खड़ी है और वहां कोई आपत्तिजनक काम किया जाता है तो पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 के तहत कानूनी कार्रवाई या पूछताछ कर सकती है.
कार सड़क किनारे, मॉल या किसी पब्लिक पार्किंग में खड़ी है तो उसे कानूनन सार्वजनिक स्थान माना जाता है. बातचीत या साथ बैठना अपराध नहीं है, लेकिन आपत्तिजनक स्थिति होने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है जिसमें सजा का प्रावधान भी हो सकता है. पुलिस इस कंडीशन में 3 महीने तक की कैद या जुर्माना कर सकती है. एक चीज आपके लिए जानना जरूरी है कि ट्रैफिक पुलिस केवल यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे गलत पार्किंग या स्टंट पर ही चालान काटती है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में आदित्य सिकरवार नाम के शख्स की गर्लफ्रेंड ने इंस्टाग्राम पर एक विदेशी वीडियो देखा था, जिसमें कार को किस के निशानों से सजाया गया था. वीडियो देखने के बाद उसने भी इसी तरह अपनी कार को सजाने का फैसला किया.
कार पर किए गए ये निशान किसी कंपनी प्रमोशन या प्रोफेशनल मॉडिफिकेशन का हिस्सा नहीं थे, कथित तौर पर प्यार जताने के एक निजी आइडिया का हिस्सा थे. सफेद कार होने की वजह से लिपस्टिक के निशान उस पर और ज्यादा साफ नजर आ रहे थे.
कार को इस तरह सजाने में करीब 3 घंटे 30 मिनट लगे. इस दौरान कार की अलग-अलग जगहों पर लगभग 3400 किस के निशान बनाए गए. इसके लिए कई लिपस्टिक का इस्तेमाल करना पड़ा और काफी समय तक लगातार काम करना पड़ा.
इतनी बड़ी संख्या में निशान होने के चलते कार का पूरा बाहरी हिस्सा दूसरी कारों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा था. सफेद बॉडी पर लिपस्टिक के निशान दूर से ही नजर आ रहे थे, इसलिए सड़क पर निकलते ही यह कार लोगों का ध्यान खींचने लगी, जिससे पूरा मामला सामने आया.
जब आदित्य यह कार लेकर ग्वालियर की सड़कों पर निकले तो इसका अलग लुक देखकर लोग हैरान रह गए. सड़क पर चलने वाली कारों के बीच हजारों किस मार्क्स वाली सफेद कार आसानी से अलग नजर आ रही थी. इसी वजह से लोगों ने इसे देखा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आने लगा. लेकिन जो चीज शुरुआत में मनोरंजन और आकर्षण का कारण बनी थी, वही बाद में कार मालिक के लिए परेशानी का कारण बन गई. ट्रैफिक पुलिस ने कार को रोककर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5,500 रुपये का चालान काटा.