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  • शराब के नशे में पति बना कातिल, बीवी को कमरे में बंद कर ईंट से कूचा; बाहर चिल्लाते रहे बच्चे…​​​​​​

    शराब के नशे में पति बना कातिल, बीवी को कमरे में बंद कर ईंट से कूचा; बाहर चिल्लाते रहे बच्चे…​​​​​​

    UP News: यूपी के बस्ती से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां वाल्टरगंज थाना क्षेत्र स्थित बहेरिया गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर ईंट से कूच दिया। शोर सुनकर सो रहे बच्चों की नींद खुली और उन्होंने पड़ोसियों से मदद मांगी। पड़ोसी दौड़कर पहुंचे लेकिन तब तक आरोपी पति दरवाजा खोलकर भाग चुका था। कमरे में महिला का शव पड़ा था। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    बहेरिया गांव निवासी फूलचंद की पत्नी किरण सिलाई-कढ़ाई करती थी। फूलचंद नशे का आदती था। वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचता था और पत्नी किरण से मारपीट करता रहता था। रविवार की देर रात तकरीबन 11 बजे वह घर पहुंचा। बच्चे बरामदे में सो रहे थे। वह कमरे के अंदर गया और किसी बात को लेकर पत्नी किरण से कहासुनी करने लगा। शोर सुनकर बच्चों की नींद खुल गई। फूलचंद ने कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली और पत्नी के सिर पर ईंट से तबाड़तोड़ प्रहार कर दिया। किरण चीखने-चिल्लाने लगी। उसकी चीख-पुकार बाहर बरामदे में मौजूद बेटा अमित ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन वह अंदर से बंद थे। अमित ने पड़ोस के लोगों को शोर मचाकर घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई।

    अमित की पुकार सुनकर जब तक गांव वाले पहुंचते तो आरोपी फूलचंद दरवाजा खोलकर फरार हो चुका था। कमरे के अंदर फर्श पर खून में सना किरण का शव पड़ा था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमित ने थाने पर तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस ने उसके पिता फूलचंद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    चित्रकूट से अगवा कर ई-रिक्शा चालक की हत्याकर झांसी में फेंका

    उधर, झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे से पांच दिन पहले अगवा किए गए ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से हत्या कर शव को झांसी जिले के पहाड़ी डैम में फेंक दिया गया। सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर पुलिस ने सगे भाई-भतीजे समेत सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संपत्ति के लालच में अगवा करने के बाद ई-रिक्शा चालक को पहले जमकर पीटा और फिर हाथ-पैर बांध गमछे से गला घोट दिया। अब पुलिस डैम में गोताखोरों की मदद से शव की तलाश कर रही है।

  • LBW आउट देने पर भड़का बैट्समैन, अंपायर को बैट से पीटा, 36 साल बाद हुआ गिरफ्तार​​​​​​

    LBW आउट देने पर भड़का बैट्समैन, अंपायर को बैट से पीटा, 36 साल बाद हुआ गिरफ्तार​​​​​​

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    मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 1990 से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक क्रिकेट मैच के दौरान विवाद में आरोपी ने अंपायर पर हमला कर दिया था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन निकाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की। बात में पता चला कि पुलिस जिससे पूछताछ कर रही थी, वही आरोपी था। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

    1990 में आउट देने पर हुआ था विवाद

    दरअसल, मुंबई के बोरीवली में 1990 में क्रिकेट मैच के दौरान LBW के फैसले को लेकर विवाद हो गया था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया था। उस समय आउट दिए जाने से नाराज बल्लेबाज ने अंपायर के सिर पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया था। वहीं अब 36 साल बाद बोरीवली पुलिस ने आरोपी को मीरा रोड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय ओमप्रकाश पासी के रूप में हुई है।

    हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

    पुलिस के मुताबिक, 1990 में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान अंपायर ने पासी को LBW आउट करार दिया था। फैसले को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद पासी ने कथित तौर पर अंपायर के सिर पर बैट से वार कर दिया। हमले में अंपायर को गंभीर चोटें आई थीं। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बोरीवली पुलिस ने पासी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। उसके खिलाफ IPC की धारा 307 और 34 के तहत केस दर्ज हुआ था।

    जिससे पूछताछ कर रही थी पुलिस वही निकला आरोपी

    लंबे समय तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा। हाल ही में क्राइम प्रिवेंशन स्क्वॉड ने तकनीकी जांच के जरिए उसकी तलाश शुरू की। संचार साथी प्रणाली की मदद से पुलिस को आरोपी के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर मिला, जिसकी लोकेशन मीरा रोड में मिली। पुलिस टीम जब मीरा रोड पहुंची और स्थानीय लोगों से पासी के बारे में पूछताछ की, तो सामने आया कि जिस व्यक्ति से जानकारी ली जा रही थी, वही ओमप्रकाश पासी था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर 1990 की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। मामले की जांच जारी है।

  • ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर दिल्ली में दो महिलाओं ने रची थी फर्जी CBI रेड की साजिश..​​​​​​

    ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर दिल्ली में दो महिलाओं ने रची थी फर्जी CBI रेड की साजिश..​​​​​​

    बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल-26’ के वो सीन सबको जरूर याद होंगे, जहां कुछ लोगों द्वारा फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम बनाकर नेताओं और कारोबारियों समेत कई जगह धड़ल्ले से रेड मारी जाती हैं। ठीक वैसी ही फिल्मी पटकथा को हकीकत बनाने के लिए राजधानी दिल्ली में दो महिलाएं निकली थीं।

    खाकी और मोनोग्राम वाली ड्रेस, गले में सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र और चेहरे पर दबंग अफसरों जैसा रौब। दिल्ली के प्रशांत विहार में एक फर्नीचर कारोबारी के घर रेड मारने पहुंची इस नकली सीबीआई अफसरों की टीम का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। रोहिणी जिला पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में रची गई इस साजिश के पांच और शातिर सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।

    होटल मालकिन और बार डांसर मास्टरमाइंड

    डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, इस फिल्मी स्टाइल वाले फर्जी सीबीआई अफसरों के गिरोह की सरगना आसिफा और पूजा अग्रवाल थीं। आसिफा राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी, लेकिन घाटे के बाद उसने वसूली का रास्ता चुना। उसे सीबीआई की कार्यप्रणाली की पूरी समझ थी, इसलिए उसने खुद फर्जी आईकार्ड और मोनोग्राम वाली वर्दी तैयार करवाई। वहीं, दूसरी आरोपी पूजा की मुलाकात एक पार्टी में 63 वर्षीय कुलदीप से हुई थी, जिसने फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल को सॉफ्ट टारगेट बताया था। इसके बाद पूजा के जीजा चंद्र प्रकाश ने शुभम, राजवीर और नितिन जैसे लड़कों को गिरोह में शामिल कर पूरी फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम तैयार कर ली।

    शोर मचाने से खुली पोल

    11 अगस्त को दो महिलाओं और आठ पुरुषों की यह टीम जब कारोबारी प्रथम अग्रवाल के घर रेड मारने पहुंची, तो घर पर केवल प्रथम और उनकी मां थीं। कारोबारी को उन पर शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खोलने के बजाय शोर मचा दिया। भेद खुलते ही सभी नकली अफसर वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों का सुराग मिलने पर पुलिस ने फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम के कई सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस को उनके पास से सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।

    पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके

    ● कुछ समय पहले करोल बाग के एक बड़े कारोबारी के यहां फर्जी प्रवर्तन निदेशालय की टीम बनकर पहुंचे बदमाशों ने करोड़ों के जेवर और नकदी लूटने की कोशिश की थी।

    ● रोहिणी इलाके में ही खुद को कस्टम और विजिलेंस विभाग का उच्च अधिकारी बताकर आयात-निर्यात व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाला एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा गया था।

  • पाकिस्तान के पूर्व मंत्री के साथ लव, शादी और धोखा… एआई इमेज से हो गए फ्रॉड के शिकार,,​​​​​​

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    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के एक पूर्व मंत्री गुलाम रसूल उन्नाड़ ने एक अजीबोगरीब मामला अदालत में दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर हुई उनकी शादी एक बड़े धोखे का शिकार थी।

    सोशल मीडिया पर मुलाकात

    गुलाम रसूल और उनकी पूर्व पत्नी की जान-पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने वीडियो कॉल पर ही निकाह (शादी) कर लिया था।

    पूर्व मंत्री का आरोप है कि शादी से पहले उन्हें महिला की जो तस्वीरें दिखाई गईं, वे असली नहीं थीं। उन्हें गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एडिटिंग (मॉर्फिंग) का इस्तेमाल करके तस्वीरें बदली गई थीं, ताकि महिला असलियत से ज्यादा सुंदर या अलग दिखे।

    तलाक और उसके बाद की मुश्किलें

    मिली जानकारी के अनुसार, सच्चाई सामने आने के बाद मंत्री ने महिला को तलाक दे दिया। लेकिन उनका आरोप है कि तलाक के बाद भी महिला बाज नहीं आई और उन्हें परेशान करती रही।

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    धमकी और फर्जी पोस्ट का खेल

    इसके बाद पूर्व मंत्री का कहना है कि महिला ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट शेयर किए, उन्हें गंदे मैसेज भेजे और जान से मारने की धमकियां भी दीं। फिलहाल अब इस मामले में न्याय पाने के लिए गुलाम रसूल ने कराची की एक सत्र अदालत में FIR दर्ज कराने की गुहार लगाई है।

  • अच्छी कमाई के बाद भी खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय..​​​​​​

    अच्छी कमाई के बाद भी खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? आजमाकर देखें वास्तु के ये आसान उपाय..​​​​​​

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    महीने की शुरुआत में सैलरी या कारोबार की कमाई खाते में आते ही आर्थिक स्थिति अच्छी नजर आती है, लेकिन कुछ दिनों बाद बचत के नाम पर कुछ नहीं बचता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो केवल कम कमाई को इसकी वजह मानना सही नहीं है। खर्च करने की आदत और पैसों को संभालने की आदत भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। वहीं, वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा और व्यवस्था को भी आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में कुछ आसान वास्तु उपाय आजमाए जा सकते हैं।

    आर्थिक समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय

    1. मुख्य द्वार: वास्तु शास्त्र
      में घर के मुख्य द्वार को खास महत्व दिया गया है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश यहीं से होता है। इसलिए दरवाजे के आसपास कूड़ा, पुराने जूते, टूटे सामान या कबाड़ जमा न होने दें। मुख्य द्वार को साफ और रोशन रखें।
    2. टूटी चीजें:
      घर में लंबे समय से पड़ी खराब या टूटी वस्तुओं को वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। टूटे बर्तन, बंद घड़ी, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, टूटा शीशा और बेकार पड़ी चीजें समय-समय पर हटा दें। इससे घर व्यवस्थित रहेगा और अनावश्यक सामान भी जमा नहीं होगा।
    3. नमक:
      वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने से जोड़ा जाता है। कई लोग सप्ताह में एक बार पोछे के पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाकर घर की सफाई करते हैं। हालांकि, इसे धन बढ़ाने का वैज्ञानिक उपाय नहीं माना जाता। इसे केवल पारंपरिक मान्यता के तौर पर ही अपनाएं।
    4. उत्तर दिशा:
      वास्तु में उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है और इसका संबंध धन-संपत्ति से जोड़ा जाता है। इसलिए इस हिस्से में भारी कबाड़ या अनुपयोगी सामान रखने से बचें। अगर यहां सामान रखा है तो उसे व्यवस्थित करें और बेकार चीजें हटा दें।
    5. तिजोरी की दिशा:
      वास्तु मान्यताओं के अनुसार धन रखने वाली तिजोरी या अलमारी को सही दिशा में रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण दिशा की दीवार के पास तिजोरी रखकर उसका मुंह उत्तर की ओर खुलना शुभ माना जाता है। हालांकि, घर की बनावट अलग-अलग होती है, इसलिए बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। तिजोरी में फटे नोट, बेकार कागज और पुरानी रसीदें जमा न करें।
    6. शाम को जलाएं दीपक:
      सनातन परंपरा में शाम के समय घर में दीपक जलाने की परंपरा रही है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण सकारात्मक रहता है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। शाम के समय घर को साफ रखें और अनावश्यक अंधेरा न रहने दें।
  • घर में हनुमान जी की ये 5 तस्वीरें लगाना माना जाता है बेहद शुभ, वास्तु के अनुसार जानें इनके फायदे..​​​​​​

    घर में हनुमान जी की ये 5 तस्वीरें लगाना माना जाता है बेहद शुभ, वास्तु के अनुसार जानें इनके फायदे..​​​​​​

    श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंगलवार, शनिवार समेत रामनवमी, हनुमान जन्मोत्सव जैसे खास मौकों पर मंदिर में उनके श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। वहीं, बात करें घर के देवस्थान की तो वास्तु में भी घर में हनुमान जी की तस्वीर रखना शुभ बताया है। घर में हनुमान जी की 5 तस्वीरें लगाना बहुत लाभदायी माना जाता है। चलिए जानते हैं कौन सी फोटो घर में रखना चाहिए और इसके क्या लाभ हैं।

    इस दिशा में लगाएं तस्वीर

    सबसे पहले जान लेते हैं कि हनुमान जी की फोटो किस दिशा में रखना फायदेमंद होता है। वास्तु शास्त्र  के अनुसार हनुमान जी की तस्वीर दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। खासतौर पर लाल रंग में बैठे हुए हनुमान जी का चित्र इस दिशा के लिए उपयुक्त माना जाता है। इससे दक्षिण दिशा से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होने की मान्यता है।

    राम भक्ति करते हनुमान

    भगवान राम की पूजा या भजन-कीर्तन करते हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में लगाना पूरे परिवार के लिए शुभ होता है। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों के बीच प्रेम, आपसी समझ और अपनापन बढ़ता है और वातावरण में सुख-शांति बनी रहती है।

    पर्वत उठाए बजरंगबली

    हाथ में पर्वत उठाए हुए हनुमान जी का चित्र साहस और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वास्तु अनुसार ऐसी तस्वीर घर में रखने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार होता है। इसे मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा से भी जोड़ा जाता है।

    उड़ते हुए हनुमान

    आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर को प्रगति और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसे घर में रखने से व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए अवसर बनते हैं और मुश्किल कामों को पूरा करने का आत्मविश्वास मिलता है।

    लाल रूप में विराजमान

    दक्षिण दिशा में लाल रंग में बैठे हनुमान जी की तस्वीर लगाने की भी विशेष मान्यता है। इसे घर की परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने वाला माना जाता है। साथ ही, ऐसी तस्वीर घर में सुरक्षा और सकारात्मक माहौल बनाए रखने से जोड़ी जाती है।

    पंचमुखी हनुमान

    वास्तु में मुख्य दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा लगाना भी शुभ बताया है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं। इस स्वरूप को हनुमान जी का विराट स्वरूप माना जाता है।

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

  • घर में अपनाएं ये उपाय, बढ़ेगी सेहत और सुख-समृद्धि, जानिए वास्तु शास्त्र के 6 आसान नियम..​​​​​​

    घर में अपनाएं ये उपाय, बढ़ेगी सेहत और सुख-समृद्धि, जानिए वास्तु शास्त्र के 6 आसान नियम..​​​​​​

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    वास्तु शास्त्र का सीधा संबंध सिर्फ घर की बनावट से ही नहीं, बल्कि परिवार की सेहत, मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि से भी माना जाता है। अगर घर में वास्तु नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक माहौल बढ़ता है, जिससे स्वास्थ्य और खुशहाली पर अच्छा असर पड़ता है।

    उत्तर-पूर्व दिशा:

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा हल्का और स्वच्छ रखना चाहिए। यहां भारी सामान या गंदगी नहीं होनी चाहिए। इस दिशा में जल से जुड़ी चीजें जैसे कलश या एक्वेरियम रखना शुभ माना जाता है, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

    औषधीय पौधे:

    तुलसी, एलोवेरा, मनी प्लांट और स्नेक प्लांट जैसे पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। तुलसी का पौधा विशेष रूप से उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है और यह वातावरण को भी शुद्ध करता है।

    इस दिशा में हो रसोई:

    स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए किचन का सही स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। वास्तु में रसोई को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना श्रेष्ठ माना गया है। खाना बनाते समय गैस चूल्हे का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

    सोने की सही दिशा:

    अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य के लिए सोने की दिशा का ध्यान रखना जरूरी है। सिर को दक्षिण या पूर्व दिशा में रखकर सोना शुभ माना जाता है, जबकि उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचना चाहिए क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है।

    बाथरूम की दिशा:

    वास्तु के अनुसार बाथरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा बेहतर मानी जाती है। गलत दिशा में बना शौचालय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है। ऐसे में नमक और कपूर जैसे उपायों से दोष को कम करने की सलाह दी जाती है।

    दक्षिण-पश्चिम कोना:

    घर का दक्षिण-पश्चिम कोना स्थिरता का प्रतीक होता है। इस स्थान पर भारी फर्नीचर या अलमारी रखना शुभ माना जाता है, जिससे परिवार की स्थिरता और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है।

  • 31 अगस्त को मनाई जाएगी कजरी तीज, नोट कर लीजिए संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट​​​​​​

    31 अगस्त को मनाई जाएगी कजरी तीज, नोट कर लीजिए संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट​​​​​​

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    कजरी तीज सुहागिनों के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाओं पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत, सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करती हैं। इसके बाद रात में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं।कजरी तीज की पूजा इन चीजों के बिना पूरी नहीं मानी जाती है। ऐसे में नोट कर लीजिए कजरी तीज की संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट।

    कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट

    • भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति
    • चौकी और बिछाने के लिए पीला या लाल वस्त्र
    • केले के पत्ते, दुर्वा घास, बेलपत्र
    • कलश
    • कच्चा सूत
    • घी, दीपक, रुई की बत्ती, अगरबत्ती, धूप, कपूर
    • आरती के लिए थाली
    • जटा वाला नारियल
    • सुपारी, अक्षत, चंदन, अबीर-गुलाल
    • श्रीफल
    • गाय का दूध
    • गंगाजल
    • दही, मिश्री, शहद, घी और पंचामृत
    • मौसमी फल
    • मिठाई
    • भोग के लिए खीर भी बना सकते हैं

    माता पार्वती के लिए- सोलह श्रृंगार का सामान जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, महावर, कुमकुम, कंघी, बिछुआ, मेहंदी, आइना, इत्र, चुनरी और साड़ी आदि।

    कजरी तीज के दिन करें इन मंत्रों का जप

    1. ॐ पार्वतीपतये नमः
    2. ॐ नमः शिवाय।।
    3. ॐ उमा महेश्वराय नम:
    4. ॐ गौरीशंकराय नमः
    5. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौरी देव्यै नमः
    6. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    कजरी तीज का महत्व

    हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुंवारी कन्याएं अगर कजरी तीज का व्रत रखती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाह में आ रही सारी विघ्न बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति, खुशहाली की कामना के लिए कजरी तीज का व्रत रखती हैं। इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि जो महिलाएं नियम और  सच्चे मन से कजरी तीज का व्रत रखती हैं, उनके जीवन से दांपत्य तनाव दूर होता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • क्या है पैरोल और फरलो? इन्हीं के सहारे बार-बार जेल से बाहर कैसे आ जाता है राम रहीम…​​​​​​

    क्या है पैरोल और फरलो? इन्हीं के सहारे बार-बार जेल से बाहर कैसे आ जाता है राम रहीम…​​​​​​

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर है। उसे 31 दिन की फरलो मिली है। यह 2020 के बाद उसकी 17वीं फरलो या पैरोल है। इससे एक सवाल बार-बार उठता है- आखिर एक सजायाफ्ता कैदी इतनी बार जेल से बाहर कैसे आ सकता है? इसका जवाब समझने के लिए पहले पैरोल और फरलो का फर्क जानना जरूरी है।

    पैरोल क्या होती है?

    पैरोल का मतलब है कि किसी कैदी को उसकी सजा पूरी होने से पहले कुछ समय के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी जाती है। आमतौर पर इसके पीछे खास परिस्थितियां या मानवीय आधार हो सकते हैं। जैसे परिवार में किसी की मौत या बीमारी आदि में देखने जाना। कैदी को तय शर्तों का पालन करना होता है और निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद जेल लौटना पड़ता है।

    हरियाणा के नियमों के तहत पैरोल एक सीमित अवधि के लिए दी जा सकती है। पैरोल पर बाहर बिताया गया समय आम तौर पर सजा की अवधि में नहीं जुड़ता, यानी वह समय जेल में काटी गई सजा के तौर पर नहीं गिना जाता।

    फिर फरलो क्या है?

    फरलो भी जेल से अस्थायी छुट्टी है, लेकिन इसका उद्देश्य पैरोल से अलग है। फरलो को लंबे समय की सजा काट रहे कैदियों को जेल के बाहर कुछ समय बिताने का अवसर देने की व्यवस्था के तौर पर समझा जा सकता है। यानी लंबे समय तक जेल में रहने वाले कैदियों को बिना किसी खास वजह के परिवार से संबंध बनाए रखने के लिए ‘फरलो’ (छुट्टी) दी जाती है। हरियाणा के कानून में पात्र कैदियों के लिए फरलो का प्रावधान है और निर्धारित शर्तें पूरी होने पर इसे मंजूर किया जा सकता है। एक बात ध्यान रहे- फरलो पर बिताया गया समय सजा की अवधि में गिना जाता है। यानी कैदी की सजा निरंतर चलती रहती है।

    राम रहीम को बार-बार छुट्टी कैसे मिलती है?

    राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है। अक्टूबर 2020 में पहली बार जेल से बाहर आने के बाद अगस्त 2026 तक वह कुल 17 बार अस्थायी रूप से जेल से बाहर आ चुका है। इस दौरान उसे 21 दिन से लेकर 50 दिन तक की अलग-अलग अवधि की छुट्टियां मिलीं।

    यही वजह है कि राम रहीम की पैरोल लगातार चर्चा में रहती है। खास तौर पर 2024 और 2025 में उसकी कुछ रिहाइयां चुनावों के आसपास हुईं, जिस पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए। हालांकि, किसी कैदी को पैरोल या फरलो मिलना अपने आप में जेल से स्थायी रिहाई नहीं है। हर बार सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और तय शर्तें लागू होती हैं।

  • 12 लाख रुपये की बचत पर चूहों ने फेरा पानी, संदूक खोला तो उड़ गए होश; कुतरे हुए नोट देखकर पति-पत्नी रह गए हैरान..​​​​​​

    12 लाख रुपये की बचत पर चूहों ने फेरा पानी, संदूक खोला तो उड़ गए होश; कुतरे हुए नोट देखकर पति-पत्नी रह गए हैरान..​​​​​​

    उत्तर प्रदेश के गोंडा से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बताया जा रहा है कि एक महिला ने कई वर्षों तक थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर करीब 12 लाख रुपये जमा किए थे। उसने यह रकम घर में रखे एक संदूक में संभालकर रखी थी। लेकिन जब काफी समय बाद संदूक खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए।

    रिपोर्ट के मुताबिक, संदूक में रखे नोटों को चूहों ने कुतर दिया था। कई नोट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे और उनके टुकड़े संदूक के अंदर बिखरे हुए थे। महिला ने कई साल तक जिस रकम को मेहनत से जमा किया था, उसका बड़ा हिस्सा खराब हो जाने से परिवार को बड़ा झटका लगा।

    कई सालों से बचा रही थी पैसे

    बताया जा रहा है कि महिला वर्ष 2019 से अपने पति को बताए बिना थोड़े-थोड़े पैसे जमा कर रही थी। समय के साथ उसकी बचत बढ़ती गई और रकम करीब 12 लाख रुपये तक पहुंच गई।

    महिला ने इस पैसे को घर में रखे एक संदूक में सुरक्षित समझकर रखा था। बताया गया कि उसका इरादा भविष्य में इस रकम से गहने खरीदने का था। लंबे समय तक संदूक नहीं खोला गया, जिसके कारण अंदर रखे नोटों को नुकसान होने की जानकारी भी नहीं हो सकी।

    संदूक खोला तो बिखरे मिले नोट

    जब महिला ने संदूक खोला तो वहां रखे नोटों की हालत देखकर वह हैरान रह गई। कई नोटों को चूहों ने कुतर दिया था। कुछ नोट फटे हुए थे, जबकि कई जगह सिर्फ करेंसी के टुकड़े नजर आ रहे थे।

    इसके बाद परिवार ने बचे हुए नोटों को अलग करना शुरू किया। जो नोट अपेक्षाकृत ठीक हालत में थे, उन्हें एक तरफ रखा गया और खराब नोटों को अलग किया गया।

    पति भी नोटों के टुकड़े करते रहे अलग

    इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दंपती संदूक से निकले खराब नोटों और उनके टुकड़ों को अलग करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त करेंसी दिखाई दे रही है।

    बताया जा रहा है कि बचत का बड़ा हिस्सा खराब हो चुका था। हालांकि, कितनी रकम पूरी तरह नष्ट हुई और कितनी करेंसी बैंक से बदली जा सकती है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    लोगों ने दी बैंक में पैसे रखने की सलाह

    घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने कहा कि घर में लंबे समय तक बड़ी रकम नकद रखने के बजाय उसे बैंक में सुरक्षित रखना बेहतर होता है।

    कुछ लोगों ने महिला की वर्षों की बचत बर्बाद होने पर दुख जताया। वहीं, कई यूजर्स ने यह सवाल भी उठाया कि इतनी बड़ी रकम को घर में रखने की जरूरत क्यों पड़ी।

    यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट्स के आधार पर चर्चा में है। रकम और घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।